मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान चुनाव आयोग में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. एक रिपोर्ट में SIR के कुछ मुद्दों पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही गई थी. कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में खरगे ने पांच मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में बड़े बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए. जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी दी जाए और अपना पक्ष रखने का मौका मिले. उन्होंने यह भी मांग की कि नेतृत्वक दलों को वोटर लिस्ट का डेटा समय पर और आसान फॉर्मेट में उपलब्ध कराया जाए.
खरगे ने कहा कि चुनाव में हुई गंभीर गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जांच समय पर पूरी होनी चाहिए. उन्होंने चुनाव से जुड़ी जानकारी और फैसलों को लोगों के सामने साफ तौर पर रखने की मांग की. खरगे ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी मोदी प्रशासन के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया. खरगे के मुताबिक, इससे सही मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है. खरगे ने कहा कि इन मांगों का मकसद वोटरों के अधिकारों की रक्षा करना और चुनाव प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना है.
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एक नजर में पढ़ें कांग्रेस की क्या है 5 मांग
- वोटर लिस्ट में बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए.
- हटाए गए वोटरों को जानकारी और अपील का मौका मिले.
- नेतृत्वक दलों को वोटर लिस्ट का डेटा समय पर और आसान फॉर्मेट में मिले.
- गंभीर गड़बड़ी मिलने पर स्वतंत्र जांच हो.
- चुनाव से जुड़े आंकड़ों और फैसलों में पूरी पारदर्शिता (ट्रांसपेरेंसी) हो. ऐसा इसलिए ताकि किसी को यह न लगे कि जानकारी छिपाई जा रही है.
खरगे ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें बताया गया था कि पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और कामकाज को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 14 बार आपत्ति जताई थी.
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