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अब चुटकियों में बुक होगी ट्रेन टिकट, रेल मंत्री ने किया नई वेबसाइट का ऐलान

IRCTC New Website : ट्रेन टिकट बुक करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए हिंदुस्तानीय रेलवे एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार, 11 जून को घोषणा की है कि अगले महीने यानी 15 जुलाई तक IRCTC (आईआरसीटीसी) की एक बिल्कुल नई वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी. यह जानकारी रेल मंत्री ने जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान साझा की. #WATCH | On students’ demand, Union Railway Minister announces new IRCTC website to be launched by 15th July pic.twitter.com/fjX6z6vyj1 — ANI (@ANI) June 11, 2026 क्यों खास होगी नई वेबसाइट ? अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या तत्काल टिकट बुकिंग के समय भारी ट्रैफिक के कारण IRCTC की वेबसाइट धीमी हो जाती है. यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए इस प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया जा रहा है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में रेलवे के एक सीनियर अफसर ने बताया कि इस नई वेबसाइट में पहले के मुकाबले कई बेहतरीन, तेज और आधुनिक फीचर्स जोड़े जा रहे हैं. इसका सीधा मकसद यूजर्स के ऑनलाइन टिकट बुकिंग के अनुभव को बेहद आसान, सुरक्षित और शानदार बनाना है. यात्रियों को क्या फायदा होगा ? सुपरफास्ट स्पीड: नई तकनीक की वजह से वेबसाइट लोड होने और टिकट बुक होने में कम समय लगेगा. आधुनिक इंटरफेस: वेबसाइट का लुक और लेआउट ज्यादा फ्रेंडली होगा, जिससे आम यूजर भी आसानी से समझ सकेंगे. बेहतर फंक्शन: टिकट कैंसिल करने से लेकर रिफंड स्टेटस देखने जैसे काम पहले से ज्यादा सुचारू रूप से होंगे. Also Read : प्लेटफॉर्म टिकट होने के बावजूद लगा ₹500 का जुर्माना, नियम जानकर उड़ जाएंगे होश The post अब चुटकियों में बुक होगी ट्रेन टिकट, रेल मंत्री ने किया नई वेबसाइट का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद शव के नाक और कान में क्यों लगाई जाती है रुई? जानिए रहस्य

Garuda Puran: सनातन धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कुल 16 संस्कारों का वर्णन मिलता है, जिनमें अंतिम संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. हिंदू धर्मग्रंथों, विशेषकर गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद किए जाने वाले कर्मों और नियमों का विस्तार से उल्लेख मिलता है. आपने अक्सर देखा होगा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके नाक और कान में रुई लगा दी जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? क्या यह केवल वर्षों पुरानी परंपरा है या इसके पीछे कोई धार्मिक और वैज्ञानिक कारण भी छिपा है? आइए जानते हैं. कान और नाक में रुई डालने का महत्व गरुड़ पुराण में मानव शरीर को नौ द्वारों का घर बताया गया है. इनमें दो आंखें, दो कान, दो नथुने, एक मुंह और दो विसर्जन अंग शामिल हैं. मान्यता है कि जब आत्मा शरीर छोड़ती है, तो वह इन्हीं मार्गों में से किसी एक से बाहर निकलती है. सोने के कणों और तुलसी की सुरक्षा शास्त्रों के अनुसार, अंतिम संस्कार से पहले मृतक के कुछ खुले अंगों में सोने के छोटे कण या तुलसी के पत्ते रखे जाते हैं. सोना पवित्र धातु माना जाता है, जबकि तुलसी को मोक्ष प्रदान करने वाली माना गया है. नाक और कान के छिद्र अपेक्षाकृत बड़े होने के कारण ये वस्तुएं बाहर न गिरें, इसलिए वहां रुई लगा दी जाती है. जीवात्मा के पुनः प्रवेश को रोकने की मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के तुरंत बाद जीवात्मा का शरीर के प्रति मोह पूरी तरह समाप्त नहीं होता. इसलिए वह अपनी देह में दोबारा प्रवेश करने का प्रयास कर सकती है. ऐसे में शरीर के खुले मार्गों को रुई से बंद कर दिया जाता है, ताकि आत्मा की आगे की यात्रा में कोई बाधा न आए. नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा गरुड़ पुराण में यह भी उल्लेख मिलता है कि मृत्यु के बाद शरीर निष्प्राण हो जाता है. ऐसी स्थिति में नकारात्मक शक्तियां या अशुभ ऊर्जाएं शरीर के खुले अंगों के माध्यम से उसमें प्रवेश कर सकती हैं. रुई को एक प्रकार का सुरक्षा कवच माना जाता है, जो इन प्रभावों से बचाव का प्रतीक है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण मृत्यु के बाद शरीर में अपघटन (सड़न) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीव तेजी से बढ़ने लगते हैं. नाक और कान जैसे छिद्रों को रुई से बंद करने से शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों और संक्रमण के प्रसार को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिलती है. मृत्यु के बाद शरीर के अंदर गैसें बनने लगती हैं और कुछ द्रव भी बाहर निकल सकते हैं. ऐसे में नाक और कान में रुई लगाने से इन स्रावों को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है तथा शव को व्यवस्थित और सम्मानजनक स्थिति में रखने में मदद मिलती है. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद शव के नाक और कान में क्यों लगाई जाती है रुई? जानिए रहस्य appeared first on Naya Vichar.

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लैंडिंग के वक्त हादसे का शिकार हुआ IAF का AN-32

रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह घटना तब हुई जब विमान रोवरिया इलाके में हिंदुस्तानीय वायु सेना के अड्डे पर उतर रहा था. वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और दुर्घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी फिलहाल नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है. An AN-32 transport aircraft of the Indian Air Force has met with an accident at the Jorgat Air Force station in Assam. More details are awaited: Indian Air Force pic.twitter.com/XdybiLdljq — ANI (@ANI) June 13, 2026 हिंदुस्तानीय वायु सेना ने बताया कि जोरहाट में दुर्घटनाग्रस्त हुए AN-32 विमान के पास आग बुझाने का काम जारी है. हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमों को मौके पर भेज दिया गया. अधिकारी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने और विमान की हालत का आकलन करने में जुटे हैं. फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने या नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हादसे के बाद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा कि जोरहाट में AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया है. फिलहाल पूरी जानकारी का इंतजार है. AN32 crashes during landing at Jorhat Details awaitedHowever, in the landing accidents that I have seen of AN32, people have always walked awayI hope it’s the same case here too pic.twitter.com/0HeAUFoy81 — Dr MJ Augustine Vinod 🇮🇳 (@mjavinod) June 13, 2026 The post लैंडिंग के वक्त हादसे का शिकार हुआ IAF का AN-32 appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में महंगी होगी बिजली! DERC ने हटाई सरचार्ज कैप, बढ़ेगा बिल

Delhi Electricity Bill Hike : चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की मार झेल रहे दिल्ली के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद परेशान करने वाली समाचार है. वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और कोयले की आसमान छूती कीमतों के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट का सीधा असर अब दिल्ली की जनता की जेब पर पड़ने जा रहा है. दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजधानी की निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को उपभोक्ताओं से भारी-भरकम ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्‍टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) वसूलने की खुली छूट दे दी है. इस नए आदेश के बाद बिजली कंपनियों पर लगी 10 प्रतिशत की पुरानी सीमा पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे दिल्ली के एक बड़े वर्ग का मासिक बिजली बिल करीब 16 से 18 प्रतिशत तक बढ़ना बिल्कुल तय है. क्यों महंगा होने जा रहा है बिजली का बिल ? इस पूरी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह बिजली उत्पादन की बढ़ती लागत (Cost of Power Generation) है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-नेतृत्वक तनाव के कारण विदेशों से आयात होने वाले कोयले की कीमतों और उसके ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है. बिजली उत्पादन की इसी रिकॉर्ड तोड़ लागत की भरपाई करने के लिए दिल्ली की प्रमुख बिजली कंपनियों— बीआरपीएल (BRPL), बीवाईपीएल (BYPL) और टाटा पावर (TPDDL) ने अप्रैल में आई भारी लागत के बाद मई के महीने में आयोग से लिमिट बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है. आपकी कंपनी अब कितना वसूलेगी सरचार्ज? नए आदेश के मुताबिक, अलग-अलग बिजली कंपनियों के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर सरचार्ज का बोझ इस तरह बढ़ेगा. टाटा पावर (TPDDL): उत्तरी दिल्ली के उपभोक्ताओं को अब पूरा 16 प्रतिशत FPPAS देना होगा. बीएसईएस राजधानी (BRPL): दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए अप्रैल महीने के आधार पर कुल 17.94 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जाएगा. बीएसईएस यमुना (BYPL): पूर्वी और मध्य दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए कुल 17.43 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने की हरी झंडी दी गई है. डीईआरसी (DERC) ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को दी गई यह विशेष छूट तब तक मासिक आधार पर जारी रहेगी, जब तक कि आयोग इस संबंध में कोई अगला नया दिशानिर्देश या आदेश जारी नहीं कर देता. किन लोगों पर पड़ेगा इसका सीधा असर? इस कड़े फैसले के बीच दिल्ली के एक बड़े वर्ग के लिए राहत की बात यह है कि इसका असर सभी उपभोक्ताओं पर एक समान नहीं पड़ेगा: सब्सिडी वाले उपभोक्ता (सुरक्षित): जो उपभोक्ता दिल्ली प्रशासन की तरफ से पूर्ण (100% यानी 200 यूनिट तक फ्री) या 50 प्रतिशत (400 यूनिट तक) की बिजली सब्सिडी पा रहे हैं, उन्हें इस बढ़ोतरी से पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. उनका बिल नहीं बढ़ेगा. गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ता (झटका): इस बढ़े हुए सरचार्ज का सीधा झटका सिर्फ उन लोगों को लगेगा जो दिल्ली प्रशासन की बिजली सब्सिडी योजना के दायरे से बाहर हैं. मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के वे लोग, जो पूरा बिजली बिल चुकाते हैं, उनका मासिक बजट अब पूरी तरह हिलने वाला है. Also Read : खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% पर पहुंची; आरबीआई ने भी बढ़ाया अनुमान The post दिल्ली में महंगी होगी बिजली! DERC ने हटाई सरचार्ज कैप, बढ़ेगा बिल appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका ने फिर वेनेजुएला में बरसाया बम, ट्रंप का दावा- मारा गया ‘खून का प्यासा’ ट्रेन डी अरागुआ का सरगना

US Army Action in Venezuela: अमेरिका ने दावा किया है कि उसने वेनेजुएला में  एक सैन्य कार्रवाई की है. इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डी अरागुआ के सरगना हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ ‘नीनो गुरेरो’ को  में मार गिराया गया है. इसकी जानकारी खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी दक्षिणी कमान ने उनके निर्देश पर एक तेज और घातक सैन्य अभियान चलाया. यह कार्रवाई वेनेजुएला की प्रशासन के साथ मिलकर की गई.  ट्रंप बोले- मेरे निर्देश पर की गई कार्रवाई ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का वीडियो अपने सोशल मीडिया- ट्रुथ सोशल पर शेयर किया, जिसे बाद में व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया. ट्रंप ने लिखा, ‘मेरे निर्देश पर घातक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें ट्रेन डी अरागुआ के कुख्यात नेता नीनो गुरेरो को सफलतापूर्वक मार गिराया गया. यह दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठनों में से एक का सरगना था.’ ट्रंप के शेयर किए गए क्लासिफाइड वीडियो में देखा जा सकता है कि एक हरी बिल्डिंग के ऊपर ड्रोन या मिसाइल अटैक किया जाता है और पल भर में आग का गुबार ऊपर उठता है और सबकुछ राख हो जाता है.  उन्होंने आगे कहा, ‘अपने प्रशासन की शुरुआत में मैंने ट्रेन डी अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का वादा पूरा किया. हमने हजारों अपराधियों को देश से बाहर निकाला और उन कार्टेल के खिलाफ युद्ध छेड़ा जो वर्षों से अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे. यह कार्रवाई वेनेजुएला में हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय करके की गई. अब ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों के लिए वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. मेरे नेतृत्व में हम इन हत्यारों और ड्रग तस्करों को कहीं भी ढूंढ निकालेंगे.’ “At my direction, the United States Southern Command delivered a swift and lethal kinetic strike to successfully execute Niño Guerrero, the infamous leader of Tren De Aragua, one of the most bloodthirsty Terrorist Organizations on Planet Earth.” – President DONALD J. TRUMP 🇺🇸 pic.twitter.com/3R5IPxhPXX — The White House (@WhiteHouse) June 13, 2026 अमेरिका पहले ही घोषित कर चुका है आतंकवादी संगठन ट्रेन डी अरागुआ को अमेरिका पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है. दिसंबर में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि नीनो गुरेरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे. इन आरोपों में आपराधिक साजिश, आतंकवाद से जुड़े अपराधों को समर्थन देने और एक दशक से अधिक समय तक फैली कथित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप शामिल थे. अमेरिका का आरोप है कि यह संगठन उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप में ‘हिंसा, वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी की अनगिनत घटनाओं’ के लिए जिम्मेदार रहा है.  नीनो गुरेरो की गिरफ्तारी पर था 50 लाख डॉलर का इनाम अमेरिकी विदेश विभाग ने भी हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा कर रखी थी. गुरेरो फ्लोरेस लंबे समय से अमेरिकी एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसे ट्रेन डी अरागुआ नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता था. नीनो गुरेरो 2023 में वेनेजुएला की टोकोरोन जेल से फरार हो गया था. उस समय वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियां जेल के भीतर चल रहे आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रही थीं. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही नीनो गुरेरो और उसके कई सहयोगी जेल से भागने में सफल हो गए थे. ट्रंप गैंग पर लगाते रहे हैं गंभीर आरोप डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन लंबे समय से दावा करता रहा है कि ट्रेन डी अरागुआ अमेरिका के कई शहरों में हिंसा और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है. ट्रंप ने कई बार यह भी कहा कि यह संगठन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करता था. मादुरो को इसी साल की शुरुआत में- जनवरी के पहले हफ्ते में ही अमेरिका ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था. उनके ऊपर अमेरिका में मुकदमा चलाया जा रहा है. फिलहाल वह न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन जेल में बंद हैं. हालांकि, अमेरिकी प्रशासन रिपोर्ट्स में गैंग और वेनेजुएला प्रशासन के बीच प्रत्यक्ष नियंत्रण संबंधी कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला था. ये भी पढ़ें:- किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन ये भी पढ़ें:- बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट  क्या है ट्रेन डी अरागुआ? ट्रेन डी अरागुआ की शुरुआत एक दशक से भी अधिक समय पहले वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की कुख्यात टोकोरोन जेल से हुई थी. धीरे-धीरे यह संगठन कई लैटिन अमेरिकी देशों तक फैल गया और एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में बदल गया. इस संगठन के विस्तार का दौर उस समय तेज हुआ जब लाखों वेनेजुएलाई नागरिक बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में दूसरे देशों और अमेरिका की ओर पलायन कर रहे थे. हालांकि, संगठन के वास्तविक आकार को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन दक्षिण अमेरिका के अन्य देश जैसे- पेरू, कोलंबिया समेत कई देशों की जांच एजेंसियां इसे अनेक हिंसक अपराधों से जोड़ चुकी हैं. मानव तस्करी से लेकर हत्या तक के आरोप क्षेत्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार ट्रेन डी अरागुआ पर मानव तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, सुपारी देकर हत्या करवाने, तस्करी और संगठित चोरी जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. संगठन पर यह भी आरोप है कि यह वेनेजुएला और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों से आने वाले प्रवासियों के लिए इस्तेमाल होने वाले कई अवैध मार्गों को नियंत्रित करता था. इन मार्गों का इस्तेमाल चिली समेत दक्षिण अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों तक पहुंचने के लिए किया जाता था. 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राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले युद्ध मुख्य रूप से सैनिकों और उनके हथियारों के दम पर लड़े जाते थे. लेकिन अब युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल गया है. आज के दौर में कई बार यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि हमला किसने किया और किस हथियार से किया गया. आधुनिक युद्ध में रडार, सैटेलाइट, ड्रोन, सेंसर, रोबोटिक्स और दूसरी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. कई बार दुश्मन दूर बैठकर ही सिस्टम को नियंत्रित कर सकता है. यहां तक कि ट्रैफिक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों को भी हैक कर प्रभावित किया जा सकता है. #WATCH | Dindigul, Telangana | Defence Minister Rajnath Singh says, “Until now, warfare has typically had two vectors: the soldier and the equipment. However, in today’s wars, we often cannot see the soldier or the weapon used to launch the attack. Numerous systems such as radar,… https://t.co/uYkXMybQfy pic.twitter.com/hxyKyfkq8e — ANI (@ANI) June 13, 2026 आगे राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध की परिभाषा अब पहले जैसी नहीं रही. इसलिए नई पीढ़ी के सैनिकों को भविष्य की युद्ध तकनीकों और रणनीतियों को अच्छी तरह समझना होगा. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण और अभ्यास के जरिए जवान किसी भी नई और अप्रत्याशित चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने साथ में यह भी कहा कि  हिंदुस्तानीय वायु सेना ने संकट के समय विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है.  The post राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का स्पोर्ट्स बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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एक्स हसबैंड संजय कपूर को याद कर क्यों भावुक हुईं करिश्मा कपूर? कही दिल की बात

करिश्मा कपूर ने अपने पूर्व पति संजय कपूर की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावुक अंदाज में याद किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक छोटा लेकिन दिल छू लेने वाला पोस्ट शेयर किया. आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या लिखा. करिश्मा कपूर ने शेयर किया ये मैसेज करिश्मा कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर संजय कपूर को याद करते हुए लिखा, “12/6/2025, संजय हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे.” इसके साथ उन्होंने हाथ जोड़ने, सफेद दिल और कबूतर की इमोजी भी लगाई. प्रिया सचदेव ने भी पति को किया याद संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, “तुम्हारे जाने को एक साल बीत चुका है, लेकिन आज भी तुम्हारी मौजूदगी हर दिन हमारा मार्गदर्शन करती है. तुम कभी ठहरकर रहने में विश्वास नहीं करते थे.” उन्होंने आगे लिखा, “तुम्हें हमेशा गहराई से प्यार किया जाएगा और तुम्हें उन मूल्यों, उन लोगों की यादों और उस प्रेम के जरिए हमेशा याद रखा जाएगा, जो तुमने सभी को दिया. तुम्हारा प्यार आज भी हमारी ताकत है और तुम्हारी यादें हमारे लिए एक आशीर्वाद हैं.” संपत्ति विवाद बना चर्चा का विषय संजय कपूर के निधन के बाद उनकी करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर परिवार में कानूनी विवाद चल रहा है. इस मामले में उनके शिशु, पत्नी प्रिया सचदेव कपूर, मां रानी कपूर और परिवार के अन्य सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं. इंग्लैंड में हुआ था संजय कपूर का निधन संजय कपूर का निधन इंग्लैंड में हुआ था. रिपोर्ट्स के अनुसार, पोलो स्पोर्ट्सते समय उन्होंने गलती से एक मधुमक्खी निगल ली थी, जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा. उनके अंतिम संस्कार में करिश्मा कपूर अपने दोनों बच्चों के साथ दिल्ली पहुंची थीं. इस दौरान करीना कपूर खान और सैफ अली खान भी उनके साथ मौजूद थे. यह भी पढ़ें- Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया The post एक्स हसबैंड संजय कपूर को याद कर क्यों भावुक हुईं करिश्मा कपूर? कही दिल की बात appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर हत्याकांड का खुलासा: लड़की के भाई ने दोस्ती के बहाने युवक को बुलाया, शराब पिलाई, फिर लाठी डंडे से पीट कर गला रेता

Kaimur Crime News: (विनोद कुमार सिंह) कैमूर के मोहनिया थाना क्षेत्र के बघिनी गांव के बधार में युवक की गला रेतकर क्रूर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ. फोन कर बुलाया, शराब पिलाई और फिर की हत्या गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम दुलार राम के पुत्र अखिलेंद्र प्रताप (25 वर्ष)के रूप में हुई. निवासी बघिनी गांव का है. आरोपी ने पुलिस को बताया कि मृतक शशि कुमार ने उसकी बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था. जहां इस मामले में पहले से मोहनिया थाना में प्राथमिकी दर्ज थी. इसी रंजिश में आरोपी ने 9 जून को शशि को फोन कर गांव बुलाया. अखिलेंद्र प्रताप ने पहले शशि को शराब पिलाई. फिर शाम होते ही लाठी-डंडे से बुरी तरह पीटा गया. पिटाई के बाद जब वह बेहोश हो गया तो आरोपी ने चाकू से उसका गला रेत दिया और पेट में वार कर शशि की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को बधार में फेंक दिया गया. शव मिलने के बाद हुआ खुलासा गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने बघिनी गांव के सिवान में एक अर्ध-सड़ा शव देखा और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया. बाद में मृतक की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के नौआ झोटी गांव निवासी शिव कुमार राम के पुत्र शशि कुमार के रूप में हुई. शव की स्थिति खराब होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए पटना पीएमसीएच भेजा गया. दसौती नहर के पास से आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अखिलेंद्र प्रताप को दसौती नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया. घटना स्थल पर कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला भी पहुंचे और मामले की जांच की. पिता ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी मृतक के पिता शिव कुमार राम ने बघिनी गांव के चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. आरोपियों में राम दुलार राम और उनके तीन बेटे शामिल हैं. फर्द बयान में उन्होंने बताया कि आरोपी अपने बेटी की शादी उनके बेटे से कराना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था. इसी रंजिश में हत्या की गई. थानाध्यक्ष का बयान मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया है. Also Read:कैमूर में शादी से इंकार करने पर युवक की गला रेतकर हत्या, लड़की का भाई गिरफ्तार The post कैमूर हत्याकांड का खुलासा: लड़की के भाई ने दोस्ती के बहाने युवक को बुलाया, शराब पिलाई, फिर लाठी डंडे से पीट कर गला रेता appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में दौड़ेगी रैपिड रेल, 4 जिलों की दूरी हाईस्पीड ट्रेन से मिनटों में होगी तय, CM सम्राट का ऐलान

Bihar Rapid Rail: बिहार के चार जिलों बेगूसराय, राजगीर (नालंदा), गयाजी और मुजफ्फरपुर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत और तेज होने वाली है. इन जिलों को हाईस्पीड ट्रेन से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद पटना से इन जिलों की दूरी तय करने में घंटों के बदले मिनट ही लगेंगे. आने वाले दिनों में बिहार में रैपिड रेल का जाल बिछने वाला है. पीएम मोदी की ओर से मिला परमिशन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर ऐलान किया. उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की बात कही गई है. इस प्रोजेक्ट से हर रोज ट्रेन से सफर करने वाले लोगों के साथ अन्य सभी वर्ग के लोगों को फायदा हो सकेगा. सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार में लगभग सभी रूट पर वंदे हिंदुस्तान ट्रेन चलाई जा रही है. ऐसे में मोदी प्रशासन में आने वाले कुछ सालों में रेल नेटवर्क और भी मजबूत होने वाला है. हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से कहा गया कि यहां रैपिड रेल चलाई जायेंगी. इस तरह से चारों जिलों के लोगों को काफी सहूलियत मिल सकेगी. पटना से चारों जिलों की दूरी मिनटों में होगी तय सीएम सम्राट चौधरी की ओर से यह भी बताया गया कि बिहार के चार जिलों को रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. अभी पटना से गयाजी जाने में लगभग डेढ़ या फिर दो घंटे लग जाते हैं. रैपिड रेल की व्यवस्था होने से यह दूरी 40 मिनट में ही तय की जा सकेगी. इसके अलावा पटना से मुजफ्फरपुर के बीच अभी दो घंटे से भी ज्यादा समय ट्रेन से लग जाते हैं. इससे कम समय में लोग रोड से पहुंच जाते हैं. ऐसे में इसे भी रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. साथ ही नालंदा जिले के राजगीर को लेकर बताया कि यह एक टूरिस्ट हब के रूप में डेवलप हो रहा है. जबकि बेगूसराय जिला राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में से एक है. ऐसी स्थिति में इन दोनों जिलों को भी रैपिड रेल से जोड़ा जाएगा. इस तरह से केंद्र की ओर से बिहार के लोगों के लिए यह खास तोहफा माना जा रहा है. Also Read: पटना मेट्रो अपडेट: अब जू, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर पर बनेंगे स्टेशन, बेली रोड पर रूट डायवर्ट The post बिहार में दौड़ेगी रैपिड रेल, 4 जिलों की दूरी हाईस्पीड ट्रेन से मिनटों में होगी तय, CM सम्राट का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिमी सिंहभूम : प्रशासन की अनदेखी के बीच महिलाओं ने श्रमदान कर सुधारी जर्जर सड़क 

गुवा से संदीप की रिपोर्ट West Singhbhum News: नया विचार में 1 जून को प्रकाशित “सुखचैन मोटर के पास जर्जर पुलिया बनी हादसे का कारण, मरम्मत नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी” शीर्षक समाचार के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की. इससे नाराज होकर आजीविका ग्राम संगठन बस्ती जामदा की बीएचओ (वीओ) की स्त्रीओं ने खुद आगे बढ़कर श्रमदान के माध्यम से जर्जर सड़क और पुलिया के गड्ढों में मुरूम-मिट्टी भरकर उसे समतल कर दिया. खराब स्थिति से हो सकती है बड़ी दुर्घटना बता दें कि बड़ाजामदा से नोवामुंड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सुखचैन मोटर के पास स्थित पुलिया की स्थिति लंबे समय से अत्यंत खराब बनी हुई है. पुलिया के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे और कई स्थानों पर आर-पार छेद हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण पुलिया दिन-प्रतिदिन और कमजोर होती जा रही है. यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क पथ है, जहां से प्रतिदिन टाटानगर से किरीबुरू, बड़बिल और जोड़ा जाने वाली यात्री बसों के साथ-साथ लौह अयस्क ढोने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है. इसके बावजूद पुलिया की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई. मरम्मत की मांग को लेकर कई बार हुआ आंदोलन ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पुलिया के निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर कई बार आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उदासीन बना हुआ है. स्त्रीओं ने किया श्रमदान, कार्रवाई नहीं होने पर सड़क जाम की चेतावनी  ऐसे में आजीविका ग्राम संगठन की स्त्रीओं ने श्रमदान कर सड़क को समतल बनाकर प्रशासन को एक संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में जनता स्वयं भी आगे आ सकती है. स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने झारखंड प्रशासन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ाजामदा-नोवामुंड़ी मुख्य सड़क मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर आंदोलन शुरू किया जाएगा. उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए. यह भी पढ़ें: झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बारिश में नहीं रुकेगा सफर, NHAI ने शुरू किया ड्रेनेज सफाई का विशेष अभियान यह भी पढ़ें: Dhanbad: युवा संगम में मध्य प्रदेश का 56 सदस्यीय दल पहुंचा IIT धनबाद, झारखंड की संस्कृति से हुए रू-ब-रू The post पश्चिमी सिंहभूम : प्रशासन की अनदेखी के बीच स्त्रीओं ने श्रमदान कर सुधारी जर्जर सड़क  appeared first on Naya Vichar.

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