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छोटे-छोटे UPI पेमेंट खाली कर रहे जेब? महीने भर के खर्चों का ऐसे रखें हिसाब

Money Saving Tips: आज के समय में पैसे खर्च करना जितना आसान हो गया है, उतना ही मुश्किल यह समझना हो गया है कि आखिर पैसा गया कहां. पहले जेब से कैश निकलता था, तो खर्च का अंदाजा आसानी से लग जाता था. लेकिन अब UPI से 20-50 रुपये का पेमेंट भी कुछ सेकंड में हो जाता है. ऐसे छोटे-छोटे खर्च महीने के अंत तक बड़ी रकम बन सकते हैं. इसलिए कमाई के साथ-साथ खर्चों का हिसाब रखना भी जरूरी है. कैश और UPI के खर्च अलग-अलग लिखें महीने की शुरुआत में फोन के नोट्स या किसी डायरी में दो हिस्से बना लें. एक में कैश से होने वाले खर्च और दूसरे में UPI से किए गए पेमेंट लिखें. सब्जी, दूध, ऑटो, चाय या छोटी खरीदारी जैसे कैश खर्च तुरंत नोट करें. वहीं ऑनलाइन शॉपिंग, रिचार्ज, बिल, खाना ऑर्डर करने और दूसरे डिजिटल पेमेंट को UPI वाले हिस्से में दर्ज करें. 10-20 रुपये के खर्च भी लिखें अक्सर लोग बड़े खर्च तो याद रखते हैं, लेकिन छोटी रकम को नजरअंदाज कर देते हैं. यही आदत बजट बिगाड़ सकती है. रोज की चाय, स्नैक्स, डिलीवरी चार्ज या छोटी ऑनलाइन खरीदारी भले ही मामूली लगे, लेकिन पूरे महीने में इन पर काफी पैसा खर्च हो सकता है. इसलिए रकम छोटी हो या बड़ी, हर खर्च को लिस्ट में शामिल करें. सिर्फ रकम नहीं, वजह भी लिखें खर्च लिखते समय यह भी बताएं कि पैसा किस चीज पर खर्च हुआ. इसके लिए खाने-पीने, यात्रा, घर का सामान, बिल, शॉपिंग और मनोरंजन जैसी अलग-अलग कैटेगरी बना सकते हैं. महीने के अंत में जब आप इनका कुल जोड़ देखेंगे, तो आसानी से समझ पाएंगे कि सबसे ज्यादा पैसा किस जगह जा रहा है. महीने के आखिर में करें खर्चों की समीक्षा महीना खत्म होने पर कैश और UPI दोनों खर्चों का कुल जोड़ निकालें. फिर इसे अपनी मासिक कमाई से मिलाकर देखें. अगर किसी गैर-जरूरी चीज पर लगातार ज्यादा पैसा जा रहा है, तो अगले महीने उसमें कटौती की जा सकती है. इससे बिना जरूरत खर्च करने की आदत पर भी कंट्रोल मिलेगा. बचत के लिए महीने की शुरुआत में ही रकम निकालें बचत के लिए महीने के अंत का इंतजार न करें. कमाई आते ही एक तय रकम अलग रख दें और बाकी पैसों से पूरे महीने का खर्च चलाएं. जब आपके पास हर खर्च का रिकॉर्ड होगा, तो बजट बनाना आसान होगा और महीने के आखिर में पैसे कहां चले गए, यह सोचने की जरूरत भी कम होगी. यह भी पढ़ें:  फ्रिज को समझ लिया है हर चीज का ठिकाना? इन 6 चीजों को अंदर रखना पड़ सकता है भारी The post छोटे-छोटे UPI पेमेंट खाली कर रहे जेब? महीने भर के खर्चों का ऐसे रखें हिसाब appeared first on Naya Vichar.

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नरेंद्र मोदी के बारे में गूगल पर क्या सर्च करते हैं लोग? जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब

आज, यानी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है. मोदी आज 76 साल के हो गए हैं. वैसे तो उनके बारे में ज्यादातर जानकारी इंटरनेट पर आसानी से मिल जाती है, लेकिन उनकी निजी दिनचर्या, भाषण तैयार करने के तरीके और फोन के इस्तेमाल को लेकर आज भी लोगों के मन में कई सवाल हैं. इन सवालों के जवाब जानने के लिए लोग सिर्फ गूगल का सहारा नहीं लेते, बल्कि कई बार आरटीआई के जरिए भी जानकारी मांग लेते हैं. हालांकि इन सवालों से जुड़े कुछ जवाब प्रशासनी रिकॉर्ड में तो मिलते हैं लेकिन कुछ जानकारियां मीडिया रिपोर्ट्स और अलग-अलग लोगों के बयानों पर आधारित हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कौन सा जवाब सही है? और कौन सा गलत? कौन लिखता है PM मोदी का भाषण ? साल 2021 में प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार (RTI)के तहत यह सवाल पूछा गया था कि प्रधानमंत्री के भाषण कौन लिखता है? इसे तैयार करने में कौन-कौन लोग शामिल होते हैं? PMO के जवाब के मुताबिक, किसी कार्यक्रम की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग व्यक्ति, अधिकारी, विभाग, संस्थाएं और संगठन भाषण के लिए इनपुट देते हैं. इसके बाद भाषण को अंतिम रूप प्रधानमंत्री खुद देते हैं. यानी अपना हर भाषण पूरी तरह प्रधानमंत्री खुद शुरू से लिखते हैं, लेकिन भाषण तैयार करने की प्रक्रिया में कई स्रोतों से कंटेंट और सुझाव लेते हैं. कौन-सा फोन इस्तेमाल करते हैं PM मोदी ? इंटरनेट पर प्रधानमंत्री के फोन को लेकर भी लोग काफी कुछ सर्च करते हैं. जिसमे ये सवाल सबसे ज्यादा पुछा जाता है कि PM मोदी कौन-सा फोन इस्तेमाल करते हैं? इसको लेकर इंटरनेट पर कई दावे मिलते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि कि संवेदनशील प्रशासनी बातचीत के लिए PM मोदी सामान्य स्मार्टफोन के बजाय सुरक्षित संचार प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं. इनमें RAX यानी रेस्ट्रिक्टेड एरिया एक्सचेंज का नाम सामने आता है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में RAX फोन की सुरक्षा को लेकर दावा किया जाता है कि इसे ‘हैक या ट्रैक नहीं किया जा सकता. हालांकि ऐसे दावे की स्वतंत्र प्रशासनी तकनीकी पुष्टि सार्वजनिक रूप से आसानी से उपलब्ध नहीं है. इसके इतर सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री को आईफोन जैसे स्मार्टफोन के साथ जरूर देखा गया है. कई रिपोर्ट्स का कहना है कि PM मोदी ऐसे फोन का इस्तेमाल तस्वीरें लेने के लिए करते हैं. ये भी पढ़ें: PM Modi Birthday: राहुल का वन-लाइनर, खरगे-अखिलेश का खास संदेश, जानें किसने क्या लिखा विदेश यात्रा के दौरान कैसी रहती है PM मोदी की दिनचर्या? प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का आधिकारिक विवरण पीएमओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसमें यात्रा की तारीख, देश और अवधि जैसी जानकारी दर्ज की जाती है. उनकी यात्रा और दिनचर्या को लेकर रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अलग-अलग समय क्षेत्रों में जाने के दौरान वे अपनी दिनचर्या को मेजबान देश के समय के अनुरूप रखने की कोशिश करते हैं.लेकिन वो सुबह जल्दी उठना, योग और ध्यान करना आदि दैनिक कामों को प्राथमिकता देते हैं. हालांकि, फ्लाइट के दौरान हर यात्रा में वे ठीक कितने घंटे सोते हैं या क्या करते हैं, इसका कोई नियमित आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं है. क्या PM मोदी में सच में कभी छुट्टी नहीं लेते अक्टूबर 2016 में दायर एक RTI के जवाब में PMO ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद संभालने के बाद कोई छुट्टी नहीं ली थी. उसी जवाब में पीएमओ ने कहा था कि प्रधानमंत्री को हर समय ड्यूटी पर माना जा सकता है. हालांकि इसे आज की तारीख तक का रिकॉर्ड मानना सही नहीं है, क्योंकि यह जवाब 2016 में दिया गया था. इलके अवाला इन सवालों के लिए भी गूगल करते हैं लोग पीएम मोदी कितने बजे सोते और उठते हैं? वह नाश्ते और खाने में क्या पसंद करते हैं? क्या पीएम मोदी चाय या कॉफी पीते हैं? प्रधानमंत्री अपने कपड़े खुद चुनते हैं या उनकी टीम? क्या प्रधानमंत्री अपना सोशल मीडिया अकाउंट खुद चलाते हैं? पीएम मोदी दिनभर में कितने घंटे काम करते हैं? क्या प्रधानमंत्री स्क्रिप्ट देखकर पढ़ते हैं अपना भाषण ? प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट कौन तैयार करता है? पीएम मोदी के काफिले में कितनी गाड़ियां होती हैं और उनकी सुरक्षा कैसे तय होती है? पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का खर्च कितना आता है? ये भी पढ़ें: Numerology: नरेंद्र मोदी से निया शर्मा और आर अश्विन तक, 17 सितंबर को जन्मे लोगों में होती हैं ये खास खूबियां The post नरेंद्र मोदी के बारे में गूगल पर क्या सर्च करते हैं लोग? जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब appeared first on Naya Vichar.

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तालाब का कचरा बना फैशन का खजाना, जमशेदपुर के गौरव ने जलकुंभी से तैयार की ईको-फ्रेंडली साड़ी, जानें उनकी कहानी

जमशेदपुर : जिस जलकुंभी को तालाब और नदी से निकालकर लोग कचरा समझकर फेंक देते हैं, वही अब साड़ी का खूबसूरत कपड़ा बन रही है. जमशेदपुर के गौरव आनंद ने जलकुंभी में छिपी इसी संभावना को पहचाना और कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़कर इसे फाइबर में बदलने का प्रयोग शुरू किया. इस पहल ने अब कारोबार के साथ स्त्रीओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं. जसकुंभी से बनाई जा रही साड़ी. जलकुंभी से फाइबर, फाइबर से कपड़ा और फिर साड़ी इस पूरी प्रक्रिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है. जलकुंभी को जलस्रोतों से निकालने के बाद उससे फाइबर तैयार किया जाता है. इसके बाद फाइबर को कपास के साथ मिलाकर कपड़ा तैयार किया जाता है. यही कपड़ा आगे चलकर साड़ी और दूसरे उपयोगी उत्पादों का रूप लेता है. गौरव आनंद ने बताया – लगातार प्रयोग के बाद जलकुंभी से तैयार कपड़े को मुलायम और बेहतर गुणवत्ता वाला बनाने में सफलता मिली है. यानी तालाब से निकला एक ऐसा पौधा, जिसे आमतौर पर बेकार समझ लिया जाता है, अब फैशन उत्पाद का हिस्सा बन रहा है. सिर्फ साड़ी नहीं, स्त्रीओं के लिए रोजगार की कहानी भी इस पहल की खास बात केवल जलकुंभी से कपड़ा तैयार करना नहीं है. इसके साथ रोजगार का पहलू भी जुड़ा हुआ है. इस काम में स्त्रीओं को फाइबर तैयार करने, कपड़ा बनाने और उत्पाद तैयार करने जैसे अलग-अलग स्तरों पर काम के अवसर मिलने की बात कही जा रही है. इससे जलकुंभी को संसाधन में बदलने के साथ ग्रामीण और स्त्री रोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास भी किया जा रहा है. यानी एक तरफ जलकुंभी से जलस्रोतों को होने वाली परेशानी कम करने की कोशिश, तो दूसरी तरफ उसी पौधे से आमदनी का रास्ता. जलकुंभी से बनाई जा रही साड़ी. ‘कचरा’ नहीं, संसाधन है – यही है इस प्रयोग का संदेश गौरव आनंद की पहल का मूल विचार यही है कि समाज जिस चीज को बेकार समझकर फेंक देता है, उसमें भी उपयोग और आर्थिक मूल्य तलाशा जा सकता है. जलकुंभी इसका एक उदाहरण है. जिस पौधे को हटाने के लिए खर्च करना पड़ता है, उसी से अगर फाइबर, कपड़ा और फैशन उत्पाद तैयार हो सकें तो यह वेस्ट से वैल्यू बनाने की दिशा में एक अलग मॉडल हो सकता है. अब कई राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी जलकुंभी से फाइबर और कपड़ा तैयार करने की इस तकनीक को देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की दिशा में भी काम किये जाने की बात कही गयी है. उद्देश्य यह है कि जलकुंभी जैसी समस्या को स्थानीय स्तर पर संसाधन में बदलते हुए रोजगार के अवसर तैयार किये जा सकें. गौरव आनंद की कहानी सिर्फ एक साड़ी के तैयार होने की कहानी नहीं है. यह उस सोच की कहानी है, जिसमें कचरे में भी अवसर तलाशने की कोशिश की गयी. The post तालाब का कचरा बना फैशन का खजाना, जमशेदपुर के गौरव ने जलकुंभी से तैयार की ईको-फ्रेंडली साड़ी, जानें उनकी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार सरकार से 7-7 हजार लेने के लिए जल्द करें आवेदन, ये है जरूरी दस्तावेज, जानिए पूरा प्रोसेस

Flood Victim Relief Fund: बिहार में लाखों लोग इन दिनों बाढ़ से प्रभावित हैं. बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्र की टीम आई थी. राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया और इसके बाद सहायता का आश्वासन दिया गया. इसके साथ ही बिहार प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है. 579.23 करोड़ सीएम ने किया था ट्रांसफर 15 सितंबर को ही डीबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ितों के खाते में 579.23 करोड़ रुपये अनुग्रह सहायता के तौर पर ट्रांसफर किए थे. बिहार के 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों को यह फायदा मिला था. लेकिन अब भी काफी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उन्हें सहायता राशि नहीं मिल पाई है. ऐसे में जिन लोगों को लाभ नहीं मिल पाया है, वे आवेदन कर सकते हैं. बाढ़ पीड़ितों के लिए खोला गया पोर्टल जानकारी के मुताबिक, छूटे हुए परिवारों के लिए बिहार प्रशासन की ओर से संपूर्ति पोर्टल को फिर खोल दिया गया है. आवेदन के बारे में बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार अपने पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव या वार्ड सदस्य को लिखित आवेदन दे सकते हैं. इसके अलावा सीओ ऑफिस या फिर जिला आपदा शाखा में भी जाकर आवेदन कर सकते हैं. कौन-कौन दस्तावेज आवेदन के लिए होंगे जरूरी? आवेदन करने के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी, उनमें शामिल है- आधार कार्ड (परिवार के मुखिया का) फोन नंबर (नंबर चालू होना चाहिए) बैंक अकाउंट का फोटो कॉपी राशन कार्ड (अगर आपके पास हो ही) बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें सत्यापन के बाद मिलेगी राशि बताया जा रहा है कि आवेदन किए जाने के बाद उसकी पंचायत स्तरीय अनुश्रवण समिति जांच करेगी. यह जांच पूरी होने के बाद सीओ पीड़ित का नाम और बैंक अकाउंट की डिटेल संपूर्ति पोर्टल पर जोड़ देंगे. जिन परिवार का दस्तावेज सत्यापित हो जाएगा, उनके खाते में सीधे 7 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. बिहार के 15 जिले बाढ़ प्रभावित नेपाल में हो रही बारिश और पिछले दिनों आई बाढ़ की वजह से बिहार में नदियां उफनाई हुईं हैं. कई नदियां खतरे के लाल निशान के ऊपर बह रही है. आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) की माने तो, फिलहाल 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. इन जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल है. टोटल 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. Also Read: बिहार के इन 13 जिलों में विकसित होंगे हेलीपोर्ट, एक जिले से दूसरे में अब हेलीकॉप्टर से जायेंगे, रोजगार-पर्यटन को बढ़ावा The post बिहार प्रशासन से 7-7 हजार लेने के लिए जल्द करें आवेदन, ये है जरूरी दस्तावेज, जानिए पूरा प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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कानपुर में तीन बच्चों की मां युवती संग लिव-इन में रहने के लिए फरार, पुलिस को 11 दिन बाद पनकी में युवती के साथ मिली महिला

UP News: कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा स्त्री के एक युवती के साथ घर छोड़कर चले जाने का मामला सामने आया है. तीन बच्चों की मां 30 वर्षीय स्त्री 6 सितंबर को अपने मायके से लापता हुई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की. करीब 11 दिन बाद बुधवार को पुलिस ने स्त्री को पनकी इलाके से बरामद कर लिया. वह यहां 25 वर्षीय युवती के साथ किराये के मकान में रह रही थी. इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की दोस्ती पुलिस के अनुसार, स्त्री और युवती की दोस्ती करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिये हुई थी. समय के साथ दोनों की दोस्ती गहरी हो गई, इसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया. बताया गया कि स्त्री महाराजपुर की रहने वाली है, जबकि युवती भी इसी क्षेत्र की निवासी है और दिल्ली से आकर पनकी में रहने लगी थी. दोनों को किराये का मकान दिलाने में सरसौल निवासी एक युवक ने मदद की थी. दोनों ने साथ रहने की जताई इच्छा पुलिस टीम जब पनकी स्थित मकान पर पहुंची तो स्त्री के साथ युवती भी मिली. थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया कि दोनों बालिग हैं और हिंदू समुदाय से हैं. पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं और अपने-अपने घर वापस नहीं जाना चाहतीं. पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. यह भी पढ़ें: UP Expressway: 7.5 घंटे में गोरखपुर, 6 घंटे में लखनऊ और 8 घंटे में सिलीगुड़ी, 700 KM का एक्सप्रेसवे बदल देगा यूपी की कनेक्टिविटी The post कानपुर में तीन बच्चों की मां युवती संग लिव-इन में रहने के लिए फरार, पुलिस को 11 दिन बाद पनकी में युवती के साथ मिली स्त्री appeared first on Naya Vichar.

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100% टैरिफ का खतरा: खरगे का पीएम मोदी पर तंज, कहा- UPI से H1-B वीजा तक सब दांव पर

100% US Tariffs: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र प्रशासन की विदेश नीतियों पर निशाना साधा है. खरगे ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान प्रशासन अमेरिकी दबाव के आगे झुक रही है, जिसका नुकसान देश के 140 करोड़ लोगों को उठाना पड़ रहा है. खरगे ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए अपने पोस्ट की शुरुआत में लिखा, आपके प्यारे दोस्त अबकी बार ट्रंप प्रशासन का हुक्म चलता है, आप घुटने टेक देते हैं और नतीजा 140 करोड़ हिंदुस्तानीयों को भुगतना पड़ता है! पीएम मोदी प्रशासन की विदेश नीति बुरी तरह नाकाम : खरगे खरगे ने अपने पोस्ट में लिखा, हिंदुस्तानीय सामान पर 100% तक अमेरिकी टैरिफ का खतरा दिखाता है कि आपकी प्रशासन की विदेश और व्यापार नीतियां बुरी तरह नाकाम रही हैं!! फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग का सामान, केमिकल, ऑटो पार्ट्स, रत्न और आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को टैरिफ का जबरदस्त झटका लग सकता है. पहले 25% टैरिफ लगा, फिर 50% और अब 100% का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच, मोदी प्रशासन एक ऐसे ट्रेड फ्रेमवर्क पर सहमत हो गई जो अमेरिकी सामान की हिंदुस्तान के कृषि उत्पादों तक पहुंच बढ़ाता है और हमारे किसानों के हितों को दांव पर लगा देता है! खरगे ने आगे लिखा, यह फ्रेमवर्क असल में पांच साल में 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है. कल UPI पर MDR के मामले में घुटने टेकना आपकी प्रशासन की कमजोरी का एक और बड़ा उदाहरण है. टैरिफ और व्यापार से लेकर H1B1 इमिग्रेशन, वीज़ा और डिजिटल पेमेंट तक, वॉशिंगटन का दबाव बढ़ता जा रहा है और आप, यानी ‘हाउडी मोदी जी’, लगातार घुटने टेकते जा रहे हैं! क्या है नया अमेरिकी कानून? अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ (Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) को अब निचले सदन से भी 262-159 के अंतर से मंजूरी मिल गई है. यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदते हैं. इसके तहत रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले शीर्ष 5 देशों (जिनमें हिंदुस्तान और चीन प्रमुख हैं) से आने वाले सामानों पर 100% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. ये भी पढ़ें: PM Modi Birthday: राहुल का वन-लाइनर, खरगे-अखिलेश का खास संदेश, जानें किसने क्या लिखा The post 100% टैरिफ का खतरा: खरगे का पीएम मोदी पर तंज, कहा- UPI से H1-B वीजा तक सब दांव पर appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi Birthday: राहुल का वन-लाइनर, खरगे-अखिलेश का खास संदेश, जानें किसने क्या लिखा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक लाइन में पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं.’’ खरगे ने पीएम मोदी के लिए क्या लिखा? खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं. ईश्वर से प्रार्थना है कि वह स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों.’’ अखिलेश यादव ने भी पीएम मोदी को दी बधाई समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की बधाई और स्वस्थ एवं सक्रिय सार्थक जीवन के लिए शुभकामनाएं.’’ ये भी पढ़ें: नई पीढ़ी को नरेंद्र मोदी से मिले उड़ान के लिए पंख मायावती ने प्रधानमंत्री को 76वें जन्मदिन पर बधाई दी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी. उन्होंने एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को आज उनके 76वें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं.’’ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. उनके अच्छे स्वास्थ्य, खुशियों और दीर्घायु की कामना करता हूं.’’ 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था पीएम मोदी का जन्म प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को 76 वर्ष के हो गए. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था. बीजेपी ने उनके जनप्रतिनिधि के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा की है. ये भी पढ़ें: Happy Bday PM Modi: राष्ट्रपति, शाह, राजनाथ सिंह और नीतीश कुमार ने दी शुभकामनाएं; देश के विकास में उनके योगदान को सराहा The post PM Modi Birthday: राहुल का वन-लाइनर, खरगे-अखिलेश का खास संदेश, जानें किसने क्या लिखा appeared first on Naya Vichar.

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अलीगढ़ में करणी सेना के जिलाध्यक्ष को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, नारे लगवाने का आरोप, मारपीट का वीडियो वायरल

UP Crime: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. घटना बुधवार शाम सिविल लाइन थाना क्षेत्र के घंटाघर के पास की बताई जा रही है. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. भीड़ ने घेरकर की मारपीट रिपोर्टों के मुताबिक सचिन राघव अपने भाई और एक दोस्त के साथ स्टेट बैंक के पास मौजूद थे. इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि उन्हें सड़क पर दौड़ाकर पीटा गया. घटना में सचिन के भाई और दोस्त के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है. अंबेडकर पार्क तक ले जाने का आरोप वायरल वीडियो में सचिन राघव को कुछ लोगों से घिरा हुआ देखा जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार उन्हें अंबेडकर पार्क की ओर ले जाया गया और वहां नारे लगवाए गए. वीडियो में उनसे माफी मंगवाए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के जरिए की जानी बाकी है. महापंचायत के बाद बढ़ा विवाद बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले आयोजित सवर्ण महापंचायत के दौरान की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ था. इसके बाद विरोध और शिकायत का मामला सामने आया. पुलिस ने घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है. CCTV और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से होगी पहचान अलीगढ़ पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस CCTV फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है. इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें: UP Expressway: 7.5 घंटे में गोरखपुर, 6 घंटे में लखनऊ और 8 घंटे में सिलीगुड़ी, 700 KM का एक्सप्रेसवे बदल देगा यूपी की कनेक्टिविटी The post अलीगढ़ में करणी सेना के जिलाध्यक्ष को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, नारे लगवाने का आरोप, मारपीट का वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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मेडिकल स्टोर पर अब CCTV अनिवार्य: 3 महीने तक संभाल कर रखनी होगी रिकॉर्डिंग

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर के लिए एक नया नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है. इसका मकसद डॉक्टर की पर्ची से मिलने वाली खास दवाओं (शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी) की गलत बिक्री और बिना पर्ची के खरीद-बिक्री को रोकना है. इस प्रस्ताव पर ‘ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी’ (DCC) और ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी Board’ (DTAB) ने आपस में विचार-विमर्श किया है. नियम की मुख्य बातें CCTV अनिवार्य: थोक (होलसेल) दुकानों को छोड़कर, सभी सामान्य मेडिकल स्टोर पर CCTV कैमरा लगाना जरूरी होगा. पर्ची से बिकने वाली सभी दवाएं कैमरे की नजर में बेची जाएंगी. 3 महीने की रिकॉर्डिंग: दुकानदारों को CCTV की रिकॉर्डिंग का बैकअप कम से कम 3 महीने (90 दिन) तक संभालकर रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की जा सके. 30 दिन का समय: प्रशासन ने इस ड्राफ्ट नियम पर आम जनता और व्यापारियों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. अपनी राय या आपत्ति कैसे भेजें? स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नये नियम को लेकर सुझाव मांगा है. अगर कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो 30 दिनों के अंदर ईमेल: drugsdiv-mohfw@gov.in या डाक का पते, अवर सचिव (औषध), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, यू-6, वर्क हॉल- सी विंग, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली – 110001 पर भेज सकते हैं. ये भी पढ़ें: US Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ खोला नया मोर्चा, प्रशासनी खरीद से कनाडाई सामान हटाने का आदेश The post मेडिकल स्टोर पर अब CCTV अनिवार्य: 3 महीने तक संभाल कर रखनी होगी रिकॉर्डिंग appeared first on Naya Vichar.

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Video: भारत की बढ़ती ताकत देख सहमा पाकिस्तान, सेना के प्रवक्ता ने कहा-उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं

हिंदुस्तान की बढ़ती मिसाइल और एयर डिफेंस क्षमता के बीच पाकिस्तान की सेना के शीर्ष प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने हिंदुस्तान की सैन्य ताकत को स्वीकार करते हुए कहा कि पाकिस्तान नई दिल्ली के साथ किसी तरह की हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं है. शरीफ चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब हिंदुस्तान स्वदेशी मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस और रक्षा उत्पादन को और तेजी से आगे बढ़ा रहा है. हथियारों की क्षमता को लेकर क्या बोले पाकिस्तानी प्रवक्ता? अल अरेबिया इंग्लिश को दिए इंटरव्यू में अहमद शरीफ चौधरी से हिंदुस्तान के एयर डिफेंस, मिसाइल और पारंपरिक स्ट्राइक सिस्टम में हो रहे विस्तार को लेकर सवाल पूछा गया. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हिंदुस्तान की सैन्य क्षमताओं का सम्मान करता है और नई दिल्ली की अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए संसाधन खर्च करने की नीति को समझता है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुस्तान की बढ़ती सैन्य क्षमता का मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान उसके साथ किसी आर्म्स रेस में शामिल है. चौधरी के मुताबिक पाकिस्तान का जोर अपनी डिफेंस क्षमताओं पर है और उसका किसी देश के खिलाफ आक्रामक इरादा नहीं है. हिंदुस्तान का एयर डिफेंस हो रहा मजबूत हिंदुस्तान स्वदेशी मिसाइल और एयर डिफेंस क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है. इसका ताजा उदाहरण प्रोजेक्ट कुशा है. DRDO ने 23 जुलाई 2026 को कुशा का पहला फ्लाइट टेस्ट किया. ओडिशा के तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से हुए परीक्षण में इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया. इसकी अधिकतम मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक बताई गई है. हिंदुस्तान के एयर डिफेंस नेटवर्क में आकाश, Akash-NG, QRSAM और VSHORADS जैसे स्वदेशी सिस्टम शामिल हैं. इसके अलावा रूस के साथ विकसित एस-400 भी हिंदुस्तान की लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता का हिस्सा है. मई 2025 में आंध्र प्रदेश के नागयालंका में करीब 1,460 करोड़ रुपये की मिसाइल टेस्ट रेंज की आधारशिला रखी गई. यहां लॉन्च सेंटर, रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं. नई मिसाइल तकनीक के साथ उत्पादन पर भी जोर हिंदुस्तान सिर्फ नई मिसाइल बनाने पर ही जोर नहीं दे रहा, बल्कि इनके उत्पादन का आधार भी बड़ा किया जा रहा है. अगस्त 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की विकसित तकनीकों से जुड़ी सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों को योग्य हिंदुस्तानीय रक्षा कंपनियों को ट्रांसफर करने को मंजूरी दी थी. ये भी पढ़ें: औपचारिक नहीं है मोदी-जिनपिंग की मुलाकात…BRICS और हिंदुस्तान-चीन रिश्तों को लेकर क्या छप रहा? सिर्फ स्वदेशी हथियारों पर नहीं है हिंदुस्तान का फोकस हिंदुस्तान एक तरफ आकाश, आकाश-एनजी, क्यूआरएसएएम और वीएसएचओआरएडीएस जैसे सिस्टम पर काम कर रहा है, तो दूसरी तरफ रूस और इजरायल जैसे साझेदारों के साथ भी रक्षा सहयोग जारी है. ब्रह्मोस हिंदुस्तान-रूस का संयुक्त कार्यक्रम है, जबकि एमआरएसएएम हिंदुस्तान और इजरायल के सहयोग से विकसित प्रणाली है. इसके अलावा हिंदुस्तान अपनी रणनीतिक मिसाइल क्षमता और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम पर भी काम कर रहा है. यानी हिंदुस्तान की मौजूदा रक्षा रणनीति में स्वदेशी उत्पादन और विदेशी तकनीकी साझेदारी दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. ये भी पढ़ें: क्या हिंदुस्तान में गैर कानूनी है मदरसा चलाना? जानें क्या कहता है कानून… The post Video: हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत देख सहमा पाकिस्तान, सेना के प्रवक्ता ने कहा-उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं appeared first on Naya Vichar.

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