केंद्र की 8 और बिहार प्रशासन की 42 सीटों पर होगा नामांकन, एसडीओ ने लिया तैयारियों का जायजा
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस की 50 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज हो गई है। आगामी 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर सोमवार को सदर एसडीओ राकेश कुमार ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने काउंसलिंग स्थल पर की गई व्यवस्थाओं, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कॉलेज में काउंसलिंग के लिए कुल 50 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें 8 सीटें केंद्र प्रशासन तथा 42 सीटें बिहार प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर कॉलेज प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से भी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने की जानकारी से सरायरंजन सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है।
एसडीओ ने काउंसलिंग स्थल पर अभ्यर्थियों के लिए बैठने, प्रवेश, निकासी, सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सरायरंजन के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार, अंचलाधिकारी निशांत कुमार सहित कॉलेज के अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।
100 के बजाय 50 सीटों पर मिली मंजूरी
श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए यह मंजूरी लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की अनुमति दी गई है। कॉलेज को पहले 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करने के बाद फिलहाल 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है। इससे कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण तथा पूर्व में बताई गई कमियों के अनुपालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ दूसरी अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया।
समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में भी सुधार पाया गया।
बुनियादी ढांचे से लेकर चिकित्सा सेवाओं में हुआ सुधार
समिति ने मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य और आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना।
कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी लगातार विस्तार हुआ है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उसके उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई।
समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और अस्पताल की नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया।
दूसरी अपील स्वीकार, 50 सीटों की प्रवेश क्षमता
केंद्र प्रशासन की ओर से विधिवत विचार और जांच के बाद समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि कॉलेज की ओर से 100 एमबीबीएस सीटों का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है।
मंजूरी मिलने की जानकारी के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिलने और क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत का रास्ता साफ होने पर प्रसन्नता जताई है। लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने भी कॉलेज को मिली मंजूरी और आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। अब 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग को लेकर कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पहली बार 50 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन शुरू होने से न केवल सरायरंजन बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नई उम्मीद जगी है।