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बस सर्विस से शुरू हुई कहानी, मद्रास की TVS कैसे बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी?

एक जमाना था जब तमिलनाडु के मदुरै और तिरुनेलवेली की सड़कों पर धूल उड़ाती एक बस गुजरती थी, तो बुजुर्ग अपनी जेब से घड़ी निकालकर समय मिलाते थे. लोगों का कहना था- “सूरज भले ही उगने में 2 मिनट की देरी कर दे, लेकिन टी.वी. सुंदरम की बस कभी लेट नहीं हो सकती.”

समय की इसी पाबंदी और भरोसे की नींव पर खड़ा हुआ हिंदुस्तान का एक ऐसा ऑटोमोबाइल घराना, जिसे आज पूरी दुनिया TVS Motor Company के नाम से जानती है. TVS- यह नाम कंपनी के फाउंडर टीवी सुंदरम अयंगर (TV Sundram Iyengar) के पूरे नाम के शुरुआती अक्षरों से लिया गया है.

आज TVS दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में गाड़ियां बेचती है. होसुर के इसके कारखानों में दुनिया की सबसे प्रीमियम मोटरसाइकिल कंपनी BMW की बाइक्स तैयार होती हैं. आज के नया विचार एक्सप्लेनर में तसल्ली से समझेंगे कि कैसे एक बस चलाने वाली कंपनी ने हिंदुस्तान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर अपना परचम लहराया.

टीवीएस के फाउंडर

बस चलाने वाली कंपनी दोपहिया गाड़ियों में कैसे आई?

आजादी के बाद कंपनी ने ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और ब्रेक सिस्टम्स बनाने में महारत हासिल की. लेकिन 1970 के दशक के आखिर में कंपनी ने महसूस किया कि हिंदुस्तान के आम आदमी, छोटे दुकानदार और किसान को एक ऐसे साधन की जरूरत है जो साइकिल से तेज हो, लेकिन कार या बड़ी बुलेट जितना महंगा न हो. यहीं से जन्म हुआ TVS 50 का.

  • 1980 में हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड: तमिलनाडु के होसुर में 1980 में जब 50cc का TVS 50 लॉन्च हुआ, तो यह देश का पहला 2-सीटर मोपेड था.
  • दूधवाले से लेकर सब्जी व्यापारी तक की लाइफलाइन: TVS 50 इतना मजबूत और सस्ता था कि इस पर पीछे दो-तीन दूध की टंकियां लादें या बोरियां, यह हर उबड़-खाबड़ रास्ते पर निकल जाता था.
  • आज का XL 100: यही TVS 50 आज मॉडर्न अवतार में ‘TVS XL 100’ बनकर देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिकता है और कंपनी के सबसे बड़े वॉल्यूम ड्राइवर्स में से एक है.
टीवीएस मोटर कंपनी

TVS के वो 5 गेमचेंजर प्रोडक्ट्स कौन-से हैं, जिन्होंने कंपनी की तकदीर बदली?

प्रोडक्ट लॉन्च वर्ष क्या था खास?
TVS 50 1980 देश का पहला टू-सीटर मोपेड, जिसने हिंदुस्तानीय मिडिल क्लास को पहिए दिए.
Scooty 1994 स्त्रीओं की मोबिलिटी को आजादी दी, हिंदुस्तान में ‘स्कूटी’ शब्द ही एक पूरी कैटेगरी का पर्याय बन गया.
Apache सीरीज 2005 सुजुकी से अलग होने के बाद TVS को ‘स्पोर्ट्स बाइक किंग’ बनाया.
Jupiter 2013 “ज्यादा का फायदा” टैगलाइन के साथ होंडा एक्टिवा के एकाधिकार को खुली टक्कर दी.
iQube 2020 फैमिली-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर, जिसने स्टार्टअप्स की आंधी में भी 10 लाख ग्राहक जोड़े.
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122 साल पुरानी ब्रिटिश कंपनी ‘Norton’ को खरीदना (2020)

अप्रैल 2020 में, जब पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही थी, TVS ने ब्रिटेन की दिवालिया हो चुकी ऐतिहासिक सुपरबाइक कंपनी Norton Motorcycles को करीब 153 करोड़ रुपये खरीद लिया.

  • इस कदम से TVS के पास 650cc से लेकर 1200cc तक की पैरेलेल-ट्विन और V4 सुपरबाइक्स बनाने की लीगेसी और पेटेंट्स आ गए.
  • TVS अब नॉर्टन को ब्रिटेन के सोलिहुल में एक हाई-टेक फैक्ट्री के जरिए दोबारा खड़ा कर रही है, ताकि ट्रायम्फ और रॉयल एनफील्ड जैसी कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर चुनौती दी जा सके.
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टाइमलाइन: 1911 से 2026 तक TVS का सफर

  • 1911: टी.वी. सुंदरम अयंगर ने मदुरै में बस सेवा कंपनी की स्थापना की.
  • 1962: ब्रिटेन के लुकास के साथ मिलकर ऑटो पार्ट्स (Lucas-TVS) बनाना शुरू किया.
  • 1980: हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड ‘TVS 50’ लॉन्च हुआ.
  • 1982: TVS Racing की स्थापना और सुजुकी के साथ ऐतिहासिक करार.
  • 1994: स्त्रीओं के लिए हिंदुस्तान का आइकॉनिक स्कूटर ‘TVS Scooty’ लॉन्च.
  • 2001: सुजुकी से अलग होकर स्वतंत्र ‘TVS Motor Company’ बनी.
  • 2006: परफॉरमेंस सेगमेंट में तहलका मचाने वाली ‘TVS Apache’ आई.
  • 2013: जर्मन दिग्गज BMW Motorrad के साथ ग्लोबल पार्टनरशिप.
  • 2020: ब्रिटिश सुपरबाइक ब्रांड ‘Norton Motorcycles’ का अधिग्रहण और इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘iQube’ की लॉन्चिंग.
  • 2026: iQube के 10 लाख ग्राहक पूरे, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 137% की सालाना ग्रोथ.
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कहां हैं TVS के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट?

आज कंपनी के पास कुल 4 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं:

• हिंदुस्तान में तीन: होसुर (तमिलनाडु), मैसूर (कर्नाटक), और नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश).

• विदेश में एक: करावांग (इंडोनेशिया). इंडोनेशिया ऑपरेशंस ने तो हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 लाख यूनिट्स के प्रोडक्शन का बड़ा माइलस्टोन पार किया है.

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115 साल का सफर तो हो गया… अब अगला पड़ाव क्या है?

अब TVS की कहानी सिर्फ “हिंदुस्तान में ज्यादा बाइक बेचने” तक सीमित नहीं है. कंपनी की अगली रणनीति 5 मजबूत पिलर्स पर खड़ी है:

  • प्रीमियम मोटरसाइकिल्स
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी
  • कमर्शियल थ्री-व्हीलर्स
  • ग्लोबल एक्सपेंशन
  • टेक्नोलॉजी

भविष्य की बड़ी तैयारियां:

  • नॉर्टन पर बड़ा दांव: ब्रिटिश ब्रांड ‘Norton’ को वापस दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए TVS कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. कंपनी इस पर अब तक 200 मिलियन पाउंड से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है.
  • ·BMW के साथ फोकस: BMW Motorrad के साथ मिलकर 500cc से कम इंजन (Sub-500cc) वाली और भी प्रीमियम बाइक्स विकसित की जा रही हैं.
  • ·R&D और AI: TVS अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सप्लाई चेन और कस्टमर एक्सपीरियंस सुधारने में कर रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर सालाना ₹1,254 करोड़ खर्च किए हैं, जिसके पीछे 2,000 से ज्यादा इंजीनियर्स की फौज दिन-रात काम कर रही है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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