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बिहार में VIP सवारी होगी और शाही, मंत्री और जज अब 37 लाख रुपये तक की लग्जरी कार में करेंगे सफर, जानिए नई परचेज लिमिट

Bihar Government: बिहार प्रशासन ने मंत्रियों, हाईकोर्ट के जजों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रशासनी वाहन खरीदने की अधिकतम कीमत बढ़ा दी है. अब ये अधिकारी पहले की तुलना में ज्यादा महंगी और आधुनिक सुविधाओं वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कर सकेंगे. वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. क्यों लिया गया यह फैसला? प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. साथ ही इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देना भी प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी वजह से प्रशासनी वाहनों की खरीद के लिए तय की गई पुरानी सीमा को संशोधित किया गया है. नई सीमा में वाहन की ऑन-रोड कीमत के साथ-साथ उसकी जरूरी साज-सज्जा पर होने वाला खर्च भी शामिल रहेगा. किस अधिकारी के लिए कितनी बढ़ी सीमा? सबसे ज्यादा बढ़ोतरी मंत्रियों और हाईकोर्ट के जजों के लिए की गई है. पहले इनके लिए 30 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीदने की अनुमति थी. अब यह सीमा बढ़ाकर 37 लाख रुपये कर दी गई है. अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी अब 30 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीद सकेंगे. पहले यह सीमा 25 लाख रुपये थी. जिला पदाधिकारी (DM) और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए वाहन खरीद की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक (SP) अब 18 लाख रुपये तक की प्रशासनी गाड़ी का उपयोग कर सकेंगे. पहले यह सीमा 16 लाख रुपये थी. इसके अलावा अन्य पात्र अधिकारियों के लिए भी सीमा 14 लाख रुपये से बढ़ाकर 16 लाख रुपये कर दी गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर रहेगा जोर प्रशासन का मानना है कि नई कीमत सीमा से अधिकारी जरूरत के अनुसार बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक तकनीक से लैस वाहन खरीद सकेंगे. इससे इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा. बदलते बाजार और बढ़ती कीमतों को देखते हुए प्रशासन का यह फैसला प्रशासनी वाहन खरीद व्यवस्था को मौजूदा समय के अनुरूप बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. Also Read: PHOTOS: बिहार के 5 सबसे अनोखे स्ट्रीट फूड्स, नाम सुनकर चौंक जाएंगे लेकिन स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का करेगा मन The post बिहार में VIP सवारी होगी और शाही, मंत्री और जज अब 37 लाख रुपये तक की लग्जरी कार में करेंगे सफर, जानिए नई परचेज लिमिट appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु अधिकारी से मिले हुमायूं कबीर, अचानक हुई इस मुलाकात के क्या हैं कारण

कोलकाता : हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की. उन्होंने यह भी बताया कि वे उनसे क्यों मिले. उन्होंने मुलाकात के दौरान क्या कहा. विधानसभा में खड़े होकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर से कहा- मैं तुम्हें आखिरी बार चेतावनी दे रहा हूं, सुधर जाओ. तुम्हें सबक सिखाने का समय आ गया है. कबीर ने बताया शिष्टाचार मुलाकात उन्होंने फेसबुक पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन प्रमुख के साथ हुई इस बैठक में मुर्शिदाबाद जिले के समग्र विकास और क्षेत्र के लोगों की कुछ लंबे समय से चली आ रही मांगों और समस्याओं पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि बहुत ही सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई. दो परियोजनाओं पर हुई चर्चा दावा किया जा रहा है कि नवादा विधायक हुमायूं कबीर की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से यह मुलाकात सदन में दी गयी चेतावनी के तत्काल बाद हुई है. हुमायूं कबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को बड़ी ईमानदारी से सुना और जिले के विकास के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया. हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री से विशेष रूप से दो बहुत महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लागू करने की अपील की. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ​​वे मांगें क्या हैं? सबसे पहले, नवादा ने विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक आधुनिक, वातानुकूलित कोल्ड स्टोरेज के निर्माण का अनुरोध किया. दूसरा, रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा के लिए भागीरथी नदी पर एक नए पुल का निर्माण. Also Read: पश्चिम बंगाल बनेगा देश का ‘सीड हब’, खुलेंगे चार कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र कबीर ने की थी विवादित टिप्पणी नवादा विधायक ने पिछले साल जून में रेजिनगर में आम जनता उन्नयन पार्टी की एक बैठक में मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी, भाजपा के मुर्शिदाबाद संगठनात्मक जिला अध्यक्ष मलय महाजन और जिला प्रशासन के खिलाफ कई विवादास्पद टिप्पणियां की थीं. इसके बाद उनके खिलाफ सांप्रदायिक उकसाने और इलाके में अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश के आरोप में पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post शुभेंदु अधिकारी से मिले हुमायूं कबीर, अचानक हुई इस मुलाकात के क्या हैं कारण appeared first on Naya Vichar.

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जब इस एक्टर ने बॉलीवुड के बड़े सुपरस्टार पर करियर बर्बाद करने का लगाया आरोप, डेटिंग बनी मुसीबत… ‘रामायण’ से करेंगे वापसी

विवेक ओबेरॉय ने साल 2002 में फिल्म कंपनी से बॉलीवुड में एंट्री की थी. पहली ही फिल्म में उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने सराहा और उन्हें इंडस्ट्री का अगला बड़ा स्टार माना जाने लगा, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी प्रोफेशनल लाइफ एक ऐसे विवाद में फंस गई, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा बदल दी. विवेक ओबेरॉय ने सलमान खान पर लगाया था ये आरोप साल 2003 में विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि सलमान खान ने उन्हें कई बार फोन कर धमकी दी और अपशब्द कहे. यह मामला उस वक्त उनकी ऐश्वर्या राय के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हुआ था, जिसे लेकर बॉलीवुड में काफी हलचल मच गई थी. सलमान की धमकी के बाद विवेक संग किसी ने नहीं किया काम विवेक ने कई इंटरव्यू में कहा कि इस विवाद का असर उनके करियर पर साफ देखने को मिला. उनके मुताबिक, इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई प्रभावशाली लोगों ने उनसे दूरी बना ली, जिससे उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने कम हो गए. उन्होंने यह भी माना कि उस समय उन्होंने भावनाओं में आकर फैसला लिया था और अगर मौका मिलता तो वह इस पूरे मामले को अलग तरीके से संभालते. सलमान खान ने विवेक संग विवाद पर कभी नहीं की बात दूसरी ओर, सलमान खान ने कभी भी विवेक के आरोपों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया और इस विवाद पर ज्यादा रिएक्शन देने से हमेशा बचते रहे. समय बीतने के बावजूद दोनों कलाकारों के बीच दूरियां बनी रहीं और यह विवाद बॉलीवुड के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी क्लैश में गिना जाने लगा. विवेक ने सलमान खान से मांगी थी माफी विवेक ओबेरॉय ने बाद में कई बार सलमान खान से माफी भी मांगी. उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह इमोशनल थे और चीजों को बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था. हालांकि, दोनों के रिश्तों में फिर कभी पहले जैसी नजदीकी नहीं आई और दोनों ने अपनी-अपनी राह चुन ली. विवेक ओबेरॉय फिल्म रामायण में आएंगे नजर अब रामायण में विवेक ओबेरॉय, रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश के साथ नजर आएंगे. नितेश तिवारी के निर्देशन और नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही इस बिग-बजट फिल्म में वह ‘विद्युतजिह्व’ का किरदार निभा रहे हैं, जो शूर्पणखा का पति और एक शक्तिशाली राक्षस राजकुमार है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवेक ओबेरॉय ने इस दो पार्ट वाली फिल्म के लिए फीस नहीं लेने का फैसला किया. उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा से रिक्वेस्ट किया है कि उनकी पूरी फीस कैंसर से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए दान कर दी जाए. ये भी पढ़ें: यश के ‘रावण’ लुक ने जीता मनोज मुंतशिर का दिल, बोले- ‘आदिपुरुष’ से ‘रामायण’ की तुलना मत करो The post जब इस एक्टर ने बॉलीवुड के बड़े सुपरस्टार पर करियर बर्बाद करने का लगाया आरोप, डेटिंग बनी मुसीबत… ‘रामायण’ से करेंगे वापसी appeared first on Naya Vichar.

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Cristiano Ronaldo Wedding: क्या 8 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज संग शादी करेंगे रोनाल्डो? रिपोर्ट्स से बढ़ी हलचल

Cristiano Ronaldo wedding 2026: फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो और उनकी लंबे समय से साथी जॉर्जिना रोड्रिगेज की शादी को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है. लगभग दस वर्षों से साथ रह रहे इस चर्चित कपल की शादी को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रही हैं. पिछले साल जॉर्जिना द्वारा हीरे की अंगूठी पहने तस्वीर साझा करने के बाद सगाई की समाचारों ने जोर पकड़ा था, और अब नई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकते हैं. हालांकि, अब तक रोनाल्डो और जॉर्जिना की ओर से शादी की किसी भी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके बावजूद पुर्तगाली मीडिया में आई समाचारों ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है. कब हो सकती है शादी? कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोनाल्डो और जॉर्जिना की शादी शनिवार, 8 अगस्त को हो सकती है. बताया जा रहा है कि यह समारोह पुर्तगाल के खूबसूरत द्वीप मदीरा स्थित फुंचाल कैथेड्रल में आयोजित किया जा सकता है. हालांकि, चर्च और आयोजन स्थल की ओर से अब तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए फिलहाल इस तारीख और स्थान को लेकर केवल मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों के आधार पर ही चर्चा हो रही है. शादी के बाद कहां होगा जश्न? रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाह समारोह के बाद मेहमानों के लिए सवॉय पैलेस होटल में भव्य रिसेप्शन आयोजित किए जाने की संभावना है. दावा किया जा रहा है कि मेहमानों के लिए होटल की कई मंजिलें पहले से आरक्षित कर ली गई हैं. हालांकि, होटल प्रबंधन ने भी इन दावों की पुष्टि नहीं की है. आखिर मदीरा ही क्यों चुना गया? मदीरा रोनाल्डो के जीवन का बेहद खास हिस्सा है. उनका जन्म इसी पुर्तगाली द्वीप पर हुआ था और बचपन भी यहीं बीता. यहीं से उन्होंने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत की, जो आगे चलकर उन्हें दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करने तक पहुंचा. मदीरा में ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो संग्रहालय मौजूद है और यहां के हवाई अड्डे का नाम भी उनके सम्मान में रखा गया है. ऐसे में यदि शादी यहीं होती है, तो यह उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण स्थान पर एक और यादगार पल होगा. कौन-कौन हो सकता है शामिल? अब तक रोनाल्डो और जॉर्जिना ने कोई आधिकारिक गेस्ट लिस्ट जारी नहीं की है. हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक पोस्ट में संभावित मेहमानों के नाम सामने आने का दावा किया गया. इन नामों में रियो फर्डिनेंड, एरलिंग हालैंड, लमिन यमाल, विन डीजल, पियर्स मॉर्गन, अल-नस्र टीम के खिलाड़ी, रोड्रिगो, रिहाना, विनीसियस जूनियर, किलियन एम्बाप्पे, जेनिफर लोपेज, खबीब नूरमगोमेदोव, आईशोस्पीड, ड्रेक और ट्रैविस स्कॉट जैसे बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, इस सूची की किसी भी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है. लियोनेल मेसी को लेकर भी चर्चा वायरल गेस्ट लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि उसमें लियोनेल मेसी का नाम शामिल नहीं था. इसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच बहस शुरू हो गई कि क्या रोनाल्डो अपने लंबे समय के प्रतिद्वंद्वी को शादी में बुलाएंगे. फिलहाल न तो रोनाल्डो और न ही मेसी की ओर से इस संबंध में कोई बयान सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि समारोह मुख्य रूप से परिवार, पांचों बच्चों और करीबी दोस्तों तक सीमित रह सकता है. मेन्यू में क्या हो सकता है खास? शादी के संभावित मेन्यू को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं. पुर्तगाली मीडिया के अनुसार, मेहमानों को पारंपरिक मदीरन व्यंजनों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के शेफ द्वारा तैयार किए गए विशेष व्यंजन परोसे जा सकते हैं. स्थानीय समुद्री भोजन (सी-फूड) को मेन्यू का प्रमुख आकर्षण बताया जा रहा है. हालांकि, भोजन को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. आधिकारिक घोषणा का इंतजार रोनाल्डो और जॉर्जिना की शादी को लेकर उत्साह चरम पर है, लेकिन फिलहाल सामने आई अधिकांश जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर आधारित है. न तो शादी की तारीख, न आयोजन स्थल, न मेहमानों की सूची और न ही अन्य व्यवस्थाओं की आधिकारिक पुष्टि की गई है. ऐसे में प्रशंसकों की निगाहें अब रोनाल्डो और जॉर्जिना की ओर हैं, जिनकी आधिकारिक घोषणा के बाद ही इन चर्चाओं पर पूरी तरह से मुहर लग सकेगी. इसे भी पढ़े- जोस बटलर ने तोड़ा कीरोन पोलार्ड का रिकॉर्ड, टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने The post Cristiano Ronaldo Wedding: क्या 8 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज संग शादी करेंगे रोनाल्डो? रिपोर्ट्स से बढ़ी हलचल appeared first on Naya Vichar.

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पत्थर माफिया टुलू मंडल की ससुराल में एसटीएफ के छापे, बुलडोजर और बम निरोधक दस्ते के साथ की खुदाई

Birbhum Mining Case: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध पत्थर खनन और बेनामी संपत्ति मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पत्थर माफिया टूलू मंडल के साले के मैनेजर विकी शेख को पारुई इलाके से हिरासत में ले लिया है. इससे पहले मंगलवार को एसटीएफ की टीम ने बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) और अत्याधुनिक उपकरणों के साथ टूलू के ससुर नुरुल हक के दो मंजिला मकान पर अचानक छापेमारी की, जहां शौचालयों के पास खुदाई की गयी. डिजिटल डिवाइस से मिले कई अहम सुराग पुलिस के अनुसार, टूलू के साले मिंटू शेख के करीबी विकी शेख उसके पत्थर व्यवसाय के प्रबंधन का काम देखते थे. जांच एजेंसियां काफी समय से विकी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. पुलिस अब मिंटू के वित्तीय लेन-देन, उसके व्यावसायिक नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों के साथ उसके संबंधों का पता लगाने के लिए विकी से पूछताछ कर रही है. एसटीएफ पिछले कुछ वर्षों में मिंटू द्वारा अपने नाम और बेनामी स्रोतों से अर्जित की गयी संपत्तियों की भी जांच कर रही है. विकी के डिजिटल उपकरणों से मिले कई सुराग विकी के पास से जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हैं और इसके पीछे किन-किन लोगों का हाथ है, इसका खुलासा बहुत जल्द हो जायेगा. ये भी पढ़ें: 50 करोड़ बरामदगी मामले में टुलू मंडल के ससुरालवालों के घरों पर छापे, मिला संदिग्ध बैग पुलिस को कुछ नहीं मिला : टूलू के ससुर का दावा एसटीएफ की टीम के जाने के बाद टूलू के ससुर नुरुल हक ने दावा किया कि पुलिस को उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना वजह उनके घर के सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया. उन्होंने कहा- बाथरूम के पास काम चल रहा था. पुलिस ने वहां भी खुदाई की. उनका कहना था कि गुप्त सूचना मिली है कि यहां काफी माल छुपा है. इसके बाद उन्होंने बिस्तर, गद्दे सब उथल-पुथल कर दिये. 40 साल पुराना है नुरुल का कारोबार नुरुल ने यह भी कहा कि उनके परिवार का 40 साल पुराना व्यवसाय है. पहले वे धान का कारोबार करते थे. वर्ष 2010 में व्यापार बेटों को सौंप दिया. अब उनके बेटे पत्थर का व्यवसाय करते हैं. उन्होंने बेटी-दामाद से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते हुए कहा- मेरी बेटी फिरोजा बीबी उर्फ मीना बच्चों की पढ़ाई के लिए कोलकाता में रहती है. मेरा उनसे कोई संपर्क नहीं है. ये भी पढ़ें: बीरभूम का पत्थर माफिया टुलू मंडल निकला नं-1 आयकरदाता, जानें कितना कमाया और कितना भरा टैक्स अब तक 4 गिरफ्तारियां, 220 करोड़ की संपत्ति जब्त पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को टुलू के चचेरे भाई नईमुद्दीन मंडल को मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था. हालांकि, नईमुद्दीन का टुलू से कोई सीधा व्यावसायिक संबंध नहीं दिख रहा था, लेकिन वह टुलू के बेनामी व्यवसाय में भागीदार पाया गया है. इस मामले में अब तक कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. टुलू मंडल की 220 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज हो चुकी है. टुलू के करीबी मिनार मंडल के आवास से 28.5 करोड़ रुपए नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया जा चुका है. ये भी पढ़ें: बंगाल : फरार टुलू मंडल के भाई समेत तीन गिरफ्तार, 6 दिन की पुलिस हिरासत हाईकोर्ट पहुंचे फरार टुलू मंडल करोड़ों की संपत्ति और सोने की जब्ती के बावजूद टुलू मंडल को एसटीएफ की टीम गिरफ्तार नहीं कर पायी है. अभी भी वह फरार है. इस बीच, पत्थर माफिया ने अपने वकील के माध्यम से सुरक्षा और दंडात्मक कार्रवाई से राहत (संरक्षण) की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में याचिका दायर कर उसने सुरक्षा की मांग की है. The post पत्थर माफिया टुलू मंडल की ससुराल में एसटीएफ के छापे, बुलडोजर और बम निरोधक दस्ते के साथ की खुदाई appeared first on Naya Vichar.

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RBI ने किया कन्फर्म! FY28 तक लॉन्च हो सकते हैं पॉलिमर के नोट

अगर आप रोज कैश का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले समय में आपके हाथ में कागज की जगह पॉलिमर (Polymer) वाले नोट भी आ सकते हैं. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ कर दिया है कि नए तरह के नोटों की दिशा में तैयारी तेज हो गई है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य FY28 की शुरुआत तक पॉलिमर नोट लॉन्च करना है. इससे पहले अलग-अलग परिस्थितियों में इन नोटों की टेस्टिंग की जाएगी. पॉलिमर नोट कब आएंगे? RBI गवर्नर ने मॉनेटरी पॉलिसी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पॉलिमर नोटों का पहले परीक्षण किया जाएगा. इन नोटों की मजबूती और अलग-अलग परिस्थितियों में उनकी क्षमता को परखा जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक: पहले चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का पायलट रोलआउट हो सकता है. ट्रायल के नतीजों के आधार पर आगे बड़े स्तर पर रोलआउट की तैयारी होगी. RBI का लक्ष्य FY28 की शुरुआत तक इन्हें लॉन्च करने का है. क्या पुराने कागज के नोट बंद हो जाएंगे? नहीं. फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं है. RBI की योजना के अनुसार: पॉलिमर और कागज, दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलेंगे. नए नोट चरणबद्ध तरीके (Phased manner) से बाजार में आएंगे. मौजूदा कागज के नोट भी पहले की तरह चलन में बने रहेंगे. यानी लोगों को पुराने नोट बदलवाने या किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. पॉलिमर नोटों की जरूरत क्यों पड़ रही है? RBI के मुताबिक पॉलिमर नोट पारंपरिक कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं. इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है और ये जल्दी खराब नहीं होते. इनकी खास बातें: लंबे समय तक चलते हैं. नमी और गंदगी का असर कम होता है. जल्दी फटते या घिसते नहीं हैं. एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स के कारण नकली नोट बनाने की संभावना कम होती है. इसी तैयारी के तहत RBI की नोट छापने वाली इकाई ने पॉलिमर सब्सट्रेट शीट की सप्लाई के लिए ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) भी जारी किया है. इस टेंडर में बोली जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है. दुनिया के किन देशों में पहले से हैं पॉलिमर नोट? पॉलिमर करेंसी कोई नई तकनीक नहीं है. कई देशों में इसका इस्तेमाल पहले से हो रहा है. देश स्थिति ऑस्ट्रेलिया पॉलिमर नोट चलन में कनाडा पॉलिमर करेंसी का इस्तेमाल यूनाइटेड किंगडम पॉलिमर नोट प्रचलन में न्यूजीलैंड पॉलिमर करेंसी लागू RBI का कहना है कि हिंदुस्तान में भी इन नोटों को लाने से पहले हर जरूरी पहलू की जांच की जाएगी. अगर पायलट सफल रहता है, तो अगले चरण में इन्हें बड़े स्तर पर जारी किया जाएगा, जबकि मौजूदा कागज के नोट भी पहले की तरह चलन में बने रहेंगे. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में जल्द दिखेंगे ₹10-₹20 के प्लास्टिक नोट, प्रशासन ने दे दी मंजूरी The post RBI ने किया कन्फर्म! FY28 तक लॉन्च हो सकते हैं पॉलिमर के नोट appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंग आवास योजना : 10 लाख परिवारों के खाते में आज आयेगी दूसरी किस्त, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान

Bengal Awas Yojana: ममता बनर्जी प्रशासन के कार्यकाल की ‘बांग्लार बाड़ी’ (Banglar Bari) योजना का नाम स्थायी रूप से बदलने जा रहा है. अब इस योजना का नया नाम ‘पश्चिम बंग आवास’ (Paschim Banga Awas) होगा. आज यानी गुरुवार को नबान्न सभागार से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस योजना के तहत राज्य के 10 लाख परिवारों के खातों में दूसरी किस्त का पैसा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. 18 लाख परिवारों पैसे देने का ममता प्रशासन ने किया था वादा तृणमूल कांग्रेस प्रशासन ने दूसरे चरण में कुल 18 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता देने का वादा किया था. इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी 1 लाख 20 हजार रुपए दिये जाते हैं. चुनाव से पहले पहली किस्त के रूप में 60 हजार रुपए जारी किये गये थे. सत्ता परिवर्तन के कारण दूसरी किस्त का पैसा बाकी था. अब नये सिरे से सर्वेक्षण के बाद पात्र लाभार्थियों के खातों में नयी प्रशासन दूसरी किस्त की राशि भेजने जा रही है. ममता बनर्जी प्रशासन ने बदल दिया था पीएम आवास का नाम केंद्र प्रशासन की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का नाम बदलकर तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘बांग्लार बाड़ी’ कर दिया था. इस मद में शत-प्रतिशत पैसा राज्य प्रशासन ने ही दिया था. लिहाजा, दूसरी किस्त का भुगतान भी वर्तमान प्रशासन को ही करना होगा. इसमें केंद्र प्रशासन की कोई हिस्सेदारी नहीं होगी. ये भी पढ़ें: बांग्ला आवास योजना की जांच के लिए एसएटी का होगा गठन सटीक सत्यापन के बाद ही ट्रांसफर होंगे पैसे राज्य सचिवालय नबान्न के सूत्रों ने बताया है कि योजना के नियमों का पालन करते हुए जिन लाभार्थियों ने पहली किस्त के पैसे से मकान का लिंटर (Lintel) तक का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, केवल उन्हें ही दूसरी किस्त के लिए पात्र माना गया है. 8 लाख परिवार अभी तक लिंटर तक का काम पूरा नहीं कर पाये हैं. उनका फिर से सर्वे होगा. उस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही अगले चरण में उनके खातों में पैसा भेजेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सटीक सत्यापन के बाद ही किसी लाभुक के खाते में पैसे भेजे जायेंगे. The post पश्चिम बंग आवास योजना : 10 लाख परिवारों के खाते में आज आयेगी दूसरी किस्त, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक का दावा : मेरे अनशन की तस्वीरें जारी कर मंत्रियों ने तोड़ा भरोसा

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार (5 अगस्त) को आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके 26 दिन के भूख हड़ताल समाप्त करने की तस्वीरें जारी कर अपना वादा तोड़ दिया. वांगचुक का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि ये तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जाएंगी, लेकिन बाद में उन्हें जारी कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना से उनका नेतृत्वक नेताओं पर भरोसा कमजोर हुआ है. अब उन्हें सभी पार्टियों के नेताओं के प्रति निराशा महसूस हो रही है. इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में सोनम वांगचुक ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ आधी रात हुई उनकी बैठक को लेकर स्पष्ट सहमति बनी थी. तय हुआ था कि इस बैठक या उनके अनशन समाप्त करने की कोई भी तस्वीर तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जब तक इस घोषणा में विपक्षी नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल नहीं किया जाता. वांगचुक का आरोप है कि इस सहमति के बावजूद तस्वीरें पहले ही जारी कर दी गईं. “केंद्रीय मंत्रियों के अपने फोटोग्राफर थे. उन्होंने मुझसे वादा किया था कि वे ये तस्वीरें जारी नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया.”- सोनम वांगचुक ये भी पढ़ें: J PSC Protest: सोनम वांगचुक ने अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो से की बात, बोले- थोड़ा पानी पी लीजिए… लड़ाई लंबी है सभी पक्षों की भागीदारी दिखनी चाहिए : सोनम वांगचुक सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में जब प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगें मान लेती है, तो परंपरा के अनुसार प्रशासनी प्रतिनिधि उन्हें जूस या सूप पिलाकर अनशन समाप्त कराते हैं. लेकिन उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ सत्तारूढ़ दल का कार्यक्रम या उपलब्धि के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसमें सभी पक्षों की भागीदारी दिखनी चाहिए. “मैंने उनसे कहा था कि इस कार्यक्रम में दूसरे नेतृत्वक दलों के नेता और छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हों. मैं चाहता था कि यह सभी पक्षों की मौजूदगी वाला संयुक्त कार्यक्रम हो.”- सोनम वांगचुक ये भी पढ़ें: Video : प्रशासन से ‘डील’ के आरोपों पर भड़के सोनम वांगचुक, कहा- क्या अब भी अपनी नीयत साबित करनी होगी? केंद्रीय मंत्री आधी रात के बाद सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे सोनम वांगचुकने कहा कि केंद्रीय मंत्री आधी रात के बाद उनसे मिलने पहुंचे थे. ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि वह अनशन तो खत्म कर देंगे, लेकिन इसकी जानकारी और तस्वीरें तभी जारी की जाएं. सोनम वांगचुक के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों ने उनके इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी. उन्होंने दावा किया कि बैठक में मौजूद खुफिया ब्यूरो (आईबी) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सहमति के गवाह थे. मैंने आईबी अधिकारियों से कहा था, आप इस समझौते के गवाह हैं. जब तक सभी पक्षों की मौजूदगी के साथ मैं खुद इसकी जानकारी नहीं देता, तब तक कोई भी तस्वीर मीडिया में जारी नहीं की जाएगी.’ उन्होंने इस पर सहमति जताई और मुझसे यह वादा किया था.-सोनम वांगचुक  The post सोनम वांगचुक का दावा : मेरे अनशन की तस्वीरें जारी कर मंत्रियों ने तोड़ा भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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6 अगस्त की टॉप 20 खबरें: पीएम मोदी का पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी; हसीना के बेटे का दावा, बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान

1. पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, पैसा लेकर कंटेंट बूस्ट करने का खुलासा इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की मूल कंपनी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक पोस्ट को अस्थायी रूप से हटाए जाने पर माफी मांगी है. प्रशासनी सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने बताया, मेटा के शीर्ष अधिकारियों ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और डीपफेक से निपटने में हुई नाकामियों को स्वीकार किया है. इसके साथ ही कंपनी ने यह भी माना कि “एक विशेष प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देने (बूस्ट करने) के लिए भारी मात्रा में पैसा दिया गया था.” पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. मेटा की बढ़ीं मुश्किलें: डीपफेक और CSAM मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने गलती स्वीकारी, मांगी माफी सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), डीपफेक कंटेंट और ऑपरेशनल खामियों को लेकर माफी मांगी है. इस पूरे विवाद के बीच मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पहुंचकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. JPSC-JSSC विवाद पर इंडिया गठबंधन की बैठक, प्रशासन से एसआईटी गठन और छात्रों से वार्ता की मांग JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर इंडिया गठबंधन ने एक सर्वदलीय बैठक की. छात्रों की प्रमुख मांगों में एसआईटी का गठन और परीक्षाओं को विश्वसनीय एजेंसियों से कराना शामिल है. गठबंधन ने प्रशासन से छात्रों से शीघ्र वार्ता कर आंदोलन का समाधान निकालने की अपील की है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलीं शेख हसीना, यह वो बांग्लादेश नहीं; जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बीते दो साल से दिल्ली में हैं. बांग्लादेश में हुई तख्ता पलट की घटना के बाद उन्हें अपना देश छोड़कर आना पड़ा था. बुधवार को उन्होंने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया गया, लेकिन वह कभी अपने लोगों से दूर नहीं हुईं. अपने परिवार और 1975 की त्रासदी को याद करते हुए भावुक हो गई. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. ‘बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट’: शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने दिल्ली से बांग्लादेशी प्रशासन और सुरक्षा हालातों पर बड़ा बयान दिया है. पत्रकारों को संबोधित करते हुए वाजेद ने कहा कि “बांग्लादेश अब हिंदुस्तान के पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बन चुका है.” उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेषकर पाकिस्तान की ISI को पूरी छूट मिली हुई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. दो साल बाद शेख हसीना बोलने आईं, कैमरा तो लगाया, लेकिन लेंस बंद करके बोलती रहीं, क्यों? नेतृत्वक इतिहास में ऐसे मामले बेहद कम देखने को मिले हैं, जब किसी बड़े नेता ने वीडियो के बजाय केवल ऑडियो या लिखित संदेश के जरिए जनता को संबोधित किया हो. लेकिन जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद बुधवार को लोगों को संबोधित किया तो भाषण के दौरान उनका कैमरा बंद रहा. ऐसा क्यों 7. 15 लाख के इनामी मदन महतो समेत 3 नक्सली झारखंड में गिरफ्तार, एके-47 और हथियार बरामद पश्चिम बंगाल के रहने वाले 15 लाख के इनामी माओवादी मदन महतो को झारखंड पुलिस ने 3 अन्य नक्सलियों के साथ गिरफ्तार किया है. इनके पास से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है. पढ़ें पूरी समाचार. 8. Lock Upp 2 Winner: शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ श्रेया कालरा बनीं ‘लॉक अप 2’ की विनर, जीते 1 करोड़ रुपए श्रेया कालरा ने ग्रैंड फिनाले में शानदार गेम स्पोर्ट्सते हुए ट्रॉफी और ₹1 करोड़ की प्राइज मनी अपने नाम कर ली. शिवांगी जोशी रहीं रनर-अप. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. अब्दुल्ला शफीक ने 49 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, वेस्टइंडीज में ऐसा करने वाले पहले पाकिस्तानी बने पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज अब्दुल्ला शफीक ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नाबाद 160 रन बनाकर इतिहास रच दिया. 49 साल बाद यह कारनामा कर उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. संबित पात्रा का पलटवार, कहा- झारखंड के बच्चों का दर्द समझें राहुल गांधी; मासूमों के कंधे पर बंदूक रखकर न करें नेतृत्व बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी से झारखंड के बच्चों का दर्द समझने और नेतृत्व न करने की अपील की है. पात्रा ने ‘संसद मार्च’ में फायरिंग के आरोपों का भी खंडन किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में शोक की लहर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. वे रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार विधायक चुने गए थे. उनके निधन से पूर्वांचल की नेतृत्व में शोक की लहर दौड़ गई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. कोलकाता में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पश्चिम मेदिनीपुर में बिजली गिरने से 4 की मौत पश्चिम बंगाल में मौसम का गंभीर रूप देखने को मिल रहा है. कोलकाता के लिए भारी बारिश और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच, पश्चिम मेदिनीपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 4 लोगों की मौत हो गयी है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. दीपक प्रकाश बने MLC, मंत्री पद सुरक्षित, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले हुआ फैसला बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अब विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं. राज्यपाल ने उन्हें खाली हुई मनोनीत सीट से MLC बनाया है. सुप्रीम कोर्ट में मंत्री पद को लेकर चल रही सुनवाई से पहले यह फैसला आया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, 19 जिलों में खुलेंगे स्पेशल कोर्ट, मुंगेर-राजगीर को मिला तोहफा बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और लोगों की सुविधाओं से जुड़े 17 फैसले लिए गए हैं. स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय, स्पोर्ट्स और जलापूर्ति के क्षेत्र में नई योजनाओं को मंजूरी मिली है. 19 जिलों में विशेष कोर्ट, पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय और राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर

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क्या दिन में मिडिल बर्थ खोल सकते हैं? जानिए इसके लिए क्या है रेलवे का नियम

ट्रेन से यात्रा करते समय कई बार मिडिल बर्थ को लेकर यात्रियों के बीच बहस हो जाती है. कोई दिन में ही सीट खोलकर सोना चाहता है, तो किसी को नीचे बैठने में दिक्कत होती है. ऐसे में अगर आपको रेलवे के नियम पहले से पता हों, तो सफर के दौरान होने वाली परेशानियों और अनावश्यक विवाद से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कि मिडिल बर्थ खोलने और बंद करने को लेकर रेलवे का क्या नियम है. कब खोल सकते हैं मिडिल बर्थ? हिंदुस्तानीय रेलवे के नियम के मुताबिक, मिडिल बर्थ का इस्तेमाल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किया जा सकता है. यानी इस समय के बीच मिडिल बर्थ वाला यात्री सीट खोलकर आराम कर सकता है. सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को वापस नीचे कर देना चाहिए, ताकि बाकी यात्री भी लोअर बर्थ पर बैठ सकें. दिन में क्या है नियम? सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक का समय दिन का माना जाता है. इस दौरान लोअर बर्थ सिर्फ एक व्यक्ति की सीट नहीं होती, बल्कि उसी बे में सफर कर रहे लोअर, मिडिल और अपर बर्थ के यात्रियों को वहां बैठने का अधिकार होता है. इसलिए दिन में बिना वजह मिडिल बर्थ खोलकर सोना रेलवे के नियमों के अनुसार सही नहीं माना जाता. अगर कोई नियम नहीं माने तो क्या करें? अगर कोई यात्री तय समय से पहले मिडिल बर्थ खोल देता है और समझाने के बाद भी नहीं मानता, तो आप ट्रेन में मौजूद टीटीई से इसकी शिकायत कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर रेलवे हेल्पलाइन 139 पर भी संपर्क किया जा सकता है. किन यात्रियों को मिल सकती है राहत? कुछ विशेष परिस्थितियों में रेलवे मानवीय आधार पर छूट देने की सलाह देता है. यदि किसी यात्री की तबीयत खराब है, वह बुजुर्ग है, गर्भवती स्त्री है या दिव्यांग है, तो अन्य यात्रियों को सहयोग और समझदारी दिखानी चाहिए. ऐसे मामलों में आपसी सहमति से व्यवस्था करना सबसे बेहतर तरीका होता है. सफर को आरामदायक बनाने के लिए रखें ध्यान ट्रेन में यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को एक-दूसरे की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए. मिडिल बर्थ से जुड़े रेलवे के नियमों का पालन करने से न सिर्फ विवाद से बचा जा सकता है, बल्कि पूरा सफर भी अधिक आरामदायक और आसान बन जाता है. यह भी पढ़ें: बारिश में टंकी से आ रहा है बदबूदार या गंदा पानी? इन आसान तरीकों से करें साफ The post क्या दिन में मिडिल बर्थ खोल सकते हैं? जानिए इसके लिए क्या है रेलवे का नियम appeared first on Naya Vichar.

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