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नालंदा में छह साल में 1,994 मौतें, अंधेरे में खड़े ट्रक-ट्रैक्टर बन रहे जानलेवा, दोपहिया चालक सबसे ज्यादा प्रभावित

बिहारशरीफ से कंचन की रिपोर्टBihar Sharif News : नालंदा जिले में सड़क दुर्घटनाएं अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुकी हैं. जिले में पिछले छह वर्षों (2020-2025) के दौरान 2,589 सड़क हादसों में 1,994 लोगों की जान चली गई. यानी औसतन हर वर्ष 431 दुर्घटनाएं और 332 मौतें हुईं. आंकड़े बताते हैं कि जिले में लगभग हर दूसरे दिन एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है. सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार नालंदा में प्रतिवर्ष होने वाली कुल दुर्घटनाओं में करीब 4 से 5 प्रतिशत हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर बिना पार्किंग लाइट, इंडिकेटर अथवा रिफ्लेक्टर के खड़े वाहनों के कारण होते हैं. एनएच-20, एनएच-82, एनएस-33 और पटना-सरमेरा मार्ग पर रात के समय सड़क किनारे खड़े ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन दोपहिया चालकों के लिए मौत का जाल बन रहे हैं. अंधेरे में इन वाहनों की पहचान नहीं होने के कारण बाइक और स्कूटी चालक सीधे उनसे टकरा जाते हैं. 2025 में फिर बढ़ा हादसों का ग्राफ जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में 484 सड़क दुर्घटनाओं में 377 लोगों की मौत हुई थी. वर्ष 2021 में 437 दुर्घटनाओं में 367, वर्ष 2022 में 424 दुर्घटनाओं में 349 तथा वर्ष 2023 में 368 दुर्घटनाओं में 289 लोगों की जान गई. वर्ष 2024 में 398 हादसों में 286 मौतें दर्ज की गईं. हालांकि 2025 में एक बार फिर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया और 478 हादसों में 326 लोगों की मौत हो गई. सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली कई दुर्घटनाएं रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पातीं, इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है. हर 100 दुर्घटनाओं पर 77 मौतें नालंदा के सड़क हादसों की सबसे चिंताजनक तस्वीर मौतों का अनुपात है. छह वर्षों में 2,589 दुर्घटनाओं में 1,994 लोगों की मौत हुई, यानी हर 100 हादसों पर लगभग 77 लोगों की जान चली गई. विशेषज्ञों के अनुसार हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराव तथा दुर्घटना के बाद समय पर इलाज नहीं मिलना इसकी प्रमुख वजहें हैं. एनएच-20 और एनएच-82 सबसे संवेदनशील बिहारशरीफ-पटना मार्ग (एनएच-20) और राजगीर-गया मार्ग (एनएच-82) जिले के सबसे संवेदनशील मार्गों में शामिल हैं. इन सड़कों पर रात में खड़े भारी वाहनों से दुर्घटना की आशंका सबसे अधिक रहती है. इसके अलावा एनएस-33 (जहानाबाद-बिहारशरीफ मार्ग) और पटना-सरमेरा मार्ग पर भी लगातार गंभीर हादसे हो रहे हैं. बिहारशरीफ शहर के बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है. पांच माह में आधा दर्जन बड़े हादसे पिछले पांच महीनों के दौरान जिले में कई ऐसी दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें दो या उससे अधिक लोगों की मौत हुई. चंडी थाना क्षेत्र के सालेहपुर मोड़ के पास हुई दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई. धरमपुर में पांच वाहनों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हुई. दीपनगर थाना क्षेत्र में ट्रक और ऑटो की भिड़ंत में तीन छात्रों की जान गई. वहीं 17 जनवरी 2026 को जहानाबाद-बिहारशरीफ मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. जून और दिसंबर सबसे खतरनाक महीने छह वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि जून और दिसंबर महीने सड़क हादसों के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील रहे हैं. वर्ष 2020 में दिसंबर में 57 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी. जून 2020 में 52 हादसों में 41 लोगों की जान गई थी. वर्ष 2025 में भी मई, जून और दिसंबर सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले महीने रहे. विशेषज्ञों के अनुसार कोहरा, कम दृश्यता, त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में बढ़ी आवाजाही तथा ओवरस्पीडिंग दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा देती है. आईआरएडी से होगी वैज्ञानिक निगरानी दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और रोकथाम के लिए नालंदा जिले में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईआरएडी) प्रणाली लागू की गई है. इसके तहत पुलिस मोबाइल एप के माध्यम से दुर्घटनाओं का पूरा विवरण दर्ज करती है. बाद में विशेषज्ञ संस्थान इन आंकड़ों का विश्लेषण कर दुर्घटना-प्रवण स्थलों की पहचान करते हैं और सुधारात्मक उपाय सुझाते हैं. क्या कहते हैं अधिकारी मो. खुर्शीद आलम, डीएसपी (यातायात), नालंदा ने कहा कि बेगूसराय की सड़क दुर्घटना बेहद दुखद थी. उस घटना से सबक लेते हुए नालंदा में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर दिन-रात पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है तथा अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. वर्ष में तीन या उससे अधिक दुर्घटनाओं वाले मार्गों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके. छह वर्षों का रिकॉर्ड वर्ष दुर्घटनाएं मौतें2020 484 3772021 437 3672022 424 3492023 368 2892024 398 2862025 478 326कुल 2,589 1,994 केवल चालान नहीं, स्थायी समाधान जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल चालान अभियान पर्याप्त नहीं है. राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सभी भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर और पार्किंग लाइट की अनिवार्यता, ब्लैक स्पॉट का सुधार, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना समय की मांग है. तेजी से विकसित हो रहे नालंदा जिले में सड़क सुरक्षा अब प्रशासन और समाज दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है. Also Read : शांति नगर में जलजमाव से ‘अशांति’, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान, बढ़ा बीमारी का खतरा The post नालंदा में छह साल में 1,994 मौतें, अंधेरे में खड़े ट्रक-ट्रैक्टर बन रहे जानलेवा, दोपहिया चालक सबसे ज्यादा प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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वीकेंड पर सस्ते में देखिए भारत भाग्य विधाता, टिकट खरीदते ही मिलेगा Buy 1 Get 1 Free का ऑफर

फिल्ममेकर मनोज तापड़िया की फिल्म ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छे रिव्यू मिले. हालांकि टिकट खिड़की पर इसे संघर्ष करना पड़ा. कंगना रनौत की एतिहासिक ड्रामा ने पहले दिन 1 करोड़ की कमाई की. ऐसे में मेकर्स ने वीकेंड में धमाकेदार कमाई करने के लिए बाय 1 गेट वन का ऑफर निकाल दिया है. बाय 1 गेट वन ऑफर में देखें हिंदुस्तान भाग्य विधाता मेकर्स ने फिल्म हिंदुस्तान भाग्य विधाता का एक पोस्टर शेयर किया. जिसमें लिखा, ”अगर आप आतंकवादियों के नाम जानते हैं, लेकिन उन हीरो के बारे में नहीं, जिन्होंने 400 हिंदुस्तानीयों की जान बचाई, तो यह फिल्म आपके लिए है. #BharatBhhagyaViddhaata उन बहादुर लोगों को सलाम करता है, जो आतंकवाद और बेगुनाह लोगों की जान के बीच ढाल बनकर खड़े रहे. इन हीरो, देश और इतिहास के लिए…’Buy 1 Get 1 Free’ टिकट लें और एक ऐसी कहानी देखें जिसे हर हिंदुस्तानीय को जानना चाहिए. अभी अपने टिकट बुक करें.” हिंदुस्तान भाग्य विधाता में मौजूद हैं ये स्टार्स ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ को मनोज तापड़िया ने लिखा और डायरेक्ट किया है और इसे कंगना रनौत ने को-प्रोड्यूस किया है. इस फिल्म को डॉ. जयंतीलाल गाडा के पेन स्टूडियोज ने पेश किया है. कंगना के अलावा, इसमें ईशा डे, गिरिजा ओक और स्मिता तांबे भी हैं. क्या है फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म उन मेडिकल स्टाफ की बहादुरी से प्रेरित है, जिन्होंने 2008 में मुंबई के कामा हॉस्पिटल में हुए हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाई थी. इसमें खास तौर पर नर्स अंजलि कुल्थे की बहादुरी को दिखाया गया है, जिन्होंने 20 गर्भवती स्त्रीओं की जान बचाने में मदद की थी. एएनआई से बात करते हुए कंगना ने इस फिल्म को 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान बहादुरी की एक अनकही कहानी बताया, जो उन हेल्थकेयर वर्कर्स पर केंद्रित है जिन्होंने गोलियों, अफ़रा-तफरी और खतरे के बावजूद मरीजो की सेवा जारी रखी. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर फिल्म पास हुई या फेल, कलेक्शन देख रह जाएंगे हैरान The post वीकेंड पर सस्ते में देखिए हिंदुस्तान भाग्य विधाता, टिकट खरीदते ही मिलेगा Buy 1 Get 1 Free का ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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असम में 18+ का नहीं बनेगा आधार कार्ड? असम सरकार ने अवैध प्रवासियों पर नकेल के लिए लिया फैसला

Assam Illegal Immigrants: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को यह कार्ड जारी नहीं करने का फैसला किया है. मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि असाधारण मामलों में आधार कार्ड जारी करने की अनुमति के लिए जिला आयुक्त को राज्य प्रशासन को प्रस्ताव भेजना होगा. सीएम ने बताया- 18 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे. आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं? प्रशासन इसपर करेगी फैसला मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इसके बाद प्रशासन यह फैसला करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं. राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऐसी स्थिति में पहुंच गई है जहां लगभग सभी पात्र लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, कुछ जिलों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है और हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं जो अतिरिक्त आधार कार्ड बनवा रहे हैं. शर्मा ने कहा कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिले. Guwahati, Assam | Chief Minister Himanta Biswa Sarma says, “The Assam cabinet has decided not to provide Aadhar cards to any person above 18 years… ST, SC, Tea Garden people will get an Aadhar card till March 2027… The Assam cabinet has approved a Guwahati Satellite City… pic.twitter.com/wmhonV86vH — ANI (@ANI) June 13, 2026 1 अप्रैल 2027 से पूरी तरह लागू चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजातियों के लोगों को हालांकि आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे क्योंकि इनमें से कई लोगों को अब तक आधार कार्ड नहीं मिले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, हालांकि, एक अप्रैल, 2027 से यह रोक पूरी तरह लागू हो जाएगी और उस तारीख से इन समुदायों के भी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे. हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले ही दिया था संकेत शर्मा ने पहले कहा था कि राज्य प्रशासन आधार कार्ड जारी करने के मामले में बहुत सख्ती बरतेगी और असम में यह दस्तावेज हासिल करना आसान नहीं होगा. उन्होंने पिछले साल कहा था कि असम प्रशासन बांग्लादेश से अवैध आव्रजन पर रोक लगाने के अपने प्रयासों के तहत वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने के लिए कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है. ये भी पढ़ें: जोरहाट विमान हादसा: वायुसेना का AN-32 क्रैश, 5 जवानों ने गंवाई जान; एयरफोर्स ने दिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश The post असम में 18+ का नहीं बनेगा आधार कार्ड? असम प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर नकेल के लिए लिया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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रामगढ़ के अरगड्डा में अवैध खनन बना काल, कोयला खोदने के दौरान चार लोगों की मौत

गिद्दी से अजय कुमार की रिपोर्ट Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में शनिवार को अवैध कोयला खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ. खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी और संभावित गैस रिसाव के कारण चार लोगों की मौत हो गयी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं अवैध खनन पर प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. सुबह खदान में गये थे चार युवक जानकारी के अनुसार, टोंगी गांव के रहने वाले देवा और डब्ल्यू शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदान के अंदर गये थे. इसके कुछ देर बाद सिरका बुथबाजार के किशोर और आशीष भी उसी माइंस में प्रवेश कर गये. काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई. सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम घटना की जानकारी मिलने के बाद कुजू पुलिस और नयीसराय माइंस रेस्क्यू की टीम सुबह करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची. मौके पर अग्निशामक वाहन और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया. रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चारों युवकों को खदान से बाहर निकाला गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित खदान से बाहर निकालने के बाद सभी को तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया. हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ऑक्सीजन की कमी या गैस रिसाव नयीसराय माइंस रेस्क्यू टीम के सदस्य विकास कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी हादसे का मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है. हालांकि स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का कहना है कि गैस रिसाव की वजह से भी चारों युवक अचेत हो सकते हैं. वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. इसे भी पढ़ें: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! चक्रधरपुर रेल मंडल में 14 जून तक कई ट्रेनें रहेंगी रद्द अवैध खनन पर फिर उठे सवाल इस दर्दनाक घटना ने कोयलांचल क्षेत्र में जारी अवैध खनन की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार चल रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद पुलिस, प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर सख्ती नहीं की गयी, तो ऐसे हादसे आगे भी कई परिवारों को उजाड़ सकते हैं. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में जल संसाधन विभाग के सात लेखा कर्मियों का तबादला, एक जिले के भीतर ही स्थानांतरण पर उठे सवाल The post रामगढ़ के अरगड्डा में अवैध खनन बना काल, कोयला खोदने के दौरान चार लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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NEET पेपर लीक पर बिहार से हुंकार भरेंगे राहुल गांधी, इस दिन आएंगे पटना

Rahul Gandhi Patna Visit: राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना आ रहे हैं. यहां वे एक छात्र सम्मेलन को संबोधित करने वाले हैं. इस कार्यक्रम में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक, युवाओं के संगठन और नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने से परेशान उम्मीदवार भी शामिल होंगे. राहुल गांधी इस सम्मेलन में नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और धांधली के मुद्दे को उठाएंगे. इस दिन राहुल गांधी नीट परीक्षा के डिसेंट्रलाइजेशन और परीक्षाओं की फीस पूरी तरह खत्म करने की मांग भी रख सकते हैं. बिहार से जुड़े हैं नीट धांधली के तार, इसलिए पटना को चुना मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) में पेपर लीक होने और बड़े पैमाने पर हुई धांधली को लेकर पूरे देश के छात्र-छात्राओं में भारी गुस्सा है. बिहार इस विवाद का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है. पिछले कुछ सालों में हुए पेपर लीक के मामलों के तार भी कहीं न कहीं बिहार से जुड़ते रहे हैं. यही वजह है कि यहां के छात्रों पर इस पूरे घटनाक्रम का बहुत गहरा असर पड़ा है. इसी स्थिति को देखते हुए राहुल गांधी ने पटना में इस छात्र सम्मेलन को करने का फैसला लिया है. कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि इस बड़े सम्मेलन के जरिए पार्टी देश के युवाओं को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि वह सड़क से लेकर संसद तक उनके हक के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी. धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग कांग्रेस नेता राहुल गांधी पेपर लीक से लेकर देश की शिक्षा व्यवस्था में कमियों के मुद्दे पर केंद्र प्रशासन को चौतरफा घेरने की तैयारी में हैं. इसके लिए वे देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र सम्मेलन करने जा रहे हैं. इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा शहर से होने जा रही है. हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस ने इसका पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है. कांग्रेस का यह छात्र सम्मेलन पेपर लीक से लेकर शिक्षा व्यवस्था के हत्यारे धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग के मुद्दे पर है. इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग की जा रही है. फोटो पर क्लिक कर रजिस्टर करें बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें किन-किन शहरों में कब होंगे राहुल गांधी के कार्यक्रम राहुल गांधी के छात्र सम्मेलनों की तारीखें सामने आ चुकी हैं. सबसे पहले 17 जून को कोटा में कार्यक्रम होगा. इसके बाद 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में और फिर अगले ही दिन 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना में यह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इस अभियान का आखिरी पड़ाव 14 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में होगा. कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों के इस बड़े आंदोलन को एक नारा दिया है जो है ‘JOBS. JUSTICE. ACCOUNTABILITY.’ यानी रोजगार, न्याय और जवाबदेही. युवाओं को अपने पाले में लाने की रणनीति कांग्रेस इस छात्र सम्मेलन के जरिए देश के युवा वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने की बड़ी तैयारी में है. ऐसा माना जा रहा है कि राहुल गांधी पटना की धरती से ही केंद्र प्रशासन के खिलाफ नीट और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार के हजारों शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, प्रशासन ने जारी किए 999.84 करोड़, जल्द होगा बकाया भुगतान बिहार में ऐसे वाहन मालिक हो जाएं सावधान, शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान, एक्शन की तैयारी The post NEET पेपर लीक पर बिहार से हुंकार भरेंगे राहुल गांधी, इस दिन आएंगे पटना appeared first on Naya Vichar.

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चीन में सड़क पर भीख मांगता दिखा रोबोट, वायरल वीडियो देखकर लोग बोले- अब ये नौकरी भी गई

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की दुनिया हर दिन नए प्रयोगों से लोगों को चौंका रही है. लेकिन हाल ही में चीन से सामने आया एक वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. वीडियो में एक ह्यूमनॉइड रोबोट सड़क किनारे घुटनों के बल बैठा दिखाई देता है और उसके सामने एक प्लेट, बैग और डिजिटल पेमेंट के लिए क्यूआर कोड रखा होता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह रोबोट राहगीरों की ओर प्लेट बढ़ाकर उनसे पैसे मांगता नजर आता है. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर मजेदार और दिलचस्प प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी है. वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की जिज्ञासा तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में रोबोट बिल्कुल इंसानों की तरह व्यवहार करता दिखाई देता है. सड़क से गुजर रहे लोग उसके पास रुकते हैं, कुछ देर उसे देखते हैं और फिर प्लेट में पैसे डालते हुए आगे बढ़ जाते हैं. रोबोट के सामने रखा क्यूआर कोड यह भी दिखाता है कि डिजिटल भुगतान का विकल्प भी मौजूद है. यही दृश्य इंटरनेट यूजर्स के लिए कौतूहल का कारण बन गया है. कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर यह तकनीकी प्रदर्शन है, साेशल एक्सपेरिमेंट है या फिर लोगों का ध्यान खींचने का कोई नया तरीका. एआई और रोबोटिक्स को लेकर फिर शुरू हुई बहस वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर एआई और रोबोट्स के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा शुरू हो गई है. पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां मशीनें इंसानों द्वारा किए जाने वाले कई कामों को संभालने लगी हैं. ऐसे में इस वीडियो ने लोगों को मजाकिया अंदाज में ही सही, लेकिन भविष्य को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया. कई यूजर्स का कहना है कि अगर रोबोट हर क्षेत्र में पहुंच गए तो इंसानों के लिए रोजगार के अवसर और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. Robots are already out on the streets asking for money in China pic.twitter.com/IYg7dVSN1V — Eren Chen (@ErenChenAI) June 11, 2026 चीन में भीख मांगता रोबोट / एक्स पोस्ट सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ वायरल क्लिप पर लोगों ने मजाकिया कमेंट्स किए हैं. किसी ने लिखा कि अब रोबोट भिखारियों की जगह भी लेने लगे हैं, तो किसी ने कहा कि फिलहाल यह रोबोट प्यारा लग रहा है, लेकिन आने वाले वर्षों में तस्वीर अलग हो सकती है. कुछ यूजर्स ने मजाक में लिखा कि पहले एआई ने ऑफिस की नौकरियों को चुनौती दी और अब सड़क किनारे मिलने वाले कामों पर भी नजर डाल रहा है. वहीं, कई लोगों ने इसे तकनीक और इंसानी भविष्य को लेकर एक व्यंग्यात्मक तस्वीर बताया. तकनीक के प्रदर्शन या सामाजिक संदेश? हालांकि वीडियो का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसने यह जरूर दिखा दिया है कि रोबोटिक्स अब सिर्फ फैक्ट्री या लैब तक सीमित नहीं रही. ह्यूमनॉइड रोबोट्स को आम लोगों के बीच लाने के लिए दुनिया भर में कई तरह के सार्वजनिक प्रयोग किए जा रहे हैं. ऐसे वीडियो अक्सर तकनीकी क्षमता दिखाने, लोगों की प्रतिक्रिया समझने या किसी सामाजिक संदेश को रोचक तरीके से पेश करने के लिए भी बनाए जाते हैं. यही वजह है कि यह वीडियो केवल मनोरंजन का विषय नहीं बना, बल्कि तकनीक और भविष्य को लेकर चर्चा का केंद्र भी बन गया. क्या कहता है यह वायरल वीडियो? चीन से सामने आया यह अनोखा वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि एआई और रोबोटिक्स का विकास कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है. भले ही यह एक प्रदर्शन या मजाकिया प्रयोग हो, लेकिन इसने लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. साथ ही यह सवाल भी छोड़ गया है कि आने वाले वर्षों में इंसानों और मशीनों के बीच काम का संतुलन आखिर कैसा दिखाई देगा. यह भी पढ़ें: EV स्कूटर से बंदे ने बदली किस्मत, ₹45 हजार महीना कमाई की कहानी वायरल यह भी पढ़ें: अब कैमरे के सामने आने की जरूरत नहीं! Google Gemini का नया AI Avatar आपके लिए बनाएगा वीडियो The post चीन में सड़क पर भीख मांगता दिखा रोबोट, वायरल वीडियो देखकर लोग बोले- अब ये नौकरी भी गई appeared first on Naya Vichar.

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खामेनेई की मौत से डरे पुतिन! इजरायल की कारिस्तानी ने रूस को जगाया, इंटरनेट से कटा क्रेमलिन का नेटवर्क

Putin Security AI Threat: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक निगरानी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल ने रूस की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इसी चिंता के बीच क्रेमलिन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके शीर्ष सहयोगियों की सुरक्षा से जुड़े एक विशेष निगरानी तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, संभावित साइबर घुसपैठ और एआई आधारित ट्रैकिंग के खतरे को देखते हुए इस सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद किया गया और बाद में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के साथ दोबारा सक्रिय किया गया. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 8 जून को क्रेमलिन ने राष्ट्रपति पुतिन और वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष निगरानी नेटवर्क के कुछ हिस्सों पर प्रतिबंध लगा दिया था. रिपोर्ट में कहा गया कि रूसी इंजीनियरों ने इस सीसीटीवी सिस्टम की जांच की. इसके बाद सुरक्षा खामियों को दूर करने के बाद उसे फिर से चालू किया , लेकिन इस बार कुछ अलग था.  सीसीटीवी नेटवर्क के इंटरनेट कनेक्शन को पूरे मॉस्को शहर के 30000 कैमरों से अलग करते हुए केवल क्रेमलिन और उसके जुड़े कैमरों से हटाया गया. ताकि कोई इसे हैक न कर सके.  रूसी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि एआई आधारित विश्लेषण उपकरणों का इस्तेमाल करके विदेशी खुफिया एजेंसियां वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियों, यात्रा कार्यक्रमों और बैठकों की जानकारी जुटा सकती हैं.  इजराइल-ईरान घटनाक्रम से बढ़ी रूस की चिंता मॉस्को की चिंता इसलिए बढ़ी, क्योंकि इजराइली खुफिया एजेंसियों ने फरवरी में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को निशाना बनाने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क में सेंध लगाई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल की एआई आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली “ब्रीफकैम” का इस्तेमाल कर लाखों घंटों के वीडियो फुटेज का विश्लेषण किया गया.  तेहरान और अन्य शहरों की सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा गतिविधियों के पैटर्न का अध्ययन किया गया. इसके बाद सटीक जानकारी के आधार पर ही अटैक किए गए. 28 फरवरी को इजरायल ने ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया, जिसमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई सैन्य अधिकारी भी अलग-अलग जगह मारे गए.  रूसी सर्वरों पर मिला वही सॉफ्टवेयर  रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) को आशंका है कि इसी तरह की तकनीक का इस्तेमाल रूसी नेतृत्व की निगरानी के लिए भी किया जा सकता है. रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि जिस ब्रीफकैम सॉफ्टवेयर का नाम ईरान से जुड़ी घटनाओं में सामने आया था, उसके कुछ अंश रूसी सर्वरों पर भी पाए गए. इसके अलावा यूक्रेन द्वारा पहले निगरानी कैमरों और मोबाइल डेटा का उपयोग सैन्य लक्ष्यों की पहचान के लिए किए जाने की घटनाओं ने भी रूसी एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दीं. वहीं हाल के दिनों में रूस के टॉप जनरल की भी गाड़ी में हुए ब्लास्ट के दौरान मौत हुई है. लेकिन यह अकेली घटना नहीं थी, इसी तरह या इससे मिलती जुलते अटैक में कुछ सैन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं. इसी वजह से क्रेमलिन ने अपने सुरक्षा ढांचे की समीक्षा शुरू की. विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने की कोशिश रूस यूक्रेन युद्ध के बाद से विदेशी तकनीकी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने की नीति पर काम कर रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि मॉस्को अब निगरानी प्रणालियों को केवल सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि संभावित कमजोरी के रूप में भी देखने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, एफएसबी प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निगरानी कैमरा प्रणालियों में मौजूद सॉफ्टवेयर कमजोरियों या बैकडोर का इस्तेमाल विदेशी एजेंसियां कर सकती हैं. ये भी पढ़ें:- क्या यूएई ने 3000000000 डॉलर ईरान भेजे? दावा- अमेरिकी जहाज तेहरान में हुए लैंड, दुबई से आया ये जवाब ये भी पढ़ें:- कौन से यूरोपीय देश पाकिस्तान को देते हैं हथियार? जिससे हिंदुस्तान पर हुए हमले; जयशंकर ने उठाए सवाल घंटों का काम सेकेंड्स में कर रहा है एआई फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) निगरानी तकनीक में बड़ा बदलाव ला रहा है. पहले जहां वीडियो विश्लेषण मुख्य रूप से चेहरे, वाहन या लाइसेंस प्लेट की पहचान तक सीमित था, वहीं अब एआई विशाल वीडियो डेटाबेस में किसी व्यक्ति के व्यवहार और गतिविधियों की भी खोज कर सकता है. साधारण भाषा में दिए गए निर्देशों के आधार पर एआई हजारों घंटों के फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों को खोजने में सक्षम है.  आधुनिक एआई केवल सीसीटीवी फुटेज तक सीमित नहीं है. यह सोशल मीडिया गतिविधियों, संचार रिकॉर्ड, स्मार्ट डिवाइस डेटा और यात्रा संबंधी जानकारी को जोड़कर किसी व्यक्ति की दिनचर्या, संपर्कों और गतिविधियों का विस्तृत डिजिटल प्रोफाइल तैयार कर सकता है. लक्ष्य की पहचान होने के बाद एआई उसके महीनों पुराने रिकॉर्ड को भी तेजी से व्यवस्थित कर एक तरह की डिजिटल फाइल बना सकता है. The post खामेनेई की मौत से डरे पुतिन! इजरायल की कारिस्तानी ने रूस को जगाया, इंटरनेट से कटा क्रेमलिन का नेटवर्क appeared first on Naya Vichar.

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जोरहाट विमान हादसा: वायुसेना का AN-32 क्रैश, 5 जवानों ने गंवाई जान

Assam Jorhat Aircraft Accident: IAF अधिकारी ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए कहा- असम के जोरहाट एयर बेस पर AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से हिंदुस्तानीय वायु सेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई है. को-पायलट बच गए हैं और उनका इलाज चल रहा है. हिंदुस्तानीय वायु सेना ने क्रैश की वजह का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं. हादसे में शहीद होने वाले जवान IAF ने बताया, स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. Indian Air Force (IAF) deeply regrets the loss of five personnel in the An-32 accident at Jorhat, Assam. Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma, Agniveervayu Khemaram Kumawat and Agniveervayu Danish Alam made the supreme sacrifice in the line of duty,… pic.twitter.com/OdZnmoxYiW — ANI (@ANI) June 13, 2026 विमान हादसे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया दुख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, असम के जोरहाट में An-32 विमान दुर्घटना में पांच वायु सैनिकों की मौत से मुझे गहरा दुख हुआ है. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने अपनी ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. देश उनके साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है. Defence Minister Rajnath Singh tweets, “Deeply anguished by the loss of five Air Warriors in the An-32 accident at Jorhat, Assam. Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma, Agniveervayu Khemaram Kumawat and Agniveervayu Danish Alam made the supreme… pic.twitter.com/GxflA8zWRV — ANI (@ANI) June 13, 2026 AN-32 पिछले 40 सालों से भर रहा हिंदुस्तानीय वायु सेना में उड़ान AN-32 विमान हादसे पर एयर मार्शल संजीव कपूर (रिटायर्ड) ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा- असली वजह तभी पता चलेगी जब और जानकारी सामने आएगी या कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की डिटेल्स सार्वजनिक की जाएंगी. AN-32 एक बहुत सुरक्षित विमान है जो पिछले 40 सालों से हिंदुस्तानीय वायु सेना में उड़ान भर रहा है. यह उत्तर में सियाचिन, लेह, लद्दाख और ड्रॉप जोन में काम करने वाले ट्रांसपोर्ट बेड़े की रीढ़ रहा है. यह अंडमान और निकोबार में समुद्र के ऊपर और लक्षद्वीप और पोर्ट ब्लेयर जैसे हमारे द्वीपीय इलाकों में भी काम करता रहा है. यह दक्षिण-पश्चिमी एयर कमांड के रेगिस्तानी इलाकों में भी काम करता रहा है. यह हमारे तटीय इलाकों में समुद्री भूमिकाओं में भी काम करता रहा है. कुल मिलाकर, चाहे पैरा-जंपिंग हो, हमला हो, लोगों को सुरक्षित निकालना हो, स्पेशल ऑपरेशन हो या सामान्य कम्युनिकेशन, ये विमान हिंदुस्तानीय वायु सेना के लिए हर कसौटी पर खरे उतरे हैं. इन्हें अपग्रेड किया गया है. पुराने होने के बावजूद ये बिल्कुल अच्छी हालत में हैं. The post जोरहाट विमान हादसा: वायुसेना का AN-32 क्रैश, 5 जवानों ने गंवाई जान appeared first on Naya Vichar.

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दिऊड़ी मंदिर पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, राज्य के समृद्धि के लिए की प्रार्थना

शुभम हल्दार की रिपोर्ट  Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ रांची-टाटा मुख्य मार्ग के तमाड़ स्थित प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दिऊड़ी मंदिर पहुंचे. मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति, समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की. मंदिर के वरिष्ठ पुजारी मनोज पंडा द्वारा पूजा अर्चना संपन्न कराया गया. मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए रांची जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई थी. मुख्यमंत्री ने मां दिऊड़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी का मंदिर समिति के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया. इसके बाद दोनों ने मां दिऊड़ी के दरबार में माथा टेककर विशेष पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों के सुखद भविष्य, विकास और खुशहाली की कामना की. कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान रांची उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी और बुंडू अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे.  शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ कार्यक्रम अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया.मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल देखा गया. सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई थी. हालांकि पूजा-अर्चना के बाद स्थिति सामान्य कर दी गई. दिऊड़ी मंदिर झारखंड का प्रमुख धार्मिक स्थल दिऊड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है. राज्य के कई जनप्रतिनिधि, मंत्री और आम श्रद्धालु समय-समय पर यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी पूर्व में कई अवसरों पर इस मंदिर में दर्शन-पूजन कर चुके हैं. मुख्यमंत्री का दौरा आस्था और विकास के प्रति का प्रतीक मुख्यमंत्री के इस दौरे को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राज्य की खुशहाली और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर किए गए सुरक्षा इंतजामों के बीच उनका यह दौरा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. यह भी पढ़ें: झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बारिश में नहीं रुकेगा सफर, NHAI ने शुरू किया ड्रेनेज सफाई का विशेष अभियान यह भी पढ़ें: Dhanbad: युवा संगम में मध्य प्रदेश का 56 सदस्यीय दल पहुंचा IIT धनबाद, झारखंड की संस्कृति से हुए रू-ब-रू The post दिऊड़ी मंदिर पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, राज्य के समृद्धि के लिए की प्रार्थना appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस रेड से बौखलाए अभिषेक ने मीडिया से कहा-मैं कुछ छिपा रहा हूं तो तलाशी लेने वालों से पूछिए

Abhishek Banerjee : टीएमसी के नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को अपने घर पर देर रात हुई रेड पर नाराजगी जताई. उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि क्या मैं कुछ छिपा रहा हूं. मेरे घर के एक-एक कमरे की तलाशी ली गई है. अभिषेक ने कहा- वे ताला तोड़कर घर में घुसे बंगाल पुलिस और केंद्रीय बलों की रेड के बारे में पूछे गए सवालों से नाराज होकर अभिषेक ने मीडियाकर्मियों से कहा किआप इंवेस्टिगेशन एजेंसियों से सर्च के बारे में पूछ सकते हैं, क्या मैंने अंदर कुछ छिपाया है? उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उनके घर का ताला तोड़ा, घर में घुसे और हर कमरे की तलाशी ली. वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में यह तलाशी ली गई है. जब मीडिया कर्मियों ने पूछा कि क्या आपने सुमित रॉय को अपने घर पर छिपा रखा है, तो उन्होंने कहा कि पुलिस ने हर कमरे की तलाशी ली है, आप उनसे पूछिए. VIDEO | Kolkata: TMC leader Abhishek Banerjee reacts over ED raids at his residence. In a predawn raid certain to deepen the political faultlines in West Bengal, police personnel, accompanied by central forces, searched TMC MP Abhishek Banerjee’s residence for more than four… pic.twitter.com/H3iKwOzif6 — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 अभिषेक के घर तलाशी से बंगाल में बढ़ा नेतृत्वक तापमान अभिषेक के कालीघाट स्थित घर पर सुबह-सुबह पुलिस की कार्रवाई के बाद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी जल्दबाजी में वहां पहुंची. इससे नेतृत्वक अटकलें तेज हो गईं और पार्टी पर दबाव बढ़ गया, जो पहले से ही कानूनी लड़ाइयों, अंदरूनी बगावत और विधानसभा चुनाव में हार के नतीजों का सामना कर रही है. पुलिस कर्मी चार घंटे से अधिक समय तक उनके घर की तलाशी लेते रहे. इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पुलिस एक्शन की आलोचना की. पार्टी की ओर से एक्स पर लिखा गया कि यह नेतृत्वक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है और प्रदेश में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. पार्टी के नेता कीर्ति आजाद ने इसे घिनौनी नेतृत्व करार दिया. उन्होंने कहा कि सुबह तीन बजे पुलिस पहुंचती है और ताला तोड़कर सर्च करती है, मिलता कुछ नहीं है. यह कितनी गंदी नेतृत्व है इसे पूरा देश देख रहा है. VIDEO | Delhi: On raid at TMC MP Abhishek Banerjee’s residence, party MP Kirti Azad (@KirtiAzaad) says, “It clearly shows how full of contradictions and double standards the Bharatiya Janata Party is. At 3:00 AM, the Bengal Police arrived at Abhishek Banerjee’s house. At 5:00 AM,… pic.twitter.com/T4i0ecx5P6 — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 ये भी पढ़ें : पुलिस ने तोड़ा अभिषेक बनर्जी के घर का ताला, तलाशी के बाद TMC ने पूछा- कुछ मिला क्या? जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम मोदी फ्रांस रवाना, एक सप्ताह की यात्रा में स्लोवाकिया भी जाएंगे The post पुलिस रेड से बौखलाए अभिषेक ने मीडिया से कहा-मैं कुछ छिपा रहा हूं तो तलाशी लेने वालों से पूछिए appeared first on Naya Vichar.

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