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4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी, न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान

न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है. इस टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई है. उनकी वापसी 4 साल के बाद हुई है. मेरठ के इस अनुभवी गेंदबाज ने आखिरी बार नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही हिंदुस्तान के लिए T20I मुकाबला स्पोर्ट्सा था. भुवनेश्वर की वापसी IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद हुई है. उन्होंने इस सीजन में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. अब एक बार फिर उन्हें टीम इंडिया की T20I जर्सी में देखने का मौका मिलेगा. 🚨 Announcement 🚨 #TeamIndia’s T20I squad and India A squads for New Zealand tour announced 📝 Bhuvneshwar Kumar makes a comeback to the T20I side 🙌 More Details ▶️ https://t.co/oJ52QSH0DO #NZvIND https://t.co/btbXlQ0nQD — BCCI (@BCCI) October 6, 2026 “> रवि बिश्नोई बाहर, वरुण चक्रवर्ती की वापसी न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम में कुछ और अहम बदलाव भी हुए हैं. लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि वरुण चक्रवर्ती की हिंदुस्तानीय टीम में वापसी हुई है. कुलदीप यादव को भी स्क्वॉड में शामिल किया गया है. टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान होंगे. टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज शामिल हैं. ऑलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी और नमन धीर को जगह मिली है. तेज गेंदबाजी विभाग में अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, मयंक यादव और प्रिंस यादव शामिल हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए टीम इंडिया श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव. The post 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी, न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: 8 घंटे के धरने के बाद राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में, इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भी ले गई दिल्ली पुलिस

INDIA Bloc Protest: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया. दोनों नेता करीब आठ घंटे से धरना स्थल पर बैठे थे. पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस समेत कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को बस में बैठाकर वहां से ले गई. आकाशवाणी भवन परिसर में दिया धरना राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार दोपहर निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए थे. पुलिस ने विपक्षी नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया था. इसके बाद दोनों नेता परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठ गए और धरना शुरू कर दिया. उनके साथ कांग्रेस के कई अन्य नेता भी धरने पर बैठे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा, लेकिन नेताओं ने निर्वाचन आयोग तक जाने की अनुमति देने या धरने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने की मांग की. निर्वाचन आयोग तक मार्च निकाल रहे थे विपक्षी सांसद इससे पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला. पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया और कई सांसदों व नेताओं को हिरासत में ले लिया. विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमारके इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है. विपक्षी नेता चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं. विपक्ष की क्या है मांग? विपक्षी दलों की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR की प्रक्रिया को रद्द करने की है. इस मुद्दे पर मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च करने की कोशिश की थी. वहीं, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें किसी नेतृत्वक दल की ओर से आयोग के साथ बैठक के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है. ये भी पढ़ें: SIR के खिलाफ आंदोलन में राहुल गांधी ने प्रशासन पर साधा निशाना, कहा- मोदी, शाह, ज्ञानेश और मोहन भागवत बच नहीं पाएंगे The post VIDEO: 8 घंटे के धरने के बाद राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में, इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भी ले गई दिल्ली पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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वृंदावन में लापता बेटों की तलाश में पहुंच रहे परिजन, मेरठ के बाद बिहार से भी परिवार पहुंचा प्रेमानंद महाराज के आश्रम

Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में लापता युवकों की तलाश को लेकर उनके परिजनों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. अलग-अलग राज्यों से परिवार अपने बच्चों की जानकारी जुटाने के लिए वृंदावन पहुंच रहे हैं. इसी क्रम में बिहार के गोपालगंज से एक परिवार अपने 18 वर्षीय बेटे अभिनंदन यादव की तलाश में आश्रम पहुंचा. परिजनों के अनुसार, 25 जुलाई को वृंदावन आने के बाद अभिनंदन लापता हो गया था. मामले में पहले ही गुमशुदगी दर्ज करायी जा चुकी है. मेरठ के परिवार ने आश्रम के बाहर किया प्रदर्शन इससे पहले मेरठ के परतापुर निवासी नेत्रपाल अपने 20 वर्षीय बेटे प्रिंस की तलाश में श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे थे. सोमवार को उन्होंने बेटे की तस्वीर दिखाते हुए आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया. मंगलवार को नेत्रपाल का परिवार एक बार फिर आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गया. पुलिस ने परिवार को चौकी ले जाकर समझाया धरने के दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने परिवार को समझाया और उन्हें रमणरेती पुलिस चौकी ले गयी. पुलिस ने परिजनों को प्रिंस की तलाश कराने का भरोसा दिया. इससे पहले हाथरस और कासगंज से भी परिजन अपने बच्चों की तलाश में वृंदावन पहुंच चुके हैं. 25 जुलाई को परिवार के साथ वृंदावन आया था अभिनंदन गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर कुंभी टोला निवासी विनोद यादव अपने परिवार के साथ बेटे अभिनंदन यादव की तलाश में श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे. विनोद यादव के मुताबिक, वह 25 जुलाई को परिवार के साथ वृंदावन घूमने और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आये थे. दर्शन के बाद उनका 18 वर्षीय बेटा अभिनंदन अचानक लापता हो गया. काफी तलाश के बाद भी नहीं मिला सुराग परिजनों ने अभिनंदन की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. परिवार ने मामले में गुमशुदगी दर्ज करा रखी है. मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने अभिनंदन यादव की गुमशुदगी का पोस्टर जारी कर उसकी तलाश शुरू कर दी. साध्वी इंदुलेखा ने पुलिस को दी तहरीर इसी बीच साध्वी इंदुलेखा ने भी पुलिस को तहरीर देकर कथित अभद्रता और धमकी की शिकायत की है. साध्वी के अनुसार, 3 अक्टूबर को वह श्रीराधा केलिकुंज में मीडिया से बातचीत कर रही थीं. इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की. घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी कही गयी है. लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी देने का आरोप साध्वी इंदुलेखा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी. उन्होंने कहा कि घटना से उन्हें मानसिक परेशानी हुई है और अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से शिकायत की है. साध्वी ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस का कहना है कि साध्वी इंदुलेखा की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है. वहीं, लापता अभिनंदन यादव और मेरठ के प्रिंस की तलाश को लेकर भी परिजन पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की तलाश और जांच जारी है. रिपोर्ट : पवन तोमर यह भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत का नया CCTV फुटेज आया सामने, जानिए प्राइवेट पार्ट काटने के बाद कहां गया? आखिरी पल कैद The post वृंदावन में लापता बेटों की तलाश में पहुंच रहे परिजन, मेरठ के बाद बिहार से भी परिवार पहुंचा प्रेमानंद महाराज के आश्रम appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI का छापा, OSD और 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज

Bhagwant Mann Camp Office CBI Raid : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर मंगलवार को CBI ने छापेमारी की. यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपते हुए केस दर्ज करने का निर्देश दिया था. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, घुम्मन के घर पर CBI की कार्रवाई शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुई और वहां CBI के 50 से ज्यादा अधिकारी तथा CRPF के जवान मौजूद रहे. CBI ने सीएम भगवंत मान के OSD समेत 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना CBI की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही है और उन्हें तथा पंजाब प्रशासन को बदनाम करने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है. मान ने यह भी कहा कि उन्हें जनता का मिल रहा समर्थन BJP को परेशान कर रहा है. ये मुख्यमंत्री के नेतृत्वक आरोप हैं. क्या है पूरा मामला? मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए उन पत्रों से जुड़ा है, जिनमें राज्य प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. ED ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए थे. आरोपों में प्रशासनी तबादलों, गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच, आर्म्स लाइसेंस दिलाने और अन्य प्रशासनी कामों में कथित हस्तक्षेप जैसी बातें शामिल हैं. हालांकि, ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इन्हें किसी अदालत ने दोष साबित होने के रूप में तय नहीं किया है. हाईकोर्ट ने क्यों CBI को सौंपी जांच? वकील निखिल सराफ की PIL पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ ने सोमवार को CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि ED की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री में संज्ञेय अपराध के संकेत हैं और मामले में सिर्फ प्रारंभिक जांच जारी रखना पर्याप्त नहीं है. CBI को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है. पंजाब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनौती पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, हालांकि तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए इसे बुधवार या गुरुवार को सुनने की बात कही गई. ED के आरोपों में क्या कहा गया? ED के मुताबिक, नितिन गोहल नाम का व्यक्ति प्रशासनी कामों में फायदा चाहने वाले लोगों और OSD राजबीर घुम्मन के बीच कथित बिचौलिये के तौर पर काम करता था. एजेंसी ने आरोप लगाया कि प्रशासनी तबादलों और अन्य सुविधाओं के लिए लोगों को मदद दिलाने का नेटवर्क काम कर रहा था. ED की ये बातें उसके द्वारा पंजाब DGP को भेजे गए पत्रों में सामने आई थीं. घुम्मन और उनके सहयोगियों ने पहले इन आरोपों को निराधार बताया है. ये भी पढ़ें: 13 करोड़ का सवाल : SIR विवाद के बीच विपक्ष पर BJP का पलटवार, कहा- ‘फर्जी वोटरों को बचाना चाहती है कांग्रेस?’ The post पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI का छापा, OSD और 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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CEC ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास का गंगाजल से शुद्धीकरण, कांग्रेस बोली- सद्बुद्धि के लिए यज्ञ होना चाहिए

Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास का मंगलवार को गंगाजल से शुद्धीकरण किया गया. विजय नगर स्थित आवास पर पहले कलश यात्रा निकाली गई, इसके बाद सुंदरकांड का पाठ किया गया और फिर घर का गंगाजल से शुद्धीकरण किया गया. परिवार का कहना है कि 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान घर के बाहर गंदगी फैलाने और मुख्य द्वार पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने के बाद यह आयोजन किया गया. मां ने कहा- प्रदर्शन के दौरान घर के बाहर फैलाई गई थी गंदगी CEC ज्ञानेश कुमार की मां सत्यवती गुप्ता ने कहा कि 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान घर के बाहर “बहुत गंदगी” फैलाई गई थी. उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने दरवाजे पर आपत्तिजनक बातें लिखीं और जमकर नारेबाजी की. सत्यवती गुप्ता ने कहा कि इसी वजह से मंदिर से गंगाजल की कलश यात्रा निकाली गई, इसके बाद सुंदरकांड का पाठ किया गया और घर का शुद्धीकरण किया गया. कांग्रेस ने शुद्धीकरण पर उठाए सवाल ज्ञानेश कुमार के आवास के शुद्धीकरण को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. आगरा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि घर को शुद्ध करने के बजाय ज्ञानेश कुमार के लिए “सद्बुद्धि के लिए यज्ञ” किया जाना चाहिए. अमित सिंह ने कहा कि यदि ऐसा यज्ञ आयोजित किया जाता है तो कांग्रेस भी उसमें शामिल होगी. कांग्रेस का आरोप- छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है आयोजन कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि घर के शुद्धीकरण का आयोजन “छुआछूत की मानसिकता” को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि 28 सितंबर के प्रदर्शन के दौरान दलित समाज और अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों ने घर की दीवार को छुआ था और इसी कारण अब मकान का शुद्धीकरण किया जा रहा है. हालांकि, यह कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है. परिवार की ओर से शुद्धीकरण की वजह के तौर पर प्रदर्शन के दौरान घर के बाहर गंदगी फैलाने और आपत्तिजनक बातें लिखे जाने की बात कही गई है. 28 सितंबर को CEC के घर के बाहर हुआ था प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों के मुद्दे पर 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मकान के मुख्य द्वार और दीवारों पर कथित तौर पर कालिख पोती थी। साथ ही, आपत्तिजनक नारे लिखे जाने का भी आरोप है। छह कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए थे पुलिस ने प्रदर्शन के मामले में कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. आरोपियों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित उपद्रव और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी छह आरोपी 4 अक्टूबर को जमानत पर जेल से बाहर आ गए. शुद्धीकरण के बाद फिर नेतृत्वक बयानबाजी CEC ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम के बाद एक बार फिर इस मामले को लेकर कांग्रेस और परिवार के बीच बयानबाजी सामने आई है. एक ओर परिवार ने 28 सितंबर के प्रदर्शन में घर के बाहर गंदगी और आपत्तिजनक लेखन का हवाला दिया है, वहीं कांग्रेस ने शुद्धीकरण के आयोजन पर सवाल उठाते हुए इसे कथित तौर पर छुआछूत की मानसिकता से जोड़ा है. यह भी पढ़ें: यूपी राज्यसभा चुनाव: BJP के सभी आठ उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन, दो कैंडिडेट ने सीएम योगी के छूए पैर The post CEC ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास का गंगाजल से शुद्धीकरण, कांग्रेस बोली- सद्बुद्धि के लिए यज्ञ होना चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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Explainer: राहुल और अखिलेश ने चुनाव आयोग को क्यों घेरा? SIR से Form-6 तक, जानिए विवाद की 5 बड़ी वजहें

Explainer: देश में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), फॉर्म-6 में बदलाव, चुनाव आयोग में फैसले लेने की प्रक्रिया और EVM-बैलेट पेपर जैसे मुद्दों पर विपक्ष और BJP आमने-सामने हैं. विपक्ष जहां इसे ‘वोट के अधिकार और लोकतंत्र की सुरक्षा’ से जोड़ रहा है, वहीं BJP और चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है. ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च से गरमायी सियासत 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकाल कर चुनाव आयोग तक पहुंचने की कोशिश की. मार्च को पुलिस ने रोक दिया. विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े विवादों पर जवाब की मांग की. विपक्ष का दावा- वास्तविक मतदाताओं के नाम कटने का खतरा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR का मकसद मतदाता सूची की गहन जांच और उसमें अपात्र, मृत या स्थान बदल चुके मतदाताओं के नामों को दुरुस्त करना है. चुनाव आयोग इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी प्रक्रिया बता रहा है. विपक्ष का आरोप है कि सत्यापन की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी हटने का खतरा है. खासकर गरीब, प्रवासी, बुजुर्ग और ऐसे लोग जिन्हें जरूरी दस्तावेज जुटाने में परेशानी होती है, उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को मई 2026 में बरकरार रखा था. इसलिए SIR को लेकर मौजूदा विवाद का केंद्र अब इसकी प्रक्रिया और उसके संभावित प्रभाव पर है. 5 बड़े सवाल, जिन पर टिकी है पूरी बहस SIR में योग्य मतदाता का नाम नहीं कटेगा, इसकी गारंटी क्या है? फॉर्म-6 में अतिरिक्त जानकारी की जरूरत क्यों पड़ी और इसकी अनुमति किस स्तर पर मिली? चुनाव आयोग के भीतर अलग-अलग राय होने पर अंतिम फैसला किस प्रक्रिया से होता है? क्या ECI के हर फैसले में सर्वसम्मति या बहुमत की संवैधानिक प्रक्रिया का पालन हुआ? चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए EVM, बैलेट और मतदाता सूची पर क्या सुधार जरूरी हैं? कोर्ट ने पूछा- आखिर बदलाव किसने किया? फॉर्म-6 नये मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसी फॉर्म से जुड़े अतिरिक्त विवरण और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाये हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर की सुनवाई में कहा कि उसने किसी संशोधित रूप (Modified Form-6) को मंजूरी नहीं दी थी. कोर्ट ने चुनाव आयोग से रिकॉर्ड और जवाब मांगा है कि फॉर्म में यदि कोई बदलाव हुआ, तो वह किस प्रक्रिया और किसके आदेश से हुआ. यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह फैसला नहीं दिया है कि चुनाव आयोग ने गैरकानूनी तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव किया. अदालत फिलहाल मामले की प्रक्रिया और रिकॉर्ड की जांच कर रही है. ECI के अंदर भी मतभेद? 14 आपत्तियों की रिपोर्ट से मचा हड़कंप चुनाव आयोग में SIR से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कथित मतभेद भी नेतृत्वक बहस का हिस्सा बन गये हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर रिकॉर्ड में आपत्ति दर्ज करायी थी. विपक्ष इसे आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल मान रहा है. उसका आरोप है कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में फैसले पारदर्शी और सामूहिक तरीके से होने चाहिए. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से क्यों बढ़ी CEC पर सियासी गर्मी? CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले कानून के मुताबिक लिये जाने चाहिए. यदि कोई फैसला न तो सर्वसम्मति से और न ही बहुमत से लिया गया हो, तो अदालत उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है और ऐसे फैसले को रद्द करने का सवाल उठ सकता है. लेकिन यह स्पष्ट रहना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह फैसला नहीं दिया है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने अकेले या गैरकानूनी तरीके से कोई फैसला लिया. यह मामला अभी न्यायिक जांच के स्तर पर है. INDIA ब्लॉक की मांग- चुनाव प्रक्रिया में बढ़े पारदर्शिता कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने SIR और मतदाता सूची के मुद्दे को ‘वोट चोरी’ के आरोप से जोड़ा है. राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं. INDIA ब्लॉक के नेताओं ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठायी है. विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है और इसे मजबूत करने के लिए ज्यादा पारदर्शिता जरूरी है. BJP का आरोप है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद EVM और चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है. पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उस पर बिना ठोस आधार के आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करता है. क्या सुप्रीम कोर्ट ने CEC को दोषी ठहरा दिया? सुप्रीम कोर्ट ने अभी CEC ज्ञानेश कुमार को किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया है. अदालत ने संबंधित याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है और रिकॉर्ड/जवाब मांगा है. इसी तरह फॉर्म-6 के मामले में भी अदालत ने अभी यह फैसला नहीं दिया है कि चुनाव आयोग ने गैरकानूनी तरीके से फॉर्म बदला. यानी विपक्ष के आरोप नेतृत्वक हैं, जबकि उनकी कानूनी वैधता पर अंतिम फैसला अदालत को करना है. ये भी पढ़े-Video: बीजेपी के ‘ज्ञानेश नहीं, गणेश जी’ वाले बयान पर कांग्रेस का वार; रेणुका बोलीं- ‘राम जी को लूट लिया, अब गणेश जी का नंबर?’ The post Explainer: राहुल और अखिलेश ने चुनाव आयोग को क्यों घेरा? SIR से Form-6 तक, जानिए विवाद की 5 बड़ी वजहें appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video: एसीपी विवेक भगत को ‘यौन उत्पीड़न’ मामले में क्लीन चिट, दिल्ली पुलिस से जानें क्या है सच

ACP Vivek Bhagat Viral Video Case: एसीपी विवेक भगत वायरल वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक खुलासा किया है. इसमें कहा गया है कि वायरल वीडियो फर्जी था. इसे AI की मदद से तैयार कर ACP विवेक भगत को फंसाने की साजिश रची गयी थी. नयी दिल्ली जिले के एडीशनल डीसीपी मंजीत श्योरान (Additional DCP Manjeet Sheoran) ने बताया कि एसीपी विवेक भगत पूरी तरह निर्दोष हैं. उन्होंने किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की. AI से तैयार वीडियो को किया गया वायरल पुलिस के अनुसार, साइबर पुलिस स्टेशन (Cyber Police Station) की टीम ने इस मामले में नदीम नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताता था. उस पर कथित तौर पर एआई वीडियो (Fabricated AI Video) तैयार कर उसे वास्तविक घटना के तौर पर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, वीडियो का उद्देश्य विवेक भगत की छवि खराब करना और उन्हें गलत मामले में फंसाना था. इंस्टाग्राम पर रील अपलोड करने वाला मोबाइल बरामद जांच के दौरान पुलिस ने उस मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर इंस्टाग्राम (Instagram) पर वीडियो की रील (Reel) अपलोड करने के लिए किया गया था. पुलिस अब इस डिवाइस और वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: Video : Gen-Z स्टाइल में राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर तंज, कहा-इट्स डन ब्रो… पुलिस जांच में सामने आया साजिश का एंगल दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में वायरल वीडियो और वास्तविक घटना के बीच अंतर सामने आया है. पुलिस का दावा है कि एआई-जेनरेटेड वीडियो को इस तरह प्रसारित किया गया, जिससे लोगों को वह वास्तविक लगे. मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस वीडियो तैयार करने और उसे प्रसारित करने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. ये भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक के मार्च पर BJP का हमला, संबित पात्रा ने राहुल गांधी के Form 6 वाले दावे को किया खारिज The post Watch Video: एसीपी विवेक भगत को ‘यौन उत्पीड़न’ मामले में क्लीन चिट, दिल्ली पुलिस से जानें क्या है सच appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज में जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल; भारत बोला- जहाजों पर हमले तुरंत बंद हों

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले कमर्शियल जहाज MT On Peace (IMO 9893204) पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ. इस हमले में जहाज पर सवार 11 हिंदुस्तानीय क्रू सदस्य घायल हुए हैं. घटना ओमान के तट के पास हुई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, MT On Peace पर कुल 17 हिंदुस्तानीय नागरिक सवार थे. इनमें से 11 के घायल होने की जानकारी सामने आई है. घायल हिंदुस्तानीयों को सुरक्षित निकालकर ओमान पहुंचाया गया है. MEA ने हमले की कड़ी निंदा की हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि कमर्शियल जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए. मंत्रालय ने क्षेत्र में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया. किसने किया हमला? अभी स्थिति साफ नहीं फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में इस हमले के लिए किसी पक्ष की आधिकारिक जिम्मेदारी तय नहीं की गई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज को एक प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा. इसलिए हमले के पीछे किसका हाथ है, इस बारे में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. होर्मुज में लगातार बढ़ रहा समुद्री खतरा यह घटना ऐसे समय हुई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री इलाके में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों का खतरा बढ़ा हुआ है. रॉयटर्स के अनुसार अक्टूबर के शुरुआती दिनों में इलाके में कई टैंकरों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. हिंदुस्तान के लिए क्यों अहम है यह मामला? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है. यहां किसी भी तरह का हमला न केवल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर डाल सकता है. हाल के महीनों में इस क्षेत्र में हिंदुस्तानीय नाविक भी कई घटनाओं में प्रभावित हुए हैं. पहले भी हिंदुस्तानीय नाविक हुए हैं प्रभावित होर्मुज क्षेत्र में इससे पहले भी हिंदुस्तानीय क्रू सदस्यों से जुड़े गंभीर हादसे सामने आए हैं. जुलाई में GFS Galaxy पर हमले के बाद 11 हिंदुस्तानीयों में से 10 को बचाया गया था, जबकि एक हिंदुस्तानीय नाविक लापता हुआ था. MEA का साफ संदेश- हमले बंद हों विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताते हुए तत्काल हमले रोकने की अपील की है. हिंदुस्तान का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और निर्बाध नौवहन तथा व्यापार सुनिश्चित किया जाना चाहिए. ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने को तैयार था इजरायल? तेल अवीव की ओर बढ़ता तो जानें क्या होता एक्शन The post होर्मुज में जहाज पर हमला, 11 हिंदुस्तानीय घायल; हिंदुस्तान बोला- जहाजों पर हमले तुरंत बंद हों appeared first on Naya Vichar.

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फ्रांसिस हाल्जेन को मिला Physics का नोबेल पुरस्कार, बर्फ के नीचे छुपे रहस्य से उठाया था पर्दा

Francis Halzen wins Nobel Prize: भौतिकी का इस साल का नोबेल पुरस्कार फ्रांसिस हाल्जेन को मिला है. उन्हें यह सम्मान आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में योगदान और अंतरिक्ष से आने वाले उच्च ऊर्जा वाले न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है. पुरस्कार का ऐलान मंगलवार को हुआ. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने स्टॉकहोम में इस पुरस्कार की घोषणा की. हाल्जेन की उम्र 82 साल है और उनका जन्म बेल्जियम में हुआ था. वे अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन मैडिसन से जुड़े हुए हैं. IceCube Neutrino Observatory का निर्माण फ्रांसिस हाल्जेन ने दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद बर्फ का इस्तेमाल न्यूट्रिनो नामक रहस्यमय कणों को पकड़ने के लिए करने का विचार दिया. इसी विचार के परिणामस्वरूप IceCube Neutrino Observatory का निर्माण हुआ. नोबेल पुरस्कार विजेता अंतरिक्ष को समझने का नया तरीका मिला नोबेल समिति के अध्यक्ष मार्क पियर्स ने कहा कि हाल्जेन ने शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया. इस टीम ने दुनिया को एक शानदार उपकरण दिया है. उनकी लगन और वैज्ञानिक सोच ने एक नई तरह की खगोल विज्ञान का रास्ता खोल दिया है. पुरस्कार की रकम और पिछले साल की उपलब्धि इस साल की पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना है. यह करीब 12 लाख डॉलर के बराबर बैठती है. यह रकम चाहे एक व्यक्ति को मिले, छोटे समूह को या किसी संगठन को, उतनी ही रहती है. पिछले साल तीन वैज्ञानिकों को क्वांटम टनलिंग पर शोध के लिए यह पुरस्कार मिला था. इससे एमआरआई मशीनों में बेहद सटीक माप संभव हुआ और बेहतर मोबाइल फोन और तेज कंप्यूटर की नींव भी पड़ी. आगे के नोबेल पुरस्कारों का कार्यक्रम इस साल के पुरस्कारों की शुरुआत सोमवार को चिकित्सा के नोबेल से हुई. यह तीन वैज्ञानिकों को मिला, जिनके काम से रोशनी की मदद से दिमाग की कार्यप्रणाली समझने वाला एक औजार बना. बुधवार को रसायन विज्ञान और गुरुवार को साहित्य का पुरस्कार घोषित होगा. शुक्रवार को शांति पुरस्कार के बाद सोमवार को अर्थशास्त्र का नोबेल घोषित किया जाएगा. The post फ्रांसिस हाल्जेन को मिला Physics का नोबेल पुरस्कार, बर्फ के नीचे छुपे रहस्य से उठाया था पर्दा appeared first on Naya Vichar.

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Vivo V80 Launch Live: कीमत, फीचर्स और Vivo Next 2026 इवेंट के सभी अपडेट

Vivo V80 का लाइव लॉन्च हो रहा है! जानें इस नए स्मार्टफोन की कीमत, शानदार फीचर्स और Vivo Next 2026 इवेंट के सभी लेटेस्ट अपडेट्स. कोई भी जानकारी मिस न करें. The post Vivo V80 Launch Live: कीमत, फीचर्स और Vivo Next 2026 इवेंट के सभी अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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