रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड प्रशासन ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रशासन ने ”झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड” (एसपीवी) के गठन को मंजूरी दे दी है. इस संस्था का मुख्य उद्देश्य हिंदुस्तान नेट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा पहुंचाना है. प्रशासन की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, मोबाइल गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पर्यटन से जुड़ी सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगा. इसे नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी-2012 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
20 करोड़ की पूंजी से होगी शुरुआत
राज्य प्रशासन इस कॉर्पोरेशन की स्थापना 20 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी के साथ करेगी. यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के तहत उपलब्ध करायी जायेगी. भविष्य में हिंदुस्तान प्रशासन से मिलने वाली वित्तीय सहायता के आधार पर इसकी संरचना में आवश्यक बदलाव भी किये जा सकेंगे.
इंटरनेट नेटवर्क का होगा विस्तार
कॉर्पोरेशन राज्य के सभी गांवों और ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करेगा. इसके तहत मौजूदा हिंदुस्तान नेट नेटवर्क को रिंग आधारित आईपी-एमपीएलएस आर्किटेक्चर में अपग्रेड किया जायेगा. साथ ही ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) और रेडियो लिंक के माध्यम से नेटवर्क का विस्तार किया जायेगा. प्रशासन ने कॉर्पोरेशन को संचालन और रखरखाव के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजस्व सृजन की रणनीति तैयार करने का भी दायित्व दिया है.
कंपनी एक्ट के तहत होगा गठन
इस कॉर्पोरेशन का पंजीकरण कंपनी अधिनियम 2013 के तहत किया जायेगा और इसका मुख्यालय झारखंड में होगा. इसके निदेशक मंडल के पदेन अध्यक्ष एडमिनिस्ट्रेटर डीबीएन होंगे. बोर्ड में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, पंचायती राज, राजस्व और शिक्षा विभाग के सचिवों के अलावा बीएसएनएल और आईआईएससी बेंगलुरु के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है. मालूम हो कि कॉर्पोरेशन के गठन का निर्णय 15 अप्रैल 2026 को ही मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था. अब इसे आधिकारिक गजट के माध्यम से अधिसूचित कर दिया गया है. प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और डिजिटल समावेशन को नई गति मिलेगी.
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इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
- ई-गवर्नेंस सेवाएं
- मोबाइल गवर्नेंस
- ऑनलाइन शिक्षा
- टेलीमेडिसिन एवं स्वास्थ्य सेवाएं
- कृषि परामर्श और बाजार जानकारी
- पर्यटन एवं डिजिटल कारोबार
- ग्रामीण उद्यमिता और स्टार्टअप
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