Hot News

March 3, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

केविवि एवं गुजरात विद्यापीठ के बीच हुआ समझौता

मोतिहारी. महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के गाँधी एवं शांति अध्ययन विभाग तथा गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद के गाँधी दर्शन विभाग के बीच अकादमिक गतिविधियों, शोध उन्नयन, प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं छात्रों के विनिमय के लिए सोमवार को एक एमओयू हुआ. इस समझौता-ज्ञापन पर महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तरफ़ प्रो सुनील महावर ने एवं गुजरात विद्यापीठ की तरफ़ से प्रो प्रेमानंद मिश्र ने हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो प्रसून दत्त सिंह, डॉ जुगल किशोर दाधीच, डॉ नरेंद्र सिंह, डॉ अम्बिकेश त्रिपाठी, डॉ उपमेश, डॉ अनुपम वर्मा एवं अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे. समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो सुनील महावर ने बताया कि यह समझौता-ज्ञापन गाँधी अध्ययन में शोध कर रहे छात्रों के साथ-साथ प्राध्यापकों के अकादमिक उन्नयन में मील का पत्थर साबित होगा. गुजरात बापू की जन्मस्थली है और चंपारण उनकी कर्मस्थली. दोनों स्थानों पर जाकर गाँधी जी से जुड़ी हुई घटनाओं का अध्ययन करने से ज़्यादा स्पष्ट और तथ्यपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. यह समझौता-ज्ञापन दोनों ही संस्थाओं के प्राध्यापकों, शोधार्थियों और छात्रों के लिए लाभकारी होगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post केविवि एवं गुजरात विद्यापीठ के बीच हुआ समझौता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

साहिबगंज में बनेगा एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब, टूरिस्ट सर्किट से जुड़ेंगे झारखंड के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल

Jharkhand Budget: झारखंड के साहिबगंज में नया डोमेस्टिक एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब का निर्माण होगा. साथ ही झारखंड के टूरिस्ट सर्किट के लिए प्रशासन हेलीकॉप्टर शटल सेवा शुरू करेगी. इस पर विचार चल रहा है. इसके तहत झारखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों देवघर, बासुकिनाथ, पारसनाथ, रजरप्पा, इटखोरी के साथ-साथ पर्यटन स्थलों बेतला नेशनल पार्क, पतरातू घाटी के लिए साहिबगंज से हेलीकॉप्टर शटल सेवा की शुरुआत की जायेगी. एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब के लिए भूमि अधिग्रहण करेगी प्रशासन झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को अपने बजट भाषण में यह जानकारी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि साहिबगंज में एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब के निर्माण के लिए चिह्नित भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव को प्रशासन मंजूरी दे चुकी है. प्रशासन टूरिस्ट सर्किट के लिए हेली शटल सेवा शुरू करने की योजना पर भी विचार कर रही है. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले एयर एंबुलेंस की दरों में प्रशासन ने की 50 प्रतिशत की कटौती उन्होंने कहा कि झारखंड के गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए सस्ती दर पर एयर एंबुलेंस सेवा का संचालन हो रहा है. इसकी शुरुआत 28 अप्रैल 2023 को की गयी थी. इस सेवा का लाभ सभी जरूरतमंद गरीबों को उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने इसकी दरों में 50 फीसदी की कटौती कर दी है. वित्त मंत्री ने नागर विमानन मद में 115 करोड़ 19 लाख 37 हजार रुपए का प्रावधान बजट में किया है. झारखंड बजट की समाचारें यहां पढ़ें राधाकृष्ण किशोर ने पेश किया 145400 करोड़ का बजट वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को झारखंड विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए अपना बजट पेश किया. इस बार का बजट 1,45,400 करोड़ रुपए का है, जो वर्ष 2024-25 के बजट से 13 फीसदी अधिक है. हेमंत सोरेन ने इस बजट को संतुलित बजट बताया है, तो बाबूलाल मरांडी ने इसे खोखला और घिसा-पिटा बजट करार दिया है. इसे भी पढ़ें Jharkhand Budget 2025 Reactions: हेमंत सोरेन ने कहा संतुलित बजट, बाबूलाल मरांडी बोले- खोखला और घिसा-पिटा Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान योजना के लिए 13363.35 करोड़ रुपए का प्रावधान Jharkhand Budget 2025: झारखंड के वित्त मंत्री ने पेश किया 145400 करोड़ का बजट, ये हैं प्रमुख घोषणाएं झारखंड प्रशासन का आय-व्यय का ब्योरा : सेंट्रल टैक्स से मिलते हैं 32.35 प्रतिशत पैसे, कहां-कहां होता है खर्च, यहां देखें Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान का दिखा असर, इस विभाग का 95 फीसदी बढ़ गया बजट The post साहिबगंज में बनेगा एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब, टूरिस्ट सर्किट से जुड़ेंगे झारखंड के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Cooperative: श्वेत क्रांति-2 के तहत देश के 80 फीसदी जिलों में दुग्ध संघ का होगा गठन 

Cooperative: देश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. अब देश श्वेत क्रांति-2 की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलेरिटी का महत्व काफी अधिक बढ़ गया है. श्वेत क्रांति-1 से देश ने जो भी हासिल किया है उससे सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलेरिटी को पूरा करना अभी बाकी है. श्वेत क्रांति- 2 का मकसद इस लक्ष्य को हासिल करना है. ‘डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलेरिटी’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि देश का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण विकास, भूमिहीन और छोटे किसानों को समृद्ध बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. पोषण की चिंता करता है, देश को दुनिया का नंबर एक दूध उत्पादक बनाने में योगदान देता है और कृषि के अलावा किसानों को अतिरिक्त आय भी प्रदान करता है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान को 5 ट्रिलियन डॉलर वाली वित्तीय स्थिति, दुनिया में तीसरे नंबर का अर्थतंत्र और 2047 में पूर्ण विकसित देश बनाने के तीन लक्ष्य रखे हैं और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर क्षेत्र में संभावनाओं का शत-प्रतिशत दोहन करने की पद्धति विकसित करनी होगी. डेयरी सेक्टर ने सर्कुलेरिटी के संबंध में गुड प्रैक्टिस को 250 दूध उत्पादक संघों तक पहुंचाने की शुरुआत की है. हिंदुस्तान की कृषि प्रणाली छोटे किसानों पर आधारित है और गांवों से शहर की ओर हो रहा पलायन छोटे किसानों की समृद्धि के साथ जुड़ा हुआ है. ग्रामीण पलायन की समस्या का समाधान करने के साथ छोटे किसानों को समृद्ध बनाने के लिए डेयरी एक महत्वपूर्ण विकल्प है. देश के हर राज्य में दुग्ध संघ बनाना जरूरी गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मौजूदा समय में देश में 23 राज्य स्तरीय संघ हैं लेकिन श्वेत क्रांति- 2 के तहत हर राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संघ और देश के 80 फीसदी जिलों में दुग्ध संघ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए. देश में फिलहाल 28 विपणन डेयरियों की संख्या बढ़ाकर 3 गुना किया जा सकता है. कोऑपरेटिव डेयरी क्षेत्र में उपभोक्ता के पास से आने वाले पैसे में से 75 फीसदी से अधिक किसानों को वापस मिलता है. कॉर्पोरेट सेक्टर में किसानों को 32 फीसदी पैसा वापस मिलता है. देश के हर किसान के लिए इस अंतर को कम करने का लक्ष्य रखना चाहिए और साथ ही 16 करोड़ टन गोबर को कोऑपरेटिव के दायरे में लाने का काम किया जाना चाहिए.  The post Cooperative: श्वेत क्रांति-2 के तहत देश के 80 फीसदी जिलों में दुग्ध संघ का होगा गठन  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Research: आधुनिक तकनीक से तय होगा देश का आर्थिक भविष्य

Research: किसी भी देश की तरक्की में रिसर्च का अहम योगदान होता है. अमेरिका रिसर्च के कारण ही दुनिया का सुपर पावर बना हुआ है. रिसर्च के क्षेत्र में हाल के वर्षों में हिंदुस्तान ने अच्छी तरक्की की है. पिछले एक दशक में देश में रिसर्च पर होने वाला खर्च लगभग दोगुना हो गया है. वर्ष 2013-14 में देश रिसर्च पर 60196 करोड़ रुपये खर्च किया था, जो अब बढ़कर 127381 करोड़ रुपये हो गया है. यह देश की वित्तीय स्थिति का भविष्य तय कर रहा है और देश स्वदेशी तकनीक का भी विकास कर रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र में भी देश में कई तकनीक पर काम हो रहा है.  दिशा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने कहा, प्रशासन डीप-टेक तकनीक के मामले में रिसर्च को बढ़ावा दे रही है और वैश्विक स्तर पर हिंदुस्तान को स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी आधारित इनोवेशन सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए शिक्षाविद, उद्योग और स्टार्टअप का सहयोग लिया जा रहा है. प्रशासन रिसर्च पर सिर्फ खर्च नहीं कर रही है, बल्कि कोशिश है कि नयी तकनीक लैब से उद्योग जगत के पास पहुंचे और देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके. देश में इनोवेशन को बढ़ावा देने, इनोवेशन को जमीनी स्तर पर उतारने और इसके व्यापक उपयोग के लिए दिशा योजना शुरू की गयी है.   इनोवेशन में युवाओं को निभानी होगी सक्रिय भूमिका केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में रिसर्च का इकोसिस्टम तैयार करने के लिए ‘अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ शुरू किया गया है. यह साइंस, सोशल साइंस और अन्य क्षेत्र में समग्र रिसर्च इकोसिस्टम बनाने के मकसद से बनाया गया है. इसका मकसद वैज्ञानिकों के लिए व्यापक मंच मुहैया कराना है ताकि वे हर क्षेत्र के रिसर्चर के साथ मिलकर काम कर सके. रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने सामरिक क्षेत्र जैसे स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने का काम किया है. प्रशासन की कोशिश इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है. निजी क्षेत्र की भागीदारी के बाद स्पेस क्षेत्र में रिसर्च काफी बढ़ा है और कई स्टार्टअप काम कर रहे हैं.  उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यापक असर होने वाला है. इसके प्रयोग से देश के रिमोट इलाके में भी लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मुहैया करायी जा सकेगी. हालांकि एआई और पेशेवर अनुभव के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है. वर्ष 2047 में हिंदुस्तान के आजादी के 100 साल पूरे होने वाले है. ऐसे में विकसित हिंदुस्तान के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होगी और युवा ही देश के तकनीकी भविष्य की रूपरेखा तय करेंगे. ReplyForward The post Research: आधुनिक तकनीक से तय होगा देश का आर्थिक भविष्य appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Box Office Report: छावा रच रही इतिहास, मंडे टेस्ट में फ्लॉप हुई या हिट, 18 दिनों में कमा लिए इतने करोड़

Box Office Report: बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना स्टारर छावा ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और बाहुबली 2, स्त्री और पुष्पा 2 को पीछे छोड़ते हुए वीकेंड 3 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. छावा बॉक्स ऑफिस पर रूकने वाली नहीं है. इसने वर्ल्डवाइड 600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जो साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई है. छत्रपति संभाजी महाराज के रूप में विक्की का दमदार अभिनय फैंस को खूब पसंद आ रहा है. आइये जानते हैं 18वें दिन इसने कितनी कमाई की. छावा ने कमाए इतने करोड़ दिनेश विजान की ओर से समर्थित, लक्ष्मण उटेकर की ओर से निर्देशित और अक्षय खन्ना और विनीत कुमार के दमदार अभिनय से सजी, छावा बॉक्स ऑफिस पर अविश्वसनीय रूप से शानदार प्रदर्शन कर रही है. छावा ने अब हिंदुस्तान में सोमवार को हिंदुस्तान में 3.78 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद इसका टोटल कलेक्शन 462.53 करोड़ हो गया. छावा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन Chhaava Box Office Collection Day 1: 31 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 2: 37 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 3: 48.5 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 4: 24 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 5: 25.25 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 6: 32 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 7: 21.5 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 8: 23.5 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 9: 44 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 10: 40 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 11: 7.2 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 12: 18.5 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 13: 23 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 14: 4.58 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 15: 4.92 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 16: 22 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 17: 25 करोड़ Chhaava Box Office Collection Day 18: 3.78 करोड़ Chhaava Total Collection 462.53 करोड़ नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह छावा के बारे में छावा में आशुतोष राणा, विनीत कुमार सिंह, डायना पेंटी और दिव्या दत्ता जैसे कलाकारों की टोली है. पटकथा, जिसमें विक्की कौशल को मराठा छत्रपति संभाजी महाराज के रूप में दिखाया गया है. हालांकि, अक्षय खन्ना के शक्तिशाली मुगल सम्राट औरंगजेब के चित्रण ने दर्शकों को अपनी मनोरंजक लड़ाई से मंत्रमुग्ध कर दिया है. The post Box Office Report: छावा रच रही इतिहास, मंडे टेस्ट में फ्लॉप हुई या हिट, 18 दिनों में कमा लिए इतने करोड़ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सहरसा: बारात से लाैट रहे युवक की मारी गोली मारकर हत्या, नकाबपोश अपराधियों ने दिया घटना काे अंजाम

सहरसा, दीपांकर श्रीवास्तव: महिषी थाना क्षेत्र के सहरसा-दरभंगा मुख्य मार्ग स्थित बलुआहा पुल पर सोमवार की सुबह बेखौफ नकाबपोश अपराधियों ने बारात से लौट रहे एक बाइक चालक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी. वहीं बाइक चालक को गोली लगते ही बाइक पर सवार अन्य युवक गिरकर जख्मी हो गया. अपराधियों ने बाइक चालक को गोली उसके सीने में मारी. वहीं कुछ लोगों के अनुसार मृतक के सीने के साथ-साथ गाल पर भी गोली मारी गयी है. जिससे उसकी मौत घटना स्थल पर ही हो गयी. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा वहीं घटना की सूचना पर पहुंची महिषी थाना की पुलिस गोली लगे युवक को उठाकर महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लायी. जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई करते पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. जबकि घायल युवक को इलाज के लिए महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है.  घटना की जानकारी होने के बाद रोते परिजन 6 भाई बहनों में तीसरे स्थान पर था मृतक मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा वार्ड नंबर 4 रजवाड़ा निवासी सुचेन प्रसाद यादव के 22 वर्षीय पुत्र विनोद कुमार यादव के रूप में हुई है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि मृतक 6 भाई बहनों में तीसरे स्थान पर था. मृतक के पिता सुचेन यादव ने बताया कि उनका बेटा शनिवार की शाम अपनी बड़ी बहन सुनीता कुमारी के ससुराल सौरबाजार थाना क्षेत्र के मुसहरनियां गांव गया था. वहीं से रविवार को अपनी मां को फोन किया कि वह अपने एक दोस्त की शादी में बारात जा रहा है. उसके बाद वह वहीं से अपने दोस्त की शादी में अपने बहनोई की बाइक से डरहार बारात चला गया. उसके बाद सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे सूचना मिली कि उसको किसी ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है. मृतक पिता ने पड़ोसी पर लगाया आरोप बेटे की मौत पर उन्होंने आशंका जतायी है कि कुछ दिन पूर्व मेरी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी का अपहरण उसी वार्ड के उपेंद्र यादव का पुत्र रतन यादव और उसके कुछ दोस्तों ने मिलकर कर लिया था. जिसकी शिकायत सदर थाना में भी की थी. वहीं अपहरण के चार पांच दिन बाद पुलिस ने मेरी बेटी को बरामद कर घर पहुंचा दिया था. जिसके बाद मेरी बेटी को ले जाने वाला रतन कुमार एवं सौरबाजार का रहने वाला उसका दोस्त विपिन कुमार यादव और मुहल्ले के ही दो लोगों ने मेरे बेटे विनोद को एक महीना के अंदर अंजाम भुगतने का धमकी दी थी. वहीं उसी मामले में रतन के चाचा ने भी धमकी दी थी. वहीं मृतक के शव के साथ सदर अस्पताल सहरसा पहुंचे महिषी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि घटना को लेकर हर पहलुओं पर जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: बिहार के इस शहर को प्रशासन ने दिया 1243 करोड़ का सौगात, सकरी नदी पर बनेगा पुल पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन The post सहरसा: बारात से लाैट रहे युवक की मारी गोली मारकर हत्या, नकाबपोश अपराधियों ने दिया घटना काे अंजाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jharkhand Budget 2025 Reactions: हेमंत सोरेन ने कहा संतुलित बजट, बाबूलाल मरांडी बोले- खोखला और घिसा-पिटा

Table of Contents Jharkhand Budget 2025 Reactions: पूंजीगत खर्च में वृद्धि प्रशासन की बड़ी उपलब्धि – हेमंत सोरेन खोखला, घिसा-पिटा बजट, दूरदर्शिता का अभाव : बाबूलाल मरांडी जनादेश को अपमानित करने वाला है बजट – बाबूलाल मरांडी लोगों की आशाओं और सपनों के अनुरूप है बजट – केशव महतो ‘बजट में 13 प्रतिशत की वृद्धि से राज्य के विकास को मिलेगी गति’ राधाकृष्ण किशोर ने पेश किया 145400 करोड़ रुपए का बजट Jharkhand Budget 2025 Reactions: झारखंड विधानसभा में सोमवार को पेश किये गये 1,45,400 करोड़ रुपए के बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी है. सत्ता पक्ष ने संतुलित और दूरदर्शी सोच वाला बजट करार दिया है, तो विपक्ष ने इसे खोखला और घिसा-पिटा दिशाहीन बजट बताया है. पूंजीगत खर्च में वृद्धि प्रशासन की बड़ी उपलब्धि – हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में बजट पेश किये जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी. हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रशासन ने अपना बजट पेश कर दिया है. यह एक संतुलित बजट है. उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च में वृद्धि हुई है. यह प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है. हेमंत सोरेन ने कहा कि यह बजट हर वर्ग के लिए है. प्रशासन आने वाले दिनों में ऐसा काम करेगी कि जो लोग इस बजट में छूट गये हैं, उन्हें भी शामिल किया जा सके. खोखला, घिसा-पिटा बजट, दूरदर्शिता का अभाव : बाबूलाल मरांडी मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा (हिंदुस्तानीय जनता पार्टी) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस बजट की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह खोखला, घिसा-पिटा और दिशाहीन बजट है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस बजट में दूरदर्शिता का घोर अभाव दिखता है. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले जनादेश को अपमानित करने वाला है बजट – बाबूलाल मरांडी भाजपा नेता ने कहा कि इससे न राज्य की बेरोजगारी दूर होने वाली है, न गरीबी दूर होगी. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन चुनावी घोषणाओं को धरातल पर उतारने में यह बजट पूरी तरह विफल साबित हुआ है. मरांडी ने कहा कि यह जनादेश को अपमानित करने वाला बजट है. झारखंड की ताजा समाचारें यहां पढ़ें लोगों की आशाओं और सपनों के अनुरूप है बजट – केशव महतो उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि बजट झारखंड के लोगों की आशाओं और सपनों के अनुरूप है. यह अबुआ बजट है. इसमें समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है. बजट में प्रशासन की दूरदर्शी सोच दिखती है. अबुआ बजट को बनाने में झारखंड की जनता ने अपने विचार प्रशासन से साझा किये थे. यह जनता का बजट है. झारखंड बजट की समाचारें यहां पढ़ें ‘बजट में 13 प्रतिशत की वृद्धि से राज्य के विकास को मिलेगी गति’ केशव महतो कमलेश ने कहा कि बजट में 13 प्रतिशत की वृद्धि राज्य के विकास को गति देगा. बिना कोई टैक्स लगाये राज्य की आमदनी और खर्च का वित्तीय संतुलन बजट में साफ दिखा. स्थापना एवं योजना व्यय का 37:63 का अनुपात बताता है कि प्रशासन विकास को प्राथमिकता दे रही है. राधाकृष्ण किशोर ने पेश किया 145400 करोड़ रुपए का बजट झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार (3 मार्च 2025) को वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया. 1,45,400 करोड़ रुपए का बजट पेश करते हुए उन्होंने कई बड़ी और अहम घोषणाएं कीं. इसे भी पढ़ें Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान योजना के लिए 13363.35 करोड़ रुपए का प्रावधान Jharkhand Budget 2025: झारखंड के वित्त मंत्री ने पेश किया 145400 करोड़ का बजट, ये हैं प्रमुख घोषणाएं झारखंड प्रशासन का आय-व्यय का ब्योरा : सेंट्रल टैक्स से मिलते हैं 32.35 प्रतिशत पैसे, कहां-कहां होता है खर्च, यहां देखें Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान का दिखा असर, इस विभाग का 95 फीसदी बढ़ गया बजट The post Jharkhand Budget 2025 Reactions: हेमंत सोरेन ने कहा संतुलित बजट, बाबूलाल मरांडी बोले- खोखला और घिसा-पिटा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड के 1.62 लाख सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पुरानी पेंशन योजना पर 832 करोड़ खर्च करेगी हेमंत सरकार

Jharkhand Budget 2025: झारखंड में कार्यरत 1.62 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारियों और लाखों को सेवानिवृत्त पेंशनभोगी प्रशासनी कर्मचारियों को हेमंत प्रशासन ने होली का तोहफा दिया है. सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए सालाना बजट में प्रशासन ने पुरानी पेंशन योजना पर करीब 832 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है. प्रशासन के इस कदम से 1.62 लाख से अधिक प्रशासनी कर्मचारी और सेवानिवृत्त पेंशनभोगी कर्मचारियों और उनके परिवार के लोगों को फायदा होगा. झारखंड में पेंशन फंड का गठन विधानसभा में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड के कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर आर्थिक जोखिमों से दूर कर उन्हें एक सुरक्षित आर्थिक स्रोत सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना का वित्तीय भार कम करने के दृष्टिकोण से पेंशन फंड का गठन किया गया है. इसके लिए वर्ष 2023-24 में 700 करोड़ रुपये और 2024-25 में 780 करोड़ रुपये पेंशन कोष में निवेश किया गया. वित्त वर्ष 2025-26 में 832 करोड़ रुपये का निवेश के लिए बजट प्रस्तावित है. पुरानी पेंशन योजना क्या है? पुरानी पेंशन योजना हिंदुस्तान में प्रशासनी कर्मचारियों के लिए एक रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम है. केंद्र प्रशासन ने 1 जनवरी 2004 से इसे बंद कर दिया है और उसकी जगह नई पेंशन योजना (एनपीएस) को लागू किया है, लेकिन झारखंड में पुरानी पेंशन योजना अब भी लागू है. पुरानी पेंशन योजना के तहत प्रशासनी कर्मचारी को अपने वेतन से कोई योगदान नहीं देना पड़ता है. सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता है. इसके अलावा, पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते (डीए) में होने वाली बढ़ोतरी का लाभ मिलता है. कर्मचारी की मौत के बाद उनके आश्रितों को पेंशन मिलती है और कर्मचारी को जीवनपर्यंत पेंशन मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहती है. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Budget 2025: मंईयां सम्मान का दिखा असर, इस विभाग का 95 फीसदी बढ़ गया बजट झारखंड में 1,62,931 प्रशासनी कर्मचारियों को होगा फायदा प्रशासन की पुरानी पेंशन योजना से झारखंड को करीब 1,62,931 प्रशासनी कर्मचारियों को फायदा होगा. इसके अलावा, प्रशासन के इस कदम से करीब 1.58 से अधिक पेंशनभोगी प्रशासनी कर्मचारियों को भी फायदा होगा. नवहिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में, झारखंड प्रशासन में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,26,049 थी, जिनमें से 1,58,846 पद रिक्त थे और 1,67,203 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे. राज्य प्रशासन ने 1 मार्च 2025 से कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की है. इससे 1,62,931 कर्मचारियों और उनके आश्रितों को लाभ मिलेगा. इसे भी पढ़ें: Jharkhand Budget 2025: तसर रेशम उत्पादन में झारखंड अव्वल, एमएसएमई पर 4863161000 रुपये खर्च करेगी हेमंत प्रशासन The post झारखंड के 1.62 लाख प्रशासनी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पुरानी पेंशन योजना पर 832 करोड़ खर्च करेगी हेमंत प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: क्या भिड़े छोड़ रहे हैं शो, मंदार चंदवाडकर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह फैसला क्यों…

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम मंदार चंदवाडकर अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. वह शो में आत्माराम तुकाराम भिड़े की भूमिका निभाते हैं. उनकी और जेठालाल की जुगलबंदी काफी पसंद की आ जाती है. गोकुलधाम सोसाइटी के वह सेक्रेट्री और पेशे से एक ट्यूशन टीचर हैं. अब एक्टर ने इस अफवाह पर चुप्पी तोड़ी है कि क्या वह शो छोड़ रहे हैं. क्या मंदार चंदवाडकर छोड़ रहे हैं तारक मेहता का उल्टा चश्मा सुभोजित घोष के साथ हाल ही में एक पॉडकास्ट में मंदार चंदवाडकर ने सीरियल छोड़ने की अफवाहों पर कहा, ”सोशल मीडिया को धन्यवाद, मैं वास्तव में चाहता हूं कि एक कानून या कोई लॉ होनी चाहिए, जो यह निर्धारित करेगी कि सोशल मीडिया पर कौन हो सकता है. जहां तक मेरे शो छोड़ने की अफवाहें है, वह केवल व्यूज बटोरने के लिए चैनल फैलाते हैं. यह सब उनके वित्तीय लाभ के बारे में है, जो उनके हैंडल पर अधिक सब्सक्राइबर लेकर आता है. ऐसी फर्जी समाचारों के कारण कई बार मेरे परिवार के सदस्यों ने मुझसे पूछा कि मैंने शो छोड़ने का फैसला क्यों किया है, लेकिन यह सच नहीं है.” नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह क्यों तारक मेहता का उल्टा चश्मा नहीं छोड़ते हैं मंदार मंदार का तारक मेहता को कभी नहीं छोड़ने का मुख्य कारण नौकरी से संतुष्टि है. उन्होंने कहा, ”सीरियल को मैंने 17 साल खूब एन्जॉय किया है और सेट पर आज भी काफी मजा करता हूं. मुझे अपना कैरेक्टर या अपना काम नीरस नहीं लगता. इसके विपरीत, शो के कलाकारों में से हम सभी एक मजबूत परिवार बन गए हैं, जिनमें कोई अहंकार नहीं है. इसके बजाय, हम एक-दूसरे को बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करते हैं. मुझे प्रतिदिन अद्भुत हास्य का अनुभव होता है. हमें अपने शो में दिग्गजों के साथ काम करने का मौका मिलता है. हमारे शो को हर किसी से आशीर्वाद मिला है, इसलिए तो इतने उतार चढ़ाव के बाद भी हमलोगं 17 सालों तक दर्शकों को एंटरटेन कर रहे हैं.” The post Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: क्या भिड़े छोड़ रहे हैं शो, मंदार चंदवाडकर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह फैसला क्यों… appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Green Energy: देश में हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने की तैयारी

Green Energy: आने वाले समय में देश में बस और ट्रक हाइड्रोजन से चलाने की तैयारी है. नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत केंद्र प्रशासन ने हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने के लिए पांच पायलट प्रोजेक्ट चलाने का फैसला लिया है. इससे पहले केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत ट्रांसपोर्ट सेक्टर में पायलट प्रोजेक्ट के लिए दिशानिर्देश जारी कर चुका है. इसके तहत विभिन्न प्रकार के हाइड्रोजन आधारित वाहन, रूट और हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन के लिए प्रस्ताव मांगा गया है. इस प्रस्तावों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद मंत्रालय ने 37 वाहनों के लिए पांच पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. साथ ही 9 रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाया जाना है. पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 15 हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित वाहन के अलावा 22 हाइड्रोजन इंजन वाले वाहन को चलाने की योजना है. यह वाहन 10 रूट ग्रेटर नोएडा- दिल्ली- आगरा, भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी, अहमदाबाद- वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, पुणे-मुंबई, जमशेदपुर-कलिंगा नगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्ची, कोच्ची-इडापल्ली, जामनगर-अहमदाबाद और एनएच 16 पर चलाया जायेगा. यह प्रोजेक्ट टाटा मोटर्स, रिलायंस, एनटीपीसी, अशोक लीलैंड, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल को दिया गया है.  ग्रीन हाइड्रोजन को फ्यूल के तौर पर देना है बढ़ावा इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से 208 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जायेगी और इसे 18-24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन की कोशिश ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के मामले में देश को अग्रणी देश बनाना है. पायलट प्रोजेक्ट का मकसद देश में बस और ट्रक में हाइड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले समय में देश में ट्रक और बसों का संचालन हाइड्रोजन फ्यूल से होगा. ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 4 जनवरी 2023 को 19744 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ लांच किया गया था. हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन से  कोई हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं होता है और यह अन्य वाहनों से अधिक प्रभावी होता है.  हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली गाड़ियों में अधिक आवाज भी नहीं होती है. भविष्य में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के लिए यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. अगर यह तकनीक सफल होती है तो हिंदुस्तान की पेट्रोल, डीजल पर दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और देश कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगा.  The post Green Energy: देश में हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलाने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top