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आज 21 अगस्त 2026 का राशिफल: भाग्य की चाबी, 21 अगस्त को किन राशियों पर बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा?

Aaj Ka Rashifal 21 August 2026: आज 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को ग्रहों का शुभ योग बन रहा है. आज लक्ष्मी मां की कृपा कुछ जातकों के लिए वरदान बनेगी. जानें आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा और किन राशियों पर लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी. मेष राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी छिपी प्रतिभा सबके सामने आएगी. कार्यस्थल पर आपकी भूमिका अहम होगी और वरिष्ठ अधिकारी नई जिम्मेदारी दे सकते हैं. व्यापार में पुराने ग्राहक से बड़ा ऑर्डर मिलेगा. आय और बचत बढ़ाने की योजना सफल रहेगी. परिवार में पुरानी यादें ताजा होंगी. जल्दबाजी से बचें. शुभ अंक: 7, शुभ रंग: भगवा वृषभ राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपका सरल व्यवहार लोगों का भरोसा जीतेगा. कार्यक्षेत्र में अधूरे काम पूरे होंगे. व्यापार में गुणवत्ता सुधार से ग्राहक आकर्षित होंगे. कृषि, बैंकिंग और निर्माण क्षेत्र के लोगों को अच्छी समाचार मिलेगी. परिवार का सुझाव आर्थिक मामलों में काम आएगा. घर में शांति रहेगी, लेकिन समय पर भोजन जरूर करें. शुभ अंक: 5, शुभ रंग: भूरा मिथुन राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी विश्लेषणात्मक सोच आपको अलग पहचान दिलाएगी. ऑफिस में नई तकनीक अपनाने से बेहतर रिजल्ट आएंगे. व्यापार में डिजिटल प्रमोशन और ई-कॉमर्स से मुनाफा होगा. विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षा और शोध कार्य का समय शानदार है. दोस्तों से कोई नया प्रोजेक्ट बन सकता है. छोटी यात्रा से जरूरी जानकारी मिलेगी. शुभ अंक: 2, शुभ रंग: कत्था कर्क राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को परिवार के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा. घर में शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा. नौकरी में आपका सहयोग टीम को सफलता दिलाएगा. व्यापार में पुराने ग्राहकों की वजह से नए क्लाइंट मिलेंगे. माता-पिता के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी. घरेलू बजट संभालने का यह बेस्ट समय है. शुभ अंक: 8, शुभ रंग: क्रीम सिंह राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आत्मविश्वास बड़ी उपलब्धि दिलाएगा. ऑफिस की अहम बैठक में आपके सुझाव पर अमल होगा. व्यापार में ब्रांड वैल्यू बढ़ाने या नए बाजार में कदम रखने का मौका आएगा. सामाजिक क्षेत्र में आपकी तारीफ होगी. परिवार के युवाओं को प्रेरित करें. अपने अनुभवों को साझा करने से सम्मान बढ़ेगा. शुभ अंक: 4, शुभ रंग: केसर कन्या राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी प्लानिंग और टाइम मैनेजमेंट शानदार सफलता देंगे. नौकरी में तकनीकी और वित्तीय कामों में आपकी दक्षता दिखेगी. व्यापार में खर्च कम करने के प्रयास कामयाब होंगे. विद्यार्थियों को कठिन विषयों में भी प्रगति मिलेगी. परिवार में किसी बैंक या प्रशासनी काम के पूरे होने से राहत मिलेगी. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, बस अच्छी नींद लें. शुभ अंक: 9, शुभ रंग: समुद्री हरा तुला राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को नए लोगों से मिलकर रिश्ते मजबूत होंगे. ऑफिस में नई टीम के साथ काम करने का चांस मिलेगा. व्यापार में पार्टनरशिप और जॉइंट वेंचर फायदेमंद रहेगी. फैशन, डिजाइन और मीडिया क्षेत्र के लोगों को बढ़िया ऑफर मिलेंगे. जीवनसाथी के साथ भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग होगी. सोशल इवेंट्स में शामिल होने से नए अवसर बनेंगे. आज आपकी सहबेडिंग राशि वृषभ है. शुभ अंक: 1, शुभ रंग: सुनहरा वृश्चिक राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी गहरी सोच और धैर्य हर मुश्किल का सामना करने में मदद करेंगे. काम पर गुप्त मामलों में आपकी विश्वसनीयता बढ़ेगी. व्यापार में सही समय पर लिया गया फैसला लाभदायक रहेगा. फाइनेंस में रिस्क लेने से बचें और सुरक्षित रास्ता चुनें. परिवार में पुराने झगड़े का हल आपकी पहल से होगा. बेवजह बहस से दूर रहें. आज आपकी सहबेडिंग राशि मेष है. शुभ अंक: 6, शुभ रंग: गुलाबी धनु राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपका उत्साह दूसरों को भी प्रेरित करेगा. शिक्षा, प्रकाशन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए मौके मिलेंगे. नौकरी में नई जिम्मेदारी से एक्सपीरियंस बढ़ेगा. व्यापार में दूसरे शहरों के बाजार फायदा देंगे. परिवार के साथ किसी धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. अपनी प्लानिंग को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाएं. आज आपकी सहबेडिंग राशि मीन है. शुभ अंक: 3, शुभ रंग: भगवा मकर राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपका अनुशासन और धैर्य बड़ी कामयाबी की नींव साबित होगा. काम पर जिम्मेदारी संभालने का अंदाज बॉस का भरोसा जीतेगा. व्यापार में स्टॉक और सप्लाई चेन में किए गए सुधार से फायदा होगा. फाइनेंस में लंबी अवधि के निवेश पर विचार कर सकते हैं. परिवार में आपकी सलाह से बड़ा इश्यू सुलझेगा. नियमित एक्सरसाइज जरूर करें. आज आपकी सहबेडिंग राशि कुंभ है. शुभ अंक: 8, शुभ रंग: पर्पल कुंभ राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी आधुनिक सोच और कल्पनाशीलता नए रास्ते खोलेगी. स्टार्टअप, विज्ञान और डिजिटल क्षेत्र के लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है. नौकरी में आपके आइडियाज पर सकारात्मक रिएक्शन मिलेगा. व्यापार में नई टेक्नोलॉजी या सर्विस लॉन्च करने का बेहतरीन मौका है. दोस्तों के साथ मिलकर कोई सोशल प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं. घर में खुशहाल माहौल रहेगा. आज आपकी सहबेडिंग राशि मकर है. शुभ अंक: 5, शुभ रंग: नील मीन राशि 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को आपकी रचनात्मकता और संवेदनशीलता आपको खास पहचान दिलाएगी. साहित्य, संगीत, मेडिकल और आध्यात्मिक क्षेत्र के लोगों को उपलब्धि होगी. नौकरी में सहयोगी स्वभाव से सबका भरोसा बढ़ेगा. व्यापार में कस्टमर्स की जरूरतों के हिसाब से किए गए बदलाव फायदेमंद रहेंगे. परिवार में पुराने रिश्तेदार से मुलाकात अच्छी लगेगी. कुछ समय ध्यान और आत्मचिंतन में बिताएं. आज आपकी सहबेडिंग राशि धनु है. शुभ अंक: 2, शुभ रंग: हरा The post आज 21 अगस्त 2026 का राशिफल: भाग्य की चाबी, 21 अगस्त को किन राशियों पर बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा? appeared first on Naya Vichar.

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यूपी के कई जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती, 12वीं पास महिलाएं ऐसे करें अप्लाई

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IND vs SL: क्या कोलंबो टेस्ट में कुलदीप यादव की जगह इस खिलाड़ी को मिल सकता है मौका? जानिए क्यों टीम मैनेजमेंट सोच रही ऐसा

Saransh Jain : हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला रविवार से कोलंबो में स्पोर्ट्सा जाना है. गॉल में 165 रन की शानदार जीत के बाद हिंदुस्तानीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है और अब उसकी नजर सीरीज पर कब्जा करने पर है. इसी बीच दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन को लेकर बड़ी समाचार सामने आ रही है. टीम मैनेजमेंट स्पिन विभाग में बदलाव कर सकता है और मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका मिल सकता है. कुलदीप यादव की जगह सारांश की एंट्री? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर सारांश जैन को अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है तो कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ सकता है. गॉल टेस्ट में कुलदीप गेंद से अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके थे. उन्होंने 25 ओवर गेंदबाजी करते हुए 103 रन दिए और केवल एक विकेट हासिल किया. इसके उलट अपने करियर का सिर्फ दूसरा टेस्ट स्पोर्ट्स रहे मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन किया. बाएं हाथ के इस स्पिनर ने मैच में कुल 10 विकेट चटकाकर हिंदुस्तान की जीत में अहम भूमिका निभाई. वहीं, रवींद्र जडेजा ने भी चार विकेट अपने नाम किए. ऐसे में टीम मैनेजमेंट कुलदीप की जगह ऑफ स्पिनर सारांश को आजमाने पर विचार कर सकता है. कौन हैं सारांश जैन? सारांश जैन मध्य प्रदेश के अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर हैं. 33 वर्षीय खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में कई वर्षों तक लगातार प्रदर्शन किया है. उनका जन्म 31 मार्च 1993 को इंदौर में हुआ था. क्रिकेट उनके परिवार में पहले से मौजूद रहा है. उनके पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी स्पोर्ट्स चुके हैं. सारांश ने 2014-15 सत्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा और धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की टीम में अपनी अहम जगह बना ली. वह मुख्य रूप से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं. रणजी ट्रॉफी में शानदार रिकॉर्ड सारांश के करियर में 2021-22 रणजी ट्रॉफी सीजन खास रहा. मध्य प्रदेश के खिताबी अभियान में उन्होंने नॉकआउट मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन किया. क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने कुल 13 विकेट हासिल किए थे. मुंबई के खिलाफ फाइनल में भी सारांश ने गेंद के साथ-साथ बल्ले से योगदान दिया और 57 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी. मध्य प्रदेश ने यह मुकाबला जीतकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था. 2025-26 सीजन में बल्ले और गेंद दोनों से चमके हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में भी सारांश का प्रदर्शन शानदार रहा. 2025-26 सत्र में उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए सात मैचों में 30 विकेट चटकाए. वह टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे स्थान पर रहे. उनके अलावा कुमार कार्तिकेय ने 35 विकेट लिए. सारांश ने बल्ले से भी टीम को मजबूती दी. सात मैचों में उन्होंने 518 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 57.55 रहा. इस प्रदर्शन ने उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए हिंदुस्तान की टीम में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई. Also Read: हिंदुस्तान को हराने के लिए श्रीलंका ने बनाया मास्टरप्लान, दूसरे टेस्ट मैच से पहले दो नए खिलाड़ियों की एंट्री इंडिया ए के लिए भी दिखाया दम हिंदुस्तान की सीनियर टीम में जगह बनाने से पहले सारांश ने श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए की ओर से दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज में हिस्सा लिया था. पहले मुकाबले में उन्हें एक विकेट मिला, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए छह विकेट चटकाए. इसके अलावा उन्होंने नाबाद 70 रन की पारी भी स्पोर्ट्सी. सुंदर के बदले मिली टीम में जगह सारांश को श्रीलंका दौरे के लिए वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किया गया था. अब गॉल टेस्ट के स्पिन विभाग में प्रदर्शन को देखते हुए उनके पास कोलंबो में हिंदुस्तान की टेस्ट कैप हासिल करने का मौका बन गया है. Also Read: एक गोल तक नहीं कर सकी रोवर्स एफसी, ईस्ट बंगाल स्त्री टीम ने 12-0 से दर्ज की रिकॉर्ड जीत The post IND vs SL: क्या कोलंबो टेस्ट में कुलदीप यादव की जगह इस खिलाड़ी को मिल सकता है मौका? जानिए क्यों टीम मैनेजमेंट सोच रही ऐसा appeared first on Naya Vichar.

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चीनी के बढ़ते दाम पर सरकार का एक्शन, 31 अक्टूबर तक ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की छूट

चीनी के दाम में तेज उछाल के बीच प्रशासन ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाना और त्योहारों के सीजन से पहले बढ़ती कीमतों पर काबू पाना है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के नोटिस के मुताबिक, यह आयात 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा. हिंदुस्तान दुनिया में चीनी की खपत करने वाला सबसे बड़ा देश है. ऐसे में घरेलू सप्लाई पर दबाव बढ़ने का सीधा असर बाजार और आम लोगों की खरीदारी पर पड़ सकता है. प्रशासन का यह फैसला करीब एक दशक बाद हिंदुस्तान के चीनी आयात बाजार में लौटने का संकेत भी है. चीनी के दाम अचानक क्यों बढ़े? पिछले दो महीनों में घरेलू बाजार में चीनी की कीमत करीब 40% बढ़ गई है. इसके पीछे मुख्य वजह सप्लाई में कमी और उत्पादन का घटना बताया गया है. यानी बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई, जबकि आने वाले महीनों में इसकी मांग बढ़ने वाली है. यही वजह है कि प्रशासन ने विदेश से चीनी मंगाने का फैसला किया है, ताकि घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सके. 10 लाख टन चीनी कब तक आएगी? प्रशासन ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति दी है. यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी. इस समय सीमा का मकसद भी साफ है. अगस्त से नवंबर के बीच देश में त्योहारों का दौर रहता है और इस दौरान चीनी की खपत बढ़ जाती है. मिठाइयों के अलावा केक और दूसरी खाने-पीने की चीजों में भी चीनी की जरूरत बढ़ती है. इस फैसले का सीधा असर: घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है. त्योहारों से पहले सप्लाई की कमी का दबाव कम हो सकता है. मिठाई और दूसरी चीजें बनाने वाले कारोबारियों को राहत मिल सकती है. आम परिवारों के लिए बढ़ती चीनी कीमतों पर कुछ राहत की उम्मीद बन सकती है. आम लोगों के लिए यह फैसला क्यों जरूरी है? त्योहारों के समय घरों में मिठाई और दूसरी मीठी चीजों की खरीद बढ़ती है. वहीं फूड कंपनियां और मिठाई बनाने वाले कारोबारी भी ज्यादा चीनी खरीदते हैं. ऐसे में अगर सप्लाई कम रहती है, तो कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है. प्रशासन का ताजा फैसला इसी दबाव को कम करने की कोशिश है. हालांकि, आयात को मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि चीनी के दाम तुरंत कम हो जाएंगे. इसका असर घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ने के बाद ही साफ तौर पर दिखेगा. विदेशों में चीनी के दाम पर भी पड़ेगा असर? हिंदुस्तान की चीनी खरीद का असर सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रह सकता. दुनिया में चीनी की खपत के लिहाज से हिंदुस्तान की मांग काफी अहम है. इसलिए हिंदुस्तान के बड़े पैमाने पर आयात से लंदन और न्यूयॉर्क के बेंचमार्क चीनी बाजारों में भी कीमतों को सहारा मिलने की उम्मीद है. The post चीनी के बढ़ते दाम पर प्रशासन का एक्शन, 31 अक्टूबर तक ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की छूट appeared first on Naya Vichar.

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सोमालिया तट पर हथियारों से लदा जहाज हाईजैक, 6 भारतीयों समेत 10 सदस्यीय क्रू बने बंधक

सोमालिया के समुद्री तट के पास समुद्री डकैती का एक और गंभीर मामला सामने आया है. पुंटलैंड के तट के करीब समुद्री लुटेरों ने कैमरून के झंडे वाले कार्गो जहाज एम/वी लुतुफ (M/V LUTUF) को अपने कब्जे में ले लिया. इस जहाज पर सवार 10 सदस्यीय चालक दल में छह हिंदुस्तानीय नागरिक भी शामिल थे. घटना के बाद समुद्री लुटेरे जहाज को पुंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गरमाल के पास समुद्र तट की ओर ले गए. जहाज पर लदे थे तुर्किये में बने हथियार सोमाली अधिकारी के मुताबिक, एम/वी लुतुफ को सोमवार को हाईजैक किया गया था. यह जहाज पुंटलैंड के ईयल जिले में मर्राया के तट से करीब साढ़े तीन समुद्री मील की दूरी पर था, तभी समुद्री लुटेरों ने उसे अपने कब्जे में लिया. यह जहाज पोलर मूवमेंट शिपिंग के स्वामित्व में बताया गया है. जहाज पर तुर्किये में बने हथियार लदे थे, जिन्हें सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचाया जाना था. हथियारों के अलावा जहाज में संचार उपकरण और सैटेलाइट से जुड़े उपकरण भी मौजूद थे. जहाज के चालक दल में छह हिंदुस्तानीयों के अलावा एक तुर्की नागरिक और एक जॉर्जियाई नागरिक शामिल था. इसके साथ दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड भी जहाज पर मौजूद थे. घटना के संबंध में तुर्की के अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की थी. लूट के बाद इलाके की निगरानी की गई सोमाली अधिकारी के अनुसार, जहाज पर कब्जा करने वाले आठ समुद्री लुटेरे थे. माना जा रहा है कि इनका संबंध उस गिरोह से है, जिसने 26 अप्रैल को एम/वी स्वार्ड (M/V Sward) नाम के जहाज का अपहरण किया था. हालांकि, हाईजैक किए गए जहाज पर नजर रखी जा रही थी और उसे छुड़ाने की कोशिशों पर भी काम चल रहा था. लूट के बाद, तुर्किये के स्वामित्व वाले दो जहाज वहां पहुंचे. इसके साथ ही तुर्की के हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स ने भी इलाके में निगरानी की. खाट लेकर पहुंची छोटी नाव, फिर हुआ हवाई हमला मंगलवार को एक छोटी नाव में सवार दो लोग हाईजैक किए गए जहाज के पास पहुंचे और वहां खाट (khat) पहुंचाया. खाट सोमालिया में आम तौर पर चबाया जाने वाला एक मादक पदार्थ है. सोमाली अधिकारी के अनुसार, जब वह छोटी नाव वापस तट की ओर लौट गई, उसके बाद इलाके में एक हवाई हमला हुआ. इस हमले में चार लोग मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए.  हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया था. यह भी साफ नहीं हो पाया कि मारे गए या घायल हुए लोग जहाज के अपहरण में शामिल समुद्री लुटेरे थे या नहीं. फिलहाल, एम/वी लुतुफ उसके चालक दल और जहाज पर लदे सामान की मौजूदा स्थिति तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी. ये भी पढ़ें:- एक गैंगस्टर, हजारों रील्स और ISI का कथित नेटवर्क… समझिए Terrorism 2.0 का नया स्पोर्ट्स सोमालिया के तट पर फिर बढ़ी समुद्री डकैती की चिंता एम/वी लुतुफ के अपहरण से सोमालिया के आसपास समुद्री डकैती की घटनाओं को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ रही है. गुरुवार को एक अलग घटना में अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले एक तेल टैंकर को भी निशाना बनाया गया. छह हथियारबंद लोगों ने टैंकर पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया और कथित तौर पर उसका रास्ता बदलकर सोमालिया की ओर करने के लिए मजबूर किया. इस जहाज का नाम सीमुल या एसआईबीयू 1 नाम के इस जहाज ने यमन के अल मुकल्ला से करीब 136 समुद्री मील पूर्व में मदद के लिए संदेश भेजा था. ईयू मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर इंडियन ओशन के अनुसार, छह हथियारबंद लोग टैंकर पर सवार हो गए थे और उस समय जहाज पर उनका नियंत्रण था. 2011 के बाद कम हुई थी सोमाली समुद्री डकैती सोमालिया के समुद्री इलाके में समुद्री डकैती कोई नई समस्या नहीं है. 2011 में यहां समुद्री लुटेरों के हमले अपने चरम पर पहुंच गए थे. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त बढ़ाई गई और जहाजों की सुरक्षा के लिए कई कड़े उपाय अपनाए गए. इन प्रयासों के कारण सोमाली तट के आसपास समुद्री डकैती की घटनाओं में काफी कमी आई थी. हालांकि, अप्रैल से एक बार फिर हमलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. कई जहाजों को कथित तौर पर समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में रखा है. और चालक दल के सदस्यों को बंधक बनाए जाने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. एम/वी लुतुफ के बारे में खास चिंता की बात यह है कि इस जहाज पर छह हिंदुस्तानीय नागरिक भी सवार थे और घटना के बाद जहाज तथा उसके चालक दल की स्थिति को लेकर तत्काल पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. ये भी पढ़ें:- Video: जेल से अस्पताल पहुंचे पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान, इस हॉस्पिटल में किया गया शिफ्ट The post सोमालिया तट पर हथियारों से लदा जहाज हाईजैक, 6 हिंदुस्तानीयों समेत 10 सदस्यीय क्रू बने बंधक appeared first on Naya Vichar.

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21 अगस्त की टॉप 20 खबरें: 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर HC की रोक, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर हाई-पावर्ड कमेटी

1. 11वीं-13वीं JPSC और फूड सेफ्टी परीक्षा रद्द करने पर HC ने लगाई रोक, प्रशासन से मांगा जवाब झारखंड हाई कोर्ट ने JPSC की 11वीं-13वीं परीक्षाओं को रद्द करने के प्रशासनी फैसले पर तत्काल रोक लगा दी है. इस फैसले से करीब 200 उप समाहर्ताओं की ट्रेनिंग बीच में ही रुक गई है. कोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. 11th-13th JPSC: 342 अफसरों की नौकरी का क्या होगा? JPSC पर हाईकोर्ट के स्टे से नया मोड़ रांची में JPSC की 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का मामला एक नए कानूनी मोड़ पर है. 342 चयनित अधिकारियों की नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य प्रशासन के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. इससे चयनित अधिकारियों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन आगे की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. MMDR बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा झारखंड, JMM केंद्रीय समिति की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र प्रशासन के MMDR बिल पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह बिल झारखंड के गरीब, मजदूर और पिछड़े वर्ग के हितों के खिलाफ है. JMM इस बिल के खिलाफ नेतृत्वक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. JSSC CGL मामले में पू्र्व CM रघुवर दास बोले- CBI जांच कराकर दोषियों को नौकरी से हटाए प्रशासन पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने छात्रों के आंदोलन का सम्मान करते हुए अपना अनशन स्थगित कर दिया है. जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के तले छात्रों ने सीबीआई जांच के लिए राज्य प्रशासन को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. 11वीं-13वीं JPSC और FSO भर्ती पर प्रशासन के फैसले पर HC की रोक का क्या है मतलब? झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को रद्द करने के हेमंत सोरेन प्रशासन के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद नियुक्त कर्मचारियों को फिलहाल राहत मिली है. जानिए JPSC-JSSC भर्ती विवाद में आगे क्या होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. Naya Vichar Impact: “सिर्फ पैर में ही गोली क्यों लगती है?” UP पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ पैटर्न पर हाईकोर्ट सख्त, श्रावस्ती मामले की जांच CBI को सौंपी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ पर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अक्सर अभियुक्त के पैर में ही गोली लगती है, जबकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहते हैं. श्रावस्ती एनकाउंटर की जांच अब CBI को सौंपी गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर होंगे बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति, 35 साल बाद पहली बार हुआ ऐसा मुकाबला बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं. मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने जीत दर्ज की है, और यह चुनाव 35 साल बाद सबसे खास रहा क्योंकि इसमें दो उम्मीदवार मैदान में थे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. कोलकाता अग्निकांड : ‘शिखा इन’ का पट्टाधारक गिरफ्तार, रिहायशी इमारत में बिना एनओसी चल रहा था लॉज कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट होटल अग्निकांड में पुलिस ने ‘शिखा इन’ के पट्टाधारक अबू जफर को जोड़ासांकू से गिरफ्तार किया. हादसे में 9 लोगों की हो गयी थी मौत. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. लद्दाख में बनेगी J&K हाईकोर्ट की पीठ: केंद्रीय कैबिनेट की मुहर, शाह बोले- कम समय में मिलेगा न्याय लद्दाख में बनेगी जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की पीठ: केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के लिए भी 13,000 करोड़ से अधिक की मंजूरी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. FIFA Women’s World Cup 2027 का शेड्यूल जारी, ब्राजील के 8 शहरों में होंगे 64 मुकाबले फीफा ने FIFA Women’s World Cup 2027 का शेड्यूल जारी कर दिया है, जो ब्राजील में आयोजित होगा. सभी 64 मैच आठ मेजबान शहरों में स्पोर्ट्से जाएंगे, और टूर्नामेंट का फाइनल रियो डी जनेरियो के माराकाना स्टेडियम में होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. Heavy Rain Alert: 21 से 26 अगस्त तक झारखंड-बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान; IMD अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में बने ‘वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ के असर से, 20 और 21 अगस्त, 2026 को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. दिल्ली मास्टर प्लान 2047 जारी: 24 घंटे चलने वाले शहर, 40 लाख नए घर और 695 किमी होगा मेट्रो नेटवर्क केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ‘दिल्ली मास्टर प्लान (MPD) 2047′ जारी किया. दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना का ऐलान किया. मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करते हुए दिल्ली को एक आधुनिक, सुगम और ’24-घंटे चलने वाले शहर’ (24-Hour City) के रूप में विकसित करना है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. CBSE थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब, पूछा- ‘क्या स्कूलों में 23 भाषाएं पढ़ाने की क्षमता है’ ​ सुप्रीम कोर्ट ने CBSE के तीन-भाषा फॉर्मूले को लागू करने के नियमों पर प्रशासन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है. अदालत ने टीचर्स की विशेषज्ञता और अंग्रेजी के दर्जे जैसे अहम मुद्दों पर प्रशासन से जवाब तलब किया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. वंदे मातरम् पर कांग्रेस के फैसले से बढ़ा विवाद, अमित शाह बोले- तुष्टीकरण के लिए देश तक बांट दिया वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी विवाद तेज हो गया है. गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC)का वह फैसला देश विरोधी है, जिसमें पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत की केवल पहली दो कड़ियों को ही गाए जाने का निर्णय किया गया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. Video: लद्दाख में ‘हम Gen Z हैं’ कहकर जवानों से भिड़ी स्त्री, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने लगाई फटकार लद्दाख के करगिल में चेक पोस्ट पर सुरक्षाबलों से बहस करती एक स्त्री पर्यटक का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में स्त्री यह कह रही है कि हम Gen Z हैं, यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस टिप्पणी पर कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने नाराजगी जताई और कहा कि जवान भी टैक्स देते हैं और सम्मान के हकदार

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लद्दाख में बनेगी J&K हाईकोर्ट की पीठ: केंद्रीय कैबिनेट की मुहर, शाह बोले- कम समय में मिलेगा न्याय

Ladakh J&K High Court Bench: केंद्र प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस कदम से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को न्याय पाने में आसानी होगी और कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा. “मोदी प्रशासन लद्दाख के सर्वांगीण विकास और यहां के निवासियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.” – अमित शाह 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था 5 अगस्त 2019 को केंद्र प्रशासन ने संविधान के अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (बिना विधानसभा) में विभाजित कर दिया गया था. लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करना वहां की कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. ये भी पढ़ें: ​CBSE थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब, पूछा- ‘क्या स्कूलों में 23 भाषाएं पढ़ाने की क्षमता है’ ​ The post लद्दाख में बनेगी J&K हाईकोर्ट की पीठ: केंद्रीय कैबिनेट की मुहर, शाह बोले- कम समय में मिलेगा न्याय appeared first on Naya Vichar.

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‘चिकन नेक’ पर अभेद्य ‘स्मार्ट ग्रिड’ पर मंथन के लिए अमित शाह पहुंचे सिलीगुड़ी, शुभेंदु अधिकारी ने किया स्वागत

Chicken’s Neck Security: पूर्वोत्तर हिंदुस्तान (North-East) को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी गलियारे (Siliguri Corridor), जिसे ‘चिकन नेक’ (Chicken’s Neck) भी कहा जाता है, पर हिंदुस्तान अपनी सुरक्षा रणनीति का पुनर्गठन करने जा रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने 3 दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर बृहस्पतिवार की रात सिलीगुड़ी पहुंच गये. उनकी यात्रा का मुख्य एजेंडा पारंपरिक सीमा गश्त से आगे बढ़कर 3 पड़ोसी देशों (नेपाल, भूटान और बांग्लादेश) से सटी सीमाओं पर एकीकृत त्रि-स्तरीय ‘स्मार्ट बॉर्डर सुरक्षा ग्रिड’ (Integrated Smart Border Grid) को लागू करना माना जा रहा है. चेन्नई से सीधे बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे अमित शाह अमित शाह चेन्नई से सीधे उत्तर बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया. अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को गृह मंत्री सिलीगुड़ी स्थित एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय जायेंगे, जहां वह सीमा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे. एसएसबी के जवानों के साथ बातचीत करेंगे. गृह मंत्री सिलीगुड़ी में समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिनमें एक बैठक सीमा सुरक्षा से संबंधित होगी. क्यों अलग और अमित शाह का यह दौरा? सिलीगुड़ी का यह संकरा गलियारा (लगभग 22 किमी चौड़ा) नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं के बेहद करीब है. यह पहला मौका है, जब गृह मंत्री किसी एक ही केंद्र से सशस्त्र सीमा बल (SSB), जो नेपाल और भूटान सीमा की सुरक्षा करती है और सीमा सुरक्षा बल (BSF), जो बांग्लादेश सीमा की रखवाली करती है, के प्रमुखों, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ संयुक्त समन्वय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल कैबिनेट को मिलेगा पहला एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, शुभेंदु कैबिनेट का फैसला ‘स्मार्ट बॉर्डर ग्रिड’ और नये हाई-टेक प्रोजेक्ट्स इस दौरे के दौरान गृह मंत्री सीमा सुरक्षा को मजबूत करने वाली कई नयी परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. इसमें सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, तस्करी और नेटवर्क घुसपैठ को रोकने के लिए सेंसर-आधारित तकनीक, आधुनिक निगरानी प्रणालियों और इंटेलिजेंस शेयरिंग को एकीकृत करने की योजना पर मुहर लग सकती है. सुरक्षा बलों के साथ सीधी रणनीति और सामूहिक भोज शुक्रवार को एसएसबी (SSB) फ्रंटियर मुख्यालय में अधिकारियों के साथ तकनीकी रोडमैप तय करने के साथ ही अमित शाह जवानों के साथ पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ (सामूहिक भोज) में शामिल होकर जमीनी चुनौतियों का सीधा फीडबैक लेंगे. ये भी पढ़ें: अमित शाह का बड़ा ऐलान- बंगाल में घुसपैठ और मवेशी तस्करी पर अब परमानेंट ब्रेक, अपराधी जायेंगे जेल नये आपराधिक कानूनों (BNS) का जमीनी क्रियान्वयन सीमा सुरक्षा के साथ-साथ अमित शाह सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में देश के 3 नये आपराधिक कानूनों (हिंदुस्तानीय न्याय संहिता, हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता और हिंदुस्तानीय साक्ष्य अधिनियम) पर केंद्रित प्रदर्शनी और समीक्षा बैठक में भाग लेंगे. इसका मकसद सीमावर्ती इलाकों में नये कानूनों के तहत त्वरित कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई को सुनिश्चित करना है. शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने सिलीगुड़ी में डाला डेरा केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए राज्य के कार्यवाहक महानिदेशक और पुलिस प्रमुख सिद्धार्थ नाथ गुप्ता समेत कई शीर्ष पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए पहले ही सिलीगुड़ी में डेरा डाल चुके हैं. The post ‘चिकन नेक’ पर अभेद्य ‘स्मार्ट ग्रिड’ पर मंथन के लिए अमित शाह पहुंचे सिलीगुड़ी, शुभेंदु अधिकारी ने किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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हाईकोर्ट के फैसले पर छात्र नेता ने कहा, झारखंड सरकार ने हमारे साथ किया छल; मुख्यमंत्री के पुतला दहन का किया ऐलान

रांची: झारखंड हाई कोर्ट में जेपीएससी और अन्य परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को हुए सुनवाई के बाद जेपीएससी जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने छात्रों के साथ छल होने की बात कही. मंच के रविंद्र पासवान ने कहा कि आज कोर्ट में जो कार्रवाई हुई उसको देखकर हमें ठगा हुआ महसूस हो रहा है. हमने मुख्यमंत्री और प्रशासन के डेलिगेशन की बात सुनी, हमें लगा प्रशासन की मंशा छात्रहित में है. लेकिन राज्य के छात्रों के साथ छल किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम राज्य के छात्रों के साथ हैं तो आज कोर्ट में यह मंशा क्यों नहीं दिखाई दी. इसलिए हम शुक्रवार को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री के पुतला दहन का आह्वान करते हैं. मंच के कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि कोर्ट की कार्रवाई के दौरान कोई बड़ा वकील उपस्थित नहीं रहा, जो वकील थे उन्होंने कुछ नहीं बोला. ऐसे में लगता है प्रशासन ने छात्रों को ठगने का काम किया है. अगर प्रशासन छात्रों को ठगने का काम करेगी तो हम 2 महीने से पहले ही एक बड़ा आंदोलन करेंगे. जिसमें लाखों स्टूडेंट शामिल होंगे, इसमें हम मुख्यमंत्री के इस्तीफा की मांग करेंगे. यह जानकारी रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई. The post हाईकोर्ट के फैसले पर छात्र नेता ने कहा, झारखंड प्रशासन ने हमारे साथ किया छल; मुख्यमंत्री के पुतला दहन का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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11वीं-13वीं JPSC और FSO भर्ती पर सरकार के फैसले पर HC की रोक का क्या है मतलब?

झारखंड में प्रशासनी नौकरी की भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. प्रशासन ने कथित गड़बड़ियों के चलते कई भर्ती परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. इनमें कुछ ऐसी भर्तियां भी शामिल थीं, जिनमें उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी थी और वे प्रशासनी नौकरी कर रहे थे. अब 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और इन परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के प्रशासन के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है. इससे नौकरी कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी नौकरी हमेशा के लिए सुरक्षित हो गई है. मामला अभी अदालत में है और अंतिम फैसला बाद में आएगा. पहले समझिए प्रशासन ने क्या फैसला लिया था 18 अगस्त को झारखंड प्रशासन ने 22 भर्ती परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. इसके अलावा प्रशासन ने 6 भर्ती प्रक्रियाओं को जांच पूरी होने तक रोक दिया और 17 पुरानी JPSC भर्तियों की जांच CID को सौंप दी गई. इस तरह कुल 45 भर्ती प्रक्रियाएं प्रशासन के इस फैसले से प्रभावित हुईं. प्रशासन ने यह कदम भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उठाया. ये भी पढ़ें: प्रशासनी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवादों के पीछे क्या है कारण ? जानिए सिस्टम में कहां है गड़बड़ी जिनकी नौकरी लग चुकी है, उनका क्या होगा? प्रशासन के फैसले की सबसे बड़ी पेचीदगी यह थी कि कुछ परीक्षाएं सिर्फ परीक्षा या परिणाम के स्तर पर नहीं थीं, बल्कि उनके जरिए नियुक्तियां भी हो चुकी थीं. आसान भाषा में कहें तो कई परीक्षाओं का रिजल्ट आ गया था तो कई परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर उम्मीदवारों की नौकरी भी लग चुकी थी. उदाहरण के लिए 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के जरिए 342 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं. इसी तरह JSSC-CGL के जरिए करीब 1,932 उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी थी. इसके अलावा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी जैसी कुछ दूसरी भर्तियां में नियुक्ति अपने अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थीं. ऐसे में अगर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द होती, तो इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ता जिन्होंने परीक्षा पास की, चयन पाया और नौकरी जॉइन कर ली. अब समझिए 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने क्या कहा? 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती को रद्द करने के प्रशासन के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी. इसके साथ ही इन परीक्षाओं के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं के अमल पर भी रोक लगा दी गई. मामले में अदालत ने राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी. आसान भाषा में इसका मतलब है कि अभी प्रशासन सिर्फ अपने रद्दीकरण आदेश के आधार पर इन कर्मचारियों की नौकरी खत्म नहीं कर सकती. यहां एक जरूरी बात ये है कि हाईकोर्ट ने अभी यह अंतिम फैसला नहीं दिया है कि प्रशासन का रद्दीकरण पूरी तरह गलत है या भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई ही नहीं थी. तो अब किसी की नौकरी नहीं जाएगी ? नहीं, अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा. हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल एक अंतरिम राहत है. यानी जिन कर्मचारियों की नौकरी पर प्रशासन के फैसले से खतरा पैदा हुआ था, उनमें फिलहाल सिर्फ JPSC 11वीं-13वीं और FSO भर्ती से जुड़े कर्मचारियों पर ही यह कार्रवाई रुकी है. वे तत्काल तौर पर राहत में हैं. बाकी भर्तियों (जैसे JSSC-CGL, CDPO) से जुड़े कर्मचारियों की याचिकाओं पर अभी सुनवाई होनी बाकी है. लेकिन भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. आगे अदालत में प्रशासन की दलीलें, जांच में सामने आए तथ्य और प्रभावित कर्मचारियों की बात सुनेगी. इसके बाद ही इस मामले पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. इसलिए इसे नौकरी हमेशा के लिए बच गई कहना सही नहीं होगा. इसे ज्यादा सही बात यह है कि फिलहाल नौकरी खत्म करने की कार्रवाई पर रोक लग गई है. प्रशासन के फैसले का क्यों विरोध कर रहे नियुक्त कर्मचारी ? नियुक्त कर्मचारियों का कहना है अगर भर्ती प्रक्रिया में किसी अधिकारी, एजेंसी या किसी दूसरे व्यक्ति ने गड़बड़ी की है, तो उसकी सजा उन उम्मीदवारों को क्यों मिले जिन्होंने नियम के मुताबिक परीक्षा दी और मेहनत से नौकरी हासिल किया? यानी अगर कोई उम्मीदवार खुद किसी गड़बड़ी में शामिल नहीं है, तो सिर्फ भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता की वजह से उसकी नौकरी छीनना कितना सही है. यह बड़ा कानूनी सवाल है. इसी मुद्दे को लेकर कोर्ट में प्रशासन के फैसले को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि संबंधित कर्मचारियों को पर्याप्त मौका दिए बिना उनकी नियुक्तियां रद्द करना उचित नहीं है. हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल इसी तरह की दलीलों को राहत मिली है. ये भी पढ़ें: वंदे मातरम के आखिरी चार श्लोक में क्या है जिसे कांग्रेस नहीं गाती? समझिए पूरा विवाद यह पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ? इस विवाद की शुरुआत 14वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को लेकर उठे सवालों से तेज हुई. कुछ अभ्यर्थियों ने रिजल्ट, श्रेणीवार कटऑफ और मूल्यांकन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इसके बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ओएमआर शीट सामने आई. हालांकि, उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी. मामला बढ़ने के बाद राज्य प्रशासन ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी. इसके बाद एक विशेष जांच दल(SIT) बनाया गया और जांच का दायरा परीक्षा कराने वाली एजेंसी तक भी पहुंचा. धीरे-धीरे विवाद सिर्फ 14वीं जेपीएससी परीक्षा तक सीमित नहीं रहा. दूसरी भर्ती परीक्षाएं और प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में आने लगीं. इसके बाद छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला. आंदोलन और जांच के बीच प्रशासन ने कई भर्ती परीक्षाओं और प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला लिया. अब आगे क्या होगा? अब इस मामले में तीन बातें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगी. प्रशासन हाईकोर्ट में क्या सबूत देती है? राज्य प्रशासन को अब अदालत के सामने यह बताना होगा कि उसने भर्ती प्रक्रियाओं

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