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अब रुकेगा ईरान युद्ध! ट्रंप को अपनों से मिला झटका, US प्रतिनिधि सभा में पास हुआ सैन्य शक्तियां सीमित करने वाला प्रस्ताव

US House Limits Trump War Powers: ईरान के साथ जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी नेतृत्व में टकराव खुलकर सामने आ गया है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया है, जिसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने से रोकना है. खास बात है कि इस रिजोल्यूशन को पास कराने में ट्रंप की अपनी पार्टी (रिपब्लिकन) के लोगों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया.   डेमोक्रेट्स के प्रस्ताव को मिला कुछ रिपब्लिकनों का साथ बुधवार को प्रतिनिधि सभा में मतदान हुआ, जिसमें प्रस्ताव 215-208 मतों से पारित हो गया. इस दौरान रिपब्लिकन पार्टी के सांसद थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्जपैट्रिक, टॉम बैरेट और वॉरेन डेविडसन ने अपनी पार्टी के रुख से अलग जाकर प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. हाल के महीनों में डेमोक्रेट सांसदों की ओर से ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने में कुछ रिपब्लिकन नेताओं का भी समर्थन मिलने लगा है. संघर्ष की शुरुआत के बाद बढ़ा नेतृत्वक विवाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ 28 फरवरी से शुरू हुआ था. व्हाइट हाउस ने इस कार्रवाई के लिए कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी नहीं ली थी. अमेरिका में किसी युद्ध में जाने से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेनी पड़ती है. हालांकि, ट्रंप ने बिना परमिशन ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था. इसी मुद्दे को लेकर डेमोक्रेट सांसद लगातार राष्ट्रपति की युद्ध संबंधी शक्तियों पर नियंत्रण की मांग कर रहे थे. स्थिति तब और चर्चा में आई जब अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम की घोषणा की. बाद में अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक सीजफायर (8 अप्रैल) के बाद युद्ध से जुड़े 60 दिन की समय-सीमा फिर से शुरू हो गई थी. क्या है वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन? प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव ‘वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन’ के रूप में जाना जाता है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना अमेरिका किसी सैन्य संघर्ष में लंबे समय तक शामिल न रहे. यह एक समवर्ती प्रस्ताव (कंकरेन्ट रिजॉल्यूशन) है, जिसे कांग्रेस के दोनों सदनों की मंजूरी की आवश्यकता होती है. यानी इसे अब सीनेट के पास भेजा जाएगा. हालांकि इसे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए नहीं भेजा जाता और सामान्य परिस्थितियों में इसे कानून का दर्जा भी नहीं मिलता. वहीं, अगर यह प्रस्ताव सीनेट से भी पास हो जाता है, तो ट्रंप के पास इसे वीटो करने का अधिकार है. लेकिन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्ताव के पास होने से ट्रंप के ऊपर नेतृत्वक रूप से दबाव जरूर बढ़ेगा.  “Even if it does pass in the Senate, Trump will just veto it.” Jesse Watters reacts to the House voting to sharply curb President Trump’s war powers in Iran. https://t.co/In1L1eFeD3 — Fox News (@FoxNews) June 4, 2026 ग्रेगरी मीक्स ने बताया संविधान की रक्षा का कदम यह प्रस्ताव न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट सांसद और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मीक्स ने पेश किया था. मतदान के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि कुछ रिपब्लिकन सांसद भी इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े हुए. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सभी डेमोक्रेट सांसदों ने एकजुट होकर प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया. मीक्स ने कहा कि कांग्रेस अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाती रहेगी और जब प्रशासन संविधान के अनुरूप काम नहीं करेगा तो विधायिका नियंत्रण और संतुलन की भूमिका निभाएगी. पहले टल गया था मतदान इस प्रस्ताव पर मतदान 21 मई को होना था, लेकिन उस समय रिपब्लिकन नेताओं ने अचानक प्रक्रिया रोक दी थी. बताया गया था कि सदन में कई सांसदों की अनुपस्थिति के कारण प्रस्ताव के पारित होने की आशंका बढ़ गई थी. ग्रेगरी मीक्स ने पहले आरोप लगाया था कि प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन जानबूझकर मतदान को टाल रहे हैं.  उन्होंने यह भी कहा था कि महंगाई, ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर रिपब्लिकन सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों में दबाव महसूस कर रहे हैं. हालांकि, अब रिपब्लिकन सांसदों की वोटिंग से लग रहा है कि अमेरिकी ईरान युद्ध से थक रहे हैं. ट्रंप की नीतियों पर रिपब्लिकनों में भी असहमति ईरान नीति को लेकर केवल डेमोक्रेट्स ही नहीं, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद दिखाई दिए हैं. हाल ही में सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति समर्थित 1.8 अरब डॉलर के एक विवादित ‘एंटी-वेपनाइजेशन’ फंड का विरोध किया था. कुछ सांसदों को आशंका थी कि इस राशि का इस्तेमाल 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन पर हुए हमले से जुड़े समर्थकों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा बुधवार को इमिग्रेशन पैकेज पर बातचीत के दौरान सीनेट रिपब्लिकनों ने ट्रंप के बॉलरूम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रस्तावित फंडिंग भी हटा दी. सीनेट की संसदीय सलाहकार इकाई ने माना था कि यह प्रावधान खर्च संबंधी नियमों के अनुरूप नहीं है. माइक जॉनसन ने जताई चिंता मतदान से पहले स्पीकर माइक जॉनसन ने राष्ट्रपति की शक्तियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों का विरोध किया. उनका कहना था कि इस तरह के प्रतिबंध अमेरिका की कूटनीतिक स्थिति और बातचीत की क्षमता को कमजोर कर सकते हैं. जॉनसन ने दावा किया कि ईरान में सैन्य अभियान के लक्ष्य स्पष्ट थे और उन्हें हासिल कर लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति अब शांति समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं, इसलिए उन्हें पर्याप्त स्वतंत्रता दी जानी चाहिए. उनके मुताबिक मौजूदा समय में वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन लाना देश के हित में नहीं है और इससे अमेरिका की स्थिति कमजोर हो सकती है. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान: बच्चों के सामने स्त्री से दुष्कर्म करने वालों की फांसी की सजा बरकरार, एलन मस्क हुए खुश; कही ये बात ये भी पढ़ें:- मौत के 3 महीने बाद अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी, इमाम रजा दरगाह में किया जाएगा दफन, जनाजे में करोड़ों लोग शामिल होंगे सैन्य अभियान की अलग से जांच भी शुरू इसी बीच पेंटागन, विदेश विभाग और यूएसएआईडी के महानिरीक्षकों ने सैन्य अभियान की संयुक्त वैधानिक जांच शुरू कर दी है. बुधवार को जारी बयान में निगरानी एजेंसियों ने कहा कि कानून के तहत

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खिताबी जीत के बाद जश्न में डूबे टिम डेविड, सिगार पीते हुए वीडियो इंटरनेट पर हुआ वायरल

Tim David Cigar Video: आईपीएल 2026 में चैंपियन बनने के बाद आरसीबी के बल्लेबाज टिम डेविड लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. अंपायर नितिन मेनन पर आइस बैग फेंकने की वजह से एक मैच का प्रतिबंध झेल रहे डेविड का अब एक नया वीडियो इंटरनेट पर सनसनी मचा रहा है. वायरल क्लिप में डेविड को खिताबी जीत के जश्न के दौरान मैदान पर सिगार पीते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, यह वीडियो पूरी तरह असली है या डीपफेक, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने क्रिकेट फैंस के बीच एक नई बहस छेड़ दी है. Tim David immediately pulled out the cigar he’d been carrying in his bag for weeks the moment Nitin Menon mentioned that the “Ice bag incident will be discussed with the match refree. 🥶 Bro basically said, “I didn’t do a thing, do whatever you want.” 🔥😂 pic.twitter.com/vqkzCo247o — ` (@OxygenKohlii18) June 3, 2026 टिम डेविड का सिगार वीडियो आरसीबी की खिताबी जीत के बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. इस क्लिप में टिम डेविड को ऑन-फील्ड सेलिब्रेशन के दौरान सिगार पीते हुए देखा जा सकता है, जहाँ ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड भी उनके इस अंदाज पर मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. हालांकि अगर यह सही पाया गया तो डेविड पर बड़ी कार्रवाई तय है. आईपीएल के नियमों के मुताबिक स्पोर्ट्स के मैदान या ड्रेसिंग रूम में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसी आईपीएल 2026 सीजन में रियान पराग को भी ड्रेसिंग रूम में वेप का इस्तेमाल करने पर बोर्ड की तरफ से कड़ी चेतावनी दी गई थी. अंपायर विवाद के बाद टिम डेविड पर पहले ही एक मैच का बैन लग चुका है, ऐसे में यह नया वीडियो उनकी मुश्किलें और बढ़ा सकता है. क्यों बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं टिम डेविड टिम डेविड का मैदान पर सिगार पीते हुए वायरल वीडियो इस समय इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि वीडियो की सत्यता की जांच होना अभी बाकी है, लेकिन आईपीएल 2026 में टिम डेविड का अनुशासनात्मक रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. इसी सीजन में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले के दौरान टिम डेविड ने मैदान पर उंगली दिखाई थी, जिसे आईपीएल आचार संहिता के तहत गंभीर अपराध माना गया था. उस वक्त बीसीसीआई ने उन पर कड़ा रुख अपनाते हुए 30 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाया था और उनके खाते में 2 डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़े थे. इसके बाद भी डेविड ने सबक नहीं लिया और फाइनल मैच में अंपायर नितिन मेनन पर आइस बैग फेंक दिया, जिससे उन पर एक मैच का प्रतिबंध लग गया. अब सिगार पीने का यह नया वीडियो, मैदान पर खिलाड़ियों के व्यवहार और नियमों की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. आंकड़े दे रहे हैं गवाही टिम डेविड ने इस सीजन आरसीबी के लिए फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाई. उन्होंने 15 पारियों में 33.88 की शानदार औसत से 305 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 188.2 का रहा है. उनके बल्ले से इस सीजन एक अर्धशतक, 22 चौके और 23 गगनचुंबी छक्के निकले. यह भी पढ़े- ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए बांग्लादेश टीम का ऐलान, 3 साल बाद मोसाद्देक हुसैन की वापसी The post खिताबी जीत के बाद जश्न में डूबे टिम डेविड, सिगार पीते हुए वीडियो इंटरनेट पर हुआ वायरल appeared first on Naya Vichar.

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अनुष्का शर्मा के फोन के वॉलपेपर ने खींचा ध्यान, विराट नहीं बल्कि इस शख्स की लगी है फोटो

Anushka Sharma: बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भले ही इन दिनों फिल्मों से दूर हों, लेकिन उनकी हर गतिविधि फैंस के बीच चर्चा का विषय बन जाती है. हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके फोन का वॉलपेपर लोगों की नजरों में आ गया. खास बात यह है कि वॉलपेपर पर न तो पति विराट कोहली की तस्वीर थी और न ही उनके बच्चों की, बल्कि एक आध्यात्मिक गुरु की फोटो नजर आई. वायरल वीडियो में दिखा फोन का वॉलपेपर View this post on Instagram A post shared by Bollywood Chronicle (@bollywoodchronicle) हाल ही में सामने आए एक वीडियो में अनुष्का शर्मा अपनी कार में बैठती नजर आ रही हैं. इसी दौरान कैमरे में उनके मोबाइल फोन की स्क्रीन भी कैद हो गई. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने गौर किया कि अभिनेत्री के फोन के वॉलपेपर पर संत प्रेमानंद जी महाराज की तस्वीर लगी हुई है. यह देखकर फैंस भी हैरान रह गए और कई लोगों ने इसे उनकी आध्यात्मिक आस्था से जोड़कर देखा. आध्यात्मिकता से जुड़ा है कपल का खास रिश्ता अनुष्का शर्मा और विराट कोहली अक्सर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाते हुए नजर आते हैं. हाल ही में दोनों वृंदावन पहुंचे थे, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया था. इससे पहले भी यह कपल कई बार मंदिरों और संतों के दर्शन करता दिखाई दिया है. उनकी आध्यात्मिक सोच और जीवनशैली अक्सर चर्चा में रहती है. पहले विराट के फोन का वॉलपेपर भी बना था चर्चा का विषय यह पहली बार नहीं है जब इस स्टार कपल के फोन वॉलपेपर को लेकर चर्चा हुई हो. कुछ समय पहले विराट कोहली के मोबाइल वॉलपेपर की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. उस दौरान उनके फोन पर बाबा नीम करोली महाराज की तस्वीर देखी गई थी. ऐसे में फैंस का मानना है कि दोनों अपनी आध्यात्मिक आस्था को जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं. आईपीएल जीत के बाद चर्चा में रहा कपल हाल ही में विराट कोहली की टीम ने आईपीएल का खिताब अपने नाम किया, जिसके बाद अनुष्का शर्मा भी लगातार सुर्खियों में रहीं. फाइनल मुकाबले के दौरान वह स्टेडियम में मौजूद थीं और अपने पति का उत्साह बढ़ाती नजर आई थीं. मैच के बाद दोनों की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. यह भी पढ़ें: TMKOC: मंदार चांदवडकर नहीं थे ‘भिड़े’ के लिए पहली पसंद, 2 एक्टर्स के इनकार के बाद मिला था रोल The post अनुष्का शर्मा के फोन के वॉलपेपर ने खींचा ध्यान, विराट नहीं बल्कि इस शख्स की लगी है फोटो appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर: शहर के बड़े अस्पताल में भीषण अगलगी, तीन मरीज जिंदा जले, 25 से अधिक का रेस्क्यू

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया. ब्रह्मपुरा थाना के समीप स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में लगी आग के बाद मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. राहत और बचाव अभियान के दौरान 25 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि दम घुटने से तीन मरीजों की मौत हो गई है. अगलगी के बाद आईसीयू वार्ड में बिखरा बेड तड़के आईसीयू से उठने लगा धुआं जानकारी के अनुसार सुबह करीब 3:40 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ. कुछ ही देर में पूरा वार्ड धुएं से भर गया. उस समय आईसीयू में कई गंभीर मरीज भर्ती थे. धुआं फैलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई. खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर किया गया रेस्क्यू मौके पर पहुंची दमकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईसीयू की खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे मरीजों तक पहुंच बनाई. दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलाया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. दूसरे अस्पतालों में कराया गया भर्ती रेस्क्यू के बाद मरीजों को शहर के विभिन्न निजी और प्रशासनी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जुट गई और माहौल काफी भावुक हो गया. शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी फायर ऑफिसर रामनिवास पांडेय ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है. मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जबकि पुलिस भी मौके पर कैंप कर रही है. The post मुजफ्फरपुर: शहर के बड़े अस्पताल में भीषण अगलगी, तीन मरीज जिंदा जले, 25 से अधिक का रेस्क्यू appeared first on Naya Vichar.

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बोरिंग पराठों और स्नैक्स को कहें गुडबाय, सुबह के नाश्ते में बनाएं टेस्टी और सुपर हेल्दी मूंग पालक पूरी

Moong Palak Puri: अगर आप हर दिन वही पराठे और बोरिंग स्नैक्स खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ ऐसा ट्राय करना चाहते हैं जो सिर्फ टेस्टी न हो बल्कि हेल्दी भी हो, तो ऐसे में मूंग पालक पूरी आपके लिए एक बेहतरीन चॉइस साबित हो सकती है. मूंग दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जबकि पालक में आयरन की मात्रा काफी ज्यादा होती है. जब आप इन दोनों ही चीजों के कॉम्बिनेशन से यह पूरी तैयार करते हैं, तो इसे खाकर आपके शरीर को सिर्फ ताकत नहीं मिलती है, बल्कि लंबे समय तक शरीर को नॉन-स्टॉप एनर्जी भी मिलती रहती है. अगर आप अपने शिशु के लिए एक हेल्दी स्नैक की तलाश कर रहे हैं तो भी यह एक बेहतरीन चॉइस बन सकता है. इस डिश की खास बात है कि इसे बनाना आसान है और इसमें ज्यादा समय भी बर्बाद नहीं होता है. आप इसे सुबह के नाश्ते, लंच बॉक्स या फिर शाम ही हल्की भूख को मिटाने के लिए मिनटों में तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी. मूंग पालक पूरी बनाने के लिए जरूरी सामग्री भिगोई हुई मूंग दाल – 1 कप पालक – 1 कप हरी मिर्च – 1 से 2 अदरक – 1 छोटा टुकड़ा गेहूं का आटा – 2 कप जीरा – आधा चम्मच नमक – स्वाद अनुसार हल्दी – एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर – आधा चम्मच तेल – तलने के लिए मूंग पालक पूरी बनाने की आसान रेसिपी मूंग पालक पूरी बनाने के लिए सबसे पहले मूंग दाल को 3 से 4 घंटे पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद इसे धोकर हरी मिर्च और अदरक के साथ मिक्सर में थोड़ा मोटा पेस्ट बना लें. अब पालक को अच्छे से धोकर बारीक काट लें या पेस्ट बना लें. इसके बाद एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें और उसमें मूंग दाल का पेस्ट और पालक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च और जीरा डालकर मिक्स करें और धीरे-धीरे पानी डालते हुए थोड़ा टाइट आटा गूंथ लें. आटे को 10 से 15 मिनट ढककर रख दें ताकि वह अच्छे से सेट हो जाए. अब आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें गोल पूरी की तरह बेल लें. इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें और पूरियों को मीडियम आंच पर गोल्डन और फूला हुआ होने तक तलें. दोनों तरफ से अच्छे से सिक जाने के बाद निकाल लें. मूंग पालक पूरी को आप गर्मागर्म आलू की सब्जी, दही या अचार के साथ परोस सकते हैं. यह ब्रेकफास्ट, लंच बॉक्स या शाम की हल्की भूख के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है. ये भी पढ़ें: बच्चों की सेहत से नो समझौता, घर पर बनाएं बाजार जैसी वाटरमेलन आइस कैंडी, स्वाद और हाइड्रेशन का डबल डोज The post बोरिंग पराठों और स्नैक्स को कहें गुडबाय, सुबह के नाश्ते में बनाएं टेस्टी और सुपर हेल्दी मूंग पालक पूरी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में दुर्गा पूजा के 400 करोड़ के सरकारी अनुदान पर संकट! शुभेंदु अधिकारी की एक घोषणा से सहमीं 44000 कमेटियां

खास बातें 4 महीने बाद है बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव अतिक्रम विरोधी अभियान से भी बढ़ी टेंशन शुभेंदु प्रशासन का ‘नो रिलिजियस हैंडआउट फॉर्मूला’ 44,000 मोहल्ला पूजा पर सीधी मार सड़कों पर पंडाल लगाने पर कड़े नियम का डर हाईकोर्ट की गाइडलाइंस का पालन West Bengal Durga Puja: किससे गुहार लगाएं आयोजक? 80,000 करोड़ की पूजा इकोनॉमी को लग सकता है झटका West Bengal Durga Puja: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व और सत्ता परिवर्तन का सीधा असर अब राज्य के सबसे बड़े उत्सव दुर्गा पूजा (Durga Puja) पर भी पड़ता दिख रहा है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा राज्य में धार्मिक आधार पर दिये जाने वाले प्रशासनी भत्तों और खैरात को पूरी तरह बंद करने की घोषणा के बाद, बंगाल की छोटी और मध्यम बजट वाली पूजा कमेटियों के होश उड़ गये हैं. 4 महीने बाद है बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव महज 4 महीने बाद होने वाले इस महा-उत्सव को लेकर कोलकाता सहित पूरे सूबे के पूजा आयोजक भारी अनिश्चितता और असमंजस के भंवर में फंसे हैं. उनको अब समझ नहीं आ रहा कि उन्हें इस साल प्रशासन की तरफ से वित्तीय मदद मिलेगी या नहीं. अतिक्रम विरोधी अभियान से भी बढ़ी टेंशन इसके अलावा, राज्य प्रशासन द्वारा हाल ही में चलाये गये अतिक्रमण विरोधी अभियानों और सड़कों पर नमाज पढ़ने पर लगायी गयी पाबंदियों के बाद, सड़कों और गलियों में बनने वाले पंडालों की अनुमति को लेकर भी पूजा कमेटियों में भारी खौफ और बेचैनी है. इसे भी पढ़ें : दुर्गा पूजा में 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक का होता है कारोबार शुभेंदु प्रशासन का ‘नो रिलिजियस हैंडआउट फॉर्मूला’ ममता बनर्जी प्रशासन के दौरान वर्ष 2018 में पूजा कमेटियों को 10,000 रुपए की मामूली आर्थिक सहायता से शुरू हुआ यह सफर पिछले साल यानी वर्ष 2025 तक बढ़कर 1.1 लाख रुपए प्रति कमेटी तक पहुंच गया था. पूजा कमेटियों को इस ग्रांट पर प्रशासनी खजाने से 400 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया. बिजली बिल में 80 फीसदी की भारी छूट, फायर लाइसेंस फीस और केएमसी टैक्स माफी को जोड़कर बड़े पंडालों को करीब 2 लाख रुपए तक का अप्रत्यक्ष फायदा मिलता था. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 44,000 मोहल्ला पूजा पर सीधी मार फोरम फॉर दुर्गोत्सव के उपाध्यक्ष साश्वत बोस ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा- राज्य की कुल 45,000 सामुदायिक पूजा में से लगभग 44,000 कमेटियों का कुल बजट 10 लाख से कम होता है. इन छोटी कमेटियों के लिए प्रशासनी अनुदान उनके कुल बजट का 20 से 40 प्रतिशत तक होता है. अगर यह मदद रुकी, तो महंगाई के इस दौर में उनके लिए आयोजन करना असंभव हो जायेगा. सड़कों पर पंडाल लगाने पर कड़े नियम का डर आर्थिक संकट के साथ-साथ आयोजकों के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती पंडालों की भौगोलिक स्थिति को लेकर खड़ी हो गयी है. हाल ही में नयी प्रशासन ने राज्य भर में सड़कों को खाली कराने और सार्वजनिक स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू की है. इसके साथ ही सड़कों पर शुक्रवार की नमाज रोके जाने के प्रशासनिक फैसले के बाद, पूजा आयोजक असमंजस में हैं कि क्या उन्हें सड़कों और संकरी गलियों में पंडाल बनाने की अनुमति मिलेगी. इसे भी पढ़ें : दुर्गा पूजा से पहले बंगाल में 24,500 शिक्षकों को प्रशासनी नौकरी, 7,500 को मार्च तक मिलेगा नियुक्ति पत्र, ममता की बड़ी घोषणा हाईकोर्ट की गाइडलाइंस का पालन कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले ही कई बार सख्त निर्देश दिये हैं कि पूजा पंडालों के कारण आम जनता और यातायात को पूरी तरह ठप नहीं किया जा सकता. पुराने नियमों के मुताबिक, पंडाल के दोनों तरफ कम से कम 20 फीट की सड़क यातायात और आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड) के लिए खाली छोड़नी अनिवार्य है. संकरी सड़कों पर दो-तिहाई हिस्सा खुला रखना होता है. आयोजकों को डर है कि इस बार पुलिस इन नियमों को लेकर कोई ढील नहीं देगी. West Bengal Durga Puja: किससे गुहार लगाएं आयोजक? दुर्गोत्सव के आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिसने आयोजकों की नींद उड़ा दी है. कोलकाता के एक मशहूर और भारी भीड़ खींचने वाले पूजा पंडाल के मुख्य आयोजक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में केवल एक ही व्यक्ति (ममता) सारे फैसले लेती थीं. हम सीधे उनसे संपर्क कर लेते थे. नयी प्रशासन में अभी तक सूचना और सांस्कृतिक मामलों (Information & Cultural Affairs) के मंत्रियों को विभागों का औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है. 80,000 करोड़ की पूजा इकोनॉमी को लग सकता है झटका फोरम फॉर दुर्गोत्सव के संस्थापक पार्थ घोष के मुताबिक, बंगाल में दुर्गा पूजा के आसपास का पूरा कारोबार लगभग 75,000 से 80,000 करोड़ रुपए का है. यह राज्य की कुल जीडीपी (GDP) का 5 प्रतिशत है. बड़े और कॉरपोरेट बजट वाले करीब 500 पूजा आयोजकों का कहना है कि वे तो बिना प्रशासनी मदद के भी स्पॉन्सरशिप के दम पर अपना बजट संभाल लेंगे, लेकिन छोटे क्लबों के बजट रुकने से पंडाल बनाने वाले मजदूरों, मूर्तिकारों (कुम्हारों), ढाकियों (ढोल बजाने वालों) और स्थानीय छोटे दुकानदारों की कमाई पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. इसे भी पढ़ें Durga Puja 2020: पश्चिम बंगाल में मां दुर्गा का दर्शन करना मना है, हर पूजा पंडाल ‘कंटेंनमेंट जोन’, हाइकोर्ट का आदेश कोरोना वायरस को बताया महिषासुर राक्षस, दुर्गा पूजा समितियों ने प्रवासी कामगारों की दिक्कतों को बनाया विषय The post बंगाल में दुर्गा पूजा के 400 करोड़ के प्रशासनी अनुदान पर संकट! शुभेंदु अधिकारी की एक घोषणा से सहमीं 44000 कमेटियां appeared first on Naya Vichar.

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फीफा विश्व कप 2026: ग्रुप-K में पुर्तगाल और कोलंबिया पर रहेंगी निगाहें, कांगो-उज्बेकिस्तान भी कर सकते हैं उलटफेर

FIFA World Cup 2026: अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाला फीफा विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक स्पोर्ट्सा जाएगा. इस बार टूर्नामेंट कई मायनों में खास है, क्योंकि विश्व कप के इतिहास में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी. इन टीमों को 12 समूहों में बांटा गया है और हर समूह में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी. इन्हीं में से एक ग्रुप-K भी है, जिसमें पुर्तगाल, कोलंबिया, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DR Congo) और उज़्बेकिस्तान को जगह मिली है। चारों टीमों की स्पोर्ट्स शैली अलग-अलग है, जिससे इस समूह के मुकाबले बेहद रोमांचक और प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है। रोनाल्डो पर रहेंगी सबसे ज्यादा निगाहें ग्रुप-K का पहला मुकाबला 17 जून को मेक्सिको के ग्वाडलाहारा स्थित एस्टाडियो अक्रोन में पुर्तगाल और उज़्बेकिस्तान के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस समूह में सबसे अधिक चर्चा पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की होगी, जो संभवतः अपने शानदार करियर का आखिरी फीफा विश्व कप स्पोर्ट्स रहे हैं. रोनाल्डो के अनुभव और नेतृत्व के दम पर पुर्तगाल को इस समूह का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. टीम के पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है, जो उसे खिताब की दौड़ में भी मजबूत बनाता है. ग्रुप-K में दिखेगी कड़ी टक्कर पुर्तगाल और कोलंबिया को इस समूह से नॉकआउट दौर में पहुंचने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर कोई भी टीम चौंकाने की क्षमता रखती है. यही वजह है कि ग्रुप-K के मुकाबलों पर फुटबॉल प्रशंसकों की खास नजर रहेगी और यहां से कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिल सकते हैं. यहां देखें ग्रुप-के की चारों टीमें… पुर्तगाल (Portugal) डियोगो कोस्टा, जोसे सा, रुई सिल्वा, डियोगो डालोट, मैथियस नून्स, नेल्सन सेमेडो, जोआओ कैंसिलो, नूनो मेंडेस, गोंकालो इनासियो, रेनाटो वेइगा, रूबेन डायस, टोमास अराउजो, रूबेन नेवेस, सामुएल कोस्टा, जोआओ नेवेस, वितिन्हा, ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा, जोआओ फेलिक्स, फ्रांसिस्को ट्रिंकाओ, फ्रांसिस्को कॉन्सेसाओ, पेड्रो नेटो, राफाएल लियाओ, गोंकालो गुएदेस, गोंकालो रामोस, क्रिस्टियानो रोनाल्डो. लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (Democratic Republic of the Congo) टिमोथी फयुलु, लियोनेल म्पासी, माइक एपोलो, आरोन वान-बिसाका, गेडेओन कालुलु, जोरिस कायेम्बे, आर्थर मासुआकू, स्टीव कपुआडी, रॉकी बुशीरी, एक्सेल तुआंज़ेबे, चांसेल म्बेम्बा, डिलन बातुबिन्सिका, नोआ सादिकी, सैमुअल मुतुस्सामी, एदो कायेम्बे, नाथन मुकाउ, चार्ल्स पिकेल, नगालायेल मुकाउ मबुकू, ब्रायन सिपेंगा, थियो बोंगोंडा, गेल काकुता, मेशाक एलिया, फिस्टन मायले, सेड्रिक बाकाम्बू, सिमोन बान्ज़ा, योआने विस्सा. कोलंबिया (Colombia) कामिलो वर्गास, डेविड ओस्पीना, अल्वारो मोन्टेरो, जोहान मोजिका, देवियर माचाडो, डेनियल मुन्योस, सैंटियागो एरियास, येरी मीना, डेविन्सन सांचेज़, जॉन लुकुमी, विलेर डिट्टा, जेम्स रोड्रिगेज़, जेफरसन लेर्मा, रिचर्ड रियोस, जुआन फर्नांडो क्विंटेरो, होर्खे करास्काल, केविन कास्तान्यो, जामिंटन काम्पास, लुइस डियाज़, कार्लोस आंद्रेस गोमेज़, जॉन कॉर्डोबा, जुआन कामिलो हर्नांडेज़, जॉन एरियास. उज़्बेकिस्तान (Uzbekistan) उत्किर युसुपोव, अब्दुवोहिद नेमातोव, बोतिराली एरगाशेव, रुस्तम अशुरमातोव, फर्रुख सैफिएव, खोजियाकबर अलीजानोव, शेरजोद नसरुल्लायेव, उमर एशमुरोदोव, अब्दुकोदिर खुसानोव, अब्दुल्ला अब्दुल्लायेव, बेखरुज़ करीमोव, जाखोंगिर उरोजोव, अवाज़बेक उलमासालिएव, ओताबेक शुकुरोव, जलोलिद्दीन मशारिपोव, ओदिलजोन हमरोबेकोव, ओस्तोन उरुनोव, जमशिद इस्कंदेरोव, दोस्तोनबेक खामदामोव, अब्बोसबेक फैज़ुल्लायेव, अकमल मोजगोवोय, अज़ीज़जोन गानिएव, शेरजोद एसानोव, एल्दोर शोमुरोदोव, इगोर सर्गेएव, अज़ीज़बेक अमोनोव. मृणाल कुमार पांडेय यह भी पढ़ें: फुटबॉल जगत में बड़ा धमाका, इंग्लैंड के स्टार लेफ्ट विंगर एंथनी गॉर्डन अब बार्सिलोना के हुए The post फीफा विश्व कप 2026: ग्रुप-K में पुर्तगाल और कोलंबिया पर रहेंगी निगाहें, कांगो-उज्बेकिस्तान भी कर सकते हैं उलटफेर appeared first on Naya Vichar.

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कार्यभार संभालते ही एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार: फ्री बस, नौकरी और भारत जोड़ो यूथ क्लब का ऐलान

DK Shivakumar: कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार ने कहा, आप लोग पिछले एक साल से बहुत बातें कर रहे थे, कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन आज, हाईकमान ने इन सब पर पूर्णविराम लगा दिया है. आज शाम 4:05 बजे मैंने शपथ ली. स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त बस पास डीके शिवकुमार ने कहा- यह युवाओं का दौर है. छात्र पूछ रहे थे कि सिर्फ लड़कियों के लिए मुफ्त बस क्यों है? हम सभी छात्रों को पास दे रहे हैं – बिना किसी शुल्क के मुफ्त बस पास. सभी स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए बस पास मुफ्त है. यह डीके शिवकुमार कैबिनेट का पहला फैसला है. छात्रों को इसके लिए आवेदन करना होगा; हम परिवहन विभाग के साथ इस पर चर्चा करेंगे. Bengaluru: Karnataka CM D.K. Shivakumar says, “This is the youth era. Students were asking why there is a free bus just for girls. We are giving passes to all students – free bus pass without any charge. Bus pass is free for all school and college students. This is the first… pic.twitter.com/GV3D77hFwd — ANI (@ANI) June 3, 2026 बेरोजगारों के लिए नौकरी का वादा डीके शिवकुमार ने कहा- जो बेरोजगार लोग नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें प्रशासन के पास पंजीकरण करवाना चाहिए. हम कंपनियों से बात करेंगे और उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार नौकरियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे. हिंदुस्तान जोड़ो यूथ क्लब बनाने का फैसला प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार ने कहा- गांवों में हिंदुस्तान जोड़ो यूथ क्लब बनाने का फैसला किया गया है. प्रशासन इसके लिए 10 लाख रुपये देगी. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि युवा क्लब बिना किसी बुरी आदत का सहारा लिए बनाए जा सकें. इसका लक्ष्य 10,000 हिंदुस्तान जोड़ो क्लब बनाना है. मुख्यमंत्री का पद जनता के विश्वास का प्रतीक है: शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि मुख्यमंत्री का पद केवल एक संवैधानिक पद नहीं है, बल्कि यह राज्य की जनता द्वारा उन पर जताए गए विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मिलकर ऐसा कर्नाटक बनाएं जो पहले से अधिक दयालु, समानतापूर्ण और समृद्ध हो. ये भी पढ़ें: कर्नाटक: संविधान की प्रति हाथ में लेकर डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, जी परमेश्वर बने डिप्टी सीएम The post कार्यभार संभालते ही एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार: फ्री बस, नौकरी और हिंदुस्तान जोड़ो यूथ क्लब का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली अग्निकांड: LG ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी में पुलिस

Delhi Malviya Nagar Fire: दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अग्नीकांड पर दुख जताया. उन्होंने अग्निशमन सेवा और पुलिस को शहर में दमकल गाड़ियों की पहुंच में बाधा उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों की पहचान करने हेतु सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है. साथ ही अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले परिसरों को सील करने का आदेश दिया है. दिल्ली में अग्नि सुरक्षा जांच के लिए एक महीने तक चलेगा अभियान दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सभी होटल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रेस्तरां और अन्य संवेदनशील व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुपालन की जांच के लिए एक महीने तक अभियान चलाने का आदेश दिया. Malviya Nagar fire | Delhi Police is ready to issue LoC (Look out circular) against Lovkesh Bajaj and other accused. This will be done as a measure to ensure that they do not flee abroad: Delhi Police — ANI (@ANI) June 3, 2026 लवकेश बजाज और अन्य आरोपियों के खिलाफ LoC करेगी दिल्ली पुलिस दिल्ली पुलिस ने लवकेश बजाज और अन्य आरोपियों के खिलाफ LoC (लुक आउट सर्कुलर) जारी करने के लिए तैयार है. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि वे विदेश न भाग जाएं. पुलिस ने हादसे को लेकर गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी आग दिल्ली के मालवीय नगर स्थित पांच मंजिला होटल ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ में बुधवार सुबह भीषण आग गई. जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. जो मुख्य रूप से मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों के थे. आग लगने की घटना के बाद होटल मालिक फरार आग लगने की घटना के बाद होटल मालिक फरार हो गया. पुलिस ने होटल मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. कई टीमें उसकी तलाश में लगी हैं. रेस्तरां में लगी आग ने पूरी इमारत को चपेट में लिया पुलिस के अनुसार, सुबह बेसमेंट पर स्थित रेस्तरां में खानसामा पहुंचा और काम शुरू करने से पहले उसने उपकरण चालू किए. कुछ ही देर बाद धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते पूरी इमारत आग की लपटों में घिर गई, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद कई मेहमान फंस गए. इमारत में 26 कमरे थे, हालांकि सटीक संख्या की अभी पुष्टि की जा रही है. ये भी पढ़ें: दिल्ली मालवीय नगर फायर मामला: गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज, 21 लोगों की हो चुकी है मौत दिल्ली के मालवीय नगर में लगी भयंकर आग, 21 की मौत, बिल्डिंग से कूदे लोग, पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में लगी भीषण आग पर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने जताया शोक The post दिल्ली अग्निकांड: LG ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी में पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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JTET में भोजपुरी-मगही पर रार: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने खोला मोर्चा, दिया ये तर्क

रांची से अरविंद सिंह की रिपोर्ट JTET Language Dispute, रांची: झारखंड में आयोजित होने जा रहे शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को शामिल करने का मामला गहराता जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भले ही इस विवाद को दूर करने के लिए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के नेतृत्व में कमेटी का गठन कर दिया, लेकिन उस दल में शामिल सदस्यों की राय में ही मतभिन्नता नजर आ रही है. कमेटी में शामिल मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इसका खुला विरोध किया है. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य का गठन बिहार से अलग यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ था. पिछले दो दशकों में हुए जनसांख्यिकीय परिवर्तनों या प्रवासन को आधार बनाकर पड़ोसी राज्यों की भाषाओं (जैसे भोजपुरी, मगही और अंगिका) को JTET में शामिल करना न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि जब इन भाषाओं को स्वयं बिहार लोक सेवा आयोग की सभी भर्तियों में अनिवार्य या आधिकारिक दर्जा प्राप्त नहीं है, तो इन्हें झारखंड के युवाओं पर थोपना और पात्रता का आधार बनाना राज्य के मूल निवासियों के रोजगार अवसरों और स्थानीय हितों के साथ समझौता करना होगा. शिक्षक पात्रता परीक्षा सामान्य परीक्षा नहीं: शिल्पी नेहा तिर्की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) केवल एक सामान्य प्रतियोगी परीक्षा नहीं है, बल्कि यह एक अनिवार्य अर्हता परीक्षा है. यह सुनिश्चित करती है कि शिक्षक स्थानीय बच्चों की भाषाई, सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझकर उन्हें प्रभावी ढंग से शिक्षा दे सकें. भाषा केवल संवाद नहीं, बल्कि शिक्षण का आधार है मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि झारखंड जैसे बहुभाषी राज्य में भाषा केवल बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपकरण (Pedagogical Tool) है. उन्होंने वर्ष 1981 में तत्कालीन आयुक्त डॉ. कुमार सुरेश सिंह की अनुशंसा और डॉ. रामदयाल मुंडा द्वारा रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की स्थापना के ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राज्य की 5 जनजातीय भाषाओं (कुड़ुख, मुंडारी, संथाली, खड़िया, हो) और 4 क्षेत्रीय भाषाओं (खोरठा, कुरमाली, नागपुरी, पंचपरगनिया) को शैक्षणिक व्यवस्था का अभिन्न अंग माना जाना चाहिए क्योंकि छात्र इन्हीं भाषाओं में शिक्षा ग्रहण करते आ रहे हैं. Also Read: Chatra: आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि बरी स्थापित शैक्षणिक सिद्धांत और भाषाई न्याय दस्तावेजों का हवाला देते हुए मंत्री ने एक स्थापित शैक्षणिक सिद्धांत को रेखांकित किया कि “जिन भाषाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का अध्ययन-अध्यापन होता है, शिक्षण एवं संबंधित सेवाओं की पात्रता परीक्षाओं में भी उन्हीं भाषाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.” इससे पूरी शिक्षा व्यवस्था स्थानीय आवश्यकताओं, सामाजिक वास्तविकताओं एवं विद्यार्थियों की भाषायी पृष्ठभूमि के अनुरूप अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और न्यायसंगत बनती है. शैक्षिक हितों की रक्षा हेतु आवश्यक : मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने यह भी स्पष्ट किया कि “JTET में राज्य की प्रमुख एवं व्यापक रूप से प्रचलित भाषाओं को शामिल करना किसी वर्ग को बाहर करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के शैक्षिक हितों की रक्षा हेतु एक आवश्यक व्यवस्था है.” इसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों में नियुक्त होने वाला प्रत्येक शिक्षक छोटे बच्चों से उनकी परिचित भाषा में न्यूनतम स्तर पर संवाद स्थापित करने में पूर्णतः सक्षम हो. वर्ष 2023 के गजट के आधार पर हो भाषा का निर्धारण श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रशासन और भाषा कमेटी से पुरजोर मांग की है कि JTET में भाषा संबंधी नीति का निर्धारण कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा 13 मार्च 2023 को अधिसूचित राजपत्र (गजट संख्या 147/148) के आधार पर ही किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि स्पष्ट स्थानीय नीति के अभाव में परीक्षा का पाठ्यक्रम और भाषा ही स्थानीय युवाओं को अवसर देने का एकमात्र माध्यम हैं. अतः राज्य के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्थानीय प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए केवल यहां की अधिसूचित क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को ही परीक्षा में अधिमानता दी जाए. Also Read: आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि बरी, 12 साल पुराना है मामला The post JTET में भोजपुरी-मगही पर रार: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने खोला मोर्चा, दिया ये तर्क appeared first on Naya Vichar.

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