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मंईयां सम्मान की राशि गबन करने का आरोप, प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी

फतेहपुर की बानरनाचा पंचायत का है मामला, 17 लाभुकों की राशि गयी दूसरों के खाते में कुछ कर्मियों ने लाभुकों का नाम तो योजना में जोड़ा, लेकिन बदल दिये बैंक आउंट नंबर अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी राशि, प्रज्ञा केंद्र संचालक की मिली संलिप्तता प्रतिनिधि, फतेहपुर फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के बानरनाचा पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक मृत्युंजय चौधरी पर मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना में जालसाजी कर लाभुकों को मिलने वाली राशि हड़पने का आरोप लगा है. उन्होंने यह रकम अपने सात व्यक्तिगत बैंक खातों में स्थानांतरित कर ली. इस मामले में फतेहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. बानरनाचा पंचायत के प्रभारी पंचायत सचिव उपेंद्र यादव और फतेहपुर पंचायत के पंचायत सचिव दुखहरण मंडल की लिखित शिकायत पर फतेहपुर थाना कांड संख्या 06/25 के तहत धारा 316(2), 318(2)(4), 319(2) में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब लाभुकों के मोबाइल पर राशि निर्गत होने के मैसेज आने लगे, लेकिन उनके खातों में पैसे नहीं पहुंचे. दुमा गांव की एक स्त्री लाभुक ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत अपना बैंक खाता संख्या 84031276773 दिया था, लेकिन राशि उनके खाते में न आकर किसी अन्य खाते में जा रही थी. स्त्री ने अधिकारियों से इसकी जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है. फिलहाल, प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई हो सके. लाभुकों को पैसे आने के मिलते रहे मैसेज, किसी और के खाते में हो रहे थे ट्रांसफर महीनों से मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना की राशि का इंतजार कर रही दर्जनों स्त्रीओं के मोबाइल पर पैसे आने के मैसेज तो आ रहे थे, लेकिन यह राशि उनके खातों में न जाकर किसी और के खाते में जमा हो रही थी. शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें विभागीय कर्मियों की संलिप्तता का संदेह भी सामने आया. शुरुआती जांच में जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले थे. पता चला कि कुछ कर्मियों ने लाभुकों का नाम तो योजना में जोड़ा, लेकिन उनकी बैंक जानकारी बदलकर राशि अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी. आरोप है कि यह गड़बड़ी बानरनाचा पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक मृत्युंजय चौधरी की मिलीभगत से हुई. जांच में पाया गया कि उन्होंने 17 लाभुकों के बैंक खातों की जगह किसी अन्य के खाते की जानकारी अपडेट कर प्रशासनी राशि का गबन कर लिया. मामले के उजागर होते ही प्रखंड प्रशासन ने जांच कर दोषी प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. क्या कहते हैं बीडीओ – मामला मेरे संज्ञान आते ही इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. जांच में अन्य कई मामले भी उजागर हुए हैं. संबंधित पंचायत सचिवों को आरोप लग रहे प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. प्रेम दास, फतेहपुर बीडीओ ————————————– क्या कहते हैं थाना प्रभारी – संबंधित पंचायत सचिव के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है, आगे की कारवाई की जा रही है. रंजीत गुप्ता, थाना प्रभारी डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मंईयां सम्मान की राशि गबन करने का आरोप, प्रज्ञा केंद्र संचालक पर प्राथमिकी appeared first on Naya Vichar.

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PGTI GOLF GOLMURI : शुभम नारायण ने जीता पीजीटीआइ क्वालिफाइंग स्कूल का खिताब

जमशेदपुर. दिल्ली के शुभम नारायण ने जमशेदपुर के गोलमुरी गोल्फ कोर्स में स्पोर्ट्से गए टाटा स्टील पीजीटीआइ क्वालीफाइंग स्कूल 2025 के अंतिम क्वालीफाइंग चरण में पंचकूला के खिलाड़ी अनंत सिंह अहलावत के खिलाफ तीसरे प्लेऑफ होल पर जीत दर्ज की. 27 वर्षीय शुभम शनिवार की सुबह 13वें होल (तीसरे प्लेऑफ होल) पर बराबरी के साथ स्कूल चैंपियन बने. शुभम के प्रतिद्वंद्वी अनंत तीसरे अतिरिक्त होल पर बराबरी करने से चूक गए. शुभम नारायण (71-64-67-66) और अनंत सिंह अहलावत (67-64-67-70), दोनों ही सेना के अधिकारियों के बेटे हैं. शुक्रवार को दोनों प्ले-ऑफ में पहुंचे थे, जब वे रेगुलेशन 72 होल के अंत में 16-अंडर 268 के कुल स्कोर के साथ शीर्ष पर बराबरी पर थे. इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने पहले दो प्ले-ऑफ होल पर पार बनाए. शुक्रवार शाम को कम होती रोशनी के कारण आगे का स्पोर्ट्स संभव नहीं था. इसलिए शनिवार को सुबह 7 बजे स्पोर्ट्स फिर से शुरू करने का फैसला किया गया. विजेता शुभम को 75 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया. फाइनल राउंड में कट तीन अंडर 281 पर था. इस वजह से शीर्ष 33 खिलाड़ियों ने 2025 टाटा स्टील पीजीटीआइ सीजन के लिए अपने पूरे कार्ड अर्जित किए. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post PGTI GOLF GOLMURI : शुभम नारायण ने जीता पीजीटीआइ क्वालिफाइंग स्कूल का खिताब appeared first on Naya Vichar.

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विश्वविद्यालय के रोक के बाद भी होता रहा काॅलेज के खातों का संचालन

भभुआ कार्यालय. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा महाराणा प्रताप काॅलेज मोहनिया के खातों का संचालन पर रोक लगाये जाने के बाद भी स्पोर्ट्स जारी है. अब जबकि हाइकोर्ट के निर्देश पर राज्यपाल सचिवालय द्वारा तीन सदस्यीय जांच टीम रविवार को आ रही है, ऐसी स्थिति में यह मामला संवेदनशील हो गया है. श्रम संसाधन मंत्री तथा काॅलेज के शासी निकाय के जनप्रतिनिधि सदस्य संतोष कुमार सिंह ने राज्यपाल को साक्ष्य के साथ पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है. मालूम हो कि कालेज में 75 करोड़ के कथित गबन के मामले में महाविद्यालय के खातों के संचालन पर 28 फरवरी, 2024 को रोक लगा दी गयी, तब से शिक्षकों का वेतन भुगतान बंद है. लेकिन, महाविद्यालय के अन्य कार्यों के लिए खाता संचालन नहीं रुक पाया है. मंत्री द्वारा दिये गये साक्ष्य में बैंक ऑफ बड़ौदा के दो खातों का साक्ष्य है. इनसे 29 जुलाई 2024 को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता संख्या 00070100029524 से करीब तथा खाता नंंबर 00070100029525 से 13 जनवरी 25 को 44 हजार, 02 जनवरी 25 को 75 हजार व 50 हजार दूसरे खाते में डाले गये है. 31 दिसंबर 24 को भी आरटीजीएस के माध्यम से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर किया गया है. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा खाता संचालन बंद किये जाने के निर्णय के खिलाफ जो लोग हाईकोर्ट में खाता संचालन खुलवाने के लिए याचिका दायर किये हैं, वहीं लोग बिना किसी सक्षम प्राधिकार से अनुमति लिए खाता का संचालन भी कर दिये. बता दें कि महाराणा प्रताप कालेज में लाॅ की पढ़ाई शुरु कराने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा रोक लगाये जाने के बावजूद खातों का संचालन कर दिया गया. सबसे बड़ा आश्चर्य तो यह है कि एक तरफ विश्वविद्यालय राजभवन को पत्र लिखकर यह स्वीकार कर रहा है कि महाराणा प्रताप कॉलेज में शासी निकाय के अध्यक्ष व सचिव का पद रिक्त है, वहीं दूसरी तरफ तथाकथित सचिव द्वारा एनओसी देने के लिए पत्र पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर उसे एनओसी प्रदान कर दिया गया है. इस संबंध में महाराणा प्रताप महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ शंभू नाथ सिंह ने बताया कि इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विश्वविद्यालय के रोक के बाद भी होता रहा काॅलेज के खातों का संचालन appeared first on Naya Vichar.

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श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर 2.15 लाख रुपये व सामान की चोरी

वरीय संवाददाता, देवघर : राजस्थान के उदयपुर से देवघर पूजा करने आये श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर तीन मोबाइल, 2.15 लाख रुपये व अन्य सामान की चोरी कर ली गयी. इस घटना नगर थाना क्षेत्र के शिवराम झा चौक के समीप की बतायी जा रही है. घटना को लेकर उदयपुर के बेदला तेलीवाड़ा निवासी विष्णु प्रजापत ने नगर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. श्रद्धालु विष्णु प्रजापत ने बताया कि शुक्रवार रात में उनलोगों की बस शिवराम झा चौक के समीप खड़ी थी और वे सभी यात्री मानसरोवर वसंती विहार के समीप स्थित एक आश्रम में कमरे लेकर ठहरे. उसी दौरान रात के समय अज्ञात बदमाशों ने उनलोगों की बस के पीछे का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किये और यात्री खमानी बाई के बैग से 50,000 रुपये सहित आधार कार्ड, विष्णु प्रजापत के बैग से 1,65,000 रुपये व तीन नये जैकेट, चालक लेहरु लाल के 15000 रुपये व मोबाइल, नारायणी बाई के मोबाइल के अलावा अन्य यात्रियों के कपड़े व सामान की चोरी कर ली. घटना की जानकारी उनलोगों को सुबह में हुई. उसके बाद वे लोग शिकायत देने नगर थाना पहुंचे. नगर थाने की पुलिस से इन श्रद्धालु यात्रियों ने कार्रवाई का आग्रह किया है. हाइलाइट्स – नगर थाना क्षेत्र के शिवराम झा चौक के समीप हुई घटना – उदयपुर के बेदला तेलीवाड़ा निवासी विष्णु प्रजापत ने दी नगर थाने में शिकायत डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post श्रद्धालुओं की बस का शीशा तोड़कर 2.15 लाख रुपये व सामान की चोरी appeared first on Naya Vichar.

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Delhi: दिल्ली में अब एलजी-सीएम के बीच नहीं होगी तकरार, जानें भाजपा नेताओं ने क्या किया दावा

Delhi: दिल्ली में मुख्यमंत्री (सीएम) और उपराज्यपाल (एलजी) के बीच टकराव होना कोई नया मामला नहीं है. 1998 में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक कई बार दिल्ली के निर्वाचित प्रशासन और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर संघर्ष हुआ है. लेकिन, 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिलने के बाद भाजपा के नेताओं की ओर से दावा किया जा रहा है कि अब एलजी और सीएम के बीच तकरार होने की आशंका नहीं है. आइए, जानते हैं कि दिल्ली में एलजी और सीएम के बीच 1998 से लेकर 2025 तक कब-कब किन मुद्दों पर तकरार हुई और भाजपा नेताओं का दावा क्या है? शीला दीक्षित बनाम उपराज्यपाल विजय कपूर (1998-2004) साल 1998 से लेकर 2004 तक शीला दीक्षित प्रशासन और उपराज्यपाल विजय कपूर के बीच कई नीतिगत मामलों को लेकर मतभेद रहे. मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के नियंत्रण, सीलिंग ड्राइव और मास्टर प्लान जैसे मुद्दों पर दोनों के बीच विवाद हुआ. उस समय दिल्ली की शीला दीक्षित प्रशासन चाहती थी कि उसे अधिक स्वायत्तता मिले, लेकिन केंद्र प्रशासन के अधीन उपराज्यपाल ने कई बार योजनाओं पर अड़ंगा लगाया. अरविंद केजरीवाल बनाम नजीब जंग (2013-2016) 2013 में आम आदमी पार्टी की प्रशासन बनने के बाद एलजी और सीएम के बीच पहली बड़ी तकरार शुरू हुई. केजरीवाल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस, भूमि और कानून-व्यवस्था पर अधिक नियंत्रण की मांग की. नजीब जंग ने दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों की नियुक्तियों में दखल दिया, जिससे विवाद बढ़ा. केजरीवाल प्रशासन ने बिना LG की मंजूरी के विधायिका में बिल पेश करने की कोशिश की, जिसे रोक दिया गया. केजरीवाल ने नजीब जंग को “मोदी प्रशासन का एजेंट” कहा और एलजी ऑफिस पर धरना तक दिया. अरविंद केजरीवाल बनाम अनिल बैजल (2016-2021) मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल बिना मुख्यमंत्री की सहमति के फ़ाइलों को मंजूरी दे रहे थे. मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर आप विधायकों की ओर से कथित हमले के बाद अफसरों ने हड़ताल कर दी. केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल पर अफसरों को हड़ताल पर रखने का आरोप लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में फैसला दिया कि “एलजी को मुख्यमंत्री की सलाह पर कार्य करना होगा,” लेकिन कुछ शक्तियां केंद्र प्रशासन के पास ही रहीं. इसे भी पढ़ें: शीला की लाज नहीं बचा पाए संदीप दीक्षित! परवेश वर्मा ने हनक के साथ बचाई पिता की साख अरविंद केजरीवाल बनाम वीके सक्सेना (2022 से अब तक) शराब नीति घोटाला विवाद: दिल्ली प्रशासन की नई आबकारी नीति को लेकर एलजी और सीएम में तीखी झड़प हुई. एलजी वीके सक्सेना ने इस नीति की सीबीआई जांच की सिफारिश की, जिससे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर कानूनी शिकंजा कसा गया. दिल्ली सेवा बिल (2023): केंद्र प्रशासन ने “दिल्ली प्रशासन को अफसरों की नियुक्ति का अधिकार नहीं होगा” कहते हुए एक नया कानून लागू किया, जिससे सीएम और एलजी में फिर से तकरार बढ़ गई. आप विज्ञापन फंडिंग विवाद: एलजी ने आप प्रशासन पर प्रशासनी विज्ञापन के लिए सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया. इसे भी पढ़ें: भाजपा की आंधी में वोटकटवा भी नहीं बन पाई कांग्रेस, 70 में से 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त क्या कहते हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अब जबकि दिल्ली में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है, तो उसके नेताओं का मानना है कि दिल्ली में 26 साल बाद पार्टी की सत्ता में वापसी से एक ऐसी प्रशासन बनेगी, जिसके उपराज्यपाल कार्यालय के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध होंगे. मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक प्राधिकारियों का सम्मान करती है और उनके साथ हमेशा समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करके लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखती है. सचदेवा ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल ने हमेशा दिल्ली के लोगों के हितों को सुनिश्चित करने के लिए काम किया है जो भाजपा का भी लक्ष्य है. उनके मार्गदर्शन में दिल्ली में हमारी प्रशासन अच्छी गुणवत्ता वाली सेवाओं और सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करेगी.’’ उन्होंने कहा कि भाजपा अपने चुनाव घोषणापत्र के अनुसार, दिल्ली को ‘‘विकसित राजधानी’’ बनाने के लिए काम करेगी. इसे भी पढ़ें: दिल्ली में 26 साल पहले प्याज-ड्रॉप्सी से ड्रॉप हुई थी भाजपा, आप’दा को हराकर आई वापस The post Delhi: दिल्ली में अब एलजी-सीएम के बीच नहीं होगी तकरार, जानें भाजपा नेताओं ने क्या किया दावा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: बोधगया में बगैर नक्शा घर बनाने पर रोकने पर कार्यपालक पदाधिकारी पर हमला

Bihar News बोधगया नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद पर पथराव कर उन्हें घायल कर देने का मामला सामने आया है. वह शनिवार की दोपहर धर्मारण्य के पास प्रशासनी जमीन पर व बगैर नक्शा पारित कराये दो भवनों के निर्माण कार्य को बंद कराने पहुंचे थे. इसी दौरान भवन निर्माण कराने वालों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया. इस पथराव में कार्यपालक पदाधिकारी के बायें हाथ की कलाई पर चोट आयी और उनकी गाड़ी के शीशे भी टूट गये. इसके बाद किसी तरह वह मौके से भाग कर जान बचायी. इस बारे में कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बोधगया नगर पर्षद के पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर रोक लगी हुई है. लेकिन, उत्क्रमित वार्डों में नक्शा पारित कराने के बाद निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 31 के अंतर्गत धर्मारण्य के पास प्रशासनी जमीन पर दो भवनों का निर्माण होने की सूचना पर वह पहुंचे थे. इसमें से एक भवन के निर्माण को लेकर नगर पर्षद के माध्यम से पहले ही नोटिस जारी किया हुआ था, पर दूसरे भवन के निर्माण पर उन्होंने रोक लगाने का निर्देश देकर आगामी 13 फरवरी को बतसपुर गांव में प्रस्तावित सीएम के कार्यक्रम को लेकर साफ-सफाई इत्यादि की जांच व निर्देश देने चले गये. लेकिन, वापसी में उक्त निर्माणाधीन स्थल पर चार-पांच लोग मौजूद थे व उनकी गाड़ी के पहुंचते ही पथराव कर दिया. इससे गाड़ी के पीछे का शीश टूट गया व उनकी कलाई पर पत्थर लगने के कारण वह घायल हो गये. इसके बाद वह बोधगया थाने को सूचित करते हुए सीएचसी में उपचार कराया है. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर है रोक इस संबंध में बोधगया थाने में आवेदन दिया जा रहा है. मामले के संबंध में बोधगया थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के आधार पर आरोपितों पर कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गयी है. उल्लेखनीय है कि बोधगया नगर पर्षद क्षेत्र के पुराने वार्डों में बगैर नक्शा पारित कराये निर्माण पर रोक लगाने को लेकर सख्ती बरती जाने का निर्देश दिया गया है. इसी के तहत कार्यपालक पदाधिकारी ने अवैध रूप से हो रहे निर्माण पर रोक लगाने पहुंचे थे. The post Bihar News: बोधगया में बगैर नक्शा घर बनाने पर रोकने पर कार्यपालक पदाधिकारी पर हमला appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Election Result: 67 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त, लगातार तीसरी बार ‘गोल्डन डक’

Delhi Election Result: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के नेतृत्व में 15 साल तक प्रशासन चलाने के बाद सत्ता से जो बाहर हुई, अबतक वापसी नहीं हो पाई है. हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. कांग्रेस को करीब 6.4 प्रतिशत वोट हासिल हुई. जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में उसे 4.26 प्रतिशत वोट मिले थे. कांग्रेस के केवल तीन उम्मीदवार जमानत बचाने में सफल कांग्रेस के जो तीन उम्मीदवार दिल्ली में अपनी जमानत बचाने में सफल रहे उनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव भी शामिल हैं जिन्हें 40 हजार से अधिक मत और 27 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले. वह तीसरे स्थान पर रहे. दिल्ली के कस्तूरबा नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक दत्त अपनी जमानत बचाने में सफल रहे. जबकि नांगलोई जाट तीसरी ऐसी सीट है जहां कांग्रेस जमानत बचाने में सफल रही. यहां से पार्टी के उम्मीदवार रोहित चौधरी ने 31918 वोट और 20.1 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया. यह भी पढ़ें: फ्री के रेवड़ी पर कैसे भारी पड़ी BJP, जानें जीत के 5 कारण संदीप दीक्षित सहित 67 नेता जमानत बचाने में विफल संदीप दीक्षित, अलका लांबा, कृष्णा तीरथ, मुदित अग्रवाल, हारून यूसुफ और राजेश लिलोठिया ऐसे नेता रहे जो अपनी जमानत बचाने में विफल रहे. यह भी पढ़ें: Delhi Election Big Faces Result: केजरीवाल, आतिशी समेत बड़े चेहरों का क्या हुआ? कौन हारे, किसने मारी बाजी लगातार तीसरी बार कांग्रेस का खाता नहीं खुला दिल्ली की नेतृत्व में 1998 से 2013 तक अपना सुनहरा दौर देखने वाली कांग्रेस के लिए यह लगातार तीसरा विधानसभा चुनाव था जिसमें उसे एक भी सीट नहीं मिली. इस चुनाव में 12 सीटें ऐसी हैं जहां आम आदमी पार्टी को भाजपा से जितने मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा उससे अधिक मत कांग्रेस को मिले हैं. ऐसी एक सीट नई दिल्ली हैं जहां आप के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से 4089 मतों के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संदीप दीक्षित को इस सीट पर 4568 वोट मिले. कांग्रेस 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में भी अपना खाता नहीं खोल सकी थी. The post Delhi Election Result: 67 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त, लगातार तीसरी बार ‘गोल्डन डक’ appeared first on Naya Vichar.

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Holding Tax: काॅमर्शियल होल्डिंग टैक्स में वृद्धि का प्रस्ताव खारिज, पढ़िए निगम बोर्ड ने क्यों लिया यह फैसला

Holding Tax कॉमर्शियल होल्डिंग टैक्स में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं होगी. शनिवार को पटना के मौर्या होटल में निगम बोर्ड की हुई बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से इसे जनविरोधी बता कर पारित करने से इन्कार कर दिया. बैठक में कुल 24 प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये, जिनमें अन्य 23 प्रस्तावों को पास कर दिया गया. इनमें सड़क पर कचरा फेंकने की स्थिति में पांच हजार रुपये तक जुर्माना लेने के साथ-साथ एक करोड़ की योजना की सूची जल्द प्रस्तुत करना, पर्यावरण और बागवानी शाखा को सुदृढ़ करना, नंदगोला घाट पर शवदाह गृह के निर्माण के लिए 1.09 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति, कदमकुआं वेंडिंग जोन के निर्माण के लिए शेष राशि की व्यवस्था आदि शामिल है. इनमें कुछ योजना बिना बहस के पारित कर ली गयी, जबकि कुछ योजनाओं को गर्मागर्म बहस और नोकझोंक के बीच पारित किया गया. बैठक में मेयर सीता साहू , डिप्टी मेयर रेशमी कुमार, नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर, डाॅ आशीष सिन्हा और इंद्रदीप चंद्रवंशी समेत सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य और वार्ड पार्षद शामिल थे. होल्डिंग टैक्स में वृद्धि से पहले नगर निगम से बात करे राज्य प्रशासन गैर आवासीय (कॉमर्शियल) होल्डिंग के टैक्स वृद्धि के प्रस्ताव पर निगम बोर्ड में सबसे अधिक गर्मागर्म बहस हुई. मालूम हो कि बीते वर्ष नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना नगर निगम को भेजा था, जिसे स्टैंडिंग कमेटी की पिछली बैठक में शामिल सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने विचार के लिए निगम बोर्ड को भेजा था. बैठक में एक सुर से सभी पार्षदों ने इस तरह की वृद्धि का विरोध किया और इसे स्वीकृति देने से मना कर दिया. सशक्त स्थायी समिति के वरीय सदस्य डॉ आशीष सिन्हा ने कहा कि इस तरह के किसी प्रस्ताव को बनाते समय नगर विकास एवं आवास विभाग को पटना नगर निगम से मशविरा करना चाहिए. पहले कचरा उठाव की पुख्ता व्यवस्था हो, फिर जुर्माना लगाये नगर निगम सड़क पर इधर उधर कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाये जाने के प्रस्ताव पर भी पार्षदों में तीखी बहस हुई. एक स्त्री पार्षद इस आधार पर जुर्माना लेने का विरोध कर रही थीं कि उनके वार्ड में टिपर हर सेक्टर में नहीं जा रहा है और इ-रिक्शा भी पर्याप्त नहीं हैं. ऐसे में कई क्षेत्राें में कई दिन कचरा का उठाव नहीं हो पाता है और लोग इधर-उधर कचरा फेंकने पर मजबूर होते हैं. ऐसे में यदि उन पर जुर्माना लगाया गया, तो हमें गालियां सुननी पड़ेंगी. एक स्त्री पार्षद यह कह कर जुर्माना लगाने के प्रावधान पर सवाल उठा रही थी कि बाजार क्षेत्र में यह कैसे चिह्नित होगा कि किस सब्जी वाले ने कचरा फेंका है. कुछ पार्षद जुर्माने की राशि और भी कम करने की मांग कर रहे थे. पार्षद संजीव ने तो यहां तक कहा कि उनके क्षेत्र के लोग कह रहे हैं कि वे जुर्माना तभी देंगे, जब नगर निगम की गाड़ी नहीं आने पर वह भी उन्हें मुआवजा दे. बाद में नगर आयुक्त द्वारा यह आश्वासन देने के बाद कि बाजार क्षेत्रों में शाम में भी कचरा उठाने के लिए गाड़ी भेजी जायेगी और शुरुआती जुर्माने की राशि मात्र 200 रुपये हैं, पार्षद इसे पारित करने पर राजी हुए. ये भी पढ़ें.. Delhi Chunav Result 2025: दिल्ली चुनाव में नीतीश और चिराग की पार्टी हारी, बिहार में तेज हुई सियासी हलचल The post Holding Tax: काॅमर्शियल होल्डिंग टैक्स में वृद्धि का प्रस्ताव खारिज, पढ़िए निगम बोर्ड ने क्यों लिया यह फैसला appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ENG: दूसरे वनडे से पहले फिट हुए विराट कोहली, अंग्रेजों की उड़ गई नींद

IND vs ENG: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली घुटने की चोट से उबर चुके हैं और इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा वनडे स्पोर्ट्सने के लिए बिल्कुल फिट हैं. पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान रविवार को कटक में होने वाले दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे. बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने शनिवार को यह जानकारी दी. कोहली को सीरीज के पहले मैच से एक रात पहले दाहिने घुटने में सूजन आ गई थी और वे मैच में नहीं स्पोर्ट्स पाए थे. कोहली के बाहर होने से श्रेयस अय्यर को पहले वनडे में मौका दिया गया और उन्होंने शानदार अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी. नंबर 3 पर बल्लेबाजी करेंगे कोहली अब जब विराट कोहली फिट हो गए हैं और नंबर 3 की जगह वापस ले सकते हैं. ऐसे में यशस्वी जायसवाल को बाहर किया जा सकता है और शुभमन गिल से पारी की शुरुआत कराई जा सकती है. जायसवाल ने पहले वनडे में डेब्यू किया, लेकिन उनका बल्ला खामोश रहा. कोटक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘विराट कोहली रविवार को कटक में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच स्पोर्ट्सने के लिए फिट हैं.’ पैट कमिंस के घर आई ‘बेबी एडी’, पत्नी बेकी ने दिया दूसरे शिशु को जन्म, जानें बेटी का पूरा नाम क्या है? जब ऋषभ और धवन को तैयार करने वाला कोच घर से बेदखल हुआ, तब आशीष नेहरा ने दिया अनोखा तोहफा वनडे है कोहली का पसंदीदा फॉर्मेट कोहली की 100 प्रतिशत मैच फिटनेस का मतलब है कि वह पिछले साल अगस्त के बाद अपना पहला वनडे स्पोर्ट्सेंगे. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले सिर्फ दो मैच बचे हैं, इसलिए यह जरूरी है कि कोहली अपनी फॉर्म में वापस आएं और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मिली हार के बाद कुछ रन बनाएं. माना जाता है कि वनडे फॉर्मेट कोहली का कम्फर्ट जोन है. अगर कोई ऐसा फॉर्मेट है जो कोहली को उनके रन बनाने के तरीके पर वापस लाने में मदद कर सकता है, तो वह वनडे है. कटक में कोहली का प्रदर्शन कोहली ने कटक के बाराबती स्टेडियम में 4 वनडे मैच स्पोर्ट्से हैं, जिसमें उन्होंने 30 से कम की औसत से सिर्फ 118 रन बनाए हैं. यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका उच्चतम स्कोर 85 रन रहा है. दरअसल, कोहली ने कटक में अपना पहला मैच विंडीज के खिलाफ स्पोर्ट्सा था, जहां वे सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए थे. इसके बाद दो और निराशाजनक स्कोर आए, जिसमें उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 22 और 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ 8 रन बनाए. The post IND vs ENG: दूसरे वनडे से पहले फिट हुए विराट कोहली, अंग्रेजों की उड़ गई नींद appeared first on Naya Vichar.

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iTel Zeno 10 Review: सिर्फ ₹6199 में टेक्नोलॉजी का जलवा

Cheaper Affordable Smartphone: Transsion Holdings के तहत काम करनेवाली कंपनी itel Mobile एक विश्वसनीय ब्रांड के रूप में अपनी पहचान बनायी है. यह कम बजट में बढ़िया फीचर्स वाले स्मार्टफोन देने के लिए मशहूर है. इसकी नयी पेशकश itel Zeno 10, खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो कम बजट में आधुनिक तकनीक का अनुभव करना चाहते हैं. इस स्मार्टफोन की खासियत है कि यह बेहतरीन फीचर्स और किफायती दाम में उपलब्ध है. itel Zeno 10 का डिजाइन और डिस्प्ले itel Zeno 10 में 6.6 इंच का IPS LCD डिस्प्ले है, जो HD+ (720 x 1612 पिक्सल) रेजॉल्यूशन के साथ बेहतरीन विजुअल एक्सपीरिएंस देता है. इसमें पानी की बूंद जैसा नॉच डिजाइन है, जिसमें 5MP का फ्रंट कैमरा फिट किया गया है. इसका डिस्प्ले स्पष्ट और रंगीन है, जो वीडियो देखने और गेमिंग के लिए एक शानदार एक्सपीरिएंस ऑफर करता है. प्रॉसेसर और स्टोरेज क्षमता itel Zeno 10 में Unisoc Tiger T603, Octa-core प्रॉसेसर है, जो स्मार्टफोन के रोजमर्रा के कामों के लिए उपयुक्त है. यह स्मार्टफोन 3GB/4GB RAM और 64GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिये एक्सपैंड किया जा सकता है. इस फोन की स्टोरेज क्षमता उसे गेम्स और मल्टीमीडिया के लिए आदर्श बनाती है, और इसकी परफॉर्मेंस सुनिश्चित करती है कि आप बिना किसी रुकावट के इसका उपयोग कर सकें. कैमरा और बैटरी itel Zeno 10 में 8MP का ड्यूल रियर कैमरा और LED फ्लैश दिया गया है, जो अच्छी क्वॉलिटी की तस्वीरें खींचता है. इसके अलावा, 5000mAh की बड़ी बैटरी और 10W फास्ट चार्जिंग क्षमता के साथ, यह फोन पूरे दिन काम करने के लिए तैयार रहता है. यह लंबी बैटरी लाइफ उन यूजर्स के लिए आदर्श है, जो पूरे दिन अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं. किफायती दाम और अतिरिक्त फीचर्स itel Zeno 10 की कीमत ₹6,199 से शुरू होती है, जो इसे एक बेहद किफायती स्मार्टफोन बनाती है. इसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, 4G नेटवर्क सपोर्ट, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C पोर्ट और ड्यूल सिम जैसे फीचर्स हैं. ये सभी विशेषताएं इसे उन लोगों के लिए आदर्श बनाती हैं, जो कम बजट में आधुनिक तकनीकी अनुभव चाहते हैं. कम कीमत में हाई क्वॉलिटी और बेहतर परफॉर्मेंस itel Zeno 10 एक किफायती स्मार्टफोन है, जो बेहतरीन प्रदर्शन और आधुनिक फीचर्स के साथ आता है. यदि आप एक बजट स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं, तो यह फोन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. यह स्मार्टफोन साबित करता है कि हाई क्वॉलिटी और बेहतर परफॉर्मेंस कम कीमत में भी संभव है. 7288 रुपये में मिल रहा सैमसंग का बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन, ऐसा ऑफर फिर नहीं The post iTel Zeno 10 Review: सिर्फ ₹6199 में टेक्नोलॉजी का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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