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बिहार MLC चुनाव में सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध जीते, निशांत कुमार और पवन सिंह पहली बार पहुंचे सदन

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव का परिणाम घोषित हो गया है. सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग ने सभी प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया. इस चुनाव में एनडीए के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. इस चुनाव की सबसे ज्यादा चर्चा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की रही. निशांत कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद पहुंचे हैं. उनके अलावा जदयू की ओर से हिंदुस्तानी मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद भी निर्वाचित हुए हैं. भोजपुरी स्टार पवन सिंह और निशांत बने MLC हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की ओर से भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने भी जीत दर्ज की है. उनके साथ भाजपा के संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित भी विधान परिषद पहुंचे हैं. लोजपा (रामविलास) से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील सिंह भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. सभी निर्वाचित सदस्य विधान परिषद पहुंच अपना सर्टिफिकेट प्राप्त कर रहे हैं. वहीं पवन सिंह की अनुपस्थिति में उनके भाई सर्टिफिकेट लेने पहुंचे हैं. निशांत ने प्राप्त किया सर्टिफिकेट मतदान की नहीं पड़ी जरूरत विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव होना था. कुल 10 सीटों के लिए सिर्फ 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. नामांकन पत्रों की जांच में सभी उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए गए. इसके बाद चुनाव मैदान में उम्मीदवारों की संख्या और सीटों की संख्या बराबर होने से मतदान की जरूरत नहीं पड़ी. किस पार्टी को कितनी सीटें? इस चुनाव में भाजपा और जदयू को 4-4 सीटें मिली हैं. वहीं लोजपा (रामविलास) और राजद के खाते में एक-एक सीट गई है. इस तरह एनडीए ने कुल 9 सीटों पर जीत दर्ज की है. दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर संकट? चुनाव परिणाम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर हो रही है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश इस बार एमएलसी नहीं बन सके. उन्हें एनडीए की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया था. ऐसे में अब उनके मंत्री पद को लेकर सवाल उठने लगे हैं. दीपक प्रकाश बिना किसी सदन के सदस्य बने ही दो बार बिहार प्रशासन में मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. हाल ही में नई सम्राट प्रशासन के गठन के बाद भी उन्हें मंत्री बनाया गया था. अब तय समय के भीतर किसी सदन की सदस्यता नहीं मिलने की स्थिति में उनके मंत्री पद पर संकट गहरा सकता है. नेतृत्वक गलियारों में इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. Also Read: 2 करोड़ का बंगला, थार और जेवरात, प्यून से अकाउंटेंट बने शख्स ने खड़ा कर लिया करोड़ों का साम्राज्य, अधिकारी हैरान The post बिहार MLC चुनाव में सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध जीते, निशांत कुमार और पवन सिंह पहली बार पहुंचे सदन appeared first on Naya Vichar.

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2 करोड़ का बंगला, थार और जेवरात, प्यून से अकाउंटेंट बने शख्स ने खड़ा कर लिया करोड़ों का साम्राज्य, अधिकारी हैरान

EOU Raid: बिहार के हाजीपुर में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की. टीम ने नगर परिषद के अकाउंटेंट मनीष कुमार के दो ठिकानों पर छापेमारी की. सुबह करीब 8 बजे EOU की टीम हाजीपुर के बागमली इलाके स्थित उनके आवास पर पहुंची. छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही. छापेमारी में क्या-क्या मिला? प्रारंभिक जांच में टीम को 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का आलीशान बंगला मिला है. इसके अलावा एक थार गाड़ी, लाखों रुपये की ज्वेलरी, 10 सीडी और नकदी भी बरामद हुई है. जांच अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं. इन कागजातों की जांच की जा रही है. पिता की जगह मिली थी नौकरी जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार को करीब 10 साल पहले अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी. उस समय उन्हें प्यून के पद पर नियुक्त किया गया था. बाद में वह अकाउंटेंट के पद तक पहुंच गए. जिस घर में छापेमारी चल रही है, उसकी कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. इसी घर में छापेमारी चल रही, इसकी कीमत 2 करोड़ से अधिक बताई जा रही परिवार के साथ रहते हैं मनीष कुमार बताया जा रहा है कि मनीष कुमार अपनी मां और पत्नी के साथ इसी बंगले में रहते हैं. उनके शिशु बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. अकाउंटेंट मनीष कुमार की फाइल फोटो आय से अधिक संपत्ति का आरोप आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, मनीष कुमार पर अपनी ज्ञात आय से लगभग 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. जांच एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 208.57 प्रतिशत अधिक है. शिकायत के बाद शुरू हुई जांच सूत्रों के मुताबिक, EOU को मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान मिले तथ्यों के बाद विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया. इसके बाद गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई की गई. फिलहाल EOU की टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य कागजातों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. Also Read: बिहार में 100 एकड़ में बनेगी डुमरी स्पोर्ट्स सिटी, इन खिलाड़ियों को मिलेगी प्रशासनी नौकरी, स्पोर्ट्स मंत्री की बैठक में क्या-क्या हुआ? The post 2 करोड़ का बंगला, थार और जेवरात, प्यून से अकाउंटेंट बने शख्स ने खड़ा कर लिया करोड़ों का साम्राज्य, अधिकारी हैरान appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर में आपसी विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों की झड़प में 5 लोग की हालत गंभीर

Kaimur Crime News:( सच्चिदानंद सिंह) कैमूर के दुर्गावती थाना क्षेत्र के मचखिया गांव में गुरुवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच पुराना विवाद फिर से सामने आ गया. जानकारी के अनुसार शौकत अली और असलम अली पक्ष के बीच बुधवार शाम को कहासुनी हुई थी. उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा. गुरुवार सुबह करीब 8 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. इसके बाद बात बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई. मारपीट के दौरान दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर का इस्तेमाल किया गया. कुछ ही देर में पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया. घायलों की स्थिति इस घटना में दोनों पक्षों के करीब 10 लोग घायल हो गए हैं.इनमें से 5 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. गंभीर घायलों में शामिल हैं- असलम अली (50 वर्ष) सोहराब अली (27 वर्ष) शौकत अली (40 वर्ष) जैबुन बीबी (65 वर्ष) अजमिरा (27 वर्ष) सभी घायलों को दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया.प्राथमिक उपचार के बाद सभी गंभीर घायलों को भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. पुलिस कार्रवाई घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को जानकारी दी गई.हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया था.पुलिस मामले की जांच कर रही है. Also Read: रोहतास में प्रदूषण सर्टिफिकेट ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 4 हिरासत में, जांच में जुटी पुलिस The post कैमूर में आपसी विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों की झड़प में 5 लोग की हालत गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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Suzuki Access 125 लेने का कर रहे प्लान? शोरूम जाने से पहले ये 5 बातें जरूर जान लें

अगर आप नई Suzuki Access 125 खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इसके अलग-अलग वेरिएंट्स को समझ लेना जरूरी है. कंपनी ने हाल ही में इस पॉपुलर स्कूटर को कई नए अपडेट्स के साथ पेश किया है. अब इसमें Bluetooth-कनेक्टेड TFT डिस्प्ले, चुनिंदा वेरिएंट्स में ABS और ऐसा इंजन मिलता है जो पहले के मुकाबले कम RPM पर ही अपना पीक टॉर्क देने लगता है. अब सवाल यह है कि डेली यूज के लिए कौन-सा वेरिएंट सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी हो सकता है? आइए जानते हैं. सिर्फ रंग नहीं बदलते, हर वेरिएंट में फीचर्स भी हैं अलग  अक्सर लोग शोरूम में बाइक खरीदने जाते समय सोचते हैं कि अलग-अलग वेरिएंट्स में बस रंग और ग्राफिक्स का ही फर्क होता है. लेकिन ऐसा नहीं है. हर वेरिएंट अलग फीचर्स के साथ आता है. अगर आप सभी जरूरी फीचर्स एक साथ चाहते हैं, तो Ride Connect TFT ABS Edition सबसे बेहतर ऑप्शन है. इसमें कलर TFT डिस्प्ले, Bluetooth कनेक्टिविटी और ABS जैसे तीनों बड़े फीचर्स मिलते हैं.  वहीं Ride Connect ABS Edition में ABS और Bluetooth तो मिलता है, लेकिन डिस्प्ले मोनोक्रोम है. दूसरी तरफ Ride Connect TFT Edition में कलर TFT डिस्प्ले और Bluetooth मिलता है, लेकिन ABS नहीं दिया गया है. सबसे बेसिक Standard और Special Edition की बात करें तो इनमें न Bluetooth मिलता है और न ही ABS. सिटी राइडिंग के लिए ट्यून किया गया इंजन अब यह इंजन 5,500 rpm की बजाय 5,000 rpm पर ही 10.2 Nm का टॉर्क देता है. आसान शब्दों में कहें तो स्कूटर कम स्पीड पर ही बेहतर खिंचाव महसूस कराता है. इसके अलावा CVT गियरबॉक्स को भी 30 से 60 km/h की स्पीड के बीच स्मूद और ग्रेजुअल एक्सेलरेशन देने के लिए ट्यून किया गया है. इसका फायदा यह है कि आपको बार-बार तेज एक्सेलरेटर देने की जरूरत नहीं पड़ती. यह भी पढ़ें: बार-बार चार्ज करने का झंझट खत्म, 2026 में लंबी रेंज वाले ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर मचा रहे धूम Ride Connect TFT vs Non-TFT: दोनों में समझें फर्क अगर आप टेक्नोलॉजी पसंद करते हैं, तो Access Ride Connect TFT Edition आपको जरूर पसंद आएगा. इसमें Bluetooth से कनेक्ट होने वाला TFT डिस्प्ले दिया गया है. इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, पहुंचने का अनुमानित समय (ETA), कॉल और SMS अलर्ट, WhatsApp नोटिफिकेशन, मिस्ड कॉल के साथ कॉलर ID, फोन की बैटरी स्टेटस, ओवर-स्पीड वार्निंग, मौसम की जानकारी, ट्रैफिक अपडेट और कैलेंडर अलर्ट जैसी सुविधाएं मिलती हैं. ये सभी फीचर्स Suzuki Ride Connect ऐप के जरिए आपके Android स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर काम करते हैं. वहीं, Non-TFT Ride Connect वेरिएंट में भी Bluetooth कनेक्टिविटी मिलती है, लेकिन इसमें नॉर्मल मोनोक्रोम डिस्प्ले दिया गया है. iPhone यूज करने वाले कस्टमर्स को शोरूम पर जाकर iOS सपोर्ट और उपलब्ध फीचर्स की डिटेल्स जरूर कन्फर्म कर लेनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी न हो. सामान रखने के लिए मिलता है बढ़िया स्पेस इसमें 24.4 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जिसमें फुल-फेस हेलमेट आसानी से रखा जा सकता है. सामने की तरफ दो यूटिलिटी पॉकेट्स दिए गए हैं, जहां आप अपना फोन, चाबी या पावर बैंक जैसी छोटी-मोटी चीजें रख सकते हैं. स्टैंडर्ड वेरिएंट को छोड़कर बाकी सभी वेरिएंट्स में USB चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है. इसके अलावा, सीट के नीचे हेलमेट टांगने के लिए दो हुक दिए गए हैं, जबकि हैंडलबार के पास भी दो हुक मिलते हैं. कागजों पर ये फीचर्स भले ही छोटे लगें, लेकिन डेली यूज में यही चीजें सबसे ज्यादा काम आती हैं. मुश्किल समय में किक-स्टार्ट आता है काम  Suzuki Access 125 की एक ऐसी खासियत है जिस पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता. इस स्कूटर में सेल्फ-स्टार्ट के साथ-साथ किक-स्टार्ट का भी ऑप्शन मिलता है. खास बात यह है कि अगर किसी वजह से बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज हो जाए, तब भी किक मारकर स्कूटर स्टार्ट किया जा सकता है. असल में, जिन घरों में एक से ज्यादा गाड़ियां होते हैं, वहां कई बार स्कूटर कई दिनों तक खड़ा रहता है और बैटरी डाउन होना नॉर्मल बात है. ऐसे में Access 125 का किक-स्टार्ट फीचर बड़ी राहत देता है. आजकल इस कीमत के ज्यादातर स्कूटर्स में किक-स्टार्ट का ऑप्शन ही नहीं मिलता. यह भी पढ़ें: ग्रॉसरी से लेकर रोजमर्रा के सामान तक, ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स आते हैं बड़ी डिग्गी के साथ The post Suzuki Access 125 लेने का कर रहे प्लान? शोरूम जाने से पहले ये 5 बातें जरूर जान लें appeared first on Naya Vichar.

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IIT जोधपुर में BS इन मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग का नया कोर्स लॉन्च, हाई-डिमांड जॉब्स के लिए करेगा तैयार

IIT Jodhpur New Course : IIT जोधपुर के गणित विभाग ने सेशन 2026-27 के लिए एक नया और विशेष चार-वर्षीय स्नातक कार्यक्रम बैचलर ऑफ साइंस इन मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है. यह प्रोग्राम थ्योरिटिकल गणित और मॉडर्न कंप्यूटर विज्ञान के सिद्धांतों को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया है. कोर्स में एडमिशन और सीटें कुल सीटें: इस प्रोग्राम में केवल 40 सीटें ही रखी गई हैं ताकि छात्रों को एक फोकस्ड और हाई-क्वालिटी लर्निंग एनवायरनमेंट मिल सके. सीटें बेहद कम होने के कारण इसमें कम्पटीशन काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है. प्रवेश प्रक्रिया: इस कोर्स में दाखिला पूरी तरह से JEE Advanced 2026 की मेरिट के आधार पर होगा.क्वालिफाई करने वाले छात्र इसे JoSAA काउंसलिंग की अपनी चॉइस लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. IIT Jodhpur New Course को लेकर शेयर किया पोस्ट 📐💻 The Department of Mathematics, IIT Jodhpur, launches the B.S. in Mathematics & Computing from AY 2026–27. ✅ Admissions via JEE Advanced✅ 40 Seats✅ Strong foundation in Mathematics & Computing✅ Future-focused interdisciplinary curriculum pic.twitter.com/isQh7QdAx7 — Indian Institute of Technology Jodhpur (@iitjodhpur) June 8, 2026 इस कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा? चार साल के इस सफर में छात्रों को मुख्य रूप से 5 बड़े क्षेत्रों में एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी: शुद्ध और व्यावहारिक गणित एल्गोरिदम डिजाइन प्रोग्रामिंग डेटा एनालिटिक्स कंप्यूटेशनल मॉडलिंग करियर के अवसर आज के ग्लोबल जॉब मार्केट में गणित और कंप्यूटिंग दोनों क्षेत्रों की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स की भारी मांग है. इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र कई हाई-डिमांड सेक्टर्स में शानदार करियर बना सकते हैं जैसे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और क्वांटिटेटिव एनालिसिस सेक्टर्स में. यह भी पढ़ें: NEET UG Re-Exam 2026: पटना के सभी कोचिंग संस्थान रहेंगे बंद, अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा The post IIT जोधपुर में BS इन मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग का नया कोर्स लॉन्च, हाई-डिमांड जॉब्स के लिए करेगा तैयार appeared first on Naya Vichar.

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एमपी में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर बोले सुखदेव भगत – यह लोकतंत्र की निर्मम हत्या

लोहरदगा से गोपी कृष्ण की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्र खारिज किए जाने का मामला अब नेतृत्वक तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के साथ जो हुआ है, वह केवल लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा नहीं, बल्कि उसकी निर्मम हत्या के समान है. चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल सुखदेव भगत ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करती है. ऐसे में किसी प्रत्याशी को पर्याप्त अवसर दिए बिना उसका नामांकन निरस्त कर देना कई गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. झारखंड का उदाहरण देते हुए कही यह बात कांग्रेस सांसद ने कहा कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को आपत्तियों और तकनीकी त्रुटियों पर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का पूरा अवसर दिया गया था. लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी प्राथमिकी या आपराधिक मामले के बावजूद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. समान मानदंड लागू नहीं हुए तो घटेगा भरोसा सुखदेव भगत ने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में सभी प्रत्याशियों के लिए समान मानदंड लागू नहीं किए जाएंगे, तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता कमजोर होगी. उन्होंने कहा कि निष्पक्षता लोकतंत्र की आत्मा है और यदि इसमें भेदभाव की गुंजाइश पैदा होती है, तो आम जनता का भरोसा भी प्रभावित होगा. नेतृत्वक दबाव और पक्षपात का लगाया आरोप कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का फैसला नेतृत्वक दबाव और पक्षपातपूर्ण रवैये का परिणाम है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष समीक्षा की जरूरत है और चुनाव आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके. चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग कांग्रेस ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की समीक्षा करने की मांग की है. साथ ही पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यक हुआ तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संवैधानिक और कानूनी विकल्पों का उपयोग किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: परिमल नाथवानी का पर्चा वैध, कांग्रेसी मंत्रियों के विरोध के बाद दिल्ली में डेरा जमाएंगे विधायक कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं. सुखदेव भगत ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता, समान अवसर और न्याय सर्वोपरि हैं तथा किसी भी नेतृत्वक दल या नेता के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी. इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक शुरू, सीएम हेमंत सोरेन भी हुए शामिल The post एमपी में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर बोले सुखदेव भगत – यह लोकतंत्र की निर्मम हत्या appeared first on Naya Vichar.

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योग दिवस पर रविवार को भी खुले रहेंगे झारखंड के सरकारी स्कूल, लाखों स्टूडेंट्स होंगे शामिल 

जमशेदपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर इस वर्ष झारखंड के प्रशासनी और प्रशासनी सहायता प्राप्त स्कूलों में योग का व्यापक अभियान चलाया जाएगा. राज्य प्रशासन ने 21 जून को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को योगमय झारखंड 2026-27 के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. रविवार होने के बावजूद राज्य के सभी स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और स्टूडेंट्स, टीचर्स और कर्मियों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.  12 से 15 जून तक शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” निर्धारित की गई है. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने एसओपी जारी की है. योजना के तहत 12 से 15 जून तक जिला, प्रखंड और संकुल (क्लस्टर) स्तर पर शिक्षकों का विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम होगा. वहीं स्कूलों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय योग ओलंपियाड के अंतर्गत पोस्टर, स्लोगन, कविता और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी. चयनित एंट्रीज को प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर मूल्यांकन के बाद एनसीइआरटी के राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. 16 से 20 जून तक रोजाना योग अभ्यास  16 से 20 जून तक सभी स्कूलों में प्रतिदिन सुबह 7:15 बजे से 8:00 बजे तक 45 मिनट का सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा. इसमें स्टूडेंट्स के साथ सभी टीचर और अन्य कर्मियों की भागीदारी अनिवार्य होगी. इसके अलावा 17 जून को सभी स्कूलों में सात सदस्यीय योग क्लब का पुनर्गठन भी किया जाएगा, जो पूरे साल योग से जुड़ी गतिविधियों का संचालन करेगा.  क्लास शुरू होने से पहले होगा दो मिनट का मेडिटेशन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने निर्देश जारी करते हुए निर्देश दिया है कि अब स्कूलों में हर दिन पहली क्लास शुरू होने से पहले क्लास टीचर दो मिनट का ध्यान (मेडिटेशन) कराएंगे. शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे स्टूडेंट्स में एकाग्रता, मानसिक संतुलन और सीखने की क्षमता में सकारात्मक सुधार आएगा. साथ ही स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को 21 जून को सम्मानित किया जाएगा. कार्यक्रम पर होने वाला खर्च समग्र शिक्षा के कॉम्पोजिट स्कूल ग्रांट मद से उठाया जाएगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि योग दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन और शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल की होगी.  यह भी पढ़ें: संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किए जाएंगे छऊ मुखौटा गुरु सुशांत महापात्र यह भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट का निर्देश, अब ऑनलाइन भू-अभिलेखों के सत्यापन पर डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे अंचल अधिकारी The post योग दिवस पर रविवार को भी खुले रहेंगे झारखंड के प्रशासनी स्कूल, लाखों स्टूडेंट्स होंगे शामिल  appeared first on Naya Vichar.

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बाहुबली अनंत सिंह से मिले पावर स्टार पवन सिंह, कई गाड़ियों का दिखा काफिला, BJP से बनेंगे MLC

Bihar News: बीजेपी नेता और भोजपुरी एक्टर पवन सिंह ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह से मुलाकात की. पवन सिंह, अनंत सिंह के पटना वाले घर पर पहुंचे थे. इस दौरान दोनों के बीच काफी बातचीत हुई. इससे जुड़ा वीडियो भी सामने आया. इस वीडियो में देखा गया कि पवन सिंह कई गाड़ियों के काफिले के साथ अनंत सिंह के आवास पर पहुंचे थे. लेकिन दोनों के बीच क्या बात हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है. साथ-साथ दिखे अनंत सिंह और पवन सिंह वीडियो में यह भी देखा गया कि मुलाकात के बाद अनंत सिंह, पवन सिंह को घर से बाहर तक छोड़ने आए. इस दौरान उनके समर्थक भी काफी संख्या में मौजूद रहे. मुलाकात का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है. पवन सिंह को बीजेपी ने एमएलसी उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने सोमवार को नामांकन किया था. 10 सीटों के लिए 10 कैंडिडेट्स ने ही नॉमिनेशन किया था. इसके बाद उनकी निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है. एमएलसी उम्मीदवार बनने पर सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से भी मिले थे बीजेपी ने चार उम्मीदवारों को कैंडिडेट बनाया था. इनमें पवन सिंह के अलावा डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं. एमएलसी उम्मीदवार बनने के बाद पवन सिंह ने सीएम सम्राट चौधरी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात की थी. साथ ही मीडिया से बात करते हुए एमएलसी कैंडिडेट पवन सिंह ने कहा था, संजय सरावगी जी को मेरा दिल से प्रणाम और दिल से धन्यवाद है. पार्टी मेरी मां है. एक बीजेपी परिवार का मैं सच्चा सेवक हूं और आजीवन रहूंगा. मेरा काम सच्चे दिल और मन से सिर्फ और सिर्फ सेवा करना है. आज है नामांकन वापस लेने की तारीख बिहार में विधान परिषद चुनाव की बात करें तो, पहली जून से आठ जून तक नामांकन की तारीख थी. नौ जून को नामांकन पत्रों की जांच की गई. 11 जून तक नाम वापसी का समय था. अब तक किसी भी उम्मीदवार ने अपने नाम वापस नहीं लिए हैं. इसके साथ ही 10 सीटों पर चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन किया था. ऐसी स्थिति में बिना मतदान के ही निर्विरोध सभी 10 उम्मीदवारों का सदन जाना तया माना जा रहा है. Also Read: श्रावणी मेला 2026: बिहार में इस बार ड्रोन और लेजर लाइट शो, बनेंगे 25 स्विस कॉटेज, शिवमय होगा कांवर पथ The post बाहुबली अनंत सिंह से मिले पावर स्टार पवन सिंह, कई गाड़ियों का दिखा काफिला, BJP से बनेंगे MLC appeared first on Naya Vichar.

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वेलकम टू द जंगल में दिखेगा कॉमेडी का महाकुंभ, ट्रेलर में मजनू भाई की झलक बनी सरप्राइज पैकेज

Welcome To The Jungle Trailer: लंबे इंतजार के बाद फाइनली ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. पॉपुलर ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म में अनलिमिटेड कॉमेडी देखने को मिल रही है. ट्रेलर की शुरुआत बेहद अलग तरीके से होती है, जहां एक साथ कई कलाकारों की एंट्री दिखाई जाती हैं और उनका नाम भी लिया जाता है. फिर परेश रावल कहते हैं, पहले टॉप का हीरो था, अब फ्लॉप का हीरो है. वेलकम टू द जंगल का धांसू ट्रेलर आउट ट्रेलर में साफ पता चलता है कि इस बार मेकर्स कॉमेडी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने वाले हैं. शुरुआत से आखिर तक फुल ऑन मस्ती, कन्फ्यूजन और मजेदार गड़बड़ियों का सिलसिला चलता रहता है, जो आपको हंसने पर मजबूर कर देगा. सबसे खास बात यह है कि वीडियो में पुराने ‘वेलकम’ के कई नॉस्टैल्जिक मोमेंट्स की झलक देखने को मिलती है. खासकर ‘मजनू भाई’ वाइब्स वाला सीक्वेंस टोटल शो-स्टीलर बनकर सामने आया है. वेलकम टू द जंगल के बारे में ‘वेलकम टू द जंगल’ का निर्देशन अहमद खान ने किया है. फिल्म 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. मेकर्स का दावा है कि इस बार फ्रेंचाइजी एंटरटेनमेंट और कॉमेडी की सारी हदें पार कर देगी. फिल्म की स्टारकास्ट इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है. अक्षय कुमार के अलावा इसमें सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, उर्वशी रौतेला, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे स्टार्स की टोली है. फिल्म साल 2026 की सबसे बड़ी बॉलीवुड कॉमेडी फिल्मों में से एक बनने जा रही है. दर्शक इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. यह भी पढ़ें- Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: घर छोड़कर चला गया करण, नंदिनी-दामिनी की हुई जबरदस्त बहस The post वेलकम टू द जंगल में दिखेगा कॉमेडी का महाकुंभ, ट्रेलर में मजनू भाई की झलक बनी सरप्राइज पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक शुरू, सीएम हेमंत सोरेन भी हुए शामिल

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Niti Aayog Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 11वीं बैठक शुरू हो गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे और परिषद की कार्यवाही में शामिल हुए. देश के समग्र विकास और वर्ष 2047 तक ‘विकसित हिंदुस्तान’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयोजित इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. मेट्रो रेल परियोजना की मांग उठा सकते हैं हेमंत सोरेन बैठक को लेकर झारखंड में भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष राज्य में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की मांग रख सकते हैं. लंबे समय से रांची समेत अन्य प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल सेवा की आवश्यकता महसूस की जा रही है. ऐसे में नीति आयोग की बैठक के दौरान राज्य के बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाए जाने की संभावना है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा कि वह नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना से प्रेरित होकर केंद्र और राज्य मिलकर हिंदुस्तान की विकास यात्रा को नई गति देने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास ही ‘विकसित हिंदुस्तान’ के साझा संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. समावेशी मानव विकास पर होगा विशेष फोकस आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बार की बैठक में ‘समावेशी मानव विकास ढांचा’ पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी. इसके तहत चार प्रमुख स्तंभों पर विचार किया जाएगा. इनमें बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास, उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास, स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र कल्याण तथा सभी नागरिकों के लिए समानता और गरिमा सुनिश्चित करना शामिल है. रोजगार और कौशल विकास पर भी होगी चर्चा बैठक के दौरान देशभर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मजबूत बनाने और टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा. केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर युवाओं के लिए अधिक रोजगार सृजित करने की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: रांची का सदर अस्पताल बनेगा टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर मंथन नीति आयोग की शासी परिषद 26 से 28 दिसंबर 2025 के दौरान आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी विचार करेगी. उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक आमतौर पर हर वर्ष आयोजित की जाती है. पिछली बैठक 24 मई 2025 को आयोजित हुई थी, जबकि इस बार की बैठक को विकसित हिंदुस्तान-2047 के रोडमैप के लिहाज से विशेष महत्व दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें: कांग्रेस के मंत्रियों का विधानसभा में हंगामा, सलमान खुर्शीद को पक्ष रखने की नहीं मिली अनुमति The post पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक शुरू, सीएम हेमंत सोरेन भी हुए शामिल appeared first on Naya Vichar.

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