लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार (5 अगस्त) को आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके 26 दिन के भूख हड़ताल समाप्त करने की तस्वीरें जारी कर अपना वादा तोड़ दिया. वांगचुक का कहना है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि ये तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जाएंगी, लेकिन बाद में उन्हें जारी कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना से उनका नेतृत्वक नेताओं पर भरोसा कमजोर हुआ है. अब उन्हें सभी पार्टियों के नेताओं के प्रति निराशा महसूस हो रही है.
इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में सोनम वांगचुक ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ आधी रात हुई उनकी बैठक को लेकर स्पष्ट सहमति बनी थी. तय हुआ था कि इस बैठक या उनके अनशन समाप्त करने की कोई भी तस्वीर तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जब तक इस घोषणा में विपक्षी नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल नहीं किया जाता. वांगचुक का आरोप है कि इस सहमति के बावजूद तस्वीरें पहले ही जारी कर दी गईं.
“केंद्रीय मंत्रियों के अपने फोटोग्राफर थे. उन्होंने मुझसे वादा किया था कि वे ये तस्वीरें जारी नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया.”- सोनम वांगचुक
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सभी पक्षों की भागीदारी दिखनी चाहिए : सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में जब प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगें मान लेती है, तो परंपरा के अनुसार प्रशासनी प्रतिनिधि उन्हें जूस या सूप पिलाकर अनशन समाप्त कराते हैं. लेकिन उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ सत्तारूढ़ दल का कार्यक्रम या उपलब्धि के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसमें सभी पक्षों की भागीदारी दिखनी चाहिए.
“मैंने उनसे कहा था कि इस कार्यक्रम में दूसरे नेतृत्वक दलों के नेता और छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हों. मैं चाहता था कि यह सभी पक्षों की मौजूदगी वाला संयुक्त कार्यक्रम हो.”- सोनम वांगचुक
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केंद्रीय मंत्री आधी रात के बाद सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे
सोनम वांगचुकने कहा कि केंद्रीय मंत्री आधी रात के बाद उनसे मिलने पहुंचे थे. ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि वह अनशन तो खत्म कर देंगे, लेकिन इसकी जानकारी और तस्वीरें तभी जारी की जाएं. सोनम वांगचुक के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रियों ने उनके इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी. उन्होंने दावा किया कि बैठक में मौजूद खुफिया ब्यूरो (आईबी) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सहमति के गवाह थे.
मैंने आईबी अधिकारियों से कहा था, आप इस समझौते के गवाह हैं. जब तक सभी पक्षों की मौजूदगी के साथ मैं खुद इसकी जानकारी नहीं देता, तब तक कोई भी तस्वीर मीडिया में जारी नहीं की जाएगी.’ उन्होंने इस पर सहमति जताई और मुझसे यह वादा किया था.-सोनम वांगचुक
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