Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार का दिन शनि महाराज को समर्पित है. इस दिन शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जिससे शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या के दौरान प्रभाव कम हो सकता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ उनके प्रिय फूल को अर्पित करना चाहिए. आइए जानते हैं कि शनिवार को कौन-सा फूल अर्पित करना शुभ होता है.
अपराजिता का फूल करें शनिदेव को अर्पित
अपराजिता का फूल शनिदेव को अति प्रिय है. यह नीले रंग का फूल शनिदेव/शनि महाराज को अर्पित किया जाता है. साथ ही भगवान शिव को भी यह फूल चढ़ाने की परंपरा है. शनि जयंती पर अगर कोई जातक 5, 7 या 11 अपराजिता के फूल शनिदेव के चरणों में अर्पित करता है, तो शनिदेव प्रसन्न होकर साढ़ेसाती और पनौती के प्रभाव को कम कर देते हैं.
ये भी पढ़ें: जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि नीला रंग शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है. ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन, न्याय, धैर्य और जिम्मेदारियों का कारक ग्रह माना गया है. हालांकि, फूलों की संख्या या किसी विशेष फूल से साढ़ेसाती का प्रभाव निश्चित रूप से कम होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है; ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं.
गुड़हल का फूल है शनिदेव का फेवरेट
शनिदेव को गुड़हल का फूल अति प्रिय है, जिसे चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है. शनि जयंती या किसी भी शनिवार को अगर गुड़हल का फूल शनिदेव को अर्पित करें, तो इसके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं.
गुड़हल का फूल सामान्यतः लाल रंग का होता है और इसे कई देवी-देवताओं की पूजा में प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में फूल अर्पित करने का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति के साथ ग्रह शांति की कामना करना माना जाता है. शनि से संबंधित उपायों में पूजा के साथ संयम, सेवा, दान और जरूरतमंदों की सहायता को भी महत्वपूर्ण माना जाता है.
शनिदेव को शमी का फूल चढ़ाना शुभ
शनिदेव को शमी के फूल चढ़ाना अति शुभ माना गया है. शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें और पूजा के समय ही शमी के पत्ते, शमी के फूल व शमी की जड़ अर्पित करें. शमी के फल चढ़ाने से भी शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है, दुख दूर होते हैं और धन की आवक बढ़ती है.
शमी का संबंध शनिदेव से विशेष रूप से माना जाता है. शनिवार को शमी के पेड़ की पूजा करना, उसके पत्ते अर्पित करना और उसके नीचे दीपक जलाना कई परंपराओं में शनि शांति के उपाय के रूप में बताया जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शमी की पूजा से शनि ग्रह से संबंधित नकारात्मक प्रभावों को शांत करने की कामना की जाती है.
शनिदेव पर चढ़ाएं आक का फूल
मान्यता है कि शनिदेव को आक के फूल बेहद प्रिय हैं. ऐसे में पूजा के समय अगर शनिदेव को आक के फूल अर्पित किए जाएं, तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं.
आक का पौधा भगवान शिव से भी जुड़ा माना जाता है और कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसके फूलों का प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में आक के फूल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों और धार्मिक मान्यताओं में देखने को मिलती है. पूजा में किसी भी फूल को अर्पित करते समय उसकी स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
The post Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार को शनि महाराज पर चढ़ाएं ये खास फूल, धार्मिक मान्यता में बताया गया है शुभ appeared first on Naya Vichar.

