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TVS, Honda या Hero: कौन-सी 160cc बाइक है सबसे बेहतर ऑप्शन? खरीदने से पहले जान लें

देश के टू-व्हीलर ऑटोमोबाइल बाजार में 160 सीसी वाली बाइकों का क्रेज काफी ज्यादा हैं. खासकर दमदार परफॉर्मेंस के साथ-साथ बेहतर ड्राइविंग एक्सपिरियंस चाहने वाले राइडर्स के लिए यह बेस्ट ऑप्शन भी माना जाता है. इसलिए यहां हम आपके लिए 3 ऐसे ऑप्शन लेकर आए हैं, जो आपके लिए परफेक्ट बन सकता है. इस आर्टिकल में हम TVS Apache RTR 160, Honda Unicorn और Hero Xtreme लेकर आए हैं, जो 160 सीसी इंजन के साथ आते हैं. इंजन के साथ-साथ इनकी खासियत के बारे में भी बताएंगे.  TVS Apache RTR 160  सबसे पहले हम बात टीवीएस कंपनी की अपाचे आरटीआर की करते हैं, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम (दिल्ली) कीमत 1,13,140 रुपये है. इसके 2V मॉडल में कुल 6 अलग-अलग वेरिएंट आते हैं. टॉप वेरिएंट का दाम 1,26,040 रुपये है. वहीं, 4V में 4 वेरिएंट मिलते हैं, जिसकी कीमत 1.19 लाख रुपये से लेकर 1.38 लाख रुपये तक है. टीवीएस Apache RTR 160 में 159.7cc का सिंगल-सिलेंडर एंड 4-वाल्व, फ्यूल इंजेक्शन इंजन मिलता है. यह इंजन 9250 rpm पर 17.55 ps की ताकत और 7250 rpm पर 14.73 nm टॉर्क जेनरेट करता है. इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. इसमें आपको 2 राइडिंग मोड भी मिलते हैं, जिसमें अर्बन और रेन शामिल हैं. इसके अलावा क्लास-डी प्रोजेक्टर हैंडलैंप, ऑल-एलईडी लाइटिंग और असिस्ट एंड स्लिपर क्लच जैसे फीचर्स मिलते हैं.  Honda Unicorn 160 यदि आप होंडा कंपनी के फैन हैं, तो इसकी Honda Unicorn आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. इसमें 162.7cc वाला एयर-कूल्ड, 4-स्ट्रोक, सिंगल सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 7500-8000 आरपीएम पर 12.9-13.4 ps पावर और 5500-6000 rpm पर 14-14.58 nm टॉर्क जेनरेट करने का पावर रखता है. इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. इसमें PFI यानि प्रोग्राम्ड फ्यूल इंजेक्शन मिलता है. ये भी पढ़ें: Honda Shine, Splendor Plus या HF Deluxe: कौन है 100cc वाली सबसे दमदार बाइक? खरीदने से पहले जानें यूनिकॉर्न की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 1,14,606 रुपये है. इसके अलावा इस बाइक में आपको हाई ग्राउंड क्लियरेंस, साइड स्टैंड इंजन कट ऑफ, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, न्यू 15 वाट यूएसबी सी-पोर्ट चार्जिंग सिस्टम, एलईडी हेडलैंप और एलसीडी डिजिटल पैनल जैसे फीचर्स मिलते हैं.  Hero Xtreme 160 4V तीसरे नंबर पर हीरो मोटोकॉर्प की शानदार बाइक एक्सट्रिम 4वी का नाम है, जिसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 1,33,195 रुपये है, जबकि इसका ETB वेरिएंट का प्राइस 1,38,180 रुपये है. इसमें 163.2 सीसी का एयर एंड ऑइल कूल्ड, 4-वाल्व, सिंगल सिलेंडर इंजन मिलता है. यह इंजन 8500 rpm पर 16.9 ps पावर और 6500 rpm पर 14.6 nm टॉर्क जेनरेट करता है. इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. इसमें भी PFI टेक्नोलॉजी मिलती है.  हीरो एक्सट्रिम 160 4वी में ऑल-एलईडी सेटअप मिलता है. इसमें आपको हेडलैंप, टेललैंप और इंडिकेटर पूरी तरह से LED हैं. ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और SMS एंड कॉल अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. सेफ्टी के तौर पर साइड स्टैंड इंजन कट ऑफ और पैनिक ब्रेक अलर्ट भी लगे हैं. ये भी पढ़ें: Yamaha से लेकर Suzuki तक…, ये हैं 250cc से कम पावर वाली 5 शानदार स्पोर्टी बाइक, खरीदने से पहले देख लें The post TVS, Honda या Hero: कौन-सी 160cc बाइक है सबसे बेहतर ऑप्शन? खरीदने से पहले जान लें appeared first on Naya Vichar.

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अगस्त में IPO की बहार! Zepto से Shiprocket तक 12 से ज्यादा कंपनियां जुटाएंगी ₹25,000 करोड़

अगस्त का महीना शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है. एक-दो नहीं, बल्कि दर्जन से ज्यादा कंपनियां अपना IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी में हैं. इनमें क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto, लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket और Truhome Finance जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इन सभी कंपनियों के IPO के जरिए कुल मिलाकर ₹25,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य है. बाजार के जानकारों का मानना है कि बेहतर होते मार्केट सेंटिमेंट की वजह से कंपनियां अब तेजी से फंड जुटाने की तैयारी कर रही हैं. IPO की इतनी चर्चा क्यों हो रही है? IPO के जरिए कोई भी कंपनी पहली बार आम इन्वेस्टर्स को अपने शेयर खरीदने का मौका देती है. अगस्त में आने वाले बड़े IPO इस बात का संकेत हैं कि कंपनियां बाजार के मौजूदा माहौल को अपने पक्ष में मान रही हैं. वहीं इन्वेस्टर्स के पास भी अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में इन्वेस्ट करने का ऑप्शन मिलेगा. कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां ला रही हैं IPO? अगस्त में जिन कंपनियों के IPO पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी, उनमें ये नाम शामिल हैं. कंपनी IPO का आकार जेप्टो ₹8,010 करोड़ तक ट्रूहोम फाइनेंस ₹3,000 करोड़ एलिवेट कैंपस ₹2,550 करोड़ शिपरॉकेट ₹2,342.35 करोड़ इनोवेटिव्यू इंडिया ₹2,000 करोड़ तक मिल्की मिस्ट डेयरी फ़ूड ₹1,553 करोड़ जेप्टो का IPO सबसे बड़ा माना जा रहा है. कंपनी ₹8,010 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है. इसमें फ्रेश इश्यू के साथ 11.34 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा. वहीं ट्रूहोम फाइनेंस का ₹3,000 करोड़ का IPO फ्रेश इश्यू और OFS, दोनों का मिश्रण होगा. एलिवेट कैंपस पूरी तरह फ्रेश इश्यू के जरिए ₹2,550 करोड़ जुटाना चाहती है. शिपरॉकेट के IPO में ₹1,100 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,242.35 करोड़ का OFS शामिल रहेगा. और कौन सी कंपनियां लाइन में हैं? इन बड़ी कंपनियों के अलावा कई अन्य कंपनियां भी शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी कर रही हैं. इनमें शामिल हैं: धूट ट्रांसमिशन  आर्किल (ARCIL) आर्डे इंडस्ट्रीज  गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट  रेज ऑफ बिलीफ  हाई-टेक इंजीनियर्स  शंखेश ज्वैलर्स  लर्नफ्लुएंस एजुकेशन  2026 में अब तक कितने IPO आए? अब तक 2026 में 36 कंपनियां IPO लॉन्च कर चुकी हैं, जिनमें सिर्फ जुलाई में 9 IPO शामिल हैं. इसके अलावा Manipal Health Enterprises और Juniper Green Energy अपने IPO क्रमशः 29 जुलाई और 30 जुलाई को खोलने वाली हैं. वहीं MV Electrosystems भी अगले सप्ताह अपना IPO लॉन्च करने की तैयारी में है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में भी IPO का सिलसिला मजबूत रह सकता है. हालांकि उनका यह भी कहना है कि अब इन्वेस्टर्स कंपनियों की वैल्यूएशन को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं. ऐसे में हर IPO को पहले अच्छी तरह समझना और उसके बाद ही इनवेस्ट करने का फैसला लेना समझदारी होगी. ये भी पढ़ें: 5 दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 550 अंक चढ़ा, निफ्टी 23900 के पार The post अगस्त में IPO की बहार! Zepto से Shiprocket तक 12 से ज्यादा कंपनियां जुटाएंगी ₹25,000 करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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India से Korea तक बादलों की चादर! क्या आने वाली है रिकॉर्ड बारिश?

Monsoon : आज सुबह जब मौसम वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट की नई तस्वीरें जारी कीं, तो social media पर एक ही तस्वीर सबसे ज्यादा वायरल होने लगी. तस्वीर में हिंदुस्तान से लेकर चीन, जापान और दक्षिण कोरिया तक आसमान पर सफेद रंग की एक विशाल पट्टी दिखाई दे रही थी. दावा किया गया कि एशिया के ऊपर करीब 10,000 किलोमीटर लंबा एक विशाल मानसूनी बादल बन गया है. कुछ लोगों ने इसे Super Monsoon का संकेत बताया, तो कुछ ने इसे आने वाली रिकॉर्डतोड़ बारिश का इशारा मान लिया. लेकिन क्या सचमुच हिंदुस्तान से दक्षिण कोरिया तक एक ही बादल फैला हुआ है? क्या इसका मतलब है कि पूरे एशिया में अब बंपर बारिश तय है? या फिर यह सैटेलाइट तस्वीरों का एक ऐसा भ्रम है, जिसे समझने की जरूरत है? दरअसल, कहानी जितनी दिखाई देती है, उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है. आसमान में दिखा एक बादल, लेकिन हकीकत कुछ और है सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि सैटेलाइट तस्वीरों में जो लंबी सफेद पट्टी दिखाई दे रही है, वह वास्तव में कोई एक अकेला विशाल बादल नहीं है. असलियत में यह हजारों क्यूम्यूलोनिम्बस (Cumulonimbus) बादलों का समूह है. यही वे ऊंचे, घने और काले बादल होते हैं जो तेज बारिश, गरज, बिजली और आंधी लेकर आते हैं. जब वातावरण में नमी, तापमान और हवाओं की दिशा बिल्कुल अनुकूल हो जाती है, तब ये हजारों बादल एक-दूसरे के बेहद करीब बनते हैं. अंतरिक्ष से देखने पर इनके बीच का अंतर दिखाई नहीं देता और पूरा क्षेत्र एक लगातार चलने वाली सफेद पट्टी जैसा नजर आता है यही कारण है कि मौसम वैज्ञानिक इसे Monsoon Convergence Zone या मानसूनी अभिसरण क्षेत्र कहते हैं, न कि 10,000 किलोमीटर लंबा एक अकेला बादल. आखिर यह इतना बड़ा सिस्टम बना कैसे? इस सवाल का जवाब हमें एशिया के पूरे मानसून सिस्टम में मिलता है. अक्सर हम हिंदुस्तान के मानसून की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में एशिया का मानसून केवल हिंदुस्तान तक सीमित नहीं है. यह दुनिया की सबसे बड़ी मौसमी वायुमंडलीय व्यवस्था है, जिसमें दो बड़े हिस्से मिलकर काम करते हैं. पहला है दक्षिण एशियाई मानसून, जो हिंदुस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका में बारिश लाता है. इसकी नमी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर से आती है. दूसरा है पूर्वी एशियाई मानसून, जो चीन, ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया में वर्षा का मुख्य कारण बनता है. यह नमी दक्षिण चीन सागर, पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर से प्राप्त करता है. गर्मी के महीनों में ये दोनों मानसूनी प्रणालियां आपस में जुड़ जाती हैं. नतीजा यह होता है कि हिंदुस्तान से लेकर पूर्वी एशिया तक एक लंबी वर्षा पट्टी विकसित हो जाती है, जो सैटेलाइट तस्वीरों में एक विशाल क्लाउड बैंड के रूप में दिखाई देती है. क्या इसका मतलब रिकॉर्डतोड़ बारिश तय है? यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी पैदा होती है. इतना विशाल क्लाउड बैंड निश्चित रूप से यह संकेत देता है कि एशिया का मानसून फिलहाल काफी सक्रिय और संगठित है. इसका मतलब है कि वातावरण में नमी भरपूर है, निम्न दबाव की प्रणालियां सक्रिय हैं और बादल बनने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं कि हर जगह रिकॉर्ड बारिश होगी. बारिश की मात्रा कई दूसरे वैश्विक कारकों पर भी निर्भर करती है. सबसे बड़ा कारक है ENSO यानी एल नीनो और ला नीना. यदि प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो हिंदुस्तान समेत कई क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ सकता है. दूसरा महत्वपूर्ण कारक है इंडियन ओशन डाइपोल (IOD). यदि पश्चिमी हिंद महासागर अपेक्षाकृत अधिक गर्म और इंडोनेशिया के पास का समुद्री क्षेत्र ठंडा रहता है, तो इसे सकारात्मक IOD कहा जाता है. ऐसी स्थिति हिंदुस्तान की ओर अधिक नमी पहुंचाने में मदद करती है और मानसून को मजबूती मिलती है. फिलहाल मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि IOD का रुझान सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है, जिससे मानसून को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है. हालांकि अंतिम तस्वीर आने वाले हफ्तों की समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. नया विचार UPSC पर खास कवरेज कर रहा है, ताकि आपको एक्सपर्ट गाइडेंस के लिए कहीं और न जाना पड़े. UPSC परीक्षाओं से जुड़ी सभी ताजा जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें. नया विचार UPSC Exclusive : UPSC : एक ख्वाब, कई इम्तिहान नया विचार UPSC Exclusive Interview : आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview नया विचार UPSC Exclusive Interview : UPSC : ‘Tina Dabi जहां भी होती, उसी समर्पण के साथ मेहनत करती’- Khan Sir का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किसानों के लिए राहत, लेकिन खतरे भी कम नहीं सक्रिय मानसून का सबसे बड़ा फायदा खेती को मिलता है. अच्छी बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ती है, धान जैसी खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिलता है, जलाशयों का स्तर ऊपर जाता है, सिंचाई आसान होती है और जलविद्युत उत्पादन में भी सुधार आता है. लेकिन मानसून का दूसरा चेहरा भी उतना ही गंभीर है. यदि कम समय में बहुत अधिक वर्षा हो जाए, तो वही बारिश बाढ़, भूस्खलन, शहरी जलभराव और मिट्टी के कटाव का कारण बन जाती है. इसी वजह से पश्चिमी हिंदुस्तान के कई हिस्सों में प्रशासन ने पहले ही बाढ़ और भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. लगातार सक्रिय बादल प्रणाली स्थानीय स्तर पर अत्यधिक वर्षा की घटनाओं को जन्म दे सकती है. इसलिए सिर्फ बादलों की तस्वीर देखकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता 10,000 किलोमीटर लंबा यह क्लाउड बैंड निश्चित रूप से मौसम विज्ञान की दृष्टि से एक असाधारण और बेहद रोचक घटना है. यह दिखाता है कि पूरे एशिया का मानसून फिलहाल मजबूत और अच्छी तरह संगठित अवस्था में है. लेकिन यह तस्वीर भविष्यवाणी नहीं है. यह हमें केवल यह बताती है कि वातावरण बारिश के लिए तैयार है. वास्तव में कितनी बारिश होगी, कहां होगी और कब होगी- यह अभी भी एल नीनो, इंडियन ओशन डाइपोल, स्थानीय निम्न दबाव प्रणालियों, समुद्री तापमान और अनेक अन्य कारकों पर निर्भर करेगा. यानी आसमान में फैली यह विशाल सफेद पट्टी उम्मीद भी है और चेतावनी भी. उम्मीद इसलिए कि यह खेतों, नदियों और जलाशयों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है. और चेतावनी इसलिए कि अगर

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खराब फॉर्म के बाद अभिषेक शर्मा का भावुक पोस्ट, सूर्यकुमार यादव ने बढ़ाया हौसला

Suryakumar Yadav supports Abhishek Sharma: टीम इंडिया के युवा विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए हालिया विदेशी दौरे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे. आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ स्पोर्ट्सी गई टी20 सीरीज में अभिषेक लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए. खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपनी निराशा जाहिर करते हुए जल्द मजबूत वापसी का भरोसा दिलाया. View on Instagram अभिषेक शर्मा ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर क्या कहा अभिषेक शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “जब आप उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाते जो लोगों को आपसे होती हैं तो बुरा लगता है, लेकिन यह स्पोर्ट्स हमेशा उन्हें ही इनाम देता है जो डटे रहते हैं. खुशी है कि टीम जीती, मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगा.” उनके इस संदेश से साफ है कि हालिया प्रदर्शन से वह संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानने और वापसी करने का इरादा भी जाहिर किया है. View on Instagram सूर्यकुमार यादव ने बढ़ाया अभिषेक का हौसला अभिषेक शर्मा के इस भावुक पोस्ट पर टीम इंडिया के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कमेंट कर उनका समर्थन किया। सूर्या ने युवा बल्लेबाज की तारीफ करते हुए लिखा, “तुमने लगातार 2 साल मुस्कुराने की कई वजहें दी हैं दोस्त. जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तब हिंदुस्तान को गौरवान्वित किया. बस समय की बात है। तुम जैसे हो वैसे ही रहो.” सूर्यकुमार यादव का यह संदेश अभिषेक के लिए काफी हौसला बढ़ाने वाला माना जा रहा है. सूर्या खुद भी जानते हैं कि एक खिलाड़ी के करियर में खराब दौर आते हैं और धैर्य के साथ वापसी करना ही बड़े खिलाड़ियों की पहचान होती है. पिछले 10 टी20 मैचों में अभिषेक का प्रदर्शन अगर अभिषेक शर्मा के पिछले 10 टी20 मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है. उन्होंने इन 10 पारियों में कुल 191 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 166.09 रहा. इन पारियों में अभिषेक के बल्ले से 25 चौके और 8 छक्के निकले. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ आया था, जहां उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 59 रनों की पारी स्पोर्ट्सी थी. हालांकि, लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने की वजह से उनके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं. जिम्बाब्वे दौरा रहा सबसे खराब अभिषेक शर्मा के लिए जिम्बाब्वे दौरा सबसे ज्यादा निराशाजनक रहा. तीन मैचों की टी20 सीरीज में वह बड़ी पारी स्पोर्ट्सने में नाकाम रहे. उन्होंने क्रमशः 1, 8 और 2 रन बनाए. टीम इंडिया ने इस दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया और सीरीज अपने नाम की, लेकिन अभिषेक व्यक्तिगत तौर पर अपनी बल्लेबाजी से खुश नहीं होंगे. टीम इंडिया को अभिषेक से बड़ी उम्मीदें अभिषेक शर्मा को हिंदुस्तानीय क्रिकेट में भविष्य के बड़े टी20 बल्लेबाजों में गिना जाता है. आईपीएल में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें पहचान दिलाई और इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली. उनकी खासियत तेज शुरुआत देने की क्षमता है. टीम मैनेजमेंट भी उनसे पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की उम्मीद रखता है. अब अभिषेक शर्मा की नजरें आगामी मुकाबलों पर होंगी, जहां वह अपने फॉर्म में वापसी करना चाहेंगे. माना जा रहा है कि वह सितंबर में टीम इंडिया के लिए फिर से एक्शन में नजर आ सकते हैं, जब एशियाई स्पोर्ट्सों और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज जैसे मुकाबले होंगे. खराब दौर के बावजूद सूर्यकुमार यादव का भरोसा और अभिषेक का आत्मविश्वास बताता है कि यह युवा बल्लेबाज जल्द ही वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है. इसे भी पढ़े- श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया की बढ़ी मुश्किलें, सुंदर आउट; बुमराह समेत कई खिलाड़ियों की फिटनेस बनी चिंता The post खराब फॉर्म के बाद अभिषेक शर्मा का भावुक पोस्ट, सूर्यकुमार यादव ने बढ़ाया हौसला appeared first on Naya Vichar.

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‘छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा’, प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी बोले- ये सरकार झूठी

NEET Paper Leak FIR: ‘छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है. पहले भी कहा है, ये प्रशासन झूठी है’. यह बातें कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखी है. बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और प्रदर्शन के दौरान एके- 47 से फायरिंग को लेकर उन्होंने सीधा प्रशासन पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने प्रशासन को झूठा बताया. राहुल गांधी ने एक्स पर क्या लिखा? कांग्रेस नेता ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘समाचार आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार करके उनपर FIR की जा रही है’. केंद्र प्रशासन को उन्होंने निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि कहां गया वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है. आगे उन्होंने यह भी लिखा, ‘दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली हर जगह पैटर्न एक ही है. पहले भी कहा है, ये प्रशासन झूठी है. सुधार इनके बस का नहीं है. अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज दबाएगी’. इस दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी से छात्रों से माफी मांगने की बात कही. केंद्र प्रशासन ने किया था ऐलान दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की मांग पूरी की गई थी. इस दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ यह भी ऐलान किया गया था कि आंदोलन के दौरान जिन भी प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज किए गए हैं, उसे वापस लिए जायेंगे. लेकिन इसके बावजूद बिहार में प्रदर्शनकारियों को जेल भेजे जाने पर विपक्ष गुस्से में है. सीवान में की गई थी फायरिंग इतना ही नहीं, बिहार के सीवान जिले में तो प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एके- 47 से फायरिंग की गई थी. इससे जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उसकी जांच की गई. जांच के बाद कार्रवाई करते हुए फायरिंग करने वाले जवान अभिषेक पटेल को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर से मिले आदेश के बाद किया गया है. Also Read: ‘अगर छात्रों को रिहा नहीं किया तो NDA को महंगा पड़ेगा’, गिरफ्तारी और AK-47 से फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव की चेतावनी The post ‘छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा’, प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी बोले- ये प्रशासन झूठी appeared first on Naya Vichar.

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एक और करोड़ों की डील, विराट कोहली-अनुष्का शर्मा ने खरीदा 18.29 करोड़ का लग्जरी अपार्टमेंट

क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने मुंबई के वर्सोवा इलाके में एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इस घर की कीमत 18.29 करोड़ बताई गई हैं. घर का कार्पेट एरिया 2,644 वर्ग फीट है. इसके साथ 316 वर्ग फीट का एक्सक्लूसिव स्पेस और तीन कार पार्किंग की सुविधा शामिल है. Virat Kohli Anushka Sharma Bought New Apartment: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने खरीदा नया अपॉर्टमेंट पेपर्स के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को हुई थी. इस दौरान 1.09 करोड़ की स्टांप ड्यूटी और 30,000 की रजिस्ट्रेशन फीस जमा की गई. अगर इस डील की प्रति वर्ग फीट कीमत निकाली जाए, तो यह करीब 69,159 प्रति वर्ग फीट बैठती है. इससे साफ पता चलता है कि मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स में लग्जरी घरों की डिमांड और प्रीमियम प्रॉपर्टी की वैल्यू लगातार मजबूत बनी हुई है. हालांकि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की ओर से इस डील को लेकर कुछ भी ऑफिशियल नहीं किया गया है. View on Instagram Virat Kohli Luxury Real Estate Portfolio: विराट कोहली का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो है लग्जरी दिल्ली में पले-बढ़े विराट कोहली के पास गुरूग्राम का पॉश डीएलएफ फेज 1 में भी करीब 10,000 वर्ग फीट का बंगला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आलीशान घर की अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ है. इस प्रॉपर्टी में प्राइवेट स्विमिंग पूल, हाई-टेक जिम और कई प्रीमियम सुविधाएं मौजूद हैं. View on Instagram Alibaug Property: अलीबाग में भी है प्रोपर्टी जनवरी 2026 में विराट और अनुष्का ने अलीबाग में आवास बीच के पास स्थित जिराद गांव में 5 एकड़ से ज्यादा जमीन करीब 37.86 करोड़ में खरीदी. प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, यह डील दो साथ लगे हुए लैंड पार्सल्स की थी, जिनका कुल एरिया करीब 21,010 वर्ग मीटर है. इस खरीद की रजिस्ट्रेशन 13 जनवरी 2026 को पूरी की गई थी. View on Instagram Virat Kohli Anushka Sharma Villa In Alibaug: अलीबाग में विला बना चुके हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ये कपल पहले भी अलीबाग में प्रॉपर्टी खरीद चुका है. साल 2022 में दोनों ने करीब 8 एकड़ जमीन 19 करोड़ में खरीदी थी. इसी प्लॉट पर उन्होंने एक लग्जरी विला बनवाया है, जिसमें टेम्परेचर-कंट्रोल्ड स्विमिंग पूल, कस्टम-डिज़ाइन किचन, चार मॉडर्न बाथरूम, जैकूजी, बड़ा गार्डन, कवर पार्किंग और स्टाफ के लिए अलग क्वार्टर्स जैसी प्रीमियम सुविधाएं मौजूद हैं. ये भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे विराट-अनुष्का, वीडियो वायरल ये भी पढ़ें: विराट-अनुष्का की सादगी ने जीता दिल, कीचड़ में नंगे पैर चलकर प्रेमानंद महाराज का लिया आशीर्वाद The post एक और करोड़ों की डील, विराट कोहली-अनुष्का शर्मा ने खरीदा 18.29 करोड़ का लग्जरी अपार्टमेंट appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर आंदोलन पर सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार, लाठीचार्ज जायज नहीं

Jantar Mantar Protest Hearing : NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा. अदालत पहले ही साफ कर चुकी है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और आंदोलन के नाम पर पुलिस की ज्यादतियों को सही नहीं ठहराया जा सकता. मंगलवार को होगी अहम सुनवाई उच्चतम न्यायालय मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिनमें NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की ज्यादतियों का आरोप लगाया गया है. इन याचिकाओं में कहा गया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की. इसी मामले से जुड़ी एक अलग याचिका, जिसमें प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई मारपीट के आरोपों की भी जांच की मांग की गई है, उस पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. CJI बोले- प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश (CJI) ने साफ कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संविधान से मिला अधिकार है और सिर्फ यह कहकर इसे नहीं रोका जा सकता कि लोग आंदोलन कर रहे हैं. अदालत ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन का हवाला देकर पुलिस की ज्यादतियों को सही नहीं ठहराया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी प्रोटोकॉल जरूर होने चाहिए, लेकिन लोगों के अधिकारों पर अनावश्यक रोक नहीं लगाई जानी चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि अगर प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हों तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन इसका असर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए. जंतर-मंतर से संसद मार्च तक पहुंचा आंदोलन NEET पेपर लीक के विरोध में Cockroach Janata Party (CJP) ने 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया था. इस आंदोलन का नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे थे. बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन से जुड़े और उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की, जिससे आंदोलन को देशभर में व्यापक समर्थन मिला. 20 जुलाई को CJP ने ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया, जिसमें देशभर से हजारों छात्र दिल्ली पहुंचे. संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. इसके बाद कई वीडियो सामने आए, जिनमें छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लेकर सवाल उठे. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे और कई मामले दर्ज किए गए. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी जारी है कानूनी लड़ाई छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. लगातार चले आंदोलन, विपक्ष के दबाव और प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं था, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की मंगलवार की सुनवाई को इस पूरे मामले में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पुलिस कार्रवाई, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर अदालत का रुख सामने आ सकता है. ये भी पढ़ें : Photos: असम में बाढ़ का कहर जारी, 6.5 लाख लोग अब भी प्रभावित, देखें तबाही की 13 तस्वीरें The post जंतर-मंतर आंदोलन पर सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार, लाठीचार्ज जायज नहीं appeared first on Naya Vichar.

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Video : ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा संसद परिसर, NDA सांसदों ने किया हीरो जैसा स्वागत

Video :  सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया और फिर अपने साथ संसद भवन के अंदर लेकर गए. इस दौरान संसद परिसर में कुछ देर के लिए उत्साह और नेतृत्वक एकजुटता का माहौल देखने को मिला. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर जारी किया है. ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के लगे नारे NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान जब संसद पहुंचे. यहां NDA सांसदों ने उनका जोरदार ढंग से स्वागत किया. बीजेपी सांसद पहले से ही मकर द्वार पर उनका इंतजार कर रहे थे. जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान संसद परिसर पहुंचे, सांसदों ने उनका स्वागत किया. उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर सम्मानित किया और उनके साथ संसद भवन के अंदर तक गए. इस दौरान ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगे, जिसके बाद विपक्षी सांसदों के साथ उनकी नोकझोंक भी देखने को मिली. ये भी पढ़ें: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: संसद में गतिरोध खत्म करने का मोदी प्रशासन का मास्टरस्ट्रोक, विपक्ष की रणनीति पर वार ‘शिक्षा चोरी’ के नारे लगाए विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के तुरंत बाद विपक्ष ने भी संसद परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया. विपक्षी सांसद तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं ने ‘शिक्षा चोरी’ के नारे लगाए और आरोप लगाया कि प्रशासन ने देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है. ‘छात्रों पर लाठी-गोली क्यों?’ संसद के बाहर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई विपक्षी सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया. उन्होंने 20 जुलाई को नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने का विरोध किया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा. संसद के ‘मकर द्वार’ के पास हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर लिखा था- ‘वोट चोरी, पेपर चोरी, चंदा चोरी’ The post Video : ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा संसद परिसर, NDA सांसदों ने किया हीरो जैसा स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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‘अगर छात्रों को रिहा नहीं किया तो NDA को महंगा पड़ेगा’, गिरफ्तारी और AK-47 से फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव की चेतावनी

FIR On Students: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर एक्टिव मोड में आ गए हैं. 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और उन पर फायरिंग किए जाने को लेकर वे भड़क गए हैं. तेजस्वी यादव ने एक्स के जरिए एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने प्रशासन पर तंज कसने के साथ-साथ चेतावनी भी दे दी है. तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में क्या लिखा? नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लिखा, ‘तमाम लोकतांत्रिक परंपराओं को त्याग देश में पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोली चलवाई गई है’. आगे उन्होंने यह भी लिखा कि ‘छात्रों से समझौते के बाद भी बिहार में हजारों छात्रों पर फर्जी केस दर्ज कर हिरासत में लिया जा रहा है, परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है. अगर छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो NDA प्रशासन को महंगा पड़ेगा’. प्रदर्शनकारियों को मिला तेजस्वी का सपोर्ट इस तरह से तेजस्वी यादव ने प्रदर्शनकारियों का पूरा सपोर्ट कर दिया है. उन्होंने सीधा-सीधा प्रशासन को चेतावनी भी देते हुए खामियाजा भुगतने की बात कह दी है. इधर, सीवान जिले में एक जवान की वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें देखा गया कि वह एके-47 से फायरिंग कर रहा है. इसके बाद मामले की जांच की गई और उसे निलंबित कर दिया गया. पटना लौटते ही दी थी चेतावनी तेजस्वी यादव लंबे समय के बाद रविवार को पटना लौटे. इस दौरान एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के वक्त उन्होंने प्रशासन पर तंज कसा था. तेजस्वी यादव ने कहा था, छात्र अपने भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसे लेकर दिल्ली में छात्रों की मांग पर सहमति बन चुकी है. साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे को वापस लेने का फैसला लिया गया. इसके बावजूद छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है. इस दौरान तेजस्वी यादव ने प्रशासन को सोमवार यानी कि आज तक के लिए अल्टीमेटम भी दिया था. उन्होंने स्पष्ट किया था कि सोमवार तक अगर केस वापस नहीं किया जाता है और छात्रों को रिहा नहीं किया जाता है तो विपक्ष बड़ा आंदोलन करेगा. Also Read: ‘बर्थडे के लिए केक लेकर लौट रहा था, तभी हुई फायरिंग’, बिहार में प्रदर्शन को लेकर 400 से अधिक गिरफ्तार The post ‘अगर छात्रों को रिहा नहीं किया तो NDA को महंगा पड़ेगा’, गिरफ्तारी और AK-47 से फायरिंग मामले में तेजस्वी यादव की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर ने दुनिया को दिखाया नया भारत, हमारा जेन-जी सबसे अलग

नई दिल्ली से संदीप सावर्ण की रिपोर्ट 36 दिनों के लंबे धरने के बाद जब जंतर-मंतर से तिरंगे समेटे गए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ छात्र आंदोलन समाप्त हुआ, तो यह प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ, बल्कि हिंदुस्तानीय लोकतंत्र में विरोध की नेतृत्व का एक नया और अनोखा अध्याय शुरू हुआ. दुनिया के जेन-जी आंदोलनों से कितना अलग था हिंदुस्तान पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के अनेक देशों में जेन-जी ने बड़े आंदोलन किए हैं. कई जगह इन आंदोलनों ने सत्ता को चुनौती दी, लेकिन अनेक स्थानों पर वे व्यापक हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान में भी बदल गए. इन अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों की तुलना में जंतर-मंतर का आंदोलन एक अलग तस्वीर पेश करता है. यहां आंदोलनकारियों ने विरोध और अनुशासन को साथ लेकर चलने की कोशिश की. आंदोलन के दौरान स्वयं सफाई करना, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और सांस्कृतिक गतिविधियों, कविता, संगीत, व्यंग्य और रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से अपनी बात रखना इसकी विशिष्ट पहचान बन गया. ये भी पढ़ें : इंडियन एग्जाम सिस्टम में बदलाव की तैयारी: नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय टास्क फोर्स; जानिए कौन-कौन हैं शामिल मास्क के पीछे छिपी एक और कहानी इस आंदोलन की एक दिलचस्प परत वह भी थी, जहां कुछ छात्र चेहरे पर मास्क या हेलमेट लगाकर धरने में शामिल हुए. कारण सुरक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दबाव था. कई छात्रों का कहना था कि उनके परिवार सत्तारूढ़ दल के समर्थक हैं और वे घर में अनावश्यक विवाद नहीं चाहते थे. यह दृश्य बताता है कि हिंदुस्तानीय लोकतंत्र में नेतृत्वक मतभेद अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं, बल्कि परिवारों के भीतर भी मौजूद हैं. जंतर-मंतर ने दुनिया को दिखाया नया हिंदुस्तान, हमारा जेन-जी अलग देश के सामान्य नहीं, सबसे मेधावी छात्र सड़क पर थे. यह भी कोई सामान्य छात्र आंदोलन नहीं था. यहां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थी मौजूद थे—आईआईटी, एम्स, आईआईएम, एनआईटी, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, मिरांडा हाउस और अनेक केंद्रीय विश्वविद्यालयों के छात्र. इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की थी जिन्होंने जेईई एडवांस्ड, नीट, कैट, क्लैट और सीयूईटी जैसी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था. इसलिए आंदोलन के पोस्टर, नारे, रणनीति और सोशल मीडिया अभियान में भी एक अलग बौद्धिक परिपक्वता दिखाई दी. सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके विरोध की नई हिंदुस्तानीय भाषा हिंदुस्तानीय छात्र आंदोलनों का इतिहास लंबा रहा है. जेपी आंदोलन से लेकर मंडल आंदोलन और नागरिकता कानून विरोध तक. लेकिन जंतर-मंतर का यह आंदोलन एक नई प्रवृत्ति लेकर आया. यहां नारे थे, लेकिन घृणा कम थी. व्यंग्य था, लेकिन हिंसा नहीं. गुस्सा था, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति के प्रति सम्मान भी था. सोशल मीडिया था, लेकिन जमीन पर संगठन भी था. यह आंदोलन बताता है कि हिंदुस्तानीय जेन-जी डिजिटल मीम्स बना सकता है और संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ सकता है. वह सत्ता से सवाल पूछ सकता है और प्रदर्शन स्थल की सफाई भी कर सकता है. ये भी पढ़ें : Photos: असम में बाढ़ का कहर जारी, 6.5 लाख लोग अब भी प्रभावित, देखें तबाही की 13 तस्वीरें दुनिया के प्रमुख जेन-जी आंदोलन और उनका स्वरूप फ्रांस (2023): राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पेंशन सुधार नीति और बाद में 17 वर्षीय नाहेल की पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद युवा सड़कों पर उतरे. हजारों गाड़ियां जलाई गईं, प्रशासनी इमारतों और दुकानों में तोड़फोड़ हुई. पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं. चिली (2019): मेट्रो किराया बढ़ाए जाने के विरोध में शुरू हुआ छात्र आंदोलन जल्द ही राष्ट्रीय जनआंदोलन बन गया. राजधानी सैंटियागो समेत कई शहरों में मेट्रो स्टेशनों को आग लगा दी गई, सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोगों की जान गई. हांगकांग (2019-20): प्रत्यर्पण विधेयक के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन मुख्य रूप से युवाओं और विश्वविद्यालय के छात्रों के नेतृत्व में चला. कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक संघर्ष, पेट्रोल बम, बैरिकेड और व्यापक गिरफ्तारियां देखने को मिलीं. संयुक्त राज्य अमेरिका (2024): गाजा युद्ध के विरोध में हार्वर्ड, कोलंबिया, यूसीएलए सहित कई विश्वविद्यालयों में छात्रों ने प्रदर्शन किए. अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ परिसरों में पुलिस कार्रवाई, झड़पें और गिरफ्तारियां हुईं. बांग्लादेश (2024): प्रशासनी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के विरोध में शुरू हुआ छात्र आंदोलन बेहद हिंसक हो गया. राजधानी ढाका सहित कई शहरों में आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से हिंसक संघर्ष और सैकड़ों लोगों की मौत हुई. इंटरनेट सेवाएं भी कई दिनों तक प्रभावित रहीं. नेपाल (2024-25): शिक्षा सुधार, भ्रष्टाचार और नेतृत्वक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर विश्वविद्यालयों और युवाओं ने कई चरणों में प्रदर्शन किए. अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, हालांकि कुछ स्थानों पर पुलिस के साथ झड़पें, पथराव और बल प्रयोग की घटनाएं भी सामने आईं. श्रीलंका (2022): आर्थिक संकट के दौरान अरगलया आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया. आंदोलन लंबे समय तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में राष्ट्रपति भवन पर कब्जा, प्रशासनी संपत्तियों में घुसने और कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं भी हुईं. जर्मनी और ब्रिटेन: जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर जेन-जी के नेतृत्व में कई आंदोलन हुए. अधिकांश प्रदर्शन अहिंसक रहे, हालांकि कुछ मौकों पर सड़क जाम, पुलिस से हल्की झड़पें और सार्वजनिक व्यवधान की घटनाएं दर्ज की गईं. The post जंतर-मंतर ने दुनिया को दिखाया नया हिंदुस्तान, हमारा जेन-जी सबसे अलग appeared first on Naya Vichar.

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