Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी का हल्ला बोल: 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग

इस सोशल मीडिया पेज के माध्यम से E20 पेट्रोल के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया है. ई20 जनता पार्टी ने अपने पेज के माध्यम से कहा, “इथेनॉल पॉलिसी पर सवाल उठाना देश के खिलाफ नहीं है – यह पब्लिक इंटरेस्ट में है. अगर आपको भी जवाब चाहिए, तो अपनी आवाज उठाइए.” 4 अगस्त को टैक्सी, टूरिस्ट और कमर्शियल गाड़ियों के मालिकों को संसद मार्च के लिए किया आमंत्रित E20 जनता पार्टी ने 4 अगस्त को पूरे हिंदुस्तान से टैक्सी, टूरिस्ट और कमर्शियल गाड़ियों के मालिकों को संसद मार्च के लिए आमंत्रित किया है. बताया गया है कि संसद मार्च के दौरान, वे E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल और महंगी GPS व पैनिक बटन सिस्टम को अनिवार्य रूप से लगवाने के नियम का विरोध करेंगे. ई20 जनता पार्टी का एक्स पोस्ट, फोटो एक्स प्रदर्शनकारियों का क्या है आरोप? प्रदर्शनकारियों का कहना है कि E20 से पुरानी गाड़ियों के इंजन पर बुरा असर पड़ रहा है, माइलेज कम हो रहा है और चलाने का खर्च बढ़ रहा है. पेज के माध्यम से बताया गया है कि संजय सम्राट के नेतृत्व में, हजारों ड्राइवर और गाड़ियों के मालिक प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने के लिए इकट्ठा होंगे. E20 जनता पार्टी पेज से तेजी से जुड़ रहे लोग E20 जनता पार्टी सोशल मीडिया पेज से तेजी से लोग जुड़ रहे हैं. अब तक एक्स पर इसके 34 हजार से अधिक फॉलोअर्स हो गए हैं. इस पार्टी की तुलना कॉकरोच जनता पार्टी से होने लगी है. E20 जनता पार्टी ने बताया कि क्या है इसका मकसद और मुख्य मांगें? E20 जनता पार्टी ने बताया कि यह एक स्वतंत्र जन-जागरूकता अभियान है. इसका मकसद हिंदुस्तान में लागू E20 (20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) पॉलिसी के असर पर लोगों के बीच बातचीत को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना है. साफ किया गया है कि यह किसी नेतृत्वक पार्टी का संगठन नहीं है. क्या है मकसद? E20 पॉलिसी पर पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित बातचीत. गाड़ी मालिकों के हितों की रक्षा. ग्राहकों को ईंधन के बारे में साफ जानकारी और विकल्प देना. स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययनों को सार्वजनिक करना. अगर कोई पॉलिसी ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है, तो उसकी निष्पक्ष समीक्षा. मुख्य मांगें ग्राहकों के लिए विकल्प: जहां भी संभव हो, E20 के साथ-साथ कम इथेनॉल मिश्रण या इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल के विकल्प भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए. स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन: इंजन, माइलेज, रखरखाव की लागत और E20 के लंबे समय तक पड़ने वाले असर पर स्वतंत्र संस्थानों द्वारा अध्ययन किए जाने चाहिए और उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए. पारदर्शिता: हर पेट्रोल पंप पर यह साफ तौर पर बताया जाना चाहिए कि उपलब्ध ईंधन में कितना इथेनॉल मिलाया गया है. गाड़ी मालिकों की सुरक्षा: अगर किसी गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने किसी खास मॉडल के लिए E20 की सिफारिश नहीं की है, तो ग्राहकों को इसके बारे में साफ तौर पर बताया जाना चाहिए. सार्वजनिक बातचीत: प्रशासन, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, वैज्ञानिकों, किसान संगठनों और उपभोक्ता संगठनों के साथ खुली बातचीत होनी चाहिए. ये भी पढ़ें: E20 को लेकर फैलाए जा रहे पोस्ट पर नितिन गडकरी पहुंचे हाईकोर्ट, परिवार को जोड़ने वाले दावों को बताया झूठा The post CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी का हल्ला बोल: 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

30 जुलाई से शुरू होगा सावन, जानें सभी 4 सोमवार की डेट, पूजा विधि और शुभ संयोग

Sawan 2026: भगवान शिव की आराधना को समर्पित सावन का महीना शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार का व्रत रखने और महादेव का अभिषेक करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस बार सावन 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा और पूरे महीने में 4 सावन सोमवार पड़ेंगे. आइए जानते हैं चारों सावन सोमवार की तिथियां, विशेष संयोग और पूजा विधि.  सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. मंदिर के सामने हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें. निकट के शिव मंदिर जाएं अथवा घर में स्थापित शिवलिंग का गंगाजल, शुद्ध जल और कच्चे दूध से अभिषेक करें. भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, सफेद चंदन, अक्षत (अखंड चावल) और आंकड़े के फूल अर्पित करें. महादेव को फल और मिठाइयों का भोग लगाएं. भगवान शिव के सामने दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करें. इसके बाद सावन सोमवार व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में शिव आरती करें. दिनभर फलाहार या दूध का सेवन करें तथा संध्या समय आरती के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करें. यह भी पढ़ें: सावन में इन तेलों और घी का दीपक जलाने से चमक सकती है किस्मत, जानें धार्मिक महत्व The post 30 जुलाई से शुरू होगा सावन, जानें सभी 4 सोमवार की डेट, पूजा विधि और शुभ संयोग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Dhanush Politics Entry: क्या राजनीति में एंट्री करने वाले हैं धनुष? एक स्पीच ने बढ़ाई हलचल

Dhanush Politics Entry: तमिल सुपरस्टार धनुष इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ-साथ एक और वजह से चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने चेन्नई में अपने फैन क्लब की तरफ से आयोजित एक ब्लड डोनेशन कैंप में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने अपने फैंस से ऐसी बात कही, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके नेतृत्व में आने की चर्चा तेज हो गई. Dhanush Speech: आखिर धनुष ने ऐसा क्या कहा? कार्यक्रम में धनुष ने अपने फैंस से कहा कि इतने सारे लोग एक जगह इकट्ठा हुए हैं, यह बहुत बड़ी ताकत है. लेकिन इस ताकत का इस्तेमाल सिर्फ फिल्म रिलीज, ऑडियो लॉन्च या फैन मीट तक सीमित नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद लोगों की मदद करें और समाज के लिए अच्छे काम करें. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके फैंस ऐसा करेंगे तो उन्हें उन पर और ज्यादा गर्व होगा. Dhanush Political Entry: क्यों शुरू हुई नेतृत्व में आने की चर्चा? धनुष की इस स्पीच के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि वह शायद नेतृत्व में आने की तैयारी कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने लिखा कि जिस तरह विजय ने पहले फैन क्लब के जरिए समाज सेवा शुरू की और बाद में नेतृत्व में आए, धनुष भी शायद उसी रास्ते पर चल रहे हैं. हालांकि, धनुष ने खुद कभी यह नहीं कहा कि वह नेतृत्व में आ रहे हैं. Fan Club Welfare Work: पहले से करते रहे हैं समाज सेवा धनुष के फैन क्लब कई सालों से ब्लड डोनेशन कैंप, बाढ़ राहत और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में मदद जैसे काम करते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने अपने फैंस से ऐसे काम और बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर इलाके के लोगों की जरूरत को समझें और जितनी मदद कर सकते हैं, करें. Dhanush Politics Rumours: क्या सच में नेतृत्व में आएंगे? NDTV में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि धनुष भविष्य में नेतृत्व में आने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी उनका पूरा फोकस फिल्मों पर है. वहीं, उनके पिता कस्तूरी राजा ने भी पहले कहा था कि नेतृत्व में आना हर किसी का अधिकार है, हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि धनुष ऐसा करेंगे या नहीं. फिलहाल धनुष ने अपनी नेतृत्वक एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. ऐसे में अभी यह सिर्फ अटकलें हैं. लेकिन उनकी एक स्पीच ने जरूर सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें– क्या ‘पुष्पा’ से इंस्पायर्ड है धनुष की ‘ओम’? डायरेक्टर ने दूर की फैंस की गलतफहमी The post Dhanush Politics Entry: क्या नेतृत्व में एंट्री करने वाले हैं धनुष? एक स्पीच ने बढ़ाई हलचल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जंतर मंतर… एक प्रदर्शन, कई मायने!

जोहार. आज 27 जुलाई है. दिल्ली का जंतर-मंतर… हिंदुस्तान की नेतृत्व का शायद सबसे छोटा, लेकिन सबसे असरदार मंच. यहां न संसद है, न चुनाव आयोग. न कोई मुख्यमंत्री बैठता है, न प्रधानमंत्री. लेकिन कई बार यहीं से ऐसी नेतृत्वक कहानी शुरू होती है, जो चुनावी नतीजों तक पहुंच जाती है. हालिया छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर का प्रदर्शन भी सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं था. अगर इसे ध्यान से देखें, तो इस एक मंच ने तीन अलग-अलग नेतृत्वक दलों को तीन अलग-अलग तरह की पहचान दी. और सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा सवाल उसी पार्टी के सामने खड़े हुए, जो आज देश की सबसे ताकतवर नेतृत्वक ताकत है. कहानी शुरू करते हैं सबसे छोटे खिलाड़ी से. CJP… एक नया नेतृत्वक प्रयोग? जंतर-मंतर के मंच पर जिस संगठन की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वह था CJP. पहली नजर में यह एक छात्र या नागरिक संगठन लगता है. लेकिन नेतृत्व में केवल नाम नहीं, नेटवर्क भी मायने रखते हैं. CJP से जुड़े कई प्रमुख चेहरे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ काम कर चुके हैं. इसलिए नेतृत्वक गलियारों में इसे सिर्फ एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि एक संभावित पॉलिटिकल स्टार्टअप के रूप में भी देखा जा रहा है. क्यों? क्योंकि आम आदमी पार्टी आज राष्ट्रीय स्तर पर कठिन दौर से गुजर रही है. दिल्ली की सत्ता जा चुकी है. कई बड़े नेता अलग हो चुके हैं. ऐसे समय में पंजाब ही उसका सबसे बड़ा नेतृत्वक आधार बचा है. ऐसे में यदि कोई नया मंच, नई भाषा और नए चेहरे युवाओं के बीच नेतृत्वक संवाद बनाए रखते हैं, तो इससे पार्टी की विचारधारा और सामाजिक मौजूदगी बनी रह सकती है. यह जरूरी नहीं कि हर नेतृत्वक प्रयोग चुनाव लड़ने के लिए ही बनाया जाए. कई बार ऐसे मंच केवल विचार, नेटवर्क और जनसमर्थन को जीवित रखने का काम करते हैं. और हिंदुस्तानीय नेतृत्व में यह कोई नया मॉडल नहीं है. कई बड़े आंदोलन पहले सामाजिक मंच के रूप में शुरू हुए और बाद में उन्होंने नेतृत्वक दलों या नेताओं को नई ऊर्जा दी. इसलिए CJP की सबसे बड़ी उपलब्धि शायद यही रही कि उसने खुद को राष्ट्रीय चर्चा में ला खड़ा किया. राहुल गांधी… विरोध से नेतृत्व तक अब आते हैं कांग्रेस पर. राहुल गांधी लंबे समय तक हिंदुस्तानीय नेतृत्व में ऐसे नेता माने जाते रहे, जिन पर विपक्ष का नेतृत्व करने की क्षमता को लेकर सवाल उठते रहे. लेकिन जंतर-मंतर के इस आंदोलन में उनकी भूमिका अलग दिखाई दी. उन्होंने केवल ट्वीट नहीं किया. वे मंच पर पहुंचे. छात्रों के बीच बैठे (छात्रों की गूंज, देहरादून में). उनकी बातें सुनीं. और प्रशासन पर सीधा नेतृत्वक हमला बोला. यह केवल एक कार्यक्रम में शामिल होना नहीं था. यह संदेश था कि कांग्रेस अब केवल संसद के भीतर विपक्ष नहीं रहना चाहती, बल्कि सड़क की नेतृत्व में भी अपनी जगह वापस बनाना चाहती है. यहां इतिहास की एक दिलचस्प झलक भी दिखाई देती है. 1977 में जब इंदिरा गांधी सत्ता से बाहर हुईं और जनता पार्टी की प्रशासन बनी, तब कांग्रेस पूरी तरह बिखर चुकी थी. उसी दौर में संजय गांधी ने लगातार संगठन, सड़क और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहकर कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने की कोशिश की. आज परिस्थितियां अलग हैं. समय बदल चुका है. लेकिन सड़क पर उतरकर नेतृत्वक संदेश देने की रणनीति कहीं न कहीं उसी परंपरा की याद दिलाती है. राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन के जरिए अपने समर्थकों को यह संदेश दिया कि वे केवल चुनावी भाषण देने वाले नेता नहीं, बल्कि विरोध की नेतृत्व में भी सबसे आगे खड़े हो सकते हैं. इससे उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती है, जो विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा हैं… और फिलहाल विपक्ष के भीतर ऐसा कोई दूसरा राष्ट्रीय नेता दिखाई भी नहीं देता, जिसकी मौजूदगी पूरे देश में इतनी व्यापक चर्चा पैदा कर सके. सबसे कठिन सवाल: बीजेपी अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण हिस्से पर. पहली नजर में लग सकता है कि विरोध प्रदर्शन विपक्ष को फायदा पहुंचाते हैं. लेकिन असली सवाल यह है कि नुकसान किसे होता है? यहां कहानी सीधे बीजेपी तक पहुंचती है. पिछले एक दशक में बीजेपी ने केवल संगठन नहीं बनाया. उसने अपनी नेतृत्व का सबसे बड़ा केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत लोकप्रियता को बनाया. आज बीजेपी का चुनावी अभियान हो… प्रशासनी योजनाओं का प्रचार हो… विदेश नीति हो… या सोशल मीडिया… हर जगह सबसे प्रमुख चेहरा नरेंद्र मोदी ही होते हैं. इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मजबूत नेता पूरी पार्टी को चुनाव जिता सकता है. लेकिन इसी मॉडल की सबसे बड़ी कमजोरी भी यही होती है. अगर नेता की छवि पर सवाल उठते हैं, तो उसका असर पूरी पार्टी पर पड़ सकता है. हिंदुस्तानीय नेतृत्व इसका उदाहरण पहले भी देख चुकी है. इंदिरा गांधी का दौर इसका सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है. जब तक उनकी लोकप्रियता अपने चरम पर रही, कांग्रेस लगभग अजेय दिखाई देती थी. लेकिन जब आपातकाल के बाद उनकी छवि पर गंभीर सवाल उठे, तो उसी कांग्रेस को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा. हर दौर अलग होता है. हर परिस्थिति अलग होती है. इसलिए दोनों घटनाओं की सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा. लेकिन व्यक्तित्व-केंद्रित नेतृत्व का सिद्धांत दोनों मामलों में समझा जा सकता है. नया विचार UPSC Exclusive : UPSC : एक ख्वाब, कई इम्तिहान नया विचार UPSC Exclusive Interview : आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview नया विचार UPSC Exclusive Interview : UPSC : ‘Tina Dabi जहां भी होती, उसी समर्पण के साथ मेहनत करती’- Khan Sir का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू क्या Gen Z नेतृत्व बदल सकती है? यह शायद आने वाले चुनावों का सबसे बड़ा सवाल होगा. हर नई पीढ़ी अपने साथ नई नेतृत्वक भाषा लेकर आती है. आज का युवा अपने दोस्तों, कॉलेज, सोशल मीडिया और ऑनलाइन समुदायों से भी नेतृत्वक राय बनाता है. साथियों की चर्चा, ट्रेंडिंग वीडियो और डिजिटल माहौल उसकी सोच को प्रभावित कर सकते हैं. हालांकि केवल सोशल मीडिया से चुनावी नतीजे तय नहीं होते. हिंदुस्तान जैसे विशाल लोकतंत्र में जाति, स्थानीय नेतृत्व, संगठन, उम्मीदवार, कल्याणकारी योजनाएं, क्षेत्रीय मुद्दे और बूथ प्रबंधन जैसे कई कारक भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. फिर भी यह मानना कठिन होगा

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Maruti ने बेच डाली Brezza की 15 लाख से ज्यादा यूनिट, टाटा नेक्सन और पंच को पछाड़ निकली आगे

मारुति सुजुकी इंडिया ने हाल ही में अपनी 2026 ब्रेजा को मार्केट में लॉन्च किया है. साल, 2022 में लॉन्च हुए यह सेकंड जेनरेशन के मॉडल का यह पहला बड़ा अपडेट है. अब इसी बीच कंपनी ने नया मुकाम हासिल कर लिया है. इस कॉम्पैक्ट एसयूवी के 15 लाख से ज्यादा कस्टमर्स हो गए हैं. इसमें सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि अपने फेसलिफ्ट मॉडल के लॉन्च होने से पहले कंपनी ने इस आंकड़े को पार कर लिया. यह कार खासकर कीमत, परफॉर्मेंस और माइलेज के चलते ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही है. टाटा नेक्सन और पंच को छोड़ा पीछे घरेलू मार्केट में 14.6 लाख यूनिट (14,61,889 यूनिट) और एक्सपोर्ट में 52.8 यूनिट (52,828 यूनिट) की बिक्री के साथ मारुति ब्रेजा की कुल सेलिंग 15 लाख (15,14,717 यूनिट) हो गई है. इस समय इंडिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी में इसी गाड़ी का नाम आता है. ब्रेजा ने इस बिक्री के मामले में टाटा नेक्सन (10,92,239 यूनिट) को 4,22,478 यूनिट के साथ पीछे छोड़ दिया है. टाटा मोटर्स की पंच इसी जुलाई, 2026 की शुरुआत में 8 लाख यूनिट सेल करने का आंकड़ा पार किया था, वो इस मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच गई है.  डीजल इंजन से लेकर मल्टी-पावरट्रेन स्ट्रेटजी  मारुति ब्रेजा पहली बार लॉन्च होने के बाद शुरुआती 4 सालों में सिर्फ डीजल इंजन विकल्प के साथ आती थी. इसमें 1.2 लीटर DDIS टर्बोचार्ज्ड इंजन मिलता था, जिसे Fiat (फिएट) द्वारा बनाया गया था. यह इंजन 88 पावर हॉर्स जेनरेट करता था. अप्रैल, 2026 में कंपनी ने डीजल इंजन को बंद कर दिया और उसके बाद BSVI मानकों के साथ नई ब्रेजा में 1.5 लीटर 15बी पेट्रोल इंजन पेश हुआ. शुरुआत के कुछ सालों में डीजल इंजन वाली स्ट्रेटजी काम की, जिसके चलते लगातार इतने सालों तक ब्रेजा इंडिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी बनी रही. आंकड़े पर नजर डालें, तो वित्त-वर्ष 2017 (108,640 यूनिट), वित्त-वर्ष 2018 (148,662 यूनिट), वित्त-वर्ष 2019 (157,880 यूनिट) और वित्त-वर्ष 2020 (110,641 यूनिट) रही. यह भी पढ़ें: नई Maruti Brezza खरीदने से पहले जानें, कौन-सा वेरिएंट देगा सबसे ज्यादा वैल्यू? साल 2020 के बाद बदला ब्रेजा की बिक्री का ग्राफ  वित्त-वर्ष 2021 में मारुति ब्रेजा में साल, 2020 की तुलना में 14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह आंकड़ा 94,635 यूनिट पर आ गया. उसी साल हुंडई क्रेटा ने ब्रेजा को झटका दिया और नंबर-1 की कुर्सी छीन ली. क्रेटा ने 120,035 यूनिट सेल कर डाली. उस समय के बाद दोबारा इस मुकाम को ब्रेजा हासिल नहीं कर पाई. वित्त-वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में डबल डिजिट में बिक्री करने के बावजूद भी वित्त-वर्ष 2020 से इसे पहला स्थान नहीं मिला है.  2026 में भी ब्रेजा की बिक्री में गिरावट  वित्त-वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानि अप्रैल-जून, 2026 में मारुति ब्रेजा की 37,488 यूनिट बिक्री हुईं हैं. यह आंकड़ा पिछले वर्ष, 2025 (47,044 यूनिट) की तुलना में कम है. इसके पीछे का कारण यह भी हो सकता है इसके खरीददार 2026 मॉडल ब्रेजा का इंतजार कर रहे होंगे. इसमें एक्सटीरियर और इंटीरियर अपडेट मिले हैं. इसके अलावा नए फीचर्स और टर्बो-पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी मिला है. अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या नई ब्रेजा, जिसे हिंदुस्तान NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है क्या ग्राहकों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी. ये भी पढ़ें: 2026 Maruti Brezza Turbo या NA Petrol? जानें दोनों इंजन में किसे खरीदना रहेगा ज्यादा फायदेमंद The post Maruti ने बेच डाली Brezza की 15 लाख से ज्यादा यूनिट, टाटा नेक्सन और पंच को पछाड़ निकली आगे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Indane का नया LPG सिलेंडर लॉन्च, अब 4 घंटे में होगी घर तक डिलीवरी

कंपनी ने Indane XTRALITE NOW लॉन्च किया है. यह नया LPG कनेक्शन हल्के वजन वाले कंपोजिट सिलेंडर और तेज डिलीवरी जैसी सुविधाओं के साथ आएगा. इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटू (Chhotu) सिलेंडर की एक्सप्रेस होम डिलीवरी भी शुरू कर दी गई है. क्या है Indane XTRALITE NOW की खासियत? Indane XTRALITE NOW को आधुनिक परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें ग्राहकों को सिर्फ नया सिलेंडर ही नहीं, बल्कि बेहतर सर्विस का भी फायदा मिलेगा. इसकी प्रमुख सुविधाएं: हल्का और जंग न लगने वाला कंपोजिट LPG सिलेंडर पारदर्शी (Translucent) बॉडी, जिससे सिलेंडर में बची LPG का स्तर आसानी से देखा जा सकेगा बुकिंग के 4 घंटे के भीतर एक्सप्रेस डिलीवरी अपनी सुविधा के अनुसार डिलीवरी का समय चुनने का ऑप्शन  नया कनेक्शन लेने के लिए कम डॉक्यूमेंट्स की जरूरत छोटू सिलेंडर की डिलीवरी में क्या बदला? इंडियन ऑयल ने 5 किलो के लोकप्रिय छोटू सिलेंडर के लिए भी एक्सप्रेस होम डिलीवरी सेवा शुरू कर दी है. अब इसकी बुकिंग करने पर भी सिलेंडर 4 घंटे के भीतर घर पहुंचाया जाएगा. कंपनी का कहना है कि यह सुविधा खासतौर पर शहरी परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और छोटे परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि LPG लेना पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक बन सके. किन शहरों में मिलेगी यह सुविधा? फिलहाल Indane XTRALITE NOW की शुरुआत इन चार शहरों से की गई है. पुणे गुरुग्राम इंदौर कोयंबटूर इसके बाद: अगस्त 2026 आते-आते तक 25 और शहरों में इसका विस्तार किया जाएगा. अक्टूबर 2026 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में यह सेवा उपलब्ध कराने की योजना है. बुकिंग कैसे कर सकेंगे ग्राहक? ग्राहक नया कनेक्शन लेने और सिलेंडर रिफिल बुक करने के लिए इन माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं. IndianOil ONE App IndianOil Customer वेबसाइट जल्द ही WhatsApp (7588888824) के जरिए भी बुकिंग की सुविधा शुरू होगी. यह सेवा इंडियन ऑयल के Indane डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क और चुनिंदा IndianOil Retail Outlets के जरिए उपलब्ध होगी. इंडियनऑयल के चेयरमैन ए. एस. साहनी ने कहा कि नई तकनीक का असली फायदा तब है, जब वह ग्राहकों की जिंदगी को आसान बनाए. उनके अनुसार, Indane XTRALITE NOW आधुनिक कंपोजिट सिलेंडर तकनीक और बेहतर सर्विस मॉडल को एक साथ जोड़ता है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षित, आसान और सुविधाजनक LPG अनुभव मिलेगा. कंपनी का मानना है कि यह पहल भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ऊर्जा सेवाएं देने और ग्राहक सेवा के नए मानक तय करने की दिशा में एक अहम कदम है. ये भी पढ़ें: 5% टूटा कच्चा तेल, ब्रेंट $87.84 पर पहुंचा, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? The post Indane का नया LPG सिलेंडर लॉन्च, अब 4 घंटे में होगी घर तक डिलीवरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

E20 को लेकर फैलाए जा रहे पोस्ट पर नितिन गडकरी पहुंचे हाईकोर्ट, परिवार को जोड़ने वाले दावों को बताया झूठा

Nitin Gadkari Approached Bombay High Court : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे पोस्ट, वीडियो और डीपफेक तस्वीरों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने अदालत से कहा है कि इन पोस्ट के जरिए उन्हें और उनके परिवार को E20 से कथित कारोबारी लाभ मिलने से जोड़ा जा रहा है, जबकि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है. ‘E20 नीति पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन’ याचिका में नितिन गडकरी ने कहा है कि E20 यानी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण से जुड़ी नीति का संचालन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करता है. ऐसे में उन्हें या उनके परिवार को इस योजना से जोड़कर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. डीपफेक तस्वीरों और वीडियो का भी जिक्र हाईकोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ऐसे कई पोस्ट, डीपफेक तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए हैं, जिनमें नितिन गडकरी और उनके परिवार को E20 से आर्थिक लाभ मिलने का दावा किया गया है. गडकरी ने इन सभी सामग्रियों को झूठा और भ्रामक बताया है. ये भी पढ़ें : जंतर-मंतर आंदोलन पर सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार, लाठीचार्ज जायज नहीं मेटा समेत कई प्लेटफॉर्म के खिलाफ दीवानी मुकदमे की मंजूरी बॉम्बे हाईकोर्ट ने नितिन गडकरी को मेटा (Meta) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ उन अज्ञात लोगों के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है, जिन पर यह गलत जानकारी फैलाने का आरोप है. अब इस मामले में अदालत आगे की सुनवाई के दौरान पक्षों की दलीलें सुनेगी. The post E20 को लेकर फैलाए जा रहे पोस्ट पर नितिन गडकरी पहुंचे हाईकोर्ट, परिवार को जोड़ने वाले दावों को बताया झूठा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईशा सिंह ने जीता गोल्ड तो मनु भाकर ने दिलाया ब्रॉन्ज; भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचा

ISSF World Cup 2026: चीन के हांगझोऊ में जारी ISSF विश्व कप में हिंदुस्तानीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. स्त्री 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर हिंदुस्तान को बड़ी सफलता दिलाई, जबकि अनुभवी निशानेबाज मनु भाकर ने कांस्य पदक अपने नाम किया. दोनों खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से हिंदुस्तान की कुल पदक संख्या तीन हो गई है और टीम पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. ईशा सिंह ने फाइनल में दिखाया दम 21 वर्षीय ईशा सिंह ने फाइनल में शुरुआत से ही शानदार लय बनाए रखी. उन्होंने पूरे मुकाबले में सटीक निशाने लगाए और 50 में से 40 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. विश्व रिकॉर्ड धारक ईशा ने मेजबान चीन की यूयू झांग को तीन अंकों से पीछे छोड़ दिया. झांग ने 37 अंकों के साथ रजत पदक जीता. म्यूनिख विश्व कप में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली ईशा ने इस जीत के साथ अपने शानदार सीजन में एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब जोड़ लिया. मनु भाकर ने रोमांचक शूटऑफ में जीता ब्रॉन्ज दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. तीसरे स्थान के मुकाबले में उनका सामना उत्तर कोरिया की ह्योन ग्योंग पाक से हुआ. दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसके बाद मुकाबले का फैसला डबल शूटऑफ से हुआ. मनु ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 28 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. इसके साथ ही स्त्री 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हिंदुस्तान ने दो पदक हासिल किए. हिंदुस्तान के खाते में तीन पदक ईशा सिंह के स्वर्ण और मनु भाकर के कांस्य पदक के बाद हांगझोऊ विश्व कप में हिंदुस्तान के कुल पदकों की संख्या तीन हो गई है. इससे पहले हिंदुस्तानीय निशानेबाज सैन्यम ने स्त्री 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर हिंदुस्तान का खाता खोला था. हिंदुस्तानीय निशानेबाजों के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है. पदक तालिका में दूसरे स्थान पर हिंदुस्तान हिंदुस्तान अब एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित तीन पदकों के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. मेजबान चीन छह स्वर्ण सहित कुल 14 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. हिंदुस्तानीय निशानेबाजों की यह शानदार शुरुआत आने वाले मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीद को और मजबूत करती है. व​हीं इस उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ISSF वर्ल्ड कप 2026 में स्त्रीओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह के स्वर्ण और मनु भाकर के कांस्य पदक पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन हिंदुस्तान की शूटिंग में बढ़ती ताकत और स्पोर्ट्स प्रतिभा को दर्शाता है. Also Read: 2026 कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप शुरू, हिंदुस्तान को मिलेगी ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड से टक्कर The post ईशा सिंह ने जीता गोल्ड तो मनु भाकर ने दिलाया ब्रॉन्ज; हिंदुस्तान पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘NEET नहीं, AI है असली खतरा’: राम गोपाल वर्मा ने छात्रों को दी चेतावनी, बोले – डिग्रियां हो जाएंगी बेकार

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने NEET को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि आज छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है.  X (Twitter) पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि NEET को लेकर हो रहे विवाद शिक्षा व्यवस्था की खामियों को सामने लाते हैं, लेकिन AI आने वाले समय में पढ़ाई और नौकरियों के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है. What Ram Gopal Verma Said: क्या कहा राम गोपाल वर्मा ने राम गोपाल वर्मा ने NEET पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और छात्रों की आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दिखाती हैं. हालांकि, उनका मानना है कि AI के कारण आने वाले बदलावों की तुलना में ये समस्याएं छोटी हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था उस समय के हिसाब से बनाई गई थी, जब जानकारी सीमित थी और छात्रों को ऐसे करियर के लिए तैयार किया जाता था, जिनका भविष्य काफी हद तक तय माना जाता था. लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और वह पुरानी व्यवस्था आज के दौर के लिए पर्याप्त नहीं है. NEET is not the issue A I isNEET leaks, cancelled exams, student suicides might leave bodies on the floor and parents screaming which might seem brutal in the way the system is being injuredAI does not wound the system.It rips its throat out.For centuries education had one… — Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) July 27, 2026 “> Ram Gopal Verma: AI ने सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया है अपने ऑपिनियंस को ‘X’ पर शेयर करते हुए वर्मा ने कहा, “असली मुद्दा NEET नहीं, बल्कि AI है.“ उन्होंने कहा,  AI का असर इससे कहीं बड़ा है, क्योंकि यह पूरे सिस्टम को अंदर से बदल सकता है. उन्होंने आगे कहा कि आज कोई भी निश्चित तौर पर नहीं बता सकता कि बच्चों को अगले 10 या 20 साल की दुनिया के लिए क्या पढ़ाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि आज की बहुत-सी जानकारी तेजी से पुरानी हो रही है और तकनीकी कौशल भी भविष्य में उतने जरूरी नहीं रहेंगे. उनके मुताबिक, आज समस्या जानकारी की कमी नहीं है. इसके बजाय, हमारे पास तथ्यों, गलत जानकारी और प्रोपेगेंडा का इतना बड़ा मिश्रण है कि सही और गलत में फर्क करना मुश्किल हो गया है. वहीं, AI इस सारी जानकारी को इंसानों की तुलना में बहुत तेजी से समझ और प्रोसेस कर सकता है. AI ने सोच बदल दिया है की मेहनत से जिंदगी सुरक्षित हो सकती है : वर्मा  वर्मा ने यह भी कहा, “AI ने उस पुरानी सोच को बदल दिया है, जिसमें माना जाता था कि अच्छी पढ़ाई और मेहनत से पूरी जिंदगी सुरक्षित हो जाती है. अब सिर्फ अच्छे मार्क्स, डिग्री या चीजों को याद रखने की क्षमता ही काफी नहीं है”. उनके अनुसार, AI के दौर में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कोई व्यक्ति समय के साथ खुद को कितना बदलता है, नई चीजें कितनी जल्दी सीखता है और बदलती परिस्थितियों के हिसाब से खुद को कैसे तैयार करता है. Verma Warns Students on AI: वर्मा ने छात्रों के करियर को  लेकर जताई चिंता वर्मा ने चेतावनी दी कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, चार्टर्ड एकाउंटेंसी (CA), MBA, आर्किटेक्चर, डिजाइन और दूसरे प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को भविष्य में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने इसे “AI स्लॉटरहाउस” कहा. उनके मुताबिक, जब तक ये छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे, तब तक कई डिग्रियों की वैल्यू कम हो सकती है, क्योंकि AI उन कामों को करने लगेगा जिनके लिए आज इन डिग्रियों की जरूरत होती है. वर्मा ने यह भी कहा कि, आने वाले समय में AI एक व्यक्ति को कई प्रोफेशनल्स का काम करने में सक्षम बना सकता है. उनके अनुसार, AI की मदद से एक व्यक्ति बीमारियों की पहचान, कानूनी कॉन्ट्रैक्ट तैयार करने, सिस्टम डिजाइन करने, अकाउंट्स का ऑडिट करने, कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कई काम कर सकता है, जिन्हें आज अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम करती है. उन्होंने उन छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता जताई, जो चार से छह साल तक किसी एक विषय में विशेषज्ञता हासिल करते हैं. उनका कहना था कि आगे चलकर इन छात्रों को ऐसे लोगों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ सकती है, जो कम लागत में और कम समय में AI की मदद से कई तरह के काम कर सकते है. Verma on AI and Jobs: हर एंट्री-लेवल वाली नौकरियां खत्म कर सकता है AI: वर्मा  फिल्ममेकर ने  यह भी कहा कि AI से दुनिया के लगभग हर टेक एक्सपर्ट ने एंट्री-लेवल नौकरियों के खत्म होने की आशंका हैं. अपनी पोस्ट के अंत में वर्मा ने कहा, “अगर छात्रों को उनके कोर्स के दौरान AI के साथ काम करना नहीं सिखाया जा रहा है, तो उन्हें ऐसी नौकरियों के लिए तैयार किया जा रहा है, जो भविष्य में शायद मौजूद ही न हों. उन्होंने यह भी कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को सिर्फ रैंक और डिग्री के आधार पर देखते हैं, वे अनजाने में उनके भविष्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं”. उन्होंने ये भी कहा कि, वहीं, पुराने सिलेबस को बदलने के बजाय उसका बचाव करने वाले शिक्षक भी छात्रों के करियर को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह भी पढ़ें : Lenin: ‘नागार्जुन से भी बेहतर एक्टर हैं अखिल’, ‘लेनिन’ देखने के बाद राम गोपाल वर्मा का रिएक्शन The post ‘NEET नहीं, AI है असली खतरा’: राम गोपाल वर्मा ने छात्रों को दी चेतावनी, बोले – डिग्रियां हो जाएंगी बेकार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, बोले- आंदोलन आपकी आवाज से सफल हुआ, राजघाट जाकर बापू को दूंगा श्रद्धांजलि

Sonam Wangchuk : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से काफी बेहतर है. उन्होंने बताया कि वह धीरे-धीरे खाना खाना शुरू कर चुके हैं और शरीर में ताकत भी वापस आ रही है. ‘आपकी आवाज से आंदोलन सफल हुआ’ सोनम वांगचुक ने आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों का आभार जताते हुए कहा, “मैं दिल से आप सभी का धन्यवाद करता हूं कि आपने अपनी आवाज उठाई और इस आंदोलन को आगे बढ़ाया. हम सफल हुए.” उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग और समर्थन की वजह से आंदोलन अपने मकसद तक पहुंच सका. 28 जून से आमरण अनशन पर थे वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे थे. उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद 23 जुलाई की देर रात उन्होंने केंद्र प्रशासन की ओर से प्रमुख मांगों पर सहमति मिलने और लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया था. राजघाट जाकर देंगे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि वांगचुक ने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद लद्दाख स्थित अपने घर जाने से पहले वह दिल्ली में राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. उन्होंने कहा कि बापू के विचारों और अहिंसा के रास्ते ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर आगे भी समाज और देश से जुड़े मुद्दों पर काम जारी रखेंगे. ये भी पढ़ें : जंतर-मंतर ने दुनिया को दिखाया नया हिंदुस्तान, हमारा जेन-जी सबसे अलग The post अस्पताल से डिस्चार्ज हुए सोनम वांगचुक, बोले- आंदोलन आपकी आवाज से सफल हुआ, राजघाट जाकर बापू को दूंगा श्रद्धांजलि appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top