Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पूजा के बाद शरीर के किन अंगों पर लगाना चाहिए चंदन? जानिए इससे जुड़े चमत्कारी लाभ

Sandalwood Benefits: हिंदू धर्म में चंदन को पूजा-पाठ की पवित्र सामग्रियों में शामिल किया जाता है. भगवान विष्णु सहित कई देवी-देवताओं की पूजा में चंदन अर्पित करने की परंपरा है. आमतौर पर लोग पूजा के बाद माथे पर चंदन का तिलक लगाते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरीर के कुछ अन्य अंगों पर भी चंदन धारण करने का विशेष महत्व बताया गया है. माथे पर चंदन लगाने की मान्यता माथे को विचार और एकाग्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि माथे पर सफेद चंदन लगाने से मन को शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है. पूजा या ध्यान के समय चंदन का तिलक लगाने की परंपरा इसी आध्यात्मिक भावना से जुड़ी मानी जाती है. कंठ पर चंदन लगाने का महत्व कंठ यानी गले के स्थान पर चंदन लगाने की भी धार्मिक परंपरा मिलती है. मान्यता है कि यहां चंदन धारण करने से वाणी में मधुरता आती है और व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता बनी रहती है. इसे वाणी की शुद्धता और संयम से जोड़कर देखा जाता है. हृदय पर चंदन लगाने से क्या होता है? हृदय को प्रेम, भावना और भक्ति का केंद्र माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हृदय स्थान पर चंदन लगाने से मन में प्रेम, भक्ति और ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव मजबूत होता है. यह व्यक्ति को सकारात्मक और सात्विक विचारों की ओर प्रेरित करने वाला माना जाता है. नाभि पर चंदन लगाने की मान्यता नाभि को शरीर का महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र माना जाता है. धार्मिक परंपराओं में नाभि पर सफेद चंदन लगाने को ऊर्जा, बल और संयम से जोड़ा गया है. मान्यता है कि इससे शरीर और मन के बीच संतुलन बनाए रखने की भावना मजबूत होती है. चंदन को लेकर क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ? पद्म पुराण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में शरीर पर चंदन धारण करने के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख मिलता है. हालांकि, इन मान्यताओं को धार्मिक आस्था और परंपरा के संदर्भ में समझना चाहिए. चंदन लगाने से जुड़े आध्यात्मिक लाभों का वैज्ञानिक प्रमाण अलग विषय है. चंदन लगाने से पूजा कैसे होती है पूर्ण? चंदन को शीतलता, पवित्रता और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है. देवी-देवताओं को चंदन अर्पित करने और फिर तिलक के रूप में धारण करने की परंपरा भक्त के मन में श्रद्धा और एकाग्रता बढ़ाने से जुड़ी है. इसलिए पूजा में चंदन का प्रयोग केवल परंपरा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक भावनाओं से भी जुड़ा माना जाता है. The post पूजा के बाद शरीर के किन अंगों पर लगाना चाहिए चंदन? जानिए इससे जुड़े चमत्कारी लाभ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Tata Punch EV vs Kia Syros EV: किसकी मंथली EMI है सबसे कम? शोरूम जाने से पहले जान लें

टाटा पंच ईवी देश की सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक कारों में से एक है, जबकि किआ साइरोस ईवी एक नया प्रीमियम कॉम्पैक्ट-इलेक्ट्रिक एसयूवी है. किआ की इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा ईवी की तुलना में ऊपर है. पंच ईवी को चार मीटर से कम लंबाई वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में किफायती और आसानी से उपलब्ध ऑप्शन के रूप में पेश किया गया है. यदि आप इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को घर लाने का प्लान बना रहे हैं और दोनों ईवी आपकी लिस्ट में है, तो यहां पंच ईवी और साइरोस ईवी के बीच मंथली EMI तुलना करेंगे और जानेंगे की किसकी सबसे कम है. टाटा पंच EV vs किआ साइरोस EV: EMI कंपैरिजन  दोनों इलेक्ट्रिक कारों के बीच मंथली EMI का कंपैरिजन करने के लिए हमने दोनों एसयूवी के बेस और टॉप वेरिएंट को रखा है. टाटा पंच ईवी का बेस वेरिएंट स्मार्ट 30 और टॉप वेरिएंट एम्पावर्ड प्लस 40 है, जिसकी एक्स शोरूम कीमत क्रमश: 9.69 लाख रुपये और 12.79 लाख रुपये है. वहीं, किआ साइरोस ईवी बेस HTK और टॉप X-Line ER है. HTK की कीमत 13.50 लाख रुपये और X-Line ER का प्राइस 20 लाख रुपये है, दोनों कीमतें एक्स शोरूम बेस्ड हैं.  दोनों गाड़ियों के बेस और टॉप वेरिएंट के लिए लोन राशि को एक्स शोरूम कीमत 100 प्रतिशत माना गया है. EMI की तुलना करने के लिए ब्याज दर 9.5 पर्सेंट रखा है, जबकि EMI पूरा करने का समय 48 महीने यानि 4 साल है. टाटा पंच EV vs किआ साइरोस EV: किसकी EMI कम? मॉडल और वेरिएंट लोन राशि (100% एक्स-शोरूम कीमत) ब्याज दर लोन अवधि महीने की EMI Tata Punch EV Smart 30 ₹9.69 लाख 9.5% 48 महीने ₹24,344 Tata Punch EV Empowered+ S 40 ₹12.79 लाख 9.5% 48 महीने ₹32,132 Kia Syros EV HTK ₹13.50 लाख 9.5% 48 महीने ₹33,916 Kia Syros EV X-Line ER ₹20.00 लाख 9.5% 48 महीने ₹50,246 ये भी पढ़ें: Tata Sierra बेस वेरिएंट खरीदने का प्लान है? जानें कितना पावरफुल है इंजन और क्या मिलेंगे फीचर्स दोनों इलेक्ट्रिक एसयूवी की मंथली EMI कंपैरिजन के अनुसार, टाटा पंच ईवी के बेस और टॉप वेरिएंट के आधार पर EMI 24,344 रुपये से 32,132 रुपये है. वहीं, किआ साइरोस EV की महीने की ईएमआई बेस और टॉप वेरिएंट के आधार पर 33,916 रुपये से 50,246 रुपये है.  आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि महीने की EMI की बातों पर डिपेंड करती है, जिनमें डाउन पेमेंट की राशि, लिया गया लोन अमाउंट, ब्याज दर और टेन्योर शामिल हैं. ये भी पढ़ें: Kia Sonet, Syros या Clavis EV खरीदने का प्लान है? फटाफट देखें अगस्त 2026 में मिलने वाले ये ऑफर्स टाटा पंच EV vs किआ साइरोस EV: किसे खरीदें? यदि आपकी बजट ज्यादा नहीं बन पा रही और किफायती में एक बेहतर इलेक्ट्रिक एसयूवी लेना चाहते हैं, तो टाटा पंच ईवी बेस्ट चॉइस बन सकती है. वहीं, आपको बजट की दिक्कत नहीं है, तो किआ साइरोस को घर ला सकते हैं, क्योंकि इसमें आपको पंच से ज्यादा बेहतर फीचर्स और सुविधाएं मिलेंगी. The post Tata Punch EV vs Kia Syros EV: किसकी मंथली EMI है सबसे कम? शोरूम जाने से पहले जान लें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Parliament Session: Tribunals Reforms Bill पर संजय सिंह का विरोध, NCLT में करप्शन और रिजर्वेशन का मुद्दा उठाया

Parliament Live: संसद का मानसून सत्र मंगलवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है और अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं. मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई. संसद में जारी हलचल, सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रदर्शन और दिनभर की हर बड़ी समाचार से जुड़े अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament Session: Tribunals Reforms Bill पर संजय सिंह का विरोध, NCLT में करप्शन और रिजर्वेशन का मुद्दा उठाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पिता के निधन से टूटे लियोनेल मेसी, फुटबॉल से लिया अचानक ब्रेक

Lionel Messi Takes Indefinite Break From Football: अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया. लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे जॉर्ज ने रोसारियो के एक क्लिनिक में अंतिम सांस ली. पिता के निधन के बाद मेसी ने फिलहाल फुटबॉल से दूरी बना ली है. रिपोर्ट के मुताबिक, मेसी ने अपने फुटबॉल करियर से अनिश्चित समय के लिए ब्रेक ले लिया है. अब वो मैदान पर कब उतरेंगे, इसकी कोई डेट तय नहीं हैं. मेसी इस समय अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं. पिता हमेशा मेसी के साथ खड़े रहे जॉर्ज मेसी सिर्फ लियोनेल के पिता ही नहीं थे, बल्कि उनके फुटबॉल करियर में भी उनकी बड़ी भूमिका रही. मेसी के करियर की शुरुआत से लेकर उनके दुनिया के महान खिलाड़ियों में शामिल होने तक जॉर्ज लगातार उनके साथ खड़े रहे. बेटे के एजेंट और सलाहकार भी रहे जॉर्ज लियोनेल मेसी के करियर के आगे बढ़ने के बाद जॉर्ज उनके एजेंट और सलाहकार बन गए थे. इससे पहले वह एक स्टील फैक्ट्री में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे. बेटे के करियर से जुड़े कई बड़े फैसलों में भी उनकी अहम भूमिका रही. 13 साल की उम्र में बार्सिलोना भेजने में मदद की मेसी जब सिर्फ 13 साल के थे, तब जॉर्ज ने उन्हें स्पेन भेजने में मदद की. यहां मेसी ने बार्सिलोना की यूथ अकादमी में दाखिला लिया और आगे चलकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल सितारों में शामिल हुए. मेसी को बचपन में ग्रोथ हार्मोन की कमी की समस्या थी. इसके इलाज के लिए उन्हें रोजाना इंजेक्शन लेने पड़ते थे. बार्सिलोना ने मेसी के इलाज का खर्च उठाया, जिससे उन्हें अपनी शारीरिक समस्या से उबरने में मदद मिली. बाद में मेसी करीब 1.70 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचे. जॉर्ज के परिवार में चार शिशु जॉर्ज मेसी की शादी सेलिया कुक्कितिनी से हुई थी. उनके चार शिशु हैं- लियोनेल, रोड्रिगो, मटियास और मारिया सोल. जॉर्ज का पूरा परिवार मेसी के फुटबॉल सफर में उनके साथ रहा है. पिता के निधन के बाद मेसी अपने परिवार के साथ रोसारियो पहुंचे थे. अब उन्होंने फुटबॉल से भी दूरी बना ली है. ये भी पढ़ें: ‘बाबर को इंग्लिश मीडिया से दूर रखो…’, राशिद लतीफ ने PCB को क्यों दी ऐसी सलाह? The post पिता के निधन से टूटे लियोनेल मेसी, फुटबॉल से लिया अचानक ब्रेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर होगी 3 साल तक की जेल, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधेयक को दी मंजूरी

वंदे मातरम् विधेयक 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा से पारित हुआ था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पहली बार लालकिले की प्राचीर से वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा. कानून में क्या हैं मुख्य प्रावधान? सजा और जुर्माना: नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकता है या इसे गा रही किसी सभा में व्यवधान डालता है, तो उसे अधिकतम तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. दोबारा अपराध पर कठोर कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति दोबारा या बार-बार यह अपराध करता है, तो उसे कम से कम एक साल की अनिवार्य जेल की सजा भुगतनी होगी. समान दर्जा: अब तक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान पर ही सजा का प्रावधान था. पुराने कानून में राष्ट्रगीत के लिए ऐसा कोई विशिष्ट सुरक्षात्मक दायरा नहीं था, जिसे अब धारा तीन में संशोधन करके जोड़ दिया गया है. 1950 में डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था- वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के बराबर सम्मान और दर्जा दिया जाएगा विधेयक के उद्देश्यों में संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद के 24 जनवरी, 1950 को दिए गए ऐतिहासिक वक्तव्य का उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’, जिसने हिंदुस्तान के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, को राष्ट्रगान के बराबर ही सम्मान और दर्जा दिया जाएगा. गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के लिए तय किए नए प्रोटोकॉल इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को राष्ट्रगीत के लिए दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल जारी किए थे. पहले गाया जाएगा राष्ट्रगीत: जिन आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों बजाए या गाए जाएंगे, वहां सबसे पहले वंदे मातरम् का गायन होगा. 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि: राष्ट्रपति के आगमन, ध्वजारोहण और राज्यपालों के संबोधन जैसे आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी. सावधान की मुद्रा अनिवार्य: राष्ट्रगीत के गायन के दौरान सभा में मौजूद सभी व्यक्तियों को ‘सावधान’ की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा. स्कूलों में अनिवार्य सामूहिक गायन: देश के सभी विद्यालयों में दिन की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ की जाएगी. ये भी पढ़ें: केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला बिल लोकसभा से पास, हंगामे के बीच ध्वनिमत से मिली मंजूरी The post ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर होगी 3 साल तक की जेल, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधेयक को दी मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘CV दीजिए 10000 बच्चों को नौकरी दिलवाएंगे’, बांकीपुर में प्रशांत किशोर का ऐलान, सरकारी नौकरी पर कही ये बात

Prashant Kishor: बांकीपुर से चुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने इलाके के बेरोजगार युवाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि बांकीपुर के पढ़े-लिखे बेरोजगार बच्चों को नौकरी दिलाने की कोशिश की जाएगी. इसके लिए उन्होंने लोगों से अपने बच्चों का बायोडाटा और सीवी उनके ऑफिस में जमा करने को कहा है. 10 हजार बच्चों को नौकरी दिलाने की कोशिश प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर किसी का बच्चा पढ़ा-लिखा है और नौकरी की तलाश कर रहा है तो उसका सीवी और बायोडाटा उनके ऑफिस में जमा करें. उन्होंने कहा कि कम से कम 10 हजार बच्चों को नौकरी दिलाने की व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनी नौकरी का वादा नहीं किया जा रहा है. उनकी कोशिश बड़े निजी कंपनियों और अपने संपर्क में मौजूद लोगों के जरिए युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने की होगी. View on Instagram पीके बोले- आपका ही काम कर रहे हैं, कहीं घूम नहीं रहे प्रशांत किशोर ने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनकी जीत के बाद उनके इलाके में नहीं दिखने को लेकर सवाल उठा रहे थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि जीत के 5-7 दिन बाद से वह कहां घूम रहे हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि वह कहीं घूम नहीं रहे हैं, बल्कि लोगों का ही काम कर रहे हैं और इसी काम की घोषणा करने के लिए यहां आए हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर से पढ़े-लिखे जो शिशु नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि बिहार के किसी भी विधानसभा क्षेत्र की तुलना में अगर सबसे ज्यादा बच्चों को नौकरी मिलेगी तो वह बांकीपुर से मिलेगी. इसके लिए उनकी टीम और उनके संपर्क में रहने वाले बड़े लोगों की मदद ली जाएगी. प्रशासनी नौकरी का नहीं किया वादा प्रशांत किशोर ने युवाओं को लेकर अपनी योजना के बारे में साफ किया कि वह प्रशासनी नौकरी देने का वादा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासनी नौकरी दिलाना उनके हाथ में नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि बेरोजगार बच्चों को ऐसी प्राइवेट नौकरी मिले, जिससे वे अपने जीवन का खर्च चला सकें और सम्मान के साथ कमाई कर सकें. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पीके ने कहा- ‘जिन लोगों ने फायदा उठाया, उनसे भी मदद मांगी’ प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अब तक जितने लोगों ने उनसे किसी न किसी तरह फायदा उठाया है, उन सभी से उन्होंने बांकीपुर के बच्चों को नौकरी दिलाने में मदद करने को कहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनके शिशु पढ़े-लिखे हैं और अभी नौकरी की तलाश में हैं, वे उनका बायोडाटा और सीवी लेकर उनके ऑफिस पहुंचें. इसके जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जाएगी. इसे भी पढ़ें: 2130 करोड़ से बदलेगी बिहार के इन 3 पर्यटन स्थलों की तस्वीर, जानिए प्रशासन का मेगा प्लान 25 अगस्त से बिहार के इन तीन जिलों में बंद होंगी डीजल सिटी बसें, पटना-मुजफ्फरपुर-गयाजी में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें The post ‘CV दीजिए 10000 बच्चों को नौकरी दिलवाएंगे’, बांकीपुर में प्रशांत किशोर का ऐलान, प्रशासनी नौकरी पर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चीन की भारत ने निकाल दी हेकड़ी: MEA बोला- अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट हिस्सा, नहीं बदल सकती हकीकत

Arunachal Pradesh : चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश को लेकर किए जा रहे दावों और वहां के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच हिंदुस्तान ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और इस सच्चाई को कुछ भी नहीं बदल सकता. 27 जगहों के नाम बदलने पर चीन ने जताई आपत्ति जायसवाल का यह बयान चीन की उस प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें उसने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के हिंदुस्तानीय नाम दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताई है. हिंदुस्तान की ओर से 7 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों, दर्रों, गांवों और अन्य जगहों के आधिकारिक नाम दर्ज किए गए हैं. चीन ने इस कदम को खारिज करते हुए अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा दोहराया है. हिंदुस्तान पहले भी चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को खारिज करता रहा है. नई दिल्ली का कहना है कि किसी जगह का मनगढ़ंत नाम रख देने से जमीन पर उसकी स्थिति या संप्रभुता नहीं बदल जाती. चीन कई बार जारी कर चुका है नामों की सूची चीन पिछले कुछ वर्षों में अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के कथित चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है. हिंदुस्तान ने हर बार इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का हिस्सा है. चीन इसे ‘जांगनान’ या ‘दक्षिणी तिब्बत’ कहता है और क्षेत्र पर अपना दावा करता है, जबकि हिंदुस्तान इन दावों को पूरी तरह खारिज करता है. हिंदुस्तान बोला- संप्रभुता से समझौता नहीं विदेश मंत्रालय का ताजा बयान भी इसी रुख को दोहराता है. हिंदुस्तान सीमा से जुड़े मुद्दों पर चीन के साथ बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से संपर्क बनाए हुए है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश पर अपनी संप्रभुता को लेकर उसका रुख स्पष्ट है. जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का अभिन्न हिस्सा है और यह एक ऐसी वास्तविकता है, जिस पर कोई विवाद नहीं हो सकता. LAC पर हिंदुस्तान-चीन के बीच क्यों है विवाद? हिंदुस्तान और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर लंबे समय से विवाद है. करीब 3,488 किलोमीटर लंबी यह सीमा तीन सेक्टरों लद्दाख, हिमाचल-उत्तराखंड और सिक्किम-अरुणाचल प्रदेश में बंटी है. दोनों देशों के LAC को लेकर अलग-अलग दावे हैं, जिसके चलते कई इलाकों में पेट्रोलिंग को लेकर टकराव होता रहा है. लद्दाख का अक्साई चिन, गलवान घाटी और पैंगोंग त्सो, जबकि अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद के प्रमुख केंद्र हैं. 2020 की गलवान झड़प के बाद तनाव बढ़ा, हालांकि दोनों देश सैन्य और राजनयिक बातचीत के जरिए कई इलाकों में स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जाती रही है. The post चीन की हिंदुस्तान ने निकाल दी हेकड़ी: MEA बोला- अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का अटूट हिस्सा, नहीं बदल सकती हकीकत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Awarapan 2 Cast Fees: इमरान हाशमी ने ली करोड़ों में फीस, दिशा पाटनी और शबाना आजमी की रकम भी आई सामने

‘आवारापन 2’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. इसकी टक्कर सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 से होगी. एडवांस बुकिंग में एक्शन-थ्रिलर को अच्छा रिस्पांस मिला है. मूवी साल 2007 में आई इमरान हाशमी और श्रिया सरन स्टारर ‘आवारापन’ का सीक्वल है. इस फिल्म के जरिए इमरान एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में वापसी कर रहे हैं, जबकि दिशा पाटनी जारा की भूमिका में नजर आएंगी. ‘आवारापन 2’ की स्टारकास्ट की फीस न्यूज 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान हाशमी ने ‘आवारापन 2’ में शिवम पंडित के रोल के लिए करीब 10 से 12 करोड़ रुपये फीस ली है. वहीं, दिशा पाटनी को फिल्म के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये मिलने की समाचार है. फिल्म में अहम भूमिका निभा रहीं शबाना आजमी की फीस करीब 2 से 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है. View on Instagram ये भी पढ़ें: बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ को झटका, इमरान हाशमी की आवारापन 2 ने एडवांस बुकिंग में मारी बाजी किसने डायरेक्ट की आवारापन 2 बता दें कि साल 2007 में आई ‘आवारापन’ का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था, जबकि इसके दूसरे पार्ट की कमान नितिन कक्कड़ ने संभाली है. फिल्म की कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है. वहीं, गानों पर अमाल मलिक और मिथुन ने काम किया है. फिल्म के म्यूजिक एल्बम में ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ जैसे गाने हैं. विशाल फिल्म्स के बैनर तले बनी इस एक्शन-थ्रिलर में सुविंदर विक्की, विजयंत कोहली जैसे स्टार्स नजर आएंगे. इमरान हाशमी की अपकमिंग फिल्म इमरान हाशमी जल्द ही निर्देशक आदित्य दत्त की फिल्म ‘गनमास्टर G9’ में नजर आने वाले हैं. फिल्म की कहानी जुनैद वसी और सरीम मोमिन ने लिखी है. ‘गनमास्टर G9’ सिनेमाघरों में 16 अक्टूबर को रिलीज होगी. सोहम रॉकस्टार एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म में इमरान के साथ जेनेलिया देशमुख और अपरशक्ति खुराना भी हैं. ये भी पढ़ें: सनी देओल Vs इमरान हाशमी की होगी बॉक्स ऑफिस भिड़ंत, नहीं टलेगी ‘आवारापन 2’ की रिलीज, इस दिन आएगा ट्रेलर ये भी पढ़ें: Theatre Releases: इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ से सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ तक, इस हफ्ते थिएटर में लगेगा फिल्मों का मेला The post Awarapan 2 Cast Fees: इमरान हाशमी ने ली करोड़ों में फीस, दिशा पाटनी और शबाना आजमी की रकम भी आई सामने appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्रूड ऑयल 2% से अधिक महंगा, US-ईरान तनाव से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका

ब्रेंट क्रूड 2.1 फीसदी की बढ़त के साथ 89.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमरीकी क्रूड (WTI) 2.3 फीसदी की तेजी के साथ 84.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, अमरीकी प्रतिबंधों को हटाने और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने की शर्तों के साथ युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग की है. जबकि अमेरिका ने भी ईरान से हर्जाना मांगा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई हैं. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का क्या होगा असर ? कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी वित्तीय स्थिति और आम आदमी की जेब पर असर डालता है. महंगाई में बढ़ोतरी: हिंदुस्तान अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है. तेल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी हो जाती है. पेट्रोल, डीजल, और रसोई गैस (LPG/CNG) के दाम बढ़ सकते हैं. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से हवाई यात्रा के टिकट महंगे हो सकते हैं. विदेशी मुद्रा में तेल खरीदने के लिए हिंदुस्तान को अधिक डॉलर चुकाने पड़ते हैं, जिससे देश का व्यापार घाटा बढ़ जाता है. जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हिंदुस्तानीय रुपया कमजोर होता है. ये भी पढ़ें: ट्रेन मिस हुई तो टिकट लेकर अगली ट्रेन पकड़ना पड़ेगा भारी, जान लें रेलवे का नियम The post क्रूड ऑयल 2% से अधिक महंगा, US-ईरान तनाव से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सीएम योगी को लोगों ने खून से लिखी चिट्ठी, फरियाद नहीं सुनी तो दी आंदोलन की चेतावनी!

UP News: आगरा प्रशासनी दफ्तरों में बार-बार फरियाद के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो लोगों ने विरोध का ऐसा रास्ता चुना, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. आगरा के एत्मादपुर तहसील के खंदौली ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत चौकड़ा में प्राचीन शिव मंदिर और शहीद स्मारक के आसपास फैली गंदगी से नाराज लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा. आक्रोशित लोगों ने सीएम योगी को खून से चिट्ठी लिखकर अपनी पीड़ा बताई. लोगों का कहना है कि कई शिकायतों और तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है. शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सफाई गांव के लोगों और समाजसेवियों का आरोप है कि मंदिर और शहीद स्मारक जैसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास लंबे समय से गंदगी फैली हुई है. कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और तहसील दिवस में भी शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इससे लोगों में स्थानीय ब्लॉक अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. समाजसेवियों ने ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की है. शनिवार तक सफाई नहीं हुई तो आंदोलन लोगों ने अब प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है. उनका कहना है कि यदि शनिवार तक मंदिर और शहीद स्मारक के आसपास सफाई नहीं कराई गई, तो सैकड़ों लोग दोबारा खून से पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. इसके साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है. लोगों का कहना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थानों की ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है. अब देखना होगा कि चेतावनी के बाद प्रशासन कितनी जल्दी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करता है. Also Read: कानपुर से लखनऊ सिर्फ 186 रुपये में: 15 अगस्त से शुरू होगी नई AC ई-बस सेवा, प्रयागराज भी जुड़ेगा The post सीएम योगी को लोगों ने खून से लिखी चिट्ठी, फरियाद नहीं सुनी तो दी आंदोलन की चेतावनी! appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top