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सोना हुआ ₹1,45,630 और चांदी ₹2,49,900, जानें 12 जून के लेटेस्ट रेट्स

Gold-Silver Price: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए राहत की समाचार है. 12 जून 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. खास बात यह है कि जून की शुरुआत के मुकाबले दोनों धातुओं के दाम काफी नीचे आ चुके हैं. हालांकि यहां दिए गए रेट पिछले क्लोजिंग सेशन और आज सुबह जारी हुए भाव के आधार पर हैं.   आज सोने का भाव कितना है? आज 24 कैरेट सोना 10 रुपये सस्ता होकर 1,45,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,33,490 रुपये प्रति 10 ग्राम है. कल के मुकाबले दोनों कैटेगरी में 10 रुपये की गिरावट आई है.  सोने का रेट (10 ग्राम): कैटेगरी आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट ₹1,45,630 ₹1,45,640 ₹10 घटा 22 कैरेट ₹1,33,490 ₹1,33,500 ₹10 घटा 18 कैरेट ₹1,09,220 ₹1,09,230 ₹10 घटा शहर अनुसार सोने के रेट (24 कैरेट/1 ग्राम): शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव पटना ₹14,568 ₹14,569 ₹1 घटा लखनऊ ₹14,578 ₹14,579 ₹1 घटा रांची ₹14,563 ₹14,564 ₹1 घटा दिल्ली ₹14,578 ₹14,579 ₹1 घटा मुंबई ₹14,563 ₹14,564 ₹1 घटा कोलकाता ₹14,563 ₹14,564 ₹1 घटा चेन्नई ₹14,727 ₹14,728 ₹1 घटा चांदी का भाव कितना रह गया? चांदी भी आज सस्ती हुई है. एक किलो चांदी का भाव 100 रुपये घटकर 2,49,900 रुपये पर पहुंच गया है.  पिछले कई दिनों से चांदी में लगातार नरमी देखने को मिल रही है.  चांदी का रेट: यूनिट आज का रेट कल का रेट बदलाव 10 ग्राम ₹2,499 ₹2,500 ₹1 घटा 100 ग्राम ₹24,990 ₹25,000 ₹10 घटा 1 किलो ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा शहर अनुसार 1 किलो चांदी का भाव: शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव पटना ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा लखनऊ ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा रांची ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा दिल्ली ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा मुंबई ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा कोलकाता ₹2,49,900 ₹2,50,000 ₹100 घटा चेन्नई ₹2,59,900 ₹2,60,000 ₹100 घटा आगे क्या संकेत मिल रहे हैं? इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है. अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चल रही चर्चा और ग्लोबल घटनाओं के असर से कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. फिलहाल घरेलू बाजार में दोनों धातुएं जून महीने के अपने सबसे निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रही हैं. ऐसे में खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय नजर रखने वाला जरूर है. ये भी पढ़ें: आज कहां सस्ता और कहां महंगा मिलेगा पेट्रोल-डीजल? देखें 12 जून की लेटेस्ट रेट लिस्ट  The post सोना हुआ ₹1,45,630 और चांदी ₹2,49,900, जानें 12 जून के लेटेस्ट रेट्स appeared first on Naya Vichar.

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राम चरण की ‘पेड्डी’ का दम बरकरार, आठवें दिन का कलेक्शन आया सामने

Peddi Box Office Collection Day 8: साउथ सुपरस्टार राम चरण की स्पोर्ट्स-एक्शन ड्रामा फिल्म ‘Peddi’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार चर्चा में बनी हुई है. रिलीज के आठवें दिन फिल्म की कमाई में पहले की तुलना में गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म मजबूत पकड़ बनाए रखने में सफल नजर आ रही है. अब फिल्म 200 करोड़ रुपये के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुकी है. हिंदुस्तान में 193 करोड़ के पार पहुंचा कलेक्शन Sacnilk के रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने आठवें दिन हिंदुस्तान में लगभग 6.30 करोड़ रुपये की नेट कमाई की. इसके साथ ही हिंदुस्तान में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 193.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन करीब 229.95 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. ओवरसीज में धीमी हुई रफ्तार, फिर भी जारी है कमाई विदेशी बाजार में फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी नजर आई. आठवें दिन फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में लगभग 0.60 करोड़ रुपये का कारोबार किया. इसके बाद फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 49.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं दुनियाभर में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन करीब 279.35 करोड़ रुपये हो चुका है. शुरुआती रिकॉर्ड के बाद दूसरे हफ्ते की चुनौती फिल्म ने पहले दिन शानदार शुरुआत करते हुए 51 करोड़ रुपये की नेट कमाई की थी. हालांकि दूसरे दिन इसकी कमाई में गिरावट देखने को मिली, लेकिन शुरुआती दिनों में फिल्म ने अच्छी पकड़ बनाए रखी. अब दूसरे सप्ताह में फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी होती दिख रही है. विवादों के बीच भी चर्चा में बनी फिल्म रिलीज के बाद फिल्म सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही. कुछ दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर अपनी राय जाहिर की. हालांकि इन चर्चाओं के बावजूद फिल्म की कमाई पर शुरुआती दौर में ज्यादा असर देखने को नहीं मिला. 1980 के दशक की कहानी लेकर आई ‘Peddi’ निर्देशक बुच्ची बाबू सना के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राम चरण, जाह्नवी कपूर, शिव राजकुमार, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म की कहानी ग्रामीण आंध्र प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है. यह भी पढ़ें: ‘जेलर 2’ में शाहरुख की जगह इस सुपरस्टार ने मारी बाजी, 40 साल बाद रजनीकांत संग दिखेगी जोड़ी The post राम चरण की ‘पेड्डी’ का दम बरकरार, आठवें दिन का कलेक्शन आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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जापानी कप्तान वातारू एंडो फीफा वर्ल्ड कप से बाहर, इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज के साथ ही जापानी फुटबॉल फैंस के लिए एक दिल तोड़ने वाली समाचार आई है. अपने पहले ही मैच से ठीक पहले जापान की टीम को सबसे बड़ा झटका लगा है. टीम के कप्तान और 33 वर्षीय स्टार मिडफील्डर वातारू एंडो पैर की गंभीर चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने फैंस को चौंकाते हुए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से अपने संन्यास का भी ऐलान कर दिया है. डायरेक्टर ने की पुष्टि जापान के नेशनल टीम डायरेक्टर मासाकुनी यामामोटो ने पुष्टि की है कि एंडो अपनी चोट से पूरी तरह उबर नहीं सके हैं. दरअसल, फरवरी के आखिर में उनके पैर की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से वह लगातार फिटनेस हासिल करने की कोशिश कर रहे थे. तमाम प्रयासों के बावजूद वह पूरी तरह मैच-फिट होने में नाकाम रहे. आइसलैंड के खिलाफ की थी वापसी की कोशिश एंडो ने अपनी फिटनेस साबित करने के लिए 31 मई को आइसलैंड के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में वापसी की थी. उन्होंने इस मुकाबले के पहले हाफ में हिस्सा भी लिया, लेकिन इसके बावजूद उनकी फिटनेस को लेकर संशय बना रहा. वर्ल्ड कप कैंप के दौरान भी वह बाकी टीम से अलग होकर अकेले ही ट्रेनिंग कर रहे थे. जापान के लिए बहुत बड़ा नुकसान वातारू एंडो जापान की टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने पूरे वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग अभियान में शानदार तरीके से टीम की कप्तानी की थी और मिडफील्ड में उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी. ऐसे में नीदरलैंड्स के खिलाफ बड़े मुकाबले से ठीक पहले उनका बाहर होना और संन्यास लेना जापान के विश्व कप अभियान के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक है. को इटाकुरा बने नए कप्तान जापान फुटबॉल संघ ने एंडो के बाहर होने के बाद टीम में बड़े बदलावों का ऐलान किया है. स्टार सेंटर-बैक को इटाकुरा को टीम का नया कप्तान नियुक्त किया गया है. इटाकुरा को कप्तानी का अनुभव है, वह इससे पहले मार्च में कोलंबिया के खिलाफ एक मुकाबले में टीम की कमान संभाल चुके हैं. वहीं, टीम में एंडो की जगह फॉरवर्ड शूटो माचिनो को शामिल किया गया है. वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद लिया बड़ा फैसला जापानी फुटबॉल टीम के कप्तान वातारू एंडो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है. वर्ल्ड कप से बाहर होने के तुरंत बाद उन्होंने यह भावुक ऐलान किया. एंडो ने कहा कि चोट से उबरने के बाद उन्होंने वापसी की पूरी कोशिश की थी, इसलिए उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है. उन्होंने माना कि वर्ल्ड कप न स्पोर्ट्स पाने का दर्द हमेशा रहेगा, लेकिन कतर वर्ल्ड कप के बाद बतौर कप्तान टीम को आगे ले जाने पर उन्हें गर्व है. एंडो ने कहा, “मौजूदा जापानी टीम बेहद मजबूत है। अब मैं मैदान पर तो नहीं, लेकिन एक फैन बनकर टीम को सपोर्ट करूँगा.” जापान के लिए 73 मैच स्पोर्ट्सने वाले एंडो के जाने के बाद, अब ग्रुप-एफ में मौजूद जापान की टीम नए कप्तान के साथ आगे का सफर तय करेगी. इसे भी पढ़े- मैक्सिको का विजयी आगाज़, पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका को दी शिकस्त The post जापानी कप्तान वातारू एंडो फीफा वर्ल्ड कप से बाहर, इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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CM सम्राट ने केंद्र से मांगी 18 हजार करोड़ की मदद, PM मोदी के सामने बिहार के विकास का बताया मास्टर प्लान

CM Samrat Chaudhary: बिहार के सीएम सम्राट चौधरी दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं. यह दौरा बिहार के विकास को लेकर बेहद खास माना जा रहा है. नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक हुई, जिसमें सीएम सम्राट ने बिहार के विकास मॉडल को रखा और भविष्य के रणनीतियों के बारे में जानकारी दी. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे. 18 हजार करोड़ रुपये की मांगी मदद सीएम सम्राट ने बैठक को संबोधित करते हुए केंद्र प्रशासन से बिहार के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने हर घर नल का जल कार्यक्रम में निवेश कर जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया है. कुछ कारणों से इस योजना के लिए केंद्र प्रशासन से मिलने वाली राशि नहीं मिल सकी. सीएम सम्राट चौधरी ने इस दौरान 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में संचालित योजनाओं के लिए पांच हजार करोड़ रुपये देने की मांग की. बिहार में चल रहे विकास योजनाओं को बताया बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हिंदुस्तान 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बिहार प्रशासन विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है. बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के क्षेत्र में 11,529 स्वीकृत सक्षम आंगनबाड़ियों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं बनी हैं. 8,400 आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के स्कूलों के साथ जोड़ा गया है. 34,682 केंद्रों को 500 मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक स्कूलों से संबद्ध किया गया है. इन सेक्टर्स में खर्च के लिए मांगी राशि सीएम सम्राट ने कौशल विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 750 करोड़ और जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल यूनिवर्सिटी के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता का अनुरोध किया. हिंदुस्तानीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा खोलने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा गया है. राज्य ने 2028 में नेशनल यूथ गेम्स, 2030 में हॉकी विश्व कप और 2031 में राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों की मेजबानी के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की मांग की है. पर्यटन क्षेत्र में विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास के साथ इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का अनुरोध किया गया. बिहार के स्कूलों में डिजिटल व्यवस्था बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के 76,202 प्रशासनी स्कूलों में से 91 प्रतिशत में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है. 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लास चल रही हैं. बालिका स्कूलों में शत-प्रतिशत शौचालय की व्यवस्था है. 15 से 19 साल के बच्चों को स्कूल से बाहर बिहार के ओपन स्कूल बोर्ड में नामांकित कर शिक्षा से जोड़ा जा रहा है. इन योजनाओं के बारे में भी दी जानकारी पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को ट्रनिंग दी गई. पटना में 640 करोड़ रुपये से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब बन रहा है. पीएम सेतु योजना से 75 आईटीआई संस्थानों के उन्नयन के लिए 3,615 करोड़ का प्रावधान. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर संस्थान, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना. Also Read: पटना जंक्शन समेत इन 10 स्टेशनों पर नई सुविधा, हावड़ा की तरह बनेगा कैब रोड The post CM सम्राट ने केंद्र से मांगी 18 हजार करोड़ की मदद, PM मोदी के सामने बिहार के विकास का बताया मास्टर प्लान appeared first on Naya Vichar.

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25 हजार शिक्षकों को राहत, JTET नियमों में बदलाव से बचेगी नौकरी 

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट  Ranchi News : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली में जल्द बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इसके अनुसार अब सेवा के दौरान प्रशिक्षण पाने वाले और बीएड-डीएलएड कर चुके शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे. इसे लेकर स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया है. नियमावली में बदलाव के साथ ही राज्य के प्रशासनी स्कूलों में कार्यरत करीब 25 हजार ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षकों के लिए जेटेट में शामिल होने का रास्ता साफ हो जाएगा. इससे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इसके बाद शिक्षकों को आवेदन जमा करने के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा. विभाग ने जैक को आवेदन जमा करने की तारीख भी 20 जुलाई तक बढ़ाने के लिए कहा है. वर्तमान में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून तक निर्धारित है. 31 अगस्त 2028 तक JTET पास करना अनिवार्य इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है. लेकिन मौजूदा नियमों की बाधा के कारण कार्यरत शिक्षक जेटेट के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे. कोर्ट के आदेश के अनुसार तय समय सीमा तक जेटेट उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त हो सकती है. ऐसे में विभाग की पहल को शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. जानिए नियमावली में क्या था पेच राज्य में वर्ष 1994 और वर्ष 1999 में अनट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. इन शिक्षकों को एक वर्ष का सेवाकालीन प्रशिक्षण मिला था. वर्तमान नियमावली में इनके आवेदन का कोई प्रावधान नहीं है. इसके अलावा, वैसे पारा शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, जो डीइपी उत्तीर्ण हैं और छह माह के ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण पाया है. राज्य गठन के बाद बीएड सफल अभ्यर्थी, जो कक्षा एक से पांच में नियुक्त हैं और डीएलएड सफल अभ्यर्थी, जो कक्षा छह से आठ में नियुक्त हैं, उन्हें भी आवेदन जमा करने में परेशानी हो रही थी. वर्तमान नियमावली में ऐसे अभ्यर्थियों के लिए प्रावधान नहीं था. परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्र की भी बाध्यता थी. प्रावधान में यह होगा बदलाव विभाग ने जैक को कहा है कि सेवा के दौरान प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षक, डीइपी उत्तीर्ण और छह माह का ब्रिज कोर्स करने वाले पारा शिक्षक और बीएड-डीएलएड करने वाले शिक्षकों के आवेदन जमा करने के लिए साफ्टवेयर में बदलाव किया जाएगा. अब 60 वर्ष तक के शिक्षक आवेदन जमा कर सकेंगे. यह भी पढ़ें: प्रशासन के आदेश को ठेंगा, भारी वाहनों की आवाजाही से पतरातू में रोज लग रहा जाम यह भी पढ़ें: गुमला-सिमडेगा सीमा पर भीषण सड़क हादसा, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत The post 25 हजार शिक्षकों को राहत, JTET नियमों में बदलाव से बचेगी नौकरी  appeared first on Naya Vichar.

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पेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोक

Petrol and Diesel Bulk Sale: प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर एक बड़ा और जरूरी आदेश जारी किया है. अब इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहक पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या हाई-स्पीड डीजल नहीं खरीद सकेंगे. उन्हें अपनी जरूरत का फ्यूल अब अपने खुद के ‘कंज्यूमर पंपों’ या अधिकृत थोक बिक्री केंद्रों से ही लेना होगा.  यह फैसला क्यों लिया गया है?  हाल ही के दिनों में पेट्रोल पंपों पर डीजल की मांग में असामान्य रूप से भारी बढ़ोतरी देखी गई. इसकी मुख्य वजह कीमतों का बड़ा अंतर है. दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि थोक विक्रेताओं के लिए इसकी कीमत 134.50 रुपये है. इस अंतर के कारण बड़ी कंपनियां और उद्योग थोक के बजाय पेट्रोल पंपों से सस्ता डीजल खरीद रहे थे, जिससे आम लोगों के लिए फ्यूल की किल्लत होने का डर पैदा हो गया था.  यहां देखें इस समाचार से जुड़ी PTI की ऑफिशियल एक्स पोस्ट: STORY | Govt bars bulk industrial petrol, diesel purchases through petrol pumps The government has restricted industrial, commercial and institutional users from buying petrol and diesel from petrol pumps and instead asked them to source their requirements from bulk sale points,… pic.twitter.com/cfXCnbyqIz — Press Trust of India (@PTI_News) June 12, 2026 क्या हैं नए नियम?  प्रशासन ने फिलहाल इस आदेश को 90 दिनों के लिए लागू किया है. इसके तहत पेट्रोल पंप डीलर अब किसी भी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं बेच सकेंगे. साथ ही, पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को आगे बेचना (रीसेल करना) भी पूरी तरह से मना कर दिया गया है.  क्या इसका असर आपकी जेब पर पड़ेगा?  यह नियम केवल बड़े इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों के लिए है. आम नागरिकों (व्यक्तिगत उपभोक्ताओं) को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल पहले की तरह ही मिलता रहेगा. प्रशासन का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी के लिए तय की गई सब्सिडी वाली दरों का फायदा बड़े व्यावसायिक संस्थान गलत तरीके से न उठा सकें.  ये भी पढ़ें: आज कहां सस्ता और कहां महंगा मिलेगा पेट्रोल-डीजल? देखें 12 जून की लेटेस्ट रेट लिस्ट  The post पेट्रोल पंप से अब धड़ल्ले से नहीं खरीद पाएंगे पेट्रोल-डीजल, 90 दिनों तक थोक बिक्री पर रोक appeared first on Naya Vichar.

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बेगूसराय में एकसाथ तीन दरोगा समेत चार की मौत, मधेपुरा में थे तैनात, जानिए पूरा मामला

Bihar Road Accident : (विपिन कुमार मिश्र) बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल थाना इलाके में शुक्रवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में तीन थाना प्रभारी समेत चार लोगों की मौत हो गई. मधेपुरा में पदस्थापित तीनों पुलिस अधिकारी पटना से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. हादसे के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है. NH-31 पर बखड्डा के पास हुआ भीषण हादसा जानकारी के अनुसार साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा स्थित एनएच-31 पर यह दर्दनाक दुर्घटना हुई. मधेपुरा जिले में पदस्थापित तीनों थाना प्रभारी पटना में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक ही कार से वापस लौट रहे थे. इसी दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त कि उड़ गए कार के परखच्चे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी. ट्रक से टक्कर इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. मौके पर ही चली गई तीन लोगों की जान इस हादसे में बेलारी थाना प्रभारी नीरज कुमार, आरर थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र और चालक ज्योतिष कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के बाद वाहन में फंसे लोगों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया. अस्पताल पहुंचते ही थम गई साजन पासवान की सांस हादसे में रतवारा थाना प्रभारी साजन पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल बेगूसराय ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया. इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस के बड़े अधिकारी घटना की जानकारी मिलते ही बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, सदर डीएसपी आनंद पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस महकमे में शोक की लहर एक साथ तीन थाना प्रभारियों और एक चालक की मौत से पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है. साथी अधिकारियों और कर्मियों ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन का अनियंत्रित होकर ट्रक से टकराना बताया जा रहा है. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. दुर्घटना के बाद एनएच-31 पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा. Also Read : बेगूसराय में वर्चस्व की लड़ाई में ताबड़तोड़ गोलीबारी में युवक जख्मी, प्रखंड प्रमुख पति समेत 2 गिरफ्तार The post बेगूसराय में एकसाथ तीन दरोगा समेत चार की मौत, मधेपुरा में थे तैनात, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा सदर अस्पताल में डीसी का औचक निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिली महिला डॉक्टर 

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट Garhwa News: स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधा दिलाने के उद्देश्य से गुरुवार की रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच गढ़वा के उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. रात के वक्त अचानक उपायुक्त की गाड़ी सदर अस्पताल परिसर में रुकते ही वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया.  इमरजेंसी वार्ड से शुरू हुई जांच  अस्पताल पहुंचते ही उपायुक्त मिश्रा ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड और विभिन्न वार्डों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की जांच की. उन्होंने अस्पताल के आधिकारिक ऑन-ड्यूटी रोस्टर को मंगाकर तैनात चिकित्सकों के नाम का मिलान किया. जांच के दौरान रोस्टर के अनुसार तैनात एक स्त्री चिकित्सक अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं. इसे कार्य में घोर लापरवाही मानते हुए उपायुक्त ने मौके पर ही गहरी नाराजगी जताई और सिविल सर्जन को उक्त अनुपस्थित स्त्री डॉक्टर के खिलाफ अविलंब सख्त कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश दिया. साफ-सफाई पर भी फटकार उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड का जायजा लेते हुए स्टोर में जरूरी दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली और निर्देश दिया कि मरीजों को सभी जरूरी दवाएं अस्पताल से ही मिलनी चाहिए. अस्पताल परिसर और वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति देखकर उन्होंने संबंधित एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा. क्या कहा डीसी ने?  गढ़वा उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. रोस्टर के बावजूद अगर चिकित्सक ड्यूटी से गायब रहेंगे, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है. आम जनता को ससमय इलाज मिलना पहली प्राथमिकता है. यह भी पढ़ें: प्रशासन के आदेश को ठेंगा, भारी वाहनों की आवाजाही से पतरातू में रोज लग रहा जाम यह भी पढ़ें: गुमला-सिमडेगा सीमा पर भीषण सड़क हादसा, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत The post गढ़वा सदर अस्पताल में डीसी का औचक निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिली स्त्री डॉक्टर  appeared first on Naya Vichar.

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US के साथ कोई डील फाइनल नहीं, सब अटकलें… ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- होर्मुज का लुटेरा बना अमेरिका

Iran US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि अभी किसी अंतिम करार पर मुहर नहीं लगी है. गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ डील हो  गई है, जिस पर यूरोप में इस वीकेंड हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. ईरान का कहना है कि बातचीत जरूर आगे बढ़ी है, लेकिन समझौते को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है. इसके साथ ही ईरान ने हिंदुस्तानीय शिप पर अमेरिकी हमले में मारे गए हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए, उसने अमेरिकी नीति को ‘स्टेट स्पांसर्ड समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ बताया.  ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ समझौता तय हो जाने संबंधी समाचारों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टें केवल अटकलों पर आधारित हैं. ईरान की प्रशासनी समाचार एजेंसी आईआरएनए से बातचीत में बघाई ने कहा कि तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं किया है. उन्होंने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि उनका आरोप था कि अमेरिकी कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं. बघाई ने कहा, ‘शुरुआत से ही हमें वार्ता की स्थिति स्पष्ट थी और समझौते के मसौदे का बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार किया जा चुका था. लेकिन अमेरिकी पक्ष लगातार अपना रुख बदलता रहा.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान अपनी तय की गई ‘रेड लाइन्स’ पर कोई समझौता नहीं करेगा. बघाई के शब्दों में, ‘ईरान पहले ही साबित कर चुका है कि वह अपने निर्धारित लाल रेखाओं से पीछे नहीं हटता. अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.’ होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता ईरानी प्रवक्ता ने क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिकी गतिविधियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर अमेरिकी कदमों का असर पड़ा है. दुनिया के तेल व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ट्रंप ने कहा था- समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकते हैं हस्ताक्षर इससे पहले गुरुवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ एक ‘बेहतरीन समझौता’ हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो सकता है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘हमने ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करने वाला एक शानदार समझौता किया है. अब सिर्फ दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है. संभव है कि हस्ताक्षर यूरोप में हों. जब तेल की कीमतें कम होंगी तो बाकी चीजों की कीमतें भी घटेंगी.’  ट्रंप ने आगे कहा कि इस समझौते का सबसे अहम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास ऐसा समझौता है जो सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. यही पूरा मकसद था जिसके लिए हमें यह सब करना पड़ा. दस्तावेज लगभग तैयार हैं और जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं.’ ट्रंप का दावा इस वीकेंड हो सकते हैं साइन अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट आधिकारिक तौर पर खोल दिया जाएगा. उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया संभवतः इसी वीकेंड यूरोप में पूरी हो सकती है और उनकी ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसमें शामिल हो सकते हैं. हालांकि, ट्रंप के इन दावों के कुछ ही समय बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता पर बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम समझौते को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया है.  ये भी पढ़ें:- इंडियन आर्मी का बड़ा प्लान, ₹23000 करोड़ से 300 K-9 वज्र तोप खरीदने की तैयारी; चीन-पाकिस्तान सीमा पर होंगे तैनात ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान के दोस्त रूस ने पाकिस्तान के साथ किए दो बड़े समझौते, SCO में बनी सहमति; मिलकर करेंगे कार्रवाई हिंदुस्तानीय जहाज पर हमले के बाद अमेरिका को लताड़ा ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. इस बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हिंदुस्तानीय नागरिकों की जान लेने वाली यह कार्रवाई ‘राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ का उदाहरण है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने और कम से कम तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों की मौत की घटना अमेरिका की उस नीति को उजागर करती है, जिसे उन्होंने ‘सशस्त्र लूट और राज्य स्तर की समुद्री डकैती’ बताया. Spokesperson for the Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran, Esmail Baghaei tweets – “The brutal U.S. attacks on Indian commercial vessels which have killed at least three Indian nationals, stand as clear evidence of America’s ongoing policy of armed robbery… pic.twitter.com/LvMCcQUMUp — ANI (@ANI) June 11, 2026 हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर जताया दुख बघाई ने अपने संदेश में कहा, ‘हिंदुस्तानीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका के क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों की जान गई है, अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए हिंदुस्तानीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा हिंदुस्तान की जनता और प्रशासन के प्रति अपनी हार्दिक शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के इस गैरकानूनी आचरण के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए. ऐसी गतिविधियां वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं और समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही की स्वतंत्रता को भी जोखिम में डाल रही हैं.’ The post US के साथ कोई डील फाइनल नहीं, सब अटकलें… ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- होर्मुज का लुटेरा बना अमेरिका appeared first on Naya

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बंगाल में नौकरशाही का शुद्धिकरण, नबान्न से तृणमूल समर्थक अफसरों को बाहर कर रहे शुभेंदु अधिकारी

खास बातें मलाईदार पदों पर बैठे अफसरों में हड़कंप West Bengal ‍Bureaucracy De-Trinamoolisation: बदले जा रहे हैं ममता के पसंदीदा चेहरे पुलिस-नेक्सस पर शुभेंदु प्रशासन का कड़ा प्रहार West Bengal ‍Bureaucracy De-Trinamoolisation: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने नबान्न (सचिवालय) से नौकरशाही का डी-तृणमूलिफिकेशन (De-Trinamoolisation) शुरू कर दिया है. इसका मतलब यह है कि तृणमूल समर्थक और ममता बनर्जी के वफादार आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाया जा रहा है. मलाईदार पदों पर बैठे अफसरों में हड़कंप शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी को पूर्ववर्ती सिंडिकेट के चंगुल से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए ‘360-डिग्री व्यू’ रणनीति के तहत एक्शन लेना शुरू किया है, जिससे सालों से मलाईदार पदों पर बैठे अफसरों में हड़कंप मच गया है. इसे भी पढ़ें : गिरफ्तारी पर रोक के बाद सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, जानें पूरा मामला West Bengal ‍Bureaucracy De-Trinamoolisation: बदले जा रहे हैं ममता के पसंदीदा चेहरे प्रशासनिक सूत्रों की मानें, तो ममता बनर्जी प्रशासन के दौरान जो शीर्ष नौकरशाह नीति-निर्धारण से लेकर गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर एकछत्र राज कर रहे थे, उन्हें गैर-महत्वपूर्ण विभागों में ट्रांसफर किया जा रहा है. नयी प्रशासन उन ईमानदार आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को मुख्यधारा में वापस ला रही है, जिन्हें टीएमसी शासन में कथित तौर पर प्रताड़ित या दरकिनार किया गया था. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे अनुभवी अधिकारियों को गृह, विजिलेंस और जिला मजिस्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण पद दिये जा रहे हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पुलिस-नेक्सस पर शुभेंदु प्रशासन का कड़ा प्रहार खुफिया विभाग (IB) से मिले गुप्त इनपुट्स के बाद उन पुलिस कप्तानों (SPs) और कमिश्नरों की एक लिस्ट तैयार की गयी है, जिन पर पूर्ववर्ती सत्तारूढ़ दल के नेताओं और सिंडिकेट माफिया को कथित रूप से खुला संरक्षण देने का आरोप था. सूत्रों का दावा है कि सिर्फ तबादले ही नहीं, बल्कि कुछ दागी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं की गुप्त विजिलेंस जांच भी शुरू हो सकती है. इसे भी पढ़ें बंगाल के प्रशासनी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान- केंद्र के बराबर मिलेगा महंगाई भत्ता शुभेंदु अधिकारी प्रशासन में स्वपन दासगुप्ता बने वित्त मंत्री, देखें 41 मंत्रियों की लिस्ट, किसको कौन-सा मंत्रालय मिला The post बंगाल में नौकरशाही का शुद्धिकरण, नबान्न से तृणमूल समर्थक अफसरों को बाहर कर रहे शुभेंदु अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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