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April 19, 2025

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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सफलता को लेकर जदयू की बैठक

राघोपुर. आगामी 24 अप्रैल को मधुबनी की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर न्यू मार्केट राघोपुर स्थित मनोज यादव के आवासीय परिसर में शनिवार को जदयू कार्यकर्ताओं की बैठक की गयी. बैठक की अध्यक्षता जदयू प्रखंड अध्यक्ष प्रो कमल प्रसाद यादव ने किया. बैठक को संबोधित करते प्रो यादव ने कहा कि आगामी 24 अप्रैल को मधुबनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हो रहा है, जहां विशाल आमसभा किया जाएगा. बताया कि राघोपुर प्रखंड क्षेत्र से अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति उक्त आम सभा में रहे. इसके लिए सभी कार्यकर्ता आज से ही प्रयास शुरू कर दें. मौके पर महेंद्र गुप्ता, मो अखलाक, पूनम देवी, चंदेश्वर साह, नरेंद्र यादव, आकाश सिंह, जितेंद्र कुमार, संपतलाल मंडल, राजेन्द्र साह, अमरनाथ झा, विजय कुमार चौधरी, रंभा कुमारी, नंदलाल मेहता, राजेंद्र मंडल, हरदेव यादव, सहदेव राम, रविन्द्र विश्वास, अशोक झा, मणिकांत झा, लालदेव यादव, सूर्य नारायण मेहता, कृष्णदेव मेहता सहित दर्जनों लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सफलता को लेकर जदयू की बैठक appeared first on Naya Vichar.

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सामाजिक परिवर्तन के बिना राजनीतिक परिवर्तन संभव नहीं

43- प्रतिनिधि, फारबिसगंज शहर के रेफरल अस्पताल रोड में अवस्थित पेंशनर भवन में शनिवार को बामसेफ व सभी ऑफसूट संगठनों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस मौके पर मुख्य व विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए बहुजन मुक्ति पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एड एके अंबेडकर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विद्यानंद पासवान, बहुजन क्रांति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरुण यादव, बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष मो शहनवाज आलम सहित अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. इस मौके पर प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित हुए पूर्णकालिक प्रचारक बामसेफ नयी दिल्ली प्रवेंद्र प्रताप सिंह ने मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश में हजारों, लाखों संगठन हैं लेकिन बामसेफ संगठन की जरूरत क्यों पड़ी, बामसेफ से क्यों जुड़ना चाहिए किन लोगों को जुड़ना चाहिए इसे समझने की जरूरत है. जब इसे समझेंगे और बामसेफ से जुड़ेंगे तो समझ में आयेगा कि समानता क्या है. समाज के प्रति हमारा क्या उत्तरदायित्व है आपके अंदर एक नये ऊर्जा का संचार होगा. सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ेपन को कैसे दूर किया जा सकता है. बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता एके अंबेडकर सहित अन्य ने बामसेफ व सभी ऑफसूट संगठन से जुड़े मौजूद लोगो को संगठन के मजबूती को ले कर विस्तृत रूप से प्रशिक्षण दिया. इस मौके पर मुख्य रूप से सरदार जगदीश सिंह,सगीर अंसारी,शीला शर्मा,मनोज बौद्ध,टुनटुन पासवान, अजित कुमार सिंह, नंदन कुमार यादव,कृत्यानंद यादव, सुनील कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सामाजिक परिवर्तन के बिना नेतृत्वक परिवर्तन संभव नहीं appeared first on Naya Vichar.

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कई गांवों अब भी विकास की रोशनी से दूर

ग्रामीणों को पक्की सड़क, शुद्ध पेयजल तक का नहीं मिल रहा लाभ बलरामपुर प्रखंड के शरीफनगर पंचायत के गांव हैं जहां अभी तक बिहार प्रशासन की ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले नल जल योजना का लाभ महादलित बस्तियों तक नहीं पहुंचा है. इन गांवों के सैकड़ों परिवार शुद्ध पेयजल से वंचित है. इन टोलो में वार्ड 01 हरतारा आदिवासी टोला, वार्ड संख्या 02 पोराबारी तथा भुर्री महादलित टोला, वार्ड संख्या 04 लछौर आदिवासी टोला, वार्ड 05 जमालपुर रामटोला, वार्ड 06 करनिया आदिवासी टोला, वार्ड 08 निमनगर आदिवासी टोला, वार्ड 12 कचराबाड़ी आदिवासी टोला, वार्ड 13 के भटवार बालतर गांव,वार्ड 15 कबिरपुर पासवान टोला दुःख की बात है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी इन टोलों के परिवारों को आज भी प्रशासन की महत्वाकांक्षी नल जल योजना का लाभ नहीं मिल सका है. एक और प्रशासन हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा कर रही है. ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना जैसी अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है. कई महादलित टोले आज भी पक्की सड़क से वंचित है. वार्ड संख्या 01 हरतारा आदिवासी टोला, वार्ड 05 राम टोला, वार्ड 06 करनिया हरीजन टोला एवं वार्ड 14 सितमटोला प्रधानमंत्री सड़क से कुशियामारी आदिवासी टोला तक 1 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए एक हजार की आदिवासी आबादी तथा वार्ड संख्या 15 शादीपुर हाट से कबीरपुर गांव तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए दो हजार की महादलित आबादी वर्षों से एक पक्की सड़क निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की ओर आस लगाए बैठे हैं. इन लोगों को निर्माण की जगह मिलता है तो बस जल्द सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने का आश्वासन दिया जाता है. पंचायत में कई योग्य परिवार राशन कार्ड से वंचित है. एक और विभाग द्वारा पंचायत को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है. अधिकतर महादलित परिवारों के जमीनी हकीकत कुछ और है. आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं. ये महादलित गरीब परिवार स्वयं के खर्चे से शौचालय का निर्माण करने में समर्थ नहीं होने के कारण इन परिवारों को शौचालय योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कई गांवों अब भी विकास की रोशनी से दूर appeared first on Naya Vichar.

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भेलवा स्थित महादलित टोला में लगा शिविर

गम्हरिया. गम्हरिया के भेलवा स्थित महादलित टोला में शनिवार को शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्व, मनरेगा, नली गली योजना, घर घर नल योजना, कुशल युवा प्रोग्राम, कौशल विकास कार्यक्रम, विद्यालय में नामांकन, आंगनबाड़ी से संबंधित सेवा, जन्म मृत्यु पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, उज्वला योजना, श्रम कार्ड, जन धन योजना, जीविका से संबंधित सेवाएं, बिजली संबंधित सेवा, शौचालय संबंधित सेवा, आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, आधार संबंधित सेवा सहित अन्य प्रकार के आवेदन लिए गए. जिसका शिविर में ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया. शिविर में नोडल पदाधिकारी पंचायती राज पदाधिकारी कुमार शुभम, कर्मी राहुल कुमार सिंह, अमन कुमार, समुद्र राम, मो मुकीम, रंजू कुमारी, सुबोध कुमार, पीयूष कुमार, राजेंद्र यादव, उदय कुमार, संतोष कुमार, सतीश कुमार, मो मोइद्दीन साफी, आकाश कुमार, विकास आनंद और रणवीर कुमार मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post भेलवा स्थित महादलित टोला में लगा शिविर appeared first on Naya Vichar.

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आजमनगर रोहिया घाट से आवागमन किया बाधित

– भू-स्वामी ने बैरिकेटिंग लगाकर जताया विरोध आजमनगर प्रखंड स्थित रोहिया घाट पर सुबह से ही आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. आजमनगर पंचायत के उप मुखिया प्रतिनिधि मंसूर आलम ने घाट को बांस-बल्ले से बेरिकेटिंग कर बंद कर दिया. इससे सैकड़ों लोग परेशान रहे. खासकर उन लोगों को काफी कठिनाई हुई जो नाव से नदी पार कर प्रखंड मुख्यालय आते एवं आजमनगर से दियारा क्षेत्र में खेती के लिए जाते हैं. नाव सेवा ठप होने से कई लोग घाट से वापस लौट गये. आरोप है कि आजमनगर रोहिया सैरात का डाक करीब एक माह पहले पंचायत के मुखिया डॉ भरत कुमार राय और पंचायत सचिव प्रभात कुमार ने अनुचित तरीके से किया था. इसका विरोध मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री बलराम मंडल ने किया था. विरोध के बाद पंचायत सचिव ने डाक को रद्द कर दिया था. लेकिन उसके बाद से आज तक घाट का डाक वैध प्रक्रिया से नहीं किया गया है. स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब भू-स्वामी ने घाट की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए घाट को पूरी तरह बंद कर दिया है. उनका कहना है जब तक घाट का संचालन पारदर्शी तरीके से नहीं होगा और उन्हें भूमि की क्षति के लिए मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे घाट चालू नहीं होने देंगे. कारण महानंदा नदी के पश्चिमी छोर पर स्थित लगभग पांच पंचायतों के हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चूंकि नाव ही इन क्षेत्रों के लिए मुख्य आवागमन का जरिया है. इसके बंद हो जाने से लोगों को 25 से 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है. समाचार लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करेगा और घाट से आवागमन पुनः सुचारु रूप से बहाल किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आजमनगर रोहिया घाट से आवागमन किया बाधित appeared first on Naya Vichar.

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मवि आबादपुर में बच्चों को लू के नुकसान व बचाव बताया

आबादपुर मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बारसोई प्रखंड के आबादपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय आबादपुर में बच्चों को लू लगने से होने वाले नुकसान तथा इससे बचाव की जानकारी विस्तार रूप में शनिवार को दी गयी. प्रधानाध्यापक शमीम अख्तर की अगुवाई में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उक्त विद्यालय के छात्र-छात्राओं को लू से होने वाले नुकसान तथा इससे बचाव को लेकर जानकारी देते हुए मॉकड्रिल भी कराया. इस दौरान शिक्षकों ने बताया कि गर्मी के दिनों में वातावरण काफी गरम हो जाता है. गर्म हवाएं चलने लगती हैं. जो लू में परिणत हो जाती है. शिक्षकों ने आगे बताया कि यदि इसका बचाव नहीं किया गया तो स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है. शिक्षकों ने बच्चों को यूं ही खुले में बेकार नहीं निकलने व धुप से बचने की हिदायत दी. हल्के रंग वाले व ढीले ढाले सूती वस्त्र पहनने की बात कही. गमछे एवं टोपी से सिर को ढकने की नसीहत दी. लगातार पानी पीते रहने की बात कही. हल्का भोजन करने तथा अधिक मात्रा वाले मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, ककड़ी, खरबूजा एवं संतरे के इस्तेमाल की बात कही. मौके पर शिक्षक-शिक्षिकायें राशिद रफिकि, शगुफ्ता परवीन, मुशर्रत जहां, वंदना कुमारी, गोरेलाल, शाहनवाज आलम, हराधन राय मुख्य रूप से मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मवि आबादपुर में बच्चों को लू के नुकसान व बचाव बताया appeared first on Naya Vichar.

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Cyber crime : फर्जी कस्टमर अधिकारी बनकर करते थे साइबर ठगी, छह युवक गिरफ्तार

वरीय संवाददाता, देवघर . साइबर थाने की विशेष टीम ने गुप्त सूचना पर सारवां थानांतर्गत गोरेमारा गांव के समीप जंगल में छापेमारी कर छह साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया है. ये सभी फर्जी कस्टमर अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी कर रहे थे. इन लोगों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कराया. पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में पालोजोरी थाना क्षेत्र के डुमरकोला गांव निवासी पंकज कुमार मंडल, सारठ थाना क्षेत्र के कपसा गांव निवासी कुदरत अंसारी, मोहसिन अंसारी, बगडबरा गांव निवासी अमानत अंसारी, सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के मिश्राडीह गांव निवासी अख्तर अंसारी व जसीडीह थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव निवासी अजय दास शामिल हैं. पूछताछ के क्रम में आरोपितों ने बताया कि वे मुख्य रूप से पीएम किसान योजना के लाभुकों को फोन कर योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजकर ठगी का शिकार बनाते थे. वहीं फोन-पे व पेटीएम का फर्जी कस्टमर केयर पदाधिकारी बनकर लोगों को कैश बैक व इनाम मिलने का झांसा देकर ठगी करते थे. इन आरोपितों के पास से छापेमारी टीम ने आठ मोबाइल सहित पांच सिम कार्ड जब्त किये हैं. जांच में इन लोगों के पास से बरामद मोबाइल नंबरों के खिलाफ पहले से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज मिली हैं. छापेमारी टीम में साइबर थाने के इंस्पेक्टर हरदियुस टोप्पो सहित सारवां थाना प्रभारी कौशल कुमार, साइबर थाने के एसआइ अजय कुमार व सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे. ॰आठ मोबाइल सहित पांच सिम कार्ड जब्त ॰जब्त मोबाइल नंबरों के विरुद्ध मिली ऑनलाइन शिकायतें डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Cyber crime : फर्जी कस्टमर अधिकारी बनकर करते थे साइबर ठगी, छह युवक गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Akhilesh Yadav: राणा सांगा विवाद ने पकड़ा तूल, आज अखिलेश यादव की आगरा एंट्री में कार्यकर्ताओं की हुई भारी भीड़

नेतृत्वक हलचल काफी तेज है और इसकी आंच अब ताजनगरी आगरा तक पहुंच चुकी है. शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगरा में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन से मुलाकात करने पहुंचे. हालांकि यह सिर्फ एक ‘शिष्टाचार भेंट’ कही जा रही है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. रामजीलाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर राज्यसभा में दिए गए बयान के बाद जो बवाल मचा, उसने पूरे प्रदेश में नेतृत्वक तापमान बढ़ा दिया. इसी को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने उनके आगरा स्थित आवास पर हमला बोल दिया था, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए.अब अखिलेश यादव का सुमन के समर्थन में आना एक मजबूत नेतृत्वक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. पुलिस-प्रशासन ने इस दौरे को लेकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. Akhilesh yadav: राणा सांगा विवाद ने पकड़ा तूल, आज अखिलेश यादव की आगरा एंट्री में कार्यकर्ताओं की हुई भारी भीड़ 2 संजय प्लेस में सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त शनिवार को संजय प्लेस स्थित एचआईजी फ्लैट्स, जहां सांसद रामजीलाल सुमन का आवास है, को छावनी में तब्दील कर दिया गया. हरीपर्वत चौराहे से स्पीड कलर लैब तक भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई.कोई भी संदिग्ध व्यक्ति इस इलाके में प्रवेश न कर सके, इसके लिए खास निगरानी रखी जा रही है. यहां तक कि स्थानीय लोगों को भी चेतावनी दी गई है कि वे बाहरी व्यक्तियों को घर के अंदर प्रवेश न दें. डीसीपी सिटी सोनम कपूर ने बताया…. डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि किसी भी तरह की अराजकता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. DMFD और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. शुक्रवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन खुद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिले और स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव सिर्फ मुलाकात के लिए आ रहे हैं, किसी तरह का प्रदर्शन या सभा नहीं होगी. The post Akhilesh Yadav: राणा सांगा विवाद ने पकड़ा तूल, आज अखिलेश यादव की आगरा एंट्री में कार्यकर्ताओं की हुई भारी भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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मुर्शिदाबाद की स्थापना एक हिंदू ब्राह्मण बाद में मुसलमान बने मुर्शिद कुली खान ने की थी

Table of Contents मुहम्मद अजीज उद्दीन बंगाल का सूबेदार था, बंगाल था खस्ताहाल मुर्शिद कुली खान और मुहम्मद अजीज उद्दीन में नहीं बनी मुर्शिद कुली खान ने बसाया मुर्शिदाबाद मुर्शिदाबाद में अब मुसलमानों की संख्या अधिक Murshidabad Violence : जन्म से एक हिंदू ब्राह्मण ने बंगाल के मुर्शिदाबाद की स्थापना की थी. हालांकि उस व्यक्ति का पालन-पोषण एक मुस्लिम ने किया था, इसलिए उनसे इस्लाम स्वीकार कर लिया था. मुर्शिदाबाद जिला मुगलों के समय उनकी आय का बड़ा स्रोत था, यहां से मलमल और मसाले का व्यापार होता था और इस काम में हिंदू और मुसलमान दोनों साथ जुटे थे. मुर्शिदाबाद में हिंदू-मुसलमान के बीच सहजीवन था और त्योहारों पर खुशियां मनाई जाती थी. आज उसी मुर्शिदाबाद में हिंदू और मुसलमान आमने-सामने हैं. मुहम्मद अजीज उद्दीन बंगाल का सूबेदार था, बंगाल था खस्ताहाल औरंगजेब ने अपने पोते मुहम्मद अजीज उद्दीन जिसे अजीम-उश-शान भी कहा जाता है, उसे बंगाल का सूबेदार बनाया था. वह 1697 में यहां आया था और काम देख रहा था. लेकिन औरंगजेब ने जिस उम्मीद से उसे यहां भेजा था, वह पूरा नहीं हो पा रहा था तब औरंगजेब ने राजस्व वृद्धि के लिए मुर्शिद कुली खान को बंगाल भेजा. औरंगजेब को यह उम्मीद थी कि मुर्शिद कुली खान मुगलों की खस्ता होती स्थिति को सुधारेगा और राजस्व में वृद्धि करेगा. मुर्शिद कुली खान और मुहम्मद अजीज उद्दीन में नहीं बनी मुर्शिद कुली खान जब बंगाल आया उस वक्त ढाका बंगाल की राजधानी थी. औरंगजेब ने उसे 1700 में बंगाल भेजा. बंगाल आने के बाद उसने पूरे सूबे के राजस्व को करोड़ों में पहुंचा दिया, जो मुगलों की टूटती हिम्मत को सहारा था. प्रसिद्ध इतिहासकर जदुनाथ प्रशासन ने History-Of-Bengal–Vol-2 में लिखा है कि मुर्शिद कुली खान जन्म से ब्राह्मण था, लेकिन उसे बचपन में ही हाजी शफी को बेच दिया गया था और उसने मुर्शिद कुली खान को मुसलमान बनाया और उसकी परवरिश की. मुर्शिद का नाम मुहम्मद हादी था. मुर्शिद कुली खान की उसे उपाधि दी गई थी. जदुनाथ प्रशासन लिखते हैं कि जब मुहम्मद हादी दीवान के रूप में बंगाल आया था, तो उसके अधिकार स्पष्ट नहीं थे, लेकिन उसने अपनी नीतियों से बंगाल की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और करोड़ों का राजस्व दिल्ली को भेजने लगा. औरंगजेब उसपर बहुत भरोसा भी करता था और उसे काम करने की पूरी आजादी दे रखी थी. बंगाल में पहले जागीर थे और उनके अधीन कर वसूली की व्यवस्था थी. इससे प्रशासन के खजाने में ज्यादा कुछ आता नहीं था. मुर्शिद कुली खान ने जागीरों को राज्य के खजाने में मिला दिया, जिससे राजस्व बढ़ गया. उसने राजस्व वसूली का काम ठेके पर देना शुरू किया जिसका बहुत लाभ मिला. मुर्शिद कुली खान स्वतंत्र काम कर रहा था जो अजीम उश शान को पसंद नहीं था, वह चाहता था दीवान मुर्शिद उसके अधीन काम करे. दोनों के बीच अनबन की यह बड़ी वजह बना. मुर्शिद कुली खान ने बसाया मुर्शिदाबाद मुर्शिद कुली खान औरंगजेब के प्रति समर्पित था, उसके प्रति निष्ठा दिखाने के लिए वह हमेशा तत्पर रहता था. दीवान मुर्शिद, सूबेदार अजीम से अधिक प्रतिभावान था, इस वजह से दोनों के बीच बन नहीं रही थी और सत्ता को नुकसान हो रहा था. अजीम उश शान से दूरी बनाने के लिए मुर्शिद कुली खान ने भागीरथी नदी के किनारे मुर्शिदाबाद को बसाया. मुर्शिदाबाद के जरिए व्यापार बहुत सहज हो गया और विदेश से व्यापार होने लगा. उस वक्त शासन में मुसलमान थे, लेकिन व्यापार करने वालों में हिंदू अधिक थे. मुर्शिदाबाद की जनसंख्या भी हिंदू बहुल थी, इस वजह से यहां हिंदू-मुस्लिम एकता दिखी और वे साथ रहते थे. भागीरथी नदी बंगाल के कई हिस्सों को जोड़ती थी इसलिए राजस्व वसूली और प्रशासन में काफी मदद मिली. नदी किनारे होने की वजह से सुरक्षा की दृष्टि से भी यह नगर काफी सुरक्षित था. मुर्शिद कुली खान ने यहां कटरा मस्जिद बनवाया था. मुर्शिदाबाद में अब मुसलमानों की संख्या अधिक स्थापना के वक्त मुर्शिदाबाद नगर में मुसलमानों की संख्या कम थी, जबकि हिंदू बहुसंख्यक थे. लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार मुर्शिदाबाद में मुसलमान 66.27% है, जबकि हिंदू 33.21% हैं. वक्फ अधिनियम के अस्तित्व में आते ही यहां दंगा भड़का और हिंदू और मुसलमान आमने-सामने आ गए. हिंसा की आग में पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की मौत हुई है. Also Read : ‘वक्फ बाय यूजर’ पर सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ कहा, उसका क्या है अर्थ ? हिंदू और मुसलमान के बीच हिंदुस्तान में नफरत की मूल वजह क्या है? आजाद हिंदुस्तान में मुगलों ने मांगी भीख, अंग्रेजों ने 29 बेटों और पोतों का किया था कत्ल Aurangzeb Tomb Nagpur : ओडिशा के मंदिरों पर थी औरंगजेब की नजर, आज उसके कब्र पर मचा बवाल Magadha Empire : अजातशत्रु के बेटे उदयिन ने की थी पटालिपुत्र की स्थापना, लेकिन अन्य शासक निकले नाकाबिल विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें The post मुर्शिदाबाद की स्थापना एक हिंदू ब्राह्मण बाद में मुसलमान बने मुर्शिद कुली खान ने की थी appeared first on Naya Vichar.

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क्या सोना नहीं रहा दुनिया का कीमती मेटल? अनिल अग्रवाल बोले- कॉपर है नया सुपर मेटल!

Costly Metal Copper: क्या सोना अब सबसे कीमती धातु नहीं रहा? वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अनुसार, कॉपर (तांबा) अब “नया सुपर मेटल” बन गया है. उनका मानना है कि हिंदुस्तान में क्रिटिकल मेटल्स और ट्रांजिशन मेटल्स का जबरदस्त भविष्य है और युवा उद्यमियों के लिए यह एक बड़ा अवसर बन सकता है. बैरिक गोल्ड भी बदल रही है दिशा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सोना उत्पादक कंपनी Barrick Gold अब अपना फोकस तांबे की ओर बढ़ा रही है. कंपनी अपने नाम से “गोल्ड” हटाकर खुद को Barrick Mining Corp के रूप में रीब्रांड करना चाहती है. इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि सोने की जगह अब तांबे में निवेश को ज्यादा अहमियत दी जा रही है. हर आधुनिक तकनीक की जरूरत है कॉपर अनिल अग्रवाल ने 18 अप्रैल को एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि कॉपर का इस्तेमाल हर एडवांस टेक्नोलॉजी में किया जा रहा है. चाहे EVs, रिन्यूएबल एनर्जी, AI हो या डिफेंस टेक्नोलॉजी, हर क्षेत्र में तांबे की भूमिका अहम हो गई है. उन्होंने युवाओं से अपील की, “आइए इसे एक मिशन बनाएं.” वैश्विक स्तर पर कॉपर में निवेश Barrick पाकिस्तान में एक तांबे की खदान में 6 बिलियन डॉलर का निवेश कर रही है, जो 2028 तक शुरू होगी और 40 वर्षों तक चलने की उम्मीद है. जाम्बिया की मौजूदा तांबे की खदान का भी विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी खदानों में शुमार हो सकती है. Vedanta Resources जाम्बिया की Konkola Copper Mines (KCM) में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है, ताकि नई परियोजनाओं में फंडिंग की जा सके. वेदांता सऊदी अरब में कॉपर प्रोसेसिंग यूनिट्स पर 2 बिलियन डॉलर का निवेश भी कर रही है. इसे भी पढ़ें: एयर इंडिया कर्मचारी के बेटे का कमाल! कभी कम्यूटर खरीदने के नहीं थे पैसे, आज बना रहे उद्यमी हिंदुस्तान में निवेश और उद्यमिता का सुनहरा अवसर कॉपर को लेकर तेजी से बढ़ती वैश्विक मांग हिंदुस्तान के लिए भी एक सुनहरा अवसर बन सकती है. अनिल अग्रवाल के अनुसार, यदि प्रशासन और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें तो हिंदुस्तान क्रिटिकल मेटल्स के ग्लोबल हब के रूप में उभर सकता है. इसे भी पढ़ें: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं केएल राहुल की पत्नी अथिया शेट्टी, कहां-कहां से होती है कमाई? The post क्या सोना नहीं रहा दुनिया का कीमती मेटल? अनिल अग्रवाल बोले- कॉपर है नया सुपर मेटल! appeared first on Naya Vichar.

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