US-Iran Agreement : अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में परमाणु समझौते के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा सबसे अहम रहा. अमेरिका ने ईरान से साफ कहा कि अगर वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना छोड़ देता है, तो प्रतिबंध हटने के बाद उसे कहीं अधिक आर्थिक फायदा होगा.
पुराने तनाव के बीच फिर गरमाया हॉर्मुज का मुद्दा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा हॉर्मुज के पास नए शिपिंग रूट बनने के बाद कई व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया. इससे पहले भी ईरान कई बार हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बढ़ाने की बात कहता रहा है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक रास्तों में गिना जाता है.
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ईरान का दावा- ओमान के साथ मिलकर करेंगे प्रबंधन
ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ मिलकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संयुक्त प्रबंधन करना चाहता है. उसका दावा है कि 60 दिनों की समझौता अवधि पूरी होने के बाद वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है. उधर, अमेरिका का कहना है कि इस तरह का कोई भी फैसला खाड़ी देशों की सहमति के बिना नहीं हो सकता.
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18 अगस्त तक समझौते की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून 2026 को हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत 18 अगस्त तक अंतिम समझौते की कोशिश की जा रही है. हालांकि कई बिंदुओं की अलग-अलग व्याख्या को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दोनों पक्षों की अगली वार्ता होगी. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह बातचीत परमाणु समझौते और हॉर्मुज विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाल पाएगी.
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