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क्या Welcome To The Jungle के लिए अक्षय कुमार ने लिए 1.7 करोड़ रुपये? अभिनेता ने बताई सच्चाई

Akshay Kumar Fees: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने हाल ही में उन समाचारों पर रिएक्ट किया. जिसमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने कॉमेडी ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ 1.7 करोड़ रुपये फीस ली है. खिलाड़ी कुमार ने इन रूमर्स को पूरी तरह गलत बताया और साफ लिया कि उन्हें इतनी रकम मिली ही नहीं है. क्या वेलकम टू द जंगल के लिए अक्षय कुमार ने ली 1.7 करोड़ की फीस ‘वेलकम टू द जंगल’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान जब एक पत्रकार ने उनकी फीस को लेकर सवाल पूछा, तब अक्षय ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि जितनी रकम की चर्चा हो रही है, उतनी तो उन्होंने ली भी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक इमोशनल जुड़ाव रखती है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मूवी की कहानी दिवंगत लेखक नीरज वोरा ने लिखी थी, जिनका योगदान हिंदी सिनेमा में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. वेलकम टू द जंगल का ट्रेलर ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. वीडियो में अनलिमिटेड कॉमेडी, हंसी और जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है. ट्रेलर की शुरुआत बड़े और दमदार अंदाज में होती है, जहां एक साथ कई कलाकार नजर आते हैं. कहानी में जबरदस्त भ्रम, मजेदार परिस्थितियां देखने को मिलते हैं. मजनू भाई वाला सीन सेंटर ऑफ अट्रैक्शन लग रहा है. इस दिन रिलीज होगी वेलकम टू द जंगल ‘वेलकम टू द’ जंगल का निर्देशन अहमद खान ने किया है और यह फिल्म 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. निर्माताओं का दावा है कि इस बार दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा बड़ा मजा आने वाला है. स्टारकास्ट की बात करें तो इसमें सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, उर्वशी रौतेला, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कृष्णा अभिषेक, किकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे स्टार्स की टोली है. यह भी पढ़ें- Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: घर छोड़कर चला गया करण, नंदिनी-दामिनी की हुई जबरदस्त बहस The post क्या Welcome To The Jungle के लिए अक्षय कुमार ने लिए 1.7 करोड़ रुपये? अभिनेता ने बताई सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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तेल और ग्रीस से काले पड़ गए हैं किचन कैबिनेट्स? ये 5 क्लीनिंग हैक्स मिनटों में लौटा देंगे खोई हुई चमक

Cleaning Tips: किचन को हमारे घर के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहीं पर पूरे परिवार के लिए एक से एक टेस्टी और हेल्दी चीजें बनाई जाती हैं. लेकिन, अगर इसकी सफाई का ख्याल न रखा जाए, तो कुछ ही दिनों में तेल, धुआं और भाप किचन के कैबिनेट्स यानी कि अलमारियों में जमने लग जाते हैं. कुछ ही समय बाद जब आप अपने कैबिनेट्स को चेक करते हैं, तो ये इतने गंदे और चिपचिपे हो चुके होते हैं कि इन्हें छूने में भी बिलकुल ही अजीब सा लगता है. अगर आपके किचन के कैबिनेट्स भी तेल और गंदगी की वजह से अपनी शाइन खो चुके हैं, तो आपको टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल भी नहीं है. आज हम आपको 5 ऐसे आसान घरेलू हैक्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप किचन के गंदे और चिपचिपे कैबिनेट्स को मिनटों में नया जैसा चमका सकते हैं. तो चलिए इन हैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. लिक्विड डिश सोप और गुनगुने पानी का इस्तेमाल अगर आप किचन के कैबिनेट्स की सफाई करना चाहते हैं तो लिक्विड डिश सोप और गुनगुने पानी का इस्तेमाल सबसे आसान और असरदार तरीका है. डिश वॉश लिक्विड को इस तरह से बनाया जाता है कि वह बर्तनों से तेल को आसानी से निकाल सके. यह एक बड़ी वजह है कि यह कैबिनेट्स की चिकनाई हटाने में भी बहुत मददगार साबित होता है. इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में गुनगुना पानी लें और उसमें कुछ बूंदें डिश वॉश लिक्विड की मिलाएं. अब एक स्पंज या कॉटन के कपड़े को इस घोल में डुबोएं, इसे अच्छे से निचोड़ें और कैबिनेट की सतह को हल्के हाथों से साफ करें. इसके बाद एक साफ सूखे कपड़े से कैबिनेट को पोंछ लें. अब आपका कैबिनेट पहले से काफी ज्यादा साफ और शाइनी लगने लगेगा. बेकिंग सोडा और पानी का मैजिकल पेस्ट अगर आपके किचन कैबिनेट्स पर तेल की मोटी और जिद्दी लेयर जम गई है, तो इससे छुटकारा पाने में बेकिंग सोडा आपकी मदद कर सकता है. इसके लिए बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को चिपचिपी जगह पर लगाकर 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद एक पुराने टूथब्रश या सॉफ्ट स्क्रबर से इसे धीरे-धीरे रगड़ें. जब आप ऐसा करते हैं तो कैबिनेट पर जमी सारी गंदगी और चिकनाई तुरंत ढीली होकर साफ हो जाएगी. लास्ट में इसे गीले कपड़े से पोंछकर सुखा लें. वाइट विनेगर का करें इस्तेमाल आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन वाइट विनेगर एक बेहतरीन नेचुरल क्लीनर है. इसकी एसिडिक प्रॉपर्टीज तेल और ग्रीस को मिनटों में काट देती हैं. इसके लिए सबसे पहले एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में वाइट विनेगर और गुनगुना पानी मिला लें. इस मिश्रण को अपने चिपचिपे कैबिनेट्स पर स्प्रे करें और 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद एक माइक्रोफाइबर कपड़े से इसे साफ कर लें. इससे न सिर्फ चिकनाई साफ होगी, बल्कि कैबिनेट की खोई हुई शाइन भी वापस आ जाएगी. नींबू का रस और नमक का पावरफुल कॉम्बिनेशन नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड चिकनाई को हटाने में बहुत कारगर होता है, जबकि नमक एक स्क्रबर की तरह काम करता है. अगर आप इनकी मदद से किचन के कैबिनेट की सफाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आधे कटे हुए नींबू पर थोड़ा सा नमक छिड़कें और इसे सीधे कैबिनेट के चिपचिपे हिस्सों पर रगड़ें. अगर कैबिनेट लकड़ी का है, तो ज्यादा जोर से न रगड़ें ताकि स्क्रैच न आएं. नींबू और नमक का यह मेल न केवल कैबिनेट्स को चमका देगा, बल्कि आपके किचन को एक बेहद एक फ्रेश और अच्छी खुशबू से भी भर देगा. गुनगुने पानी और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल अगर आपके किचन में महंगे वुडन कैबिनेट्स लगे हुए हैं और आप इनकी सफाई के लिए केमिकल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो यह सबसे बेस्ट तरीका बेस्ट है. एक कटोरी में थोड़े से गुनगुने पानी में कुछ बूंदें ऑलिव ऑयल और थोड़ा सा विनेगर मिलाएं. इसके बाद इस मिश्रण को कपड़े की मदद से कैबिनेट्स पर लगाएं. ऑलिव ऑयल लकड़ी के मॉइस्चर को बनाए रखता है और उस पर एक सेफ्टी आर्मर बना देता है, जिससे आने वाले दिनों में भी इसमें तेल आसानी से नहीं जमता. ये भी पढ़ें: पानी की टंकी साफ करने में निकल जाती है जान? ये आसान ट्रिक्स बचाएंगी आपका समय और मेहनत The post तेल और ग्रीस से काले पड़ गए हैं किचन कैबिनेट्स? ये 5 क्लीनिंग हैक्स मिनटों में लौटा देंगे खोई हुई चमक appeared first on Naya Vichar.

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सायोनी घोष ने भी ममता बनर्जी को छोड़ा, पढ़ें भूपेंद्र यादव के घर 1 घंटे चली गुप्त बैठक की इनसाइड स्टोरी

खास बातें शुभेंदु अधिकारी के साथ सायोनी घोष की गुप्त बैठक भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक की इनसाइड स्टोरी बागियों की लिस्ट में ग्लैमर जगत से जमीनी नेता तक शामिल NDA को समर्थन का क्या है सीक्रेट प्लान? Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: NDA प्रशासन को बाहर से देंगे समर्थन कोलकाता से दिल्ली तक खत्म हुई ममता की सल्तनत Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का दौर जारी है. ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे नेता एक-एक कर उनका साथ छोड़ने लगे हैं. विधायकों के बाद टीएमसी के सांसदों में भी अभूतपूर्व भगदड़ की स्थिति है. जादवपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित युवा सांसद और तृणमूल कांग्रेस के यूथ विंग की निवर्तमान अध्यक्ष सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) ने भी ममता और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती देते हुए बागी खेमे में शामिल हो गयीं हैं. शुभेंदु अधिकारी के साथ सायोनी घोष की गुप्त बैठक दिल्ली में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के प्रशासनी आवास पर बागी सांसदों की गुप्त और उच्चस्तरीय बैठक हुई है. करीब एक घंटे तक चली बैठक में सायोनी घोष मौजूद थीं. बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी ने साफ कर दिया है कि ममता बनर्जी की सल्तनत का संसदीय ढांचा अब पूरी तरह ढहने की कगार पर पहुंच गया है. भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक की इनसाइड स्टोरी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस अति-गोपनीय बैठक में सायोनी घोष के अलावा टीएमसी की वरिष्ठ स्त्री सांसद माला रॉय, प्रतिमा मंडल और मिताली बाग भी शामिल थीं. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं. दलबदल कानून (Anti-Defection Law) से बचने और अपनी सदस्यता बरकरार रखने के लिए बागी गुट को दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता थी. समाचार है कि बागी खेमे ने कुल 20 सांसदों के समर्थन की सूची लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी है. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत पर वर्ल्ड मीडिया ने लिखा- अदम्य योद्धा का दुखद नेतृत्वक अंत बागियों की लिस्ट में ग्लैमर जगत से जमीनी नेता तक शामिल बागी सांसदों की सूची में बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय, टॉलीवुड के सुपरस्टार और घाटाल से सांसद दीपक अधिकारी (देव), हुगली की रचना बनर्जी और मेदिनीपुर की जून मालिया जैसे लोकप्रिय और ग्लैमरस चेहरे शामिल हैं. जंगीपुर के खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद के अबू ताहिर खान, बैरकपुर के पार्थ भौमिक, मथुरापुर के बापी हलदार, कूचबिहार के जगदीश चंद्र बासुनिया, झारग्राम के कालीपद सोरेन, बांकुड़ा के अरूप चक्रवर्ती, वर्धमान पूर्व की शर्मिला प्रशासन और बोलपुर के असित कुमार माल ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. सांसद प्रसून बनर्जी भी विद्रोही गुट के साथ आ गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें NDA को समर्थन का क्या है सीक्रेट प्लान? टीएमसी के बागी सांसद अभी टीएमसी से औपचारिक इस्तीफा नहीं दे रहे हैं. न ही वे तुरंत हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता लेंगे. कानूनी अयोग्यता से बचने के लिए 20 सांसदों ने खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताते हुए संसद के भीतर स्वतंत्र संसदीय ब्लॉक (Separate Parliamentary Bloc) के रूप में मान्यता देने की मांग की है. Saayoni Ghosh Joins TMC Rebels: NDA प्रशासन को बाहर से देंगे समर्थन सूत्रों का दावा है कि भूपेंद्र यादव और शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई इस बैठक में सहमति बनी है कि काकोली घोष दस्तीदार का यह नया 20 सांसदों का मजबूत गुट लोकसभा में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) प्रशासन को नीतिगत मुद्दों पर बाहर से समर्थन जारी रखेगा. इसे भी पढ़ें : बागी विधायकों की संख्या 64 हुई, रीतब्रत बोले- तृणमूल के कांग्रेस में विलय की कोई संभावना नहीं कोलकाता से दिल्ली तक खत्म हुई ममता की सल्तनत पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन खोने के बाद ममता बनर्जी को इस बात का गुमान था कि तृणमूल कांग्रेस संसद में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. लेकिन, काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में 20 सांसदों ने टीएमसी सुप्रीमो के पैरों तले से जमीन खिसका दी. धीरे-धीरे यह कुनबा बड़ा होता जा रहा है. उधर, कोलकाता में रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 80 में से 64 विधायक बागी हो चुके हैं. इसे भी पढ़ें सायोनी घोष ने टीएमसी में मचा दी खलबली, सोशल मीडिया अकाउंट से हटायी ममता-अभिषेक की तस्वीरें तृणमूल का कांग्रेस में होगा विलय! सोनिया गांधी से मिलीं ममता बनर्जी, अभिषेक से राहुल की हुई मुलाकात काकोली घोष से शताब्दी रॉय तक, ममता बनर्जी की सल्तनत खत्म करने वालों की पूरी लिस्ट आयी सामने सोनिया गांधी के गले लगकर क्यों रो पड़ीं तृणमूल चीफ ममता बनर्जी? जानें जादू की झप्पी की इनसाइड स्टोरी The post सायोनी घोष ने भी ममता बनर्जी को छोड़ा, पढ़ें भूपेंद्र यादव के घर 1 घंटे चली गुप्त बैठक की इनसाइड स्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं होती? NHAI ने बताया इसके पीछे की वजह

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि नेशनल हाईवे पर पूरी सड़क के किनारे-किनारे लाइटें क्यों नहीं लगी होती हैं. लंबे और चौड़े हाईवे को देखकर कई लोगों को लगता है कि इन पर हर समय पूरी रोशनी होनी चाहिए. लेकिन NHAI का कहना है कि यह सिर्फ एक मिथ है. दरअसल, हाईवे पर लाइटिंग को लेकर कुछ तय मानक और नियम हैं, जिनके आधार पर ही अलग-अलग जगहों पर लाइटें लगाई जाती हैं. क्या है नियम? हर किलोमीटर पर रोशनी करना न तो जरूरी माना जाता है और न ही मुमकिन है. हिंदुस्तान में सड़कों के डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मानक तय करने वाली संस्था IRC (इंडियन रोड्स कांग्रेस) इसके लिए साफ-साफ गाइडलाइन देती है. इन्हीं गाइडलाइन के तहत हाईवे पर लाइटिंग सिर्फ उन जगहों पर लगाई जाती है, जहां सेफ ड्राइविंग के लिए बेहतर विजिबिलिटी सबसे ज्यादा जरूरी होती है. यानी रोशनी वहीं दी जाती है जहां इसकी असल में जरूरत हो, ताकि यात्रियों की सेफ्टी भी बनी रहे और संसाधनों का बेवजह खर्च भी न हो. यह भी पढ़ें: हफ्तों तक पार्किंग में खड़ी रहती है कार? इन 5 बातों का रखें ध्यान वरना नुकसान पक्का है हाईवे पर लाइटें किन-किन जगहों पर लगाई जाती हैं? टोल प्लाजा के आसपास जहां दो या उससे ज्यादा सड़कें आपस में मिलती हैं फ्लाईओवर और अंडरपास पर शहरों, कस्बों या आबादी वाले इलाकों में बस स्टॉप, बस बे और ट्रकों के रुकने वाली जगहों पर ऐसे हिस्सों में जहां दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा हो या ट्रैफिक काफी अधिक रहता हो हाईवे पर हर जगह लाइटें क्यों नहीं लगाई जातीं? हजारों किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क पर हर जगह लाइट लगाना न सिर्फ बेहद महंगा काम है, बल्कि इससे बिजली की खपत और रखरखाव का खर्च भी काफी बढ़ जाएगा. इसी वजह से जरूरत वाले हिस्सों, जैसे शहरों के पास, इंटरचेंज और टोल प्लाजा एरिया में ही लाइटिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. वहीं बाकी हिस्सों में ड्राइवरों की सेफ्टी के लिए रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड, चमकदार रोड मार्किंग्स और कई एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स लगाए जाते हैं, ताकि रात के समय भी सफर सेफ और आसान बना रहे. यह भी पढ़ें: मॉनसून में अपनी कार को कैसे रखें बिल्कुल फिट? ये आसान चेकलिस्ट आएगी आपके काम The post नेशनल हाईवे की पूरी लंबाई में स्ट्रीट लाइटें क्यों नहीं होती? NHAI ने बताया इसके पीछे की वजह appeared first on Naya Vichar.

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नीति आयोग की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने बुलंद की झारखंड की आवाज, जानें क्या-क्या रखी मांगें

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Hemant Soren, रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास, संसाधनों पर अधिकार और केंद्र से अपेक्षित सहयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया. अपने विस्तृत संबोधन में मुख्यमंत्री ने झारखंड को केवल खनिज संपदा वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देश के भविष्य के औद्योगिक, शैक्षणिक और मानव संसाधन विकास के केंद्र के रूप में देखने की वकालत की. खास तौर पर उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य प्रशासन लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में 220 अतिरिक्त स्नातक और 217 स्नातकोत्तर सीटों की स्वीकृति लंबित है. उन्होंने केंद्र प्रशासन से इन प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया. इसके अलावा पीपीपी मोड में प्रस्तावित छह मेडिकल कॉलेजों में से चार को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि दो की स्वीकृति अभी शेष है. मुख्यमंत्री ने इन दोनों कॉलेजों को भी जल्द मंजूरी देने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि विकसित हिंदुस्तान-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब झारखंड जैसे राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रदेशों के बजाय विकास के बराबर भागीदार के रूप में स्वीकार किया जाएगा. केवल खनिज संपदा से विकास संभव नहीं: CM हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश के औद्योगिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है. कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और अन्य खनिजों ने देश के औद्योगिक विकास को ऊर्जा दी है, लेकिन इसके बदले राज्य ने विस्थापन, पर्यावरणीय दबाव और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना भी किया है. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों के अनुभव से यह स्पष्ट हो चुका है कि केवल खनिज संपदा से विकास संभव नहीं है. इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण को प्राथमिकता देनी होगी. रांची: हेमंत सोरेन ने नीति आयोग की बैठक में झारखंड के लिए 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया भुगतान, जल जीवन मिशन की राशि, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी समेत कई अहम मांगें रखीं.@HemantSorenJMM #HemantSoren #NITIAayog #Jharkhand #JharkhandNews #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/4yBqJv7J9r — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 11, 2026 शिक्षा व आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने की रखी मांग मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से लगभग 15 हजार केंद्र आज भी अपने भवन से वंचित हैं. इसके बावजूद पोषण अभियान और राज्य प्रशासन के ‘सामर’ कार्यक्रम के कारण कुपोषण और स्टंटिंग में उल्लेखनीय कमी आई है. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन अपने संसाधनों से 5000 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कर रही है और केंद्र प्रशासन के सहयोग से इस कार्य में और तेजी लाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अब झारखंड के विद्यार्थी आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित हो रहे हैं. राज्य प्रशासन इसी तर्ज पर 5000 विद्यालय विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने झारखंड में पीएम श्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की. साथ ही राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए एनसीईआरटी का एक क्षेत्रीय केंद्र झारखंड में स्थापित करने का आग्रह किया. Also Read: गुमला-सिमडेगा सीमा पर भीषण सड़क हादसा, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत कौशल विकास और रोजगार को प्राथमिकता देने की मांग हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड आज प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रहा है. मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत अब तक 6.76 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है. कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने बताया कि राज्य में कौशल विकास पर हर वर्ष 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं तथा एशियाई विकास बैंक के सहयोग से 1200 करोड़ रुपये की लागत से मेगा स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण (बीओसीडब्ल्यू) योजना के संचालन में राज्यों को अधिक लचीलापन दिया जाए, ताकि प्रवासी और निर्माण श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके. सीएम ने की स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र से सहयोग की अपेक्षा मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला मुख्यालयों से पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है. पंचायत स्तरीय दवा दुकान योजना के तहत राज्य के 24 जिलों में 1276 दवा दुकानें संचालित हो रही हैं. उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र प्रशासन से सहयोग की मांग की है. स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आज हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और तीरंदाजी जैसे स्पोर्ट्सों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. राज्य ने देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं. ऐसे में झारखंड राष्ट्रीय स्तर के हॉकी और फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का स्वाभाविक दावेदार है. उन्होंने कहा कि यह केवल स्पोर्ट्स का विषय नहीं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण युवाओं को अवसर देने का प्रश्न है. मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स महासंघों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके पुनर्गठन की भी मांग की तथा राज्यों की भागीदारी वाली समितियों के गठन का सुझाव दिया. जल जीवन मिशन और बकाया राशि का मुद्दा उठाया बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन के समक्ष झारखंड की वित्तीय मांगों को भी प्रमुखता से रखा. उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत लंबित लगभग 6000 करोड़ रुपये की राशि जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि पेयजल योजनाओं का कार्य समय पर पूरा हो सके. उन्होंने कोयला कंपनियों और केंद्रीय उपक्रमों पर झारखंड की लंबित 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भी मुद्दा उठाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह राशि राज्य को प्राप्त होती है तो इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिससे लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. खनिज आधारित वित्तीय स्थिति से आगे बढ़ने की जरूरत मुख्यमंत्री ने कहा कि

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पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के आखिरी हिस्से को केंद्र की हरी झंडी

Patna Ring Road: केंद्र प्रशासन ने पटना रिंग रोड परियोजना के आठवें और आखिरी चरण को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही करीब 21 साल पुरानी इस योजना के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है. लगभग 150 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके पूरा होने के बाद पटना और आसपास के जिलों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. 2005 में बनी थी योजना, अब पहुंची अंतिम चरण में पटना रिंग रोड की योजना वर्ष 2005 में तैयार की गई थी. इसके बाद कई वर्षों तक सर्वे, तकनीकी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं चलती रहीं. करीब दो दशक से अधिक समय बाद अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. यह केवल सड़क निर्माण की योजना नहीं मानी जा रही, बल्कि पटना, वैशाली और सारण के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजना के रूप में देखी जा रही है. आठ चरणों में हो रहा है निर्माण पूरे रिंग रोड का निर्माण आठ अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है. इनमें से कई हिस्सों का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. अब तक केवल अंतिम चरण की मंजूरी बाकी थी. केंद्र प्रशासन की स्वीकृति मिलने के बाद इस हिस्से का निर्माण भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है. दीघवारा से सराय तक बनेगा अंतिम हिस्सा परियोजना का आठवां और अंतिम खंड दीघवारा से सराय के बीच बनाया जाएगा. इस हिस्से की लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी. इस खंड के निर्माण पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह सड़क गंगा के उत्तर वाले हिस्से में वैशाली और सारण जिलों को जोड़ते हुए तैयार की जाएगी. इस परियोजना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार प्रशासन वहन करेगी. कई इलाकों को जोड़ेगी रिंग रोड पटना रिंग रोड का प्रस्तावित रूट कन्हौली, शेरपुर, सराय, कच्ची दरगाह, बिदुपुर, चकसिकंदर, दीघवारा और दीदारगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा. इससे राजधानी के अंदर और बाहर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी. साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत पटना में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. रिंग रोड बनने के बाद दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहन सीधे इसी मार्ग का उपयोग कर सकेंगे. इससे शहर के मुख्य रूट पर दबाव कम होगा और लोगों का सफर पहले की तुलना में आसान और तेज होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें NCR मॉडल की तरह हो सकता है विकास परियोजना पूरी होने के बाद पटना के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क का लाभ राजधानी के साथ-साथ वैशाली, सारण और आसपास के अन्य जिलों को भी मिलेगा. यह रिंग रोड राज्य के 7 राष्ट्रीय राजमार्गों और 5 प्रमुख राज्य मार्गों को आपस में जोड़ने का काम करेगी. इससे बिहार की सड़क कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: अगले 96 घंटे पटना, गया समेत इन जिलों में जारी रहेगा आंधी, तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के आखिरी हिस्से को केंद्र की हरी झंडी appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान-मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव: बीजेपी का दबदबा, 6 में से 5 सीटों पर जीत

Rajya Sabha Election: राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है. नामांकन वापस लेने की समयसीमा खत्म होने के बाद चुनाव मैदान में केवल तीन उम्मीदवार ही बचे थे, जिसके चलते मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ी. निर्वाचन अधिकारी ने बीजेपी के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर और कांग्रेस के नीरज डांगी को संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया. राजस्थान से राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं. ताजा चुनाव परिणाम के बाद भी भाजपा और कांग्रेस के बीच बराबरी बनी हुई है. दोनों दलों के पास पांच-पांच राज्यसभा सदस्य हैं. वहीं गुजरात की चार राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी के सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गये हैं. रिक्त सीटों के बराबर रहे उम्मीदवार नामांकन वापसी की अंतिम तिथि खतम होने के बाद वैध उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों के बराबर रही. ऐसे में निर्वाचन नियमों के तहत तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया. राजस्थान विधानसभा में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तीनों उम्मीदवारों की ओर से दाखिल किए गए सभी नौ नामांकन पत्र वैध पाए गए थे. 21 जून को खत्म हो रहा है मौजूदा सांसदों का कार्यकाल राजस्थान में जिन तीन सीटों पर चुनाव कराया गया, उनमें कांग्रेस सांसद नीरज डांगी और बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है. नए निर्वाचित सदस्यों के साथ बीजेपी ने तीन में से दो सीटें अपने खाते में दर्ज कीं, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी को फिर से राज्यसभा भेजकर एक सीट बरकरार रखी. मध्यप्रदेश में बीजेपी ने जीतीं तीनों राज्यसभा सीटें मध्यप्रदेश में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है. निर्वाचन अधिकारी ने पार्टी उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को विजयी घोषित किया. तीनों नेता मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी से अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र हासिल किया. BJP leader Tarun Chugh receives the certificate of election from Returning Officer Arvind Sharma after being elected to the Rajya Sabha from Madhya Pradesh. pic.twitter.com/qCxFecpNOG — ANI (@ANI) June 11, 2026 जीत के बाद बीजीपी नेताओं ने किया शक्ति प्रदर्शन निर्वाचित उम्मीदवारों के साथ बीजेपी विधायक भगवान दास सबनानी और पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी मौजूद रहे. भाजपा नेताओं ने इसे संगठन और पार्टी नेतृत्व पर जनता और जनप्रतिनिधियों के विश्वास का परिणाम बताया. कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन हुआ था निरस्त मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने पार्टी की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था. लेकिन, शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया था. कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी उम्मीदवारों की जीत लगभग तय हो गई थी. Also Read: बिहार MLC चुनाव में सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध जीते, निशांत कुमार और पवन सिंह पहली बार पहुंचे सदन The post राजस्थान-मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव: बीजेपी का दबदबा, 6 में से 5 सीटों पर जीत appeared first on Naya Vichar.

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ओमान तट पर अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने जताया कड़ा विरोध

Oman coast attack: ओमान के तट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल जहाज MT Settebello पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत हो गई है. इस घटना के बाद हिंदुस्तान प्रशासन ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिकी प्रशासन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- हिंदुस्तान ने इस घटना को लेकर अमेरिकी पक्ष के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स (CDA) को तलब कर इन हमलों पर गहरी चिंता जाहिर की है. हिंदुस्तान ने जताया कड़ा विरोध विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में हाल के दिनों में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं और हिंदुस्तान ने साफ तौर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि जिन तीन जहाजों पर हमले हुए, वे सभी विदेशी झंडे वाले जहाज थे. इनमें से कोई भी हिंदुस्तानीय स्वामित्व वाला जहाज नहीं था, हालांकि उन पर हिंदुस्तानीय नाविक तैनात थे. #WATCH | Delhi | Three Indian seafarers have died in an attack on the Palau-flagged MT Settebello off the coast of Oman and near the Strait of Hormuz MEA Spox Randhir Jaiswal says, “When this particular attack happened on Palau-flagged MT Settebello, we lodged a strong protest… pic.twitter.com/DVaiAoshzw — ANI (@ANI) June 11, 2026 खाड़ी क्षेत्र में तैनात हैं हजारों हिंदुस्तानीय नाविक पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने गुरुवार को बताया कि फिलहाल हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाजों पर कुल 562 हिंदुस्तानीय नाविक कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से 329 नाविक फारस की खाड़ी क्षेत्र में यानी होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में तैनात हैं, जबकि 233 नाविक ओमान की खाड़ी में, होर्मुज़ के पूर्वी हिस्से में मौजूद हैं. मुकेश मंगल के अनुसार, पूरे खाड़ी क्षेत्र में 18,000 से अधिक हिंदुस्तानीय नाविक विभिन्न जहाजों पर काम कर रहे है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच हिंदुस्तान प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. #WATCH | Delhi | Additional Secretary, Ministry of Ports, Shipping & Waterways, Mukesh Mangal says, “At present, 562 Indian seafarers are there on Indian flagged vessels, including 329 in the Persian Gulf region, west of Hormuz and 233 in the Gulf of Oman, east of Hormuz. There… pic.twitter.com/P4PKUWR3DB — ANI (@ANI) June 11, 2026 ओवैसी ने की घटना की निंदा ओमान की खाड़ी पर कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत बेहद दुखद और चिंताजनक है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और हमलों से आम नागरिकों और समुद्री कर्मियों की जान खतरे में पड़ रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, व्यापार और समुद्री गतिविधियां प्रभावित होती हैं. ओ #WATCH | Hyderabad, Telangana: On the death of three Indians sailors after the attack on commercial vessel Settebello near the Strait of Hormuz, AIMIM Chief and MP Asaduddin Owaisi says, “I condemn it; I absolutely condemn it. Donald Trump has become reckless; he is causing… pic.twitter.com/5bHnqVaaiC — ANI (@ANI) June 11, 2026 समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा, करीब 20 फीसदी, इसी मार्ग से होकर गुजरता है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव या जहाजों पर हमला न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित करता है. वहीं तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत के बाद हिंदुस्तान प्रशासन भी पूरी स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है. The post ओमान तट पर अमेरिकी हमले में हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत, हिंदुस्तान ने जताया कड़ा विरोध appeared first on Naya Vichar.

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8,000mAh बैटरी के साथ आया Tecno का नया फोन, बैक पैनल पर मिलेगा यूनिक Alive Matrix Display

Tecno ने हिंदुस्तान में अपना नया Pova 8 स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है. यह पिछले साल आए Pova 7 का अपग्रेडेड वर्जन है. फोन तीन शानदार रंगों और दो RAM-स्टोरेज ऑप्शन में उपलब्ध है. इसकी सबसे खास बात पीछे दिया गया कस्टमाइजेबल Alive Matrix Display है. यह अलग-अलग ऐप्स के नोटिफिकेशन को स्टाइलिश तरीके से दिखाता है. फोन में 8,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. आइए इस फोन के बाकी के फीचर्स और कीमत पर एक नजर डालते हैं. Tecno Pova 8 की कीमत Tecno Pova 8 की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये रखी गई है, जिसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज मिलता है. वहीं, ज्यादा रैम चाहने वाले कस्टमर्स के लिए इसका 8GB रैम + 128GB स्टोरेज वेरिएंट 31,999 रुपये में उपलब्ध है. कंपनी ने इसे 16 Bit White, Plasma Orange और Terminal Green जैसे रंगों में पेश किया है. अच्छी बात यह है कि इस स्मार्टफोन को घर बैठे आसानी से Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा. Tecno Pova 8 के फीचर्स Tecno Pova 8 में कंपनी का नया HiOS 16 इंटरफेस मिलता है, जो Android 16 पर बेस्ड है. फोन में 6.76 इंच की बड़ी फुल-HD+ IPS डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. स्क्रीन की ब्राइटनेस 950 निट्स तक जाती है. परफॉर्मेंस की बात करें तो Tecno Pova 8 में 6nm प्रोसेस पर बना MediaTek Dimensity 7100 प्रोसेसर दिया गया है. इसके साथ Mali-G610 MC2 GPU मिलता है.  फोन 6GB और 8GB LPDDR5x रैम के साथ आता है, जबकि स्टोरेज के लिए 128GB और 256GB के ऑप्शन मिलते हैं. इसके अलावा, बेहतर नेटवर्क और कनेक्टिविटी के लिए इसमें G1 और SE1 सिग्नल चिपसेट भी दिए गए हैं. फोटोग्राफी के लिए फोन के पीछे 50MP का Sony LYT-600 प्राइमरी कैमरा दिया गया है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 13MP का कैमरा मिलता है. इसे MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन और IP64 रेटिंग मिली है. यानी यह रोजमर्रा के झटकों, धूल और पानी की हल्की छींटों को आसानी से झेल सकता है. गेमिंग के दौरान फोन ज्यादा गर्म न हो, इसके लिए इसमें 14,689 वर्ग मिमी का बड़ा कूलिंग सिस्टम दिया गया है.  इसके रियर पैनल पर मौजूद Alive Matrix Display अलग-अलग नोटिफिकेशन के लिए कस्टमाइज्ड अलर्ट दिखाता है, जो इसे और भी यूनिक बनाता है. बैटरी की बात करें तो Tecno Pova 8 में 8,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. यह भी पढ़ें: 3 दिन तक बैटरी चलने वाला रियलमी का नया फोन हुआ लॉन्च, खरीदते वक्त मिलेगा 2,000 रुपये का डिस्काउंट The post 8,000mAh बैटरी के साथ आया Tecno का नया फोन, बैक पैनल पर मिलेगा यूनिक Alive Matrix Display appeared first on Naya Vichar.

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Video: स्कूल या अय्याशी का अड्डा! सिक रूम में मिले 1.77 करोड़ कैश, शराब और कंडोम, नगरपालिका चेयरमैन समेत 4 पर केस दर्ज

बैरकपुर (उत्तर 24 परगना) से मनोरंजन सिंह की रिपोर्ट Cash Alcohol Bottles Condoms Bedroom Inside Bengal School: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में शिक्षा के मंदिर को अय्याशी के अड्डे में तब्दील कर दिया गया था. जिले के कांचरापाड़ा के प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल से 1.77 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. स्कूल में बीमार बच्चों के आराम करने के लिए बने कमरे ‘सिक रूम’ की आलमारी से शराब की बोतलें और कंडोम के पैकेट भी मिले हैं. कुछ दस्तावेज और कंप्यूटर भी जब्त किये गये हैं. रात भर चला तलाशी अभियान बुधवार देर रात शुरू हुआ तलाशी अभियान गुरुवार सुबह 4 बजे तक चला. पुलिस उस वक्त हैरान रह गयी, जब स्कूल में बेडरूम जैसा सेटअप देखा. स्कूल के भीतर मिले इस गोपनीय कमरे में सोफा, ऐश-ट्रे, शराब की खाली व भरी बोतलें और आपत्तिजनक सामग्रियां बिखरी थी. प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. 2 अकाउंटेंट को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है. तृणमूल के पूर्व विधायक के भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज इस मामले में बीजपुर के तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुबोध अधिकारी के भाई कमल अधिकारी समेत 4 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कमल अधिकारी कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन हैं. हार्नेट इंग्लिश मीडियम स्कूल (Harnett English Medium School) के कार्यकारी प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने स्कूल फंड में गबन और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए 4 लोगों (कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन कमल अधिकारी, गौतम घोष दस्तीदार, अभिक कुमार नाग और सायन पाल) के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी है. इसमें गबन, धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के आरोप लगाये गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें घाटे में चल रहा स्कूल प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल के अनुसार, स्कूल लगातार घाटे में चल रहा था. जब अकाउंटेंट अभिक कुमार नाग से प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ की मौजूदगी में वॉल्ट खोलने को कहा गया, तो उसमें बेहिसाब नकदी मिली. शिकायत के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 316(5), 318(4), 308(5), 338/61(2) तहत मामला दर्ज किया गया है. क्या है मामला? बीजपुर के विधायक सुदीप्त दास अपने विधानसभा क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का ‘डेटा बैंक’ तैयार करवा रहे हैं. इसी दौरान इस स्कूल के बारे में जानकारी मिली. सूचना पर विधायक रात में ही स्कूल पहुंचे और पुलिस को बुलाया. जानकारी मिलते ही केंद्रीय बल और स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. नकदी गिनने के लिए रात में ही मशीनें मंगवायी गयीं. पहले 2 मशीनें पहुंचीं, बाद में एक और मशीन लायी गयी. सुबह साढ़े 4 बजे तक काउंटिंग हुई. बीजेपी विधायक का आरोप बीजपुर के बीजेपी विधायक सुदीप्त दास ने कहा- जैसे पार्थ चटर्जी के घर से पैसे मिले थे, वैसे ही यहां भी बेहिसा पैसे मिले. स्कूल में इतना कैश होना मतलब स्कूल में अनियमितता हो रही थी. उन्होंने दावा किया कि यह पैसा स्कूल का नहीं, कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक का ‘काला धन’ है. ईडी-सीबीआई के डर से पैसे स्कूल में छुपाये गये थे. स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कांचरापाड़ा नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन कमल अधिकारी थे. समाचार लिखे जाने तक कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी अथवा सांसद पार्थ भौमिक की कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है. प्रिंसिपल बोले- पैसे एडमिशन फीस के स्कूल के प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल का दावा है कि बरामद नकदी एडमिशन फीस से मिले हैं. उन्होंने कहा- अप्रैल से एडमिशन का पैसा जमा था. इसे बैंक में भेजना था. यह अकाउंट्स सेक्शन का पैसा है. Cash Alcohol Bottles Bedroom Inside Bengal School: स्कूल में कंडोम कैसे पहुंचा, नहीं मालूम : प्रिंसिपल यह पूछे जाने पर कि ‘सिक रूम’ में कंडोम कैसे पहुंचा, इस पर प्रिंसिपल ने कहा- आलमारी से एक कंडोम का पैकेट निकला है. यह वहां कैसे गया, मुझे नहीं पता. उन्होंने कहा- मुझे यह देखकर गहरा मानसिक सदमा लगा है कि बच्चों के इलाज के लिए बने ‘सिक रूम’ को किस तरह की घिनौनी हरकतों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. क्या कहती है पुलिस बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम के स्रोत की जांच की जा रही है. पूछताछ में विरोधाभासी बयान सामने आने के बाद बीजपुर थाने की पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. नेतृत्वक कनेक्शन तलाश रही पुलिस पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल राज्य में जारी हालिया नेतृत्वक उथल-पुथल, विधायकों की खरीद-फरोख्त या किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के लिए किया जाना था. शिक्षा के मंदिर से निकले इस कलंक ने बंगाल के अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है. इसे भी पढ़ें बंगाल में नया नोट कांड : कॉलेज के 2 गुप्त कमरों का ताला टूटा तो फटी रह गयीं आंखें, बैग से मिले सड़े-गले लाखों रुपए सुरेंद्रनाथ कॉलेज नोट कांड: पूर्व गवर्निंग बॉडी के सदस्य समेत दो के खिलाफ एफआइआर The post Video: स्कूल या अय्याशी का अड्डा! सिक रूम में मिले 1.77 करोड़ कैश, शराब और कंडोम, नगरपालिका चेयरमैन समेत 4 पर केस दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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