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VIDEO : मंत्री दीपक प्रकाश के MLC बनने पर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा, सुनिए

Mantri Deepak Prakash : बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं. राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें बीजेपी नेता देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर मनोनीत किया है. बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह आज शाम 5 बजे मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी पद की शपथ दिलायेंगे. बता दें कि, पिछले 8 महीने से वह किसी सदन के सदस्य रहे बिना ही मंत्री पद पर बने हुए थे. ऐसे में मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था. बेटे के एमएलसी बनने पर उपेंद्र कुशवाहा की प्रतिक्रिया बेटे के एमएलसी बनने पर आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह पहले से ही तय था और जो तय था वही हुआ है. इसके साथ ही हाईकोर्ट में मामले के जाने औ विपक्ष के सवालों पर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी बात रखी है. सुनिए वीडियो में उपेंद्र कुशवाहा क्या कह रहे हैं? The post VIDEO : मंत्री दीपक प्रकाश के MLC बनने पर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा, सुनिए appeared first on Naya Vichar.

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तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार, हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला पलटा

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने दोषी करार दिया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें तेजपाल को सभी आरोपों से बरी किया गया था. न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ ने तेजपाल को बलात्कार, यौन उत्पीड़न और स्त्री की गरिमा भंग करने से जुड़ी हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दोषी माना. अदालत अब उन्हें दी जाने वाली सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी. किन धाराओं में दोषी पाए गए तेजपाल? हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को हिंदुस्तानीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं, जिनमें दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और अवैध कारावास शामिल हैं, के तहत आरोप लगाए थे. मामले के प्रमुख बिंदु निचली अदालत का बरी करने वाला फैसला रद्द तरुण तेजपाल को कई गंभीर धाराओं में दोषी करार सजा की अवधि पर अलग से होगी सुनवाई तेजपाल ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही गोवा प्रशासन ने वर्ष 2021 में मिली रिहाई को चुनौती दी थी क्या है पूरा मामला? यह मामला तेजपाल की एक पूर्व सहयोगी की शिकायत से जुड़ा है. स्त्री ने आरोप लगाया था कि नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित तहलका के थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था. इस मामले में तेजपाल को नवंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. गोवा की सत्र अदालत ने मई 2021 में सबूतों को पर्याप्त नहीं मानते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था. गोवा प्रशासन ने दी थी फैसले को चुनौती निचली अदालत के फैसले के बाद गोवा प्रशासन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. प्रशासन की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सत्र अदालत ने शिकायतकर्ता के व्यवहार को लेकर पहले से बनी धारणाओं के आधार पर मामले का आकलन किया. उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न के बाद हर पीड़िता की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं हो सकती. किसी व्यक्ति का व्यवहार उसकी शिक्षा, स्वभाव, सामाजिक स्थिति और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है. छोटे विरोधाभासों को ज्यादा महत्व देने का आरोप गोवा प्रशासन ने कहा था कि निचली अदालत ने शिकायतकर्ता के बयानों में मौजूद छोटी-मोटी असमानताओं को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया. अभियोजन पक्ष का तर्क था कि अदालत को यह देखना चाहिए था कि घटना से जुड़े मुख्य आरोपों में शिकायतकर्ता लगातार एक ही बात कहती रही या नहीं. प्रशासन ने शिकायतकर्ता के संदेशों, ईमेल और दूसरे रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उसके आरोप शुरू से एक जैसे थे. बचाव पक्ष ने क्या कहा था? तेजपाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने दावा किया था कि मामला झूठा और नेतृत्वक कारणों से बनाया गया. उन्होंने शिकायतकर्ता के ईमेल, व्हाट्सऐप संदेशों, व्यवहार और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अभियोजन की कहानी पर सवाल उठाए थे. बचाव पक्ष ने तेजपाल के माफी वाले ईमेल को भी अपराध की स्वीकारोक्ति मानने का विरोध किया था. वकील का कहना था कि यह ईमेल संस्थागत दबाव में लिखा गया था और इसे अकेले अपराध कबूल करने वाला बयान नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला पलटा दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 30 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत ने छह अगस्त को फैसला सुनाते हुए निचली अदालत की रिहाई को रद्द कर तेजपाल को दोषी करार दिया. फैसले के बाद तेजपाल ने कहा कि वह इसके खिलाफ अपील कर सकते हैं. उनके वकील ने सजा तय करते समय अदालत से नरमी बरतने का अनुरोध करने की बात कही है. Also Read: प्राथमिक शिक्षकों के तबादले पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने लगायी रोक, जानें नयी एसओपी पर कब होगी सुनवाई The post तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार, हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला पलटा appeared first on Naya Vichar.

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इंस्टाग्राम अकाउंट पर रोक का दावा, केजरीवाल बोले- PM के दबाव में न झुके Meta

अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार (6 अगस्त) को दावा किया कि हिंदुस्तान में उनके इंस्टाग्राम अकाउंट की पहुंच (रिस्ट्रिक्ट) कर दी गई है. उन्होंने कहा कि Meta ने बिना कोई वजह बताए यह कदम उठाया है. केजरीवाल का आरोप है कि उन्होंने कई बार कंपनी से इसका कारण पूछा, लेकिन Meta की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने Meta से सवाल पूछा कि आखिर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट की पहुंच क्यों सीमित की गई. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि Meta को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे “झुकना” नहीं चाहिए. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केंद्र प्रशासन के दबाव में की गई हो सकती है. ये भी पढ़ें: AAP का पीएम मोदी पर वार,अरविंद केजरीवाल बोल – ट्रंप के दबाव में नहीं देशहित में फैसला लीजिए स्क्रीनशॉट शेयर किया केजरीवाल ने हालांकि, समाचार लिखे जाने तक हिंदुस्तान में अरविंद केजरीवाल के इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट सामान्य रूप से देखे जा सकते थे. केजरीवाल ने अपने अकाउंट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें लिखा था कि उनका अकाउंट “कुछ स्थानों पर उपलब्ध नहीं है” (Unavailable in some locations). इससे संकेत मिलता है कि यह प्रतिबंध हर जगह नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित हो सकता है. “मेरा अकाउंट आखिर क्यों सीमित (रिस्ट्रिक्ट) किया गया? हिंदुस्तान में आपके ऑफिस से मौखिक रूप से पता चला कि मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट हिंदुस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया है और यहां उपलब्ध नहीं है. इसकी वजह क्या है?– अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि Meta के हिंदुस्तान ऑफिस में भी कोई यह नहीं बता सका कि उनके अकाउंट पर यह रोक क्यों लगाई गई और इसे कैसे हटाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कंपनी को कई ईमेल भेजे गए, लेकिन हर बार सिर्फ औपचारिक जवाब मिला. उनकी शिकायत का कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया. केजरीवाल ने इसे Meta की “बहुत खराब सर्विस” बताया. The post इंस्टाग्राम अकाउंट पर रोक का दावा, केजरीवाल बोले- PM के दबाव में न झुके Meta appeared first on Naya Vichar.

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Parliament LIVE : 3 मिनट में ही स्थगित हुई लोकसभा, अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्ष का हंगामा

Parliament LIVE : संसद के मानसून सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार (6 अगस्त) को भी राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन में जोरदार विरोध किया. संसद के हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament LIVE : 3 मिनट में ही स्थगित हुई लोकसभा, अमित शाह के बयान की मांग पर विपक्ष का हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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छात्र राजनीति से बसपा के इकलौते विधायक तक… ऐसा रहा उमाशंकर सिंह का सियासी सफर

UP News: उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में अपनी सादगी, संघर्ष और जनसेवा के दम पर अलग पहचान बनाने वाले रसड़ा से तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनके निधन के साथ एक ऐसे जननेता का नेतृत्वक सफर थम गया, जिसने छात्र नेतृत्व से शुरुआत कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सबसे मजबूत चेहरों में अपनी जगह बनाई. 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा पूरे प्रदेश में सिर्फ एक सीट जीत सकी, तब उमाशंकर सिंह ही पार्टी के इकलौते विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे और विपक्ष की मुखर आवाज बने. छात्र नेतृत्व से मिली सियासत की पहली पहचान बलिया जिले के खनवर गांव में जन्मे उमाशंकर सिंह ने नेतृत्व की पहली सीढ़ी छात्र जीवन में चढ़ी. सतीश चंद्र कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में जीत ने उन्हें क्षेत्र की नेतृत्व में पहचान दिलाई. इसके बाद उन्होंने सामाजिक सरोकारों को अपनी ताकत बनाया और धीरे-धीरे क्षेत्र के प्रभावशाली जननेता के रूप में उभरते गए. तीन बार लगातार जीता जनता का भरोसा वर्ष 2012 में उन्होंने पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा का सफर शुरू किया. इसके बाद 2017 और 2022 में भी लगातार जीत हासिल कर हैट्रिक बनाई. तीन चुनावों में लगातार मिली जीत ने साबित किया कि रसड़ा की जनता का भरोसा उनके साथ मजबूती से जुड़ा रहा. 2022 में बसपा की अकेली उम्मीद बने 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और पार्टी पूरे प्रदेश में सिर्फ एक सीट जीत सकी. ऐसे समय में उमाशंकर सिंह ही बसपा के इकलौते विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने सदन में क्षेत्रीय समस्याओं, किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया और पार्टी की आवाज बने रहे. गरीबों के मसीहा के रूप में बनाई अलग पहचान उमाशंकर सिंह को उनके समर्थक सिर्फ विधायक नहीं, बल्कि गरीबों का मसीहा मानते थे. जरूरतमंदों की मदद, सामूहिक विवाह, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई. उनके दरवाजे पर पहुंचने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था, यही वजह थी कि वे नेतृत्वक सीमाओं से ऊपर उठकर भी सम्मान पाते रहे. बीमारी से लड़ते रहे, जनसेवा नहीं छोड़ी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों से दूरी नहीं बनाई. स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बाद भी क्षेत्र के लोगों से उनका संपर्क बना रहा. यही समर्पण उन्हें आम नेताओं से अलग पहचान दिलाता है. एक ऐसा जननेता, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होगी उमाशंकर सिंह का नेतृत्वक जीवन इस बात का उदाहरण है कि जनता का भरोसा केवल चुनावी वादों से नहीं, बल्कि लगातार जनसेवा और जमीनी जुड़ाव से जीता जाता है. छात्र नेतृत्व से शुरू हुआ उनका सफर तीन बार विधायक बनने तक पहुंचा और उन्हें पूर्वांचल की नेतृत्व का एक मजबूत चेहरा बना गया. उनके निधन के बाद भले ही एक जननेता का सफर थम गया हो, लेकिन जनसेवा और संघर्ष की उनकी विरासत लंबे समय तक लोगों के बीच याद की जाती रहेगी. यह भी पढ़ें: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, उत्तर प्रदेश की नेतृत्व में शोक की लहर The post छात्र नेतृत्व से बसपा के इकलौते विधायक तक… ऐसा रहा उमाशंकर सिंह का सियासी सफर appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र आज से, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में आर-पार की तैयारी

आनंद मोहन की रिपोर्ट रांचीः झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से आहूत है. पांच कार्य दिवस वाले मॉनसून सत्र में जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता का मामला गरमाएगा. विपक्ष ने प्रशासन को घेरने की रणनीति बनाई है. बुधवार को मॉनसून सत्र को लेकर पक्ष-विपक्ष की बैठक हुई. बैठक में सत्र को लेकर रणनीति बनी. सत्ता पक्ष के विधायक सीएम हेमंत सोरेन के साथ बैठे. जिसमें विपक्ष के सवालों का धारदार तरीके से जवाब देने की रणनीति बनी. प्रशासन सदन में जेपीएससी-जेएसएससी मामले में चल रही जांच को लेकर मजबूती से अपना पक्ष रखेगी. स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक इससे पहले विधानसभा स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. जिसमें जेपीएससी-जेएसएससी पर विशेष चर्चा की मांग उठी. प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, माले विधायक अरूप चटर्जी और जेएलकेएम विधायक जयराम महतो जेपीएससी-जेएसएससी पर विशेष चर्चा कराने की मांग रखी. बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना था कि इस मामले में त्वरित जांच चल रही है. इस मुद्दे पर बहस होता है, तो कई तरह की बातें आएंगी. जांच प्रभावित हो सकता है. संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर का कहना था कि विपक्ष हाउस सुचारू रूप से चलने देने का आश्वासन दे. हंगामा भी करेंगे और चर्चा भी साथ नहीं हो सकता है. विपक्ष आश्वासन दे कि हंगामा नहीं होगा. सर्वदलीय बैठक करते हुए स्पीकर रबींद्र नाथ महतो, सीएम हेमंत और नेताप्रतिपक्ष सहित अन्य नेता शामिल विधायक जयराम महतो का कहना था कि बच्चों के भविष्य का सवाल है. भविष्य में जो परीक्षा होगी, वह अच्छे से हो, इसपर चर्चा करना चाहिए. जेपीएससी के चेयरमैन पर भी बात होनी चाहिए. सत्ता पक्ष के विधायक अरूप चटर्जी का कहना था कि छात्र आंदोलनरत है, उनके विषय पर चर्चा होनी चाहिए. तय हुआ कि सदन के पहले दिन की कार्यवाही के बाद कार्यमंत्रणा की बैठक बुलाकर इस विषय पर चर्चा हो. बैठक में सदन के नेता हेमंत सोरेन, स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, राधाकृष्ण किशोर, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, माले विधायक अरूप चटर्जी, आजसू विधायक निर्मल महतो, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो और लोजपा विधायक जर्नादन पासवान शामिल हुए. ये भी पढ़ें- JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामला: TDPL का एकाउंटेंट, पूर्व अध्यक्ष खियांग्ते के स्टाफ समेत 5 गिरफ्तार स्पीकर ने दी नसीहत मॉनसून सत्र सार्थक बने स्पीकर रबींद नाथ महतो ने कहा है कि विधानसभा का छोटा सत्र है. इसका सदुपयोग पक्ष-विपक्ष करें. जनहित के बाते सदन में आए. अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि विधानसभा के सवालों का जवाब समय में आए. मॉनसून सत्र को सार्थक और जनहितकारी बनाया जाए. उन्हें बताया गया है कि कई आश्वासन, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण का जवाब समय पर नहीं आ रहा है. इस स्थिति में सुधार हो. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की गरिमा और जनहित सर्वोपरि है. विधानसभा के 750 मीटर दायरे में 7 दिनों तक निषेधाज्ञा झारखंड के विश्वविद्यालयों में PF वित्तीय विसंगतिः 1800 शिक्षकों और कर्मियों को 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रशासन द्वारा झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है. यह आदेश 6 अगस्त की सुबह 8 बजे से 12 अगस्त की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. इसके तहत विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय परिसर को छोड़कर) पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, घेराव और आमसभा आयोजित करने पर रोक रहेगी. इसके अलावा हथियार, लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला सहित अन्य घातक वस्तुओं के साथ चलने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा. हालांकि प्रशासनी कार्यक्रम और शवयात्रा को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है. सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष विपक्ष का क्या है मुद्दा सत्ता पक्ष की तैयारी JPSC-JSSC घोटाले के मामले में CBI जांच हो JPSC में चल रही जांच को लेकर मजबूती के साथ सदन में बातें रखें JPSC घोटाले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी हो भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक पर भाजपा को घेरेंगे. JPSC घोटाले में अब तक हुई जांच पर प्रशासन अपनी बात रखें नीट पेपर लीक पर विपक्ष को घेरेंगे जंतर-मंतर में छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष से जवाब मांगेगा जानें, सदन में कब क्या होगा 6 अगस्त- अध्यादेश और शोक प्रकाश 7 अगस्त- प्रश्नकाल और वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट 8 और 9 अगस्त- अवकाश 10 अगस्त- प्रश्नकाल, पहले अनुपूरक बजट पर चर्चा 11 अगस्त- प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य 12 अगस्त- प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, राजकीय कार्य और गैर प्रशासनी संकल्प ये भी पढ़ें- झारखंड के विश्वविद्यालयों में PF वित्तीय विसंगतिः 1800 शिक्षकों और कर्मियों को 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान The post झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र आज से, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में आर-पार की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Scam पर CM हेमंत बोले- ‘जांच की आंच मेरे घर तक आए तो भी न हिचकें अफसर’, आज होगी छात्रों से सरकार की वार्ता

JPSC JSSC Scam 2026, रांची : जेपीएससी-जेएसएससी के मुद्दे पर राज्य प्रशासन एक्शन मोड में है. सीएम ने मामले में विमर्श की संभावना जतायी है. उन्होंने विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी मामले में ठोस समाधान निकाला जायेगा. प्रशासन के दरवाजे सबके लिए खुले हैं. अपनी मांग लेकर आयें और अपनी बातें रखें. प्रशासन गंभीरता से लेगी. जांच एजेंसी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है. कई लोग जेल जा चुके हैं. कई लोगों पर एजेंसी द्वारा दबिश दी जा रही है. शाम में सत्ता पक्ष विधायक दल की बैठक में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख दिखा. उन्होंने साफ कहा कि जेपीएससी की जांच में किसी तरह की कोताही नहीं होगी. मैने जांचकर्ताओं को खुली छूट दे रखी है. उनसे कहा है कि अगर बात मेरे घर तक भी आती है, ती जांच करें. प्रशासन पूरी पारदर्शिता बरत रही है. इस मामले में एक संस्था की गलती है. हर पहलू की जांच होगी. सीएम ने कहा कि सभी राज्यों की अपनी एजेंसी है. देश की भी एजेंसी है. देखिये, कैसे आंदोलन के मोर्चे को संभाला जा रहा है. इस मामले में हमने सबसे पहले संज्ञान लिया और कदम बढ़ाया. दूसरे राज्यों में भी ऐसी घटनाएं हो रही है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कई माध्यमों से जांच एजेंसी की कार्रवाई की सूचना मिल रही है. अनुसंधान की जो स्थिति है, उसकी पूरी रिपोर्ट ली जा रही है. जांचकर्ताओं को पूरी छूट : सीएम एटीआइ में आयोजित सत्ता पक्ष की बैठक में विधायकों ने जेपीएससी और छात्र आंदोलन को लेकर चिंता जतायी. बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है. सीआइडी जांच में कई खुलासे हो रहे हैं. सदन में सत्ता पक्ष पूरी एकजुटता के साथ विपक्ष को जवाब दे. बैठक में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए विधायक अनूप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री संवेदनशील हैं और उन्हें छात्रों की चिंता है. सीएम ने यहां तक कह दिया कि सीएम हाउस में रेड करनी पड़े, तो भी जांच दल हिचके नहीं. बैठक में छात्रों से बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) बनाने पर भी चर्चा हुई. उसमें इंडिया गठबंधन के सभी दलों के प्रतिनिधि रहेंगे. छात्रों को सूचना दी गयी है कि प्रशासन उनसे बात करना चाहती है. ये भी पढ़ें: JPSC-JSSC विवाद पर वार्ता के लिए प्रशासन ने नहीं बनाई कोई कमेटी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण का बड़ा बयान छात्रों के प्रशासन के बीच आज वार्ता जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा. शाम लगभग चार बजे सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय मुख्यमंत्री से छात्रों की वार्ता का प्रस्ताव लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे. देर रात छात्रों की तरफ से रविन्द्र कुमार पासवान ने बताया कि गुरुवार को प्रशासन के साथ वार्ता के लिए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल जायेगा. इधर, राज्य के आंदोलनकारी विद्यार्थियों से बात करने को लेकर राज्य प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी बनायी है. विद्यार्थियों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों और एक अधिकारी को अधिकृत किये जाने की चर्चा है. कमेटी में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और श्रम मंत्री संजय सिंह यादव शामिल हैं. कमेटी में विकास आयुक्त अजय सिंह को भी शामिल किया गया है. हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है. राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की दी जानकारी रांची. विधानसभा में सीएम हेमंत सोरेन बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की जानकारी दी. सीएम ने कहा कि राज्यपाल को वर्तमान परिस्थिति और सारी चीजों से अवगत कराया गया है. वह भी दिल्ली गये थे और वहां झारखंड के संदर्भ में चर्चा हुई होगी. उनका भी यही मानना था कि छात्रों से जुड़ी समस्याएं राष्ट्रीय समस्या के रूप में दिख रही हैं. राज्यपाल से लोकभवन में मुलाकात के दौरान सीएम ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के बारे में बताया. साथ ही रांची में जारी छात्र आंदोलन के बारे में अवगत कराया. मौके पर राज्यपाल ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के विश्वास को बनाये रखने की आवश्यकता पर बल दिया. अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर विषय बताया. उन्होंने कहा कि आयोग इस प्रकार कार्य करे कि उनकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगे. सीएम ने उनको आश्वस्त किया कि प्रशासन छात्रों को न्याय दिलाने के प्रतिबद्ध और गंभीर है. ये भी पढ़ें: JPSC-JSSC विवाद पर इंडिया गठबंधन की बैठक, प्रशासन से एसआईटी गठन और छात्रों से वार्ता की मांग The post JPSC Scam पर CM हेमंत बोले- ‘जांच की आंच मेरे घर तक आए तो भी न हिचकें अफसर’, आज होगी छात्रों से प्रशासन की वार्ता appeared first on Naya Vichar.

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7000mAh बैटरी वाला 5G फोन लेकर आ रही है Realme, लॉन्च से पहले कन्फर्म हुए कई फीचर्स

Realme अपना नया Realme 16x 5G अगले हफ्ते हिंदुस्तान में लॉन्च करने जा रही है. लॉन्च से पहले ही कंपनी ने इसका पहला ऑफिशियल टीजर जारी कर दिया है. टीजर में फोन का डिजाइन, कलर ऑप्शन और कई फीचर्स सामने आ गए हैं. यह स्मार्टफोन Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. कंपनी ने कन्फर्म की है कि इसमें 7,000mAh की बड़ी बैटरी, MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर और 256GB तक स्टोरेज मिलेगी. आइए अब जरा डिटेल में जान लेते हैं इस फोन में हमें और क्या खास देखने को मिलने वाला है. कब लॉन्च होगा Realme 16x 5G?  Realme अपने नए स्मार्टफोन Realme 16x 5G को 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे हिंदुस्तान में लॉन्च करेगी. लॉन्च से पहले ही कंपनी और Flipkart ने इसकी माइक्रोसाइट लाइव कर दी है. यह स्मार्टफोन Endurance Brown और Glory White जैसे दो रंगों में आएगा.  Realme 16x 5G के कन्फर्म फीचर्स टीजर के मुताबिक, फोन के पीछे वर्टिकल कैमरा मॉड्यूल देखने को मिलेगा. सबसे बड़ी खासियत इसकी 7,000mAh की दमदार बैटरी होगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग जैसे फीचर्स के साथ आएगी. कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर इसमें 156.2 घंटे तक म्यूजिक सुना जा सकता है, जबकि गेमिंग के लिए यह करीब 9 घंटे का बैकअप देगी.  परफॉर्मेंस की बात करें तो फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर मिलेगा. इसके साथ 14GB तक रैम (डायनेमिक रैम सहित) और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट दिया जाएगा.  फोन में Realme का इन-हाउस Flux Engine भी मिलेगा. ये परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाने में मदद करेगा. Realme 16x 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलेगा. फोन को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए इसमें 5,300 sq mm का वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम दिया जाएगा. इसके अलावा, बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए कंपनी अपना GT Boost गेमिंग ऑप्टिमाइजेशन इंजन भी देगी. कंपनी ने कन्फर्म किया है कि फोन को IP65 रेटिंग मिलेगी. इसके साथ ही इसमें मिलिट्री-ग्रेड (MIL-STD-810) शॉक रेजिस्टेंस भी मिलेगा. इससे हल्के-फुल्के झटकों और गिरने की सिचुएशन में भी फोन ज्यादा सेफ रहेगा.  फोटोग्राफी के लिए इसमें AI सपोर्ट वाला 50MP का रियर कैमरा दिया जाएगा. वहीं, AI Eraser, AI Ultra Clarity, Motion Photo और Dual-View Video Mode जैसे स्मार्ट AI फीचर्स भी मिलेंगे. ये भी पढ़ें: Flipkart Freedom Sale से पहले Motorola फोन की कीमतों पर उठे सवाल, टिप्स्टर ने कहा- डिस्काउंट सिर्फ दिखावा? The post 7000mAh बैटरी वाला 5G फोन लेकर आ रही है Realme, लॉन्च से पहले कन्फर्म हुए कई फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर का वार्ड-वार्ड घूमेंगे प्रशांत किशोर, जीत के बाद अब वादों को पूरा करने की तैयारी, जानिए 11-19 अगस्त तक का शेड्यूल

Prashant Kishor Schedule: बांकीपुर की गलियों में अब सिर्फ वादों की नहीं, सीधे संवाद की तैयारी है. विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर अब एक्शन मोड में आने वाले हैं. बांकीपुर विधानसभा का वार्ड-वार्ड घूमने की तैयारी है. पीके 11 अगस्त से 19 अगस्त तक बांकीपुर विधानसभा के लोगों के बीच दिखेंगे. इस 8 दिनों के अभियान में वे लोगों के बीच बैठकर उनकी परेशानियां सुनेंगे और विकास की नई रूपरेखा तैयार करेंगे. इस तरह तैयार की जाएगी रणनीति जानकारी के मुताबिक, इस जन संवाद अभियान का मकसद सिर्फ समस्याएं गिनना नहीं, बल्कि उनके समाधान की ठोस योजना बनाना है. जलजमाव, टूटी सड़कें, स्वच्छता की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर स्थानीय लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे. इन्हीं सुझावों के आधार पर बांकीपुर के विकास की रणनीति तैयार की जाएगी. प्रशांत किशोर ने जताया था विश्वास प्रशांत किशोर की तरफ से बांकीपुर को लेकर विश्वास जताया गया था कि अगले 3 महीनों के अंदर ही बदलाव दिखना शुरू हो जाएगा. जन सुराज पार्टी का कहना है कि प्रशांत किशोर का लक्ष्य बांकीपुर को एक मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करना है. इस तरह से प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के लिए प्लानिंग कर ली है. कई वादे भी उन्होंने किए, जिस पर अब काम शुरू होने वाला है. किस दिन-किस वार्ड में जायेंगे पीके? 11 अगस्त- वार्ड नंबर: 15, 18, 40 12 अगस्त- वार्ड नंबर: 19, 22, 23, 26 13 अगस्त- वार्ड नंबर: 29, 16, 39 14 अगस्त- वार्ड नंबर: 17, 38, 25 16 अगस्त- वार्ड नंबर: 30, 24, 27 17 अगस्त- वार्ड नंबर: 28, 31, 35, 21 18 अगस्त- वार्ड नंबर: 37, 42, 36 19 अगस्त- वार्ड नंबर: 41 हार के बाद भाजपा ने किया मंथन दूसरी तरफ, भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार पर मंथन किया. बुधवार को पहली बार प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता जुटे. मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिए. सार्वजनिक रूप से यह बात आई कि यूट्यूब के माध्यम से जन सुराज ने काफी गलतफहमियां फैलायीं, जिसका भाजपा की ओर से जवाब नहीं दिया गया. पार्टी ने आने वाले दिनों में अधिक से अधिक युवाओं से संपर्क साधने और उन्हें पार्टी से जोड़ने का निर्णय लिया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह एक विधानसभा सीट का उपचुनाव था. कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित नहीं होना है. उन्हें मजबूती से काम करना है. Also Read: बिहार के 34 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी, 10 अगस्त तक के लिए IMD की एडवाइजरी जारी The post बांकीपुर का वार्ड-वार्ड घूमेंगे प्रशांत किशोर, जीत के बाद अब वादों को पूरा करने की तैयारी, जानिए 11-19 अगस्त तक का शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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Video : हम सबसे बड़ा हमला करने वाले थे, तभी ईरान का फोन आया, देखें डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा

Video : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर दावा करते हुए कहा कि अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की तैयारी में था, लेकिन तभी ईरान की ओर से फोन आया और बातचीत की अपील की गई. ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध नहीं, बल्कि समझौता चाहते हैं क्योंकि लोगों की जान नहीं जानी चाहिए. हालांकि उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और यह अमेरिका की पॉलिसी है. ईरान से बातचीत बढ़ रही है आगे : ट्रंप का बड़ा दावा डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में डेवलपमेंट आया है. अगले 48 घंटे में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. ट्रंप के अनुसार, ईरान ने खुद अमेरिका से संपर्क कर बातचीत की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच डील करने को लेकर  पॉजिटिव साइन नजर आ रहा है. जल्द ही इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है. ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी बातचीत की उम्मीद, ट्रंप बोले- 48 घंटे में साफ होगी पूरी तस्वीर दोनों देशों के बीच होने वाली डील पर नजर न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने और समुद्री रूट को सामान्य बनाने के लिए बातचीत तेज हो गई है. अब पूरी दुनिया की नजर अगले 48 घंटों पर टिकी है, क्योंकि इसी दौरान यह साफ हो सकता है कि दोनों देशों के बीच डील हो पाती है या पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ेगा. ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान की नई पहल, विदेश मंत्री अराघची को बुलाया इस्लामाबाद ट्रंप ने इससे पहले भी कहा था कि अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच डील को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. उनके मुताबिक, अगर यह समझौता हो जाता है तो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को जल्द ही फिर से खोल दिया जाएगा, जिससे तेल आपूर्ति सामान्य होने और क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद है. The post Video : हम सबसे बड़ा हमला करने वाले थे, तभी ईरान का फोन आया, देखें डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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