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श्रावणी मेला के दौरान 06 जोड़ी ट्रेनों का अशोकधाम स्टेशन पर ठहराव

नया विचार न्यूज़ हाजीपुर: श्रावणी मेला के दौरान दानापुर मंडल के अशोकघाम स्टेशन पर तत्काल प्रभाव से 06 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव प्रदान किया गया है जिनका विवरण निम्नानुसार है – 1. गाड़ी सं. 63571 जसीडीह-मोकामा पैसेंजर 22.44/22.46 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 2. गाड़ी सं. 63572 मोकामा-जसीडीह पैसेंजर 05.32/05.34 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 3. गाड़ी सं. 03236 दानापुर-साहिबगंज स्पेशल 08.14/08.15 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 4. गाड़ी सं. 03235 साहिबगंज-दानापुर स्पेशल 19.50/19.51 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 5. गाड़ी सं. 05545 रक्सौल-देवघर स्पेशल 11.08/11.09 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 6. गाड़ी सं. 05546 देवघर-रक्सौल स्पेशल 23.48/23.49 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 7. गाड़ी सं. 03511 आसनसोल-पटना स्पेशल 22.53/22.54 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 8. गाड़ी सं. 03512 पटना-आसनसोल स्पेशल 06.13/06.14 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 9. गाड़ी सं. 03555 मधुपुर-पटना स्पेशल 23.49/23.50 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 10. गाड़ी सं. 03556 पटना-मधुपुर स्पेशल 07.38/07.39 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 11. गाड़ी सं. 03527 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 01.23/01.24 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी । 12. गाड़ी सं. 03528 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 01.35/01.36 बजे अशोकधाम स्टेशन पर रुकते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी ।

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जयनगर और लखनऊ के मध्य परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा लेवल-1 के विभिन्न पदों हेतु कंप्यूटर आधारित परीक्षा (ब्ठज्) फेज-। का दिनांक 03.08.26 से 06.08.26 तक विभिन्न चरणों में आयोजित की जा रही है। इसी के मद्देनजर अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु पूर्व मध्य रेल द्वारा जयनगर और लखनऊ 01 जोड़ी परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है – 1. गाड़ी सं. 03203/03204 जयनगर- लखनऊ-जयनगर परीक्षा स्पेशल – गाड़ी सं. 03203 जयनगर-लखनऊ परीक्षा स्पेशल 04.08.26 को जयनगर से 15.00 बजे प्रस्थान कर 16.30 बजे दरभंगा, 17.30 बजे समस्तीपुर, 19.00 बजे मुजफ्फरपुर, 20.40 बजे बापूधाम मोतिहारी, 21.45 बजे बेतिया, 22.30 बजे नरकटियागंज रुकते हुए गोरखपुर, बस्ती, गोंडा के रास्ते अगले दिन 10.15 बजे लखनऊ पहुंचेगी । वापसी में गाड़ी सं. 03204 लखनऊ-जयनगर परीक्षा स्पेशल 05.08.26 को लखनऊ से 12.30 बजे खुलकर 23.15 बजे नरकटियागंज तथा अगले दिन 00.05 बजे बेतिया, 01.10 बजे बापूधाम मोतिहारी, 03.05 बजे मुजफ्फरपुर, 04.05 बजे समस्तीपुर, 05.30 बजे दरभंगा रुकते हुए 08.30 बजे जयनगर पहुंचेगी । इस स्पेशल में 12 कोच शयनयान श्रेणी के तथा 02 कोच एसएलआरडी के होंगे । अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि रेलवे की स्पेशल ट्रेनों का लाभ उठाएं।

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मिडटर्म चुनाव से ट्रंप की बढ़ी चिंता ! अब 2028 की सत्ता की बिसात बिछाने में जुटे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर चिंतित दिख रहे हैं. एएनआई न्यूज यूजेंसी के मुताबिक, ट्रंप की सबसे बड़ी दिलचस्पी अब 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर है. उनका लक्ष्य रिपब्लिकन पार्टी के अगले उम्मीदवार के चयन में निर्णायक भूमिका निभाना और पार्टी की नेतृत्वक दिशा तय करना है. ट्रंप को ऐसे नेता के रूप में बताया गया है जो आसानी से अपनी नेतृत्वक विरासत किसी दूसरे नेता को सौंपने के पक्ष में नहीं हैं. डेमोक्रेट्स की जांच से भी नहीं दिख रही चिंता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप निश्चित रूप से चाहते हैं कि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में जीत दर्ज करे. हालांकि अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं और ट्रंप के परिवार, संपत्ति या नीतियों की जांच शुरू करते हैं, तब भी ट्रंप इसे अपनी नेतृत्वक रणनीति के लिए खतरा नहीं मान रहे हैं. माना जा रहा है कि ऐसे हालात का भी नेतृत्वक फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. मिडटर्म के बाद डेमोक्रेट्स कांग्रेस में मजबूत स्थिति में आते हैं, तो ट्रंप प्रशासन और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ सकता है. विशेष रूप से जांच और दस्तावेजों की मांग को लेकर संवैधानिक विवाद की स्थिति बन सकती है. नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम वर्षों में यह मुद्दा अमेरिकी नेतृत्व का सबसे बड़ा संघर्ष बन सकता है. 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर पूरा फोकस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी दिलचस्पी अब 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर है. ट्रंप के सलाकार ने बताया कि लक्ष्य रिपब्लिकन पार्टी के अगले उम्मीदवार के चयन में निर्णायक भूमिका निभाना और पार्टी की नेतृत्वक दिशा तय करना है। ट्रंप को ऐसे नेता के रूप में बताया गया है जो आसानी से अपनी नेतृत्वक विरासत किसी दूसरे नेता को सौंपने के पक्ष में नहीं हैं। सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बढ़ सकता है प्रभाव अगर रिपब्लिकन पार्टी सीनेट में बहुमत बनाए रखती है तो ट्रंप समर्थक नेताओं का प्रभाव और बढ़ सकता है। वहीं प्रतिनिधि सभा में भी ट्रंप समर्थित सांसदों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई गई है। इससे पार्टी के भीतर उनकी पकड़ और मजबूत हो सकती है तथा विरोधी आवाजें कमजोर पड़ सकती हैं। वेंस-रुबियो की जोड़ी पर नजर राष्ट्रपति ट्रंप भविष्य में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जोड़ी को आगे बढ़ाना चाहते हैं. माना जा रहा है कि रिपब्लिकन पार्टी के संभावित दावेदारों के लिए ट्रंप का समर्थन हासिल करना बेहद अहम होगा. ऐसे में कोई भी नेता खुलकर ट्रंप का विरोध करने की स्थिति में नहीं होगा. ये भी पढ़ें: Video : डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान पर था ‘विश्व युद्ध जैसा’ हमले का प्लान The post मिडटर्म चुनाव से ट्रंप की बढ़ी चिंता ! अब 2028 की सत्ता की बिसात बिछाने में जुटे appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर में BJP की हार पर आदित्य ठाकरे का तंज, बोले- बदलाव की हवा अब पूरे देश में चलेगी

Aditya Thackeray on Bankipur Bypoll : शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के लिए बड़ा नेतृत्वक झटका बताया. उन्होंने कहा कि अब देश में बदलाव की हवा चल चुकी है और जहां भाजपा पिछले 20-25 वर्षों से चुनाव नहीं हार रही थी, वहां भी हार का सामना करना पड़ रहा है. आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा नेताओं का यह दावा कि पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव जीत जाएगा, अब गलत साबित होता दिख रहा है. उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वालों को हिंदू विरोधी बताना गलत है. आदित्य ठाकरे ने कहा, “अधूरे राम मंदिर का उद्घाटन करना, शंकराचार्यों और राष्ट्रपति को उद्घाटन समारोह में नहीं बुलाना क्या हिंदू विरोधी नहीं है? अगर राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगते हैं तो उस पर सवाल उठाना हिंदू विरोधी कैसे हो गया?” उन्होंने दावा किया कि पप्पू यादव इसी मुद्दे को उठा रहे थे, इसलिए उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है. पालघर कांड का भी किया जिक्र आदित्य ठाकरे ने अपने बयान में पालघर साधु हत्याकांड का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले के मुख्य आरोपी भाजपा से जुड़े थे. ठाकरे ने कहा कि आज देश में हिंदुओं की जो स्थिति है, उसके लिए भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाने वालों को राष्ट्रविरोधी या हिंदू विरोधी बताना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं है. बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने रचा इतिहास बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट हाल ही में देश की सबसे चर्चित सीटों में रही. 3 अगस्त को घोषित नतीजों में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने नेतृत्वक करियर का पहला चुनाव जीतते हुए भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,419 वोटों से हराया. प्रशांत किशोर को 63,203 वोट (करीब 49%) मिले, जबकि राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं. यह जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था. 31 साल बाद टूटा BJP का गढ़ बांकीपुर सीट (पूर्व में पटना पश्चिम) पर 1995 से लगातार भाजपा का कब्जा रहा था. भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे. उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया. इस चुनाव में सिर्फ 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ, लेकिन इसके बावजूद प्रशांत किशोर ने भाजपा के 31 साल पुराने किले को ढहा दिया. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय मुद्दों, मतदाताओं की नाराजगी और पारंपरिक वोट बैंक में सेंध के कारण भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा. Also read : Bankipur By Election Result: बांकीपुर में 31 साल का भाजपा का गढ़ टूटने की कगार पर, 16 हजार से ज्यादा वोटों से आगे प्रशांत किशोर The post बांकीपुर में BJP की हार पर आदित्य ठाकरे का तंज, बोले- बदलाव की हवा अब पूरे देश में चलेगी appeared first on Naya Vichar.

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हनीट्रैप के लिए खूबसूरत युवतियों का गैंग तैयार कर रहा था हमीम मंडल

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सदस्यों को पता चला है कि पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसियों और आतंकवादी संगठनों द्वारा इस राज्य में खूबसूरत युवतियों का एक गैंग तैयार किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के कुछ प्रमुख मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को हनीट्रैप के जाल में फंसाना था. झारखंड की मॉडल का भी नाम आया सामने खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस काम के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय सुंदर युवतियों और उभरती हुई मॉडल को निशाना बनाया जाता था. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया के जरिये ऐसी युवतियों से संपर्क साधते थे. उन्हें अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के मोहरे के रूप में इस्तेमाल करते थे. झारखंड की एक खूबसूरत मॉडल का नाम भी इस मामले में सामने आया है. उसे मॉडलिंग और एक्टिंग में ब्रेक देने का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया था. सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहने वाली कम उम्र की युवतियों को करते थे टारगेट मोटी रकम का प्रलोभन देकर हर हाल में अपने गिरोह से जोड़ने का होता था प्रयास पाकिस्तान से दी जाती थी ऑनलाइन ट्रेनिंग जांच में पता चला है कि संदिग्ध एजेंटों द्वारा इन युवतियों को सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती बढ़ाने और फिर धीरे-धीरे उनके करीब जाने के निर्देश दिये जाते थे. इसके बाद उन्हें लक्षित लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए तैयार किया जाता था. मोटी रकम का लालच देकर और पाकिस्तान से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था. ये भी पढ़ें: बंगाल में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान मॉड्यूल तैयार कर रहा था हमीम मंडल, निशाने पर थे 6 मंत्री मंत्रियों को निशाना बनाने की थी योजना राज्य पुलिस के एसटीएफ की टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हनीट्रैप नेटवर्क के दायरे में और कितनी युवतियां हैं. पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किन-किन मंत्रियों या अन्य प्रभावशाली लोगों को इस तरह से निशाना बनाने की योजना बनायी गयी थी. ये भी पढ़ें: आतंकियों के निशाने पर शुभेंदु अधिकारी : बंगाल के मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ी, अब बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे गिरफ्तार संदिग्ध के बैंक खातों की हो रही जांच इस गिरोह में शामिल युवतियों के बारे में जानकारी लेने के साथ गिरफ्तार संदिग्धों के बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच तेजी से की जा रही है, ताकि इस बड़े सुरक्षा खतरे की तह तक पहुंचा जा सके. ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी आतंकियों की हनीट्रैप अर्पिता प्रशासन का क्या है सच? जानें पिता ने क्या कहा The post हनीट्रैप के लिए खूबसूरत युवतियों का गैंग तैयार कर रहा था हमीम मंडल appeared first on Naya Vichar.

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बलिया में 46 दिन में इंसाफ : बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को उम्रकैद, POCSO कोर्ट का फैसला

UP Crime: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बेटी से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. महज 46 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने दोषी पिता को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. फैसला पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया. पिता ही निकला बेटी का गुनहगार पुलिस के अनुसार, मामला सुखपुरा थाना क्षेत्र के धनिधरा गांव का है. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 11 अप्रैल 2026 की रात उसके पिता विजय राम ने उसके साथ दुष्कर्म किया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया. POCSO कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट संख्या-08, बलिया ने अभियुक्त विजय राम को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा. 46 दिन में फैसला, ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता बलिया पुलिस ने बताया कि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने प्रभावी पैरवी की. इसी का परिणाम रहा कि संवेदनशील मामले में सिर्फ 46 दिनों के भीतर दोषी को सजा दिलाई जा सकी. ADGC ने रखी मजबूत पैरवी इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राकेश कुमार पाण्डेय ने प्रभावी ढंग से न्यायालय में पक्ष रखा. पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए भविष्य में भी इसी तरह प्रभावी पैरवी जारी रहेगी. यह भी पढ़ें: UP विधान परिषद में ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के गूंजे नारे, राम मंदिर दान विवाद पर प्रशासन-विपक्ष आमने-सामने The post बलिया में 46 दिन में इंसाफ : बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को उम्रकैद, POCSO कोर्ट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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महिला टीचर पर चाकू से अनगिनत वार कर की हत्या, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

Faridabad Teacher Murder : फरीदाबाद के सिकरौना में सोमवार को एक प्राइवेट स्कूल में स्त्री शिक्षिका की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. हत्या करने वाले की वीडियो सीसीटीवी में कैद हुई है. इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि शिक्षिका के क्लास से बाहर आते ही नकाबपोश युवक ने ताबड़तोड़ चाकू से वार करना शुरू कर दिया. पुलिस ने बताया कि स्त्री के गले, छाती और पेट के आसपास के हिस्से में 20 से 25 बार हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. सफेद कपड़े से चेहरा ढककर आया था हमलावर हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि हमलावर ने अपने चेहरे को सफेद कपड़े से ढक रखा था. उसने स्कूल के इंट्रेंस एरिया में कुछ देर इंतजार किया, जिसके बाद वह स्कूल के अंदर प्रवेश कर जाता है और स्त्री शिक्षिका के बारे में पूछने लगता है. इस घटनाक्रम के दौरान करीब सुबह के साढ़े नौ बजे थे. चाकू से किए ताबड़तोड़ वार फरीदाबाद सेक्टर 58 पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर केवल सिंह ने घटना से जुड़ी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जैसे ही स्त्री शिक्षिका के बाहर आते ही उन्हें खींचकर बाहर निकालता है और लगातार चाकू से हमला करना शुरू कर देता है. मृतका बचने की कोशिश करती है लेकिन वह कुछ समझ पाती इससे पहले अचेत होकर गिर पड़ती है. गले के पास टारगेट कर करने लगा हमला पुलिस द्वारा बताए अनुसार मृतका के एक अन्य सहकर्मी शिक्षक ने हमलावर को रोकने की कोशिश की. वह जैसे ही उसके समीप गए उनपर भी हमला करने के लिए हमलावर बढ़ा, जिससे वह डरकर पीछे हट गए. इसके बाद हमलावर सिर्फ गले के आसपास टारगेट कर चाकू मारने लग गया. इतने देर में हमलावर ने इतने वार कर दिए थे कि स्त्री की हालत गंभीर हो गई थी. CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक, हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि सहकर्मी शिक्षिका को अल-फलाह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि मृतक शिक्षिका दो बच्चों की मां थीं. घटना का CCTV फुटेज सामने आया है और उसकी मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. वहीं फिलहाल हमलावर के हमला करने के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. Also read : बैंकिंग कानून में होगा बदलाव, डिजिटल रिकॉर्ड को सबूत बनाने वाला बिल लोकसभा में पेश The post स्त्री टीचर पर चाकू से अनगिनत वार कर की हत्या, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: किस खेल ने बढ़ाया भारत का मान, कौन रहा फिसड्डी? देखें पूरा रिपोर्ट कार्ड

CWG 2026 India Report Card: ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान ने कुल 122 खिलाड़ियों का दल उतारा था. इनमें से 38 खिलाड़ी (गुलवीर सिंह ने दो मेडल जीते) पदक जीतने में सफल रहे. हिंदुस्तान ने कुल 39 मेडल के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया. हालांकि यह प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 के 61 पदकों से कम रहा, लेकिन उस समय हिंदुस्तान ने 210 खिलाड़ियों का दल भेजा था. इस बार करीब 31 प्रतिशत खिलाड़ियों ने मेडल जीता, जो पिछले संस्करण (29 प्रतिशत) से बेहतर सफलता दर रही. बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स जैसे स्पोर्ट्सों ने हिंदुस्तान की झोली मेडल से भर दी, जबकि कुछ स्पोर्ट्स उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके. ऐसे में ईएसपीएन की एक रिपोर्ट ने हिंदुस्तानीय अभियान का आकलन करते हुए अलग-अलग स्पोर्ट्सों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड दिए गए हैं. आइए जानते हैं कि किस स्पोर्ट्स ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया और किसे मिले सबसे कम अंक. बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का लहराया परचम हिंदुस्तान के लिए सबसे सफल स्पोर्ट्स बॉक्सिंग रहा, जिसे ए ग्रेड में रखा गया है. 14 मुक्केबाजों में से 10 ने पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत शामिल हैं. जैसमीन लंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, अंकुश, सचिन सिवाच, अरुंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया. वहीं लवलीना बोरगोहाईं, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बरवाल को रजत पदक से संतोष करना पड़ा. नीरज चोपड़ा (फोटो- सोशल मीडिया) पैरा एथलेटिक्स ने किया कमाल महज 11 खिलाड़ियों के दल ने 6 पदक जीतकर A ग्रेड में रखा गया है. दिलीप गावित, सोमन राणा और शर्मिला धनखड़ जैसे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. स्त्रीओं की शॉटपुट F57 स्पर्धा में शर्मिला ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रेरणादायी कहानी लिखी. जूडो ने रचा इतिहास, लेकिन डोपिंग ने घटाए अंक जूडो को B ग्रेड में शामिल किया गया है. हिंदुस्तान ने पहली बार इस स्पोर्ट्स में दो स्वर्ण सहित कुल चार पदक जीते. अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक अपने नाम किया. हालांकि, टूर्नामेंट से पहले दो खिलाड़ियों के डोपिंग मामले सामने आने के कारण इस प्रदर्शन पर सवाल भी उठे. ज्ञानेश्वरी यादव (फोटो- सोशल मीडिया) इन स्पोर्ट्सों ने किया निराश हिंदुस्तान को आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग, पैरा स्विमिंग, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली. इस कारण इन स्पोर्ट्सों को सी कैटेगरी में रखा गया. आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स – C स्विमिंग – C पैरा स्विमिंग – C ट्रैक साइक्लिंग – C पैरा पावरलिफ्टिंग – C बॉल्स में नहीं दोहरा सके 2022 की सफलता बर्मिंघम 2022 में गोल्ड और सिल्वर जीतने वाली हिंदुस्तानीय लॉन बॉल्स टीम इस बार खाली हाथ लौटी. हालांकि कई मुकाबलों में हिंदुस्तान बेहद करीबी अंतर से पदक से चूक गया. इस प्रदर्शन के लिए टीम को C+ ग्रेड में रखा गया. हिंदुस्तान का CWG 2026 रिपोर्ट कार्ड स्पोर्ट्स ग्रेड पदक बॉक्सिंग A 10 पैरा एथलेटिक्स A 6 एथलेटिक्स B+ 10 जूडो B 4 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल B- 0 पैरा ट्रैक साइक्लिंग B 0 वेटलिफ्टिंग C+ 8 लॉन बॉल्स C+ 0 आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स C 0 स्विमिंग C 0 पैरा स्विमिंग C 0 ट्रैक साइक्लिंग C 0 पैरा पावरलिफ्टिंग C 1 ये भी पढ़ें: CWG 2026 का समापन: हिंदुस्तान ने जीते 39 मेडल, जानिए किस स्पोर्ट्स में मिले सबसे ज्यादा पदक; देखें पूरी लिस्ट The post CWG 2026: किस स्पोर्ट्स ने बढ़ाया हिंदुस्तान का मान, कौन रहा फिसड्डी? देखें पूरा रिपोर्ट कार्ड appeared first on Naya Vichar.

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345 टेक्निकल कॉलेज की मान्यता रद्द, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा संस्थान महाराष्ट्र में बंद हुए, जबकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भी इस सूची में प्रमुख राज्यों में शामिल रहे. इन बंद होते संस्थानों ने टेक्निकल एजुकेशन की गुणवत्ता, छात्रों की पसंद और कॉलेजों की आर्थिक स्थिति पर नई चर्चा शुरू कर दी है. क्यों बंद हो रहे हैं टेक्निकल कॉलेज? शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में बताया कि AICTE अपने Approval Process Handbook (APH) के तहत संस्थानों के बंद होने से जुड़े आवेदन पर फैसला लेता है. कई संस्थानों में लगातार कम एडमिशन, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर, घटती मांग और वित्तीय चुनौतियों की वजह से संचालन मुश्किल हो गया. ऐसे मामलों में संस्थानों ने खुद बंद होने का आवेदन दिया. महाराष्ट्र सबसे आगे प्रशासनी आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 2026-27 के दौरान सबसे ज्यादा AICTE मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान बंद हुए. इसके अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी पिछले तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में कॉलेजों ने संचालन बंद किया. यह संकेत देता है कि सिर्फ किसी एक राज्य में नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में तकनीकी शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. प्रशासन की नई रणनीति शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिर्फ नए कॉलेज खोलने पर जोर नहीं दिया जा रहा है, बल्कि मौजूदा संस्थानों की गुणवत्ता और टिकाऊ व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इसी दिशा में AICTE ने कई नई नीतियां लागू की हैं. अब कॉलेजों को मांग के अनुसार सीटें कम करने, कम प्रदर्शन वाले कोर्स बंद करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की अनुमति दी जा रही है. छात्रों के लिए क्या है इसका मतलब? विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों के बंद होने से छात्रों को बेहतर गुणवत्ता वाले कॉलेज चुनने का मौका मिलेगा. हालांकि जिन क्षेत्रों में कॉलेजों की संख्या कम हो जाएगी, वहां छात्रों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ सकता है. ऐसे में एडमिशन लेने से पहले AICTE की मान्यता, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. बदल रहा है टेक्निकल एजुकेशन का माहौल तकनीकी शिक्षा में अब केवल कॉलेजों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता सबसे बड़ा पैमाना बनती जा रही है. इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक नए कोर्स, बेहतर स्किल ट्रेनिंग और रोजगार आधारित शिक्षा पर जोर बढ़ रहा है. ऐसे में आने वाले वर्षों में वही संस्थान टिक पाएंगे जो छात्रों को आधुनिक शिक्षा, बेहतर लैब, अनुभवी फैकल्टी और मजबूत प्लेसमेंट अवसर उपलब्ध करा सकेंगे. यही बदलाव हिंदुस्तान की तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रतिस्पर्धी और रोजगार केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. ये भी पढ़ें: IIM में पढ़ाई का सपना करें पूरा, कैट परीक्षा के लिए आज से शुरू आवेदन ये भी पढ़ें: JNM काॅलेज भागलपूर में लेना चाहते हैं एडमिशन, जानें MBBS की फीस, सीट, कटऑफ The post 345 टेक्निकल कॉलेज की मान्यता रद्द, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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UP विधान परिषद में ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के गूंजे नारे, राम मंदिर दान विवाद पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को राम मंदिर दान विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ. समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने सदन के भीतर और बाहर ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाते हुए प्रशासन को घेरा. विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सपा ने प्रशासन पर साधा निशाना सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है. विपक्ष ने कहा कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रशासन को जवाब देना होगा. सदन में इस मुद्दे पर नारेबाजी के कारण कुछ देर तक कार्यवाही भी प्रभावित रही. केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने से पहले नेतृत्वक बयानबाजी उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन विपक्ष को इस मुद्दे पर नेतृत्व नहीं करनी चाहिए. दान विवाद पर सियासत तेज राम मंदिर दान विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रदेश की नेतृत्व गरमाई हुई है. विपक्ष लगातार प्रशासन और ट्रस्ट प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. इस बीच यह मुद्दा संसद से लेकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद तक पहुंच गया है. जांच पूरी होने का इंतजार प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं विपक्ष इस मामले को लगातार सदन और जनता के बीच उठाने की रणनीति पर कायम है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की नेतृत्व में और गर्माने के संकेत दे रहा है. यह भी पढ़ें: उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निरीक्षण में एसआरएन अस्पताल की खुली पोल,निरीक्षण के दौरान बड़ा हादसा टला The post UP विधान परिषद में ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के गूंजे नारे, राम मंदिर दान विवाद पर प्रशासन-विपक्ष आमने-सामने appeared first on Naya Vichar.

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