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IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: बांग्लादेश का गिरा दूसरा विकेट, दिलारा अख्तर 21 रन बनाकर आउट

स्त्री एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला है. हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन ग्रुप स्टेज में शानदार रहा है. देखें मैच की लाइव कवरेज. The post IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: बांग्लादेश का गिरा दूसरा विकेट, दिलारा अख्तर 21 रन बनाकर आउट appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Episode 4 Live: रूम नंबर 20 का खुला राज, कनिका की एक लाइफ भी छिनी

बिग बॉस 20 के चौथे एपिसोड में घर का माहौल कई ट्विस्ट और ड्रामे से भरा रहा. कैप्टेंसी टास्क से लेकर घरवालों के बीच बदलते समीकरणों तक, कंटेस्टेंट्स के अलग-अलग रंग देखने को मिले. इस दौरान जहां कुछ रिश्ते मजबूत होते नजर आए, वहीं कुछ कंटेस्टेंट्स के बीच तनाव भी बढ़ा. घर की नेतृत्व, गेम प्लान और कैप्टेंसी की रेस ने पूरे एपिसोड को काफी दिलचस्प बना दिया. The post Bigg Boss 20 Episode 4 Live: रूम नंबर 20 का खुला राज, कनिका की एक लाइफ भी छिनी appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ में संजय निषाद का धरना, पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर पुलिस को अल्टीमेटम, मुकेश सहनी और राजपाल कश्यप भी पहुंचे

UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित परसपुर थाना क्षेत्र में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता विनोद कुमार साहनी (45) की हत्या के बाद मामला गरमा गया है. बुधवार रात धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल विनोद को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था. हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया, जहां गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. विनोद की मौत की समाचार मिलते ही निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश प्रशासन में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद केजीएमयू पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ता की मौत पर नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और न्याय की मांग को लेकर लखनऊ स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए. मुकेश सहनी और राजपाल कश्यप भी पहुंचे विनोद निषाद की मौत के बाद लखनऊ में चल रहे धरने में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और सपा नेता राजपाल कश्यप के भी पहुंचने की जानकारी है. दोनों नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर संजय निषाद से मुलाकात की और कार्यकर्ता की मौत पर अपनी संवेदना जताई। इस दौरान घटना को लेकर नाराजगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सामने आई. धरने में दोनों नेताओं की मौजूदगी से मामले को लेकर नेतृत्वक हलचल भी बढ़ गई. दुकान बंद कर घर लौट रहे थे विनोद विनोद कुमार साहनी गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे. बुधवार रात करीब आठ बजे वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और 5-7 अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने धारदार हथियारों से विनोद पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल विनोद को परिजन तत्काल परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. गोंडा से केजीएमयू लाए गए, नहीं बच सकी जान विनोद की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया. वहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमयू भेजा गया. करीब एक दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद गुरुवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया. विनोद की मौत की सूचना मिलने के बाद मंत्री संजय निषाद केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए न्याय की मांग की. संजय निषाद ने SHO और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की संजय निषाद ने गोंडा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परसपुर थाना अध्यक्ष और शाहपुर चौकी प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की. मंत्री ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विनोद के परिजनों के बयान के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. कार्रवाई नहीं हुई तो गोंडा में घेराव की चेतावनी यूपी के मंत्री संजय निषाद ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त नहीं किया गया तो 11 सितंबर को गोंडा पहुंचकर एसपी कार्यालय और आवास का घेराव किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विनोद को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी. तीन नामजद समेत 5-7 अज्ञात पर केस पुलिस के मुताबिक, मामले में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं. पुलिस घटना के कारणों और हमले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: UP Election 2027: बीजेपी में 100 से ज्यादा विधायकों के टिकट पर संकट? 2024 के झटके के बाद पार्टी का बड़ा रिस्क फैक्टर प्लान The post लखनऊ में संजय निषाद का धरना, पार्टी कार्यकर्ता की हत्या पर पुलिस को अल्टीमेटम, मुकेश सहनी और राजपाल कश्यप भी पहुंचे appeared first on Naya Vichar.

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Astro Special: क्या होता है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों

Astro Special: वैदिक ज्योतिष में गंडांत और संधि महत्वपूर्ण संधिकालों से जुड़े विषय हैं. जब एक स्थिति समाप्त होकर दूसरी शुरू होती है, तो वह समय संक्रमण का होता है. ज्योतिष में ऐसे समय का विशेष रूप से जन्म, विवाह, यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के संदर्भ में विचार किया गया है. गंडांत जल और अग्नि तत्व वाली राशियों के बीच बनने वाला एक विशेष संधिकाल है. इन बिंदुओं पर होने वाले परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील माना गया है और इन्हें मानसिक तनाव, अचानक बदलाव या जीवन में आने वाली बाधाओं से भी जोड़ा है. एस्ट्रोलॉजी स्पेशल के पहली कड़ी में ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे ज्योतिष में गंडांत के महत्व को जानिए. ज्योतिष में क्या होता है संधि काल संधि का अर्थ है दो अवस्थाओं के बीच का जोड़ या संक्रमण. यह राशियों, तिथियों और अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के बीच हो सकती है. संधि के समय एक अवस्था का प्रभाव समाप्त होता है और दूसरी अवस्था का प्रभाव शुरू होता है. गंडांत के तीन मुख्य प्रकार ज्योतिष में गंडांत के तीन प्रमुख प्रकार बताए गए हैं. तिथि गंडांत नक्षत्र गंडांत लग्न गंडांत क्या होता है तिथि गंडांत? तिथि गंडांत 5वीं–6वीं, 10वीं–11वीं और 15वीं–1वीं तिथि के संधिकाल से संबंधित है. इसके अनुसार 5वीं, 10वीं और 15वीं तिथि के अंतिम 24 मिनट तथा 1वीं, 6वीं और 11वीं तिथि के शुरुआती 24 मिनट को जोड़ा जाता है. इस तरह इन तिथियों के बीच कुल 48 मिनट का गंडांत क्षेत्र बनता है. ये भी पढ़ें: Budhaditya Rajyog: बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता, इन 5 राशि के जातकों का होगा भाग्योदय नक्षत्र गंडांत क्या होता है, कैसे बनता है नक्षत्र गंडांत इन तीन नक्षत्र-संधियों पर बनता है. • रेवती- अश्विनी • आश्लेषा- मघा • ज्येष्ठा- मूल रेवती, आश्लेषा और ज्येष्ठा के अंतिम 48 मिनट तथा अश्विनी, मघा और मूल के शुरुआती 48 मिनट को नक्षत्र गंडांत के अंतर्गत रखा है. तीनों में नक्षत्र गंडांत को विशेष महत्व दिया गया है. ज्येष्ठा-मूल की संधि का संबंध अभुक्त मूल से भी है. अभुक्त मूल की अवधि को लेकर अलग-अलग आचार्यों के मत उपलब्ध हैं, इसलिए इसकी गणना में संबंधित परंपरा का विचार किया जाता है. लग्न गंडांत क्या होता है लग्न गंडांत इन राशि-संधियों पर देखा जाता है- • कर्क- सिंह • वृश्चिक-धनु • मीन- मेष नोट- कर्क, वृश्चिक और मीन के अंतिम 12 मिनट तथा सिंह, धनु और मेष के शुरुआती 12 मिनट इसमें शामिल होते हैं. प्रत्येक राशि-संधि का कुल गंडांत क्षेत्र 24 मिनट का होता है. ये भी पढ़ें: Astro Tips: रात का बचा गूंथा आटा अगले दिन इस्तेमाल करते हैं? राहु-शनि से जुड़ी ये मान्यता जान लें गंडांत में सावधानी ज्योतिषीय परंपरा में जन्म, विवाह, यात्रा, व्रत और महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए गंडांत काल से बचने की सलाह दी गई है. किसी कुंडली में गंडांत की स्थिति मिलने पर केवल इसी आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. ग्रहों की स्थिति, उनका बल, दशा और अन्य योगों को भी साथ में देखना चाहिए. शास्त्रीय मत के अनुसार बलवान गुरु लग्न गंडांत के प्रभाव को तथा बलवान चंद्रमा तिथि गंडांत के प्रभाव को कम कर सकता है. गंडांत और संधि को समझने के लिए इनके विभिन्न प्रकार, उनकी अवधि और कुंडली में ग्रहों की स्थिति इन सभी पहलुओं को साथ लेकर चलना जरूरी है. गंडांत के प्रभाव और उनसे जुड़े उपायों पर विस्तार से चर्चा हम अपने अगले लेख में करेंगे. तब तक इस विषय के अगले भाग के लिए जुड़े रहिए. – काशी से ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे The post Astro Special: क्या होता है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों appeared first on Naya Vichar.

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सुजुकी ई-एक्सेस की वो 5 खासियत, जो इसे फैमिली यूज के लिए बनाते हैं परफेक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर

सुजुकी ई-एक्सेस हिंदुस्तानीय बाजार में एक भरोसेमंद इलेक्ट्रिक फैमिली स्कूटर के रूप में आई है. यह स्कूटर अपने सुरक्षित डिजाइन, टिकाऊ एलएफपी बैटरी और आरामदायक राइडिंग के लिए जाना जाता है. घर के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, यह हर उम्र के सदस्य के लिए बेहद आसान और उपयोगी ऑप्शन साबित होता है. इसकी एक्स शोरूम कीमत 1.88 लाख रुपये रखी गई है. सुजुकी ई-एक्सेस: सुरक्षित और टिकाऊ LFP बैटरी फैमिली के लिए सेफ्टी सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसमें 3.07 kWh की एलएफपी (LFP) तकनीक वाली बैटरी दी गई है जो अन्य बैटरी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और लंबी लाइफ देती है. यह एक बार फुल चार्ज होने पर 95 किमी तक की रेंज देती है, जो शहर में रोजाना की पारिवारिक जरूरतों के लिए काफी है. सुजुकी ई-एक्सेस: आरामदायक सीट और आसान राइडिंग इस स्कूटर में चौड़ी और लंबी सीट मिलती है जिससे राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों को पूरा आराम मिलता है. इसकी सीट की ऊंचाई 765 mm है, जिससे घर के बुजुर्ग और स्त्रीएं आसानी से चढ़ और उतर सकती हैं. साथ ही इसमें रिवर्स मोड भी है जिससे पार्किंग करना काफी आसान हो जाता है. ये भी पढ़ें: न स्कूटर, न कार… 3 पहियों वाली ये नई EV देती है 100Km की रेंज, जानें BeiGo X4 की कीमत और खासियत सुजुकी ई-एक्सेस: तीन अलग राइडिंग मोड़  सुजुकी ई-एक्सेस में तीन ड्राइविंग मोड – Eco, Ride A और Ride B दिए गए हैं. परिवार का कोई भी सदस्य अपनी सुविधा और ट्रैफिक के हिसाब से स्पीड चुन सकता है. इसकी टॉप-स्पीड 71 किमी प्रति घंटा है, जो शहर के इस्तेमाल के लिए काफी सुरक्षित और बेहतर मानी जाती है. ये भी पढ़ें: हेलमेट, बैग और ग्रॉसरी… सब समा जाएगा, 70 लीटर बूट स्पेस के साथ नई इलेक्ट्रिक स्कूटर की हुई एंट्री सुजुकी ई-एक्सेस: स्मार्ट टीएफटी कंसोल और कनेक्टिविटी स्कूटर में 4.2-इंच का डिजिटल टीएफटी डिस्प्ले मिलता है. इसे ब्लूटूथ से कनेक्ट करके टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट देखे जा सकते हैं. अनजान रास्तों पर सफर करते समय परिवार के लोग बिना भटके आसानी से मंजिल तक पहुंच सकते हैं. सुजुकी ई-एक्सेस: मजबूत बॉडी और सुरक्षित ब्रेकिंग इसका कुल वजन 122 किलोग्राम है जिससे सड़क पर इसकी राइडिंग काफी स्थिर रहती है. सुरक्षा के लिए इसमें फ्रंट डिस्क ब्रेक और कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) दिया गया है. इसके अलावा टिप-ओवर सेंसर जैसे सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं जो स्कूटर गिरने पर मोटर बंद कर देते हैं.  The post सुजुकी ई-एक्सेस की वो 5 खासियत, जो इसे फैमिली यूज के लिए बनाते हैं परफेक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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भारत को तोड़ने की बात करने वालों के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे : शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के कैंपस में कथित देशविरोधी और विवादित नेतृत्वक नारों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्रविरोधी ताकतों’ की पैरवी करने वालों का ‘इलाज’ करना जरूरी हो गया है. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर कैंपस में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाये गये, तो प्रशासन महात्मा गांधी की नहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भाषा में जवाब देगी. जादवपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रविरोधी ताकतों के हिमायतियों का इलाज करना होगा जादवपुर यूनिवर्सिटी में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी छात्रों का ब्रेनवॉश कर रहीं हैं कुछ ताकतें : सीएम विश्वविद्यालय के शिक्षकों के ट्रांसफर से संबंधित विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा- हिंदुस्तान को तोड़ने की बात करने वालों के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे. उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जायेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें छात्रों का ब्रेनवॉश कर रही हैं. ऐसे लोगों की पहचान की जा चुकी है. सीएम ने कहा कि कार्रवाई केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. छात्रों को प्रभावित करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. किशनजी के समर्थन और ‘फ्री फिलीस्तीन’ का जिक्र मुख्यमंत्री ने जेयू कैंपस में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ के साथ ‘कॉमरेड किशनजी को लाल सलाम’ जैसे नारों का उल्लेख किया. कला विभाग की दीवारों पर ‘फ्री फिलीस्तीन’ लिखे जाने का भी मामला उन्होंने उठाया. सीएम ने कहा- बदतमीजी की भी सीमा होती है. उन्होंने कहा कि नक्सली किशनजी बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार था. ये भी पढ़ें: 25 लाख के इनामी माओवादी दंपती समेत 3 नक्सलियों ने कोलकाता में किया सरेंडर पूर्व कुलपति की हत्या की जांच के संकेत शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गोपाल सेन की वर्ष 1970 में हुई हत्या का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी, तो इस मामले में आयोग या समिति गठित करके पुराने इतिहास को सामने लाया जायेगा. बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने नक्सली विचारधारा की जड़ों को समाप्त करने के लिए इसे उचित समय बताया. ये भी पढ़ें: कोलकाता में शुभेंदु ने निकाली ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’, कहा- जादवपुर विवि से ‘कश्मीर मांगे आजादी’, ‘लाल सलाम’ वाली ताकतों को उखाड़ फेंकेंगे नये विश्वविद्यालयों में भेजे जायेंगे अनुभवी शिक्षक मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय शिक्षकों के अंतर-विश्वविद्यालय तबादले से जुड़े संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि अनुभवी शिक्षकों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल नये विश्वविद्यालयों को मजबूत करने में किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य संस्थानों की स्वायत्तता और प्रशासन के प्रति जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना है. ये भी पढ़ें: अगर ‘आजादी’ कहेंगे तो केस होगा, ‘कश्मीर मांगे आजादी’ कहेंगे तो गिरफ्तारी होगी : शुभेंदु अधिकारी The post हिंदुस्तान को तोड़ने की बात करने वालों के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे : शुभेंदु अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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Astro Special: क्या है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों

Astro Special: वैदिक ज्योतिष में गंडांत और संधि महत्वपूर्ण संधिकालों से जुड़े विषय हैं. जब एक स्थिति समाप्त होकर दूसरी शुरू होती है, तो वह समय संक्रमण का होता है. ज्योतिष में ऐसे समय का विशेष रूप से जन्म, विवाह, यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के संदर्भ में विचार किया गया है. गंडांत जल और अग्नि तत्व वाली राशियों के बीच बनने वाला एक विशेष संधिकाल है. इन बिंदुओं पर होने वाले परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील माना गया है और इन्हें मानसिक तनाव, अचानक बदलाव या जीवन में आने वाली बाधाओं से भी जोड़ा है. एस्ट्रोलॉजी स्पेशल के पहली कड़ी में ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे ज्योतिष में गंडांत के महत्व को जानिए. ज्योतिष में क्या होता है संधि काल संधि का अर्थ है दो अवस्थाओं के बीच का जोड़ या संक्रमण. यह राशियों, तिथियों और अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के बीच हो सकती है. संधि के समय एक अवस्था का प्रभाव समाप्त होता है और दूसरी अवस्था का प्रभाव शुरू होता है. गंडांत के तीन मुख्य प्रकार ज्योतिष में गंडांत के तीन प्रमुख प्रकार बताए गए हैं. तिथि गंडांत नक्षत्र गंडांत लग्न गंडांत क्या होता है तिथि गंडांत? तिथि गंडांत 5वीं–6वीं, 10वीं–11वीं और 15वीं–1वीं तिथि के संधिकाल से संबंधित है. इसके अनुसार 5वीं, 10वीं और 15वीं तिथि के अंतिम 24 मिनट तथा 1वीं, 6वीं और 11वीं तिथि के शुरुआती 24 मिनट को जोड़ा जाता है. इस तरह इन तिथियों के बीच कुल 48 मिनट का गंडांत क्षेत्र बनता है. ये भी पढ़ें: Budhaditya Rajyog: बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता, इन 5 राशि के जातकों का होगा भाग्योदय नक्षत्र गंडांत क्या होता है, कैसे बनता है नक्षत्र गंडांत इन तीन नक्षत्र-संधियों पर बनता है. • रेवती- अश्विनी • आश्लेषा- मघा • ज्येष्ठा- मूल रेवती, आश्लेषा और ज्येष्ठा के अंतिम 48 मिनट तथा अश्विनी, मघा और मूल के शुरुआती 48 मिनट को नक्षत्र गंडांत के अंतर्गत रखा है. तीनों में नक्षत्र गंडांत को विशेष महत्व दिया गया है. ज्येष्ठा-मूल की संधि का संबंध अभुक्त मूल से भी है. अभुक्त मूल की अवधि को लेकर अलग-अलग आचार्यों के मत उपलब्ध हैं, इसलिए इसकी गणना में संबंधित परंपरा का विचार किया जाता है. लग्न गंडांत क्या होता है लग्न गंडांत इन राशि-संधियों पर देखा जाता है- • कर्क- सिंह • वृश्चिक-धनु • मीन- मेष नोट- कर्क, वृश्चिक और मीन के अंतिम 12 मिनट तथा सिंह, धनु और मेष के शुरुआती 12 मिनट इसमें शामिल होते हैं. प्रत्येक राशि-संधि का कुल गंडांत क्षेत्र 24 मिनट का होता है. ये भी पढ़ें: Astro Tips: रात का बचा गूंथा आटा अगले दिन इस्तेमाल करते हैं? राहु-शनि से जुड़ी ये मान्यता जान लें गंडांत में सावधानी ज्योतिषीय परंपरा में जन्म, विवाह, यात्रा, व्रत और महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए गंडांत काल से बचने की सलाह दी गई है. किसी कुंडली में गंडांत की स्थिति मिलने पर केवल इसी आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. ग्रहों की स्थिति, उनका बल, दशा और अन्य योगों को भी साथ में देखना चाहिए. शास्त्रीय मत के अनुसार बलवान गुरु लग्न गंडांत के प्रभाव को तथा बलवान चंद्रमा तिथि गंडांत के प्रभाव को कम कर सकता है. गंडांत और संधि को समझने के लिए इनके विभिन्न प्रकार, उनकी अवधि और कुंडली में ग्रहों की स्थिति इन सभी पहलुओं को साथ लेकर चलना जरूरी है. गंडांत के प्रभाव और उनसे जुड़े उपायों पर विस्तार से चर्चा हम अपने अगले लेख में करेंगे. तब तक इस विषय के अगले भाग के लिए जुड़े रहिए. – काशी से ज्योतिषाचार्य पं. प्रशांत पांडे The post Astro Special: क्या है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों appeared first on Naya Vichar.

अपराध, ताजा ख़बर, समस्तीपुर

ह’थि’यार दिखाकर युवती से सा”मू’हिक दु”ष्क”र्म का आरोप, वीडियो बनाकर दी ध”म’की, पांच माह तक भय के कारण चुप रही पीड़िता, वीडियो सामने आने पर हुआ मामले का खुलासा

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के एक गांव में 19 वर्षीय युवती के साथ हथियार का भय दिखाकर सामूहिक दुष्कर्म करने और घटना का वीडियो बनाकर उसे व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना करीब पांच माह पुरानी बताई जा रही है। पीड़िता की मां के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी के अनुसार, 8 सितंबर को पीड़िता की मां के मोबाइल पर एक वीडियो आया। वीडियो में उनकी पुत्री के साथ दो युवक कथित रूप से दुष्कर्म करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो देखने के बाद मां ने बेटी से पूछताछ की। शुरुआत में युवती काफी भयभीत रही और कुछ बताने से इनकार करती रही। काफी समझाने के बाद उसने करीब पांच माह पहले हुई घटना की जानकारी अपनी मां को दी। पीड़िता ने बताया कि एक रात वह शौच के लिए गांव के एक खेत में गई थी। वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने कथित रूप से हथियार दिखाकर उसे डराया और जबरन पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा घटना का वीडियो भी बना लिया। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा तथा वीडियो प्रसारित कर दिया जाएगा। आरोप है कि इसी भय का फायदा उठाकर बाद में भी उसके साथ दुष्कर्म किया गया। परिवार की सुरक्षा को लेकर डरी युवती ने पांच माह तक घटना किसी को नहीं बताई। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: भारत का पहला विकेट गिरा, स्मृति मंधाना लौटी पवेलियन

स्त्री एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में आज हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला है. हिंदुस्तानीय टीम का प्रदर्शन ग्रुप स्टेज में शानदार रहा है. देखें मैच की लाइव कवरेज. The post IND W vs BAN W Asia Cup Live Score: हिंदुस्तान का पहला विकेट गिरा, स्मृति मंधाना लौटी पवेलियन appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AFG T20I Series: क्या रद्द हो जाएगा भारत-अफगानिस्तान का पहला मैच? DDCA ने दिया अपडेट

IND vs AFG 1st T20I: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले पहले टी20 मुकाबले को लेकर गुरुवार को संशय की स्थिति बन गई. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए मैच को किसी दूसरी तारीख पर कराने का अनुरोध किया था. हालांकि, अब दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने साफ कर दिया है कि मैच को स्थगित नहीं किया जा रहा है. हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार 13 सितंबर को ही स्पोर्ट्सा जाएगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उठाई आपत्ति दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS Leaders’ Summit का आयोजन होना है. इससे पहले 11 से 13 सितंबर के दौरान राजधानी में सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. विदेशी मेहमानों और वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के कारण कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित और डायवर्ट किया जाएगा. इसी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में हिंदुस्तान-अफगानिस्तान टी20 मुकाबला भी होना है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर मैच की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मैच के दौरान दर्शकों की आवाजाही से पैदा होने वाली अतिरिक्त चुनौती को भी ध्यान में रखा. DDCA ने क्या कहा? दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आपत्ति के बाद मैच को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि, DDCA और पुलिस के बीच हुई बातचीत के बाद स्थिति साफ हो गई है. DDCA ने स्पष्ट किया है कि मैच को स्थगित नहीं किया जा रहा है. पुलिस की ओर से जरूरी सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा मिलने के बाद मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार कराने का फैसला किया गया है. यानी हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 13 सितंबर को ही स्पोर्ट्सा जाएगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट 13 सितंबर को ही होगा पहला मुकाबला BCCI और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले ही पुष्टि कर चुके हैं कि दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 13 से 17 सितंबर तक दिल्ली में स्पोर्ट्सी जाएगी. पहला मुकाबला 13 सितंबर, दूसरा 15 सितंबर और तीसरा 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में होगा. फिलहाल पहले टी20 मुकाबले के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस को 13 सितंबर को ही हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीरीज का पहला मुकाबला देखने को मिलेगा. हिंदुस्तानीय टीम : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सेमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरूण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर अफगानिस्तान टीम: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, नूर रहमान, सेदिकुल्लाह अटल, दरवेश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नेब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांगयाल खरोटी, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी, अब्दुल्लाह अहमदजई और नवीन उल हक. रिजर्व खिलाड़ी: इजाज अहमदजई, शाहिदुल्लाह कमाल ओर फरीद अहमद मलिक. ये भी पढ़ें: Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे The post IND vs AFG T20I Series: क्या रद्द हो जाएगा हिंदुस्तान-अफगानिस्तान का पहला मैच? DDCA ने दिया अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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