LPU Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हिंसक प्रदर्शन के बीच एक छात्रा का वीडियो सामने आने के बाद मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है. छात्रा रम्या मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में इंफ्लुएंसर फरहत देव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान DSW (Dean Student Welfare) ऑफिस में हुई तोड़फोड़ में फरहत देव की भूमिका थी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
रम्या मिश्रा ने अपने वीडियो में दावा किया कि घटना के दौरान DSW ऑफिस में जाने वाला पहला व्यक्ति फरहत देव था. उनके मुताबिक, इसके बाद वहां तोड़फोड़ हुई और छात्रों की ट्रॉफियां भी क्षतिग्रस्त की गईं. छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि फरहत देव प्रदर्शन के दौरान छात्रों के बीच माहौल को और भड़काने में शामिल थे. इन दावों की फिलहाल पुलिस या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी की ओर से पुष्टि नहीं हुई है.
फरहत देव ने आरोपों को बताया गलत
रम्या मिश्रा के आरोप सामने आने के बाद फरहत देव ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी. उन्होंने DSW ऑफिस में तोड़फोड़ या ट्रॉफियां तोड़ने के आरोप से इनकार किया. उनका दावा है कि वह DSW ऑफिस के अंदर गए थे, लेकिन वहां तोड़फोड़ करने के बजाय लोगों को रोकने की कोशिश की थी.
फरहत ने यह भी कहा कि उन्हें उन कामों के लिए धमकियां मिल रही हैं, जो उन्होंने नहीं किए. उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उनके खिलाफ किसी शिकायत या FIR की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, मामले की जांच जारी है.
30-40 छात्र जांच के दायरे में
LPU में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में करीब 30-40 छात्रों के जांच के दायरे में होने की जानकारी सामने आई है. विश्वविद्यालय की ओर से अनुशासनात्मक स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है.
इससे पहले सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित रेप और उसकी आत्महत्या की समाचारें फैलने के बाद LPU में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया और परिसर में तोड़फोड़, आगजनी तथा पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं. पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की अपील भी की है.
रश्मि मित्तल ने भी अफवाहों से बचने को कहा
LPU की प्रो चांसलर डॉ. (कर्नल) रश्मि मित्तल ने भी छात्रों से सोशल मीडिया पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना पर कार्रवाई करने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन से उसकी पुष्टि करनी चाहिए. मित्तल ने परिसर में कथित लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है.
विश्वविद्यालय ने हिंसा के बाद 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं.
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