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कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा

Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदिवासी समाज के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 75 हजार रुपये और तीसरे विजेता को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आदिवासी युवाओं को स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. अधौरा में खुलेगा डिग्री कॉलेज सीएम ने कैमूर जिले के अधौरा इलाके के लिए भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे हैं, वहां डिग्री कॉलेज खोला जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े. वाल्मीकिनगर और कैमूर में बनेंगे हेलीपोर्ट मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा भी की. उनका कहना है कि इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. ‘बिरसा लिब्स इन न्यू हिंदुस्तान’ कार्यक्रम में सीएम का संबोधन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लाभार्थियों से संवाद किया. यह कार्यक्रम ‘बिरसा लिब्स इन न्यू हिंदुस्तान’ थीम के तहत आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि केंद्र प्रशासन द्वारा बिहार में एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं, जहां बिहार बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई होगी. इससे आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा. आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगा होम स्टे मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना शुरू की जाएगी. इससे पर्यटक आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली को करीब से समझ सकेंगे. साथ ही स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी. लाखों छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति प्रशासन की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 1 लाख 4 हजार एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है. इनमें 4155 विद्यार्थी आदिवासी समाज से हैं. वहीं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 1.41 लाख विद्यार्थी एसटी वर्ग के हैं. Also Read: बिहार के 120 स्कूलों में होगी मिड डे मील की जांच, बच्चों के खाने के सैंपल लेकर परखी जाएगी गुणवत्ता The post कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा appeared first on Naya Vichar.

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कैबिनेट का फैसला: पांच साल तक जारी रहेगी सार्थक-PDS योजना, केंद्र खर्च करेगा 25,530 करोड़ रुपये

Cabinet Decision: केंद्र प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (27 मई) को सार्थक-पीडीएस योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी. इस योजना के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पांच सालों तक लागू रहेगी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के दौरान एक छतरी योजना के रूप में लागू करने का फैसला लिया गया. प्रशासन के मुताबिक यह योजना अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक यानी अगले पांच सालों के लिए लागू रहेगी. साथ ही योजना में तीन सुधार भी लागू किए जाएंगे. 1. राज्यों को मिलेगा परिवहन खर्च में सहयोग अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राज्य प्रशासनों की एजेंसियों को हिंदुस्तानीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को जिलों, डिवीजनों और अंततः उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाने में काफी खर्च उठाना पड़ता है. कई राज्यों को इन खर्चों को वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र प्रशासन ने राज्यों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है, ताकि खाद्यान्न परिवहन और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके. 2. उचित मूल्य दुकान संचालकों का बढ़ेगा मेहनताना केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना का दूसरा बड़ा सुधार उचित मूल्य की दुकानों से जुड़ा है. लंबे समय से राशन दुकानों के डीलरों को मिलने वाला वेतन स्थिर था, जबकि लगातार इसकी बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी. प्रशासन ने अब फैसला लिया है कि उचित मूल्य दुकान संचालकों को अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके और पीडीएस व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके. 3. तकनीक के जरिए होगा PDS का आधुनिकीकरण केंद्रीय अश्विनी वैष्णव ने कहा कि तीसरा बड़ा सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण से जुड़ा है. प्रशासन तकनीक के प्रभावी उपयोग के जरिए पीडीएस को अधिक पारदर्शी, तेज और सक्षम बनाना चाहती है. इसके लिए वितरण प्रणाली में स्वचालन (ऑटोमेशन) और आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि लाभार्थियों तक राशन की आपूर्ति अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा सके. #WATCH | Delhi | Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “…Today, a major decision has been taken regarding the Public Distribution System (PDS), the mechanism responsible for implementing this program, through the introduction of the ‘SARTHAK-PDS’ scheme. This program entails an… pic.twitter.com/2POENVU0ad — ANI (@ANI) May 27, 2026 25,530 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विणी वैष्णव ने मीडिया से बात करते कहा कि योजना के लिए केंद्र प्रशासन की हिस्सेदारी 25,530 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना है. पारदर्शिता और दक्षता में होगा सुधार प्रशासन का मानना है कि ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के विस्तार से पीडीएस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. साथ ही, लाभार्थियों तक खाद्यान्न की आपूर्ति अधिक आसानी से हो सकेगी. The post कैबिनेट का फैसला: पांच साल तक जारी रहेगी सार्थक-PDS योजना, केंद्र खर्च करेगा 25,530 करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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असम विधानसभा में UCC पास, समान नागरिक संहिता अपनाने वाला तीसरा राज्य बना

Assam UCC: विधानसभा से यूसीसी बिल पास होने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, आज मुझे आपको यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता 2026 को अपना लिया है. उत्तराखंड और गुजरात के बाद, असम समान नागरिक संहिता को अपनाने वाला तीसरा राज्य होगा. समान नागरिक संहिता को अपनाना हमारे चुनावी घोषणापत्र में किए गए हमारे वादों में से एक था. हमें इस बात की बेहद खुशी है कि चुनाव के तुरंत बाद, असम विधानसभा के पहले ही सत्र में हम इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कर सके. अब यह विधेयक राष्ट्रपति जी की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. #WATCH | Guwahati | On Assam assembly passing “The Uniform Civil Code, Assam, Bill, 2026”, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, “Today I am very happy to inform you that the Assam assembly has adopted the Uniform Civil Code 2026. Assam will be the third state, after Uttarakhand and… pic.twitter.com/mQXZRtLgOr — ANI (@ANI) May 27, 2026 UCC संविधान के अनुच्छेद 44 की नींव पर आधारित है : सीएम हिमंता ‘समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पर चर्चा के दौरान सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा- प्रस्तावित कानून विपक्ष के बीजेपी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 44 की नींव पर आधारित है. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, समान नागरिक संहिता का लंबा इतिहास है. इसकी मांग सबसे पहले कांग्रेस ने 1925 में की थी. 1937 में जवाहरलाल नेहरू ने भी इसका सुझाव दिया था. वही कांग्रेस आज इसका विरोध कुरान और शरीयत के नजरिए से कर रही है, न कि हिंदू, ईसाई या आदिवासी दृष्टिकोण से. विपक्ष ने यूसीसी विधेयक को बताया बीजेपी का नेतृत्वक एजेंडा, व्यापक परामर्श की मांग की असम विधानसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर लाए गए विधेयक को बीजेपी का नेतृत्वक एजेंडा बताया. विपक्ष ने प्रस्तावित कानून को पारित करने से पहले सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श की मांग की. चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने कहा- यह समाज के एक विशेष वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकता है. कांग्रेस केवल एक विशेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है : सीएम हिमंता हिमंता ने कहा- कांग्रेस समान नागरिक संहिता का विरोध कर रही है. वह सभी जातियों, पंथों और धर्मों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि केवल एक विशेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है. कांग्रेस असम की भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व नहीं करती. मुख्यमंत्री ने कहा, आज की कांग्रेस को देखकर बहुत दुख और पीड़ा होती है. हमारे वक्तव्यों में सभी धर्मों और सभी लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. मुझे लगता है कि कांग्रेस को सांप्रदायिक पार्टी में बदलने के बजाय हिंदुस्तान की धर्मनिरपेक्ष परंपरा का पालन करना चाहिए. यूसीसी में क्या है? इस विधेयक में बहुविवाह पर रोक लगाने और लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है. विधेयक में कहा गया है कि यह कानून असम में रहने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा. इसमें कई दंडात्मक प्रावधान भी प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें द्विविवाह या बहुविवाह के लिए सात वर्ष तक की कैद और लिव-इन संबंध का पंजीकरण नहीं कराने पर तीन महीने तक की जेल की सजा शामिल है. The post असम विधानसभा में UCC पास, समान नागरिक संहिता अपनाने वाला तीसरा राज्य बना appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी में ‘खेला’ शुरू, स्पीकर और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिले ममता बनर्जी के 2 बागी विधायक, सांसद काकोली घोष समेत 3 का इस्तीफा

खास बातें काकोली घोष ने टीएमसी के आंतरिक कामकाज पर जताया असंतोष टीएमसी में कई पदों पर रहीं काकोली स्पीकर रथिंद्र बोस से मिले ऋतब्रत और संदीपन क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं? शिष्टाचार या पॉलिटिकल शिफ्ट की तैयारी? ममता बनर्जी की बैठक में ऋतब्रत ने चुनाव प्रबंधन पर उठाये थे सवाल मैंने उनके नेतृत्व में नेतृत्व की है – संदीपन साहा टीएमसी के भीतर ‘अविश्वास’ का माहौल TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: शुभेंदु अधिकारी की बढ़ती स्वीकार्यता क्या पश्चिम बंगाल में होने वाला है बड़ा उलटफेर? TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में पालाबदल शुरू होने से पहले इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. बंगाल विधानसभा के स्पीकर और मुख्यमंत्री से तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों की मुलाकात के बाद टीएमसी के कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वालों में सांसद काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष शामिल हैं. काकोली घोष ने टीएमसी के आंतरिक कामकाज पर जताया असंतोष तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने वाली लोकसभा सदस्य काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. हाल में वह टीएमसी के प्रमुख कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहीं. पार्टी के आंतरिक कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया. दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह सांसद बनी रहेंगी. टीएमसी में कई पदों पर रहीं काकोली काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में कई पदों पर कार्य किया. वह पार्टी की स्त्री इकाई की अध्यक्ष भी रहीं. टीएमसी नेतृत्व की आपत्तियों के बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रशासनिक बैठक में भाग लिया था. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत! काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा हार का ठीकरा, ममता को दी सलाह- ‘भूंइफोड़’ संस्थाओं से बचें स्पीकर रथिंद्र बोस से मिले ऋतब्रत और संदीपन विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकस्त के बाद पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है. काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष के इस्तीफे से पहले राज्य में उस वक्त सिसायी पारा चढ़ गया, जब टीएमसी के 2 कद्दावर विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने अचानक विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से मुलाकात की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं? चौंकाने वाली बात यह है कि बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे. बंद कमरे में हुई इस चर्चा ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं. शिष्टाचार या पॉलिटिकल शिफ्ट की तैयारी? आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ का नाम दिया गया है, लेकिन इसके पीछे की टाइमिंग कई गहरे सवाल खड़े करती है. मुलाकात ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली स्थित पुराने ‘बंग भवन’ में हुई गुप्त मीटिंग के कुछ ही दिनों बाद हुई है. इसे भी पढ़ें : अब सुखेंदु शेखर रॉय के बागी तेवर, बोले- बंगाल में अराजकता का हुआ अंत, क्या ममता बनर्जी के करीबियों पर गिरेगी गाज? ममता बनर्जी की बैठक में ऋतब्रत ने चुनाव प्रबंधन पर उठाये थे सवाल ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव में टीएमसी को मिली करारी हार के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी इंटरनल मीटिंग में नेतृत्व और चुनावी प्रबंधन पर तीखे सवाल दागे थे. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के विधायकों का सीधे मुख्यमंत्री और स्पीकर से मिलना महज संयोग नहीं हो सकता. मैंने उनके नेतृत्व में नेतृत्व की है – संदीपन साहा विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष से बाहर निकलने के बाद दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान थी. हालांकि, पत्रकारों के सवालों ने उन्हें असहज कर दिया. ऋतब्रत ने कहा- हम रचनात्मक विपक्ष (Constructive Opposition) की भूमिका निभाते रहेंगे. स्पीकर साहब को बधाई नहीं दे पाया था, इसलिए मिलने आये. मुख्यमंत्री वहां थे, तो उनसे भी अभिवादन हुआ. संदीपन साहा ने कहा- मैं शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में काम कर चुका हूं. उनसे मिलना कोई अपराध नहीं है. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत! काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा हार का ठीकरा, ममता को दी सलाह- ‘भूंइफोड़’ संस्थाओं से बचें टीएमसी के भीतर ‘अविश्वास’ का माहौल ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. ऋतब्रत और संदीपन जैसे युवा और प्रभावी चेहरों का मुख्यमंत्री के प्रति नरम रुख यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा अब भविष्य की तलाश में है. दोनों विधायक पहले ही कह चुके हैं कि टीएमसी ने चुनाव के दौरान जमीनी फीडबैक को नजरअंदाज किया. शुभेंदु अधिकारी की बढ़ती स्वीकार्यता मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के विधायकों के लिए ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ रखा है, जो टीएमसी की नींव हिलाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: क्या पश्चिम बंगाल में होने वाला है बड़ा उलटफेर? विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधानसभा की समितियों (Committees) और क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा हुई. लेकिन नेतृत्व में ‘शिष्टाचार’ अक्सर ‘पालाबदल’ की पहली सीढ़ी होती है. अब देखना यह है कि कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) से इन दोनों विधायकों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाता है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन अंदरूनी कलह और ‘मिड-लेवल’ लीडरशिप की बेरुखी ने डुबोयी TMC की लुटिया! बंगाल में ममता का किला ढहने की इनसाइड स्टोरी फालता में ऐतिहासिक हार के बाद अभिषेक बनर्जी ने जहांगीर खान को कहा विश्वासघाती, शुभेंदु अधिकारी बोले- ये तो बस शुरुआत है The post टीएमसी में ‘स्पोर्ट्सा’ शुरू, स्पीकर और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिले ममता बनर्जी के 2 बागी विधायक, सांसद काकोली घोष समेत 3 का इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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केरलम: CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों पर किया हमला, एक पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला

Keralam: 182 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी अभियान पूरा करने के बाद, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास से लौटते समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला हो गया. CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारी के वाहन के शीशे तोड़ दिए. हालांकि अधिकारी सुरक्षित रूप से अपने जोनल कार्यालय पहुंच गए, लेकिन छापेमारी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. CPI(M) कार्यकर्ता कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा केरल में 10 जगहों पर की गई तलाशी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. इन जगहों में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन का आवास भी शामिल है. ईडी ने केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के आवास पर तलाशी ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित धनशोधन मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी के खिलाफ जांच के तहत विजयन और अन्य लोगों के आवास पर छापे मारे. राज्य में कुल 10 परिसरों पर तलाशी ली गई, जिनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री का किराए का मकान, कन्नूर में एक स्थान और निजी संस्था कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के प्रमुख व्यक्तियों के आवास शामिल हैं. यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है. विजयन के घर की तलाशी ली गई है क्योंकि जांच में उनकी बेटी टी वीणा भी शामिल है. Enforcement Directorate’s team came under attack while returning from the residence of former Keralam CM Pinarayi Vijayan after completing search operations in a Rs 182 crore money laundering case. While the officials safely reached their zonal office, the vehicles used in the… https://t.co/mQd49oRJD6 — ANI (@ANI) May 27, 2026 पूर्व सीएम पर क्या है आरोप‍? आरोप है कि निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड ने 2018 से 2019 के बीच विजयन की बेटी टी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी. विजयन ने पहले भी अपनी बेटी पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं. ईडी की कार्रवाई रद्द करने वाली याचिका केरलम हाई कोर्ट ने किया खारिज केरलम हाई कोर्ट ने मंगलवार को सीएमआरएल द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मामले में ईडी की कार्रवाई रद्द करने का अनुरोध किया गया था. ईडी ने इन आरोपों की जांच के लिए 2024 में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था. The post केरलम: CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों पर किया हमला, एक पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI

BCCI IPL plan: आईपीएल का 19वां सीजन खत्म होने के साथ ही बीसीसीआई अब अगले सीजन के बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है. सबसे बड़ा बदलाव टूर्नामेंट के समय को लेकर हो सकता है. आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई में बढ़ने वाली भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए इस लीग को सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट करने की चर्चा चल रही है. ताकि खिलाड़ियों को अत्यधिक थकान और चोटों से बचाया जा सके. क्या सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट होगा IPL आईपीएल 2026 का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है. 28 मार्च से शुरू हुआ 74 मैचों का यह लंबा सफर 31 मई को फाइनल मुकाबले के साथ समाप्त होने जा रहा है. हालांकि, इस सीजन के दौरान उत्तर और पश्चिम हिंदुस्तान में मौसम के कड़े मिजाज ने आयोजकों को गहरी चिंता में डाल दिया है. मई के महीने में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के चलते न सिर्फ स्टेडियमों में दर्शकों की तादाद पर असर पड़ा है. बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और इंजरी को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए अब हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के भीतर टूर्नामेंट की पारंपरिक विंडो को बदलकर इसे सितंबर-अक्टूबर में आयोजित करने पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है. फेस्टिव सीजन में हो सकता है IPL स्पोर्टस्टार वेबसाइट को दिए एक विशेष इंटरव्यू में जब आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल से लीग में दर्शकों की कम होती रुचि पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस बड़े बदलाव का संकेत दिया. धूमल ने कहा, “हमें ब्रॉडकास्टर्स के साथ मिलकर इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि क्या टूर्नामेंट को किसी अन्य विंडो में शिफ्ट किया जा सकता है. एक सुझाव सितंबर-अक्टूबर की विंडो का आया है, जो बेहद शानदार साबित हो सकता है. यह समय ठीक दीपावली के आसपास का होता है, जो विज्ञापनदाताओं के लिहाज से सबसे बेहतरीन वक्त है. हम अगले द्विपक्षीय टेंडर के दौरान इस बात की समीक्षा करेंगे कि क्या यह विंडो हमारे लिए उपलब्ध हो सकती है या नहीं.” क्या दो टुकड़ों में बटेगा IPL का रोमांच आईपीएल के पहले सीजन से ही (कोविड के दो सालों को छोड़कर) यह टूर्नामेंट हमेशा मार्च से मई के बीच स्पोर्ट्सा जाता रहा है. ऐसे में सालों पुरानी इस विंडो को बदलना बीसीसीआई के लिए आसान नहीं होगा. हालांकि, बोर्ड सिर्फ तारीखें बदलने पर ही विचार नहीं कर रहा, बल्कि टूर्नामेंट को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटने की बड़ी योजना बना रहा है. आईपीएल चेयरमैन ने क्या कहा आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई के महीने में हिंदुस्तान में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए बोर्ड नए विकल्पों पर काम कर रहा है. योजना यह है कि टूर्नामेंट का पहला हिस्सा फरवरी से अप्रैल के बीच और दूसरा हिस्सा साल के आखिर में सितंबर-अक्टूबर के दौरान आयोजित किया जाए. हालांकि, खिलाड़ियों की उपलब्धता पक्की करने के लिए बीसीसीआई इस पर अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगी. यह भी पढ़े- सुदर्शन को पछाड़ सकते हैं सूर्यवंशी, गेंदबाजी में भुवी-रबाडा के बीच रेस The post अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI appeared first on Naya Vichar.

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जुबीन गर्ग केस में बढ़ीं आरोपियों की मुश्किलें, 8 जून से शुरू होगी रोजाना सुनवाई

Zubeen Garg: असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है. गुवाहाटी की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने इस केस में गिरफ्तार सात आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय कर दिए हैं. इनमें से चार लोगों पर सीधे हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा. अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. जानकारी के मुताबिक, विशेष अदालत की जज शर्मिला भुयान ने सभी आरोपियों के सामने आरोप पढ़कर सुनाए. हालांकि, सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है. अब इस हाई-प्रोफाइल केस की रोजाना सुनवाई होगी और 8 जून से गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे. हत्या की धारा समेत कई गंभीर आरोप कोर्ट ने हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस चलाने का फैसला लिया है. सिद्धार्थ शर्मा, श्याम काणु महंता, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रवा महंता पर धारा 103(1) के तहत हत्या का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा श्याम काणु महंता पर जबरन वसूली, धोखाधड़ी और सबूत मिटाने के आरोप भी लगे हैं. वहीं, सिद्धार्थ शर्मा और शेखर ज्योति गोस्वामी पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. अमृत प्रवा महंता पर हत्या के साथ सबूत नष्ट करने का आरोप दर्ज किया गया है. सिंगापुर की रिपोर्ट और असम CID जांच में अंतर इस मामले में पहले सिंगापुर की अदालत ने जुबीन गर्ग की मौत को हादसा बताया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि उनकी मौत दुर्घटनावश डूबने से हुई और इसमें किसी साजिश के संकेत नहीं मिले. लेकिन असम प्रशासन और राज्य पुलिस को इस मामले में कई सवाल नजर आए. मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने भी इसे हत्या की आशंका वाला मामला बताया था. इसके बाद असम CID ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाकर गहराई से जांच शुरू की. रिश्तेदार और सिक्योरिटी गार्ड भी जांच के दायरे में इस केस में जुबीन गर्ग के करीबी लोगों पर भी कार्रवाई हुई है. उनके चचेरे भाई और असम पुलिस के पूर्व अधिकारी संदीपन गर्ग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, हादसे के समय मौजूद दो निजी सुरक्षा गार्डों पर भी आपराधिक साजिश और विश्वासघात के तहत मुकदमा चलेगा. गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की मौत पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर के लाजारस आइलैंड के पास एक निजी यॉट ट्रिप के दौरान हुई थी. इस घटना के बाद पूरे असम में शोक की लहर फैल गई थी. यह भी पढ़ें: ‘चांद मेरा दिल’ का 5वें दिन कैसा रहा हाल? हिट या मिस, देखें टोटल कलेक्शन The post जुबीन गर्ग केस में बढ़ीं आरोपियों की मुश्किलें, 8 जून से शुरू होगी रोजाना सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- निर्वाचन आयोग को SIR कराने का अधिकार है

Supreme Court On SIR: बिहार में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, कोई प्रक्रिया शुरुआत में भले ही भेदभावपूर्ण प्रतीत हो, लेकिन उचित सुरक्षा उपायों के जरिए उसे संवैधानिक रूप से अनुरूप बनाया जा सकता है. हम संतुष्ट हैं कि विवादित एसआईआर प्रक्रिया अनुपातिकता की कसौटी पर खरी उतरती है. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे. पीठ ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया अपनाकर अपने वैधानिक अधिकारों की सीमा से बाहर जाकर काम किया. हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि विवादित प्रक्रिया केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए अपनाई गई थी. इसके विपरीत, हम मानते हैं कि चुनावी एसआईआर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक आवश्यकता को बल देता है. निर्वाचन आयोग को SIR करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग को संवैधानिक प्रावधानों और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने का अधिकार है.उसने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मतदाता सूचियों की शुचिता, सटीकता और विश्वसनीयता पर निर्भर करते हैं. कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव केवल मतदान की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते. याचिका में क्या कहा गया था? याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उससे संबंधित नियमों के तहत निर्वाचन आयोग को इतने व्यापक स्तर पर एसआईआर कराने का अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. इन याचिकाओं में गैर-प्रशासनी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की याचिका भी शामिल थी. बिहार में एसआईआर अभियान का पहला चरण चलाया गया था. पिछले वर्ष 12 अगस्त को कोर्ट ने मामले में अंतिम बहस शुरू की थी और तब कहा था कि मतदाता सूची में नाम शामिल करना या हटाना निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है. चुनाव आयोग ने 65 लाख लोगों के नाम वोटिंग लिस्ट से हटाए थे निर्वाचन आयोग ने एसआईआर अभियान के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक किए थे. एसआईआर अधिसूचना के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम 2002 या 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे, उन्हें उस समय सूची में शामिल किसी व्यक्ति से अपना पैतृक संबंध साबित करना था. एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा था कि आधार और मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) जैसी प्रक्रिया है, जिसमें निर्वाचन आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र प्रशासन के पास है. The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा- निर्वाचन आयोग को SIR कराने का अधिकार है appeared first on Naya Vichar.

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पटियाला: नीले ड्रम में मिली जौनपुर की लड़की की लाश, हाथ पर ‘नेहा और दिल’ का टैटू, जांच में जुटी पुलिस

Blue Drum Girl Body Patiala: पंजाब के पटियाला के अर्बन स्टेट क्षेत्र में नीले ड्रम के अंदर एक युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. शव ओवरब्रिज के नीचे कूड़े के पास पड़ा मिला, जो नीले ड्रम के अंदर था. पुलिस ने हत्या की आशंका को देखते हुए जांच शुरू कर दी है. यह घटना राजपुरा-सिरहिंद रोड के पास पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स इलाके की है. सोमवार शाम एक राहगीर वहां से गुजर रहा था, तभी उसे सड़क किनारे पड़े नीले ड्रम से तेज बदबू आने लगी. ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रम के अंदर से इंसानी हाथ दिखाई देने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्रम खोलकर देखा तो उसके अंदर एक युवती का शव मिला. पुलिस के अनुसार, मृतका की उम्र करीब 20 साल है. शव को ड्रम में बंद कर ओवरब्रिज के नीचे फेंका गया था.  प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि युवती के हाथ पर टैटू बना हुआ था. पुलिस के अनुसार एक हाथ पर ‘नेहा’ का टैटू है, जबकि दूसरे हाथ पर दिल वाला टैटू बना है.  पुलिस को आशंका है कि मृतका प्रवासी मजदूर हो सकती है. फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है. चेहरे पर चोट के निशान, हत्या की आशंका गहराई जांच के दौरान पुलिस को युवती के चेहरे पर चोट और नीले निशान मिले हैं. इससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका जताई जा रही है. पटियाला पुलिस ने बताया कि शव मिलने की सूचना बुधवार सुबह मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए. बाद में शव को पहचान के लिए रजिंदरा प्रशासनी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया. जौनपुर के संत लाल की बेटी थी नेहा प्रारंभिक जांच के दौरान युवती के दोनों हाथों पर टैटू मिले, जिसके आधार पर उसकी पहचान हो सकी. मृतका की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 20 साल से अधिक बताई जा रही है. वह संत लाल की बेटी थी. पुलिस के मुताबिक, नेहा का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल पटियाला के पंजाबी बाग इलाके में रह रहा था. परिवार ने बताया कि नेहा पिछले कुछ दिनों से लापता थी और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी. SHO गुरप्रीत सिंह ने कहा कि अब पुलिस मृतका के परिजनों के संपर्क में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. #WATCH | Patiala, Punjab: On the body of a woman found inside a blue drum near the DCW overbridge, Station House Officer (SHO) Gurpreet Singh says, “We received a report this morning that the body of a woman was found inside a blue drum near the DCW flyover. We immediately… pic.twitter.com/lDS0iZqSk0 — ANI (@ANI) May 27, 2026 पिछले साल भी चर्चा में आया था ‘ब्लू ड्रम’ मामला गौरतलब है कि पिछले साल भी ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’ ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. उस मामले में एक मर्चेंट नेवी अधिकारी की हत्या का आरोप उसकी पत्नी और उसके प्रेमी पर लगा था. ये भी पढ़ें:- दिल्ली में बेखौफ अपराधी, स्त्री दोस्त पर टिप्पणी का किया विरोध, तो 17 साल के लड़के को मारी गोली ये भी पढ़ें:- INS कोलकाता ने MV माशाअल्लाह 1 को बचाया, इंडियन नेवी के सामने समुद्री लुटेरों का सरेंडर; व्यापारी जहाज को ऐसे बचाया पटियाला में इसी तरह नीले ड्रम में शव मिलने से पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. पटियाला पुलिस का कहना है कि आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और इलाके में पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही मामले का खुलासा करने की कोशिश की जाएगी. The post पटियाला: नीले ड्रम में मिली जौनपुर की लड़की की लाश, हाथ पर ‘नेहा और दिल’ का टैटू, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी

Household Tips: हमारा घर जितना साफ-सुथरा होता है हम उतने ही अंदर से खुश और रिलैक्स्ड फील करते हैं. जब घर की सफाई की बात आती है तो हमारा सबसे ज्यादा ध्यान फर्श और फर्नीचर की सफाई पर रहता है. लेकिन इसके अलावा कुछ और भी चीजें होती हैं जिनका हम हर समय और हर दिन इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी घर की सफाई के दौरान ये चीजें हमारे दिमाग से निकल जाती हैं. अगर आप इन चीजों को हर कुछ दिनों में साफ नहीं करते हैं तो इसकी बढ़ से घर में गंदगी, बैक्टीरिया और बदबू बढ़ने लग जाते हैं. इन चीजों को आप इसलिए भी नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि ये दिखने में हर समय साफ लगती हैं, लेकिन इन्हीं में सबसे ज्यादा कीटाणु छिपे हुए रह सकते हैं. अगर आप खुद को और अपने परिवार को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आपके लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि घर पर मौजूद इन चीजों को रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहें. तो चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. मोबाइल फोन की सफाई भी जरूरी आज के समय में आप जिसके हाथ में भी देखते हैं आपको मोबाइल फोन जरूर देखने को मिलता है. इसे हम घर के बार, किचन, बेडरूम और यहां तक कि खाना खाते समय भी इस्तेमाल करते हैं. बार-बार इस्तेमाल होते रहने की वजह से मोबाइल की स्क्रीन पर ढेर सारे बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप इसकी सफाई लंबे समय तक नहीं करते हैं तो इसका काफी बुरा असर आपकी स्किन और हेल्थ पर पड़ सकता है. अगर आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से साफ करना चाहते हैं तो एक लाइट सैनिटाइजर वाले कपड़े या फिर माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करना बेस्ट होता है. टीवी और एसी का रिमोट टीवी और एसी के रिमोट का इस्तेमाल घर के लगभग सभी सदस्य करते हैं, लेकिन इसकी सफाई पर ध्यान कोई नहीं देता है. हाथों की गंदगी, धूल और ऑयल रिमोट के बटन्स के बीच जमा होने लग जाती है. यह एक सबसे बड़ी वजह है कि आपको रिमोट पर ही सबसे ज्याद बैक्टीरिया देखने को मिलते हैं. टीवी और एसी के रिमोट को आपको हफ्ते में कम से कम दो बार तो साफ जरूर ही करना चाहिए. इसकी सफाई आप कॉटन और लाइट क्लीनर की मदद से काफी आसानी से कर सकते हैं. किचन का स्पंज और कपड़ा आप अपने किचन में जिस स्पंज का इस्तेमाल सफाई करने के लिए करते हैं, वह काफी जल्दी गंदा हो जाता है. ये स्पंज और कपड़े हर समय भीगे हुए रहते हैं जिस वजह से इनमें बैक्टीरिया सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने लगते हैं. कुछ लोगों की आदत होती है कि वे कई महीनों तक एक ही स्पंज का इस्तेमाल करते रहते हैं और इसकी वजह से उनके सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इस स्पंज को समय-समय पर बदलते रहें और गर्म पानी से धोते भी रहें. दरवाजों के हैंडल और स्विच बोर्ड दरवाजों के हैंडल और इलेक्ट्रिक स्विच बोर्ड दो ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम बार-बार छूते रहते हैं. इन चीजों का इस्तेमाल तो बार-बार होता है लेकिन इनकी सफाई पर उतना ध्यान दिया नहीं जाता है. धूल और हाथों की गंदगी की वजह से इनमें काफी ज्यादा बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इनकी सफाई एक साफ कपड़े और डिसइंफेक्टेंट की मदद से रेगुलर बेसिस पर करते रहें. इनकी सफाई से आपका घर ज्यादा साफ और फ्रेश फील होने लगता है. पानी की बोतल भी करें साफ बहुत से लोगों की यह आदत भी होती है कि वे हर दिन एक ही पानी की बोतल का इस्तेमाल करते रहते हैं, बिना उसकी ठीक से सफाई किये हुए. बता दें साफ दिखने वाले इस बोतल के अंदर भी मॉइस्चर रहने की वजह से बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं. अगर आप प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो आपको उसे रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहना चाहिए. इनकी सफाई करने के लिए आपको एक माइल्ड साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए. ये भी पढ़ें: Cleaning Tips: पीले पड़े प्लास्टिक के लंच बॉक्स को स्कूल नहीं ले जाना चाहते शिशु? इस तरह बनाएं उसे नए जैसा The post घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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