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अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI

BCCI IPL plan: आईपीएल का 19वां सीजन खत्म होने के साथ ही बीसीसीआई अब अगले सीजन के बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है. सबसे बड़ा बदलाव टूर्नामेंट के समय को लेकर हो सकता है. आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई में बढ़ने वाली भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए इस लीग को सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट करने की चर्चा चल रही है. ताकि खिलाड़ियों को अत्यधिक थकान और चोटों से बचाया जा सके. क्या सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट होगा IPL आईपीएल 2026 का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है. 28 मार्च से शुरू हुआ 74 मैचों का यह लंबा सफर 31 मई को फाइनल मुकाबले के साथ समाप्त होने जा रहा है. हालांकि, इस सीजन के दौरान उत्तर और पश्चिम हिंदुस्तान में मौसम के कड़े मिजाज ने आयोजकों को गहरी चिंता में डाल दिया है. मई के महीने में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के चलते न सिर्फ स्टेडियमों में दर्शकों की तादाद पर असर पड़ा है. बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और इंजरी को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए अब हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के भीतर टूर्नामेंट की पारंपरिक विंडो को बदलकर इसे सितंबर-अक्टूबर में आयोजित करने पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है. फेस्टिव सीजन में हो सकता है IPL स्पोर्टस्टार वेबसाइट को दिए एक विशेष इंटरव्यू में जब आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल से लीग में दर्शकों की कम होती रुचि पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस बड़े बदलाव का संकेत दिया. धूमल ने कहा, “हमें ब्रॉडकास्टर्स के साथ मिलकर इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि क्या टूर्नामेंट को किसी अन्य विंडो में शिफ्ट किया जा सकता है. एक सुझाव सितंबर-अक्टूबर की विंडो का आया है, जो बेहद शानदार साबित हो सकता है. यह समय ठीक दीपावली के आसपास का होता है, जो विज्ञापनदाताओं के लिहाज से सबसे बेहतरीन वक्त है. हम अगले द्विपक्षीय टेंडर के दौरान इस बात की समीक्षा करेंगे कि क्या यह विंडो हमारे लिए उपलब्ध हो सकती है या नहीं.” क्या दो टुकड़ों में बटेगा IPL का रोमांच आईपीएल के पहले सीजन से ही (कोविड के दो सालों को छोड़कर) यह टूर्नामेंट हमेशा मार्च से मई के बीच स्पोर्ट्सा जाता रहा है. ऐसे में सालों पुरानी इस विंडो को बदलना बीसीसीआई के लिए आसान नहीं होगा. हालांकि, बोर्ड सिर्फ तारीखें बदलने पर ही विचार नहीं कर रहा, बल्कि टूर्नामेंट को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटने की बड़ी योजना बना रहा है. आईपीएल चेयरमैन ने क्या कहा आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई के महीने में हिंदुस्तान में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए बोर्ड नए विकल्पों पर काम कर रहा है. योजना यह है कि टूर्नामेंट का पहला हिस्सा फरवरी से अप्रैल के बीच और दूसरा हिस्सा साल के आखिर में सितंबर-अक्टूबर के दौरान आयोजित किया जाए. हालांकि, खिलाड़ियों की उपलब्धता पक्की करने के लिए बीसीसीआई इस पर अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगी. यह भी पढ़े- सुदर्शन को पछाड़ सकते हैं सूर्यवंशी, गेंदबाजी में भुवी-रबाडा के बीच रेस The post अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI appeared first on Naya Vichar.

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जुबीन गर्ग केस में बढ़ीं आरोपियों की मुश्किलें, 8 जून से शुरू होगी रोजाना सुनवाई

Zubeen Garg: असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है. गुवाहाटी की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने इस केस में गिरफ्तार सात आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय कर दिए हैं. इनमें से चार लोगों पर सीधे हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा. अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. जानकारी के मुताबिक, विशेष अदालत की जज शर्मिला भुयान ने सभी आरोपियों के सामने आरोप पढ़कर सुनाए. हालांकि, सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है. अब इस हाई-प्रोफाइल केस की रोजाना सुनवाई होगी और 8 जून से गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे. हत्या की धारा समेत कई गंभीर आरोप कोर्ट ने हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस चलाने का फैसला लिया है. सिद्धार्थ शर्मा, श्याम काणु महंता, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रवा महंता पर धारा 103(1) के तहत हत्या का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा श्याम काणु महंता पर जबरन वसूली, धोखाधड़ी और सबूत मिटाने के आरोप भी लगे हैं. वहीं, सिद्धार्थ शर्मा और शेखर ज्योति गोस्वामी पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. अमृत प्रवा महंता पर हत्या के साथ सबूत नष्ट करने का आरोप दर्ज किया गया है. सिंगापुर की रिपोर्ट और असम CID जांच में अंतर इस मामले में पहले सिंगापुर की अदालत ने जुबीन गर्ग की मौत को हादसा बताया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि उनकी मौत दुर्घटनावश डूबने से हुई और इसमें किसी साजिश के संकेत नहीं मिले. लेकिन असम प्रशासन और राज्य पुलिस को इस मामले में कई सवाल नजर आए. मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने भी इसे हत्या की आशंका वाला मामला बताया था. इसके बाद असम CID ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाकर गहराई से जांच शुरू की. रिश्तेदार और सिक्योरिटी गार्ड भी जांच के दायरे में इस केस में जुबीन गर्ग के करीबी लोगों पर भी कार्रवाई हुई है. उनके चचेरे भाई और असम पुलिस के पूर्व अधिकारी संदीपन गर्ग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, हादसे के समय मौजूद दो निजी सुरक्षा गार्डों पर भी आपराधिक साजिश और विश्वासघात के तहत मुकदमा चलेगा. गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की मौत पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर के लाजारस आइलैंड के पास एक निजी यॉट ट्रिप के दौरान हुई थी. इस घटना के बाद पूरे असम में शोक की लहर फैल गई थी. यह भी पढ़ें: ‘चांद मेरा दिल’ का 5वें दिन कैसा रहा हाल? हिट या मिस, देखें टोटल कलेक्शन The post जुबीन गर्ग केस में बढ़ीं आरोपियों की मुश्किलें, 8 जून से शुरू होगी रोजाना सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- निर्वाचन आयोग को SIR कराने का अधिकार है

Supreme Court On SIR: बिहार में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, कोई प्रक्रिया शुरुआत में भले ही भेदभावपूर्ण प्रतीत हो, लेकिन उचित सुरक्षा उपायों के जरिए उसे संवैधानिक रूप से अनुरूप बनाया जा सकता है. हम संतुष्ट हैं कि विवादित एसआईआर प्रक्रिया अनुपातिकता की कसौटी पर खरी उतरती है. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे. पीठ ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया अपनाकर अपने वैधानिक अधिकारों की सीमा से बाहर जाकर काम किया. हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि विवादित प्रक्रिया केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए अपनाई गई थी. इसके विपरीत, हम मानते हैं कि चुनावी एसआईआर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक आवश्यकता को बल देता है. निर्वाचन आयोग को SIR करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग को संवैधानिक प्रावधानों और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने का अधिकार है.उसने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मतदाता सूचियों की शुचिता, सटीकता और विश्वसनीयता पर निर्भर करते हैं. कोर्ट ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव केवल मतदान की प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते. याचिका में क्या कहा गया था? याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उससे संबंधित नियमों के तहत निर्वाचन आयोग को इतने व्यापक स्तर पर एसआईआर कराने का अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. इन याचिकाओं में गैर-प्रशासनी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की याचिका भी शामिल थी. बिहार में एसआईआर अभियान का पहला चरण चलाया गया था. पिछले वर्ष 12 अगस्त को कोर्ट ने मामले में अंतिम बहस शुरू की थी और तब कहा था कि मतदाता सूची में नाम शामिल करना या हटाना निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है. चुनाव आयोग ने 65 लाख लोगों के नाम वोटिंग लिस्ट से हटाए थे निर्वाचन आयोग ने एसआईआर अभियान के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक किए थे. एसआईआर अधिसूचना के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम 2002 या 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे, उन्हें उस समय सूची में शामिल किसी व्यक्ति से अपना पैतृक संबंध साबित करना था. एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा था कि आधार और मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) जैसी प्रक्रिया है, जिसमें निर्वाचन आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र प्रशासन के पास है. The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा- निर्वाचन आयोग को SIR कराने का अधिकार है appeared first on Naya Vichar.

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पटियाला: नीले ड्रम में मिली जौनपुर की लड़की की लाश, हाथ पर ‘नेहा और दिल’ का टैटू, जांच में जुटी पुलिस

Blue Drum Girl Body Patiala: पंजाब के पटियाला के अर्बन स्टेट क्षेत्र में नीले ड्रम के अंदर एक युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. शव ओवरब्रिज के नीचे कूड़े के पास पड़ा मिला, जो नीले ड्रम के अंदर था. पुलिस ने हत्या की आशंका को देखते हुए जांच शुरू कर दी है. यह घटना राजपुरा-सिरहिंद रोड के पास पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स इलाके की है. सोमवार शाम एक राहगीर वहां से गुजर रहा था, तभी उसे सड़क किनारे पड़े नीले ड्रम से तेज बदबू आने लगी. ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रम के अंदर से इंसानी हाथ दिखाई देने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्रम खोलकर देखा तो उसके अंदर एक युवती का शव मिला. पुलिस के अनुसार, मृतका की उम्र करीब 20 साल है. शव को ड्रम में बंद कर ओवरब्रिज के नीचे फेंका गया था.  प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि युवती के हाथ पर टैटू बना हुआ था. पुलिस के अनुसार एक हाथ पर ‘नेहा’ का टैटू है, जबकि दूसरे हाथ पर दिल वाला टैटू बना है.  पुलिस को आशंका है कि मृतका प्रवासी मजदूर हो सकती है. फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो पाई है. चेहरे पर चोट के निशान, हत्या की आशंका गहराई जांच के दौरान पुलिस को युवती के चेहरे पर चोट और नीले निशान मिले हैं. इससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है और हत्या की आशंका जताई जा रही है. पटियाला पुलिस ने बताया कि शव मिलने की सूचना बुधवार सुबह मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए. बाद में शव को पहचान के लिए रजिंदरा प्रशासनी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया. जौनपुर के संत लाल की बेटी थी नेहा प्रारंभिक जांच के दौरान युवती के दोनों हाथों पर टैटू मिले, जिसके आधार पर उसकी पहचान हो सकी. मृतका की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 20 साल से अधिक बताई जा रही है. वह संत लाल की बेटी थी. पुलिस के मुताबिक, नेहा का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल पटियाला के पंजाबी बाग इलाके में रह रहा था. परिवार ने बताया कि नेहा पिछले कुछ दिनों से लापता थी और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी. SHO गुरप्रीत सिंह ने कहा कि अब पुलिस मृतका के परिजनों के संपर्क में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. #WATCH | Patiala, Punjab: On the body of a woman found inside a blue drum near the DCW overbridge, Station House Officer (SHO) Gurpreet Singh says, “We received a report this morning that the body of a woman was found inside a blue drum near the DCW flyover. We immediately… pic.twitter.com/lDS0iZqSk0 — ANI (@ANI) May 27, 2026 पिछले साल भी चर्चा में आया था ‘ब्लू ड्रम’ मामला गौरतलब है कि पिछले साल भी ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’ ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. उस मामले में एक मर्चेंट नेवी अधिकारी की हत्या का आरोप उसकी पत्नी और उसके प्रेमी पर लगा था. ये भी पढ़ें:- दिल्ली में बेखौफ अपराधी, स्त्री दोस्त पर टिप्पणी का किया विरोध, तो 17 साल के लड़के को मारी गोली ये भी पढ़ें:- INS कोलकाता ने MV माशाअल्लाह 1 को बचाया, इंडियन नेवी के सामने समुद्री लुटेरों का सरेंडर; व्यापारी जहाज को ऐसे बचाया पटियाला में इसी तरह नीले ड्रम में शव मिलने से पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. पटियाला पुलिस का कहना है कि आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और इलाके में पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही मामले का खुलासा करने की कोशिश की जाएगी. The post पटियाला: नीले ड्रम में मिली जौनपुर की लड़की की लाश, हाथ पर ‘नेहा और दिल’ का टैटू, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी

Household Tips: हमारा घर जितना साफ-सुथरा होता है हम उतने ही अंदर से खुश और रिलैक्स्ड फील करते हैं. जब घर की सफाई की बात आती है तो हमारा सबसे ज्यादा ध्यान फर्श और फर्नीचर की सफाई पर रहता है. लेकिन इसके अलावा कुछ और भी चीजें होती हैं जिनका हम हर समय और हर दिन इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी घर की सफाई के दौरान ये चीजें हमारे दिमाग से निकल जाती हैं. अगर आप इन चीजों को हर कुछ दिनों में साफ नहीं करते हैं तो इसकी बढ़ से घर में गंदगी, बैक्टीरिया और बदबू बढ़ने लग जाते हैं. इन चीजों को आप इसलिए भी नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि ये दिखने में हर समय साफ लगती हैं, लेकिन इन्हीं में सबसे ज्यादा कीटाणु छिपे हुए रह सकते हैं. अगर आप खुद को और अपने परिवार को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आपके लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि घर पर मौजूद इन चीजों को रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहें. तो चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. मोबाइल फोन की सफाई भी जरूरी आज के समय में आप जिसके हाथ में भी देखते हैं आपको मोबाइल फोन जरूर देखने को मिलता है. इसे हम घर के बार, किचन, बेडरूम और यहां तक कि खाना खाते समय भी इस्तेमाल करते हैं. बार-बार इस्तेमाल होते रहने की वजह से मोबाइल की स्क्रीन पर ढेर सारे बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. ऐसे में अगर आप इसकी सफाई लंबे समय तक नहीं करते हैं तो इसका काफी बुरा असर आपकी स्किन और हेल्थ पर पड़ सकता है. अगर आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से साफ करना चाहते हैं तो एक लाइट सैनिटाइजर वाले कपड़े या फिर माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करना बेस्ट होता है. टीवी और एसी का रिमोट टीवी और एसी के रिमोट का इस्तेमाल घर के लगभग सभी सदस्य करते हैं, लेकिन इसकी सफाई पर ध्यान कोई नहीं देता है. हाथों की गंदगी, धूल और ऑयल रिमोट के बटन्स के बीच जमा होने लग जाती है. यह एक सबसे बड़ी वजह है कि आपको रिमोट पर ही सबसे ज्याद बैक्टीरिया देखने को मिलते हैं. टीवी और एसी के रिमोट को आपको हफ्ते में कम से कम दो बार तो साफ जरूर ही करना चाहिए. इसकी सफाई आप कॉटन और लाइट क्लीनर की मदद से काफी आसानी से कर सकते हैं. किचन का स्पंज और कपड़ा आप अपने किचन में जिस स्पंज का इस्तेमाल सफाई करने के लिए करते हैं, वह काफी जल्दी गंदा हो जाता है. ये स्पंज और कपड़े हर समय भीगे हुए रहते हैं जिस वजह से इनमें बैक्टीरिया सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने लगते हैं. कुछ लोगों की आदत होती है कि वे कई महीनों तक एक ही स्पंज का इस्तेमाल करते रहते हैं और इसकी वजह से उनके सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इस स्पंज को समय-समय पर बदलते रहें और गर्म पानी से धोते भी रहें. दरवाजों के हैंडल और स्विच बोर्ड दरवाजों के हैंडल और इलेक्ट्रिक स्विच बोर्ड दो ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम बार-बार छूते रहते हैं. इन चीजों का इस्तेमाल तो बार-बार होता है लेकिन इनकी सफाई पर उतना ध्यान दिया नहीं जाता है. धूल और हाथों की गंदगी की वजह से इनमें काफी ज्यादा बैक्टीरिया इकठ्ठा हो जाते हैं. आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इनकी सफाई एक साफ कपड़े और डिसइंफेक्टेंट की मदद से रेगुलर बेसिस पर करते रहें. इनकी सफाई से आपका घर ज्यादा साफ और फ्रेश फील होने लगता है. पानी की बोतल भी करें साफ बहुत से लोगों की यह आदत भी होती है कि वे हर दिन एक ही पानी की बोतल का इस्तेमाल करते रहते हैं, बिना उसकी ठीक से सफाई किये हुए. बता दें साफ दिखने वाले इस बोतल के अंदर भी मॉइस्चर रहने की वजह से बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं. अगर आप प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो आपको उसे रेगुलर बेसिस पर साफ करते रहना चाहिए. इनकी सफाई करने के लिए आपको एक माइल्ड साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए. ये भी पढ़ें: Cleaning Tips: पीले पड़े प्लास्टिक के लंच बॉक्स को स्कूल नहीं ले जाना चाहते शिशु? इस तरह बनाएं उसे नए जैसा The post घर की ये 5 चीजें चुपचाप फैला रही हैं गंदगी और बैक्टीरिया, फर्श और फर्नीचर के साथ इनकी सफाई भी है बेहद जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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मसाला मार्केट के बाद, अब शेयर बाजार में स्वाद बढ़ाएगा ‘पुष्प’ का IPO 

Pushp IPO: हिंदुस्तान की जानी-मानी पैकेज्ड मसाला कंपनी ‘पुष्प ब्रांड (इंडिया)’ जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है. इसका मतलब है कि कंपनी ने आईपीओ लाने की तैयारी का पहला और सबसे जरूरी कदम उठा लिया है. क्या है पुष्प ब्रांड की इस IPO योजना में?  इस आईपीओ के तहत कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि यह पूरी तरह से एक ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा. इसके जरिए कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स और निवेशक मिलकर अपने कुल 7,445,000 (74.45 लाख) शेयर बेचेंगे. इस ओएफएस में प्रमोटर सुरेंद्र कुमार सुराना और महेंद्र कुमार सुराना के साथ-साथ निवेशक ‘A91 इमर्जिंग फंड I LLP’ और ‘सिक्स्थ सेंस इंडिया अपॉर्चुनिटीज III’ अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचेंगे. क्योंकि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, इसलिए शेयर बिक्री से मिलने वाला सारा पैसा सीधे हिस्सेदारी बेचने वाले प्रमोटर्स और निवेशकों के पास जाएगा, कंपनी को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा. कंपनी का कहना है कि शेयर बाजार में लिस्ट होने से उनकी ब्रांड वैल्यू और विजिबिलिटी बढ़ेगी. कौन संभाल रहा है इस IPO का पूरा जिम्मा?  इस बड़े आईपीओ को सही तरीके से मैनेज करने के लिए कंपनी ने देश के दिग्गज मर्चेंट बैंकर्स को जिम्मेदारी सौंपी है. आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities), आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज (IIFL Capital Services) और सिस्टेमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज (Systematix Corporate Services) इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं. वहीं, ‘केफिन टेक्नोलॉजीज’ (KFin Technologies) को इस आईपीओ का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो शेयर अलॉटमेंट का काम देखेगी. पुष्प ब्रांड के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर होगी. इसके साथ ही मार्केट में एक और हलचल है कि ‘मातंगी रबर’ ने भी सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं. कैसा है कंपनी का बिजनेस और मार्केट में दबदबा?  पुष्प ब्रांड (इंडिया) देश की सबसे तेजी से बढ़ती मसाला कंपनियों में से एक है. वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) में सालाना 21.3% की शानदार कंपाउंड ग्रोथ (CAGR) दर्ज की गई है. आज की तारीख में कंपनी के प्रोडक्ट्स देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिकते हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कंपनी की पकड़ बेहद मजबूत है. जबकि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में इसका कारोबार तेजी से फैल रहा है. पिछले पांच सालों में कंपनी ने गोवा, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे नए राज्यों में भी अपनी पहुंच बनाई है. कंपनी के पोर्टफोलियो में क्या-क्या शामिल है?  यह कंपनी ‘पुष्प’ (Pushp) और ‘मुनीमजी’ (Munimji) ब्रांड नाम के तहत अपने प्रोडक्ट्स बाजार में बेचती है. इनके पोर्टफोलियो में सिर्फ शुद्ध मसाले ही नहीं, बल्कि ब्लेंडेड (मिश्रित) मसाले और खाने-पीने की दूसरी चीजें भी शामिल हैं. इनके मुख्य प्रोडक्ट्स में मिर्ची पाउडर, कश्मीरी मिर्च, तेजा मिर्च, कुटी मिर्च, हल्दी पाउडर, हरी इलायची, जीरा, पास्ता मसाला, हींग, शाही पनीर मसाला, इलायची चाय और सोया चंक्स जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें शामिल हैं. ये भी पढ़ें: रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR  The post मसाला मार्केट के बाद, अब शेयर बाजार में स्वाद बढ़ाएगा ‘पुष्प’ का IPO  appeared first on Naya Vichar.

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UPSC सिविल सर्विस के लिए आंसर की जारी, यहां सेट वाइज करें डाउनलोड

UPSC CSE Answer Key 2026: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. यूपीएससी एग्जाम के लिए आंसर की जारी हो गई है. परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपने सवालों के सही जवाब मिलाकर संभावित स्कोर का अंदाजा लगा सकते हैं. लंबे इंतजार के बाद आंसर की जारी होने से उम्मीदवारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. हर साल लाखों छात्र IAS, IPS और IFS जैसे पदों के लिए इस परीक्षा में शामिल होते हैं. आंसर की चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- upsc.gov.in पर जाना होगा. ऐसे चेक करें UPSC CSE Answer Key 2026 सबसे पहले UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in खोलें. होमपेज पर “UPSC CSE Answer Key 2026” लिंक पर क्लिक करें. अब अपने प्रश्न पत्र सेट को चुनें. स्क्रीन पर Answer Key PDF खुल जाएगी. इसे डाउनलोड करें और अपने जवाबों का मिलान करें. भविष्य के लिए PDF का प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं. यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी और उम्मीदवारों को 27 फरवरी 2026 शाम 6 बजे तक आवेदन करने का मौका दिया गया था. वहीं करेक्शन विंडो 28 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक खुली रही, जबकि प्रीलिम्स परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित हुई थी. परीक्षा का एडमिट कार्ड 15 मई 2026 को जारी किया गया था और अब 27 मई 2026 को Answer Key भी जारी कर दी गई है. UPSC CSE Answer Key 2026 सेट वाइज चेक करें UPSC CSE GS Paper 1 Check Here UPSC CSE GS Paper 2 Check Here आपत्ति करने का मौका आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने सवालों पर आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए एक खास Question Paper Representation Portal शुरू किया गया है. अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी सवाल का जवाब गलत दिया गया है, तो वह उसके समर्थन में सबूत और सही जानकारी के साथ अपनी शिकायत भेज सकता है. इसके बाद विषय विशेषज्ञ उन सभी आपत्तियों की जांच करेंगे और फिर फाइनल आंसर की तैयार की जाएगी. यह भी पढ़ें: IT मंत्रालय में Graduates के लिए शानदार भर्ती, सैलरी 1 लाख से ज्यादा The post UPSC सिविल सर्विस के लिए आंसर की जारी, यहां सेट वाइज करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

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गिरिडीह: एंबुलेंस नहीं पहुंची गांव, गर्भवती महिला को चार किलोमीटर तक खाट पर ले गए ग्रामीण

पीरटांड से भोला पाठक की रिपोर्ट Giridih News: गिरिडीह जिले के पीरटांड के दालुवाडीह में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती स्त्री को ग्रामीणों ने खाट पर लादकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया. आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां सड़क जैसी मूलभूत सुविधा लोगों को नसीब नहीं हो पाई है. सड़क नहीं होने से एंबुलेंस ने आने से किया इनकार  जानकारी के अनुसार दालुवाडीह निवासी गर्भवती स्त्री सुनीता सोरेन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने का हवाला देते हुए एंबुलेंस आने से मना कर दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मजबूरी में स्त्री को खाट पर लिटाकर मुश्किल रास्तों से होते हुए पिपराडीह मुख्य सड़क तक पहुंचाया. वहां से किसी तरह वाहन की व्यवस्था कर स्त्री को अस्पताल भेजा गया.  खराब रास्ते से बिगड़ी मरीज की हालत  परिजनों ने बताया कि गांव तक सड़क नहीं रहने के कारण मरीज की हालत और गंभीर हो गई. अगर सड़क होती तो एंबुलेंस सीधे गांव तक पहुंच जाती और स्त्री को समय पर इलाज मिल पाता. ग्रामीणों का कहना है कि पिपराडीह तक सड़क बनी हुई है, लेकिन उसके आगे आज तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे दर्जनों गांवों के लोगों को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.  कई गांवों के लोग झेल रहे परेशानी  ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने से कुरुवारांड, दालुवाडीह, डाहिया, ईटाबेड़ा, गाड़ापरोम, सहेरबेड़ा, जिरबेड़ा, सतकटिया और बोरवाबेड़ा समेत कई गांव प्रभावित हैं. बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है. बीमार, गर्भवती स्त्रीओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता. ग्रामीणों का फूटा गुस्सा  इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीण बुधन सोरेन, सुशील मुर्मू, सानो मरांडी, गोपाल मुर्मू, सोमरा मुर्मू, पतिराम मरांडी और बाबूलाल हांसदा समेत कई लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय विधायक, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की सुध लेने तक नहीं आते. ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले चुनाव में वे वोट का बहिष्कार करेंगे. लोगों ने एक स्वर में कहा, “रोड नहीं तो वोट नहीं.” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार मरीजों को खाट पर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आज तक इस ओर नहीं गया. यह भी पढ़ें: धनबाद जेल पहुंचकर रजनी रवानी से मिले सांसद ढुल्लू महतो, सीबीआई जांच कराने की कही बात यह भी पढ़ें: दो हफ्ते के अंदर जोजोबाटा में लगेगा चापाकल, अधिकारियों के साथ पहुंचे विधायक दशरथ गागराई The post गिरिडीह: एंबुलेंस नहीं पहुंची गांव, गर्भवती स्त्री को चार किलोमीटर तक खाट पर ले गए ग्रामीण appeared first on Naya Vichar.

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खप्पर योग 2026: 29 जून तक इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं परेशानियां

Khappar Yog 2026: वैदिक पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार 1 मई से 29 जून तक का समय बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. इस दौरान मंगल, शनि, सूर्य और राहु जैसे क्रूर एवं पापी ग्रह मिलकर खप्पर योग का निर्माण कर रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अशुभ, तनाव बढ़ाने वाला और जीवन में बाधाएं उत्पन्न करने वाला माना गया है. मान्यता है कि खप्पर योग के प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, विवाद और अचानक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए यह समय अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में इन राशियों को 29 जून तक सतर्क रहने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है. क्या होता है खप्पर योग? ज्योतिष शास्त्र में जब कई उग्र और पाप ग्रह एक विशेष स्थिति में आ जाते हैं, तब खप्पर योग का निर्माण होता है. यह योग व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता, तनाव और बाधाएं बढ़ा सकता है. इस दौरान लोगों को अपने व्यवहार, स्वास्थ्य, करियर और आर्थिक मामलों में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय धैर्य और संयम के साथ बिताना बेहतर माना जाता है. मेष राशि वालों को रहना होगा सतर्क खप्पर योग के प्रभाव से मेष राशि के जातकों में क्रोध और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. मंगल और राहु की स्थिति के कारण ऑफिस में सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद होने की संभावना बन सकती है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान पहुंचा सकते हैं. वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है. कन्या राशि पर पड़ सकता है आर्थिक असर कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. खप्पर योग के प्रभाव से व्यापार और निवेश में नुकसान होने की संभावना बन सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए. पैसों के लेन-देन और नए निवेश में सतर्कता बरतना जरूरी होगा. गलत निर्णय आर्थिक तनाव बढ़ा सकते हैं. कैसे करें बचाव? ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में नियमित पूजा-पाठ, धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी माना जाता है. किसी भी विवाद से दूर रहें और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लें. इसके अलावा स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें. संयम और सतर्कता से इस समय के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. The post खप्पर योग 2026: 29 जून तक इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं परेशानियां appeared first on Naya Vichar.

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रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR 

ITR Filing For Pensioners: कई बुजुर्गों को लगता है कि रिटायर होने के बाद टैक्स रिटर्न (ITR) भरना जरूरी नहीं है. लेकिन यह सच नहीं है. अगर आप पेंशनर हैं, तो भी समय पर ITR फाइल करना बहुत जरूरी है. इससे न सिर्फ आपको टैक्स रिफंड पाने में मदद मिलती है, बल्कि ब्याज और पेंशन से होने वाली कमाई का सही रिकॉर्ड भी रहता है. इससे इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आने का खतरा नहीं रहता. असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए टैक्स फाइलिंग की शुरुआत हो चुकी है. आइए जानते हैं कि इस बार पेंशनर्स के लिए टैक्स के क्या नियम हैं और उन्हें कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए. आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है? गलत फॉर्म चुनना रिटायर्ड लोगों की सबसे आम गलती है. आपको कौन सा फॉर्म चुनना है, यह आपकी कमाई के जरिए (Source of Income) पर निर्भर करता है: ITR-1 (सहज): अगर आपकी कुल सालाना कमाई 50 लाख रुपये तक है और आपकी आय का जरिया सिर्फ पेंशन, एक घर, बैंक ब्याज/डिविडेंड या 5,000 रुपये तक की कृषि आय है, तो आप इस फॉर्म को भरें. ITR-2: अगर आपके पास एक से ज्यादा घर हैं, कैपिटल गेन्स (शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से मुनाफा) है, या विदेशी संपत्ति से कमाई है, तो आपको यह फॉर्म चुनना होगा. ITR-3: यह फॉर्म उनके लिए है जिन्हें किसी बिजनेस या प्रोफेशन (व्यापार या पेशा) से मुनाफा हो रहा हो. ITR-4 (सुगम): अगर आपकी कमाई 50 लाख रुपये तक है और आपकी इनकम में पेंशन के साथ-साथ धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानित बिजनेस (Presumptive Income) शामिल है, तो यह फॉर्म आपके लिए है. नए कानून के बीच टैक्स का हिसाब कैसे होगा? नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 भले ही 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, लेकिन ध्यान रहे कि आप असेसमेंट ईयर 2026-27 में उस कमाई पर टैक्स दे रहे हैं जो आपने पिछले साल (फाइनेंशियल ईयर 2025-26) में कमाई थी. इसलिए इस बार टैक्स का कैलकुलेशन पुराने ‘इनकम टैक्स एक्ट 1961’ के नियमों के तहत ही होगा. इसके अलावा, नई टैक्स रिजीम चुनने वाले निवासी नागरिकों को धारा 87A के तहत राहत मिलेगी, बशर्ते उनकी टैक्स योग्य आय 12 लाख रुपये से अधिक न हो. टैक्स बचाने के लिए कहां मिलेगी छूट? सीनियर सिटीजंस के लिए कई शानदार डिडक्शंस (टैक्स छूट) मौजूद हैं, जिनका फायदा उठाकर टैक्स बचाया जा सकता है: धारा 80TTB: बैंक, पोस्ट ऑफिस या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज से होने वाली 50,000 रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) के प्रीमियम पर 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है. धारा 80DDB: गंभीर बीमारियों के इलाज पर खर्च के लिए 1 लाख रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है. धारा 80C (नया नाम धारा 123): नए कानून में इसे रीस्ट्रक्चर किया गया है. इसके तहत लाइफ इंश्योरेंस, पीएफ, एनएससी और होम लोन के मूलधन (Principal) भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है. धारा 24(b): पुरानी टैक्स व्यवस्था में खुद के रहने वाले घर के होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान है. साथ ही, ऐसे बुजुर्ग जिनकी कोई बिजनेस इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने से पूरी राहत दी गई है. फिलहाल टैक्स विभाग ने ITR-1 और ITR-4 के लिए ऑनलाइन और एक्सेल यूटिलिटी चालू कर दी है, ताकि आप बिना देरी किए अपना रिटर्न फाइल कर सकें. ये भी पढ़ें: सैलरी और शेयर से कमाते हैं? तो लाइव हो गया ITR-2, जानें किसे भरना है और कब तक The post रिटायर्ड हैं तो क्या हुआ? AY 2026-27 के लिए ऐसे फाइल करें ITR  appeared first on Naya Vichar.

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