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प्रभात खबर का अपराजिता महिला डॉक्टर्स सम्मान आज, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की रहेंगी मौजूद

Naya Vichar Aparajita Women Doctors Award: रांची-अंतरराष्ट्रीय स्त्री दिवस पर नया विचार शनिवार को अपराजिता स्त्री डॉक्टर्स सम्मान का आयोजन होटल कैपिटल हिल में कर रहा है. कार्यक्रम शाम छह बजे से शुरू होगा. समारोह की मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की होंगी. समारोह में 32 स्त्री डॉक्टरों को सम्मानित किया जायेगा. ये स्त्री डॉक्टर अपने-अपने क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं. इन्होंने अपनी चिकित्सीय सेवा से कई मरीजों को नयी जिंदगी दी है. वहीं, सम्मान समारोह के बाद कॉमेडी शो का आयोजन भी किया गया है, जिसमें दो हास्य कलाकार वीआई और सत्यपाल अपनी प्रस्तुति देंगे. मुख्य प्रायोजक सेनको गोल्ड एंड डायमंड अपराजिता स्त्री डॉक्टर्स सम्मान के मुख्य प्रायोजक सेनको गोल्ड एंड डायमंड हैं. वहीं, टाइटल स्पांसर एसोटेक हिल, पावर्ड बाई बायोम, इलेक्ट्रानिक मीडिया पार्टनर न्यूज अलर्ट इंडिया है. अन्य पार्टनरों में औरा, बालपन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, डॉ लाल हॉस्पिटल, गणपति आयुर्वेद, सुश्रुता दंतालय, भगवान महावीर हॉस्पिटल हैं. वहीं, हेल्थ पार्टनर के रूप में लाइफ केयर हॉस्पिटल और ज्वेलरी पार्टनर में सरस्वान ज्वेलर्स हैं. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Women’s Day 2025 : हटिया रेलवे स्टेशन में पॉइंट्समैन के पद पर गर्व के साथ काम कर रही हैं मनीषा कार्यक्रम में पास से मिलेगी एंट्री अपराजिता स्त्री डॉक्टर्स सम्मान में एंट्री पास के माध्यम से ही मिलेगी. ऐसे में सभी लोगों से आग्रह है कि समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और अपना स्थान सुरक्षित कर लें. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:कहां छुपा है हिंदुस्तान की समृद्धि का राज? जानना है तो पढ़ें और देखें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : अजातशत्रु के शासनकाल में महात्मा बुद्ध ने त्यागा था देह, राजगृह में बना है स्तूप पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Women’s Day 2025 : मुस्लिम समाज देता है स्त्रीओं को संपत्ति पर हक, लेकिन बेटों के मुकाबले मिलता है आधा The post नया विचार का अपराजिता स्त्री डॉक्टर्स सम्मान आज, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की रहेंगी मौजूद appeared first on Naya Vichar.

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Babulal Marandi: बाबूलाल मरांडी बने नेता प्रतिपक्ष, सीएम हेमंत सोरेन ने दी बधाई, कल्पना सोरेन ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद

Babulal Marandi: रांची-भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बने. स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने शुक्रवार को सदन की पहली पाली में इसकी औपचारिक घोषणा की. स्पीकर ने सदन को बताया कि उन्हें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्रराय की ओर से पत्र मिला है कि बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता बनाया गया है. वह बिना विलंब किए मुख्य विरोधी दल भाजपा के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को सदन में प्रतिपक्ष का नेता बनाये जाने की घोषणा करते हैं. स्पीकर की घोषणा के बाद पक्ष-विपक्ष ने मेज थपथपा कर बाबूलाल मरांडी का स्वागत किया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ प्रशासन के मंत्री और विधायक बाबूलाल मरांडी की कुर्सी तक पहुंचे. सीएम ने बाबूलाल मरांडी को बधाई दी. गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने पांव छूकर आशीर्वाद लिया. प्रशासन के मंत्री और विधायकों ने एक-एक कर बाबूलाल मरांडी को बधाई दी. पिछली विधानसभा में चार वर्षों तक करना पड़ा इंतजार पिछली विधानसभा में बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष के लिए चार वर्षों का इंतजार करना पड़ा था. दल-बदल के मामले को लेकर स्पीकर ने बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष का नेता होने की मान्यता नहीं दी थी. इसके बाद पिछली विधानसभा के अंतिम वर्षों के लिए भाजपा ने तत्कालीन चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी को नेता प्रतिपक्ष बनाया था. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Women’s Day 2025 : मुस्लिम समाज देता है स्त्रीओं को संपत्ति पर हक, लेकिन बेटों के मुकाबले मिलता है आधा बाबूलाल मरांडी पहली बार बने नेता प्रतिपक्ष वर्तमान विधानसभा में बाबूलाल मरांडी के लिए सारे गतिरोध दूर थे. स्पीकर ने भी भाजपा का पत्र मिलने के बाद तुरंत नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया. झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पहली बार नेता प्रतिपक्ष बने. 2003 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में कुर्सी छोड़ने वाले बाबूलाल मरांडी को 22 वर्षों बाद कोई वैधानिक पद मिला है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Magadha Empire : अजातशत्रु के शासनकाल में महात्मा बुद्ध ने त्यागा था देह, राजगृह में बना है स्तूप The post Babulal Marandi: बाबूलाल मरांडी बने नेता प्रतिपक्ष, सीएम हेमंत सोरेन ने दी बधाई, कल्पना सोरेन ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद appeared first on Naya Vichar.

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Sita Soren Attack: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन पर पीए ने तानी पिस्टल, बाल-बाल बचीं

Sita Soren Attack: धनबाद-जामा की पूर्व विधायक, दिशोम गुरु शिबू सोरेन की बड़ी बहू और सीएम हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन पर गुरुवार की रात सरायढेला स्थित सोनोटेल होटल में उनके ही पीए देवाशीष मनोरंजन घोष ने देसी पिस्टल तान कर गोली मारने का प्रयास किया. इस बीच वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उसे पकड़ लिया और सरायढेला थाना को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देवाशीष मनोरंजन घोष को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्टल, एक एयर गन और सात गोली बरामद की है. सीता सोरेन की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज सरायढेला थाना की पुलिस ने होटल के मैनेजर और अन्य स्टॉफ से पूछताछ की. होटल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की गयी. इस दौरान पुलिस को कई तरह के फुटेज मिले हैं. सभी को पुलिस ने जब्त कर लिया है. इस संबंध में पूर्व विधायक सीता सोरेन की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. देवाशीष रांची के लोअर हटिया स्थित मधुबन अपार्टमेंट का रहनेवाला है. वह सीता सोरेन के साथ ही आया था. देवाशीष ने आवेश में आकर अपना आपा खो दिया पूर्व विधायक सीता सोरेन ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि वह अपने पीए देवाशीष मनोरंजन घोष, सीआरपीएफ जवान और सिविल पुलिस अंगरक्षक के साथ गुरुवार की अपराह्न धुर्वा से निकली. कतरास में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद सरायढेला स्थित सोनोटेल होटल के कमरा नंबर 618 में आयी. यहां बैठकर अपने सदस्य और पीए के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा और हिसाब कर रही थी. इसी क्रम में पीए देवाशीष ने आवेश में आकर अपना आपा खो दिया और हत्या की मंशा से कमर से पिस्टल निकालकर तान दिया. इस पर साथ में आये पीएसओ (सीआरपीएफ) ने उसे तुरंत पकड़ लिया. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Magadha Empire : राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन The post Sita Soren Attack: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन पर पीए ने तानी पिस्टल, बाल-बाल बचीं appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi Crime: रांची में दिनदहाड़े कोयला ट्रांसपोर्टर बिपिन मिश्रा को अपराधियों ने मारी गोली, हालत गंभीर, एक्शन में एटीएस

Ranchi Crime: रांची-कोयला ट्रांसपोर्टर सह व्यवसायी बिपिन मिश्रा पर बरियातू गर्ल्स स्कूल मोड़ के पास शुक्रवार को दिन के 10: 45 बजे दो शूटरों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जबकि एक बदमाश बाइक को स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा था. शूटरों ने श्री मिश्रा को लक्ष्य कर गोली चलायी. कई गोली उनके वोल्वो कार (जेएच 01डीएम-0333) पर लगी. वहीं तीन गोली कार के शीशे को छेदते हुए अंदर चली गयी. इनमें से एक गोली चालक की ओर के शीशे को छेदते हुए निकल गयी. दूसरी गोली श्री मिश्रा के हाथ में लगी, जबकि तीसरी गोली उनके गले को छूते हुए निकल गयी. भागते हुए शूटरों पर बिपिन मिश्रा के एक प्रशासनी व एक निजी बॉडीगार्ड ने भी फायरिंग की. लेकिन गोलियों से बचते हुए एक बाइक से तीनों बदमाश फरार हो गये. पुलिस ने घटनास्थल से आठ से अधिक खोखे बरामद किये हैं. विधानसभा परिसर में घटना के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि हमले से पहले बिपिन मिश्रा को इंटरनेशनल नंबर से धमकी भरा मैसेज आया था. इसे ट्रेस किया जा रहा है. मयंक सिंह ने घटना की जिम्मेवारी ली है. उन्होंने कहा कि मयंक के नाम पर घटना को अंजाम देनेवाले लोगों का पता चल चुका है. घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. खतरे से बाहर हैं बिपिन मिश्रा घायल बिपिन मिश्रा को इलाज के लिए मणिपाल मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों का कहना है कि उनकी स्थिति खतरे से बाहर है. चिंता की कोई बात नहीं है. मामले की जांच के लिए चार डीएसपी, पांच इंस्पेक्टर व आठ दारोगा की छह एसआइटी टीम बनायी गयी है. जो संभावित स्थानों पर छापामारी कर रही है. पुलिस घटना के पीछे प्रथम दृष्टया अमन साहु गैंग पर संदेह कर रही है. उधर, कथित मयंक सिंह ने फेसबुक पोस्ट कर कहा है कि घटना को अमन साहु गैंग ने अंजाम दिया है. पीएनएम कंपनी के मालिक बिपिन मिश्रा बरियातू रोड स्थित ग्रीन पार्क अपार्टमेंट में ब्लॉक-बी के 101 नंबर फ्लैट में रहते हैं. इसके अलावा पांचवें तल्ले पर भी एक फ्लैट है. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को वह अपने फ्लैट से वोल्वो कार से बूटी मोड़ की ओर जाने के लिए निकले. कार में वह बांयी ओर अगली सीट पर बैठे थे, जबकि उनका एक निजी व एक प्रशासनी बॉडीगार्ड पीछे की सीट पर बैठा था. चालक बरियातू गौतम बुद्ध मार्ग (बरियातू गर्ल्स स्कूल) के पास जैसे ही धीमी रफ्तार में यू-टर्न ले रहा था, उसी समय अमन साहू गिरोह के शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. शीशा बंद होने के कारण गोली उन्हें सीधे नहीं लगी. शूटरों को गोली चलाते देख दोनों बॉडीगार्ड कार से उतरे और अपराधियों को लक्ष्य कर गोली चलायी, लेकिन दोनों अपराधी तीसरे अपराधी की बाइक पर बैठ कर डीआइजी ग्राउंड की ओर से निकल गये. कई दिनों से रेकी कर रहे थे बदमाश जिस ढंग से अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है उसे स्पष्ट है कि वे लोग कई दिनों से बिपिन मिश्रा की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे. सटीक मौका मिलने के बाद अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में तीन से ज्यादा बदमाश के शामिल हाेने की संभावना है. वरीय पुलिस अधिकारियों ने किया मुआयना सूचना मिलते ही आइजी अखिलेश झा, डीआइजी सह एसएसपी चंदन सिन्हा, एटीएस एसपी ऋषभ झा, सिटी एसपी राजकुमार मेहता, सदर डीएसपी संजीव बेसरा के अलावा बरियातू, लालपुर, सदर, टाटीसिल्वे थाना प्रभारी सहित कई पुलिस पदाधिकारी पहले अस्पताल पहुंचे. फिर घटनास्थल पर पहुंच घटना का मुआयना किया. एटीएस की टीम काफी देर तक घटनास्थल व अपराधियों के भागने के रास्ते में फुटेज की जांच करती रही. जल्द गिरफ्तार होंगे अपराधी डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. इसमें चार डीएसपी, पांच इंस्पेक्टर व थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है. अपराधी को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा. डीजीपी ने दिया एटीएस को जिम्मा कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले की जांच को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने गंभीरता से लिया है. इस केस की समीक्षा करने की जिम्मेवारी उन्होंने एटीएस एसपी को दी है. डीजीपी के निर्देश पर एटीएस की टीम ने पूरे मामले की समीक्षा के साथ छापेमारी भी शुरू कर दी है. आरंभिक जांच के दौरान एटीएस को कुछ तथ्य भी मिले हैं. जिसके आधार पर एटीएस की टीम कार्रवाई की तैयारी में जुट गयी है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:Magadha Empire : राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन The post Ranchi Crime: रांची में दिनदहाड़े कोयला ट्रांसपोर्टर बिपिन मिश्रा को अपराधियों ने मारी गोली, हालत गंभीर, एक्शन में एटीएस appeared first on Naya Vichar.

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Sahitya Akademi: मैथिली अनुवाद के लिए केष्कर ठाकुर को साहित्य अकादमी पुरस्कार

Sahitya Akademi: पटना. साहित्य अकादमी ने अनुवाद पुरस्कार 2024 की शुक्रवार को घोषणा की. साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक की अध्यक्षता में अकादमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में 21 अनुवादकों को अनुवाद पुरस्कार के लिए अनुमोदित किया गया. पटना के केष्कर ठाकुर को मैथिली, प्रसिद्ध आलोचक मदन सोनी को हिंदी और अनीसुर रहमान को अंग्रेजी के लिए साहित्य अकादमी का वर्ष 2024 का अनुवाद पुरस्कार दिये जाने की घोषणा शुक्रवार को की गयी. केष्कर को विभूति भूषण बंदोपाध्याय के बांग्ला उपन्यास आरण्यक के मैथिली अनुवाद के लिए यह पुरस्कार मिलेगा. केष्कर मूल रूप से मधुबनी के समौल हैं और वर्तमान में पटना में रहते हैं. संताली भाषा के लिए नाजीर हेंब्रम को मिला पुरस्कार संताली में इसबार संताल परगना के पाकुड़ जिला, महेशपुर प्रखंड अंतर्गत चंदालमारा गांव के रहने वाले नाजीर हेंब्रम को साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला को मिला है. उन्हें यह पुरस्कार नीलोत्पल मृणाल द्वारा लिखित हिंदी उपन्यास डार्क हार्स के संताली अनुवाद पुस्तक हेंदे सादोम के लिए मिला. नाजीर हेंब्रम पेशे से प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी हैं और वे महेशपुर प्रखंड में पदास्थापित हैं. हेंदे सादोम के अलावे उन्होंने कई पुस्तकें लिखी है. इनमें सेदाय काथा (कहानी-2013 ), बांदोंग (कविता संग्रह-2020), कोरोम कोपाल (कविता संग्रह-2022),हेंदे सादोम (अनुवाद पुस्तक-2022) आदि प्रमुख हैं. मदन सोनी को हिंदी के लिए हुआ चयन प्रसिद्ध आलोचक मदन सोनी को हिंदी के लिए तथा अनीसुर रहमान को अंग्रेजी के लिए साहित्य अकादमी का वर्ष 2024 का अनुवाद पुरस्कार दिए जाने की घोषणा शुक्रवार को यहां की गई. हिंदी में अनुवाद के लिए मदन सोनी को यशोधरा डालमिया की अंग्रेजी पुस्तक के हिंदी अनुवाद ‘सैयद हैदर रज़ा: एक अप्रतिम कलाकार की यात्रा’ के लिए पुरस्कृत किया गया है. अंग्रेजी में यह पुरस्कार अनीसुर रहमान को उनके द्वारा अनूदित पुस्तक हजारों ख्वाहिशें ऐसी (द वंडरफुल वर्ल्ड ऑफ उर्दू गजल्स) को दिया गया है. पंजाबी के लिए चंदन नेगी को पुस्तक ‘तेरे लैई’ के अनुवाद तथा बांग्ला के लिए बासुदेब दास को ‘सदगरेर पुत्र नौका बेय जय’ पुस्तक के अनुवाद हेतु पुरस्कृत किया गया है. Also Read: देश को भाया नीतीश कुमार का बिहार मॉडल, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आया बुनियादी बदलाव The post Sahitya Akademi: मैथिली अनुवाद के लिए केष्कर ठाकुर को साहित्य अकादमी पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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Magadha Empire : अजातशत्रु के शासनकाल में महात्मा बुद्ध ने त्यागा था देह, राजगृह में बना है स्तूप

Table of Contents पिता की हत्या के बाद अपराधबोध से ग्रसित था अजातशत्रु बिम्बिसार और गौतम बुद्ध के संबंध अजातशत्रु के शासनकाल में बुद्ध का महापरिनिर्वाण अजातशत्रु का जन्म और मृत्यु गौतम बुद्ध मगध साम्राज्य के किस राजा के समकालीन थे? किस राजा के शासनकाल में बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ? Magadha Empire 4 : मगध साम्राज्य के संस्थापक और हर्यक वंश के प्रथम राजा बिम्बिसार और गौतम बुद्ध के बीच घनिष्ठ होने की बात बौद्ध साहित्य बताते हैं. बिम्बिसार का शासनकाल 544 ईसा पूर्व से 492 ईसा पूर्व तक कायम रहा. इतिहासकार इस बात पर एकमत नहीं हैं कि बिम्बिसार ने बौद्ध धर्म अपनाया था या नहीं,लेकिन यह बात सभी मानते हैं कि समकालीन होने और गौतम बुद्ध के राजगृह आने की वजह सेदोनोंके  बीच मैत्रीपूर्ण संबंध थे. पिता की हत्या के बाद अपराधबोध से ग्रसित था अजातशत्रु बौद्ध साहित्य यह मानते हैं कि बिम्बिसार की हत्या के बाद अजातशत्रु को बहुत पछतावा हुआ. अपराधबोध में ही उसने गौतम बुद्ध की शरण ली, तो उन्होंने उससे अहिंसा और करुणा का मार्ग अपनाने को कहा. जिसके बाद अजातशत्रु ने बौद्ध धर्म अपनाया और बौद्ध संगति का आयोजन किया. हरमन ओल्डेनबर्ग जैसे इतिहासकार यह मानते हैं की अजातशत्रु ने बौद्ध धर्म स्वीकार नहीं किया, वह धर्म से ज्यादा नेतृत्व पर ध्यान देता था, लेकिन वे यह मानते हैं कि अजातशत्रु ने बौद्ध धर्म का संरक्षण किया, क्योंकि उसके पिता बिम्बिसार ने भी बौद्ध धर्म को संरक्षित किया था. रोमिला थापर और डीडी कोसांबी जैसे इतिहासकार भी यह नहीं मानते हैं अजातशत्रु ने बौद्ध धर्म को स्वीकारा था. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Women’s Day 2025 : मुस्लिम समाज देता है स्त्रीओं को संपत्ति पर हक, लेकिन बेटों के मुकाबले मिलता है आधा Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन Magadha Empire : राजा अजातशत्रु ने क्यों की थी पिता की हत्या? नगरवधू आम्रपाली का इससे क्या था कनेक्शन विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें बिम्बिसार और गौतम बुद्ध के संबंध बिम्बिसार-और-गौतम-बुद्ध बौद्ध साहित्य यह बताते हैं कि बिम्बिसार और गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन के बीच नेतृत्वक संबंध थे. हालांकि इतिहासकार यह मानते हैं कि दोनों समकालीन थे इसलिए व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध दोनों में थे. संन्यास के बाद जब गौतम बुद्ध राजगृह आए तो बिम्बिसार ने उनसे मुलाकात की और उन्हें अपने यहां रहने और पद देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बुद्ध ने ठुकरा दिया था. लेकिन ज्ञान प्राप्ति के बाद वे अपने वादे के अनुसार बिम्बिसार के राज्य आए थे. तब बिम्बिसार ने उनका स्वागत किया था और उन्हें सहायता भी दी. बिम्बिसार ने राजगृह में पहला बौद्ध विहार भी बनवाया था. यानी यह कहा जा सकता है कि बिम्बिसार के समय से ही गौतम बुद्ध के संबंध मगध साम्राज्य से थे. अजातशत्रु के शासनकाल में बुद्ध का महापरिनिर्वाण अजातशत्रु के शासनकाल में बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ. गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण 483 ईसा पूर्व में हुआ था. उस वक्त अजातशत्रु ने उनके प्रति सम्मान दिखाते हुए उनकी अस्थियों को लेकर राजगृह की पहाड़ी पर स्तूप बनवाया था. जो यह साबित करता है कि वह गौतम बुद्ध का अनुयायी रहा था. लेकिन बौद्ध भिक्षु वह नहीं बना क्योंकि उसका लक्ष्य मगध को हिंदुस्तान का सबसे शक्तिशाली राज्य बनाना था. अजातशत्रु ने अपनी सीमा का इतना विस्तार किया कि उसने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया. उसने अपने साम्राज्य को आधुनिक बिहार, उत्तर प्रदेश,बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्यप्रदेश और नेपाल तक विस्तार दे दिया था. उसने वैशाली के साथ 16 वर्षों तक युद्ध किया था और इसी युद्ध की सफलता के लिए उसने पाटलिपुत्र में अपनी छावनी भी बनाई थी जो आगे चलकर मगध की राजधानी बना. अजातशत्रु का जन्म और मृत्यु बौद्ध साहित्य कहते हैं कि उसके जन्म के वक्त यह आशंका हुई थी कि वह अशुभ साबित हो सकता है, इसलिए उसकी मां वैदेही ने उसका त्याग कर दिया था. लेकिन बिम्बिसार ने उसे अपनाया और बचपन में नाम दिया था कुणिका. वहीं उसकी मौत के बारे में यह कहा जाता है कि उसके अपने बेटे उदयन ने अवंती नरेश के बहकावे में उसकी हत्या कर दी थी. लेकिन इतिहासकार यह मानते हैं कि अजातशत्रु की मौत लगभग 462 से 460 ईसा पूर्व में हुई.  पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया गौतम बुद्ध मगध साम्राज्य के किस राजा के समकालीन थे? गौतम बुद्ध मगध साम्राज्य के बिम्बिसार और अजातशत्रु के समकालीन थे. किस राजा के शासनकाल में बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ? अजातशत्रु The post Magadha Empire : अजातशत्रु के शासनकाल में महात्मा बुद्ध ने त्यागा था देह, राजगृह में बना है स्तूप appeared first on Naya Vichar.

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Bihar ITI: बिहार आईटीआई एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें रिप्लाई

Bihar ITI: बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड (BCECEB) ने बिहार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा (ITICAT 2025) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह परीक्षा राज्य के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है. इच्छुक उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके साथ ही, आवेदन शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन मोड में करना होगा. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन भरने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, जिससे वे पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और महत्वपूर्ण तिथियों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें. ITICAT 2025 परीक्षा के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को बिहार के विभिन्न प्रशासनी और निजी आईटीआई संस्थानों में प्रवेश मिलेगा. इस परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को अच्छी तरह समझकर तैयारी करनी चाहिए. आवेदन की अंतिम तिथि और परीक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें. क्या है योग्यता ? बिहार आईटीआईसीएटी 2025 के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं. आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है. इसके अलावा, उम्मीदवार का हिंदुस्तान का नागरिक होना जरूरी है. आयु सीमा के अनुसार, अभ्यर्थी की आयु 1 अगस्त 2025 तक कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए. कितना है आवेदन शुल्क ? बिहार आईटीआईसीएटी 2025 के लिए पंजीकरण शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है. सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 750 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 100 रुपये रखा गया है. वहीं, विकलांग (PwD) उम्मीदवारों को 430 रुपये का भुगतान करना होगा. अभ्यर्थी अपने पंजीकरण शुल्क का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं. क्या है परीक्षा पैटर्न ? बिहार आईटीआईसीएटी 2025 परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन मोड में किया जाएगा. परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 15 मिनट होगी, जिसमें अभ्यर्थियों को 150 प्रश्नों को हल करना होगा। प्रश्न पत्र को तीन सेक्शन में विभाजित किया गया है—गणित, सामान्य विज्ञान और सामान्य ज्ञान. यह परीक्षा कुल 300 अंकों की होगी. प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को 2 अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले The post Bihar ITI: बिहार आईटीआई एंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें रिप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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Patna Road Accident : पटना में भीषण सड़क हादसा, दो घायलों ने तड़प कर तोड़ा दम, वीडियो बनाते रहे लोग

Patna Road Accident : पटना. शुक्रवार की देर शाम पटना में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. इस हादसे में दो अन्य लोगों की हालत गंभीर है. घटना पटना के जगदेव पथ की है. मिली जानकारी के अनुसार घटना होते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन लोग तमाशबीन बनकर मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने उन घायलों को अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं की. इस वजह से दो लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. The post Patna Road Accident : पटना में भीषण सड़क हादसा, दो घायलों ने तड़प कर तोड़ा दम, वीडियो बनाते रहे लोग appeared first on Naya Vichar.

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Bulldozer Action: पटना के इस इलाके में होगा बुलडोजर एक्शन, ध्वस्त होंगे 72 स्ट्रक्चर

Bulldozer Action: पटना. यूपी की तरह अब बिहार में भी प्रशासन बुलडोजर एक्शन करने जा रही है. सड़क पर कब्जा करनेवाले लोगों पर राजधानी पटना में ये बुलडोजर कार्रवाई होने जा रही है. राजधानी पटना को जाम से निजात दिलाने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. बेऊर मोड़ से पटना एम्स के बीच एलिवेटेड सड़क का निर्माण होना है. इसको लेकर इस इलाके में आने वाले 72 स्ट्रक्चर को तोड़ा जाएगा. पटना जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है. मंत्रालय से प्रस्तावित डिजाइन को मंजूरी का इंतजार पटना जिला प्रशासन ने अनीसाबाद से एम्स के बीच सड़क के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर लिया है. बेऊर मोड़ से पटना एम्स के बीच बननेवाले एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से इसकी डिजाइन को मंजूरी मिलना है. मंजूरी मिलने के बाद बिहार राज्य पथ विकास निगम इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर देगा. मंजूरी मिलने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. तोड़े जायेंगे 72 बड़े स्ट्रक्चर विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक चिन्हित इमारतों में 72 बड़े स्ट्रक्चर शामिल हैं, जिन्हें ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके अलावा इस मार्ग में पड़ने वाले उन घरों पर भी बुलडोजर चलेगा, जिनके छज्जे और अन्य अवैध अतिक्रमण किए गए हैं. जिला प्रशासन की ओर से जो बड़े स्ट्रक्चर तोड़े जाने हैं उनके मालिकों को सूचना दिया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि यह कार्रवाई अगले दो माह के अंदर होगी. Also Read: देश को भाया नीतीश कुमार का बिहार मॉडल, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आया बुनियादी बदलाव The post Bulldozer Action: पटना के इस इलाके में होगा बुलडोजर एक्शन, ध्वस्त होंगे 72 स्ट्रक्चर appeared first on Naya Vichar.

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर प्रभात खबर कार्यालय में परिचर्चा, आर्थिक आत्मनिर्भरता की वकालत

International Women’s Day 2025: धनबाद-अंतरराष्ट्रीय स्त्री दिवस की पूर्व संध्या पर नया विचार कार्यालय कोलाकुसमा में वर्तमान परिवेश में स्त्रीओं की चुनौतियां विषय पर परिचर्चा आयोजित की गयी. हर सेक्टर में कार्यरत स्त्रीओं के साथ गृहिणियां भी इसका हिस्सा बनीं. सबने खुलकर अपने विचार रखे. स्त्रीओं ने एक सुर में कहा कि जब स्त्री-पुरुष बराबर हैं, तो असमानता की बात कहां से आती है. आज के संदर्भ में उनका आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है. कार्यक्षेत्र में स्त्रीओं को हर कदम पर चुनौतियां मिलती हैं. इसका सामना करना पड़ता है. खुद को साबित करना पड़ता है. मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए यह जरूरी है, स्त्रीएं एक दूजे का साथ दें, सहयोग करें, पर आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है. ग्रामीण क्षेत्र की स्त्रीओं को शिक्षित करने के साथ ही उनके हुनर को बाजार व पहचान दिलाने की दिशा में शहरी क्षेत्र की स्त्रीओं को समय देने की जरूरत है. चिकित्सक हो या अधिवक्ता, शिक्षिका हो या व्यवसायी, होम मेकर हो या समाजसेवी, सभी ने स्त्री शिक्षा को प्राथमिकता दी. अधिकार के प्रति सजगता के लिए उनका शिक्षित होना जरूरी है. स्त्रीएं घर की होम मिनिस्टर होती हैं. जो बातें सामने आयीं कार्य क्षेत्र में हर कदम पर चुनौतियों का सामना करती हैं स्त्रीएं.स्त्रीओं का आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है.ग्रामीण क्षेत्र की स्त्रीओं को शिक्षित करने के साथ हुनर को बाजार व पहचान दिलाने की जरूरत.अधिकारों के प्रति आधी आबादी को करना होगा जागरूकस्त्रीएं कमजोर नहीं होतीं, न ही उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट की जरूरत हैस्त्रीएं एक ही समय में कई मोर्चे को बखूबी संभाल रहीं परिचर्चा में क्या बोलीं स्त्रीएं? स्त्रीएं अपने को कमजोर मानकर स्वयं भेदभाव पैदा करती हैं. हम ही पुरुष प्रधान समाज बनाते हैं. हम बराबरी की हकदार हैं. ये आत्मविश्वास हमें जगाना होगा. आज के समय में आत्मनिर्भरता जरूरी है. पति पर आश्रित रहनेवाली स्त्री ही पिछड़ती है. स्त्रीएं कमजोर नहीं होती न ही उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट की जरूरत है. सेल्फ रेस्पेक्ट जगायें.जया कुमार, क्रिमिनल लॉयर आज के समय में स्त्रीओं का शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होने के साथ ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना भी जरूरी है. स्त्रीएं आत्मनिर्भर होकर ही आत्मसम्मान से जी सकती हैं. इसके लिए उनका शिक्षित होना जरूरी है. इतने बदलाव के बाद भी आज बेटा-बेटी को लेकर भेदभाव है. दोनों को संस्कारित करेंडॉ रूपा प्रसाद, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बदलते हालात में स्त्रीएं दोहरी जिम्मेवारी के साथ आगे बढ़ रहीं हैं. घर और बाहर के बीच बैलेंस बनाकर चलने में परेशानी हो रही है. उनके लिए जीवन का हर पल चुनौती भरा है. सबका ध्यान रखते खुद का ध्यान नहीं रख पा रही हैं. अपना ख्याल खुद रखना होगा. वह स्वस्थ रहेंगी, तभी परिवार खुशहाल होगा.संगीता श्रीवास्तव, शिक्षिका क्रेडो वर्ल्ड स्कूल स्त्रीएं और चुनौतियां दोनों साथ साथ चलते हैं. अब तो चुनौतियों की आदत पड़ गयी है. कभी-कभी बदलाव सुखद होता है. परिवर्तन से घबड़ायें नहीं. कुछ नहीं मिलेगा, तो अनुभव, तो होगा. आधी-आबादी चुनौतियों को न सिर्फ साथ लेकर चलती है, बल्कि उनसे लड़ना भी जानती हैं. हार नहीं मानती है.रेणु लाल, व्यवसायी स्त्रीएं घरवालों के सपोर्ट से ही आगे बढ़ती हैं. आधी आबादी की पहली प्राथमिकता घर परिवार है, लेकिन उनकी समाज में अपनी पहचान हो इसके लिए भी प्रयासरत है. आज की आधी आबादी दोहरी चुनौतियों के साथ आगे बढ़ रही है. हर क्षेत्र में उनकी धमक है बदलते समाज का यह सुखद एहसास है.राखी जैन, होम मेकर आज की स्त्रीओं के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है. आत्मनिर्भर होकर स्त्री न सिर्फ खुद की पहचान बनाती है, बल्कि परिवार समाज को भी उन्नति के पथ पर ले जाती है. हमें समस्या की जगह समाधान पर फोकस करने की जरूरत है. समय प्रतिकूल हो या अनुकूल, जीवटता के साथ कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है.सुषमा प्रसाद, व्यवसायी आज की आधी-आबादी मल्टी टैलेंटेड है. एक ही समय में कई मोर्चे को बखूबी संभाल रही है. समाज की चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार है. आज का समय तेजी से भाग रहा है. समय के साथ सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो रहा है. बावजूद इसके स्त्रीएं अपना दायित्व बखूबी निभा रही हैं. उन्हें एक दूसरे का हाथ थाम कर हर हाल में आगे बढ़ना होगा.रमा सिन्हा, आरोग्य हिंदुस्तानी, प्रांत प्रमुख मौजूदा परिवेश की स्त्रीएं अपने हुनर को पहचान दिला रहीं. हर सेक्टर में वे काम कर रही हैं. हमें रिजर्वेशन नहीं चाहिए. अपनी काबिलियत के बल पर समाज में पहचान बनाना है, दूसरों को भी राह दिखानी है. ग्रामीण क्षेत्र की स्त्रीएं सुंदर हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार करती है. इनके हुनर के लिए कोई बाजार नहीं है.पिंकी गुप्ता, सोशल वर्कर हम स्त्रीओं को हर कदम पर खुद को प्रूफ करना होता है. लड़कियां पढ़ रहीं है. डिग्रियां ले रही है. ये अच्छी बात है, पर उन डिग्रियों से कैसे लाभ लें, उन्हें यह समझाने की जरूरत है. मेरा मानना है चुनौतियां जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं. स्त्रीएं व्यस्त रहें. सकारात्मक सोच रखें और आगे बढ़ें.सुभद्रा झा, होम मेकर स्त्रीओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में रुचि जगानी होगी. ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता के अभाव में अभिभावक बेटियों की शिक्षा के प्रति उदासीन रहते हैं. सामूहिक प्रयास से उन तक शिक्षा की मशाल जलेगी, हम स्त्रीएं विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानती हैं. समय के साथ अनुभव मिलता जाता है, कामयाब होती जाती हैं.रीता चौधरी, सोशल वर्कर स्त्रीएं नकारात्मक विचार न पालें. न ही चुनौतियों से घबड़ायें. स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें. आपके पास, जो हुनर है उसे निखारें. लाइफ स्टाइल में बदलाव लायें. सकारात्मक सोच के लिए मेडिटेशन करें. साथ ही सबसे पहले खुद का सम्मान करना सीखें. 21वीं सदी की नारी स्वतंत्र है, आत्मनिर्भर हैं. उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.सुष्मिता प्रसाद, डेंटिस्ट मौजूदा परिवेश में हर क्षेत्र में स्त्रीओं की उपस्थिति है. वे बदलते समय को देख रही हैं. समझ रहीं हैं. पर ग्रामीण स्त्रीओं में न तो जागरूकता है और न ही अपने अधिकार की जानकारी, उन तक प्रशासनी योजनाओं की जानकारी पहुंचानी होगी. स्त्रीएं एक दूसरे का साथ लेकर आगे बढ़ें. चुनौती से घबड़ायें नहीं.प्रीति चौधरी, व्यवसायी स्त्री सशक्तीकरण के दौर में स्वाभिमानी व आत्मविश्वासी बनें. अपना अस्तित्व स्वयं तलाशना, तराशना होगा. अब पहले जैसी सोच नहीं रही. बदलते समय के साथ स्त्रीएं

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