ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि अगर ITR-1 या ITR-2 की डेडलाइन छूट जाए तो क्या वे 31 अगस्त 2026 तक ITR-3 भर सकते हैं? टैक्स एक्सपर्ट्स का जवाब साफ है- नहीं. ITR फॉर्म का चुनाव उसकी आखिरी तारीख देखकर नहीं, बल्कि आपकी इनकम के सोर्स के आधार पर होता है.
क्या सिर्फ लेट डेडलाइन की वजह से ITR-3 भर सकते हैं?
Upstox के रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स2विन के CEO और Co-founder सीए अभिषेक सोनी के मुताबिक, सिर्फ इसलिए ITR-3 नहीं भरा जा सकता क्योंकि उसकी आखिरी तारीख बाद में है. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 भरने के लिए पात्र है, तो उसे वही फॉर्म दाखिल करना होगा. अगर वह 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता, तब भी ITR-3 चुनने का ऑप्शन नहीं मिलता. गलत ITR फॉर्म भरने पर रिटर्न डिफेक्टिव (Defective Return) माना जा सकता है.
किसे कौन-सा ITR फॉर्म भरना चाहिए?
फिनकॉर्पिट कंसल्टिंग के एसोसिएट डायरेक्टर सीए गौरव सिंह परमार के अनुसार, ITR फॉर्म आपकी कमाई के सोर्स के हिसाब से तय होता है.
| इंकम का सोर्स | लागू ITR फॉर्म |
| सैलरी, पेंशन, ब्याज, कैपिटल गेन या एक हाउस प्रॉपर्टी से इंकम | ITR-1 या ITR-2 |
| बिजनेस या प्रोफेशन से इंकम | ITR-3 |
यानी अगर आपकी कमाई सिर्फ सैलरी, पेंशन, ब्याज, कैपिटल गेन या एक मकान से होने वाली इंकम से है, तो आप सिर्फ इसलिए ITR-3 नहीं भर सकते क्योंकि उसकी डेडलाइन बाद में है.
अगर 31 जुलाई की डेडलाइन छूट जाए तो क्या करें?
अगर कोई टैक्सपेयर 31 जुलाई 2026 तक ITR-1 या ITR-2 दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह इंकम टैक्स ऐक्ट की सेक्शन 139(4) के तहत 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकता है. हालांकि, देर से रिटर्न भरने पर कुछ अतिरिक्त खर्च और नुकसान भी हो सकते हैं.
देर से ITR भरने पर ये असर पड़ सकता है:
- ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है.
- अगर टोटल इंकम ₹5 लाख से कम है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी.
- बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है.
- कुछ मामलों में टैक्स लॉस को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ नहीं मिल सकता.
टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह क्या है?
सीए गौरव सिंह परमार का कहना है कि ITR-3 की बाद की डेडलाइन को देरी से रिटर्न भरने का रास्ता नहीं समझना चाहिए. यह फॉर्म सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जिनकी इंकम बिजनेस या प्रोफेशन से होती है या जो इसकी पात्रता पूरी करते हैं.
ऐसे में रिटर्न दाखिल करने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपकी इंकम किस सोर्स से है और उसी के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें. अगर किसी वजह से 31 जुलाई की डेडलाइन छूट भी जाए, तो गलत फॉर्म भरने के बजाय उसी पात्र फॉर्म में तय नियमों के तहत बिलेटेड रिटर्न दाखिल करें.
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