Nana Patekar Death Reason: 8 अक्टूबर की सुबह जब यह समाचार आई कि दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया है, तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री सन्न रह गई. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया और सीना दबाकर सांसें लौटाने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ और उन्होंने दम तोड़ दिया. अभी लोग इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि शाम होते-होते एक और समाचार आ गई कि पुलिस ने इसे लेकर केस दर्ज किया है और कहा जा रहा है कि उनकी मौत नेचुरल नहीं थी.
इस बात ने सबको उलझन में डाल दिया. लेकिन अब उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है, जिसने बिल्कुल साफ कर दिया है कि आखिर उनकी मौत किस वजह से हुई थी.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या निकला?
गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि नाना पाटेकर की मौत पूरी तरह नेचुरल थी. नाना पाटेकर को दिल से जुड़ी पुरानी बीमारी थी. उस रात उनके दिल की खून ले जाने वाली मुख्य नस में खून का एक थक्का (ब्लड क्लॉट) जम गया था. इसकी वजह से दिल तक खून का पहुंचना एकदम बंद हो गया और उन्हें बहुत भारी दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका दिल हमेशा के लिए रुक गया.
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उस रात नाना पाटेकर के साथ क्या हुआ था?
नाना पाटेकर के निधन वाले दिन ही गोवा के मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर ने मीडिया को उस रात की पूरी बात बताई थी. उनके मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर को अपने गोवा वाले फ्लैट पर अचानक बहुत तेज बेचैनी और सीने में दर्द महसूस हुआ था.
उन्होंने फौरन अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर बताया कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं है, और साथ में फोन भी मिलाया. लेकिन आधी रात होने की वजह से अमेय वह मैसेज तुरंत नहीं देख पाए. सुबह करीब 3:30 बजे जब अमेय की नजर मैसेज पर पड़ी, तो वे घबराकर सीधे नाना पाटेकर के घर पहुंचे.
अस्पताल ले जाने की पूरी कहानी
अमेय जब फ्लैट पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि नाना पाटेकर सोफे पर बेसुध पड़े थे और पूरे पसीने से भीगे हुए थे. अमेय ने तुरंत बिल्डिंग के गार्ड और केयरटेकर को बुलाया और पास के मणिपाल अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाई.
डॉक्टरों की टीम ने घर पर ही उन्हें सीपीआर देना शुरू कर दिया था और अस्पताल ले जाते वक्त भी लगातार कोशिश की. लेकिन शरीर ने कोई जवाब नहीं दिया और सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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फिर पुलिस ने केस क्यों दर्ज किया था?
बहुत से लोगों के मन में सवाल था कि अगर मौत दिल के दौरे से हुई, तो पुलिस ने केस क्यों लिखा? इसका जवाब बहुत सीधा है. नियम के मुताबिक, अगर किसी इंसान को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत लाया जाता है, तो कानूनन पुलिस को जांच करनी ही पड़ती है. इसी कानूनी फॉर्मेलिटी की वजह से पणजी पुलिस ने केस दर्ज किया था. पुलिस ने नाना पाटेकर के बेटे मल्हार और भतीजे प्रसाद से भी बात की, और दोनों ने साफ कह दिया कि उन्हें किसी भी तरह की अनहोनी या गड़बड़ी का कोई शक नहीं है.
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