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बिहार के डिप्टी सीएम बोले- मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की भी आई प्रतिक्रिया

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. इस घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. दोनों नेताओं ने हादसे की जांच का आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दिए जांच के आदेश स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मौत की समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. निशांत कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने को कहा गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी. ‘आग लगने के कारणों की होगी गंभीर जांच’ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि किसी अस्पताल में इस तरह की दुर्घटना होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि प्रशासन यह पता लगाएगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी और अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार कदम उठाए जाएंगे. देर रात मची अफरा-तफरी, मरीजों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के इस निजी अस्पताल में देर रात अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग अस्पताल के एक बड़े हिस्से में फैल गई. उस समय अस्पताल में मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे. आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. कई लोगों ने जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. चार लोगों की मौत, इलाके में शोक का माहौल इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. Also Read: मुजफ्फरपुर: अस्पताल अग्निकांड में 4 मरीज जिंदा जले, 20+ रेस्क्यू, 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान The post बिहार के डिप्टी सीएम बोले- मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की भी आई प्रतिक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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गयाजी में तैयार हो रही बिहार की पहली सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, अमृतसर-कोलकाता जैसी मिलेगी मॉडर्न फैसिलिटी

पटना से अनुराग प्रधान की रिपोर्टIndustrial Township: बिहार की पहली और सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (आईएमसी गया) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (एकेआईसी) के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना बिहार को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इस परियोजना का जमीनी कार्य शुरू हो चुका है. अधिकारियों के अनुसार, आईएमसी गया को मॉडर्न सुविधाओं से लैस औद्योगिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आवासीय सुविधाओं का विकास होगा. निवेश और रोजगार का बनेगा बड़ा केंद्र आईएमसी गया के विकसित होने से बिहार में बड़े पैमाने पर घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है. परियोजना के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इससे न केवल गयाजी बल्कि आस-पास के जिलों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार से होने वाले श्रमिक पलायन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी, क्योंकि युवाओं को अपने राज्य में ही रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध होंगे. मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी होगी सबसे बड़ी ताकत आईएमसी गया की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी होगी. सड़क, रेल और हवाई संपर्क के लिहाज से यह औद्योगिक क्षेत्र देश के प्रमुख बाजारों से जुड़ा होगा. इससे उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आयेगी. गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राष्ट्रीय राजमार्गों और पूर्वी हिंदुस्तान के प्रमुख रेल नेटवर्क की निकटता इस परियोजना को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी. आधुनिक बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर परियोजना के तहत वर्ल्ड क्लास सड़कें, जलापूर्ति व्यवस्था, बिजली, सीवरेज नेटवर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी, हरित क्षेत्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी. इसे भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है ताकि उद्योगों को एक सक्षम और प्रतिस्पर्धी वातावरण मिल सके. बिहार के औद्योगिक भविष्य की नई पहचान राज्य प्रशासन का मानना है कि आईएमसी गया केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के औद्योगिक पुनर्जागरण की आधारशिला है. यह परियोजना बिहार को विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभायेगी. औद्योगिक गलियारों के विकास की राष्ट्रीय नीति के अनुरूप तैयार की जा रही यह टाउनशिप आने वाले सालों में बिहार की वित्तीय स्थिति को नई गति देने के साथ-साथ राज्य को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है. Also Read: पटना में खुलेंगे 7 फोर और फाइव स्टार होटल, 1000 करोड़ की परियोजना से मिलेगा युवाओं को रोजगार The post गयाजी में तैयार हो रही बिहार की पहली सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, अमृतसर-कोलकाता जैसी मिलेगी मॉडर्न फैसिलिटी appeared first on Naya Vichar.

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‘सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी’, ट्रंप की अलबेली परिभाषा; कहा- US सैनिक मरे तो फिर बदल जाएगी स्थिति  

Donald Trump Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सैन्य टकराव और कूटनीतिक बातचीत दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से साफ कहा है कि यदि अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए ईरान जिम्मेदार पाया गया, तो मौजूदा संघर्षविराम समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है. संघर्षविराम की ऐसी स्थिति पर, ट्रंप ने सीजफायर की ऐसी व्याख्या की है, जिसने नई बहस छेड़ दी है. संघर्षविराम पर ट्रंप ने क्या कहा? बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि वह मौजूदा हालात में सीजफायर को कैसे परिभाषित करेंगे. जवाब में ट्रंप ने कहा कि दुनिया के उस हिस्से में सीजफायर का मतलब अलग हो सकता है. उनके मुताबिक, वहां संघर्षविराम का अर्थ यह भी हो सकता है कि दोनों पक्ष पहले की तुलना में कम तीव्रता से गोलीबारी कर रहे हों. ट्रंप की यह परिभाषा ऐसे समय में आई है, जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई हुई थी. Reporter: How do you define ceasefire? Trump: In that part of the world, ceasefire is when you’re shooting in a more moderate manner pic.twitter.com/wXdr2EraDC — Open Source Intel (@Osint613) June 3, 2026 ट्रंप ने सहयोगियों को क्या संदेश दिया? वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निजी तौर पर अपने करीबी अधिकारियों से कहा है कि फिलहाल ईरान के साथ जारी संघर्षविराम लागू रहेगा, लेकिन इसकी एक सीमा है. सूत्रों के अनुसार ट्रंप का मानना है कि क्षेत्र में छोटे स्तर की झड़पों को कुछ समय तक सहन किया जा सकता है, लेकिन यदि किसी हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत होती है और उसके पीछे ईरान की भूमिका साबित होती है, तो स्थिति पूरी तरह बदल सकती है. President Donald Trump has privately told aides he would consider ending the ceasefire with Iran if Tehran kills American troops, U.S. officials tell the Wall Street Journal. pic.twitter.com/yJZiWYNlXC — Open Source Intel (@Osint613) June 4, 2026 पहले क्या हुआ, जिसने तनाव बढ़ाया? उनका यह बयान तुरंत चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि उसी दिन खाड़ी क्षेत्र में नए हमले हुए थे. ताजा घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप स्थित एक सैन्य नियंत्रण केंद्र और होर्मुज स्ट्रेट के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाया. ईरान ने इसे उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमला किया. बुधवार को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने कुवैत और बहरीन में कई ठिकानों को निशाना बनाया. सबसे गंभीर हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ, जहां एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत हो गई. इसके अलावा कम से कम 63 यात्री और कर्मचारी घायल हुए. ट्रंप बोले- हर कार्रवाई के पीछे कोई वजह होती है पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या सीजफायर अब भी प्रभावी है, तो उन्होंने कहा कि हर घटना के पीछे कोई न कोई कारण होता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले कुछ दिनों में ईरान पर काफी कड़े हमले किए हैं और ईरान की हालिया प्रतिक्रिया उसी का परिणाम है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान की कार्रवाई एक तरह से जवाबी प्रतिक्रिया थी. हालांकि, उन्होंने ताजा हमलों के महत्व को कम करके दिखाया और कहा कि स्थिति को जल्द नियंत्रण में ले लिया गया. क्या बातचीत बंद हो गई है? हाल के दिनों में ईरानी प्रशासनी मीडिया में ऐसी समाचारें सामने आई थीं कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता रुक गई है. लेकिन ट्रंप ने इन दावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है और बातचीत की प्रक्रिया जारी है. उनके अनुसार, संवाद के रास्ते बंद नहीं हुए हैं और वार्ता बिना रुकावट आगे बढ़ रही है. तीन महीने से ज्यादा समय से जारी है संकट अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था. इसके बाद से खाड़ी क्षेत्र में कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं. ईरान ने इस दौरान उन इलाकों को भी निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं. लगातार बढ़ते तनाव के बीच 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच एक संघर्षविराम लागू हुआ था. हालांकि, इसके बाद भी समय-समय पर हिंसक घटनाएं होती रहीं और सीजफायर पूरी तरह स्थिर नहीं रह पाया. ये भी पढ़ें:- UN इतिहास में पहली बार… सुरक्षा परिषद चुनाव में किर्गिस्तान जीता, जर्मनी हारा; हिंदुस्तान को चेतावनी  ये भी पढ़ें:- जिसके लिए तबाह हो रहा ईरान, वही धड़ल्ले से बना रहा नॉर्थ कोरिया, किम जोंग ने खोला नया परमाणु पिटारा होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा इस पूरे विवाद के केंद्र में होर्मुज स्ट्रेट है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. संघर्ष शुरू होने के बाद से यह मार्ग काफी हद तक प्रभावित रहा है. युद्ध से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का परिवहन इसी रास्ते से होता था.  अमेरिका लगातार इस जलमार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इस मुद्दे को व्यापक सुरक्षा और नेतृत्वक समझौते से जोड़कर देख रहा है. साथ ही ईरान होर्मुज पर टोल व्यवस्था लगाना चाहता है, जिससे वह इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से पैसे वसूल कर सके.   अमेरिका ईरान को किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर पावर बनते नहीं देखना चाहता. वह चाहता है कि ईरान अपने 400 किग्रा से ज्यादा के एनरिच्ड यूरेनियम को नष्ट करे या फिर किसी अन्य देश को सौंप दे. लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं. इसके साथ ही ईरान अपने फ्रीज किए गए एसेट्स को भी वापस चाहता है, जो पश्चिमी और अन्य देशों में है. वह युद्ध में  हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह प्रयास कर रहा है.  आगे क्या? मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है. एक ओर बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर मिसाइल और ड्रोन हमले भी रुक नहीं रहे हैं. ऐसे में ट्रंप का यह बयान कि ‘सीजफायर का मतलब कम तीव्रता वाली गोलीबारी भी हो सकता है’,

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नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया

Rahul Gandhi : नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रशासन पर हमला बोला है और कहा कि इस प्रशासन ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन नीट पेपर लीक होने की वजह से उसकी जान चली गई. आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया जो एक पिता कर सकता है राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया, जो एक पिता कर सकता है. उन्होंने आकांक्षा की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, कुक की नौकरी की, लेकिन परिणाम क्या निकला? उनकी बेटी परीक्षा स्थगित होने की वजह से इस दुनिया को अलविदा कह गई. राहुल गांधी लिखते हैं कि आकांक्षा के पिता किसान हैं. बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज लिया है और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके. आकांक्षा ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी और फिर परीक्षा स्थगित हो गई. परीक्षा स्थगित होने से आकांक्षा सदमे में चली गई और उसने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली. मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था आकांक्षा की मौत की वजह राहुल गांधी ने आकांक्षा की मौत के लिए मोदी प्रशासन की भ्रष्ट व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है. वे लिखते हैं कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है. वे तंज कसते हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज भी अपने पद पर बने हुए हैं. केवल कुछ कमेटी बन रही है, ट्रांसफर हो रहे हैं और जांच हो रही है. व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है और ना ही पीड़ितों को न्याय मिल रहा है. इसे भी पढ़ें : बढ़ता शहरीकरण गर्मी में ज्यादा बीमार कर रहा है डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री, संविधान की प्रति हाथ में लेकर ली शपथ The post नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी प्रशासन पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग 

गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट  Garhwa News: एक तरफ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गढ़वा जिले के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की व्यवस्था इन दिनों खुद ‘वेंटिलेटर’ पर नजर आ रही है. इस भीषण गर्मी के बीच ब्लड बैंक के एसी और पंखे लंबे समय से खराब पड़े हैं. स्थिति इतनी खराब है कि रक्तदाताओं और मरीजों को गर्म वातावरण में उबलते हुए रक्तदान करना पड़ रहा है. ब्लड बैंक में सिर्फ हवा-पानी की ही किल्लत नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक उपकरणों का भी टोटा है.  जरूरी उपकरणों की कमी पर सवाल रक्तदाताओं से मिली जानकारी के मुताबिक रक्त संग्रह के समय ब्लड बैग के वजन और खून की सटीक मात्रा की निगरानी करने वाली मशीन ही उपलब्ध नहीं है. मशीन न होने के कारण नीचे जमीन पर रखकर अनुमान के आधार पर ही ब्लड बैग भरा जा रहा है, जो कि मेडिकल मानकों के लिहाज से बेहद गंभीर और चिंता का विषय है.  नियमित रक्तदाताओं में नाराजगी  नियमित रक्तदाता अतुलधर दुबे ने ब्लड बैंक की बदहाली पर गहरा रोष जताया है. उन्होंने कहा, “हम लोग समाज को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन यहां की स्थिति डराने वाली है. न पंखे चल रहे हैं, न एसी. रक्तदान के बाद वैसे ही शरीर को आराम और ठंडक की जरूरत होती है. अगर इस उमस और गर्मी में कोई रक्तदाता बेहोश होकर गिर जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?  विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल  स्थानीय लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण अब लोग इस चिलचिलाती गर्मी में रक्तदान केंद्र आने से कतराने लगे हैं, जिससे ब्लड बैंक में खून की कमी भी हो सकती है. बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक की इस दुर्दशा की जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों को काफी पहले ही दे दी गई है, लेकिन अब तक इसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग का यह उदासीन रवैया जागरूकता अभियानों की हवा निकाल रहा है. ब्लड बैंक जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसी लापरवाही मरीजों की जान से खिलवाड़ के बराबर है. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा इस समाचार के बाद कब तक नींद से जागता है और व्यवस्था दुरुस्त करता है.  यह भी पढ़ें: कोडरमा विधायक के ड्राइवर राजकुमार यादव हत्याकांड को लेकर फूटा जनाक्रोश, दो घंटे तक सड़क जाम यह भी पढ़ें: रांची के बहुबाजार-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाई ओवर का काम सिर्फ 37%, 14 जून को खत्म हो रही डेडलाइन The post गढ़वा सदर अस्पताल का ‘ब्लड बैंक’ बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग  appeared first on Naya Vichar.

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80% तक फुल स्पीड, फिर अचानक क्यों सुस्त पड़ जाती है EV की चार्जिंग? जानिए असली वजह

Fast EV Charging: इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने के बाद ज्यादातर लोग चार्जिंग स्पीड को लेकर शिकायत करते हैं. खासकर तब, जब बैटरी 80% तक चार्ज होने के बाद अचानक स्लो चार्ज होने लगे. शुरुआत में तो कई लोग ये समझ लेते हैं, कि उनकी चार्जर या बैटरी में ही कोई खराबी है, जबकि असली वजह कुछ और ही होती है. दरअसल, 80% चार्ज होने के बाद चार्जिंग स्पीड का स्लो होना एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी का एक सामान्य हिस्सा है. आइए जानते हैं क्यों होता है ऐसा. लास्ट 20% चार्ज होने में क्यों लगता है ज्यादा समय? चार्ज लेवल कम रहने पर EV की बैटरी स्पीड में चार्ज होती है. लेकिन जैसे-जैसे बैटरी का चार्ज बढ़ने लगता है, इलेक्ट्रिक गाड़ी की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम चार्जिंग स्पीड को कम करना शुरू कर देती है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है ताकि चार्जिंग के दौरान बैटरी ज्यादा गर्म न हो जाए. साथ ही उसकी लंबी उम्र भी बनी रहे. यही कारण है कि 20% से 80% तक पहुंचने के बाद 100% तक चार्ज होने में काफी समय लगा देती है. यानी 80% के बाद स्लो चार्ज किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि बैटरी की सेफ्टी के लिए अपनाया गया एक सामान्य प्रोसेस है. कौन-सी गलती बढ़ा देती है आपका इंतजार? कई लोग EV चार्जिंग को गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जैसा मानते हैं और बैटरी को हर बार 100% तक चार्ज करने की कोशिश करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी का चार्ज लेवल आमतौर पर 20% से 80% के बीच रखना बेहतर माना जाता है. इससे न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ती है, बल्कि चार्जिंग में लगने वाला समय भी कम हो जाता है. लंबे ट्रिप्स के दौरान 100% चार्ज का इंतजार करने के बजाय उतनी ही चार्जिंग करना ज्यादा समझदारी है, जिससे आप आसानी से अगले चार्जिंग स्टेशन तक पहुंच सकें. EV इस्तेमाल को आसान बनाने का सरल तरीका EV चार्जिंग को यात्रा की जरूरत के हिसाब से समझना जरूरी है. अगर आप केवल अगले पड़ाव तक पहुंचने लायक रेंज पर ध्यान देंगे, तो चार्जिंग का अनुभव काफी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा. दरअसल, EV चार्जिंग से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या चार्जर या बैटरी की खराबी नहीं होती, बल्कि इसके काम करने के तरीके को लेकर गलतफहमी होती है. एक बार जब आप समझ जाते हैं कि एडवांस्ड EV बैटरियां कैसे काम करती हैं, तो चार्जिंग में होने वाली देरी परेशान करने वाली नहीं लगती और लंबी यात्राओं की योजना बनाना भी काफी आसान हो जाता है. यह भी पढ़ें: HF Deluxe Flex Fuel vs Petrol: किस बाइक पर पैसे खर्च करना सही रहेगा? जानें यहां The post 80% तक फुल स्पीड, फिर अचानक क्यों सुस्त पड़ जाती है EV की चार्जिंग? जानिए असली वजह appeared first on Naya Vichar.

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लोकसभा में अभिषेक बनर्जी को नेता पद से हटाने की तैयारी, लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव

मुख्य बातें पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके हैं अभिषेक सांसदों की बढ़ रही है ममता से दूरी तृणमूल क्या सोच रही है ​​Abhishek Banerjee: कोलकाता/ नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस में फूट के बाद अब लोकसभा में बागी गुट अपना नेता चुनने की तैयारी में जुट गया है. पार्टी में कभी दूसरे नंबर के नेता रहे अभिषेक बनर्जी आज पार्टी के भीतर अलग-थलग पड़ गए हैं. लोकसभा में पार्टी नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी चल रही है. तृणमूल कांग्रेस के अंदरखाने यह बात चल रही है कि तृणमूल की संसदीय दल की बैठक बुलायी जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि कई सांसद बागी गुट के के संपर्क में नहीं हैं. दिल्ली की नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस का भविष्य क्या होगा, यह देखना बाकी है. पार्टी में अलग-थलग पड़ चुके हैं अभिषेक विधानसभा में 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रता बनर्जी विपक्ष के नेता का पदभार ग्रहण कर चुके हैं. पद पर बैठते ही उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक पर जमकर हमले किए हैं. इस माहौल में लोकसभा में पार्टी विभाजन का नेतृत्व कौन कर रहा है. अटकलें तेज हैं. कहा जा रहा है कि बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार जांच के दायरे में हैं. सुखेन्दुशेखर रॉय पहले ही राज्यसभा में हैं. ममता बनर्जी के धरने में सिर्फ छह लोग शामिल हुए हैं. अभिषेक के अलावा अनुपस्थित लोगों को लेकर भी जमकर चर्चाएं चल रही हैं. सांसदों की बढ़ रही है ममता से दूरी पिछले कुछ दिनों में देखा जा रहा है कि पार्टी के मशहूर सांसद ममता से दूरी बढ़ा रहे हैं. कल्याण-काकली विवाद पर दबाव कम नहीं हुआ है. काकली ने खुद कल्याण के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उन्होंने ये आरोप लोकसभा अध्यक्ष के सामने रखे हैं. अब क्या अन्य सांसद भी मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी के खिलाफ काकली के आरोपों से सहमत होंगे. यह सवाल और भी गंभीर होता जा रहा है. इस बीच, प्रशासन संसद में तृणमूल कांग्रेस को भंग करने के लिए परिसीमन विधेयक को फिर से लाने की तैयारी कर रही है. जेपीसी के विचाराधीन ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक को भी जल्द पारित कराने के लिए प्रशासन प्रयास में है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तृणमूल क्या सोच रही है दूसरी ओर, विधानसभा में पार्टी के विभाजन और लोगो के अधिकारों को लेकर अनिश्चितता के संदर्भ में, ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल ने कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, स्पीकर की भूमिका को ध्यान में रखा जा रहा है. ममता की नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस उचित समय पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी. तृणमूल नेता ममता बनर्जी के 8 तारीख को दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होंने की उम्मीद है. उस दौरान वे शीर्ष वकीलों से अलग से बात करेंगी. इस संबंध में महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के बीच लोगो का मामला और नेतृत्व विवाद निर्णायक भूमिका निभाएगा. Also Read: ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, राष्ट्रविरोधी टिप्पणी करने का आरोप The post लोकसभा में अभिषेक बनर्जी को नेता पद से हटाने की तैयारी, लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे

IIT ISM Dhanbad BTech Admission 2026: झारखंड के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज IIT ISM धनबाद में BTech सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं. पिछले साल भी 1210 सीटें थीं और इस साल भी उतनी ही हैं. कॉलेज प्रशासन ने सभी ब्रांचों में लगभग वही सीट स्ट्रक्चर रखा है. इसका मतलब है कि कंपटीशन इस बार भी पहले जैसा ही रहेगा और कटऑफ में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है. आइए ब्रांच वाइज सीटों की डिटेल्स जानते हैं. IIT ISM Dhanbad ब्रांच वाइज सीटें IIT ISM धनबाद में कुल 1210 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें अलग अलग ब्रांच और कोर्स शामिल हैं जैसे BTech, Dual Degree और Integrated MSc. हर ब्रांच में सीटों का बंटवारा तय कर दिया गया है. कुछ ब्रांचों में ज्यादा सीटें हैं जैसे Computer Science और Mechanical Engineering जबकि कुछ में कम सीटें हैं जैसे Geology और Physics से जुड़े कोर्स. ब्रांच का नाम सीटों की संख्या केमिकल इंजीनियरिंग 49 सिविल इंजीनियरिंग 70 कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 145 इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 130 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन 130 इंजीनियरिंग फिजिक्स 32 एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग 50 मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग 75 मैकेनिकल इंजीनियरिंग 130 जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग 21 जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी 21 माइनिंग इंजीनियरिंग 60 माइनिंग मशीनरी इंजीनियरिंग 47 पेट्रोलियम इंजीनियरिंग 79 मिनरल एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग 37 फिजिकल साइंस (इंटीग्रेटेड) 20 केमिकल साइंस (इंटीग्रेटेड) 20 सबसे ज्यादा सीटें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (BTech CSE) में हैं जो 145 हैं. इसके बाद इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 130-130 सीटें हैं. वहीं दूसरी तरफ Geological Engineering और Geophysical Technology जैसी ब्रांचों में सबसे कम सीटें हैं जो सिर्फ 21-21 हैं. IIT ISM Dhanbad Admission 2026 BTech Seat Matrix Check Here एडमिशन कैसे होगा? एडमिशन की प्रक्रिया JoSAA Counselling 2026 के जरिए होगी. सबसे पहले उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद कॉलेज और ब्रांच की चॉइस भरनी होगी. सीट अलॉटमेंट राउंड के अनुसार होगा. जिन छात्रों को सीट मिलेगी उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस पेमेंट करना होगा. यह भी पढ़ें: IITs में बढ़ गईं BTech की सीटें, कंप्यूटर साइंस से ज्यादा इस ब्रांच में होगा एडमिशन The post IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे appeared first on Naya Vichar.

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विराट कोहली अफगानिस्तान सीरीज से बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला 

Virat Kohli: हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस के लिए एक हैरान करने वाली समाचार आ रही है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली स्पोर्ट्सते हुए नजर नहीं आएंगे. कोहली का इस सीरीज में न होना टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है. क्यों बाहर हुए विराट कोहली स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण इस सीरीज में नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वनडे सीरीज से बाहर हुए विराट कोहली हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से रोमांचक क्रिकेट सीरीज की शुरुआत होने जा रही है. इस दौरे की शुरुआत न्यू चंडीगढ़ में 6 से 10 जून तक होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से होगी, जिसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज स्पोर्ट्सी जाएगी. लेकिन इस वनडे सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय खेमे से एक बेहद निराश करने वाली समाचार आ रही है. टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे. कौन लेगा किंग कोहली की जगह विराट कोहली की गैरमौजूदगी में सिलेक्टर्स के सामने उनके रिप्लेसमेंट को चुनने की चुनौती होगी. समाचारों की मानें तो टीम में उनकी जगह युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल या ऋतुराज गायकवाड़ को शामिल किया जा सकता है. टी20 और टेस्ट से ले चुके हैं संन्यास गौरतलब है कि विराट कोहली पहले ही टी-20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट स्पोर्ट्सते हैं. ऐसे में वनडे सीरीज से भी उनके बाहर होने की समाचार ने फैंस को बड़ा झटका दिया है. रोहित शर्मा की फिटनेस पर टिकी नजरें दूसरी ओर, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को 19 मई को इस ऐतिहासिक सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम में जगह तो मिली थी, लेकिन वह पूरी सीरीज स्पोर्ट्स पाएंगे या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस है. रोहित को फिटनेस के आधार पर ही स्क्वॉड में चुना गया था, क्योंकि आईपीएल 2026 के दौरान उन्हें भी हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझना पड़ा था. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट उन्हें लेकर क्या फैसला करता है. वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का स्कवॉड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे यह भी पढ़े- डायना श्नाइदर का बड़ा उलटफेर, वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह The post विराट कोहली अफगानिस्तान सीरीज से बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला  appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर: फायरमैन से सुनिये आंखों देखा हाल, निजी अस्पताल में अगलगी, खिड़की तोड़कर रेस्क्यू, 4 की मौत

Muzaffarpur Fire: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में गुरुवार सुबह एक निजी अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया. हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में अगलगी के बाद मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी से तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव अभियान के दौरान 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला. वही दम घुटने से चार मरीजों की मौत हो गई. अब इस मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें फायर ब्रिगेड टीम के सदस्य ने आंखों देखा हाल बताया है. #WATCH | मुजफ्फरपुर, बिहार: एक अन्य दमकलकर्मी ने बताया, “मैंने करीब 15 लोगों को बचाया। जब हम लोगों को बचाने में व्यस्त थे, तब वहां बहुत ज़्यादा धुआं था। मेरा काम आग बुझाना था…” pic.twitter.com/BtgmNj6MoR — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 4, 2026 खिड़की-दरवाजे तोड़कर घुसी रेस्क्यू टीम डीएम सुब्रत कुमार सेन ने भी घटना में चार मौत की पुष्टि की है. मौके पर FSL की टीम पहुंची है और घटना की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ICU वार्ड में आग लग गयी थी. यह भी बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंची दमकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों तक पहुंच बनाई. फायर ब्रिगेड टीम के जवान ने क्या बताया? मौके पर मौजूद फायरमैन ने बताया, “हमें लगभग 3.50 बजे सूचना प्राप्त हुई और हम 4 बजे मौके पर पहुंच गए थे. मौके पर पहुंचकर हमने पाया कि चौथी मंजिल पर स्थित ICU वॉर्ड में आग लगी हुई है. हमने रेस्क्यू अभियान चलाकर वहां से 15 से 20 मरीजों को निकाला. उन मरीजों को दूसरे अस्पताल में ले जाया गया है. अब परिस्थिति नियंत्रण में है.” सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 4, 2026 सीएम सम्राट चौधरी ने हादसे को लेकर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है. शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें. मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है. स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है.” The post मुजफ्फरपुर: फायरमैन से सुनिये आंखों देखा हाल, निजी अस्पताल में अगलगी, खिड़की तोड़कर रेस्क्यू, 4 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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