गिरिडीह. जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत मेढ़ो स्थित जयंती नदी में मंगलवार शाम नहाने के दौरान तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गयी. घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गयी. स्थानीय ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों और गोताखोरों की टीम ने देर शाम से रात तक खोज अभियान चलाया. करीब नौ बजे तक तीनों छात्रों के शव नदी से बरामद कर लिये गये. शव मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांधीनगर क्षेत्र के पांच छात्र मंगलवार को दो साइकिलों से घूमने के लिए घर से निकले थे. शाम के समय मेढ़ो स्थित जयंती नदी के मुहाने पर कुछ बच्चों के डूबने की सूचना ग्रामीणों को मिली. सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गये. नदी किनारे दो साइकिल, कपड़े और चप्पल मिलने के बाद परिजनों को सूचना दी गयी.
नदी किनारे मिले सामान से बढ़ी आशंका
गांधीनगर से पहुंचे परिजनों ने नदी किनारे मिले सामान की पहचान की. इसके बाद आशंका गहरा गयी कि लापता छात्र नदी में डूब गये हैं. ग्रामीणों ने तत्काल बचाव का प्रयास किया, लेकिन नदी के गहरे पानी और अंधेरा होने के कारण किसी के लिए अंदर उतरना संभव नहीं हो सका.
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प्रशासन और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सीओ ओमप्रकाश बड़ाइक, थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. प्रशासन की निगरानी में खोज अभियान शुरू किया गया. रात में अभियान जारी रखने के लिए जेनरेटर और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गयी. इसके बाद गोताखोरों की टीम को बुलाया गया.
एक-एक कर मिले तीनों छात्रों के शव
रात करीब साढ़े आठ बजे गोताखोरों ने नदी में खोज अभियान शुरू किया. कुछ ही देर में पहला शव 14 वर्षीय अंश कुमार का बरामद हुआ. इसके बाद करीब 10 मिनट के अंतराल पर 12 वर्षीय श्रेयांश कुमार का शव भी निकाल लिया गया. लोगों के आग्रह पर अभियान जारी रखा गया और तीसरे छात्र 14 वर्षीय आदित्य बरनवाल का शव भी बरामद कर लिया गया. तीनों शव बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजन रोने-बिलखने लगे.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नदी के खतरनाक हिस्सों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और संवेदनशील स्थानों की पहचान कर निगरानी बढ़ाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मानसून के बाद नदी के कई हिस्सों में गहरे गड्ढे और तेज बहाव बना रहता है, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है.
पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
देर रात तक बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे. प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी. एक ही घटना में तीन छात्रों की मौत से गांधीनगर और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं.
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