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ममता बनर्जी का बड़ा दावा: बांग्लादेश में हुई हत्या पर गृह मंत्री ने करवाया फोन; मामला दबाने को कहा

Mamata Banerjee on Bangladesh Osman Hadi Case: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश में हुई एक चर्चित हत्या का उल्लेख करते हुए कई गंभीर दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उस मामले की पूरी जानकारी है. एक्स सीएम ममता ने दावा किया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें फोन करवाकर इस मामले को सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया था. उनके इस बयान ने बांग्लादेश में बवाल खड़ा कर दिया है.  चुनावी हार के बाद धरने में दिया बयान ममता बनर्जी ने मंगलवार, 2 जून को कोलकाता के धर्मतल्ला स्थित वाई-चैनल इलाके में आयोजित धरना कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया. यह कार्यक्रम उस समय हुआ जब हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी है. धरने के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बांग्लादेश से जुड़े एक बड़े हत्या मामले के आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसको लेकर बांग्लादेश में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. मेघालय के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचे थे आरोपी ममता बनर्जी के अनुसार, हत्या के आरोपी बाद में मेघालय के रास्ते पश्चिम बंगाल में दाखिल हुए थे. उन्होंने दावा किया कि राज्य की एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार किया और यह एजेंसी की बड़ी सफलता थी. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें हिंदुस्तान के गृह मंत्री की ओर से फोन आया था. ‘देशहित का हवाला देकर मामला दबाने को कहा गया’: ममता ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने अब तक इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा था. उनके अनुसार, अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि उन्हें इस बारे में बोलना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि वह संबंधित व्यक्ति का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि इससे बांग्लादेश में लोगों की नाराजगी बढ़ सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वह बांग्लादेश से प्रेम करती हैं और किसी तरह का तनाव नहीं चाहतीं. धरना स्थल पर मौजूद तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनसे नाम उजागर करने की मांग भी की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनसे कहा गया था कि वे पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दें कि इस मामले को बाहर न आने दिया जाए, क्योंकि यह देशहित से जुड़ा विषय है. ममता बोलीं- ‘आज भी मुझे सब कुछ पता है’ अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के लिए किन लोगों का इस्तेमाल किया गया और जांच के दौरान किन नामों की चर्चा हुई, इसकी जानकारी उन्हें है. उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में अब उनकी प्रशासन नहीं है, लेकिन उन्हें पूरे मामले की जानकारी आज भी है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास वर्षों के नेतृत्वक अनुभव से जुड़ी अनेक जानकारियां और तथ्य सुरक्षित हैं. बांग्लादेश में मचा बवाल ममता बनर्जी के दावों को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. बांग्लादेश के सोजू टुडे ने इसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. हालांकि, इसने अपने वीडियो के डिस्क्रिप्शन में हिंदुस्तानीय गृह मंत्री का नाम सीधे तौर पर लिया है, लेकिन ममता बनर्जी ने ऐसा नहीं किया. ममता बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री की ओर से उन्हें फोन आया था. View this post on Instagram A post shared by Sozoo Today (@sozoo.today) बांग्लादेश में हुई थी शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या बांग्लादेश की मीडिया का दावा है कि जिस मामले का जिक्र ममता बनर्जी ने किया, वह बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है. हादी को पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को ढाका में गोली मारी गई थी. गंभीर रूप से घायल होने के बाद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी.  इस हत्या के बाद बांग्लादेश में काफी बवाल मचा था. कई मीडिया संस्थानों में आग लगने की घटना भी सामने आई थी. बाद में इस हत्या से जुड़े संदिग्धों को हिंदुस्तान के पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी. कौन था शरीफ उस्मान बिन हादी? शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के प्रमुख नेताओं में गिना जाते था. वह हिंदुस्तान की नीतियों के मुखर आलोचक माना जाता था. उसने बांग्लादेश में 2024 के जनआंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी. हादी स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में ढाका-8 संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के समय नकाबपोश हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी. हमले में उसके सिर में गोली लगी थी. बाद में उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां छह दिन बाद उसकी मौत हो गई. हिंदुस्तान में कैसे पकड़े गए संदिग्ध? मार्च 2026 में हिंदुस्तानीय पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया था, जिस पर हत्या के दो मुख्य आरोपियों को अवैध रूप से हिंदुस्तान में प्रवेश कराने में मदद करने का आरोप था। फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को इस हत्या का प्रमुख बताया गया था. हमले के बाद दोनों बांग्लादेश से भागकर मेघालय के हालुआघाट सीमा क्षेत्र के रास्ते हिंदुस्तान में दाखिल होने की सूचना आई थी. हिंदुस्तानीय एजेंसियों ने 8 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं. ये भी पढ़ें:- 40 साल बाद बांग्लादेश को मिली बड़ी वैश्विक जिम्मेदारी, UN महासभा की कमान संभालेंगे विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ये भी पढ़ें:- जापान में बिना परमिशन तामीर हुई मस्जिद, इफ्तिताह में शामिल थे पाकिस्तानी राजदूत; अब चल सकता है बुलडोजर! तीसरे आरोपी की भी हुई थी गिरफ्तारी एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, फिलिप संगमा नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था. उस पर आरोप है कि उसने फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को हिंदुस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों से पश्चिम बंगाल पहुंचने में मदद की थी. ममता बनर्जी ने क्यों लीक की कथित बातचीत इन सभी की वजह ममता बनर्जी के बयान हैं. महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए इस तरह की सीक्रेट जानकारी को लीक करने की वजह फिलहाल ज्ञात नहीं है. पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2026 में हार के बाद

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कर्नाटक की राजनीति में आज खुलेगा नया चैप्टर, डीके शिवकुमार लेंगे CM शपथ; कनकपुरा में जश्न का माहौल

DK Shivakumar Karnataka CM Oath: कर्नाटक की नेतृत्व में लंबे समय से चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है. कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. बंगलुरु के लोक भवन में बुधवार शाम 4 बजे डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथ ग्रहण से पहले उनके गृह क्षेत्र कनकपुरा में समर्थकों के बीच उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. कर्नाटक में मुख्यमंत्री घोषित- शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले कनकपुरा में जश्न का माहौल है. डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देने वाले पोस्टर, बैनर और बड़े-बड़े कटआउट उनके आवास के आसपास और पूरे विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए हैं. मंत्रिमंडल की सूची पर कांग्रेस हाईकमान का फैसला शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार को डीके शिवकुमार ने कहा था कि नए मंत्रिमंडल की अंतिम सूची कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी की जाएगी. उन्होंने मीडिया में चल रही संभावित मंत्रियों की सूची को लेकर कहा कि जो नाम सामने आ रहे हैं, वे आधिकारिक नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेतृत्व तय समय पर मंत्रियों के नामों की घोषणा करेगा. शपथ के बाद बैठकों का दौर डीके शिवकुमार ने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण के बाद पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें होंगी और इसके बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी आयोजित की जाएगी. छात्र नेतृत्व से मुख्यमंत्री पद तक का सफर 15 मई 1962 को कनकपुरा में जन्मे डोड्डालहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार, जिन्हें आमतौर पर डीके शिवकुमार के नाम से जाना जाता है, ने 1980 के दशक में छात्र नेतृत्व से अपने नेतृत्वक जीवन की शुरुआत की थी. 1985 में उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 1989 में मात्र 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. इसके बाद उन्होंने लगातार आठ बार विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत नेतृत्वक पकड़ साबित की. कांग्रेस के ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में बनाई पहचान कांग्रेस संगठन में डीके शिवकुमार को अक्सर संकटमोचक या ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कई नेतृत्वक संकटों के दौरान पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2002 के कांग्रेस-एनसीपी  महाराष्ट्र नेतृत्वक संकट के दौरान तत्कालीन शहरी विकास मंत्री शिवकुमार ने अपनी पार्टी के विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाया था. वहीं, 2017 के गुजरात राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस की रणनीति को संभालने में भी उनकी भूमिका चर्चा  में रही. कर्नाटक में 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे भी उन्हें प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता है. राहुल गांधी की ‘हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा’ को भी सफल बनाने में डीके शिवकुमार का बड़ा हाथ माना जाता है. गांधी परिवार के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं डीके शिवकुमार को कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व टीम का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है. उनकी नजदीकी सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं के साथ रही है. यही वजह रही कि लंबे आंतरिक मंथन के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हुई. विवादों के बावजूद नहीं रुका नेतृत्वक सफर अपने लंबे नेतृत्वक करियर के दौरान डीके शिवकुमार कई जांचों और विवादों से भी जुड़े रहे. वर्ष 2019 में उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा था. हालांकि इन घटनाओं का उनके नेतृत्वक प्रभाव पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और वे लगातार संगठन तथा प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे. 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे शिवकुमार पिछली प्रशासन में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का महत्वपूर्ण पड़ाव मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से राज्य की कमान संभाल लेंगे. कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति बनाने और कई नेतृत्वक संकटों से पार्टी को निकालने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान रही है. ऐसे में उनका मुख्यमंत्री बनना कर्नाटक की नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है. सिद्धरमैया के इस्तीफे से शुरू हुई थी प्रक्रिया कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत 28 मई को हुई थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया था. इसी के साथ राज्य में नए नेतृत्व को लेकर नेतृत्वक गतिविधियां तेज हो गई थीं.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 में कर्नाटक विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने 2.5-2.5 साल के मुख्यमंत्री पद का वादा किया था. इसमें पहले सिद्धरमैया और फिर शिवकुमार को मौका मिलना था. हालांकि, सिद्धरमैया ने 2.5 साल से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री पद अपने पास रखा. कांग्रेस हाईकमान का आदेश मिलने के बाद ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. ये भी पढ़ें:- CBSE OSM: बोले जयराम रमेश- अधिकारियों का तबादला गड़बड़ी का सबूत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा ये भी पढ़ें:- लक्ष्मी भंडार घोटाला : नदिया में 173 फर्जी खातों का भंडाफोड़, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन की SIT करेगी जांच कांग्रेस कार्यसमिति में सिद्धरमैया की एंट्री कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धरमैया को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त कर दिया. अहिंदा की नेतृत्व करने वाले सिद्धरमैया को पार्टी संगठन में उनके अनुभव और भूमिका को देखते हुए महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है. दिल्ली में हुई अहम बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में नए मंत्रिमंडल के गठन, राज्यसभा नामांकन और संगठन में संभावित बदलावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब भी कर्नाटक कांग्रेस के इन दो दिग्गज नेताओं के बीच अपने नेताओं को अहम पद दिलाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, अब इसमें ज्यादा समय नहीं है. आज, बुधवार, शाम 4 बजे डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद कैबिनेट विस्तार के बारे में स्थिति और साफ होगी. 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मिडिल ईस्ट में तनाव से भड़की कच्चे तेल की कीमत, $97 के करीब पहुंचा क्रूड ऑयल

Crude Oil Price: मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन्स के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन भी तेजी से बढ़ी हैं. अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही शांति समझौता होने की उम्मीदें धुंधली पड़ गई हैं, जिससे ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की सप्लाई रुकने की चिंता गहरी हो गई है. इस हफ्ते के शुरुआती दो दिनों में ही तेल की कीमतें 7% से ज्यादा बढ़ चुकी थीं. अब बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है.  तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ रही हैं? बाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह पर्शियन गल्फ और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाले एनर्जी एक्सपोर्ट को लेकर बढ़ी अनिश्चितता है. पहले ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतरिम (interim) समझौता हो जाएगा, जिससे सप्लाई रूट जल्दी खुल जाएंगे और ग्लोबल इन्वेंट्री (स्टॉक) पर दबाव कम होगा. लेकिन अब बातचीत रुकने की समाचारों से यह उम्मीद टूटती दिख रही है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब भी समझौते को लेकर उम्मीद जताई है, लेकिन जमीनी हालात को देखते हुए बाजार में आशंका बढ़ गई है.  मिडिल ईस्ट में इस वक्त क्या चल रहा है? क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और हमले तेज होने से हालात और बिगड़ गए हैं: इजराइल की कार्रवाई: इजराइल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखे हैं. हालांकि दोनों देशों के बीच बुधवार को एक और दौर की बातचीत होनी है, लेकिन टिकाऊ सीजफायर को लेकर बाजार अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है. ईरान के मिसाइल हमले: समाचारों के मुताबिक, ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.  अमेरिका का एक्शन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप (Qeshm Island) पर जवाबी हवाई हमले किए हैं.  क्या सप्लाई में भी कोई कमी आ रही है? हां, केवल युद्ध के हालात ही नहीं, बल्कि बाजार के बुनियादी आंकड़े भी कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं. इंडस्ट्री के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार (inventories) में 6.8 मिलियन बैरल की भारी गिरावट आई है. अगर प्रशासनी आंकड़े भी इसकी पुष्टि कर देते हैं, तो यह लगातार छठा हफ्ता होगा जब अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में कमी दर्ज की जाएगी. यह साफ दिखाता है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल बाजार में इस वक्त सप्लाई काफी कम यानी टाइट है.  तेल व्यापारियों पर इसका क्या असर पड़ रहा है? बाजार में बढ़ते जोखिम और भारी उतार-चढ़ाव (volatility) को देखते हुए व्यापारियों ने अब रिस्क लेना कम कर दिया है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट (सक्रिय कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या) घटकर पिछले साल अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इसका मतलब है कि राजनायिक बातचीत के भविष्य और तेल की सप्लाई को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के कारण ट्रेडर्स अब बाजार से अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं.  ये भी पढ़ें: 3 जून को सोने और चांदी के दाम गिरे, चेक करें अपने शहर का भाव  The post मिडिल ईस्ट में तनाव से भड़की कच्चे तेल की कीमत, $97 के करीब पहुंचा क्रूड ऑयल appeared first on Naya Vichar.

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इंजीनियरिंग में IIT Bombay का दबदबा, यूनिवर्सिटी में JNU आगे, देखें IIRF रैंकिंग की पूरी लिस्ट

IIRF Ranking 2026: देश के फेमस एजुकेशन इंस्टीट्यूट के लिए IIRF (Indian Institutional Ranking Framework) Ranking 2026 जारी कर दी गई है. इस साल इंजीनियरिंग संस्थानों की रैंकिंग में Indian Institute of Technology Bombay ने पहला स्थान हासिल किया है. वहीं यूनिवर्सिटी कैटेगरी में Jawaharlal Nehru University शीर्ष स्थान पर रही. इसके अलावा University of Delhi और Jamia Millia Islamia भी देश के टॉप संस्थानों में शामिल रहे. वहीं मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में IIM अहमदाबाद टॉप पर है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी और IIT का दबदबा IIRF रैंकिंग उच्च शिक्षा संस्थानों का रिव्यू शिक्षा की क्वालिटी, रिसर्च, इंडस्ट्री इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट, इंटरनेशनल आउटलुक और फ्यूचर में मिलने वाला अवसर जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर करती है. इस बार की रैंकिंग में IITs और सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दबदबा देखने को मिला. IIRF Ranking की ऑफिशियल वेबसाइट का स्क्रीनशॉट इंजीनियरिंग में IIT Bombay टॉप पर  इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग में Indian Institute of Technology Bombay पहले स्थान पर रहा. इसके बाद Indian Institute of Technology Delhi, Indian Institute of Technology Madras, Indian Institute of Technology Kharagpur और Indian Institute of Technology Kanpur को टॉप संस्थानों में जगह मिली है. टॉप 10 IITs रैंक कॉलेज का नाम 1 IIT बॉम्बे 2 IIT दिल्ली 3 IIT मद्रास 4 IIT कानपुर 5 IIT खड़गपुर 6 IIT रुड़की 7 IIT हैदराबाद 8 IIT गुवाहाटी 9 IIT BHU 10 IIT इंदौर यूनिवर्सिटी कैटेगरी में JNU सबसे आगे  यूनिवर्सिटी रैंकिंग में Jawaharlal Nehru University ने पहला स्थान हासिल किया. अपनी रिसर्च की क्वालिटी, अकैडमिक माहौल और नेशनल-इंटरनेशनल पहचान के कारण JNU लगातार टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल रहा है. IIR Ranking की पूरी लिस्ट देखने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं- Link DU और जामिया भी टॉप संस्थानों में JNU के अलावा  University of Delhi और Jamia Millia Islamia भी IIRF Ranking 2026 में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे. दोनों संस्थान अपनी क्वालिटी एजुकेशन, रिसर्च और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं. IIRF Ranking छात्रों को कॉलेज और यूनिवर्सिटी चुनने में मदद करती है. इससे संस्थानों की एजुकेशन की क्वालिटी, प्लेसमेंट, रिसर्च और इंडस्ट्री कनेक्शन का अंदाजा लगाया जा सकता है.  यह भी पढ़ें- IIT Guwahati VS NIT Trichy, बीटेक CS ब्रांच के लिए कौन सा कॉलेज बेस्ट? The post इंजीनियरिंग में IIT Bombay का दबदबा, यूनिवर्सिटी में JNU आगे, देखें IIRF रैंकिंग की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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99% लोग नहीं जानते; Cooler में डाला पानी जाता कहां है और AC में आता कहां से है?

इस भीषण गर्मी से बचने के लिए ज्यादातर घरों में Cooler और AC का इस्तेमाल किया जा रहा है. कूलर चलाने से पहले उसमें बार-बार पानी भरना पड़ता है, जबकि AC बिना पानी डाले ही कमरे को ठंडा कर देता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि कूलर में पानी डालने के बाद सारा पानी जाता कहां है और एसी में बिना पानी डाले इतना पानी आता कहां से है? दरअसल, दोनों ही मशीनें कमरे को ठंडा करने का काम करती हैं, लेकिन इनके पीछे काम करने वाली तकनीक एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती है. इसी वजह से इनके पानी का पूरा स्पोर्ट्स भी अलग होता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण. कूलर का पानी आखिर कहां चला जाता है? कूलर वाष्पीकरण यानी Evaporation तकनीक पर काम करता है. जब हम कूलर में पानी भरते हैं, तो उसके अंदर लगा पंप उस पानी को कूलिंग पैड या हनीकॉम्ब पैड तक पहुंचाता है. इसके बाद जैसे ही कूलर चालू होता है, वह कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है. यह गर्म हवा जब गीले कूलिंग पैड से गुजरती है, तो पैड पर मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप में बदलने लगता है. इसी प्रक्रिया में हवा ठंडी हो जाती है और कूलर के पंखे के जरिए कमरे में पहुंचती है. यानी कि कूलर में डाला गया ज्यादातर पानी वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है. यही वजह है कि कुछ घंटों बाद कूलर का टैंक खाली होने लगता है. इसके अलावा पानी का थोड़ा हिस्सा हवा के साथ बेहद छोटे छींटों या नमी के रूप में भी बाहर निकल जाता है. AC से पानी कैसे निकलता है? अब सवाल आता है कि AC में तो हम पानी डालते ही नहीं, फिर उसमें से पानी कैसे निकलता है? दरअसल, AC रेफ्रिजेशन तकनीक पर काम करता है. जब AC कमरे की गर्म हवा को अंदर खींचता है, तो वह हवा उसकी ठंडी कॉइल्स से टकराती है. गर्म हवा में पहले से मौजूद नमी ठंडी सतह के संपर्क में आते ही पानी की बूंदों में बदल जाती है. इस प्रक्रिया को संघनन यानी Condensation कहा जाता है. ठीक वैसे ही जैसे ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें जम जाती हैं. AC के अंदर बनने वाली यही पानी की बूंदें पाइप के जरिए बाहर निकलती रहती हैं. इसलिए AC चलाते समय उससे लगातार पानी टपकता दिखाई देता है. Cooler और AC में यही है सबसे बड़ा फर्क कूलर हवा में नमी बढ़ाकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें पानी लगातार खत्म होता रहता है. वहीं AC हवा की नमी को बाहर निकालकर कमरे को ठंडा करता है, इसलिए उसमें से पानी बाहर आता है. यही वजह है कि कूलर ज्यादा नमी वाले मौसम में उतना असरदार नहीं होता, जबकि AC उमस भरे मौसम में भी बेहतर कूलिंग देता है. यह भी पढ़ें: मेटल या प्लास्टिक कूलर? खरीदने से पहले जानिए तपती गर्मी में कौन देगा बढ़िया कूलिंग The post 99% लोग नहीं जानते; Cooler में डाला पानी जाता कहां है और AC में आता कहां से है? appeared first on Naya Vichar.

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तारक मेहता में ‘जमील जमाली’ की एंट्री से मचा बवाल, बाबूलाल को देख गोकुलधाम में फैली अफरा-तफरी

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: टीवी के लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में एक बार फिर ‘धुरंधर’ फेम एक्टर राकेश बेदी की एंट्री होने जा रही है. फिल्म ‘धुरंधर’ में उनके किरदार को मिली चर्चा के बाद अब उनकी वापसी को लेकर भी फैंस काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. बाबूलाल के किरदार में लौटे राकेश बेदी जारी किए गए प्रोमो में राकेश बेदी एक बार फिर बाबूलाल के रोल में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वह कार में बैठे हुए तारक मेहता को फोन करते हैं और उनकी लोकेशन के बारे में पूछते हैं. दूसरी तरफ तारक मेहता उन्हें बताते हैं कि वह रास्ते में हैं. हालांकि बाबूलाल को उनकी बात पर भरोसा नहीं होता और वह कहते हैं कि ट्रैफिक की कोई आवाज सुनाई नहीं दे रही. तभी पास खड़े जेठालाल और अंजलि माहौल संभालने के लिए खुद ही गाड़ियों की आवाज निकालने लगते हैं. यह प्रोमो काफी मेजदार है. देखें प्रोमो View this post on Instagram A post shared by Sony SAB (@sonysab) गोकुलधाम पहुंचते ही हुई बड़ी गलतफहमी कहानी में नया मोड़ तब आता है जब अब्दुल, तारक मेहता को फोन कर बताता है कि उनके बॉस गोकुलधाम सोसाइटी पहुंचने वाले हैं. कुछ ही देर बाद बाबूलाल अपनी कार से उतरते हैं, लेकिन वहां मौजूद लोग उन्हें जमील जमाली समझ बैठते हैं. लोग उनके पीछे दौड़ पड़ते हैं और बाबूलाल खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते हैं. बाबूलाल भागकर अंजलि भाभी के घर जाते हैं. प्रोमो देखकर फैंस हुए उत्साहित नए प्रोमो को सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. कौशिक दास नाम के यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, धुरंधर के जमील जमाली को पहचान लिया सब ने. इसीलिये सब पीछे पड़े हैं महेता के बॉस के. राजन नाम के यूजर ने लिखा, जमील मामू टेंशन मत लो हमारा एजेंट सुंदर आएगा आपको बचाने. कुशल नाम के यूजर ने लिखा, सारा फैंस जमील जमाली को पहचान लिए इसलिए सब लोग पीछे पड़े हैं. यह भी पढ़ें- Anupama: दिग्विजय ने राही को दिखाया आईना, अंश-प्रेरणा की बढ़ीं नजदीकियां The post तारक मेहता में ‘जमील जमाली’ की एंट्री से मचा बवाल, बाबूलाल को देख गोकुलधाम में फैली अफरा-तफरी appeared first on Naya Vichar.

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हमले के बाद खान सर की कोचिंग बंद, बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने लगाए जिंदाबाद के नारे

Khan Sir Coaching Controversy: पटना में मंगलवार रात हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद खान सर ने बड़ा फैसला लिया है. बुधवार (3 जून) को उनकी कोचिंग पूरी तरह बंद रहेगी और अगले कुछ दिनों तक संस्थान के संचालन पर रोक रहने की संभावना है. घटना के बाद कोचिंग परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया था. आज सुबह बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग पहुंचे हैं. छात्रों ने खान सर जिंदाबाद के नारे लगाए. खान सर ने छात्रों से कहा कि आज पढ़ाई नहीं हो पाएगी. खान सर ने बताया कि कुछ लोग कोचिंग में घुस आए और गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसका सिर फट गया. घटना के समय ऑनलाइन क्लासेस भी चल रही थीं. घायल गार्ड को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी घटना के बाद कोचिंग परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बिल्डिंग के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके. हमले के बाद खान सर ने मीडिया से बातचीत में सुरक्षा की भी मांग की है. धमकी और साजिश के आरोप खान सर ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कोचिंग को दो दिन के अंदर ‘उड़ा देने’ की धमकी दी है. उन्होंने इसे सुनियोजित और बचकाना हरकत बताया है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगल-बगल के कुछ कोचिंग वाले इस घटना में शामिल हो सकते हैं. गोलीबारी के बयान पर सफाई शुरुआत में खान सर ने गोली चलने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय माहौल काफी तनावपूर्ण था, जिससे स्थिति को लेकर भ्रम हो गया. उन्होंने आगे कहा कि जैसा गार्ड ने बताया वही मैंने बोला. मारपीट में गार्ड बुरी तरह से घायल हो गया है. उसका इलाज जारी है. पुलिस ने बताया कि अभी तक गोलीबारी की पुष्टि नहीं हुई है. जांच जारी है. FIR दर्ज, CCTV से जांच खान सर ने इस मामले में नामजद FIR दर्ज कराई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान में जुटी है. पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा है कि सभी सबूतों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं टाउन DSP राजेश रंजन ने बताया कि शुरुआती जांच में गोलीबारी की पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल मामले में मारपीट और तोड़फोड़ की जांच जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना है. Also Read: खान सर ने पहले कोचिंग में गोलीबारी का किया दावा, बाद में अपने ही बयान से पलटे, कहा- गार्ड जैसा बताया… Also Read: पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग, गार्ड घायल; प्रतिद्वंद्वी संस्थान पर जताया शक The post हमले के बाद खान सर की कोचिंग बंद, बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने लगाए जिंदाबाद के नारे appeared first on Naya Vichar.

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कुवैत में फिर बरसीं मिसाइलें, बहरीन में बजा सायरन; ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला!

Iran Attack Middle East News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार तड़के कुवैत में कई इलाकों से जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. कुवैती सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रूप से शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के अभियान में जुटी हुई है. घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कुवैती सेना ने स्पष्ट किया कि ये विस्फोट किसी सीधे हमले के नहीं, बल्कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई का परिणाम थे. पहले सुनाई दिए धमाके, फिर सेना ने जारी किया आधिकारिक बयान घटना के बाद कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि देश की वायु रक्षा इकाइयां उस समय सक्रिय थीं और आने वाले मिसाइल तथा ड्रोन खतरों को निष्क्रिय करने का काम कर रही थीं. सेना के अनुसार, यदि लोगों ने धमाकों की आवाजें सुनी हैं तो वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा किए गए इंटरसेप्शन ऑपरेशन की वजह से थीं. सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है और इन खतरों को हवा में ही नष्ट करने की कार्रवाई जारी है. सोशल मीडिया पर इस घटना का दावा करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है. देखें- A video showing air defenses engaging hostile aerial targets over Kuwait short time ago. Kuwaiti authorities reported that the country came under missile & drone attack tonight. pic.twitter.com/2SNbdJSbSb — Status-6 (War & Military News) (@Archer83Able) June 2, 2026 लोगों को मलबे और संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने की चेतावनी हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई के बाद सैन्य अधिकारियों ने नागरिकों के लिए तत्काल सुरक्षा सलाह जारी की. लोगों से कहा गया कि जमीन पर गिरे किसी भी मलबे, धातु के टुकड़े, शरापनेल या अज्ञात वस्तु को न छुएं और न ही उसके पास जाएं, क्योंकि वे गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं. कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज़ अल-ओतैबी ने नागरिकों और देश में रह रहे विदेशी निवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि किसी को कहीं संदिग्ध मलबा या असामान्य वस्तु दिखाई दे तो वह तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन पर सूचना दें. कर्नल अल-ओतैबी ने लोगों से अफवाहों और अपुष्ट समाचारों पर भरोसा न करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि सभी जानकारी केवल प्रशासनी और आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त की जाए तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन किया जाए. कुवैती सेना के शीर्ष नेतृत्व ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि पूरे देश में सुरक्षा और जन-सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. تتصدى حالياً الدفاعات الجوية الكويتية لهجمات صاروخية وطائرات مسيرة معادية. تنوه رئاسة الأركان العامة للجيش أن أصوات الانفجارات إن سمعت فهي نتيجة اعتراض منظومات الدفاع الجوي للهجمات المعادية. يرجى من الجميع التقيد بتعليمات الأمن والسلامة الصادرة عن الجهات المختصة.… pic.twitter.com/us5KIAGcih — KUWAIT ARMY – الجيش الكويتي (@KuwaitArmyGHQ) June 2, 2026 ईरानी प्रशासनी मीडिया का दावा; अमेरिकी ठिकानों को बनाया गया निशाना कुवैत की सुरक्षा एजेंसियां हालात को नियंत्रित करने में जुटी थीं, तब क्षेत्रीय मीडिया में हमलों के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने लगे. ईरान के प्रशासनी न्यूज एजेंसी आईआरआईबी ने दावा किया कि इन हवाई हमलों का मेन टारगेट कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस था. एजेंसी ने इसे हाल के पश्चिमी कदमों के जवाब के रूप में पेश किया. आईआरआईबी के मुताबिक, फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और केश्म आईलैंड क्षेत्र में अमेरिका की कथित गतिविधियों के बाद कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया गया. Following the hostile actions of the U.S. in the Persian Gulf, the Strait of Hormuz, and Qeshm Island, American bases in Kuwait were hit. pic.twitter.com/iVGC0P1r3p — IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) June 2, 2026 अमेरिका बोला- सारे हमले किए नाकाम अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुवैत पर हुए इस हमले पर जवाब दिया. उसने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘ईरान की ओर से कुवैत में अमेरिकी बलों पर हमला करने के लिए भेजे गए ड्रोन के एक और समूह का हमला आज रात अपने सेट टारगेट को नहीं भेद सका. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी या सैन्य संसाधन को कोई नुकसान न पहुंचे.’ An additional wave of Iranian drones attempting to attack U.S. forces in Kuwait failed to impact intended targets tonight. U.S. Central Command air defenses successfully downed multiple drones and ensured no American personnel or assets were harmed. — U.S. Central Command (@CENTCOM) June 3, 2026 बहरीन में भी बजा वार्निंग सायरन तनाव के बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन सक्रिय किए. मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से शांत रहने तथा नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की. साथ ही लोगों से कहा गया कि वे केवल आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें. दूसरी ओर, आईआरआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि बहरीन के आसमान से मिसाइलें गुजरती हुई दिखाई दीं. ईरान ने जवाबी कार्रवाई का किया दावा आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी पांचवें बेड़े (यूएस फिफ्थ फ्लीट) और क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है. ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई एक दूरसंचार एंटीना और ईरानी तेल टैंकर पर कथित अमेरिकी हमले के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने कहा कि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके खिलाफ कोई आक्रामक कदम उठाया गया तो जवाब पहले से अधिक कठोर और अलग होगा. सेना का कहना है कि उसने उसी चेतावनी के अनुरूप कार्रवाई की है. 🚨 Missiles passing over the skies of Bahrain pic.twitter.com/AsOARa2Se7 — IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) June 2, 2026 अमेरिका ने दावों को बताया गलत ईरान के दावों के तुरंत बाद अमेरिका इन दावों से इनकार किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने स्पष्टीकरण जारी किया. सेंटकॉम ने क्षेत्र में अपने ठिकानों पर

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इन गर्मियों में घर पर बनाएं क्रीमी लीची चीजकेक, स्वाद ऐसा कि बाकी सभी डेजर्ट हो जाएंगे फेल

Lychee Cheesecake Recipe: गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में रसीले और मीठे फलों की भरमार हो जाती है, लेकिन इन फलों में लीची का स्वाद सबसे अलग और स्पेशल माना जाता है. आमतौर पर लोग लीची को छीलकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी इससे बना कोई शानदार डेजर्ट ट्राई किया है? अगर नहीं, तो अब समय है कुछ नया और रिफ्रेशिंग बनाने का. मशहूर शेफ संजीव कपूर की लीची चीजकेक रेसिपी एक ऐसा ही फ्यूजन डेजर्ट है जो स्वाद और क्रीमी टेक्सचर का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है. यह डिश न सिर्फ दिखने में अट्रैक्टिव है बल्कि खाने में भी बेहद लाजवाब है, जिसे एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए. यह रेसिपी लगभग 4 लोगों के लिए है और इसे बनाने में थोड़ा समय लगता है. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. लीची चीजकेक बनाने के लिए जरूरी सामग्री 10 से 12 लीची, छिली और बीज निकाली हुई कुछ फ्रेश पुदीने के पत्ते एक तिहाई कप पिघला हुआ जिलेटिन आधा कप कैस्टर शुगर आधा कप क्रीम चीज एक चौथाई कप कंडेन्स्ड मिल्क 2 बड़े चम्मच फ्रेश क्रीम एक चौथाइ कप व्हिप्ड क्रीम 2 बड़े चम्मच पिघला हुआ जिलेटिन 3 से 4 डाइजेस्टिव बिस्किट ये भी पढ़ें: बच्चों की सेहत से नो समझौता, घर पर बनाएं बाजार जैसी वाटरमेलन आइस कैंडी, स्वाद और हाइड्रेशन का डबल डोज लीची चीजकेक बनाने की रेसिपी लीची चीजकेक बनाने के लिए सबसे पहले एक सिलिकॉन मोल्ड लें. अब इसमें कुछ पुदीने के पत्ते रखें और ऊपर लीची लगाएं. अब इसमें थोड़ा और पुदीना डाल दें ताकि खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएं. इसके बाद एक बाउल में पिघला हुआ जिलेटिन और कैस्टर शुगर मिलाएं और अच्छे से घोलें. जब शुगर पूरी तरह घुल जाए, तो इसे लीची वाले मोल्ड में डाल दें. अब इसे करीब 1 घंटे के लिए फ्रिज में सेट होने रखें. अब एक बड़े बाउल में क्रीम चीज, कंडेन्स्ड मिल्क, फ्रेश क्रीम और व्हिप्ड क्रीम डालकर अच्छे से फेंटें, ऐसा तबतक करते रहें जब तक स्मूद और क्रीमी मिश्रण तैयार न हो जाए. अब इस तैयार मिक्स में पिघला हुआ जिलेटिन डालकर अच्छे से मिला लें ताकि टेक्सचर सेट हो सके. अब इस चीजकेक मिक्स को सेट हो चुकी लीची लेयर के ऊपर धीरे-धीरे डालें और बराबर फैला दें. इसके बाद डाइजेस्टिव बिस्किट्स को जिपलॉक बैग में डालकर बेलन से क्रश करें. इस क्रश को ऊपर से छिड़ककर हल्का दबा दें ताकि बेस बन जाए. अब इसे 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में रखें ताकि यह पूरी तरह सेट हो जाए. सेट होने के बाद सावधानी से मोल्ड से निकालें, टुकड़ों में काटें और ठंडा-ठंडा सर्व करें. The post इन गर्मियों में घर पर बनाएं क्रीमी लीची चीजकेक, स्वाद ऐसा कि बाकी सभी डेजर्ट हो जाएंगे फेल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के गांव-गांव तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, हेमंत सरकार ने दी एसपीवी के गठन की मंजूरी

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड प्रशासन ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रशासन ने ”झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड” (एसपीवी) के गठन को मंजूरी दे दी है. इस संस्था का मुख्य उद्देश्य हिंदुस्तान नेट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा पहुंचाना है. प्रशासन की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पर्यटन से जुड़ी सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगा. इसे नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी-2012 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. 20 करोड़ की पूंजी से होगी शुरुआत राज्य प्रशासन इस कॉर्पोरेशन की स्थापना 20 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी के साथ करेगी. यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के तहत उपलब्ध करायी जायेगी. भविष्य में हिंदुस्तान प्रशासन से मिलने वाली वित्तीय सहायता के आधार पर इसकी संरचना में आवश्यक बदलाव भी किये जा सकेंगे. इंटरनेट नेटवर्क का होगा विस्तार कॉर्पोरेशन राज्य के सभी गांवों और ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करेगा. इसके तहत मौजूदा हिंदुस्तान नेट नेटवर्क को रिंग आधारित आईपी-एमपीएलएस आर्किटेक्चर में अपग्रेड किया जायेगा. साथ ही ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) और रेडियो लिंक के माध्यम से नेटवर्क का विस्तार किया जायेगा. प्रशासन ने कॉर्पोरेशन को संचालन और रखरखाव के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजस्व सृजन की रणनीति तैयार करने का भी दायित्व दिया है. कंपनी एक्ट के तहत होगा गठन इस कॉर्पोरेशन का पंजीकरण कंपनी अधिनियम 2013 के तहत किया जायेगा और इसका मुख्यालय झारखंड में होगा. इसके निदेशक मंडल के पदेन अध्यक्ष एडमिनिस्ट्रेटर डीबीएन होंगे. बोर्ड में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, पंचायती राज, राजस्व और शिक्षा विभाग के सचिवों के अलावा बीएसएनएल और आईआईएससी बेंगलुरु के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है. मालूम हो कि कॉर्पोरेशन के गठन का निर्णय 15 अप्रैल 2026 को ही मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था. अब इसे आधिकारिक गजट के माध्यम से अधिसूचित कर दिया गया है. प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और डिजिटल समावेशन को नई गति मिलेगी. इसे भी पढ़ें: प्रधान सहायक की गैर-हाजिरी पर भड़के सांसद सुखदेव भगत, कार्रवाई की कर दी अनुशंसा इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ ई-गवर्नेंस सेवाएं मोबाइल गवर्नेंस ऑनलाइन शिक्षा टेलीमेडिसिन एवं स्वास्थ्य सेवाएं कृषि परामर्श और बाजार जानकारी पर्यटन एवं डिजिटल कारोबार ग्रामीण उद्यमिता और स्टार्टअप इसे भी पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग The post झारखंड के गांव-गांव तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, हेमंत प्रशासन ने दी एसपीवी के गठन की मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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