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Electric Scooter Accessories: हेलमेट से लेकर स्मार्ट लॉक तक, ये 7 एक्सेसरीज हर EV स्कूटर मालिक के पास होनी चाहिए

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना आज पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है, लेकिन केवल स्कूटर खरीद लेना ही पर्याप्त नहीं होता. अगर आप रोजाना ऑफिस, कॉलेज या लंबी दूरी के लिए EV स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ जरूरी एक्सेसरीज आपके सफर को ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी मुक्त बना सकती हैं. एक मजबूत हेलमेट आपकी जान बचा सकता है, वहीं एंटी-थेफ्ट लॉक स्कूटर को चोरी से सुरक्षित रखने में मदद करता है. इसके अलावा फोन होल्डर, स्कूटर कवर, टायर इंफ्लेटर और सेफ्टी लाइट जैसी एक्सेसरीज भी रोजमर्रा की राइडिंग को आसान बनाती हैं. अगर आप अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए जरूरी एक्सेसरीज खरीदने की सोच रहे हैं, तो यहां जानिए कौन-कौन से विकल्प सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं. सुरक्षा के लिए हेलमेट और एंटी-थेफ्ट लॉक सबसे जरूरी किसी भी दोपहिया वाहन की तरह इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाते समय सबसे पहली जरूरत एक अच्छी क्वालिटी के ISI सर्टिफाइड हेलमेट की होती है. अगर आप नेविगेशन या कॉलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो Bluetooth हेलमेट बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे बार-बार फोन निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और राइडिंग ज्यादा सुरक्षित रहती है. इसके साथ ही अगर आपका स्कूटर अक्सर बाहर पार्क रहता है, तो Alarm Disc Brake Lock जरूर इस्तेमाल करें. 110dB अलार्म वाला लॉक स्कूटर को छेड़ते ही तेज आवाज करता है, जिससे चोरी की कोशिश करने वाले लोग आसानी से डर सकते हैं. बारिश और धूप से बचाएगा मजबूत स्कूटर कवर हिंदुस्तान में मौसम तेजी से बदलता है. तेज धूप, बारिश, धूल और पक्षियों की गंदगी स्कूटर की पेंट फिनिश और सीट को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में वाॅटरप्रूफ और UV रेसिस्टेंट स्कूटर कवर एक अच्छा निवेश माना जाता है. अगर आपका स्कूटर खुले में खड़ा रहता है, तो यह एक्सेसरी उसकी लाइफ बढ़ाने में मदद कर सकती है. नेविगेशन और इमरजेंसी के लिए ये एक्सेसरीज रखें साथ अगर आप Google Maps का इस्तेमाल करते हुए सफर करते हैं, तो मजबूत फोन होल्डर काफी काम आता है. अच्छी ग्रिप वाला फोन माउंट खराब रास्तों पर भी स्मार्टफोन को सुरक्षित रखता है और रास्ता देखने में आसानी होती है. इसके अलावा पोर्टेबल टायर इंफ्लेटर भी बेहद उपयोगी एक्सेसरी है. सही टायर प्रेशर न केवल बेहतर कंट्रोल देता है, बल्कि बैटरी रेंज बढ़ाने और टायर की लाइफ लंबी करने में भी मदद करता है. अचानक हवा कम होने की स्थिति में यह काफी काम आता है. रात की राइडिंग को बनाए सुरक्षित अगर आप रात या बारिश के दौरान स्कूटर चलाते हैं, तो अतिरिक्त USB Rechargeable Rear Safety Light लगाना फायदेमंद हो सकता है. यह पीछे से आने वाले वाहनों को आपकी मौजूदगी जल्दी दिखाती है और विजिबिलिटी बढ़ाती है. इसे स्कूटर के अलावा बैग या हेलमेट पर भी लगाया जा सकता है. एक्सेसरीज खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान किसी भी एक्सेसरी को खरीदने से पहले उसकी क्वाॅलिटी, ब्रांड, बिल्ड और आपके स्कूटर के साथ उसकी कम्पैटिबिलिटी जरूर जांचें. हेलमेट हमेशा ISI सर्टिफाइड होना चाहिए. फोन होल्डर ऐसा चुनें जो मजबूत पकड़ दे और स्क्रीन या चार्जिंग पोर्ट को ब्लॉक न करे. वहीं स्कूटर कवर खरीदते समय सही साइज, वाॅटरप्रूफ मटेरियल और UV प्रोटेक्शन पर जरूर ध्यान दें. छोटी-सी तैयारी भविष्य में बड़े खर्च और परेशानी से बचा सकती है. FAQs {“type”:”faq”,”question”:”इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के बाद सबसे पहले कौन-सी एक्सेसरी लेनी चाहिए?”,”answer”:”सबसे पहले ISI सर्टिफाइड हेलमेट खरीदना चाहिए, क्योंकि यह आपकी सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी एक्सेसरी है.”}{“type”:”faq”,”question”:”क्या एंटी-थेफ्ट अलार्म लॉक सच में उपयोगी होता है?”,”answer”:”हां, अलार्म लॉक चोरी की कोशिश होने पर तेज आवाज करता है, जिससे चोर डर सकते हैं और आसपास के लोगों का ध्यान भी आकर्षित होता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”क्या स्कूटर कवर बारिश और धूप दोनों से सुरक्षा देता है?”,”answer”:”अच्छी क्वालिटी का वाटरप्रूफ और UV रेसिस्टेंट कवर स्कूटर को बारिश, धूल और तेज धूप से सुरक्षित रखने में मदद करता है.”} ये भी पढ़ें: गर्मी में कार ड्राइविंग को कूल बनाएंगी ये एक्सेसरीज, मिलेगा ठंडक का एहसास The post Electric Scooter Accessories: हेलमेट से लेकर स्मार्ट लॉक तक, ये 7 एक्सेसरीज हर EV स्कूटर मालिक के पास होनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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आज का राशिफल 4 अगस्त 2026: आज किस्मत देगी साथ या करनी होगी ज्यादा मेहनत?

Aaj Ka Rashifal 4 August 2026: मंगलवार, 4 अगस्त 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए प्रगति, नए अवसर और संबंधों में सुधार के संकेत लेकर आया है. कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलने के योग हैं, वहीं आर्थिक मामलों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाना लाभदायक रहेगा. मेष राशिफल मंगलवार का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और उपलब्धियों से भरा रह सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने से महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे हो सकते हैं. व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और नए अवसरों से लाभ मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं तथा रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है. परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ समाचार से खुशी मिल सकती है. जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम और संतुलित दिनचर्या बनाए रखना आवश्यक होगा. वृषभ राशिफल वृषभ राशि के लिए मंगलवार धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने का दिन रहेगा. कार्यस्थल पर कुछ छोटी चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपका अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण उन्हें आसानी से संभाल लेगा. आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं और आय के नए स्रोतों पर विचार हो सकता है. व्यापारिक गतिविधियों में स्थिरता बनी रहेगी. परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति और संतोष प्राप्त होगा. मित्रों या रिश्तेदारों से सकारात्मक समाचार मिल सकता है. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या अपनाने का प्रयास करें. मिथुन राशिफल मंगलवार का दिन मिथुन राशि के लोगों के लिए रचनात्मकता और नई संभावनाओं से भरा रह सकता है. विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपके विचारों और योजनाओं को सराहना मिल सकती है. आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी और किसी नए निवेश पर विचार किया जा सकता है. प्रेम संबंधों में पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना आवश्यक होगा. परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने के लिए पर्याप्त विश्राम और सकारात्मक सोच बनाए रखें. कर्क राशिफल कर्क राशि के जातकों के लिए मंगलवार संतुलन और धैर्य बनाए रखने का दिन रहेगा. भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें. करियर में प्रगति धीरे-धीरे लेकिन स्थिर रूप से आगे बढ़ेगी. कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को पहचान मिलने की संभावना है. आर्थिक मामलों में खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा. परिवार का सहयोग और स्नेह मनोबल को मजबूत बनाएगा. जीवनसाथी के साथ संबंधों में समझदारी बढ़ेगी. स्वास्थ्य के लिहाज से हल्की थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम और पौष्टिक भोजन पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा. सकारात्मक सोच आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी. सिंह राशिफल सिंह राशि के लिए मंगलवार आत्मविश्वास और सफलता का संकेत देने वाला दिन रहेगा. किसी महत्वपूर्ण बैठक, प्रस्तुति या इंटरव्यू में सफलता मिलने की संभावना है. कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित कर सकती है. व्यापार विस्तार से जुड़ी योजनाओं में प्रगति होगी और नए अवसर सामने आ सकते हैं. आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं, लेकिन निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा ऊर्जा का स्तर ऊंचा बना रहेगा. अपने समय और संसाधनों का सही उपयोग आपको बेहतर परिणाम दिला सकता है. कन्या राशिफल मंगलवार का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए व्यवस्थित और उत्पादक साबित हो सकता है. कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली और अनुशासन की प्रशंसा होने की संभावना है. लंबित कार्यों को पूरा करने में सफलता मिलेगी. आर्थिक मामलों में सतर्कता बनाए रखना आवश्यक होगा और अनावश्यक खर्चों से बचना बेहतर रहेगा. परिवार के साथ किसी धार्मिक, सामाजिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है. मित्रों का सहयोग भी प्राप्त होगा. प्रेम संबंधों में समझ और विश्वास बढ़ेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने से आप अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे. दिन कुल मिलाकर सकारात्मक रहेगा. तुला राशिफल तुला राशि के लिए मंगलवार संतुलन और सामंजस्य बनाए रखने का दिन रहेगा. कार्यक्षेत्र में नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है. आपकी संवाद क्षमता और व्यवहारिक सोच आपको सफलता दिला सकती है. व्यापार में लाभ के संकेत हैं तथा नए सौदों पर सकारात्मक प्रगति हो सकती है. प्रेम जीवन में मधुरता और विश्वास बढ़ेगा. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा. आर्थिक मामलों में स्थिति अनुकूल रहेगी, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से खर्च करना बेहतर होगा. मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा और दिन सुखद अनुभव दे सकता है. वृश्चिक राशिफल मंगलवार वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सफलता दिलाने वाला दिन हो सकता है. करियर में नई उपलब्धियां प्राप्त होने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में आपकी क्षमता की सराहना होगी. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं तथा आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं. व्यापारिक मामलों में लाभदायक निर्णय लेने का अवसर मिलेगा. परिवार के किसी सदस्य से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है, जिससे खुशी का माहौल बनेगा. प्रेम संबंधों में निकटता बढ़ेगी. स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाना लाभकारी रहेगा. दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा. धनु राशिफल धनु राशि के लिए मंगलवार नए अवसरों और यात्राओं का संकेत लेकर आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण लाभ दिला सकते हैं. व्यापारियों को नए अनुबंध या साझेदारी से लाभ मिल सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं. परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से खुशी मिलेगी. जीवनसाथी के साथ संबंध और मजबूत होंगे तथा आपसी समझ बढ़ेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक होगा. नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल दिखाई देता है. मकर राशिफल मकर राशि के जातकों के लिए मंगलवार योजनाओं को

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बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने? जेपी से लेकर नीतीश तक बदलाव की राजनीति से जुड़ रही नई कड़ी

Bankipur By Election Result: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत ने बिहार की नेतृत्व में नई बहस छेड़ दी है. लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर मिली जीत को नेतृत्वक जानकार केवल एक उपचुनाव का परिणाम नहीं, बल्कि बदलते नेतृत्वक समीकरणों का संकेत मान रहे हैं. इस नतीजे के बाद राज्य में तीसरे नेतृत्वक विकल्प, शहरी मतदाताओं की नई पसंद और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. बिहार में परिवर्तन की नेतृत्व का रहा है लंबा इतिहास बिहार की नेतृत्व समय-समय पर बड़े बदलावों की साक्षी रही है. वर्ष 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले छात्र आंदोलन ने देश की नेतृत्व को नई दिशा दी. इसके बाद 1990 में लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय की नेतृत्व के प्रतीक बनकर उभरे. वर्ष 2005 में नीतीश कुमार ने विकास और सुशासन के मुद्दे पर सत्ता परिवर्तन किया. अब बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत के बाद नेतृत्वक गलियारों में एक बार फिर बदलाव की नेतृत्व पर चर्चा शुरू हो गई है. बांकीपुर का परिणाम क्यों है खास? बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. ऐसे में इस सीट पर जन सुराज की जीत को विपक्ष और नेतृत्वक विश्लेषक महत्वपूर्ण मान रहे हैं. माना जा रहा है कि इस परिणाम ने यह संकेत दिया है कि शहरी क्षेत्रों में भी मतदाता नए नेतृत्वक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. जन सुराज के लिए क्यों अहम है यह जीत? यह जीत जन सुराज के लिए केवल एक विधानसभा सीट हासिल करने तक सीमित नहीं है. इससे पार्टी को विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला है और संगठन को राज्यभर में विस्तार देने का मनोबल भी बढ़ा है. पार्टी इसे अपनी वैचारिक नेतृत्व की पहली बड़ी चुनावी सफलता के रूप में देख रही है. जीत के बाद किसने दी बधाई? जीत के बाद जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने बांकीपुर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और जनता के विश्वास की जीत है. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर विधानसभा में जनता की मजबूत आवाज बनेंगे और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे. इसके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशांत किशोर को बधाई दी. पटना सहित सीवान, सारण, गोपालगंज, जीरादेई, मढ़ौरा और बिहार के कई जिलों में जन सुराज कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला, मिठाइयां बांटी और अबीर-गुलाल लगाकर जीत का जश्न मनाया. जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर? निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि बांकीपुर की जनता के भरोसे और बदलाव की इच्छा की जीत है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने उन्हें वोट दिया उनका आभार है और जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनका भी विश्वास जीतने का प्रयास करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा. क्या बदलेंगे बिहार के नेतृत्वक समीकरण? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत के बाद भाजपा, जदयू, राजद और कांग्रेस सभी अपनी चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे. यदि जन सुराज आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का प्रदर्शन करती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला पहले की तुलना में अधिक त्रिकोणीय हो सकता है. आगे जन सुराज के सामने क्या चुनौती? नेतृत्वक सफलता के बाद अब जन सुराज के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना, संगठन का तेजी से विस्तार करना और विधानसभा में प्रभावी भूमिका निभाना होगा. पार्टी की आगामी नेतृत्वक रणनीति और जनाधार का विस्तार ही तय करेगा कि यह जीत भविष्य की बड़ी नेतृत्वक सफलता में बदलती है या नहीं. Also Read: Bankipur By Election Result: बांकीपुर में छा गए प्रशांत किशोर, 2025 में हार के 9 महीनों बाद ऐसा क्या बदला कि BJP को उसी के गढ़ में पछाड़ दिया The post बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत के क्या हैं मायने? जेपी से लेकर नीतीश तक बदलाव की नेतृत्व से जुड़ रही नई कड़ी appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं कन्हैया वाधवन? जिन्हें दिलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की मिली कप्तानी

Kanhaiya Wadhawan: दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए नॉर्थ जोन टीम की कमान जम्मू-कश्मीर के विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वाधवन को सौंपी गई है. रणजी ट्रॉफी विजेता जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है, जबकि अयुष बदोनी को उपकप्तान बनाया गया है. कन्हैया के लिए यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने जैसी है, क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें लगातार पांच सीजन तक रणजी टीम में जगह नहीं मिली थी. 17 साल की उम्र में किया था फर्स्ट क्लास डेब्यू सितंबर 2001 में जम्मू में जन्मे कन्हैया वाधवन ने महज 17 साल की उम्र में 2018-19 रणजी ट्रॉफी में असम के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. हालांकि, अगले ही मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. इसके बाद वह 2019-20, 2021-22, 2022-23, 2023-24 और 2024-25 रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर की टीम में जगह नहीं बना सके. दलीप ट्रॉफी से बदली किस्मत साल 2025 में कन्हैया को दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन टीम में मौका मिला. उन्होंने दो मैचों में 99 रन बनाए और एक अर्धशतक भी जड़ा. इसी प्रदर्शन के दम पर उनकी रणजी टीम में वापसी हुई. जिसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अहम भूमिका निभाई. रणजी ट्रॉफी जीत में निभाई अहम भूमिका 2025-26 रणजी ट्रॉफी में कन्हैया ने 10 मैचों में 474 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए. कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में उनका अर्धशतक और हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शतक टीम की खिताबी जीत में अहम साबित हुआ. वह पूरे टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. अब तक वह 16 फर्स्ट क्लास मैचों में 883 रन बना चुके हैं, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं. उनका औसत 40.13 का है. कनहैया ने नवंबर 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान महाराष्ट्र के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था. उन्होंने चार मैचों में 77 रन बनाए. अब कप्तानी की होगी असली परीक्षा दिलीप ट्रॉफी में कन्हैया वाधवन के सामने कप्तान के तौर पर बड़ी चुनौती होगी. टूर्नामेंट में रजत पाटीदार, ईशान किशन और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे अनुभवी कप्तान भी अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व करेंगे. ऐसे में युवा वाधवन की नेतृत्व क्षमता की भी कड़ी परीक्षा होगी. ये भी पढ़ें: दिलीप ट्रॉफी: नॉर्थ जोन की टीम घोषित, अर्शदीप सिंह को मिली जगह; जम्मू-कश्मीर से 6 खिलाड़ियों की एंट्री The post कौन हैं कन्हैया वाधवन? जिन्हें दिलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की मिली कप्तानी appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक पुलिस भर्ती विवाद: इस्तीफे की मांग पर प्रियांक खड़गे का तंज- पहले 25 दिन भूख हड़ताल, फिर लाठीचार्ज

कर्नाटक राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. परीक्षा केंद्रों पर कुछ अभ्यर्थियों के विरोध और पुलिस कार्रवाई के बीच राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का इस्तीफे की मांग पर की.पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक,प्रियांक खड़गे ने कहा कि यदि कोई मेरे इस्तीफे की मांग कर रहा है तो पहले उम्मीदवार 25 दिन की भूख हड़ताल करें, फिर लाठीचार्ज हो और उसके बाद मैं इस्तीफा दे दूंगा, जैसा कि NEET विवाद के दौरान देखने को मिला था. इस्तीफे पर दिया गया उनका यह बयान अब नेतृत्वक बहस का नया मुद्दा बनता जा रहा है. OMR को लेकर फैली गलतफहमी पर दी सफाई प्रियांक खड़गे ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों में यह गलतफहमी फैल गई थी कि OMR शीट का सीरियल नंबर और प्रश्नपत्र का सीरियल नंबर एक जैसा होना जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियम नहीं था और परीक्षा प्राधिकरण ने कहीं भी ऐसी शर्त नहीं रखी थी. उन्होंने कहा कि कुछ उम्मीदवार इसी भ्रम में परीक्षा केंद्र छोड़कर बाहर चले गए. प्रियांक खड़गे इस्तीफे की मांग पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि PSI भर्ती घोटाले के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया था. उन्होंने दावा किया कि लाखों उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जबकि विवाद केवल करीब 120 अभ्यर्थियों तक सीमित रहा. View on Instagram बाहर निकले तो दोबारा प्रवेश संभव नहीं गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि परीक्षा नियमों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार OMR शीट लेकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश नहीं कर सकता. अधिकारियों ने उम्मीदवारों को पहले ही समझाने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ लोगों ने नियमों की अनदेखी की. बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने दोबारा अंदर आने की मांग की, जिसे नियमों के कारण स्वीकार नहीं किया जा सका. हिरासत और इस्तीफे की मांग पर पलटवार प्रियांक खड़गे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का बचाव करते हुए कहा कि यदि कोई परीक्षा केंद्र की व्यवस्था बिगाड़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो पुलिस कार्रवाई करना स्वाभाविक है. बीजेपी का कांग्रेस पर वार कर्नाटक में वेटरनरी प्रवेश परीक्षा और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासत तेज हो गई है.बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर छात्रों के हितों के नाम पर नेतृत्व करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने छात्र हितों के प्रति कांग्रेस की कथित संवेदनशीलता का मुखौटा उतार दिया है. ये भी पढ़ें: संसद में हंगामे के बीच दो अहम विधेयक पास; किरेन रिजिजू बोले- कांग्रेस को राह दिखाने वाला कोई नहीं The post कर्नाटक पुलिस भर्ती विवाद: इस्तीफे की मांग पर प्रियांक खड़गे का तंज- पहले 25 दिन भूख हड़ताल, फिर लाठीचार्ज appeared first on Naya Vichar.

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‘मैं मरा नहीं हूं, वापस आऊंगा’… Prashant Kishor

बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी कभी सिर्फ पानी नहीं होता. वह शासन की दरारों में भरा हुआ भरोसा भी होता है. पटना की एक सड़क पर ऐसा ही पानी जमा था. लोग रोज गुजरते थे. शिकायतें भी होती थीं. लेकिन प्रशासन की नजर वहां नहीं पहुंची. फिर एक कैमरा पहुंचा. सोशल मीडिया पर एक वीडियो आया. कुछ घंटों बाद प्रशासनी मशीनें भी पहुंच गईं. उस दिन सड़क से सिर्फ पानी नहीं निकला था. यह भ्रम भी बह गया था कि विपक्ष केवल चुनाव के समय दिखाई देता है. शायद वहीं से बांकीपुर की कहानी शुरू हुई. ‘मैं मरा नहीं हूं, वापस आऊंगा’ करीब तीन साल पहले जब JanSuraaj यात्रा शुरू हुई थी, तब बहुत लोगों ने इसे नेतृत्वक प्रयोग माना. कहा गया कि रणनीति बनाना और चुनाव जीतना दो अलग बातें हैं. कई लोगों ने यहां तक कह दिया कि प्रशांत किशोर का नेतृत्वक अध्याय शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया. लेकिन प्रशांत किशोर बार-बार एक ही बात कहते रहे. मैं मरा नहीं हूं, वापस आऊंगा. Bankipur का नतीजा उसी वाक्य की नेतृत्वक वापसी जैसा दिखता है. नेतृत्व का नया व्याकरण बिहार की नेतृत्व लंबे समय तक जातियों के जोड़-घटाव की भाषा में लिखी गई. हर चुनाव एक सामाजिक समीकरण था. हर प्रत्याशी एक जातीय प्रतिनिधि. हर रैली पहचान का उत्सव. लेकिन इतिहास कभी एक भाषा में हमेशा नहीं लिखा जाता. जब समाज बदलता है, तो नेतृत्व का व्याकरण भी बदलता है. बांकीपुर शायद उसी बदलाव का पहला स्पष्ट वाक्य है. ध्यान देने वाली बात यह है कि इन मुद्दों का संबंध किसी जाति या धर्म से नहीं है. इनका संबंध हर परिवार से है. यही कारण है कि उनकी नेतृत्व को कई विश्लेषक एजेंडा आधारित नेतृत्व कह रहे हैं. अगर यह प्रयोग आगे भी सफल होता है, तो बिहार की चुनावी भाषा बदल सकती है. नई पीढ़ी का नया मतदाता बांकीपुर का परिणाम एक और बदलाव की ओर संकेत करता है. आज का मतदाता 1990 के दशक वाला मतदाता नहीं है. मोबाइल, सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्टार्टअप, रोजगार, माइग्रेशन और वैश्विक अवसरों के बीच पली-बढ़ी पीढ़ी की प्राथमिकताएं अलग हैं. Gen Z और युवा मतदाता जाति को पूरी तरह नहीं छोड़ते, लेकिन केवल उसी आधार पर वोट भी नहीं देते. यही सवाल अब चुनावी नेतृत्व की दिशा बदल रहे हैं. तीसरी ताकत की औपचारिक एंट्री बिहार लंबे समय से दो बड़े ध्रुवों के बीच घूमता रहा है. एक ओर एनडीए. दूसरी ओर राजद गठबंधन. बांकीपुर की जीत ने पहली बार यह संभावना मजबूत की है कि राज्य में तीसरी नेतृत्वक धुरी भी प्रभावी बन सकती है. यह केवल सीटों का सवाल नहीं है. यह नेतृत्वक प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देने का संकेत है. Bankipur के बाद बिहार बांकीपुर का परिणाम अंतिम फैसला नहीं है. एक उपचुनाव पूरे राज्य का भविष्य तय नहीं करता. लेकिन कुछ चुनाव ऐसे होते हैं जो आने वाले वर्षों की दिशा बता देते हैं. 1977, 1989 और 2014 ऐसे ही चुनाव थे. क्या 2026 का बांकीपुर भी उसी श्रेणी में शामिल होगा? इसका उत्तर अभी भविष्य देगा. लेकिन इतना स्पष्ट है कि बिहार की नेतृत्व अब पहले जैसी नहीं रहेगी. जाति रहेगी, पहचान भी रहेगी, लेकिन उनके साथ अब काम, जवाबदेही और एजेंडा भी बराबरी से खड़े होंगे. और शायद यही इस चुनाव का सबसे बड़ा संदेश है. यह भी पढ़ें : Prashant Kishor : दूसरों की प्रशासन बनाने वाले PK, बांकीपुर उपचुनाव में क्या साबित करना चाहते हैं? The post ‘मैं मरा नहीं हूं, वापस आऊंगा’… Prashant Kishor appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल कांग्रेस की ओवरहॉलिंग की तैयारी, 32 संगठनात्मक जिलों में पर्यवेक्षक भेजेंगे मल्लिकार्जुन खरगे

पश्चिम बंगाल में अपनी खोयी हुई नेतृत्वक जमीन वापस पाने और संगठन में नयी जान फूंकने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने कमर कस ली है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य के सभी 32 संगठनात्मक जिलों में अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भेजने का फैसला किया है. ये पर्यवेक्षक सीधे जिला नेताओं, ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर स्थिति का जायजा लेंगे. पर्यवेक्षकों की जल्द घोषणा करेंगे खरगे कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को बताया कि इसका उद्देश्य जिला अध्यक्षों के चयन में पारदर्शिता लाना है. पहले यह शिकायतें आती थीं कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में केवल राज्य स्तर के शीर्ष नेताओं की पसंद को ही तवज्जो दी जाती थी. अब एआईसीसी पर्यवेक्षकों की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर ही जिलाध्यक्ष बनाये जायेंगे. प्रत्येक जिले के लिए अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा सकता है, जिसकी घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द करेंगे. नये एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने कमान संभाली हाल ही में गुलाम मीर की जगह उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल का नया कांग्रेस प्रभारी बनाया गया है. प्रभारी बनने के बाद प्रकाश जोशी ने कोलकाता पहुंचकर सोमवार से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ पहले दौर की महत्वपूर्ण बैठकें शुरू कर दी हैं. बैठकों का दौर मंगलवार को भी जारी रहेगा. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल के कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर हटाये गये, जानें कौन बने नये प्रभारी जिला स्तर के नेताओं को मिला था 10-सूत्रीय संगठनात्मक एजेंडा बैठक से पहले जिला स्तर के नेताओं को एक 10-सूत्रीय संगठनात्मक एजेंडा भेजा गया था, जिसके तहत संगठन की वर्तमान स्थिति, नगर पालिकाओं, नगर निगमों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है. नये कार्यकर्ताओं की बनेगी सूची, दागी नेताओं के लिए दरवाजे बंद समीक्षा बैठक के तहत प्रभारी प्रकाश जोशी ने विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का पूरा ब्योरा मांगा है. इसमें वे किस नेतृत्वक दल (जैसे टीएमसी या भाजपा) से आये हैं, उनकी नेतृत्वक पृष्ठभूमि, उम्र और उन्हें पार्टी में दी गयी जिम्मेदारियों की जानकारी मांगी गयी है. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने मांगी INDIA की मदद, लेफ्ट ने याद दिलाये पुराने दिन, कांग्रेस बोली- पहले गलती स्वीकार करें, फिर होगी बात भ्रष्टाचार या आपराधिक छवि वालों के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों से नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं. पार्टी ने साफ कहा है कि वह किसी भी दागी नेता को शरण नहीं देगी. एआईसीसी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि अन्य दलों से आये स्वच्छ छवि के नेताओं का पार्टी में स्वागत होगा, लेकिन जिन पर भ्रष्टाचार या गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर कांग्रेस में शामिल नहीं किया जायेगा. The post बंगाल कांग्रेस की ओवरहॉलिंग की तैयारी, 32 संगठनात्मक जिलों में पर्यवेक्षक भेजेंगे मल्लिकार्जुन खरगे appeared first on Naya Vichar.

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भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई रफ्तार, जयशंकर बोले- अब साझेदारी को माइनिंग सेक्टर तक ले जाना चाहते हैं

India Uzbekistan Relations : हिंदुस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में अहम पहल हुई है. चार दिवसीय हिंदुस्तान दौरे पर आए उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सईदोव ने सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, रेयर अर्थ मिनरल्स, माइनिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की. हिंदुस्तान ने साफ किया कि अब वह उज्बेकिस्तान के साथ साझेदारी को माइनिंग सेक्टर तक ले जाना चाहता है. माइनिंग और रेयर अर्थ मिनरल्स पर रहेगा फोकस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान उज्बेकिस्तान को अपने एक्सटेंडेड नेवरहुड (विस्तारित पड़ोस) का अहम हिस्सा मानता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों, विचारों और व्यापार का संबंध सदियों पुराना है और अब यह रिश्ता नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है. जयशंकर ने कहा कि निर्माण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा के बाद अब दोनों देश माइनिंग सेक्टर, खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच मौजूदा व्यापार लगभग एक अरब डॉलर का है, लेकिन दोनों देशों की क्षमता इससे कहीं अधिक है. इसलिए व्यापार और निवेश को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा. राष्ट्रपति मुर्मू ने बताई अपार संभावनाएं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात में कहा कि दोनों देशों के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और माइनिंग के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने हिंदुस्तान-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम का भी स्वागत किया और कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों को नई दिशा मिलेगी. राष्ट्रपति ने बताया कि हिंदुस्तान के ITEC और स्कॉलरशिप कार्यक्रमों के तहत अब तक 3,000 से अधिक उज्बेक अधिकारी, पेशेवर और छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 16,000 से अधिक हिंदुस्तानीय छात्र फिलहाल उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं. NAM अध्यक्षता पर हिंदुस्तान का समर्थन, आतंकवाद पर साझा रुख बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 2027-29 के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की अध्यक्षता के लिए उज्बेकिस्तान को हिंदुस्तान का समर्थन देने की घोषणा की. साथ ही BRICS में साझेदार देश के रूप में हिंदुस्तान की अध्यक्षता के दौरान सहयोग के लिए उज्बेकिस्तान का आभार भी जताया. जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान और उज्बेकिस्तान आतंकवाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर समान सोच रखते हैं. उन्होंने उज्बेकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है. सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि उच्चस्तरीय बैठकों और लगातार बढ़ते संवाद से हिंदुस्तान-उज्बेकिस्तान के रिश्ते और मजबूत होंगे. दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग, तकनीक और मध्य एशिया में साझेदारी को लेकर भविष्य में और बड़े कदम उठाए जाएंगे. Also read : ताइवान के छात्रों के लिए चीन में समर कैंप : ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट ने बताया चीन AI के जरिए कर सकता है ब्लैकमेल The post हिंदुस्तान-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई रफ्तार, जयशंकर बोले- अब साझेदारी को माइनिंग सेक्टर तक ले जाना चाहते हैं appeared first on Naya Vichar.

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जसप्रीत बुमराह की चोट ने खोली फिटनेस सिस्टम की पोल? BCCI ने CoE से मांगा जवाब

Jasprit Bumrah Injury: हिंदुस्तानीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद हिंदुस्तानीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के चोट और फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं. बताया जा रहा है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल टीम तथा राष्ट्रीय चयन समिति के बीच तालमेल की कमी के कारण यह स्थिति पैदा हुई. सूत्रों के मुताबिक, चयनकर्ताओं को पहले बताया गया था कि बुमराह 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि उनकी चोट पहले के अनुमान से ज्यादा गंभीर है. इससे चयन प्रक्रिया भी प्रभावित हुई. वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर की बैठक मामले को लेकर सोमवार को वीवीएस लक्ष्मण, चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बीच खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस मैनेजमेंट पर समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया भी समन्वयक (Coordinator) के तौर पर शामिल हुए. CoE की कार्यप्रणाली पर सवाल बीसीसीआई में नितिन पटेल के जाने के बाद से स्पोर्ट्स साइंस विभाग के प्रमुख का पद खाली है. फिलहाल धनंजय कौशिक अंतरिम प्रमुख के तौर पर बेंगलुरु स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. हालांकि उनकी योग्यता पर सवाल नहीं हैं, लेकिन खिलाड़ियों की वापसी की समयसीमा तय करने और ‘रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हर्षित राणा और दूसरे खिलाड़ियों का भी जिक्र रिपोर्ट में हर्षित राणा का मामला भी सामने आया है. सवाल यह है कि वजन अधिक होने के बावजूद उन्हें फिट कैसे घोषित किया गया, जबकि बाद में उनकी हैमस्ट्रिंग की चोट फिर उभर आई. इसके अलावा वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी के बार-बार चोटिल होने को लेकर भी CoE की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. यह भी चर्चा है कि क्या नीतीश रेड्डी की गेंदबाजी गति बढ़ाने के प्रयास ने उनकी चोट का जोखिम बढ़ाया. साई सुदर्शन की फिटनेस पर भी नजर एक बीसीसीआई अधिकारी के मुताबिक, चयनकर्ताओं को बताया गया है कि साई सुदर्शन नेट्स में करीब 75 मिनट बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनकी रिकवरी अच्छी है. हालांकि अगर बाद में उनकी फिटनेस को लेकर भी बदलाव होता है, तो इसका असर चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है. फिजियो की भूमिका भी समीक्षा में हिंदुस्तानीय टीम के फिजियो कामलेश जैन, जो पिछले करीब पांच वर्षों से टीम के साथ हैं, उनकी भूमिका भी समीक्षा के दायरे में बताई जा रही है. माना जा रहा है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: दिलीप ट्रॉफी: नॉर्थ जोन की टीम घोषित, अर्शदीप सिंह को मिली जगह; जम्मू-कश्मीर से 6 खिलाड़ियों की एंट्री The post जसप्रीत बुमराह की चोट ने खोली फिटनेस सिस्टम की पोल? BCCI ने CoE से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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SBI ने जारी किए CBO भर्ती 2026 के फाइनल मार्क्स, ऐसे करें डाउनलोड

SBI CBO Result 2026: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए जरूरी समाचार है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) भर्ती 2026 के फाइनल मार्क्स जारी कर दिए हैं. जिन कैंडिडेट्स ने इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, वे अब SBI की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर अपने लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंक देख सकते हैं. इस भर्ती का फाइनल रिजल्ट पहले ही 24 जुलाई 2026 को जारी किया जा चुका था. अब कैंडिडेट्स के लिए मार्क्स भी उपलब्ध करा दिए गए हैं. ऐसे चेक करें अपने मार्क्स कैंडिडेट सबसे पहले SBI की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर जाएं. इसके बाद Careers सेक्शन में जाकर Recruitment Result ऑप्शन पर क्लिक करें. अब स्क्रीन पर दिखाई दे रहे “CBO Recruitment 2026 Marks” लिंक पर क्लिक करें. अब अपना Registration Number या Roll Number और Password/Date of Birth डाल कर लॉगिन करें. लॉगिन करते ही स्क्रीन पर लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त मार्क्स दिखाई देंगे. कैंडिडेट भविष्य के लिए अपने स्कोरकार्ड का प्रिंटआउट या PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें. ये भी पढ़ें: SSC JE का फाइनल रिजल्ट जारी, 1731 पदों पर हुआ सेलेक्शन 2050 पदों पर हो रही है भर्ती SBI ने Circle Based Officer (CBO) के कुल 2050 पदों पर भर्ती निकाली थी. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक लिए गए थे. लिखित परीक्षा मार्च 2026 में आयोजित हुई थी. इसके बाद 30 जून को रिजल्ट, 13 जुलाई से इंटरव्यू और 24 जुलाई 2026 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया. अब 3 अगस्त 2026 को कैंडिडेट्स के फाइनल मार्क्स भी जारी कर दिए गए हैं. स्थानीय भाषा का ज्ञान था जरूरी SBI CBO भर्ती के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन पास होना अनिवार्य था. इसके साथ कैंडिडेट्स के लिए संबंधित राज्यों की स्थानीय भाषा का ज्ञान भी जरूरी रखा गया था. भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल समेत देश के विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग रिक्तियां निर्धारित की गई थीं. इसी वजह से प्रत्येक सर्किल के अनुसार स्थानीय भाषा की शर्त भी लागू की गई थी. आप डायरेक्ट नीचे दिए लिंक पर भी क्लिक कर अपना मार्क्स देख सकते हैं. Check Here SBI CBO Recruitment 2026 Marks ये भी पढ़ें: बैंक में डेटा बचाने के लिए इन एक्सपर्ट की पड़ती है जरूरत, आप भी शुरू कर सकते हैं अपना करियर The post SBI ने जारी किए CBO भर्ती 2026 के फाइनल मार्क्स, ऐसे करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

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