Hot News

Lala Amarnath Birthday: स्वतंत्र भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे अमरनाथ, पहला शतक जड़ते ही महिलाओं ने फेंक दिए थे मंगलसूत्र

Lala Amarnath: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ का नाम कई खास उपलब्धियों के साथ दर्ज है. वह टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले हिंदुस्तान के पहले बल्लेबाज थे. 1933 में टेस्ट डेब्यू पर 118 रन की उनकी पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया था. उनके इसी शतक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी सुनाया जाता है कि स्टेडियम में मौजूद स्त्रीओं ने खुशी में अपने गहने, यहां तक कि मंगलसूत्र भी मैदान की ओर उछाल दिए थे. आज ही के दिन यानी 11 सितंबर को लाला अमरनाथ का जन्म हुआ था.

डेब्यू पर ही मचा दिया था तहलका

साल था 1933. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्स रही थी. बंबई के जिमखाना ग्राउंड पर स्पोर्ट्से गए मुकाबले में 22 साल के लाला अमरनाथ को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला. डेब्यू पर किसी भी बल्लेबाज पर दबाव होता है, लेकिन लाला अमरनाथ ने इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. हिंदुस्तानीय टीम ने जल्दी ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 21 रन था. ऐसे समय में अमरनाथ क्रीज पर आए और उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का आक्रामक अंदाज में सामना किया.

लाला अमरनाथ ने 117 मिनट तक बल्लेबाजी की और 118 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उनकी इस पारी में 21 चौके शामिल थे. इस दौरान उन्होंने कप्तान सीके नायडू के साथ 176 रन की अहम साझेदारी भी की. हिंदुस्तान वह मुकाबला नौ विकेट से हार गया, लेकिन अमरनाथ की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया. वह टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाले हिंदुस्तान के पहले बल्लेबाज बने और हिंदुस्तानीय क्रिकेट को उसका पहला टेस्ट शतकवीर मिला.

शतक के बाद स्त्रीओं ने फेंके थे गहने

लाला अमरनाथ की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि उनके डेब्यू शतक से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा आज भी सुनाया जाता है. वह उन शुरुआती हिंदुस्तानीय क्रिकेटरों में शामिल थे, जिन्हें प्रशंसकों ने सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि स्टार के रूप में देखना शुरू कर दिया था.

‘द एपिक चैनल’ पर लाला अमरनाथ से जुड़े एक किस्से में बताया गया है कि जब उन्होंने टेस्ट डेब्यू में शतक पूरा किया, तो स्टेडियम में मौजूद स्त्रीएं खुशी से इस कदर उत्साहित हो गईं कि उन्होंने अपने गहने, यहां तक कि मंगलसूत्र भी मैदान की ओर उछाल दिए थे.

ये भी पढ़ें: BBL 2026-27: फिन एलन से बेन स्टोक्स तक, कौन किस टीम का होगा हिस्सा; देखें स्टार प्लेयर्स की पूरी लिस्ट

दूसरे विश्व युद्ध से प्रभावित हुआ करियर

लाला अमरनाथ की शुरुआत को देखते हुए उनसे लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर की उम्मीद की जा रही थी. हालांकि, उनका क्रिकेट करियर दूसरे विश्व युद्ध की वजह से प्रभावित हुआ. उस दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लंबे समय तक बाधित रहा. इसके बावजूद अमरनाथ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाए रखी और एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर खुद को स्थापित किया.

बने स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान

1947 में देश आजाद हुआ और इसके बाद हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास में भी एक नया अध्याय शुरू हुआ. 1947-48 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लाला अमरनाथ ने हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी की. इसी के साथ वह स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान बने. यह दौरा हिंदुस्तानीय टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था. सामने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम थी और उसके बल्लेबाजी क्रम में दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार डॉन ब्रैडमैन भी मौजूद थे.

अमरनाथ ने इस दौरे पर गेंद से भी अपनी छाप छोड़ी. उन्होंने ब्रैडमैन को हिट विकेट के जरिए आउट किया. खास बात यह थी कि ब्रैडमैन उस पारी में 185 रन बना चुके थे. ब्रैडमैन अपने पूरे टेस्ट करियर में सिर्फ एक बार हिट विकेट आउट हुए और यह विकेट लाला अमरनाथ के नाम रहा. क्रिकेट से लाला अमरनाथ का रिश्ता अगली पीढ़ी तक भी पहुंचा. उनके बेटे मोहिंदर अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ ने भी हिंदुस्तान के लिए क्रिकेट स्पोर्ट्सा.

ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट

पाकिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तान को दिलाई पहली टेस्ट सीरीज जीत

View on Instagram

लाला अमरनाथ की कप्तानी में हिंदुस्तानीय क्रिकेट को एक और खास उपलब्धि मिली. 1952 में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्सी. अमरनाथ की अगुवाई में हिंदुस्तान ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की. यह हिंदुस्तान की पहली टेस्ट सीरीज जीत थी. यानी जिस खिलाड़ी ने हिंदुस्तान को टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक दिया था, उसी खिलाड़ी ने स्वतंत्र हिंदुस्तान की टीम को उसकी पहली टेस्ट सीरीज जीत तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई.

लाला अमरनाथ का टेस्ट रिकॉर्ड

लाला अमरनाथ ने हिंदुस्तान की ओर से कुल 24 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से. इस दौरान उन्होंने 878 रन बनाए. उनके नाम एक शतक और चार अर्धशतक रहे. गेंदबाजी में भी उन्होंने 45 विकेट हासिल किए. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में पांच विकेट लेने का प्रदर्शन भी दर्ज है.

श्रेणी टेस्ट फर्स्ट क्लास
मैच 24 186
पारी 40 286
नाबाद 4 34
रन 878 10,426
सर्वोच्च स्कोर 118 262
बल्लेबाजी औसत 24.38 41.37
शतक 1 31
अर्धशतक 4 39

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 186 मैचों की 286 पारियों में 10,426 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 41 से ज्यादा का रहा. इस दौरान उन्होंने 31 शतक और 39 अर्धशतक लगाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन रहा. ये आंकड़े बताते हैं कि अमरनाथ सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में मिली पहचान की वजह से महान नहीं थे, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लंबे समय तक प्रभावशाली रहा.

BCCI ने दिया पहला सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

हिंदुस्तानीय क्रिकेट में लाला अमरनाथ के योगदान को देखते हुए उन्हें 1994 में BCCI के पहले सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उनके लंबे क्रिकेट करियर और हिंदुस्तानीय क्रिकेट में दिए गए योगदान की पहचान था. जिस खिलाड़ी ने 1933 में हिंदुस्तान को उसका पहला टेस्ट शतक दिया था, उसी खिलाड़ी ने आजाद हिंदुस्तान की पहली टेस्ट टीम की कप्तानी की और पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम की अगुवाई भी की. 5 अगस्त 2000 को लाला अमरनाथ का निधन हो गया. लेकिन हिंदुस्तानीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है.

ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट

The post Lala Amarnath Birthday: स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान थे अमरनाथ, पहला शतक जड़ते ही स्त्रीओं ने फेंक दिए थे मंगलसूत्र appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top