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11 अगस्त के बाद क्या करेंगे प्रशांत किशोर? बांकीपुर उपचुनाव में BJP क्यों हारी और RJD के लिए कैसे बढ़ा खतरा

Prashant Kishor: रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई विकास के मुद्दों के साथ प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उतरी थी. लेकिन उस वक्त एक भी सीट पर पार्टी की जीत नहीं हो पाई. इन्हीं मुद्दों के साथ जन सुराज बांकीपुर उपचुनाव 2026 में उतरी. लेकिन इस बार पार्टी ने जीत दर्ज कर ली. ऐसे में अब सवाल है कि 9 महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि पीके को जनता ने चुना? आखिर बीजेपी का गढ़ जिस विधानसभा को कहा जाता था, उसी में वह हार कैसे गई. पीके की जीत तेजस्वी यादव और पूरे राजद के लिए खतरा हो सकता है और प्रशांत किशोर की आगे की रणनीति क्या हो सकती है… पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बीजेपी के कैंडिडेट नीरज सिन्हा को 19,324 वोटों से हराने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 11 अगस्त के बाद शपथ ग्रहण करेंगे. इसके बाद औपचारिक रूप से विधायक के तौर पर प्रशांत किशोर काम करना शुरू कर देंगे. 11 तारीख से ही प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा के कई वार्ड में घूमने की प्लानिंग कर चुके हैं. इस दौरान वे लोगों से बातचीत करेंगे, उनकी परेशानियों को जानेंगे और उसी के आधार पर विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे. आगे क्या हो सकती है पीके की रणनीति? बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा था कि 3 महीने में इस विधानसभा में बदलाव दिखने लगेगा. इस दावे को वह पूरा करने पर काम कर सकते हैं. इतना ही नहीं, बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर भी उन्होंने प्लानिंग कर ली है. प्रशांत किशोर के मुताबिक, जन सुराज आगे आने वाले चुनावों पर भी अब फोकस करेगी और इसके लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है. पीके की तरफ से यह कहा गया है कि जन सुराज सभी जिला परिषदों और वार्डों में अपने कैंडिडेट उतारेगी. इस तरह से अभी से ही प्रशांत किशोर ने पंचायत चुनाव में उतरने का मूड सेट कर लिया है. कहा जा रहा है कि प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव की तरह आगे के चुनावों में जातिगत मॉडल को छोड़ विकास के मॉडल पर काम कर सकते हैं. जन सुराज के संगठन को और मजबूत करने और बिहार की आगामी नेतृत्व में अपनी पार्टी को एक व्यापक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर सकते हैं. राजद और तेजस्वी के लिए प्रशांत किशोर बन सकते हैं खतरा बिहार की सियासत में अब तक राजद को मुख्य विपक्ष का चेहरा माना जाता था. लेकिन बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत के बाद तेजस्वी यादव और राजद के लिए मुश्किलें खड़ीं हो सकतीं हैं. नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रशांत किशोर मजबूत विपक्ष का चेहरा बन सकते हैं. इस बार के चुनाव में राजद के ‘एमवाई समीकरण’ में भी कहीं ना कहीं प्रशांत किशोर ने सेंध लगाई. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विपक्षी मतदाताओं को नया नेतृत्व चाहिए, तो प्रशांत किशोर उस भूमिका में उभर सकते हैं. प्रशांत किशोर लगातार सक्रिय नेतृत्व करते हैं, जबकि तेजस्वी यादव की नेतृत्वक सक्रियता पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान तेजस्वी यादव गायब रहे. साथ ही चुनाव के दौरान भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही. राजद कैंडिडेट रेखा गुप्ता के लिए सिर्फ दो दिन उन्होंने चुनाव प्रचार किया. इस बीच प्रशांत किशोर की जीत के बाद मजबूत विपक्ष के चेहरे के तौर पर खुद को साबित करने के लिए तेजस्वी यादव को मेहनत करना पड़ सकता है. 11 से 19 अगस्त के बीच इन वार्डों में घूमेंगे पीके 11 अगस्त- वार्ड नंबर: 15, 18, 40 12 अगस्त- वार्ड नंबर: 19, 22, 23, 26 13 अगस्त- वार्ड नंबर: 29, 16, 39 14 अगस्त- वार्ड नंबर: 17, 38, 25 16 अगस्त- वार्ड नंबर: 30, 24, 27 17 अगस्त- वार्ड नंबर: 28, 31, 35, 21 18 अगस्त- वार्ड नंबर: 37, 42, 36 19 अगस्त- वार्ड नंबर: 41 Also Read: MLC Deepak Prakash: सिर्फ 7 महीने के लिए खत्म हुआ उपेंद्र कुशवाहा का टेंशन, फिर बेटे की मंत्री कुर्सी पर संकट The post 11 अगस्त के बाद क्या करेंगे प्रशांत किशोर? बांकीपुर उपचुनाव में BJP क्यों हारी और RJD के लिए कैसे बढ़ा खतरा appeared first on Naya Vichar.

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अरुणाचल पर चीन की ‘नाम बदलो’ साजिश को भारत ने दिया जवाब, 27 प्रमुख जगहों की मैपिंग

हिंदुस्तान ने शुक्रवार (7 अगस्त) को अरुणाचल प्रदेश के 27 प्रमुख स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शों पर दर्ज किया. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है. अधिकारिक बयान के मुताबिक, यह पूरी कवायद अरुणाचल प्रदेश प्रशासन से सलाह-मशविरा के बाद की गई है. इसका मकसद इन स्थानों की सही पहचान सुनिश्चित करना और उनके बारे में आम लोगों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाना है. “हिंदुस्तान प्रशासन ने अरुणाचल प्रदेश प्रशासन के साथ सलाह-मशविरा कर राज्य में स्थित कुल 27 स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शों पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है.”- गृह मंत्रालय प्रशासन ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के इन 27 स्थानों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का मुख्य उद्देश्य उनकी सही और स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही, इस कदम से आम लोगों को इन स्थानों के बारे में जानकारी मिलेगी. चीन अरुणाचल प्रदेश को कहता है ‘जंगनान’ इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में चीन की वह कोशिश है, जिसके तहत वह समय-समय पर अरुणाचल प्रदेशके अलग-अलग स्थानों के लिए अपने बताए हुए ‘मानकीकृत नाम’ (standardised names) जारी करता रहा है. चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जंगनान’ (Zangnan) कहता है और इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने अरुणाचल को दिया 5125 करोड़ का तोहफा, कांग्रेस पर बोला करारा हमला अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का अभिन्न हिस्सा नई दिल्ली ने चीन की इस तरह की कवायद को लगातार खारिज किया है. हिंदुस्तान का कहना है कि चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की कोशिश का राज्य पर हिंदुस्तान की संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता और अरुणाचल प्रदेश हिंदुस्तान का अभिन्न हिस्सा है.  The post अरुणाचल पर चीन की ‘नाम बदलो’ साजिश को हिंदुस्तान ने दिया जवाब, 27 प्रमुख जगहों की मैपिंग appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी सरकार के नियमों के तहत होगी बंगाल में शिक्षक भर्ती, समझें क्या है एसएससी विवाद

पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को वर्ष 2025 में ममता बनर्जी प्रशासन के कार्यकाल में बनाये गये नियमों के अनुसार ही संपन्न करेगा. कलकत्ता हाईकोर्ट में भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को आयोग ने अपना रुख साफ कर दिया है. आयोग की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया है कि नये नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से भर्ती होगी और राज्य प्रशासन भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति के साथ आगे बढ़ेगी. हाईकोर्ट के निर्देश पर बना था नया नियम पश्चिम बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान एसएससी भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2016 के पूरे पैनल को रद्द कर दिया गया था. पारदर्शी तरीके से नयी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया था. अदालत के रुख को देखते हुए आयोग ने वर्ष 2025 में भर्ती के नये नियम तैयार किये. उम्मीदवारों ने नये नियम को दी थी चुनौती उम्मीदवारों ने नये नियमों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था. याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि वर्ष 2016 की भर्ती को 2016 के पुराने नियमों के आधार पर ही पूरा किया जाये, न कि वर्ष 2025 के नये नियमों से. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले पर नयी प्रशासन और एसएससी से उनका आधिकारिक रुख मांगा था. इस पर एसएससी ने यह जवाब दिया. ये भी पढ़ें: शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में बढ़ी पार्थ चटर्जी की मुश्किलें, ED ने कोलकाता आवास पर मारा छापा हाईकोर्ट में राज्य प्रशासन और SSC ने रखी अपनी बात शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ के समक्ष राज्यस्तरीय चयन परीक्षा (SLST) भर्ती से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से पेश सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल नीलांजन भट्टाचार्य ने कहा- प्रशासन का एक ही स्पष्ट रुख है, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस. हम इसे हर हाल में सुनिश्चित करेंगे. द्वितीय SLST भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2025 के नये नियमों के आधार पर ही संपन्न की जायेगी. नियमों से जुड़ी आपत्तियों पर दें ध्यान : हाईकोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने आयोग को याद दिलाया कि नयी भर्ती नियमावली में आयु सीमा में छूट, रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने और अंकों से जुड़े कई प्रावधानों को लेकर आपत्तियां दर्ज करायी गयी हैं. पीठ ने निर्देश दिया कि आयोग को इन सभी कानूनी पहलुओं और अभ्यर्थियों की जायज आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए ही कदम उठाना होगा. ये भी पढ़ें: बंगाल में एसएससी और बोर्ड के अध्यक्ष बदले, सिद्धार्थ और रामानुजा ने दिया इस्तीफा OBC आरक्षण की जटिलता पर 21 अगस्त को सुनवाई सुनवाई के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण का संवेदनशील मुद्दा भी उठा. पूर्व में राज्य में ओबीसी के लिए 17 प्रतिशत सीटें आरक्षित थीं. हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2010 के बाद जारी लगभग 5 लाख ओबीसी प्रमाण पत्रों और कई जातियों की सूची को रद्द किये जाने के बाद स्थिति जटिल हो गयी है. नये नियम में ओबीसी आरक्षण को घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है. जस्टिस सिन्हा ने कहा कि यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है. राज्य प्रशासन तथा एसएससी को आपस में बैठकर समन्वय के साथ ओबीसी नीति को अंतिम रूप देना चाहिए, ताकि कोई कानूनी अड़चन न आये. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त तय कर दी. The post ममता बनर्जी प्रशासन के नियमों के तहत होगी बंगाल में शिक्षक भर्ती, समझें क्या है एसएससी विवाद appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा रन और विकेट लेने वाले भारत के ‘टॉप-3’ दिग्गज, देखें लिस्ट में कौन-कौन है शामिल

Ind vs SL : हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है. पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में होगा. शुभमन गिल की कप्तानी में हिंदुस्तानीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और सीरीज से पहले तैयारियों में जुट गई है. हिंदुस्तान के लिए यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के लिहाज से भी काफी अहम होनी वाली है. सचिन ने बनाए है सबसे ज्यादा रन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान का रिकॉर्ड कई दिग्गज खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भरा रहा है. अगर श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में सबसे ऊपर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं. सचिन ने 1990 से 2010 के बीच श्रीलंका के खिलाफ 25 टेस्ट मैचों की 36 पारियों में 60.45 की औसत से 1995 रन बनाए है. सचिन के बाद दूसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ तो तीसरे नंबर पर वीरेंद्र सहवाग का नाम आता है. श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान के टॉप-3 बल्लेबाज खिलाड़ी मैच रन शतक अर्धशतक सर्वोच्च स्कोर सचिन तेंदुलकर 25 1995 9 6 203 राहुल द्रविड़ 20 1508 3 9 177 वीरेंद्र सहवाग 11 1239 5 3 293 बॉलिंग में स्पिनरों का रहा है जलवा गेंदबाजी में हिंदुस्तान की ओर से श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम है. हिंदुस्तानीय दिग्गज लेग स्पिनर ने 18 टेस्ट मैचों में 74 विकेट चटकाए है. कुंबले के बाद आर अश्विन का नंबर आता है. अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ महज 11 टेस्ट मैचों में 62 विकेट हासिल किए हैं और तीन बार पारी में पांच विकेट लिए हैं. वहीं हरभजन सिंह ने 16 टेस्ट में 53 विकेट लेकर इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया. Also Read: मुझे अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रहाणे ने बताया आगे का प्लान श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान के टॉप-3 गेंदबाज खिलाड़ी मैच विकेट 5 विकेट (पारी) सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अनिल कुंबले 18 74 4 7/59 आर अश्विन 11 62 3 6/46 हरभजन सिंह 16 53 2 7/62 15 से स्पोर्ट्सा जाना है पहला टेस्ट मैच हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है. पहला मुकाबला गॉल में स्पोर्ट्सा जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में होगा. शुभमन गिल की कप्तानी में हिंदुस्तानीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और अभ्यास में जुट गई है. सीरीज में हिंदुस्तानीय टीम की नजरें जीत के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2027 की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने पर होंगी. Also Read:ईशान किशन और तिलक वर्मा की शर्टलेस तस्वीर हुई वायरल, साथ में आइस बाथ लेते नजर आए दोनों The post श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा रन और विकेट लेने वाले हिंदुस्तान के ‘टॉप-3’ दिग्गज, देखें लिस्ट में कौन-कौन है शामिल appeared first on Naya Vichar.

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कभी गर्दन तो कभी उंगली, 10 महीने में शुभमन गिल को कब-कब लगी चोट?

Shubman Gill injury: श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल अभ्यास सत्र के दौरान चोटिल हो गए हैं. गिल के दाहिने हाथ की उंगली में चोट लगी है, जिसके कारण वह श्रीलंका XI के खिलाफ स्पोर्ट्से जा रहे वार्म-अप मुकाबले के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे. उनकी गैरमौजूदगी में उपकप्तान केएल राहुल ने हिंदुस्तानीय टीम की कमान संभाली. हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को गिल की चोट को लेकर मेडिकल अपडेट जारी किया. बोर्ड के मुताबिक, गुरुवार को टीम इंडिया के प्रैक्टिस सेशन के दौरान गिल के दाहिने हाथ की छोटी उंगली में चोट लगी. सावधानी के तौर पर उन्हें श्रीलंका XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन मैदान से दूर रखा गया है. BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. 15 अगस्त से गाले में पहला टेस्ट हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में होगा. यह सीरीज हिंदुस्तान के लिए ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी अहम है. BCCI ने 28 जुलाई को घोषित 15 सदस्यीय टीम में गिल को कप्तान और केएल राहुल को उपकप्तान बनाया था. ऐसे में गिल की उंगली की चोट का समय हिंदुस्तानीय टीम के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है. हालांकि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चोट को गंभीर नहीं माना जा रहा है और गिल के 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट तक फिट होने की उम्मीद बनी हुई है. लेकिन अंतिम फैसला उनकी फिटनेस और मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा. वार्म-अप मैच में राहुल ने संभाली कप्तानी श्रीलंका XI के खिलाफ अभ्यास मैच हिंदुस्तान के लिए टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण मौका है. इसी मुकाबले में गिल को चोट के कारण बाहर बैठना पड़ा. टॉस के समय उनकी जगह केएल राहुल हिंदुस्तानीय टीम के कप्तान के तौर पर मैदान पर उतरे. श्रीलंका XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. पहले दिन हिंदुस्तानीय गेंदबाजों को श्रीलंका XI के बल्लेबाजों के खिलाफ काफी मेहनत करनी पड़ी. ऐसे में टीम मैनेजमेंट के लिए इस अभ्यास मैच का मकसद सिर्फ नतीजा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की परिस्थितियों के अनुकूल तैयारी और फिटनेस को परखना भी है. गिल के लिए पिछले कुछ महीनों में चोट बनी चुनौती शुभमन गिल के लिए पिछले करीब 10 महीनों में फिटनेस से जुड़ी परेशानियां लगातार सामने आई हैं. नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दौरान उन्हें गर्दन में स्पाज्म और चोट की समस्या हुई थी. वह उस टेस्ट के बाकी हिस्से में नहीं स्पोर्ट्स सके थे. BCCI ने बाद में बताया था कि उन्हें अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया था और उनकी मेडिकल टीम निगरानी कर रही थी. गिल ने बाद में खुद बताया था कि गर्दन में समस्या के पीछे डिस्क से जुड़ी परेशानी भी थी, जिसके कारण उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अगला टेस्ट और इसके बाद की वनडे सीरीज भी मिस करनी पड़ी थी. इसके बाद भी अलग-अलग मौकों पर फिटनेस संबंधी समस्याओं ने उनकी उपलब्धता को प्रभावित किया. अब श्रीलंका दौरे पर उंगली की चोट ने एक बार फिर टीम इंडिया की चिंता बढ़ा दी है. नवंबर 2025: गर्दन में चोट ने किया था परेशान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स टेस्ट में गिल सिर्फ कुछ गेंद स्पोर्ट्सने के बाद गर्दन में परेशानी के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. BCCI ने उस समय इसे गर्दन में स्पाज्म (ऐंठन) बताया था और बाद में उन्हें टेस्ट से बाहर कर दिया गया था. चोट की वजह से उन्हें अस्पताल में भी निगरानी में रखा गया था. यह चोट गिल के लिए काफी अहम साबित हुई थी क्योंकि वह हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के कप्तान के तौर पर टीम की अगुआई कर रहे थे. दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 तक भी फिटनेस पर नजर नवंबर की गर्दन की समस्या से वापसी के बाद गिल ने दोबारा क्रिकेट में वापसी की. हालांकि इसके बाद भी अलग-अलग समय पर उन्हें फिटनेस से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा. यही वजह है कि श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज से पहले उनकी उंगली की चोट पर टीम मैनेजमेंट अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है. गिल हिंदुस्तानीय टेस्ट बल्लेबाजी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं. कप्तान होने के कारण उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह का जोखिम लेकर उन्हें वार्म-अप मैच में उतारने के बजाय उनकी फिटनेस को प्राथमिकता दे रहा है. क्या 15 अगस्त को गिल स्पोर्ट्स पाएंगे? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शुभमन गिल 15 अगस्त को गाले में होने वाले पहले टेस्ट में हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी कर पाएंगे. अभी तक BCCI ने उन्हें टेस्ट से बाहर किए जाने की कोई घोषणा नहीं की है. बोर्ड ने सिर्फ वार्म-अप मैच के पहले दिन उन्हें एहतियातन आराम देने और मेडिकल टीम द्वारा निगरानी की बात कही है. इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल गिल की टेस्ट उपलब्धता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन तत्काल तौर पर उन्हें टेस्ट से बाहर मानना जल्दबाजी होगी. आने वाले कुछ दिनों में उनकी फिटनेस में सुधार और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तस्वीर साफ हो सकती है. गिल की गैरमौजूदगी में राहुल सबसे बड़ा विकल्प अगर किसी कारण से गिल पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो केएल राहुल टीम इंडिया के लिए सबसे स्वाभाविक नेतृत्व विकल्प होंगे. राहुल को पहले ही टेस्ट टीम का उपकप्तान बनाया गया है और श्रीलंका XI के खिलाफ वार्म-अप मैच में उन्हें गिल की अनुपस्थिति में कप्तानी की जिम्मेदारी भी दी गई. हालांकि हिंदुस्तानीय टीम चाहेगी कि गिल समय रहते पूरी तरह फिट हो जाएं. टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में कप्तान के साथ-साथ शीर्ष क्रम के प्रमुख बल्लेबाज की मौजूदगी हिंदुस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी. टीम इंडिया के लिए सिर्फ कप्तानी नहीं, बल्लेबाजी का भी सवाल गिल की चोट का असर सिर्फ कप्तानी तक सीमित

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दूसरे सावन सोमवार पर क्या पहनें? आप भी हैं कन्फ्यूज, तो चुनें ये खूबसूरत ग्रीन आउटफिट्स

Green Outfit Ideas for Sawan Somwar: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, हरियाली और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. इस महीने के सोमवार का खास महत्व होता है. कई स्त्रीएं और लड़कियां इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना पसंद करती हैं. अगर दूसरे सावन सोमवार पर आप भी कुछ नया और स्टाइलिश ट्राई करना चाहती हैं, तो ऐसे आउटफिट चुनें जो देखने में खूबसूरत होने के साथ पहनने में भी आरामदायक हों. यहां कुछ ग्रीन आउटफिट इंस्पिरेशन दिए गए हैं, जिन्हें आप मंदिर, ऑफिस, कॉलेज या फैमिली पूजा में आसानी से पहन सकती हैं. ग्रीन कुर्ती और व्हाइट पलाजो से मिलेगा एलिगेंट लुक ग्रीन आउटफिट आइडियज सावन सोमवार के लिए, PC – AI अगर घर में पूजा, भजन या कोई खास कार्यक्रम है, तो ग्रीन सिल्क साड़ी पहन सकती हैं. इसके साथ गोल्डन या कुंदन ज्वेलरी, छोटी बिंदी और हल्का मेकअप आपके लुक को और आकर्षक बना देगा. बालों में गजरा लगाने से पूरा लुक और भी ट्रेडिशनल नजर आएगा. फ्लोरल ग्रीन अनारकली देगी रॉयल फील ग्रीन आउटफिट आइडियज सावन सोमवार के लिए , PC – AI जो लड़कियां मॉडर्न और ट्रेडिशनल दोनों का मिश्रण पसंद करती हैं, उनके लिए ग्रीन को-ऑर्ड सेट अच्छा रहेगा. इसके साथ स्टड ईयररिंग्स, घड़ी और छोटी बिंदी आपके लुक को स्टाइलिश बना सकती है. यह आउटफिट मंदिर जाने के बाद दोस्तों के साथ आउटिंग के लिए भी अच्छा ऑप्शन है. ग्रीन शिफॉन साड़ी से मिलेगा हल्का और खूबसूरत लुक एक्सेसरीज सावन सोमवार के लिए , PC – AI ग्रीन आउटफिट के साथ कांच की हरी चूड़ियां, छोटी बिंदी, ऑक्सीडाइज्ड या गोल्डन ईयररिंग्स और सिंपल नेकपीस आपके लुक को और खूबसूरत बना सकते हैं. फुटवियर के लिए फ्लैट्स, कोल्हापुरी चप्पल या ब्लॉक हील्स चुनें, ताकि चलने में परेशानी न हो. बारिश के मौसम में रखें इन बातों का ध्यान हल्के और जल्दी सूखने वाले फैब्रिक चुनें. बहुत लंबा घेर वाला आउटफिट पहनने से बचें. वॉटरप्रूफ या आसानी से साफ होने वाले फुटवियर पहनें. मेकअप हल्का रखें और वॉटरप्रूफ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें. छोटा स्लिंग बैग या पोटली बैग रखें, ताकि जरूरी सामान सुरक्षित रहे. यह भी पढ़ें: सोमवारी व्रत में पिएं ये 6 ड्रिंक्स, दिनभर नहीं होगी कमजोरी और थकान The post दूसरे सावन सोमवार पर क्या पहनें? आप भी हैं कन्फ्यूज, तो चुनें ये खूबसूरत ग्रीन आउटफिट्स appeared first on Naya Vichar.

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बिना NET के DU में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका, 22 अगस्त तक करें अप्लाई

DU Assistant Professor Recruitment 2026: अगर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी समाचार है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 16 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती की खास बात यह है कि कुछ कैंडिडेट्स के उम्मीदवार UGC NET के बिना भी आवेदन करने के पात्र होंगे. इच्छुक अभ्यर्थी SRCC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 22 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. DU Vacancy: किस विभाग में कितने पद पर निकली भर्ती? विभाग पद कॉमर्स 12 इकोनॉमिक्स 3 मैथमेटिक्स 1 कुल 16 डीयू वैकेंसी नोटिस (PC-ऑफिशियल वेबसाइट) चयन प्रक्रिया आवेदनों की स्क्रीनिंग 100 मार्क्स के आधार पर की जाएगी. इसके बाद योग्य कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. स्क्रीनिंग में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, PhD, NET/JRF सहित विभिन्न शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर मार्क्स दिए जाएंगे. सैलरी चुने गए कैंडिडेट्स को 7वें वेतन आयोग के अनुसार अकादमिक पे लेवल-10 के तहत 57,700 रुपये प्रति महीने का प्रारंभिक वेतन मिलेगा. इसके साथ अन्य भत्तों का लाभ मिलेगा. आवेदन शुल्क इस वैकेंसी के लिए अप्लाई करने के लिए General / OBC / EWS कैंडिडेट्स को 500 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा. वहीं SC / ST / PwBD / स्त्री उम्मीदवार के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है. यह भी पढ़ें- Internship programs : युवाओं के लिए इंटरर्नशिप के बेहतरीन मौके The post बिना NET के DU में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका, 22 अगस्त तक करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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MSME Bill 2026: छोटे कारोबारियों को राहत, 6 महीने तक मामला अटका तो अदालत दिला सकती है आधा पैसा

MSME Bill 2026: लोकसभा ने शुक्रवार (7 अगस्त) को एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित कर दिया. इससे पहले 3 अगस्त को यह विधेयक राज्यसभा से भी मंजूरी पा चुका था. दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब यह विधेयक संसद की मंजूरी हासिल कर चुका है. इस विधेयक का मकसद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को समय पर भुगतान दिलाना है. इसके लिए भुगतान में होने वाली देरी की समस्या को दूर करने, विवादों के निपटारे की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के अलावा भुगतान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का प्रावधान किया गया है. छोटे कारोबारियों को क्या होगा फायदा? इस विधेयक में भुगतान से जुड़े विवादों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा करने का प्रावधान किया गया है. साथ ही, समझौते के तहत तय रकम की वसूली को आसान बनाया गया है, ताकि छोटे कारोबारियों को समय पर पैसा मिल सके. इसके अलावा, अगर किसी अदालत में किसी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका छह महीने से अधिक समय तक लंबित रहती है, तो अदालत एमएसएमई आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) को निर्धारित राशि का कम से कम 50 फीसदी भुगतान करने का आदेश दे सकेगी. इससे छोटे कारोबारियों की नकदी (लिक्विडिटी) की समस्या कम करने में मदद मिलेगी. ये भी पढ़ें: संसद गतिरोध के बीच परिसीमन पर नहीं बनी बात, राहुल गांधी ने किरण रिजिजू को कहा ‘ना’ एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना क्यों है जरूरी? देश की वित्तीय स्थिति में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) की बड़ी भूमिका है. हिंदुस्तान की जीडीपी में इनकी हिस्सेदारी करीब 31 फीसदी है. इसके अलावा, देश के कुल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उत्पादन में 36 फीसदी और कुल निर्यात में 41 फीसदी योगदान एमएसएमई क्षेत्र का है. इसलिए इस क्षेत्र को मजबूत करना देश की वित्तीय स्थिति और रोजगार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने क्या बताया? एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यसभा में बताया कि इस क्षेत्र को मिलने वाला कर्ज लगातार बढ़ा है. उन्होंने कहा कि 2014-15 में एमएसएमई को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया था, जो अब बढ़कर 38.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. उनके मुताबिक, यह दिखाता है कि छोटे और मध्यम कारोबारों को पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता (पैसों की मदद) मिल रही है और इस क्षेत्र में कर्ज का प्रवाह (Flow of Credit) लगातार मजबूत हुआ है. ये भी पढ़ें: Parliament : विपक्ष के हंगामे से दिनभर ठप रही संसद, लोकसभा से MSME संशोधन विधेयक पास 16 मिनट के भीतर एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया लोकसभा में शुक्रवार (7 अगस्त) को विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा किया, जिससे शून्यकाल (Zero Hour) की कार्यवाही बाधित रही. दिन की पहली स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई और करीब 16 मिनट के भीतर एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया. इसके बाद हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार (10 अगस्त)तक के लिए स्थगित कर दी गई. The post MSME Bill 2026: छोटे कारोबारियों को राहत, 6 महीने तक मामला अटका तो अदालत दिला सकती है आधा पैसा appeared first on Naya Vichar.

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तेजस्वी यादव आज रोहतास क्यों जा रहे हैं, मजदूर की हत्या पर कैसे चढ़ायेंगे राजनीतिक रंग, जानिए पूरी कहानी…

Tejashwi Yadav: रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के The post तेजस्वी यादव आज रोहतास क्यों जा रहे हैं, मजदूर की हत्या पर कैसे चढ़ायेंगे नेतृत्वक रंग, जानिए पूरी कहानी… appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain Alert: 12 अगस्त तक कई राज्यों में तेज बारिश, IMD ने बताया कहां बरसेंगे सबसे ज्यादा बादल

Heavy Rain Alert : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 8 से 13 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी और भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, 8 अगस्त को हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है. विभाग के अनुसार, 10 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश और 8 से 12 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. IMD के अनुसार, 10 से 12 अगस्त के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं 8 से 11 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. इसके अलावा 8 अगस्त और फिर 12-13 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग रांची के अनुसार, 8 और 9 अगस्त को झारखंड में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है. 9 अगस्त को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों (देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज) में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं. ये भी पढ़ें: दिल्ली में हो सकती है बारिश मौसम विभागके पूर्वानुमान के अनुसार, 8 अगस्त को दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. दिन के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में एक-दो बार हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है. इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं. राजस्थान में मानसून सक्रिय रहने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राजस्थान में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. 8 से 10 अगस्त के बीच भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान पूर्वी राजस्थान के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने के भी आसार हैं. वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में 8 से 10 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ लाइन और दो चक्रवाती परिसंचरण एक साथ सक्रिय होने से मौसम बिगड़ा हुआ है. इसी वजह से रविवार (9 अगस्त) तक पूरे दक्षिण बंगाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है. The post Heavy Rain Alert: 12 अगस्त तक कई राज्यों में तेज बारिश, IMD ने बताया कहां बरसेंगे सबसे ज्यादा बादल appeared first on Naya Vichar.

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