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सोशल वर्क में भी नारी आगे, ग्रामीण महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ रहीं शहर की महिलाएं

Social Work: पटना. आज कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां स्त्रीओं की सशक्त भागीदारी न हो. वे अपने दायित्व निर्वहन और पारिवारिक रिश्ते-नातों को संभालते हुए अपना नाम रोशन कर रही हैं. आज की स्त्रीएं जागरूक हैं, तो जज्बातों को समझने वाली भी. मेहनती हैं, तो सजग भी और सामाजिक भी. स्त्रीओं को पढ़ाती हैं, कानूनी साक्षरता का पाठ नागेश्वर कॉलोनी की रहने वाली सुधा अम्बष्ठ पेशे से हाइकोर्ट की वकील हैं. वे पिछले 30 साल से वकालत कर रही हैं. अपने वकालत के दौरान उन्होंने देखा कि स्त्रीएं अपने अधिकारों को लेकर सजग नहीं हैं. घरेलू हिंसा, लिंग भेद और स्त्री उत्पीड़न आदि जैसी सभी परेशानियों से उन्हें गुज़रना पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि स्त्रीएं अपने हित के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी रखें, ताकि किसी भी तरह की प्रताड़ना को न सहना पड़े और उसके खिलाफ अपनी आवाज उठा सकें. इसलिए वे एनजीओ और क्लब से जुड़कर पीड़ित स्त्रीओं की समस्याओं को सुनकर रिपोर्ट दर्ज करवाती हैं और न्याय के लिए मुकदमा भी लड़ती हैं. अब तक वे 50 स्त्रीओं का केस बिना शुल्क लिए लड़ी भी और जीतीं भी. सुधा अम्बष्ठ, वकील, हाइकोर्ट पटना सामाजिक विकलांगता दूर करना है इनका मकसद ट्रांसपोर्ट नगर की रहने वाली कुमारी वैष्णवी शारीरिक विकलांगता को दरकिनार करते हुए सामाजिक विकलांगता को दूर करने में लगी हैं. वे विकलांग अधिकार मंच की अध्यक्ष और वैष्णव स्वावलंबन संस्था की सेक्रेटरी हैं. वैष्णव स्वावलंबन संस्था असहाय स्त्रीओं को सशक्त बनाती हैं और उन्हें उनके अधिकार, हिंसा संबंधी मामला, प्रशासनी योजनाओं और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देती हैं. आपसी विवाद में काउंसेलिंग करती हैं. जरूरत पड़ने पर केस लड़ने में मदद भी करती हैं. साल 2009 से चल रही इस संस्था से अब तक हजारों स्त्रीएं जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं. संस्था की ओर से 57 जोड़े की शादी करवायी गयी है. वे कई बार दिव्यांगों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती हैं. उनके इस कार्य को लेकर राष्ट्रपति भी सम्मानित कर चुकी हैं. कुमारी वैष्णवी, अध्यक्ष, विकलांग अधिकार मंच स्त्रीओं को न्याय मिले इसलिए की कानून की पढ़ाई हाजीपुर की रहने वाली सरिता राय स्त्रीओं और किशोरियों पर पिछले नौ साल से कार्य कर रही हैं. शुरुआत में उन्होंने गांव की स्त्रीओं और किशोरियों के लिए माहवारी जागरूकता अभियान चलाया. इस दौरान उन्हें महसूस हुआ कि इन स्त्रीओं को उनके अधिकारों के लेकर खास जानकारी नहीं है. अगर कोई मामला उन पर आता है, तो उनके हक के लिए कोई खड़ा नहीं होता है. ऐसे में उन्होंने लॉ की पढ़ाई की ताकि ऐसे स्त्रीओं को कानूनी रूप से मदद कर सकें. वे साल 2022 से उड़ान संस्था चला रही हैं, जिसमें किशोरियों को हर रविवार को नौकरी पेशा लोग पढ़ाने में योगदान देते हैं. हाल ही में उन्होंने वकीलों की टीम तैयार की है जिसमें उनकी ओर से रेप पीड़िताओं को केस लड़े जायेंगे और उनको कानूनी सलाह फ्री ऑफ कॉस्ट दी जायेगी. सरिता राय, समाजसेवी भय, भूख व गरीबी को ले लड़कियों को करती हैं सशक्त न्यू अजीमाबाद कॉलोनी की रहने वाली शाहिना परवीन ‘द हंगर प्रोजेक्ट’ की स्टेट कोऑर्डिनेटर हैं. वे पंचायत में स्त्री नेतृत्व के माध्यम से वंचित समुदाय की स्त्रीओं को भय, भूख और गरीबी को लेकर सशक्त करती हैं. वे वर्ष 2006 से यह काम कर रही हैं. पहले बाल विवाह आम बात थी, लड़कियों को स्कूल नहीं जाने दिया जाता था. यही वजह रही कि उन्होंने 2016 में किशोरी सशक्तीकरण को लेकर कार्य करने लगीं. उन्होंने बाल विवाह पर जागरूकता अभियान चलाया. इसके लिए वे स्कूल प्रबंधन समिति और पंचायत के साथ मिलकर 40 पंचायतों में काम करती हैं. अब तक वे 3500 से ज्यादा किशोरियों को बाल विवाह से मुक्त करा चुकी हैं. वे विभिन्न जिलों के पंचायतों में सुकन्या क्लब भी चलाती हैं, ताकि किशोरियां अपने अधिकारों को समझने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल भी कर सकें. शाहिना परवीन, स्टेट कोऑर्डिनेटर, द हंगर प्रोजेक्ट Also Read: एक माह में तीन एनकाउंटर, चार अपराधी ढेर, नये डीजीपी के आते ही बिहार पुलिस ने बदले तेवर The post सोशल वर्क में भी नारी आगे, ग्रामीण स्त्रीओं को मुख्यधारा से जोड़ रहीं शहर की स्त्रीएं appeared first on Naya Vichar.

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जीवा ज्वेलरी शॉप से 40 लाख के गहने लूटने वाले गिरोह के सरगना की दो बहनें गिरफ्तार

पटना. दानापुर के सगुना माेड़ पर स्थित जीवा ज्वेलरी शाॅप से 40 लाख के साेने-हीरे के गहने और 27 हजार नकद लूट मामले में पुलिस ने लुटेरे सूरज कुमार की दाे बहनाें आरती कुमारी और सरिता देवी काे गिरफ्तार कर लिया. मामले का खुलासा करते हुए पश्चिमी एसपी शरत आरएस ने बताया कि दाेनाें आरा के अजीमाबाद थाना के लटियरगंज की रहने वाली हैं. सरिता शादीशुदा है. इन दाेनाें पर आराेप है कि उन्हाेंने लूट के गहनाें काे घर में रखा था. वहां से पुलिस ने 31 पीस साेने-हीरे के जेवरात और घटना में इस्तेमाल अपाचे को भी बरामद किया है. सूरज गहने को बेचने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने छापेमारी कर गहनों को बरामद कर लिया. बरामद गहनाें की कीमत करीब 15 लाख है. लूट के गहनाें में इतना शेयर सूरज काे मिला था. 31 जनवरी काे लूट करने के बाद सबाें ने गहने बांट लिये थे. सूरज इन गहनाें काे घर में रखकर फरार हाे गया था. हालांकि अभी तक छह में से एक भी लुटेरे की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. जेल से छूटे अपराधियाें ने वारदात काे दिया अंजाम : इस गिरोह का सरगना सूरज है. वह फरार है. इसमें सूरज के अलावा आरा के ही सोनू, रोहित, लल्लू व दीपक आदि शामिल थे. इनमें दो-तीन ऐसे हैं, जिनका पूर्व का आपराधिक इतिहास भी रहा है. अप्रैल 2023 में किसान सत्येन्द्र सिंह को गोली मारे जाने व वर्ष 2020 में अंडा दुकानदार अनुज की गोली मारकर हत्या किये जाने की घटना में जेल भी गये थे. सूत्राें के अनुसार, लूट के दाैरान और फरार हाेते समय गिराेह की पहचान हाे गयी थी. पहचान हाेने के बाद पुलिस आरा, नालंदा, बक्सर और आसपास के इलाकाें में छापेमारी कर रही थी. इसमें एक ने लाइनर का काम किया था. कंसल्टेंट रोहित का अपराधियों ने लूट लिया था मोबाइल : लुटेराें ने माैके पर माैजूद ज्वेलरी शाॅप के फैशन कंसल्टेंट राेहित कुमार का माेबाइल भी लूट लिया था. इसी माेबाइल के लाेकेशन पर पुलिस ने 25 किलाेमीटर तक पीछा भी किया पर उस माेबाइल काे लुटेराें ने बिहटा-सरमेरा राेड के पास एक खेत में फेंक दिया था, इसे घटना के दिन ही बरामद कर लिया गया था. राेहित ने दर्ज केस में 40 लाख के गहने और 27 हजार लूट की बात लिखी थी. इनमें 45 अंगूठी, 61 पीस कान बाली, 18 नेकलेस व मंगलसूत्र, 29 पीस पैनडेल, 18 पीस बेसर, 3 पीस ब्रेसलेट, 3 पीस चेन समेत अन्य गहने थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जीवा ज्वेलरी शॉप से 40 लाख के गहने लूटने वाले गिरोह के सरगना की दो बहनें गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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भागलपुर में शुरू हुआ रंगीन मछलियों का उत्पादन, मिलने लगे झारखंड से ऑर्डर

Fish Production: भागलपुर, दीपक राव. सिल्क सिटी भागलपुर के कहलगांव में दो स्थानों पर रंगीन मछलियों का उत्पादन शुरू हो गया है. उत्पादन शुरू होते ही पूर्वी बिहार के विभिन्न जिलों समेत झारखंड के गोड्डा व साहिबगंज से एडवांस ऑर्डर मिलने लगे. जिला मत्स्य विकास पदाधिकारी राजकुमार रजक ने बताया कि जिले में मत्स्य व्यापार अपना कर बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार करने का सुनहरा अवसर प्रदान करने की योजना चलायी जा रही है. बिहार प्रशासन अंतर्गत अलंकारी सह प्रजनन इकाई योजना के तहत रंगीन मछलियों के संवर्द्धन एवं प्रजनन के लिए जिले में पहली बार मत्स्य विभाग के सहयोग से यूनिट स्थापित की गयी. 10 लोगों को रोजगार मिलना शुरू रंगीन मछली उत्पादक सह प्रगतिशील किसान विभू कुमार दुबे ने बताया कि कहलगांव के कैरिया में 50 डिस्मील जमीन में 20 प्रजनन इकाई तैयार की गयी है. इसी तरह पास ही में एक और प्रगतिशील किसान कैलाश रविदास व मुगल महलदार भी रंगीन मछलियों का पालन कर रहे हैं. अभी केवल मछलियों की ब्रिडिंग करायी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक बीज तैयार किया जा सके. रंगीन मछलियों के पालन के लिए एक कारोबारी पांच-पांच लोगों को रोजगार दे रहे हैं. ऐसे में दो स्थानों पर 10 लोगों को रोजगार मिलने लगा है. पहले पूर्णिया से रंगीन मछली का जीरा मंगाया था और अब कोलकाता से मंगाकर यहां ही रंगीन मछली का जीरा तैयार कर रहे हैं. रंगीन मछली का पालन करने के लिए 12 लाख की लागत आयी है. एक स्थान पर 12 लाख रुपये की लागत से 50 डिसमिल जमीन में 20 इकाई तैयार किये गये हैं. रंगीन मछली उत्पादन की एक यूनिट स्थापित करने के लिए पांच सौ वर्गफुट भूमि होना जरूरी है. इसके तहत मत्स्य विभाग द्वारा लाभुकों को 40 से 60 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध कराया गया. लाभार्थियों को मुफ्त प्रशिक्षण देने का प्रावधान किया गया है. रंगीन मछलियों के लिए 90 करोड़ का बाजार विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश में रंगीन मछलियों का हर साल 80 से 90 करोड़ का बाजार है. लेकिन प्रदेश में इसका उत्पादन बहुत कम होने के कारण सारा पैसा बंगाल, चेन्नई और केरल चला जाता था. ऐसे में भागलपुर में रंगीन मछलियों का उत्पादन शुरू होने पर अधिक से अधिक मुनाफा कमाने व रोजगार की काफी संभावनाएं हैं. अब यहां के किसान मछलीपालन में नये प्रयोग कर सफलता हासिल कर रहे हैं. प्रगतिशील मत्स्य पालक विभू कुमार दुबे ने ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भागलपुर रंगीन मछलियों के उत्पादन का हब बन जायेगा. पहले खाने वाली मछलियों के उत्पादन में भागलपुर का स्थान प्रदेश में बेहतर था और अब कम जगह और कम खर्च में रंगीन मछलियों का उत्पादन कर अच्छी कमाई की जा सकती है. ध्यान यह रखना है कि पहले इसकी ट्रेनिंग लेकर ही शुरुआत करें. इससे नुकसान होने का डर नहीं रहता है. फिश एक्वेरियम के प्रति लोगों का बढ़ा है आकर्षण बदलते परिवेश में लोग अपने घरों में फीस एक्वेरियम लगाने के प्रति आकर्षित हुए हैं. यही कारण है कि रंगीन मछलियां घरों को सजाने के साथ ही वास्तु शास्त्र से भी जुड़ गयी है. पूरी दुनिया में करीब छह सौ किस्मों की रंगीन मछलियां हैं. इनमें सौ तरह की रंगीन मछलियां अपने देश में मिलती है. विदेशी प्रजातियों की भी रंगीन मछलियां हिंदुस्तान में पैदा की जा रही हैं. हिंदुस्तान में वैज्ञानिक तरीके से सजावटी मछली पालन के के जरिये बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार दिलाया जा जा रहा है. देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे अधिक रंगीन मछलियां पायी जाती हैं. ऐसे शुरु कर सकते हैं रंगीन मछलियों का पालन शुरू जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया ने बताया कि रंगीन मछलियों के पालन और व्यापार एक- डेढ़ लाख रुपए से शुरू किया जा सकता है. कुछ मुख्य प्रजातियों के मछली जीरा 100 रुपए से 500 प्रति पीस होता है. व्यावसायिक पालन के लिए मादा और नर मछलियों का चार एक के अनुपात को अच्छा माना जाता है. एक्वेरियम में जीरा डालने के बाद चार से छह माह बाद इन्हें बेचा जा सकता है. Also Read: बिहार में शिक्षकों मिलेगा टैब, मार्च से लागू हो सकती है बच्चों के लिए डिजिटल हाजिरी की व्यवस्था The post भागलपुर में शुरू हुआ रंगीन मछलियों का उत्पादन, मिलने लगे झारखंड से ऑर्डर appeared first on Naya Vichar.

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एसएम कॉलेज में तीन दिवसीय शिल्प जागरूकता कार्यक्रम का समापन

विकास आयुक्त-हस्तशिल्प वस्त्र मंत्रालय, हिंदुस्तान प्रशासन के तत्वावधान में शनिवार को को एसएम काॅलेज परिसर में छात्राओं के बीच तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शनी सह स्वावलंबी जागरूकता कार्यक्रम का समापन हो गया. इसमें दृष्टि विहार ने सहयोग किया. कार्यक्रम में कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ हिमांशु शेख, डॉ पृथा बासु, रामलाल, नेतृत्व विज्ञान के शिक्षक सह विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ दीपक कुमार दिनकर, प्रेमलता, जय किशोर, नम्रता सिंह, डॉ श्रेया, सचिव दिलीप कुमार सिंह का योगदान रहा. सचिव दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि छात्राओ को मंजूषा पेंटिंग,टिकली कला, ब्लॉक पेंटिंग, एवं मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ स्किल का प्रशिक्षण देकर छात्राएं स्वावलंबी बनने को प्रेरित किया. कार्यक्रम में एनएसएस तथा कॉलेज की 250 छात्राएं शामिल हुईं. इस मौके पर अंजना कुमारी, रुचि कुमारी, मिनी कुमारी, भोला प्रसाद, कृति, प्रिया, निकिता, सुरुचि, श्वेता, छोटी, दिव्या, शिवानी, रानी, निकिता उपस्थित थीं. श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के नेता कामेश्वर चौपाल के निधन पर शोक सत्य सनातन वैदिक समाज ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के नेता कामेश्वर चौपाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है. संस्था के प्रधान संरक्षक पंडित राम प्रसाद वैदिक ने कहा कि कामेश्वर चौपाल एक सत्यनिष्ठ श्रीराम भक्त कार्यकर्ता रूप में थे. उन्होंने विश्व हिंदू परिषद से जुड़कर हिंदू संगठन को विस्तार दिया. वरिष्ठ सदस्य शिवपूजन आर्य ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण में उनका बहुमूल्य योगदान रहा. 1989 में बिहार में श्रीराम शिला पूजन कार्यक्रम को सक्रिय करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा. सत्य सनातन वैदिक समाज के शंकर वैदिक, पुरुषोत्तम आर्य, रामप्रकाश पंडित, दिलीप दास, अजय शंकर, बाबा देवनंदन दास, देवेंद्र दास, लक्ष्मण दास, महंत बौकू दास ने भी शोक व्यक्त किया. इधर, काली पूजा महासमिति के अध्यक्ष विश्वेश आर्या ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कामेश्वर चौपाल का उनसे पारिवारिक संबंध था. इसी कारण उनके घर पर आकर आशीर्वाद दिया था. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एसएम कॉलेज में तीन दिवसीय शिल्प जागरूकता कार्यक्रम का समापन appeared first on Naya Vichar.

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फाइलेरिया रोधी दवाओं को लेकर भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करें : सिविल सर्जन

फाइलेरिया रोधी दवाओं के प्रति लोगों के मन में बैठी भ्रांतियों को दूर करने में मीडिया कर्मी सहयोग करें. यह अपील शनिवार को सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद ने सदर अस्पताल परिसर में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही. कहा कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू होगा. लोगों को एलबेंडाजोल और डीइसी की टेबलेट खिलायी जायेगी. इसे लेकर बताया गया कि खाली पेट दवाओं का सेवन नहीं करना है. स्कूलों में मध्याह्न भोजन के बाद ही दवा खिलायी जायेगी. साइड इफेक्ट को लेकर सिविल सर्जन ने कहा कि अगर शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद होंगे तो दवा खाने के बाद सिर दर्द, उल्टी, बुखार जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं. थोड़ी देर में यह खुद ही ठीक हो जाता है. इसमें बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है. फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के बाद शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी मरते हैं. सभी लोग लगातार पांच वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रत्येक वर्ष चलाए जाने वाले अभियान के दौरान दवा का सेवन करें, ताकि समाज को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके. बताया कि इस वर्ष बेहतर मॉनिटरिंग के लिए पंचायत और ब्लॉक लेवल पर टू लेयर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दीनानाथ, डेवलमेंट पार्टनर पिरामल स्वास्थ्य और सिफार के जिलास्तरीय प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे. दो वर्ष से छोटे शिशु, बीमार व गर्भवती नहीं खायेंगे दवा डॉ दीनानाथ ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रशासन के द्वारा वर्ष 2027 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लोगों को 14 दिनों तक घर-घर जाकर और उसके बाद तीन दिनों तक स्कूलों सहित अन्य स्थानों पर बूथ लगाकर फाइलेरिया रोधी दवा खिलायी जायेगी. इस दौरान दो साल से कम उम्र के शिशु, गर्भवती और गंभीर रूप बीमार लोगों को दवा नहीं खिलायी जायेगी. अभियान की सफलता के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की पूर्ण सहभागिता आवश्यक है. इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग, जीविका, आईसीडीएस, पंचायती राज, खाद्य एवं आपूर्ति, महादलित विकास मिशन सहित कई विभाग और गैर प्रशासनी संस्थानों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मदद मांगी गयी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post फाइलेरिया रोधी दवाओं को लेकर भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करें : सिविल सर्जन appeared first on Naya Vichar.

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दुबियाही के युवक की हरियाणा में संदेहास्पद स्थिति में मौत

भाई ने गांव के ही एक युवक पर लगाया हत्या का आरोप प्रतिनिधि, कुढ़नी तुर्की थाना क्षेत्र के गौरैया दुबियाही निवासी छोटू कुमार (21) की हरियाणा के सोनीपत में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी. घटना शुक्रवार की रात हुई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और उसके घरवालों को सूचना दी गयी. पुलिस ने देखा कि छोटू दूसरे व्यक्ति के कमरे में मफलर के सहारे छत के पंखा से झूल रहा है. हालांकि परिजन की ओर से हत्या का आरोप लगाने पर पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने में जुटी है. मृतक के बड़े भाई जितेंद्र सहनी ने बताया कि वह तीन माह पूर्व काम के संदर्भ में सोनीपत गया था. वहां पर एक कंपनी में डिलेवरी ब्वॉय का काम करता था. घटना की रात उसके गांव के रहनेवाले युवक ने बुलाकर अपने कमरे पर ले गया था. रात साढ़े आठ बजे उसकी अंतिम बात किसी से हुई थी. इसकी भी पुलिस जांच कर रही है. बड़ा भाई ने छोटू की मौत को हत्या बताया है. साथ ही गांव के ही एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया है. इधर, छोटू की मौत पर परिजनों में कोहराम मचा रहा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दुबियाही के युवक की हरियाणा में संदेहास्पद स्थिति में मौत appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल के रौतहट में एक सप्ताह से लापता बच्चे का शव नदी से बरामद

बैरगनिया/ रौतहट. नेपाल के रौतहट जिला अंतर्गत गंगा पिपरा गांव से एक सप्ताह पूर्व लापता अबोध शिशु का शव एक सप्ताह के बाद शनिवार को नदी से बरामद किया गया है. इलाका प्रहरी कार्यालय, सिमरा के डीएसपी सुभद्रा बाइवा ने मीडिया को बताया कि रौतहट जिले के दुर्गा भगवती गांवपालिका वार्ड नंबर एक गंगा पिपरा निवासी रितेश चौधरी का पुत्र हंस कुमार(तीन वर्ष) कुछ दिन पूर्व अपने मामा के घर जीतपुर सिमरा उप महानगरपालिका-सात निवासी रंजीत जायसवाल के पास आया था. दरवाजे पर बच्चों के साथ स्पोर्ट्स रहा था. इसी बीच एक सप्ताह पूर्व लापता हो गया. परिजनों द्वारा काफी खोजने के बाद भी गायब मासूम का पता नहीं चल सका. इसके बाद परिजनों द्वारा खोजने वाले को एक लाख तक के इनाम की घोषणा कर दी थी. इसी प्रकार बारा क्षेत्र-चार के प्रतिनिधि सभा सदस्य पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार श्रेष्ठ ने भी शिशु को खोजकर लाने वाले को 51 हजार रुपया इनाम देने की घोषणा की थी. इसी बीच वीरगंज महानगरपालिका वार्ड-32 व जीतपुर सिमरा वार्ड-सात के बॉर्डर से बहने वाली कियासोती नदी से शनिवार को उक्त अबोध का शव बरामद किया गया. शिशु का शव मिलने की समाचार से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. मृतक मासूम के पिता ने हंस की गला दबाकर हत्या कर शव को नदी में फेंकने का आरोप लगाया है. साथ ही जांच कर दोषी के विरुद्ध करवाई करते हुए उसे शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नेपाल के रौतहट में एक सप्ताह से लापता शिशु का शव नदी से बरामद appeared first on Naya Vichar.

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दो बाइकों की टक्कर में पांच परीक्षार्थी घायल

सीवान. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर बाइपास में दो बाइकों की टक्कर में पांच परीक्षार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए. जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. परीक्षार्थियों में दरौंदा थाना क्षेत्र के राजापुर पसिवड़ गांव निवासी आनंद कुमार, विकास कुमार, रंजीत कुमार और नौतन थाना क्षेत्र के हंसुआ गांव निवासी पीयूष कुमार व एक अन्य शामिल है. घटना के संबंध में घायल विकास ने बताया कि मैं रंजीत और आनंद एक बाइक पर सवार थे. और दूसरे बाइक पर दो लोग सवार थे. जहां उन लोगों ने मेरे बाइक में ठोकर मार दिया. जिसमें हम सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. जहां स्थानीय लोगों ने आनन- फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज चल रहा है. टांगी से हमला कर पति- पत्नी व बेटी को किया जख्मी दरौंदा. थाना क्षेत्र के कटवार गांव में बाइक की चोरी करने से मना करने पर टांगी से हमला करके पति -पत्नी व बेटी को जख्मी कर दिया. इस संबंध में थाना में दिये आवेदन में कटवार गांव निवासी तारकेश्वर साह ने बताया है कि मंगलवार की रात्रि में मेरे दालान से शंभू साह एवं अमोद साह मेरी बाइक को सीढ़ी से नीचे उतार रहे थे. खड़खराहट की आवाज सुनाई दी तो मेरी आंख खुल गई. जब मैं हल्ला मचाया तो मेरी पत्नी एवं पुत्री आ गई. उक्त लोगों से पूछा कि मेरी बाइक क्यों ले जा रहे हैं इस बात पर हाथ में लिए टांगी से हमला कर दिए. जिसमें हमारे परिवार के लोग जख्मी हो गए.इस मामले में पुलिस मुकदमा दर्ज घटना की जांच कर रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दो बाइकों की टक्कर में पांच परीक्षार्थी घायल appeared first on Naya Vichar.

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सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों व पुराने वार्डों में घरों का होगा सर्वें

प्रतिनिधि,सीवान. नगर परिषद क्षेत्र के सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों व पुराने वार्डों के मिलाकर सभी 45 वार्ड में घरों का सर्वें होगा. शत प्रतिशत हाउस टैक्स वसूली करने को लेकर यह प्रक्रिया नगर परिषद की तरफ से पूरी की जा रही है.सर्वें के दौरान सभी कर संग्रहकर्ताओं को निर्देंश दिया गया है कि शत प्रतिशत गृहकर का वसूली करना है. अगर शत प्रतिशत कार्य नहीं किया गया तो संबंधित कर्मियों पर अनुशासनिक कार्रवाई भी होगी. इसको लेकर सप्ताह में प्रत्येक मंगलवार को बैठक भी होगी. इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने पत्र जारी किया है.उन्होंने कहा है कि नगर परिषद के विस्तारित क्षेत्रों में मकानों का सर्वें नहीं होने के कारण गृहकर का संग्रहण नहीं हो पा रहा है तथा पुराने वार्डों में गृह कर स्वामियों द्वारा बहुमंजिला मकान का निर्माण कर लिया गया है़ परंतु पूर्व में किये गये सर्वें के अनुसार गृह कर का भुगतान किया जा रहा है. कहा है कि विगत माह का गृह कर संग्रहण काफी कम होने के कारण जिलाधिकारी एवं विभागों द्वारा इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है.जिससे जिलास्तरीय एवं विभागीय बैठक में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.इससे नगर परिषद को राजस्व की क्षति हो रही है. कार्यपालक पदाधिकारी ने राजस्वहित में नगर परिषद के सभी 45 वार्डों में भवनों का सर्वें एवं गृह कर संग्रहण को लेकर संग्रहकर्ताओं केा वार्ड आवंटित किया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों व पुराने वार्डों में घरों का होगा सर्वें appeared first on Naya Vichar.

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इंटरमीडिएट परीक्षा के छठे दिन 463 परीक्षार्थी अनुपस्थित

सीवान. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के 43 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा शनिवार को छठे दिन शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त माहौल में हुई. छवें दिन की परीक्षा में कदाचार के आरोप में एक भी परीक्षार्थी के निष्कासित होने की सूचना नहीं रही. परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर होने वाले जांच के कारण सुबह आठ बजे ही परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी उपस्थित होने लगे थे. इस दौरान प्रवेश पत्र और शारीरिक जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी गई. शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन को लेकर परीक्षा के बीच प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी गश्त करते रहे. इंटर परीक्षा की दोनों पालियों में कुल 463 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. जबकि 43 हजार 552 परीक्षार्थियों में 43 हजार 89 परीक्षार्थी उपस्थित रहे. प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि पहली पाली में विज्ञान व वाणिज्य संकाय के छात्रों के लिए हिंदी विषय की परीक्षा ली गई. जबकि दूसरी पाली में कला संकाय के लिए इतिहास, विज्ञान संकाय के लिए एग्रीकल्चर व वोकेशनल के लिए इलेक्टिव सब्जेक्ट ट्रेड पेपर वन विषय की परीक्षा ली गई. पहली पाली की परीक्षा में 28 हजार 376 परीक्षार्थियों में 28 हजार 108 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 268 परीक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा में 15 हजार 176 में से 14 हजार 981 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए. इस दौरान 195 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post इंटरमीडिएट परीक्षा के छठे दिन 463 परीक्षार्थी अनुपस्थित appeared first on Naya Vichar.

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