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1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी

खास बातें आंदोलन के दम पर ढाह दिया वामपंथ का किला बंगाल की मसीहा बनीं दीदी, 15 साल तक किया शासन अचानक नहीं मची टीएमसी में तबाही भड़क उठी सालों से सुलग रही विद्रोह की चिंगारी पार्टी में मचे गदर के 2 प्रमुख कारण 58 विधायकों की बगावत की वजह और क्रोनोलॉजी संघर्ष के दम पर बंगाल की मसीहा बनीं थीं दीदी कॉर्पोरेट कल्चर ने फिर सड़क पर ला दिया TMC Rise and Fall History: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में इस वक्त जो भूचाल आया हुआ है, वह महज एक चुनावी हार की वजह से नहीं है. इसके पीछे एक बड़ी कहानी है. 1998 में कांग्रेस से अलग होकर ममता बनर्जी ने जिस तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बुनियाद रखी थी, वह आज अपने वजूद के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. 58 बागी विधायकों ने दीदी से पार्टी का सिंबल छीनकर खुद को ‘असली तृणमूल’ साबित कर दिया है. ममता बनर्जी के साम्राज्य को छिन्न-भिन्न कर दिया है. आंदोलन के दम पर ढाह दिया वामपंथ का किला इसके साथ ही नेतृत्व के गलियारों में टीएमसी के उत्थान और पतन की चर्चा तेज हो गयी. कभी सड़कों पर लाठियां खाकर, सिंगूर और नंदीग्राम के किसान आंदोलनों के दम पर वामपंथ के 34 साल के किले को ढाह देने वाली पार्टी आखिर कैसे इस कगार पर पहुंच गयी, इसकी पूरी इनसाइड क्रोनोलॉजी बंगाली जनमानस को हैरान करने वाली है. बंगाल की मसीहा बनीं दीदी, 15 साल तक किया शासन दीदी कैसे बंगाल की मसीहा बन गयीं. 15 साल तक राज्य की सत्ता की बागडोर संभालने वाली पार्टी टीएमसी महज 15 दिन में कैसे ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी, उसकी पूरी इनसाइड स्टोरी बतायेंगे. इससे पहले बताते हैं कि पार्टी के बिखरने की शुरुआत कब से और कैसे हुई. इसे भी पढ़ें : कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन अचानक नहीं मची टीएमसी में तबाही टीएमसी की नेतृत्वक तबाही अचानक नहीं हुई. बहुत ही सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया गया. चुनावी नतीजों के तुरंत बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और उत्तराधिकार (Succession) को लेकर सवाल उठने लगे थे. पहली ही सांगठनिक बैठक में विधायकों ने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और उनके कॉर्पोरेट सलाहकारों (I-PAC) पर हार का ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भड़क उठी सालों से सुलग रही विद्रोह की चिंगारी दूसरे हफ्ते में ममता बनर्जी ने सांगठनिक नियंत्रण वापस पाने के लिए राज्य की सभी कमेटियों को भंग करने और बागियों पर सीआईडी (CID) जांच का दांव चला, तो विद्रोह की चिंगारी, जो टीएमसी में सालों से सुलग रही थी, भड़क गयी. विधायकों ने एकजुट होकर रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में सीधे विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को अपना अलग समर्थन पत्र सौंप दिया और तृणमूल कांग्रेस पर भी दावा ठोंक दिया. पार्टी में मचे गदर के 2 प्रमुख कारण पार्टी के भीतर मचे गदर के 2 सबसे बड़े कारण हैं, जिसकी वजह से विधायकों के सब्र का बांध टूट गया. पहला अभिषेक बनर्जी के सम्मान में खड़े होकर ताली बजाने की परंपरा और दूसरा शोभनदेव चट्टोपाध्याय को लीडर ऑफ ऑपोजीशन बनाने के लिए स्पीकर को लिखी गयी चिट्ठी पर फर्जी हस्ताक्षर. इसे भी पढ़ें : टूट गयी तृणमूल कांग्रेस, रीतब्रत 58 बागी विधायकों के समर्थन से बने विपक्ष के नेता, बोले- ममता मंजूर, अभिषेक नहीं 58 विधायकों की बगावत की वजह और क्रोनोलॉजी टीएमसी की आंतरिक बैठकों में नेताओं के लिए फरमान जारी किया गया कि जब भी अभिषेक बनर्जी बैठक में आयेंगे, तो उनके लिए स्टैंडिंग ओवेशन (खड़े होकर ताली बजाने) देना है, पार्टी के सीनियर लीडर्स को यह बात नागवार गुजरी. विवाद तब और बढ़ गया, जब शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने वाले पत्र में कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात सामने आयी. इसके बाद ममता बनर्जी खेमे ने एफआईआर और सीआईडी जांच की धमकी दी, जिसने बागियों को आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर कर दिया. बागी खेमे में 17 मुस्लिम विधायकों का शामिल होना और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा यह दिखाता है कि ममता बनर्जी का अपनी पार्टी के अल्पसंख्यक कोर वोट बैंक और वफादारों पर से नियंत्रण अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है. सत्ता बदलते ही ममता बनर्जी की रैलियों में ग्लैमर का तड़का लगाने वाली ‘टॉलीवुड ब्रिगेड’ ने भी कालीघाट से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया. इस तरह जो पार्टी कभी जनता की आवाज बनकर उभरी थी, आज वह अपनी आंतरिक तानाशाही और अहंकार की वजह से इतिहास के सबसे गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है. संघर्ष के दम पर बंगाल की मसीहा बनीं थीं दीदी 1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी ने कांग्रेस के भीतर मूकदर्शक बने रहने की बजाय बगावत का झंडा बुलंद किया और तृणमूल कांग्रेस का गठन किया. शुरुआती दिनों में यह सिर्फ एक क्षेत्रीय आंदोलन था, जिसका मकसद पश्चिम बंगाल को वाम मोर्चा (Left Front) के शासन से मुक्ति दिलाना था. 2006 से 2008 के बीच सिंगूर में टाटा के नैनो प्रोजेक्ट के खिलाफ भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन और नंदीग्राम में किसानों पर हुई पुलिस फायरिंग ने ममता बनर्जी को सूबे की नेतृत्व का केंद्र बिंदु बना दिया. ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे ने बंगाल के गरीब किसानों, मजदूरों और मध्यवर्ग को दीदी का दीवाना बना दिया. 2011 में ऐतिहासिक बहुमत के साथ टीएमसी सत्ता के शिखर पर पहुंच गयी. TMC Rise and Fall History: कॉर्पोरेट कल्चर ने फिर सड़क पर ला दिया नेतृत्वक विश्लेषक मानते हैं कि टीएमसी के इस अभूतपूर्व पतन की पटकथा उसी दिन लिख दी गयी थी, जब पार्टी ने अपने बुनियादी सांगठनिक चरित्र को बदल दिया. सत्ता में आने के बाद धीरे-धीरे पार्टी की कमान ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के हाथों में जाने लगी. पुराने और अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर आई-पैक (I-PAC) जैसी डेटा-ड्रिवेन कॉर्पोरेट कंसल्टेंसी एजेंसियों को टिकट वितरण और सांगठनिक फैसलों का जिम्मा सौंप दिया गया. जो नेता सिंगूर और नंदीग्राम में पुलिस की लाठियां खाकर पार्टी को सत्ता में लाये थे, उन्हें कंप्यूटर के सर्वे और डिजिटल रेटिंग के आधार पर रबर स्टैंप बना दिया गया. बंगाल चुनाव 2026 में पार्टी को

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NTA ने जारी किया UGC NET जून परीक्षा का शेड्यूल, देखें आपका पेपर कब है 

UGC NET June 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET June 2026 परीक्षा को लेकर एक जरूरी अपडेट जारी किया है. यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी. परीक्षा के लिए सब्जेक्ट वाइज शेड्यूल जारी कर दिया गया है. दो शिफ्ट में होगी परीक्षा 22 -30 जून तक लगातार यूजीसी नेट परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 03:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक आयोजित की जाएगी. UGC-NET-ScheduleDownload सिटी स्लिप जल्द ही जारी की जाएगी NTA ने परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है. वहीं शहर की जानकारी और एग्जाम सेंटर के लिए जानकारी परीक्षा से 8-10 दिन पहले जारी की जाएगी. ऐसे स्टूडेंट्स जो इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, वे किसी भी तरह के अपडेट के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर नजर बनाए रखें. आप NTA के ऑफिशियल X पेज से भी जानकारी हासिल कर सकते हैं. हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क ऐसे स्टूडेंट्स जिनके मन में किसी प्रकार का सवाल है, वे किसी भी जानकारी के लिए NTA द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या ugcnet@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं. परीक्षा का शेड्यूल और जानकारी UGC NET June 2026 परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी. इसमें उम्मीदवारों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार अपने-अपने विषय की परीक्षा देनी होगी. यह भी पढ़ें- इग्नू ने शुरू किया e-VidyaBharti छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन, यहां देखें डिटेल  The post NTA ने जारी किया UGC NET जून परीक्षा का शेड्यूल, देखें आपका पेपर कब है  appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी की हर उपलब्धि के गवाह बनेंगे पिता, श्रीलंका से इंग्लैंड तक की यात्रा करेंगे संजीव

पटना से स्पोर्ट्स पत्रकार धर्मनाथ की रिपोर्ट Vaibhav Sooryavanshi: आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में पहचान बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का अगला मिशन श्रीलंका में होने वाली ट्राई सीरीज है. इंडिया ए टीम का हिस्सा बने वैभव पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं. फैंस यह देखने को उत्सुक हैं कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में धमाल मचाने वाला यह युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन करता है. वैभव का हौसला बढ़ाते दिखेंगे पिता संजीव सूर्यवंशी इस खास मौके पर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी भी बेटे का हौसला बढ़ाने के लिए श्रीलंका पहुंचेंगे. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के सूत्रों के अनुसार, संजीव सूर्यवंशी अपने खर्च पर श्रीलंका जाकर वैभव के मैच देखेंगे और उनका उत्साह बढ़ाएंगे. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भी साथ रहेगा परिवार वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए हिंदुस्तानीय टी20 टीम में चयन होने के बाद परिवार का उत्साह और बढ़ गया है. वैभव के क्रिकेट सफर में उनके पिता हमेशा साथ रहे हैं और घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक उनके कई अहम मुकाबलों के गवाह बने हैं. बीसीसीआई उठाएगा पूरा खर्च बीसीए सूत्रों के मुताबिक, संजीव सूर्यवंशी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भी बेटे का मैच देखने जाएंगे. खुद संजीव सूर्यवंशी ने बताया था कि बीसीसीआई अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि वह परिवार के साथ इस दौरे पर जा सकते हैं. इस यात्रा का पूरा खर्च बीसीसीआई उठाएगा. 15 साल 71 दिन की उम्र में हिंदुस्तानीय टीम में मिली जगह वैभव हिंदुस्तानीय टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं. उन्हें 15 साल 71 दिन की उम्र में हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली है. सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 16 साल 205 दिन की उम्र में स्पोर्ट्सा था. संभवत: वैभव इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. यह भी पढ़ें: ‘सचिन जैसी पहचान बनाएगा’, टीम इंडिया में एंट्री के बाद वैभव सूर्यवंशी के कोच का बड़ा बयान बेटे ने पूरा किया पिता का अधूरा सपना, टीम इंडिया में चयन पर छलके वैभव के पिता के आंसू The post वैभव सूर्यवंशी की हर उपलब्धि के गवाह बनेंगे पिता, श्रीलंका से इंग्लैंड तक की यात्रा करेंगे संजीव appeared first on Naya Vichar.

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महंगी हुई रसोई गैस: घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये महंगा, दिल्ली में कीमत 942 रुपये

LPG Price Hike : घरेलू रसोई गैस एक बार फिर महंगी हो गई है. LPG सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार कीमत बढ़ी है. बताया जा रहा है कि ईरान संकट और ग्लोबल एनर्जी की कीमतों में उछाल के कारण प्रशासनी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रविवार (7 जून) से दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो चुकी है.  STORY | LPG price hiked by Rs 29 per 14.2-kg cylinder Domestic cooking gas LPG price has been raised by Rs 29 per cylinder, marking the second increase in three months as state-owned fuel retailers continue to grapple with elevated global energy costs. READ:… pic.twitter.com/J8JdPdYby8 — Press Trust of India (@PTI_News) June 6, 2026 इससे पहले की गई थी 60 रुपये की बढ़ोतरी एलपीजी सिलेंडर के दाम में यह बढ़ोतरी 7 मार्च को हुई 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद की गई है. पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका युद्ध) में चल रहे संघर्ष से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में फ्यूल की कीमतें बढ़ गईं. इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, घरेलू एलपीजी बिक्री पर हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है, हालांकि इससे नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही हो पाएगी. यह भी पढ‍़ें : महंगाई की मार! महीने के पहले दिन कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े 1 जून को कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े थे होटल, रेस्तरां एवं ढाबों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के अलावा पांच किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम 1 जून को बढ़ाए गए थे. इस दिन घरेलू रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर दिल्ली में 3,113.50 रुपये हो चुकी है, जबकि पहले इसकी कीमत 3,071.50 रुपये थी. इससे पहले एक मई को कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई थी. वहीं, पांच किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़कर 821.50 रुपये कर दी गई थी.  The post महंगी हुई रसोई गैस: घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये महंगा, दिल्ली में कीमत 942 रुपये appeared first on Naya Vichar.

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Lohardaga: लेवी दो या काम करो बंद, NHAI कर्मी को मिली राहुल सिंह गैंग की धमकी

कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्टLohardaga (कुड़ू): लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 39 कुड़ू से उदयपुर बाईपास सड़क पर हो रहे कार्य में गैंगस्टर्स राहुल सिंह ने लेवी की मांग को लेकर कर्मी को फोन पर धमकी दी है. धमकी के बाद शनिवार को कार्य स्थल पर वीरानी छाई रही. बताया जाता है कि कुड़ू के ढुलुवाखुंटा से लातेहार के उदयपुर तक नेशनल हाईवे 39 में बाईपास रोड का कार्य चल रहा है. पुलिस ने दर्ज की शिकायत शनिवार को एनएचएआई कर्मी को गैंगस्टर राहुल सिंह के नाम पर फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर बताते हुए कहा कि लेवी दो या फिर काम बंद करो, मैनेज नहीं करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो. मामले की जानकारी कुड़ू पुलिस को दी गई. सूचना के बाद एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, इंस्पेक्टर चंद्रशेखर आजाद, थाना प्रभारी अजीत कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने कर्मियों से पूरे मामले की जानकारी ली. थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि मामले की लिखित जानकारी हुई है कर्मियों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी. लिखित आवेदन के बाद कुड़ू थाना में मामला दर्ज किया गया है. ये भी पढ़ें… राज्य स्तरीय टीम ने किया डिजिटल पंचायत परियोजना का निरीक्षण डीसी की पहल पर दंपती को मिली पेंशन योजना की सौगात The post Lohardaga: लेवी दो या काम करो बंद, NHAI कर्मी को मिली राहुल सिंह गैंग की धमकी appeared first on Naya Vichar.

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राजगीर क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर तक होगा तैयार, मोइनुल हक स्टेडियम भी होगा चकाचक, सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश

Rajgir Cricket Stadium: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में स्पोर्ट्स विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य में स्पोर्ट्स सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने को लेकर कई निर्देश दिए गए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार की कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 पंचायतों में 5266 स्पोर्ट्स मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. जिन पंचायतों में अब तक स्पोर्ट्स मैदान नहीं बन पाए हैं, वहां विकसित हिंदुस्तान-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण (वीबीजीरामजी) के माध्यम से स्पोर्ट्स मैदान तैयार किए जाएंगे. डुमरी स्पोर्ट्स परिसर में बनेंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डुमरी स्पोर्ट्स परिसर को आधुनिक स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. यहां विभिन्न स्पोर्ट्सों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाए जाएं, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो. राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का काम दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश बैठक में राजगीर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य हर हाल में 31 दिसंबर तक पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि तय समय पर परियोजना पूरी होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स प्रेमियों को इसका लाभ मिल सके. मोइनुल हक स्टेडियम के रेनोवेशन में लाई जाए तेजी मुख्यमंत्री ने पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य को गति देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए. बड़े स्पोर्ट्स आयोजनों के दौरान लोगों को जाम और भीड़ की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से ठोस व्यवस्था की जाए. स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय में रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों पर जोर मुख्यमंत्री ने बिहार स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जिनसे छात्रों और खिलाड़ियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें. उन्होंने कहा कि नवाचार और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं. जिला और प्रखंड स्तर की स्पोर्ट्स परियोजनाओं में तेजी बैठक में जिला स्तरीय स्पोर्ट्स भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इनके संचालन तथा रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर काम किया जाए. इसके साथ ही प्रखंड स्तर पर बन रहे आउटडोर स्टेडियमों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि इनके रखरखाव की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए. पंचायतों में स्पोर्ट्स संस्कृति विकसित करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं और स्पोर्ट्स उत्सव आयोजित किए जाएं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. उन्होंने पंचायत स्पोर्ट्स क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय लोगों को जोड़कर स्पोर्ट्स संस्कृति को मजबूत बनाने की बात कही. साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक स्पोर्ट्स उपकरण, कोचिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन और सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चरणबद्ध तरीके से विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सुविधाओं का विकास किया जा रहा है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘मेडल लाओ नौकरी पाओ’ योजना के तहत खिलाड़ियों को अधिक से अधिक लाभ दिया जाए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाए. बैठक की शुरुआत में स्पोर्ट्स विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने विभाग की योजनाओं, स्पोर्ट्स अवसंरचना, खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की. इसे भी पढ़ें: चक्रव्यूह में दीपक प्रकाश, निशाने पर उपेंद्र, चिराग ने खोले पत्ते, अब सबकी नजर राजद पर 7 जून से 11 जून तक बिहार के इन जिलों में जारी रहेगा आंधी-तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post राजगीर क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर तक होगा तैयार, मोइनुल हक स्टेडियम भी होगा चकाचक, सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी के साथ हो गया बड़ा खेला! शुभेंदु सरकार के खौफ से पुरुलिया में TMC ने अपने ही दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर

खास बातें लक्ष्मणपुर इलाके में जुटी लोगों की भीड़ हाई-वे किनारे वन विभाग की जमीन पर था कब्जा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का 48 घंटे का अल्टीमेटम और टीएमसी का सरेंडर TMC Demolishes Own Office in Purulia: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रखा है. प्रशासनी जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए सूबे में हर तरफ बुलडोजर गरज रहे हैं. इसी बीच, पुरुलिया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुद बुलडोजर मंगाकर अपने ही आलीशान पार्टी दफ्तर को जमींदोज कर दिया. लक्ष्मणपुर इलाके में जुटी लोगों की भीड़ कल तक जो नेता बात-बात पर विरोधियों को स्पोर्ट्सा होबे (स्पोर्ट्सा होगा) की चुनौती देते थे, आज खुद अपने ही हाथों अपनी नेतृत्वक विरासत पर बुलडोजर चलाकर नया स्पोर्ट्स स्पोर्ट्स रहे हैं. इस अजीबोगरीब वाकये को देखने के लिए लक्ष्मणपुर इलाके में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. TMC Demolishes Own Office in Purulia: हाई-वे किनारे वन विभाग की जमीन पर था कब्जा मामला पुरुलिया-बांकुड़ा नेशनल हाई-वे पर स्थित लक्ष्मणपुर इलाके का है. स्थानीय भाजपा नेताओं और वन विभाग के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में वर्ष 2022 में टीएमसी नेताओं ने वन विभाग की बेहद कीमती और सुरक्षित जमीन पर कब्जा जमा लिया था. इसके खिलाफ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजी गयी थीं. सत्ता के दबाव में किसी अधिकारी ने इस गैर-कानूनी निर्माण पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का 48 घंटे का अल्टीमेटम और टीएमसी का सरेंडर बंगाल में प्रशासन बदलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के तेवर बदल चुके हैं. बरसों से फाइलों में दबे मामलों पर तत्काल एक्शन शुरू हो गया है. वन विभाग ने पुरुलिया-बांकुड़ा हाई-वे किनारे स्थित इस अवैध दफ्तर को एक कड़ा नोटिस जारी किया. प्रशासनी नोटिस में टीएमसी नेतृत्व को सिर्फ 48 घंटे में गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को खुद हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था. डेडलाइन खत्म होने से पहले ही पार्टी ने खुद बुलडोजर मंगाकर दफ्तर को मलबे में तब्दील कर दिया. इसे भी पढ़ें संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार बांग्लादेश भागने की फिराक में था भांगड़ ब्लास्ट का मास्टरमाइंड शौकत मोल्ला, एनआईए ने कमालगाजी में दबोचा बीजेपी की जीत के बाद बंगाल के कैंपसों में भगवा लहर, ABVP यूनिट्स की संख्या 400 के पार अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी The post ममता बनर्जी के साथ हो गया बड़ा स्पोर्ट्सा! शुभेंदु प्रशासन के खौफ से पुरुलिया में TMC ने अपने ही दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 27 जिलों में लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल, बनेंगे 40 नए ट्रैफिक पोस्ट, 152 करोड़ की लागत से बदलेगी व्यवस्था

Bihar Traffic News, प्रह्लाद कुमार: बिहार में लगातार सड़कों का विस्तार हो रहा है. ऐसे में लोगों के गाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ी है. सड़कों पर दुर्घटनांए भी बढ़ी है. इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 27 जिलों में ट्रैफिक सिग्नल और 40 ट्रैफिक पोस्ट बनेंगे, ताकि रोड एक्सीडेंट में कमी आए. विभाग का मानना है कि सिग्नल रहने से गाड़ियों की गति पर अंकुश लगा रहता है. इस कारण से उन सभी जगहों पर सिग्नल लगाए जायेंगे. जहां सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती है. उन जगहों पर ट्रैफिक पोस्ट बनाने के पीछे विभाग का मकसद है कि हिट एंड रन मामले में वाहन चालकों को पकड़ने में सुविधा हो सकें. अब एनएच,एसएच पर भी दुर्घटना वाले जगहों पर बनेंगे पोस्ट लगेगा सिग्नल विभाग के मुताबिक अब एनएच और एचएच पर भी वैसे जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल और पोस्ट की संख्या बढ़ेगी. जहां पर सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती है. शहरों के आस-पास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए सभी जगहों 500 से अधिक कैमरा भी लगाये जायेंगे, ताकि यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती हो सकें. विभाग के मुताबिक 27 जिलों में ट्रफिक सिंग्नल सिस्टम की स्थापना की जायेगी. इसके लिए 152.45 करोड़ की राशि का प्राकलन तैयार किया गया है. टैफिक इंजीनियरिंग सेंटर की स्थापना के लिए तीन करोड़ की जरूरत पड़ेगी और 40 ट्रैफिक पोस्ट बनाने के लिए दो करोड़ खर्च होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पटना में सबसे अधिक हिट एंड रन के मामले बिहार में एक जनवरी 2022 से 12 मई 2026 तक कुल 50 हजार 663 सड़क दुर्घटनाएं हुई है. जिसमें हिट एंड रन के मामले सबसे अधिक पटना में रिपोर्ट हुए हैं. परिवहन विभाग के मुताबिक पटना में 5093, गयाजी में 2437, रोहतास में 1781, मुजफ्फरपुर में 2691 , नालंदा में 188, भभुआ में 1079, बेगूसराय में 1598, भोजपुर में 1745, सिवान में 1274, सीतामढ़ी में 1108, औरंगाबाद में 1714, बेतिया में 2263, नवादा में 1231, पूर्णिया में 1350, गोपालगंज में 1198, वैशाली में 1769, समस्तीपुर में 1788, दरभंगा में 1377, अररिया में 988, जमुई में 896 मामले रिपोर्ट हुए हैं. इसे भी पढ़ें: चक्रव्यूह में दीपक प्रकाश, निशाने पर उपेंद्र, चिराग ने खोले पत्ते, अब सबकी नजर राजद पर 7 जून से 11 जून तक बिहार के इन जिलों में जारी रहेगा आंधी-तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post बिहार के 27 जिलों में लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल, बनेंगे 40 नए ट्रैफिक पोस्ट, 152 करोड़ की लागत से बदलेगी व्यवस्था appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा डीसी ने विस्थापितों के लंबित सर्वे को पूरा करने का दिया अल्टीमेटम, 10 जून तक डेडलाइन

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट Garhwa News: गढ़वा के उपायुक्ति पशुपति नाथ मिश्रा ने शनिवार को जिले में विस्थापितों के लंबित सर्वेक्षण के कामों को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने सर्वेक्षण के कामों को पूरा करने के लिए 10 जून 2026 समय-सीमा तय की है. उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में मंडल डैम एवं कांडी वितरणी परियोजना के अवशेष कार्यों तथा पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में डूब क्षेत्र से प्रभावित व विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभागों को निर्देश दिए गए. ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी जरूरी उपायुक्त ने कहा कि पुनर्वास का कार्य केवल विस्थापित परिवारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पुनर्वास स्थलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी समग्र विकास किया जाना आवश्यक है. उन्होंने रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर और रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ में चिह्नित पुनर्वास स्थलों पर स्थल समतलीकरण, सड़क, सिंचाई, तालाब, आंगनबाड़ी केंद्र, सरना-मसना, पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, बिजली एवं पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. चार दिनों में मांगा बजट प्राक्कलन, लापरवाही पर सख्त रुख उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि पुनर्वास से संबंधित निर्माण कार्यों की योजनाओं को अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है. जिन विभागों द्वारा अब तक प्राक्कलन (इस्टीमेट) उपलब्ध नहीं कराया गया है, वे आगामी चार दिनों के अंदर विस्तृत बजट प्राक्कलन तैयार कर समर्पित करें, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई की जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की मॉनिटरिंग हिंदुस्तान प्रशासन एवं राज्य प्रशासन द्वारा नियमित रूप से की जा रही है, इसलिए सभी अधिकारी सर्वोच्च प्राथमिकता और आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करें. डीसी द्वारा तय की गई समय-सीमा 10 जून 2026 तक: अपर समाहर्ता परियोजना से जुड़े सभी लंबित सर्वेक्षण कार्यों को शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित रूप से पूर्ण कर प्रस्तुत करेंगे. 2 से 3 दिनों के भीतर: अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) लंबित प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे. 4 दिनों के अंदर: संबंधित विभाग लंबित योजनाओं का विस्तृत बजट प्राक्कलन जमा करेंगे. सोन-कनहर परियोजना की भी हुई समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सोन-कनहर परियोजना की भी प्रगति जांची. उन्होंने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को निर्देश दिया कि क्षेत्र के किसानों के हित को देखते हुए इस सिंचाई परियोजना के जितने भी शेष कार्य बचे हैं, उन्हें अविलंब पूरा किया जाए. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में नशे के खिलाफ महा अभियान, 11वीं और 12वीं के 25000 विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक बैठक में ये लोग थे मौजूद बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी वन प्रमंडल), सिविल सर्जन डॉ जान एफ केनेडी पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के उप निदेशक, जल संसाधन विभाग व रूपांकन प्रमंडल (मेदिनीनगर) के कार्यपालक अभियंता, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, गढ़वा के एसडीएम संजय कुमार व रंका के एसडीओ, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल व विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, रंका व भंडरिया के बीडीओ, रंका, रमकंडा, भंडरिया व काण्डी के अंचल अधिकारी (सीओ) तथा वैपकोस के प्रतिनिधि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: लातेहार में झामुमो का बूथ स्तरीय प्रशिक्षण शिविर, विनोद पांडेय ने बीएलए की भूमिका को बताया अहम The post गढ़वा डीसी ने विस्थापितों के लंबित सर्वे को पूरा करने का दिया अल्टीमेटम, 10 जून तक डेडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार

Suvendu Adhikari Illegal Arms Seizure: पश्चिम बंगाल में एनआईए (NIA) द्वारा भांगड़ बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड शौकत मोल्ला को दबोचे जाने के ठीक 24 घंटे के भीतर सूबे की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने राज्य के 2 बेहद संवेदनशील जिलों में व्यापक छापेमारी कर अवैध आग्नेयास्त्रों, देसी बमों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है. प्रशासन के संरक्षण में जमा किये गये थे हथियार मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि ये हथियार किसी सामान्य अपराधी के नहीं, बल्कि पिछली प्रशासन के संरक्षण में सालों से जमा किये गये वो हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल आम नागरिकों और विपक्षी कार्यकर्ताओं को आतंकित करने के लिए किया जाता था. इसे भी पढ़ें : बंगाल में फिर मिला हथियारों का जखीरा, एक ही घर से एके47 समेत कई अत्याधुनिक हथियार जब्त कहां-कहां मिला हथियारों का जखीरा? सुरक्षा बलों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हुई यह छापेमारी मुख्य रूप से उन इलाकों में केंद्रित थी, जो लंबे समय से नेतृत्वक हिंसा के केंद्र बने हुए थे. दक्षिण 24 परगना जिले के कुमराखाली और बासंती इलाके के सरबेरिया बाजार के पास सुरक्षा बलों ने जमीन खोदकर भारी मात्रा में छिपे हुए अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किये हैं. उत्तर 24 परगना का संदेशखाली खौफ और प्रताड़ना के लिए देश भर में कुख्यात हो चुका है. इसी संदेशखाली के अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर भी सुरक्षा बलों ने एक साथ दबिश दी, जहां से शांति भंग करने के इरादे से छिपाकर रखे गये घातक आधुनिक हथियार मिले हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टीएमसी की ‘हिंसा की संस्कृति’ ने ली भाजपा कार्यकर्ताओं की जान : शुभेंदु अधिकारी बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ममता बनर्जी प्रशासन के कारनामों को उजागर किया. उन्होंने लिखा-पिछले शासनकाल में वर्षों तक अवैध हथियारों का भंडारण सुनियोजित तरीके से किया गया था. इसका एकमात्र मकसद राज्य में तानाशाही चलाना और लोकतंत्र की आवाज को दबाना था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की इसी ‘हिंसा की संस्कृति’ और खूनी नेतृत्व के कारण बंगाल में कई विपक्षी कार्यकर्ताओं, विशेषकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्दोष कार्यकर्ताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी. Suvendu Adhikari Illegal Arms Seizure: 19 मार्च के ब्लास्ट का शौकत मोल्ला कनेक्शन दक्षिण 24 परगना के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को देसी बम विस्फोट हुआ था. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. ब्लास्ट के मुख्य संदिग्ध और टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को एनआईए द्वारा दबोचे जाने के ठीक बाद यह बरामदगी हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब पश्चिम बंगाल की पवित्र धरती से आपराधिक गतिविधियों और नेतृत्वक आतंकवाद का पूरी तरह सफाया किया जायेगा. राज्य में कानून का राज, शांति, सुरक्षा और वास्तविक लोकतंत्र हर हाल में कायम रहेगा. इसे भी पढ़ें डोमकल में मिला हथियार बनाने का कारखाना, हथियारों का जखीरा जब्त ऑर्फनगंज रोड में जमीन खोद कर निकाला गया हथियारों का जखीरा बंगाल के तालाब उगल रहे हथियार, दक्षिण 24 परगना में पुलिस को मिला हथियारों का जखीरा बंगाल एसटीएफ ने झारखंड और बंगाल के तीन हथियार तस्करों को किया अरेस्ट The post संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार appeared first on Naya Vichar.

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