Rourkela News: राज्य में भाजपा की डबल इंजन प्रशासन के गठन के बाद राउरकेला एयरपोर्ट को 4सी लाइसेंस दिलाने, आइएलएस व नाइट लैंडिंग सुविधा की स्थापना तथा एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर कवायद तेज कर दी गयी है. इसी कड़ी में हिंदुस्तानीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) ने राउरकेला हवाई अड्डे पर ओएलएस सर्वेक्षण करने के लिए एक टीम बनायी है. यह कदम बड़े विमानों के संचालन के लिए कोड 4सी श्रेणी में राउरकेला हवाई अड्डे के उन्नयन और विस्तार की योजना का हिस्सा है.
20 अप्रैल तक चलेगा सर्वे
जानकारी के अनुसार, सप्ताह भर चलने वाले सर्वेक्षण में कथित तौर पर किसी कारण से एक दिन की देरी हुई और यह बुधवार से शुरू हुआ. एएआइ की ओर से ऑब्सटेकल लिमिटेशन सरफेस (ओएलएस) सर्वे के लिए भेजी गयी इस टीम ने बुधवार को एयरपोर्ट का निरीक्षण किया. इसके बाद सेक्टर-14 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया. इसके अलावा इस टीम ने झीरपानी अंचल व राउरकेला स्टील प्लांट का भी दौरा किया. इसके बाद यह टीम गुरुवार को छेंड कॉलोनी स्थित बीपीयूटी परिसर जाकर वहां भवन की छत से निरीक्षण करेगी. यह टीम एयरपोर्ट के 15 किलोमीटर के दायरे में आनेवाले ऊंचे भवनों तथा पहाड़-पर्वत के बारे में जानकारी हासिल करेगी. 20 अप्रैल तक निरीक्षण के बाद महीने के अंत में इसकी ड्राइंग बनाकर एक रिपोर्ट प्रदान करेगी.
वाणिज्य और परिवहन विभाग के सचिव ने एएआइ के अध्यक्ष को लिखा था पत्र
इससे पहले 15 फरवरी को, वाणिज्य और परिवहन विभाग के सचिव ने एएआइ के अध्यक्ष को इस्पात शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए 4सी कैट-1 आइएफआर संचालन को सक्षम करने के लिए राउरकेला हवाई अड्डे को अपग्रेड करने के राज्य प्रशासन के प्रस्ताव के बारे में लिखा था. इसके अनुसार एएआइ से मास्टर प्लान तैयार करने और ओएलएस सर्वेक्षण करने का अनुरोध किया गया है, जिसका खर्च राज्य प्रशासन वहन करेगी. प्रस्तावित मास्टर प्लान में रनवे को 2,700 मीटर लंबाई और 45 मीटर चौड़ाई तक बढ़ाने की परिकल्पना की गयी है, जिसमें डॉपलर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनी रेंज (डीवीओआर) और कैट-1 आइएलएस के साथ दिन और रात के दौरान एयरबस 320/बी737 जैसे बड़े एयरक्राफ्ट के संचालन की व्यवस्था की गयी है.
भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान को हुई थी बैठक
इससे पहले छह मार्च को केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और सुंदरगढ़ के सांसद जुएल ओराम, राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने हवाई अड्डे के विस्तार में बाधा उत्पन्न करने वाली भूमि संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए एएआइ, जिला प्रशासन और राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. सचेतन नागरिक मंच के अध्यक्ष विमल बिसी ने कहा कि राउरकेला हवाई अड्डे के प्रस्तावित विस्तार के लिए ओएलएस सर्वेक्षण आवश्यक है.
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