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Randeep Hooda Birthday Special: कभी ऑस्ट्रेलिया में चलाई टैक्सी, आज बॉलीवुड के दमदार सितारों में हैं शामिल

बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा आज यानी 20 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे हैं. फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले रणदीप का सफर आसान नहीं रहा है. बॉलीवुड में आने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की और अपने खर्चे पूरे करने के लिए टैक्सी भी चलाई. उन्होंने वेटर और कार वॉश का काम भी किया. कई मुश्किलों के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बना ली है. Randeep in Australia for Studies : पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे रणदीप रणदीप हुड्डा पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर गए थे. वहां रहते हुए उन्हें अपने खर्चे खुद उठाने पड़ते थे. इसलिए पढ़ाई के साथ उन्होंने कई तरह के काम किए. रणदीप ने रात की शिफ्ट में करीब दो से तीन साल तक टैक्सी चलाई. इसके अलावा उन्होंने वेटर के तौर पर भी काम किया और कार धोने का काम भी किया. इन कामों से वह अपनी जरूरतों और पढ़ाई का खर्च निकालते थे. View on Instagram Randeep’s Acting Journey : हिंदुस्तान लौटकर शुरू किया एक्टिंग सफर ऑस्ट्रेलिया से वापस हिंदुस्तान आने के बाद रणदीप ने मॉडलिंग शुरू की. इसके साथ ही वह थिएटर से भी जुड़े. थिएटर ने उन्हें एक्टिंग को बेहतर तरीके से समझने में मदद की. इसके बाद उन्हें मीरा नायर की फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ में काम करने का मौका मिला. यह फिल्म उनके करियर की शुरुआत बनी. इसके बाद रणदीप ने कई फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे बॉलीवुड में अपनी जगह बना ली. Randeep’s Role Transformations : हर किरदार में बदले रणदीप रणदीप हुड्डा ने अपने करियर में हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश की है. उन्होंने सिर्फ हीरो वाली छवि तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ‘सरबजीत’, ‘हाईवे’, ‘रंग रसिया’ और ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए. इन भूमिकाओं के लिए उन्होंने अपने लुक और शरीर में भी बदलाव किए. यही फैसला उनके करियर का सबसे अच्छा मूव साबित हुआ और उन्हें एक ऐसे एक्टर के रूप में पहचान मिली, जो हर किरदार में खुद को ढाल सकता है. View on Instagram Randeep’s Controversies : विवादों के चलते सुर्खियों में रहे रणदीप रणदीप हुड्डा का नाम कई बार विवादों में भी आया है. साल 2021 में उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. इस वीडियो में उन्होंने मायावती को लेकर आपत्तिजनक मजाक किया था. वीडियो सामने आने के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के समझौते (CMS) के राजदूत के पद से हटा दिया गया था. इसके अलावा उनकी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को लेकर भी विवाद हुआ था. फिल्म में सावरकर को भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित करने वाला बताया गया था. इस दावे पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे. Randeep Rejected Aurangzeb Role : ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ठुकराया रणदीप हुड्डा ने फिल्म ‘छावा’ से जुड़ा एक बड़ा खुलासा भी किया था. उन्हें फिल्म में औरंगजेब का किरदार ऑफर हुआ था. हालांकि, उन्होंने यह रोल करने से मना कर दिया. एक्टर ने बताया था कि वह ऐसे संवेदनशील ऐतिहासिक और धार्मिक किरदारों से जुड़े विवादों से दूर रहना चाहते थे और अपने काम पर ध्यान देना चाहते थे. View on Instagram Randeep Helped Assam Flood Victims : असम बाढ़ में लोगों की मदद रणदीप हुड्डा सामाजिक कामों में भी आगे रहते हैं. असम में बाढ़ के दौरान वह प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचे थे. उन्होंने अपनी टीम के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर जरूरत का सामान और पानी पहुंचाने में मदद की. बाढ़ पीड़ितों के लिए लंगर भी लगाया गया. इस काम के लिए सोशल मीडिया पर लोगों ने रणदीप की खूब तारीफ की. Randeep Enjoys Time With Daughter : बेटी के साथ बिता रहे हैं समय रणदीप अपनी पत्नी लिन लैशराम और बेटी न्योमिका के साथ भी समय बिता रहे हैं. बेटी के जन्म के बाद रणदीप का एक अलग रूप देखने को मिला है. उन्होंने बेटी के साथ एक प्यारी तस्वीर भी शेयर की थी, जिसमें वह उसे सोने से पहले कहानी सुनाते नजर आए. फैंस को उनका यह अंदाज काफी पसंद आया था. View on Instagram Randeep Still Connected to His Village : गांव से आज भी जुड़ा है दिल रणदीप हुड्डा भले ही बॉलीवुड के बड़े एक्टर हैं, लेकिन वह अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं. हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखने वाले रणदीप को जब भी समय मिलता है, वह गांव की सादगी भरी जिंदगी का आनंद लेते हैं. ऑस्ट्रेलिया में टैक्सी चलाने से लेकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने तक, रणदीप का सफर काफी संघर्ष भरा रहा है. यही वजह है कि उनकी कहानी उन लोगों के लिए भी खास है, जो मुश्किल हालात में अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: शिल्पा शेट्टी संग तलाक की समाचार सुनकर टूट गए थे करण कुंद्रा, बोले- जिंदगी खत्म करने का ख्याल आया ये भी पढ़ें: Yami Gautam की ‘नई नवेली’ का ऐलान, परफेक्ट बहू या डायन? दशहरा पर खुलेगा राज The post Randeep Hooda Birthday Special: कभी ऑस्ट्रेलिया में चलाई टैक्सी, आज बॉलीवुड के दमदार सितारों में हैं शामिल appeared first on Naya Vichar.

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सोशल मीडिया से बच्चों को बचाने की कोशिश, पढ़ें उमेश चतुर्वेदी का लेख

किशोरों और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यूरोप के कई देशों ने पंद्रह या सोलह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी लगानी शुरू कर दी है. इसका अगुआ होने का श्रेय ऑस्ट्रेलिया को है, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिकटॉक, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्मों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसी तरह फ्रांस ऐसा कानून बनाने वाला यूरोप का पहला देश बन गया है. वहां की संसद ने पंद्रह वर्ष तक के बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने का कानून पारित कर दिया है. हालांकि, फ्रांस के सर्वोच्च न्यायालय ने इस कानून को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन माना है. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अदालत के फैसले के बाद कहा है कि इस कानून को लागू करने के लिए अदालती फैसले के मद्देनजर जरूरी सुधार कर इसे फिर से संसद से पारित कराया जायेगा. जिस पश्चिमी दुनिया में सोशल मीडिया का आविष्कार हुआ, जिन्होंने कभी अरब देशों में क्रांति के लिए सोशल मीडिया की सराहना की थी, अब उन्हें ही यह माध्यम अपने बच्चों का दुश्मन लगने लगा है. इसकी वजह है वहां के बच्चों और किशोरों का बिगड़ता मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई का गिरता स्तर. इस कारण अमेरिका तक में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लोगों में नाराजगी दिख रही है. दुनियाभर में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक के लिए उनके मानसिक स्वास्थ्य में आ रही गिरावट और बढ़ते मानसिक तनाव को जिम्मेदार माना जा रहा है. कई शोधों से पता चला है कि लगातार स्क्रीन देखने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से शिशु दूसरों की जीवनशैली से स्वयं की तुलना करने लगे हैं. इससे उनमें हीन भावना, तनाव और डिप्रेशन बढ़ रहा है. इस कारण उनकी नींद में कमी आ रही है. देर रात तक फोन चलाने के कारण बच्चों की सोने की आदत बिगड़ रही है और उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है. जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया एप्स का एल्गोरिदम ऐसा है जिससे शिशु ही नहीं, बड़े भी उसकी लत का शिकार हो रहे हैं. इसी एल्गोरिदम के कारण नकारात्मक, हिंसा प्रधान और सेक्स से जुड़ी समाचारें तथा दृश्य जल्दी वायरल होते हैं. सोशल मीडिया ट्रोलिंग और अभद्र टिप्पणियों का भी बड़ा और आसान माध्यम बन गया है. इसके चलते शिशु मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं. इसीलिए कई देशों की प्रशासनें बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी में हैं. रोक लगाने वालों में इंडोनेशिया भी शामिल हो चुका है, जिसने मार्च, 2026 से इसके नियम लागू कर दिये हैं. इनके अनुसार, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक और रोब्लॉक्स जैसे हाइ रिस्क प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगा दी गयी है. मलेशिया ने भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक लगा रखी है. संयुक्त अरब अमीरात ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम उम्र 15 वर्ष तय की है. डेनमार्क में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया ब्लॉक करने का कानून बन चुका है. इसी तरह ब्रिटेन की प्रशासन ने भी 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जो जनवरी, 2027 से प्रभावी होने जा रही है. तुर्की में भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए कानून को मंजूरी मिल चुकी है, जिसे 2026 के अंत तक लागू किया जाना है. चीन में किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह पाबंदी तो नहीं है, पर उनके लिए सख्त ‘माइनर मोड’ लागू है. ब्राजील में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने सोशल मीडिया खाते को माता-पिता या कानूनी अभिभावक से जोड़ना अनिवार्य है. जर्मनी में भी इसी तरह का नियम लागू हो चुका है. स्वीडन समेत कई अन्य देश भी ऐसी तैयारी में हैं. अपने यहां कर्नाटक भी ऐसे कानून पर काम कर रहा है. जबकि नोएडा के जिला प्रशासन ने स्कूलों में ऑनलाइन के इस्तेमाल को सीमित करने का निर्देश दिया है. इसमें दो राय नहीं कि सोशल मीडिया का उपयोग यदि सही तरीके से किया जाये, तो उसकी पहुंच और त्वरा समाज को कई तरह के लाभ दिला सकती है. व्यवस्था की खामियां उजागर करके उस पर दबाव बनाया जा सकता है. पर यह स्वीकार करने में हिचक नहीं होनी चाहिए कि देश में सोशल मीडिया अर्धनग्नता और अश्लीलता का वाहक बनता जा रहा है. सोशल मीडिया के लिए कोई सेंसर नीति न होने के चलते सबकी पहुंच किशोरों और बच्चों तक हो रही है. इसलिए जरूरी है कि पश्चिम की तरह अपने यहां भी इस पर ध्यान दिया जाये और महामारी बनने से पहले इस पर लगाम लगाने की कोशिश शुरू हो. दिसंबर, 2010 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई लोकतंत्र समर्थक लहर सोशल मीडिया के इतिहास का निर्णायक बिंदु है. सोशल मीडिया के सहारे यह लहर काहिरा के तहरीर चौक से सीरिया और लीबिया होते हुए समूचे अरब जगत में फैल गयी. हिंदुस्तान की बात करें, तो लंबे यूरोपीय शासन और शिक्षा-दीक्षा के चलते हिंदुस्तानीय मानस अपनी सांस्कृतिक जड़ों और मूल्यों से कहीं ज्यादा प्रभावित है. इसलिए यहां सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलिया और दूसरे पश्चिमी देशों जैसे प्रश्न नहीं उठे. बहरहाल, उम्मीद की जानी चाहिए कि हम भी पश्चिमी देशों से सबक लेंगे और अपने बच्चों को स्वस्थ रखने और बचाने की कोशिश करेंगे. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post सोशल मीडिया से बच्चों को बचाने की कोशिश, पढ़ें उमेश चतुर्वेदी का लेख appeared first on Naya Vichar.

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लाड़ली बहना योजना: 39वीं किस्त के 1500 रुपये के साथ मिला 250 रुपये का रक्षाबंधन गिफ्ट

Ladli Behna Yojana 39 Kist: मैहर जिले में एक राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को 1,500 रुपये की नियमित मासिक किस्त और रक्षाबंधन के तोहफे के तौर पर अतिरिक्त 250 रुपये ट्रांसफर किया. सीएम ने एक सिंगल क्लिक में 2148 करोड़ रुपये ड्रांसफर किया. स्त्रीओं के बैंक खाते में 1750 रुपये भेजे गए नियमित किस्त और विशेष सहायता मिलाकर, हर ‘लाड़ली बहना’ को DBT के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में 1,750 रुपये भेजे गए. सीएम मोहन यादव ने बहनों से मांगा आशीर्वाद मुख्यमंत्री ने कहा, “स्त्रीएं अक्सर अपने मायके से ससुराल जाने के बाद अपने परिवारों का ‘केंद्र’ और ‘ताकत’ बन जाती हैं, और प्रशासनी मदद उनकी स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकती है. जब कोई स्त्री अपने माता-पिता के परिवार में बड़ी होती है और फिर एक अनजान परिवार में जाती है, तो उसके साहस का बहुत महत्व होता है. वह वहां अपनी जगह बनाती है और उस परिवार का केंद्र और ताकत बन जाती है. अगर हम उसे वह ताकत बनने में थोड़ा भी सहयोग दे सकें, तो हमारा जीवन धन्य हो जाता है. आइए, रक्षाबंधन के शुभ त्योहार पर हम सब अपनी बहनों को याद करें. इस राशि के माध्यम से, मैं उन्हें अपना स्नेह भेज रहा हूं और हमारी प्रशासन के लिए उनका आशीर्वाद मांग रहा हूं मैं सभी बहनों को बधाई देता हूं.” ये भी पढ़ें: Bank Holidays: अगस्त में लगातार 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, निपटा लें जरूरी काम The post लाड़ली बहना योजना: 39वीं किस्त के 1500 रुपये के साथ मिला 250 रुपये का रक्षाबंधन गिफ्ट appeared first on Naya Vichar.

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भारत ने पाकिस्तान को हॉकी वर्ल्ड कप से किया बाहर, 5-3 से दी करारी शिकस्त

Hockey World Cup 2026, IND vs PAK: हॉकी वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की है. एम्सटेलवीन के वागेनर हॉकी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए ग्रुप डी के मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम ने पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर अपने अभियान को मजबूती दी. दोनों टीमों के बीच मुकाबले में शुरुआत से ही रोमांच देखने को मिला और हिंदुस्तान ने लगातार दबाव बनाए रखते हुए पाकिस्तान को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया. हिंदुस्तान के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया और पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल दागे. वहीं मंदीप सिंह, अभिषेक और हार्दिक सिंह ने भी एक-एक गोल कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने दो जबकि सूफयान खान ने एक गोल किया, लेकिन हिंदुस्तानीय टीम की आक्रामक हॉकी के सामने उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं. पहले क्वार्टर में हिंदुस्तान का दबदबा मुकाबले की शुरुआत से ही हिंदुस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया. छठे मिनट में हिंदुस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी शानदार ड्रैग-फ्लिक से गेंद को गोल में पहुंचाकर हिंदुस्तान को 1-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा, जब उसके खिलाड़ी मोहम्मद हम्मादुद्दीन को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और पाकिस्तान को दो मिनट के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्सना पड़ा. हिंदुस्तान ने इस मौके का फायदा उठाया और 11वें मिनट में मंदीप सिंह ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया. पहला क्वार्टर खत्म होने तक हिंदुस्तान ने पाकिस्तान पर 2-0 की बढ़त बना ली थी. हरमनप्रीत का दूसरा गोल दूसरे क्वार्टर में भी हिंदुस्तान ने पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा. एक और पेनल्टी कॉर्नर मिलने पर हरमनप्रीत ने अपना दूसरा गोल दाग दिया और हिंदुस्तान को 3-0 से आगे कर दिया. पाकिस्तान ने हन्नान शाहिद के गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन हिंदुस्तान ने तुरंत पलटवार किया. अभिषेक ने शानदार गोल कर हिंदुस्तान की बढ़त फिर से तीन गोल की कर दी. पाकिस्तान ने इसके बाद सूफयान खान के गोल से स्कोर 4-2 किया, लेकिन हाफ टाइम तक हिंदुस्तान मजबूत स्थिति में रहा. हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर किया गोल तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की, लेकिन हिंदुस्तान ने अपना दबदबा कायम रखा. पाकिस्तान के अरशद ने आदित्य लालगे को फाउल किया, जिसके बाद हिंदुस्तान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला. हार्दिक सिंह ने जिम्मेदारी संभाली और गेंद को गोल के निचले बाएं कोने में भेजकर हिंदुस्तान का पांचवां गोल कर दिया. इसके साथ ही हिंदुस्तान ने 5-2 की बढ़त हासिल कर ली. चौथे क्वार्टर में पाकिस्तान ने की वापसी की नाकाम कोशिश चौथे क्वार्टर की शुरुआत में पाकिस्तान ने तेज शुरुआत की. हन्नान शाहिद ने एक और गोल कर हिंदुस्तान की बढ़त को 5-3 कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने लगातार हमले किए और हिंदुस्तानीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की. हालांकि, हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और पाकिस्तान को ज्यादा मौके नहीं दिए. आखिरी सीटी बजते ही हिंदुस्तान ने 5-3 से शानदार जीत दर्ज कर ली. हिंदुस्तान के लिए क्यों खास थी यह जीत? हिंदुस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था. टीम ने अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराया था, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ उसे 2-4 से हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हिंदुस्तान के लिए अगले दौर की राह आसान करने वाली साबित हुई. वहीं पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था. इंग्लैंड के खिलाफ हार और वेल्स के खिलाफ ड्रॉ के बाद उसके खाते में सिर्फ एक अंक था. हिंदुस्तान के खिलाफ हार के साथ उसकी आगे बढ़ने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा. हिंदुस्तान ने इस जीत के साथ एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों के दबाव में टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का माद्दा रखती है. हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में हिंदुस्तानीय टीम ने आक्रामक हॉकी, शानदार पेनल्टी कॉर्नर और मजबूत डिफेंस के दम पर पाकिस्तान को 5-3 से शिकस्त देकर मुकाबला अपने नाम किया. The post हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को हॉकी वर्ल्ड कप से किया बाहर, 5-3 से दी करारी शिकस्त appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली के CNG स्टेशन में जोरदार धमाका, ट्रक का गैस सिलेंडर फटा; 3 की मौत

Delhi CNG Blast: दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में बुधवार को एक CNG स्टेशन पर ट्रक का गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया. पुलिस के मुताबिक, घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले सभी फ्यूल स्टेशन के कर्मचारी बताए जा रहे हैं. विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे. जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने बताया कि हादसा CNG स्टेशन पर हुआ हुआ, जहां ट्रक का गैस सिलेंडर फट गया. विस्फोट तब हुआ जब ट्रक सीएनजी री-फीलिंग करा रहा था. समाचार लिखे जाने तक घटना के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है. Also read : हिंदुस्तान ने फिलिस्तीन के लिए बढ़ाया मदद का हाथ, वेस्ट बैंक में नए अस्पताल का काम जल्द होगा शुरू The post दिल्ली के CNG स्टेशन में जोरदार धमाका, ट्रक का गैस सिलेंडर फटा; 3 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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हेट स्पीच मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ वारंट जारी

महुआ मोइत्रा ने 12 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,देश के युवाओं और सैनिकों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसके खिलाफ 17 जून को कृष्णानगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. अदालत ने महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी कर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद वह सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुईं. अदालत ने बुधवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है.असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शीर्षेंदु दास ने एएनआई से बातचीत में कहा कि आज अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. महुआ मोइत्रा के बयान का बड़ी संख्या में स्त्रीओं ने विरोध किया था. महुआ मोइत्रा को तीन बार समन जारी किया गया था. लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं. 18 जून उनके कोर्ट में पेश होने का आखिरी दिन था. लेकिन वह उस दिन भी नहीं आईं. 19 जून को कोर्ट ने उन्हें आज पेश होने का एक खास मौका दिया था. वह आज भी कोर्ट नहीं आईं, जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट के जज दिव्येंदु दास ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया. The post हेट स्पीच मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ वारंट जारी appeared first on Naya Vichar.

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‘UP में फिल्म सिटी की शूटिंग चालू है’, इटावा एनकाउंटर में दारोगा के वीडियो पर अखिलेश ने कसा तंज

UP Politics News: उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस मुठभेड़ के बाद सामने आए एक वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना पर तंज कसा और कहा कि अपराधी का पकड़ा जाना सराहनीय है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई को लेकर जिस तरह का वीडियो सामने आया है, वह कई सवाल खड़े करता है. अखिलेश ने साधा निशाना अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की शूटिंग चल रही है और पुलिस के लोग ही कथा-पटकथा लिखने से लेकर निर्देशन और वेश-भूषा तक संभाल रहे हैं. उन्होंने इटावा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने एनकाउंटर में अपराधी को पकड़ा और दरोगा ने मौके पर ही पट्टी बांधकर उससे पूछताछ कर ली. अखिलेश ने कसा तंज अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि शायद अपराधी के थाने पहुंचने तक चार्जशीट भी तैयार कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अपराधी का पकड़ा जाना अच्छी बात है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई का दिखावा करके झूठी बात को सच साबित करने की कोशिश करना उनके मुताबिक, कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी इसका दुरुपयोग कर रहे हैं. कानून-व्यवस्था पर उठाया सवाल सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही अपराधी बनाया जा रहा है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता और तय कानूनी प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल खड़े किए. अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में प्रशासन पर तंज कसते हुए पूछा, “उप्र में कोई गृहमंत्री है क्या?” Also Read: शादी के तीन महीने बाद उजड़ा पत्नी का सुहाग, रायबरेली में तालाब में डूबने से युवक की मौत The post ‘UP में फिल्म सिटी की शूटिंग चालू है’, इटावा एनकाउंटर में दारोगा के वीडियो पर अखिलेश ने कसा तंज appeared first on Naya Vichar.

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तेजस्वी का राजभवन मार्च: बैरिकेडिंग तोड़ी, वाटर कैनन चला, हिरासत में लिए गए, राज्यपाल से नहीं हुई मुलाकात, जानिए दिनभर क्या-क्या हुआ

Tejashwi Yadav Rajbhawan March: बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के आरोप को लेकर बुधवार को तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे. RJD ने पटना में जेपी गोलंबर से राजभवन तक मार्च निकाला. करीब 5 किलोमीटर के इस मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए. मार्च के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ी गई. इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे के पास पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई. उनके साथ RJD सांसद मीसा हिंदुस्तानी समेत पार्टी के कई नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे. मार्च में सीवान की घटना को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा गया. तेजस्वी ने छात्रों पर कथित फायरिंग के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा. डाकबंगला पर बैरिकेडिंग तोड़ी मार्च आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा. यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी. तेजस्वी यादव और उनके समर्थक बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस की तरफ पानी की बोतलें फेंकीं. वहीं, कुछ लोग लकड़ी की AK-47 लेकर मार्च में पहुंचे थे. तेजस्वी और मीसा हिंदुस्तानी हिरासत में मार्च के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव और RJD सांसद मीसा हिंदुस्तानी को हिरासत में ले लिया. दोनों को सचिवालय थाना ले जाया गया. करीब एक घंटे बाद दोनों को छोड़ दिया गया. बाहर आने के बाद तेजस्वी ने साफ कहा कि वह जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था. जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है.” ‘छात्रों पर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया?’ हिरासत से बाहर आने के बाद तेजस्वी यादव ने प्रशासन पर हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया था. तेजस्वी ने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. जब तक मुख्यमंत्री जिम्मेदारी तय नहीं करते और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक RJD का संघर्ष जारी रहेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें राजभवन पहुंचा RJD का प्रतिनिधिमंडल तेजस्वी यादव के मार्च के बीच RJD का प्रतिनिधिमंडल लोक भवन पहुंचा. इस दौरान राज्यपाल वहां मौजूद नहीं थे. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के सचिव को अपना ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और कथित फायरिंग की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की गई. मनोज झा बोले- ‘एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं हो रही’ ज्ञापन सौंपने के बाद RJD नेता मनोज कुमार झा ने प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों पर AK-47 चलाए जाने का आरोप गंभीर है. उन्होंने कथित हलफनामे और गोली चलने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए. मनोज झा ने कहा कि गर्दनीबाग में छात्र लगातार बैठे हैं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल हैं. उनका आरोप था कि प्रशासन ने शिक्षा और रोजगार के ढांचे को कमजोर कर दिया है. इन सभी मुद्दों को राज्यपाल के सचिव के सामने रखा गया है. पांच साल बाद सड़क पर उतरे तेजस्वी तेजस्वी यादव करीब पांच साल बाद किसी बड़े मुद्दे पर सड़क पर संघर्ष करते नजर आए. इससे पहले 2021 में बिहार प्रशासन के एक प्रस्ताव के विरोध में उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन किया था. इस बार छात्र आंदोलन और कथित AK-47 फायरिंग के मुद्दे ने RJD को सड़क पर उतरने का मौका दिया. दिनभर चले मार्च में पार्टी ने प्रशासन से जवाब और कार्रवाई की मांग की. वहीं, पुलिस ने भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और बल की तैनाती की. Also Read:  राज्यपाल से मुलाकात नहीं, सेक्रेटरी को सौंपा ज्ञापन, लोकभवन से बाहर निकला RJD का प्रतिनिधिमंडल The post तेजस्वी का राजभवन मार्च: बैरिकेडिंग तोड़ी, वाटर कैनन चला, हिरासत में लिए गए, राज्यपाल से नहीं हुई मुलाकात, जानिए दिनभर क्या-क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: तारीखों का ऐलान, जानिए कब पड़ेंगे वोट और किस दिन आएंगे नतीजे

Rajasthan Nikay Chunav 2026 Date: राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया, राजस्थान निकाय चुनाव दो चरणों में होगा. 9 और 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि 14 सितंबर को परिणाम आएंगे. इस चुनाव में 309 निकायों में 14403853 मतदाता वोटिंग में हिस्सा लेंगे. जयपुर नगर निगम में सबसे अधिक 242083 मतदाता हैं, जबकि नगरपालिका इंद्रगढ़ में सबसे कम 4744 मतदाता हैं. निकाय चुनाव का देखें पूरा कार्यक्रम मतदान का पहला चरण: 9 सितंबर 2026 मतदान का दूसरा चरण: 11 सितंबर 2026 नतीजों की घोषणा: 14 सितंबर 2026 आदर्श आचार संहिता लागू निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गया. मतदान का समय चुनाव आयोग ने बताया, मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक वोट डाले जाएंगे. EVM से होगी वोटिंग चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव EVM के माध्यम से कराने का फैसला लिया है. चुनाव आयोग ने बताया, एक नगरपालिका में एक ही मॉडल की मशीनों का उपयोग होगा. वार्ड और मतदान केंद्रों की संख्या चुनाव आयोग के अनुसार निकाय चुनाव के लिए 7500 वार्डों में मतदान कराए जाएंगे. मतदान के लिए 16465 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. ये भी पढ़ें: खड़गपुर-भद्रक रेल प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी, 173 किमी लंबी लाइन पर खर्च होंगे 3,352 करोड़ रुपये The post राजस्थान निकाय चुनाव 2026: तारीखों का ऐलान, जानिए कब पड़ेंगे वोट और किस दिन आएंगे नतीजे appeared first on Naya Vichar.

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Tejashwi Yadav Rajbhawan March LIVE: तेजस्वी के राजभवन मार्च से पहले चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात, सड़क पर उतरेंगे नेता-कार्यकर्ता

Tejashwi Yadav Rajbhawan March LIVE: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजभवन मार्च करेंगे. इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं. डाकबंगला चौराहे पर पुलिस फोर्स तैनात है. इसके साथ ही चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है. The post Tejashwi Yadav Rajbhawan March LIVE: तेजस्वी के राजभवन मार्च से पहले चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात, सड़क पर उतरेंगे नेता-कार्यकर्ता appeared first on Naya Vichar.

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