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Watch Video: रोहित शर्मा ने मारा सिक्स, फाड़ दिया पोस्टर; ढाई मिनट तक रुका रह गया मैच

Rohit Sharma Viral Six: हिंदुस्तान के कप्तान रोहित शर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार छक्का जड़कर अर्धशतक पूरा किया. रोहित ने कीमो पॉल की गेंद पर ऐसा दमदार शॉट लगाया कि गेंद स्टेडियम में लगे पोस्टर को फाड़ते हुए सीधे दर्शकों के बीच जा पहुंची. रोहित ने फ्री हिट का पूरा फायदा उठाया. कीमो पॉल ने पैड की ओर फुल लेंथ गेंद डाली, जिस पर रोहित ने उसे डीप मिडविकेट के ऊपर से जोरदार छक्का जड़ दिया. इसी छक्के के साथ उन्होंने महज 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. इस शॉर्ट के चलते ओवर की अगली गेंद ढाई मिनट की देरी से फेंकी गई. इस शॉर्ट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पोस्टर फाड़कर दर्शकों के बीच पहुंची गेंद रोहित का शॉट इतना जोरदार था कि गेंद स्टैंड में लगे पोस्टर को चीरते हुए दूसरी तरफ निकल गई और दर्शकों के बीच जा पहुंची. गेंद के दर्शकों के बीच जाने के बाद कुछ देर के लिए स्पोर्ट्स भी रुका रहा. इस दौरान फैंस गेंद को पकड़ने के लिए आपस में उसे तलाशते नजर आए. रोहित शर्मा के इस छक्के का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फैंस रोहित शर्मा के सिक्स हीटिंग अंदाज की जमकर तारीफ कर रहें है. हिंदुस्तान को मिला 406 रनों का टारगेट हिंदुस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 405 रन बनाए. यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. टीम ने पहली बार इस फॉर्मेट में 400 रन का आंकड़ा पार किया है. वेस्टइंडीज की पारी में तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े. आमिर जंगू ने सबसे बड़ी पारी स्पोर्ट्सते हुए 77 गेंदों पर 13 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 114 रन बनाए. कप्तान शाई होप ने 104 रन की पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. वहीं, ओपनर जॉन कैंपबेल ने 101 रन बनाए. उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 5 छक्के लगाए. अब हिंदुस्तान के सामने जीत के लिए 406 रन का लक्ष्य है. वनडे क्रिकेट में हिंदुस्तान का सबसे बड़ा सफल रन चेज 360 रन का है. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट The post Watch Video: रोहित शर्मा ने मारा सिक्स, फाड़ दिया पोस्टर; ढाई मिनट तक रुका रह गया मैच appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha 2026: गया जी की इस ऐतिहासिक पिंड वेदी का रामायण काल से क्या है संबंध, जहां तर्पण से मिटते हैं सभी दोष

Matangi Vedi Gaya Ji: पितृ पक्ष चल रहा है और इस दौरान लोग मोक्ष की धरती गया जी में अपने-अपने पूर्वजों निमित्त श्राद्ध और पिंडदान कर रहे हैं. गया जी में पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए कई महत्वपूर्ण वेदियां हैं. इनमें कुछ वेदियां बोधगया और उसके आसपास भी स्थित हैं. समय के साथ कई प्राचीन पिंड वेदियां लुप्त हो गईं, लेकिन जो वेदियां आज भी मौजूद हैं, उनका धार्मिक महत्व बना हुआ है. बोधगया क्षेत्र में धर्मारण्य वेदी, सरस्वती तीर्थ, बोधिद्रुम वेदी और मातंगी वेदी प्रमुख मानी जाती हैं. आइए, रामायण काल से जुड़ी मातंगी वेदी के बारे में विस्तार से जानते हैं. मातंगी वेदी का क्या है महत्व? बोधगया के पास स्थित मातंगी तीर्थ को प्राचीन पिंड वेदियों में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है. इसे पुराने समय में मातंग वापी के नाम से भी जाना जाता था. मंदिर के पास फल्गु नदी के किनारे एक प्राचीन कुंड भी स्थित है. बोधगया से निरंजना नदी का पुल पार करके सड़क मार्ग से मातंगी तीर्थ पहुंचा जा सकता है. धार्मिक परंपराओं में मातंगी कुंड को गया धाम के पवित्र सात कुंडों में शामिल बताया गया है. दो नदियों के बीच स्थित है मातंगी तीर्थ मातंगी तीर्थ बोधगया के पास निरंजना और मोहाने नदियों के बीच स्थित क्षेत्र में है. वर्तमान में यह स्थान बकरौर गांव के आगे बताया जाता है. यहां मां मातंगी देवी का प्राचीन मंदिर है. मातंगी देवी को दशमहाविद्याओं में से एक माना जाता है. देश में मां मातंगी के प्राचीन मंदिर बहुत कम स्थानों पर बताए जाते हैं. मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिवलिंग भी है, जो एक विशाल वृक्ष के पास स्थित है. इसे मातंगेश्वर महादेव कहा जाता है. मातंगवापी, मंदिर बोधगया मंदिर परिसर में मौजूद हैं कई देवी-देवताओं के मंदिर मातंगी तीर्थ परिसर में मातंगी देवी और मातंगेश्वर महादेव के अलावा कई अन्य धार्मिक स्थल भी हैं. यहां श्री हनुमान मंदिर, भगवान भास्कर मंदिर, यक्ष मंडप और पुरानी धर्मशाला भी स्थित है. यहां कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं. स्थानीय परंपरा के अनुसार, बोधगया के महंत परिवार का भी यहां के निर्माण और धार्मिक गतिविधियों में योगदान रहा है. ये भी पढ़ें: Gaya Ji Shradh Rahasya: एक असुर के वरदान से कैसे बना मोक्षधाम? जानें गया जी में श्राद्ध और ब्रह्मशिला से जुड़ी पौराणिक कथा रामायण काल से जुड़ी है मातंगी तीर्थ की मान्यता धार्मिक मान्यता के अनुसार, रामायण काल में मातंगी ऋषि ने यहां आकर साधना की थी. मान्यता है कि उन्होंने ही यहां भगवती मातंगी की स्थापना की थी. इतिहास और स्थानीय परंपराओं में इस स्थान को रामायण काल से जोड़कर देखा जाता है. इसी क्रम में यहां भगवान श्रीराम के आगमन की भी मान्यता बताई जाती है. पिंडदान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मातंगी वेदी? गया जी में पिंडदान और श्राद्ध करने वाले श्रद्धालु मातंगी तीर्थ भी पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने का विशेष महत्व है. मातंगी तीर्थ से जुड़ी मान्यताओं में कहा गया है कि यहां तर्पण करने से विभिन्न प्रकार के दोष, क्लेश और परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से भी यहां पूजा और तर्पण किया जाता है. View on Instagram अमावस्या और ग्रहण के समय तर्पण का विशेष महत्व धार्मिक परंपरा में मातंगी तीर्थ पर अमावस्या, संक्रांति और सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय श्राद्ध और तिल मिले जल से तर्पण को विशेष फलदायी बताया गया है. पितृपक्ष के दौरान भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करते हैं. गरुड़ पुराण में मातंग वापी का उल्लेख गरुड़ पुराण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में गया तीर्थ के मातंग वापी में श्राद्ध करने का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि यहां श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है. यहां श्राद्ध कर्म के साक्षी के रूप में रुद्र लोकपाल का भी उल्लेख मिलता है. प्राचीन परंपराओं में इस स्थान पर लोकपालों की उपस्थिति की मान्यता बताई गई है. पितृपक्ष में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़ पितृपक्ष के दौरान मातंगी तीर्थ में विशेष चहल-पहल रहती है. गया श्राद्ध के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपने पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं. इस दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहता है. श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ विधि-विधान से पूजा और तर्पण करते हैं. बोधगया की अन्य प्रमुख पिंड वेदियां बोधगया क्षेत्र में मातंगी वेदी के अलावा धर्मारण्य वेदी, सरस्वती तीर्थ और बोधिद्रुम वेदी का भी उल्लेख मिलता है. धार्मिक परंपराओं में धर्मारण्य वेदी को महाहिंदुस्तान काल और बोधिद्रुम यानी बोधिवृक्ष को बुद्ध काल से जोड़कर देखा जाता है. इस तरह गया जी और बोधगया क्षेत्र की पिंड वेदियां केवल श्राद्ध और तर्पण की परंपरा से ही नहीं, बल्कि प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताओं से भी जुड़ी हुई हैं. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में घर के दरवाजे पर दिखें ये 4 जीव तो न भगाएं, माना जाता है पितरों का शुभ संकेत The post Pitru Paksha 2026: गया जी की इस ऐतिहासिक पिंड वेदी का रामायण काल से क्या है संबंध, जहां तर्पण से मिटते हैं सभी दोष appeared first on Naya Vichar.

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समस्तीपुर मंडल के लहेरियासराय स्टेशन पर जोगबनी–दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और जयनगर–पटना नमो भारत रैपिड रेल के ठहराव को मिली मंजूरी

यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने 02 अक्टूबर से नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल और 05 अक्टूबर से इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव का लिया निर्णय नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: यात्रियों की सुविधा एवं स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत लहेरियासराय स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण जोड़ी ट्रेनों के प्रायोगिक/नियमित ठहराव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत गाड़ी संख्या 13211/13212 जोगबनी– दानापुर–जोगबनी इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा गाड़ी संख्या 94803/94804 जयनगर–पटना–जयनगर नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल अब लहेरियासराय स्टेशन पर 2 मिनट के लिए रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव का विस्तृत समय-सारणी एवं विवरण: * (1) गाड़ी संख्या 13211 जोगबनी–दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस * ठहराव स्टेशन: लहेरियासराय * आगमन: 10:01 बजे प्रस्थान: 10:03 बजे * प्रभावी तिथि (यात्रा प्रारंभ होने की तिथि): 05.10.2026 * गाड़ी संख्या 13212 दानापुर – जोगबनी इंटरसिटी एक्सप्रेस * ठहराव स्टेशन: लहेरियासराय * आगमन: 10:43 बजे प्रस्थान: 10:45 बजे * प्रभावी तिथि (यात्रा प्रारंभ होने की तिथि): 05.10.2026 * (2) गाड़ी संख्या 94803 जयनगर – पटना नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल * ठहराव स्टेशन: लहेरियासराय * आगमन: 06:28 बजे प्रस्थान: 06:30 बजे * प्रभावी तिथि (यात्रा प्रारंभ होने की तिथि): 02.10.2026 * गाड़ी संख्या 94804 पटना – जयनगर नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल * ठहराव स्टेशन: लहेरियासराय * आगमन: 21:38 बजे प्रस्थान: 21:40 बजे * प्रभावी तिथि (यात्रा प्रारंभ होने की तिथि): 02.10.2026 लहेरियासराय स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव से स्थानीय यात्रियों, दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों तथा छात्र-छात्राओं को पटना, दानापुर, जोगबनी और जयनगर की आवाजाही में काफी सहूलियत मिलेगी।

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INDIA गठबंधन की बैठक : ममता बनर्जी ने दिया आंदोलन का अल्टीमेटम, ज्ञानेश कुमार को कह दिया ‘डाकू’

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ममता बनर्जी का हमला और तेज हो गया है. बुधवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक के बाद उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘डाकू’ करार देते हुए तत्काल उनके इस्तीफे की मांग की. ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया, तो विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे. CEC पर हमला और सीधे इस्तीफे की मांग संयुक्त प्रेस वार्ता में ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाये. उन्होंने सीईसी को ‘चोर’ और ‘डाकू’ तक कह डाला. ममता ने ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद छोड़ने की मांग की. ये आरोप ममता के नेतृत्वक दावे हैं, जिन्हें उन्होंने विपक्षी नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता में रखा. इस्तीफा नहीं तो करेंगे बड़ा आंदोलन : ममता ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष मिलकर इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेगा. ये भी पढ़ें: ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले बोलीं ममता बनर्जी- चुनाव आयोग के खिलाफ उठाऊंगी आवाज INDIA की बैठक से सड़क तक आंदोलन की तैयारी CEC के इस्तीफे की मांग पर विपक्षी दलों की बैठक ऐसे समय हुई, जब INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ साझा कार्यक्रम तैयार कर रहा है. समाचार है कि बैठक में एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई. आंदोलन की ऐसी है रूपरेखा विपक्षी गठबंधन 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालेगा. विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग तक मार्च निकालेंगे. 6 अक्टूबर को ही पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव है. अक्टूबर में राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी विपक्षी दलों ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगने का भी फैसला किया है. इस तरह CEC के खिलाफ उठाये जा रहे सवालों को सड़क से लेकर संवैधानिक संस्थाओं तक ले जाने की रणनीति सामने आयी है. ये भी पढ़ें: ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले बोलीं ममता बनर्जी- चुनाव आयोग के खिलाफ उठाऊंगी आवाज ममता ने चुनावी प्रक्रिया पर लगाये गंभीर आरोप ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों के वोट के साथ छेड़छाड़ की गयी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश करने के भी आरोप टीएमसी सुप्रीमो ने लगाये. चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और अपनी प्रक्रियाओं को कानूनी बताया है. ‘वोट चोरी’ को विपक्षी आंदोलन का मुद्दा बनाने की कोशिश ममता बनर्जी ने अपने आरोपों को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे से जोड़ा और कहा कि विपक्ष इस लड़ाई को मिलकर आगे बढ़ायेगा. इससे स्पष्ट है कि उनके बयान का केंद्र सिर्फ व्यक्तिगत रूप से CEC पर हमला नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की साझा नेतृत्वक मुहिम है. ये भी पढ़ें: एसआईआर विवाद : ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतरे शुभेंदु अधिकारी, बोले- बंगाल में 27 लाख नाम हटने के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं ममता ममता इससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं. सितंबर में उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर CEC पर निशाना साधा था. ममता दी ने कहा था कि विरोध प्रदर्शन उनके इस्तीफा देने तक जारी रहेगा. The post INDIA गठबंधन की बैठक : ममता बनर्जी ने दिया आंदोलन का अल्टीमेटम, ज्ञानेश कुमार को कह दिया ‘डाकू’ appeared first on Naya Vichar.

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चीख-पुकार, पायलट पर चाकू से हमला और 34 हजार फीट से गिरता विमान, फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या-क्या हुआ?

Flydubai Flight : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को अफरा-तफरी मच गई. यात्रियों ने विमान के अंदर चीख-पुकार सुनने की बात कही. कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में खून देखने का भी दावा किया. एक यात्री ने कहा कि पायलट पर पॉकेट नाइफ से हमला किया गया था. इसके बाद विमान तेजी से नीचे आया. फ्लाइट ने बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की. इजराइली मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह घटना विमान के दोनों पायलटों के बीच विवाद के कारण हुई. यात्रियों ने सुनाई विमान के अंदर की कहानी द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक एक स्त्री यात्री ने इजराइली मीडिया को घटना की जानकारी दी. उसने कहा कि विमान में अचानक चीखने की आवाजें आने लगीं. इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा खोला गया. अंदर खून दिखाई दिया. स्त्री ने दावा किया कि किसी ने पायलट पर पॉकेट नाइफ से हमला किया था. उसने यह भी कहा कि इजराइली यात्रियों ने क्रू की मदद की. यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में सहयोग किया. स्त्री यात्री ने कहा- हमें लगा हम जिंदा नहीं बचेंगे स्त्री यात्री ने विमान के अंदर पैदा हुए डर के माहौल का भी जिक्र किया. उसने कहा कि यात्रियों ने प्रार्थना की. उसने बताया कि कुछ पल बेहद डरावने थे. यात्रियों को लगा कि वे शायद जिंदा बाहर नहीं निकल पाएंगे. एक अन्य यात्री ने अपना नाम नोआम बताया. उसने चैनल 12 से बात की. नोआम ने कहा कि विमान के अंदर चीखने की आवाजें आ रही थी. इसके बाद यात्रियों को अंदाजा हुआ कि कुछ गंभीर हुआ है. नोआम ने दावा किया कि एक पायलट को चाकू मारा गया था. उसने कहा कि पायलट गंभीर रूप से घायल हुआ. उसके मुताबिक, इसके बाद विमान पर नियंत्रण प्रभावित हुआ. विमान तेजी से नीचे जाने लगा. उन्होंने कहा कि वो पल बेहद डरावना था. 34 हजार फीट से तेजी से नीचे आया विमान द टाइम्स ऑफ इजराइल ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध फ्लाइट डेटा का भी जिक्र किया. इसके मुताबिक, बोइंग 737 MAX करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. इसके बाद विमान ने अचानक तेज गिरावट दर्ज की. विमान एक मिनट से भी कम समय में करीब 17,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया. इसके बाद विमान ने कुछ ऊंचाई दोबारा हासिल की. फिर विमान दोबारा नीचे आया. बाद में फ्लाइट करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर आगे बढ़ी. फ्लाइट में करीब 180 यात्री थे रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 में करीब 180 यात्री सवार थे. इनमें दर्जनों इजराइली यात्री भी शामिल थे. विमान ने उड़ान के दौरान पहले स्क्वॉक कोड 7700 (Squawk Code 7700) ट्रांसमिट किया. यह एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी सिग्नल है. इसके बाद कुछ समय के लिए कोड 7500 भी ट्रांसमिट हुआ. यह कोड हाईजैकिंग या गैर-कानूनी हस्तक्षेप (Unlawful Interference) का संकेत देता है. हाईजैकिंग की आशंका पर फाइटर जेट भेजे गए इजराइली अधिकारियों का कुछ समय तक विमान से संपर्क नहीं हो सका. इसके बाद हाईजैकिंग की आशंका पैदा हुई. इजराइली एयरफोर्स के फाइटर जेट विमान को इंटरसेप्ट करने के लिए भेजे गए. बाद में विमान से संपर्क स्थापित हो गया. इसके बाद फ्लाइट ने सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की. शुरुआती रिपोर्टों में कई अपुष्ट दावे घटना के बाद हिब्रू मीडिया में कई शुरुआती रिपोर्ट सामने आईं. इनमें यात्रियों के बयानों के आधार पर अलग-अलग दावे किए गए. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि एक पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की थी. यह भी कहा गया कि दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने उसे रोकने में मदद की. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई. इनकी स्वतंत्र रूप से भी पुष्टि नहीं हो सकी. फ्लाईदुबई ने भी इन दावों की पुष्टि नहीं की. द टाइम्स ऑफ इजराइल ने लिखा कि शुरुआती समय में बहुत कम आधिकारिक जानकारी उपलब्ध थी. इजराइली अधिकारियों ने कहा कि एक इमरजेंसी सिग्नल मिला था. शुरुआती जानकारी में पायलटों के बीच कथित झगड़े की बात भी सामने आई थी. इसके सही कारणों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई. नेतन्याहू ने अधिकारियों के साथ की चर्चा घटना के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अधिकारियों के साथ चर्चा की. इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि नेतन्याहू विमान से जुड़ी स्थिति पर नजर रख रहे हैं. कार्यालय ने यह भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. इजराइली यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. फ्लाईदुबई ने घटना पर क्या कहा? फ्लाईदुबई ने पुष्टि की कि फ्लाइट FZ1073 के साथ रास्ते में एक घटना हुई. यह फ्लाइट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट जा रही थी. एयरलाइन ने कहा कि विमान ने तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की. सभी यात्री सुरक्षित हैं. Also Read: दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान के कॉकपिट में पायलटों के बीच लड़ाई! इमरजेंसी घोषित करने से फैली हाईजैक की सूचना The post चीख-पुकार, पायलट पर चाकू से हमला और 34 हजार फीट से गिरता विमान, फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या-क्या हुआ? appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर पर चुप्पी और इंदिरा मेमोरियल पर डांस…’ Swara भास्कर के ‘सेक्युलरिज्म’ पर करन पटेल का वार

रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल 2’ में एक बातचीत शुरू तो बिल्कुल सामान्य तरीके से हुई, लेकिन अगले ही पल माहौल ऐसा बदला कि सभी की नजरें करण पटेल और स्वरा भास्कर पर टिक गईं. बात सिर्फ एक-दूसरे के काम तक रहती तो शायद मामला यहीं खत्म हो जाता, लेकिन करण के एक सवाल और स्वरा के जवाब के बाद बहस ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों के बीच संभाजी महाराज से लेकर राम मंदिर तक का मुद्दा पहुंच गया? इस पूरे क्लैश का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है. मैंने आपका काम नहीं देखा, सिर्फ विवाद देखे हैं शो के दौरान बात तब शुरू हुई जब करन पटेल ने स्वरा भास्कर से साफ कह दिया कि उन्होंने कभी स्वरा का काम नहीं देखा है. करन ने कहा, “मैंने आपका काम तो नहीं देखा है, लेकिन मैंने आपको कुछ विवादों में जरूर देखा है.” इस पर स्वरा ने इतराते हुए पलटवार किया, “तब तो आप मेरे फैन बन गए होंगे.” स्वरा के इस जवाब पर करन पटेल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. रोजी-रोटी के लिए अपनों की ही बुराई करने वालों पर दया आती है स्वरा की बात का मुंहतोड़ जवाब देते हुए करन पटेल ने कहा, “ऐसा बिल्कुल नहीं है. मुझे आप जैसे लोगों पर सचमुच दया आती है, जिन्हें सिर्फ अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए अपनों की ही बुराई करनी पड़ती है.” स्वरा ने जब अपने बचाव में कहा कि लोग सच देर से समझते हैं, तो करन पटेल ने उन्हें हिंदुस्तान के इतिहास और संभाजी महाराज का वो खौफनाक सच याद दिलाया जिसे सुनकर सबकी रूह कांप गई. संभाजी महाराज की आंखें निकाल ली गईं, औरंगजेब के आगे नहीं झुके करन पटेल ने दहाड़ते हुए कहा, “सच? छत्रपति संभाजी महाराज की आंखें निकाल ली गई थीं. उन्हें दिनों तक प्रताड़ित किया गया. औरंगजेब ने उनसे इस्लाम स्वीकार करने को कहा था. उन्होंने दहाड़ कर कहा था कि अगर तुम अपनी बेटी भी मुझे दे दो, तब भी नहीं. इसी तरह हम आज बचे हैं. हम आपके जैसे अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते, जो हमारी विरासत को समझते तक नहीं.” करन की इस बात पर स्वरा भास्कर ने अपना ज्ञान झाड़ते हुए कहा कि इससे तो बेहतर होता कि हिंदुस्तानीय इन सब चीजों के बजाय स्कूल बनाने के बारे में सोचते. 45 एकड़ में बने इंदिरा मेमोरियल का जश्न मनाते हो और राम मंदिर से नफरत स्वरा के स्कूल वाले बयान पर करन पटेल ने जो पलटवार किया, उसने पूरे शो में सन्नाटा खींच दिया. करन ने स्वरा को लताड़ते हुए कहा, “जो लोग 45 एकड़ में बने इंदिरा गांधी मेमोरियल का जश्न मनाते हैं और 2 एकड़ में बने राम मंदिर से नफरत करते हैं, उन्हें दूसरों को ज्ञान या लेक्चर नहीं देना चाहिए.” करन पटेल के इस करारे जवाब के बाद स्वरा भास्कर पूरी तरह खामोश हो गईं और बहस का यह वीडियो अब इंटरनेट पर बवाल काट रहा है. ये भी पढ़ें: 10 लाख से शुरुआत और फिर 300 करोड़ की भयंकर तबाही, ‘हनुमान अंश’ के तूफान में उड़े बॉलीवुड के कई नामचीन धुरंधर ये भी पढ़ें: Govinda के बचाव में उतरीं Kubbra Sait, अफेयर की उड़ती अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, सरेआम लगाई लताड़ The post राम मंदिर पर चुप्पी और इंदिरा मेमोरियल पर डांस…’ Swara भास्कर के ‘सेक्युलरिज्म’ पर करन पटेल का वार appeared first on Naya Vichar.

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बिहार कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: हरित हाइड्रोजन नीति को मंजूरी, 21644 घरों को ग्रिड से जोड़ा जाएगा, संग्रहालयों में 35 पदों पर होगी भर्ती

Bihar Cabinet Decision: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 30 एजेंडों पर मुहर लगी है. बैठक में हरित ऊर्जा से लेकर कानून-व्यवस्था और सड़क निर्माण तक कई फैसले लिए गए. बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई. इसके अलावा 30 नए वाटर कैनन और 86 वज्र वाहन खरीदने का फैसला हुआ. हरित हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी राज्य में हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी मिली है. प्रशासन की ओर से पहले भी इस नीति के तहत निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी. कानून-व्यवस्था के लिए 30 वाटर कैनन कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 नए वाटर कैनन खरीदे जाएंगे. इसके साथ ही 8 नए वाहन भी खरीदे जाएंगे. इन खरीद के लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है. संग्रहालयों में 35 पदों पर होगी नियुक्ति राज्य के संग्रहालयों में 35 पदों पर अस्थायी नियुक्ति को मंजूरी मिली है. नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों को संविदा या निविदा के आधार पर भरा जाएगा. 21,644 घरों को ग्रिड से जोड़ने की योजना कैमूर और रोहतास के 177 गांवों के 21,644 घरों को बिजली ग्रिड से जोड़ा जाएगा. इसके लिए RDSS के तहत पहले से स्वीकृत योजना की लागत में संशोधन किया गया है. योजना की लागत 117.80 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 361.86 करोड़ रुपये कर दी गई है. वजन-माप से जुड़े नियमों में बदलाव वजन और माप से जुड़े नियमों को लागू करने के लिए बिहार विधिक माप विज्ञान (GATC) नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही वजन-माप से जुड़े नियमों के प्रवर्तन के लिए संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी मिली है. Press Cabinet 30.09.2026.pdf बहादुरपुर की जर्जर कॉलोनी का होगा पुनर्विकास पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड की जर्जर कॉलोनी का पुनर्विकास किया जाएगा. इसके लिए NBCC (India) Ltd. के साथ MoU करने की मंजूरी दी गई है. सेक्टर-5 में 8.5 एकड़ जमीन पर परियोजना टीवी टावर के पास बहादुरपुर सेक्टर-5 में आवास बोर्ड की 8.5 एकड़ जमीन है. यहां स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित की जाएगी. परियोजना के लिए NBCC के साथ MoU किया जाएगा. इससे जुड़े जरूरी फैसले लेने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया गया है. मुंगेर में 7 किमी सड़क के लिए 115.90 करोड़ मुंगेर के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में वंशीपुर से बिहमा तक करीब 7 किलोमीटर सड़क बनेगी. सड़क का निर्माण या पुनर्निर्माण किया जाएगा. यह सड़क धोबई, गोगाचक, रोलसीहा मंदिर और गोगनगंज होते हुए जाएगी. इसके लिए 115.90 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. मुंगेर में एक और सड़क पर खर्च होंगे 87.63 करोड़ सात निश्चय-2 के तहत मुंगेर में एक और सड़क का निर्माण होगा. रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी होते हुए बिराय तक सड़क बनाई जाएगी. इसके लिए 87.63 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. पोषण कार्यक्रम के तहत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति कैबिनेट ने पोषण कार्यक्रम के तहत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. बैठक में इसके अलावा अन्य विभागों के कई प्रस्तावों पर भी सहमति बनी है. Also Read: CM के प्रधान सचिव पद से हटे दीपक कुमार, अब सम्राट प्रशासन ने दी नई जिम्मेदारी, जानें क्यों अहम है यह बदलाव The post बिहार कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: हरित हाइड्रोजन नीति को मंजूरी, 21644 घरों को ग्रिड से जोड़ा जाएगा, संग्रहालयों में 35 पदों पर होगी भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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मेरठ नीला ड्रम मर्डर केसः मुस्कान और साहिल दोषी करार, कोर्ट की टिप्पणी- समाज में ऐसे अपराधियों की जगह नहीं

UP News: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला आ गया है. ब्लू ड्रम केस के नाम से चर्चित इस मामले में जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया है. हालांकि, दोनों को क्या सजा मिलेगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है. कोर्ट ने सजा पर दोनों का पक्ष सुनने के लिए 15 दिन का समय दिया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनाया फैसला जिला जज अरविंद मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया. अदालत ने दोनों दोषियों को सजा के मुद्दे पर अपनी बात रखने का मौका दिया है. उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें कम सजा क्यों दी जानी चाहिए. इसके बाद कोर्ट सजा पर अपना फैसला सुनाएगा. कोर्ट की कड़ी टिप्पणी फैसला सुनाते हुए जज ने अपराध को लेकर कड़ी टिप्पणी की. अदालत ने कहा, “सभ्य समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है.” कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद मामले की गंभीरता एक बार फिर सामने आई. अब अगली सुनवाई में सजा की अवधि तय की जाएगी. परिजनों ने फांसी की मांग की सजा के ऐलान में 15 दिन का समय दिए जाने से सौरभ के परिजन नाराज हैं. उनका कहना है कि उन्हें फांसी से कम कोई भी सजा मंजूर नहीं है. वहीं, दोषी को सजा से पहले अपना पक्ष रखने का मौका देना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. इसी प्रक्रिया के तहत अदालत ने दोनों को 15 दिन का समय दिया है. 15 दिन बाद तय होगी सजा दोष सिद्ध होने के बाद अब इस मामले का अगला अहम पड़ाव सजा पर सुनवाई है. 15 दिन बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुन सकती है. इसके बाद मुस्कान और साहिल को दी जाने वाली सजा पर फैसला होगा. फिलहाल सौरभ के परिजनों के साथ-साथ इस चर्चित मामले में लोगों की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं. Also Read: शाहजहांपुर में घर पहुंचने से बस 100 मीटर दूर थी तराना, अचानक पीछे से आई ट्रैक्टर-ट्रॉली, फिर खत्म हो गयी हंसी खुशी जिंदगी The post मेरठ नीला ड्रम मर्डर केसः मुस्कान और साहिल दोषी करार, कोर्ट की टिप्पणी- समाज में ऐसे अपराधियों की जगह नहीं appeared first on Naya Vichar.

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165km की रेंज, 505 Nm टॉर्क, ₹1.75 लाख से शुरू और ₹999 में प्री-बुकिंग, आ रही है Ultraviolette की ये ऑफ-रोड इलेक्ट्रिक बाइक

हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ultraviolette जल्द ही मार्केट में एक और बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी अपनी नई और दमदार इलेक्ट्रिक ऑफ-रोड बाइक ‘Shockwave’ को हिंदुस्तान में लॉन्च करने वाली है. इसे साल 2027 की पहली तिमाही यानी  जनवरी से मार्च के बीच बाजार में उतारा जा सकता है. रेंज और रफ्तार में है दमदार कंपनी ने इसे एक हल्की, स्पोर्टी और मजेदार बाइक के रूप में डिजाइन किया है. इस बाइक में पुराने जमाने की 2-स्ट्रोक मोटरसाइकिलों जैसी फील मिलेगी. बैटरी और रेंज: इसमें 4kWh की बैटरी मिलेगी. कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज होने पर यह 165 किलोमीटर (IDC रेंज) तक की रेंज देगी. पावर: इसकी इलेक्ट्रिक मोटर 14.5 bhp की पावर और 505 Nm का जबरदस्त टॉर्क जनरेट करती है. रफ्तार: यह बाइक हवा से बातें करते हुए महज 2.9 सेकंड में 0 से 60 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेगी. इसकी टॉप स्पीड 120 kmph होगी. ये भी पढ़ें: एक बार चार्ज करने पर 153 km की रेंज, 3 घंटे से कम में चार्ज, कीमत ₹1 लाख से भी नीचे, लोगों को खूब पसंद आ रहा है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर एक नजर में बाइक के स्पेसिफिकेशन फीचर डिटेल बैटरी 4kWh रेंज (IDC) 165 किलोमीटर मोटर पावर 14.5 bhp पीक टॉर्क 505 Nm 0-60 kmph स्पीड 2.9 सेकंड टॉप स्पीड 120 kmph सीटिंग सिंगल और डुअल सीट के विकल्प नया 100V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर यह कंपनी की पहली बाइक है जो नए 100V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर पर बनी है. आसान भाषा में कहें तो यह बाइक के तारों और सिस्टम का बिल्कुल नया डिजाइन है. इससे बाइक की पावर डिलीवरी, हीटिंग मैनेजमेंट और चार्जिंग की स्पीड काफी बेहतर हो जाएगी. कंपनी अपनी आने वाली नई बाइक ‘Tesseract’ में भी इसी तकनीक का इस्तेमाल करेगी. खराब रास्तों की चैंपियन इस बाइक को सिर्फ शहर की पक्की सड़कों के लिए नहीं, बल्कि उबड़-खाबड़ रास्तों के लिए भी बनाया गया है: पहिए: बाइक में आगे 21 इंच और पीछे 17 इंच के स्पोक व्हील्स दिए गए हैं. दोनों टायर्स डुअल-पर्पज यानी सड़क और मिट्टी दोनों के लिए डिजाइन किए गए हैं. सस्पेंशन: झटकों से बचाने के लिए आगे टेलीस्कोपिक फोर्क्स और पीछे मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है. सेफ्टी और स्मार्ट फीचर्स राइडिंग को सेफ और कंट्रोल में रखने के लिए इसमें कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं: स्विचेबल डुअल-चैनल ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम). अलग-अलग रास्तों के लिए 4 ट्रैक्शन कंट्रोल मोड. 6 लेवल की रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, जिसे राइडर अपनी जरूरत के हिसाब से सेट कर सकता है. शानदार लुक के लिए पूरी बाइक में LED लाइट्स दी गई हैं. तैयारियां जोरों पर Ultraviolette ने अपनी फैक्ट्री में प्रोडक्शन की तैयारी अभी से शुरू कर दी है, जिससे लॉन्च के समय सप्लाई में देरी की संभावना कम हो सकती है. कंपनी इसे लाइटवेट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के रूप में पोजिशन कर रही है, जो खासकर युवाओं और एडवेंचर लवर्स को आकर्षित कर सकती है. कुल मिलाकर, 165km की रेंज और शानदार टॉप स्पीड वाली यह बाइक इलेक्ट्रिक मार्केट में बड़ा उलटफेर कर सकती है. अब देखना यह है कि लॉन्च के वक्त कंपनी इसकी कीमत कितनी रखती है. कितनी हो सकती है कीमत Ultraviolette Shockwave की कीमत ₹1.75 लाख से शुरू होगी. जो ₹2 लाख तक हो सकती है. आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ₹999 रुपए में इसे प्री-बुक कर सकते हैं, जिसकी डिलीवरी आपको Q4 यानी चौथे तिमाही में मिलेगी. इसकी टक्कर सिमिलर फीचर्स और इसी रेंज में आने वाली Avore EX2S, Odysse Vader & Kawasaki KLX230R से होगी. ये भी पढ़ें: 7 हजार में बना दी इलेक्ट्रिक स्प्लेंडर, पुरानी बाइक से इंजन निकाला और फिट कर दी बैटरी, देसी जुगाड़ का कमाल, ऑनलाइन ऐसे वीडियोज की भरमार The post 165km की रेंज, 505 Nm टॉर्क, ₹1.75 लाख से शुरू और ₹999 में प्री-बुकिंग, आ रही है Ultraviolette की ये ऑफ-रोड इलेक्ट्रिक बाइक appeared first on Naya Vichar.

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Astrology Special: प्राचीन ज्योतिष से आधुनिक विज्ञान तक, शनि के दो पुत्र गुलिक और मांडी का क्या है रहस्य

Shani Gulik Mandi Secrets: हिंदुस्तानीय ज्योतिष में शनि को एक रहस्यमय ग्रह माना गया है. पुराने ज्योतिष ग्रंथों में शनि से जुड़े गुलिक और मांडी का भी उल्लेख मिलता है. कई परंपराओं में इन्हें “शनि के पुत्र” कहा गया है. खास बात यह है कि गुलिक और मांडी कोई वास्तविक ग्रह नहीं हैं, बल्कि समय के आधार पर गणना करके इनकी स्थिति तय की जाती है. अब दिलचस्प बात यह है कि आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान में भी शनि से जुड़े ऐसे रेडियो संकेतों का अध्ययन हुआ है, जिनके दोहराने के समय में अंतर देखा गया और समय के साथ उनमें बदलाव भी दर्ज किया गया. यही वजह है कि गुलिक-मांडी की प्राचीन अवधारणा और शनि से जुड़े इन रेडियो संकेतों की तुलना चर्चा का विषय बन सकती है. हालांकि, दोनों के बीच कोई सीधा वैज्ञानिक संबंध अभी साबित नहीं हुआ है. गुलिक और मांडी क्या हैं? हिंदुस्तानीय ज्योतिष के अनुसार गुलिक और मांडी को शनि से जुड़ी विशेष गणनाओं के रूप में देखा जाता है. इन्हें आसमान में मौजूद किसी ग्रह या पिंड की तरह नहीं देखा जाता. इनकी स्थिति दिन और रात के समय को आधार बनाकर निकाली जाती है. इसी वजह से इन्हें सामान्य ग्रहों से अलग माना जाता है. कुछ प्राचीन ग्रंथों में गुलिक और मांडी का शनि से संबंध बताया गया है. ज्योतिष की अलग-अलग परंपराओं में इनके बारे में व्याख्या भी अलग-अलग मिलती है. गुलिक व मांडी को दर्शाती तस्वीर (फोटो- एआई) शनि से निकलने वाली रेडियो तरंगों का विज्ञान ने किया अध्ययन शनि का अध्ययन करने के लिए NASA, ESA और Italian Space Agency ने मिलकर Cassini-Huygens मिशन चलाया था. कैसिनी (Cassini) अंतरिक्ष यान ने शनि और उसके आसपास के वातावरण का लंबे समय तक अध्ययन किया. इस दौरान शनि से आने वाली प्राकृतिक रेडियो तरंगों का भी अध्ययन किया गया. इन्हें वैज्ञानिक Saturn Kilometric Radiation यानी SKR कहते हैं. आसान भाषा में समझें तो ये शनि के आसपास के वातावरण से मिलने वाले रेडियो संकेत हैं. शनि के उत्तर और दक्षिण से मिले अलग संकेत वैज्ञानिकों ने इन रेडियो संकेतों के दोहराने के समय का अध्ययन किया. इसमें शनि के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों से जुड़े संकेतों में अंतर देखा गया. इसे समझाने के लिए कभी-कभी “दो रेडियो घड़ियों” का उदाहरण दिया जा सकता है. लेकिन यह केवल समझाने का तरीका है. वास्तव में शनि के आसपास कोई दो घड़ियां नहीं थीं. वैज्ञानिक अलग-अलग रेडियो संकेतों के दोहराने के समय को माप रहे थे. ये भी पढ़ें: Lakshmi Narayan Yog 2026: बुध-शुक्र की युति से बनेगा लक्ष्मी-नारायण योग, इन 5 राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से शुभ रहेंगे आने वाले दिन समय के साथ इन संकेतों में भी बदलाव आया शनि के इन रेडियो संकेतों की दर हमेशा एक जैसी नहीं रही. अगस्त 2009 के आसपास शनि का विषुव (इक्विनॉक्स) हुआ. इसके कुछ महीनों बाद, 2010 की शुरुआत में, उत्तर और दक्षिण से जुड़े रेडियो संकेतों की दरों में महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया. मार्च 2010 के आसपास दोनों की दरें एक-दूसरे को पार करती हुई दिखाई दीं. यानी जिस अंतर के साथ दोनों संकेत दोहराए जा रहे थे, उसमें समय के साथ बदलाव हुआ. वैज्ञानिकों ने इस बदलाव का अध्ययन शनि के चुंबकीय वातावरण और वहां होने वाले मौसमी बदलावों के संदर्भ में किया है. क्या इसका गुलिक-मांडी से कोई संबंध है? एक तरफ प्राचीन ज्योतिष में शनि से जुड़े गुलिक और मांडी हैं, जिनकी स्थिति समय के आधार पर गणना की जाती है. दूसरी तरफ आधुनिक विज्ञान में शनि से जुड़े अलग-अलग रेडियो संकेत हैं, जिनके दोहराने के समय में अंतर और बदलाव देखा गया. लेकिन दोनों को एक ही घटना मानना सही नहीं होगा. Cassini ने गुलिक या मांडी की खोज नहीं की थी. वैज्ञानिकों ने शनि से आने वाली रेडियो तरंगों का अध्ययन किया था. इसलिए इन रेडियो संकेतों को गुलिक या मांडी का वैज्ञानिक प्रमाण कहना उचित नहीं है. फिर यह तुलना क्यों दिलचस्प है? इस तुलना को वैज्ञानिक प्रमाण के बजाय एक रोचक समानता के रूप में देखा जा सकता है. प्राचीन ज्योतिष में शनि से जुड़े दो ऐसे संकेतकों की चर्चा मिलती है, जिन्हें समय के आधार पर निर्धारित किया जाता है. आधुनिक विज्ञान में शनि से जुड़े रेडियो संकेतों के दो अलग-अलग स्रोतों की आवधिकता में अंतर और समय के साथ बदलाव का अध्ययन किया गया. इन दोनों के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है. फिर भी, यह तुलना एक दिलचस्प सवाल जरूर उठाती है. क्या यह महज संयोग है, या शनि और समय को समझने की दो अलग-अलग परंपराओं में कोई वैचारिक समानता दिखाई देती है? फिलहाल इसका कोई वैज्ञानिक उत्तर नहीं है. इसलिए इसे “प्राचीन ज्योतिष का वैज्ञानिक प्रमाण” कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन गुलिक-मांडी और शनि की बदलती रेडियो तरंगों की यह कहानी निश्चित रूप से विज्ञान और प्राचीन ज्ञान परंपरा के बीच एक दिलचस्प चर्चा शुरू करती है. ये भी पढ़ें: Astro Special: क्या होता है ज्योतिष का संधि काल गंडांत? शुभ कार्यों के लिए अशुभ क्यों काशी से पंडित प्रशांत The post Astrology Special: प्राचीन ज्योतिष से आधुनिक विज्ञान तक, शनि के दो पुत्र गुलिक और मांडी का क्या है रहस्य appeared first on Naya Vichar.

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