मारुति सुजुकी की कारों की बाजार में मजबूत बिक्री के पीछे कई प्रमुख कारण हैं. मारुति की गाड़ियां कम रनिंग कॉस्ट और बेहतर माइलेज के लिए जानी जाती हैं, जिससे ग्राहकों के लिए इनका इस्तेमाल कॉस्ट-इफेक्टिव रहता है. इसके अलावा इन कारों की मेंटेनेंस कॉस्ट भी रिलेटिवली कम होती है. कार खरीदते समय ग्राहक सिर्फ शुरुआती कीमत नहीं देखता, बल्कि लंबे समय में होने वाले खर्च और कार की रीसेल वैल्यू को भी ध्यान में रखता है. मारुति की कारों को 5 साल बाद बेचने पर भी अच्छी रीसेल वैल्यू मिल जाती है. इन्हीं सब बातों को लेकर हमने ऑटो एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती से बातचीत की है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा है.
वर्तमान में मारुति का कौन-सा मॉडल सबसे ज्यादा बिक रहा है?
मौजूदा समय में मारुति सुजुकी के पोर्टफोलियो में Brezza और Victoris की मांग काफी मजबूत बताई जा रही है. एक्सपर्ट राजीव चक्रवर्ती के अनुसार,
2026 Brezza मॉडल के आने के बाद ग्राहकों की ओर से इसकी डिमांड और क्वेरीज में काफी बढ़ोतरी हुई है. फेस्टिव सीजन से पहले ही Brezza को 2 लाख से अधिक बुकिंग्स मिलने की बात कही गई है. इसके पॉपुलर होने की एक बड़ी वजह इसके आकर्षक फीचर्स के साथ इसकी किफायती कीमत है, जो इसे ग्राहकों के लिए एक मजबूत ऑप्शन बनाती है.
मारुति अपनी कारों को कंपटीटर्स के मुकाबले अफोर्डेबल कैसे बनाती है?
मारुति सुजुकी अपनी कारों को किफायती बनाने के लिए ग्राहकों की मांग और बाजार की जरूरतों को समझने पर फोकस करती है. इसपर राजीव का कहना है कि,
कंपनी कार को डिजाइन करते समय यह ध्यान रखती है कि ग्राहकों को किन फीचर्स की जरूरत है और बाजार में किस तरह की कार की मांग है. इसी आधार पर जरूरी फीचर्स को शामिल किया जाता है, जिससे कार की कीमत को ग्राहकों की जरूरत और बजट के हिसाब से रखा जा सके.
नई कार खरीदते समय ग्राहक किन बातों का ध्यान रखते हैं?
नई कार खरीदते समय ग्राहक के मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि 8-10 लाख रुपये खर्च करने पर उसे इसका कितना रिटर्न मिलेगा और क्या वह अपने पैसे का सही इस्तेमाल कर रहा है. एक्सपर्ट के अनुसार,
ग्राहक मुख्य रूप से कार के माइलेज, मेंटेनेंस खर्च और भविष्य की रीसेल वैल्यू पर ध्यान देते हैं. यही वजह है कि कम रनिंग कॉस्ट वाली कारों की मांग बनी रहती है. उदाहरण के तौर पर S-Presso का CNG वेरिएंट 30 किलोमीटर प्रति किलोग्राम से ज्यादा का माइलेज देता है, जो माइलेज को प्राथमिकता देने वाले ग्राहकों को अट्रैक्ट करता है.
ये भी पढ़ें: EV में आग क्यों लगती है, क्या पेट्रोल कारों से ज्यादा है खतरा? ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट ने बताया पूरा स्पोर्ट्स
फेस्टिव सीजन में क्या तैयारियां और ऑफर्स हैं?
दशहरा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान कारों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में फेस्टिव ऑफर्स और मांग को लेकर राजीव चक्रवर्ती ने बताया कि,
डीलर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त स्टॉक और कारों की उपलब्धता बनाए रखना होती है. शोरूम में कार खड़ी करने से पहले उसकी PDI यानी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन की जाती है, ताकि ग्राहक को डिलीवरी के समय सही स्थिति में वाहन दिया जा सके. फेस्टिव सीजन में ग्राहकों के लिए एक्सचेंज ऑफर्स भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं. दिवाली के दौरान पुरानी कार को एक्सचेंज करने पर मिलने वाला एक्सचेंज बोनस ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है. अक्टूबर महीने में S-Presso पर 35,000 रुपये तक के ऑफर या बोनस भी देखने को मिले हैं.
साल के किस महीने में कार खरीदना बेहतर होता है?
कार खरीदने का सबसे सही समय ग्राहक की व्यक्तिगत जरूरत पर निर्भर करता है. हालांकि, नवंबर और दिसंबर यानी साल के अंत में कार खरीदना कई मामलों में फायदेमंद माना जाता है. इस दौरान डीलर्स पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए ज्यादा डिस्काउंट और ऑफर्स दे सकते हैं. इसके अलावा ग्राहक को नए साल के बैच कोड वाली गाड़ी मिलने की संभावना रहती है. हालांकि, कई ग्राहक धार्मिक आस्था और शुभ मुहूर्त को देखते हुए दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान ही नई कार खरीदना पसंद करते हैं.
ये भी पढ़ें: कंपनी बताती है 200Km, लेकिन मिलती है कम, एक्सपर्ट ने समझाया इलेक्ट्रिक स्कूटर की रियल रेंज का गणित
मारुति और टोयोटा के सहयोग को बाजार से कैसा रिस्पॉन्स मिला?
मारुति सुजुकी और टोयोटा के सहयोग को बाजार में पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है. इस साझेदारी के तहत टोयोटा की इलेक्ट्रिकल और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी का लाभ मारुति को मिला है, जबकि मारुति ने अपनी कॉम्पैक्ट कार टेक्नोलॉजी टोयोटा के साथ साझा की है. इसका एक उदाहरण Maruti Baleno और Toyota Glanza हैं, जहां दोनों कंपनियों के बीच टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट शेयरिंग देखने को मिलती है. एक्सपर्ट के अनुसार, ग्राहक इस तरह के सहयोग पर भरोसा कर रहे हैं और बाजार में इसका रिस्पॉन्स काफी अच्छा रहा है.
E20 पेट्रोल का कारों पर क्या असर पड़ रहा है?
E20 पेट्रोल को लेकर मारुति सुजुकी की तैयारियां काफी पहले से चल रही हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक,
कंपनी 2020 से ही E20 ईंधन के लिए तैयारी कर रही है. ग्राहकों से मिले फीडबैक के आधार पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली अंतर देखने को मिला है, लेकिन इंजन में किसी तरह की खराबी या नुकसान की रिपोर्ट सामने नहीं आई है. एक्सपर्ट के अनुसार, E20 से अगर छोटी-मोटी समस्या आती भी है तो वह कैटेलिटिक कनवर्टर के चोक होने या स्पार्क प्लग के जल्दी गंदा होने जैसी हो सकती है. हालांकि, इंजन खराब होने जैसी किसी बड़ी समस्या की रिपोर्ट नहीं मिली है.
The post Maruti Cars क्यों हैं इतनी पॉपुलर? एक्सपर्ट ने बताया बिक्री का राज, Brezza की डिमांड से E20 पेट्रोल तक जानें पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

