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April 25, 2025

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तापमान 42 डिग्री के पार, आने वाले दिनों में कमी की संभावना

शेखपुरा. जिला कडा़के की धूप और तेज हवा के बीच उष्ण लहर का सामना करना कर रहा है. तेज धूप ने जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रखा है. लोगों को भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है. दोपहर के समय सड़कों और बाजारों पर पूरी तरह वीरानी देखी जा रही है. जिले का तापमान शुक्रवार को 42 डिग्री सेंटीग्रेड पार कर गया. मौसम विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ा के अनुसार जिला का अधिकतम तापमान 42. 5 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया. यह तापमान 24 घंटा में लगभग एक डिग्री सेंटीग्रेड बढ़त बना रहा. हालांकि न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया. भीषण गर्मी और तेज लू लहर के बीच बाजारों में गर्मी को मात देने वाले पदार्थ विभिन्न प्रकार के फलों और गन्ना के रस ककड़ी खीरा तरबूज आदि की बिक्री जोरों से देखी जा रही है. गर्मी को मात देने के लिए और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग नारियल पानी का सेवन करते भी देखे जा सकते हैं. आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग द्वारा लोगों को गर्मी से बचने के कई सलाह दिए जा रहे हैं. खासकर दोपहर के समय घरों से बाहर नहीं निकलने और घरों से बाहर निकलने पर भरपेट पानी पीकर सूती कपड़े का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है. इस बीच मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में तेज आंधी के साथ बारिश और वज्रपात की भविष्यवाणी की है. हालांकि इसे लेकर यहां के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है. लेकिन, आसपास के जिलों को लेकर भविष्यवाणी जारी की गई है. मौसम का यह मिजाज हवा के कम दबाव के कारण बनने में पश्चिमी विक्षोभ के कारण 29 अप्रैल तक खराब बने रहने की संभावना जताई गई है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तापमान 42 डिग्री के पार, आने वाले दिनों में कमी की संभावना appeared first on Naya Vichar.

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मटिहानी में मिला लापता युवक का शव, परिजनों में मचा कोहराम

मटिहानी. मटिहानी थाना क्षेत्र के मटिहानी पंचायत एक अंतर्गत खरीदी केलाबाड़ी में शुक्रवार को एक युवक का शव बरामद हुआ. युवक की पहचान खरीदी निवासी लक्ष्मी राम के 35 वर्षीय पुत्र डब्लू राम के रूप में हुई है. इस बाबत मटिहानी थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शुक्रवार के सुबह में सूचना मिली थी कि केलाबाड़ी में एक युवक का शव है. सूचना के आधार पर मटिहानी थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. उन्होंने बताया कि खरीदी निवासी लक्ष्मी राम का पुत्र डब्लू राम गुरुवार को ही अपने घर से बाहर गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों होगा खुलासा गुरुवार की रात्रि लगभग 9:00 बजे उसके परिजनों ने मोबाइल पर उससे बात की, तो उसने बताया कि घर आ रहा हूं. इसके बाद वह घर नहीं आया. परिवार के लोग बार-बार फोन करते रहे, परंतु वह कॉल रिसीव नहीं किया. शुक्रवार की सुबह जब शिशु स्कूल जा रहे थे, तो देखा कि केलाबाड़ी में शव पड़ा है. उसकी पहचान की गयी तो शव डब्लू राम निकला. उन्होंने बताया कि मृतक के पैर में सर्प काटने जैसा प्रतीत होता है. हर बिंदु पर जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट होने के बाद खुलासा होगा. पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post मटिहानी में मिला लापता युवक का शव, परिजनों में मचा कोहराम appeared first on Naya Vichar.

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विद्यालय का चापानल खराब, बच्चे परेशान

मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की बुढ़ैई पंचायत के नयाडीह उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. विद्यालय में नामांकित 60 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है. विद्यालय में मात्र एक शिक्षिका ही पदस्थापित है. बताया जाता है कि पूर्व में दो शिक्षक थे. विद्यालय में किचन शेड जर्जर हो गया है, जिस कारण मध्याह्न भोजन बनाने के लिए रसोईया को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. विद्यालय परिसर में परिसर में चापाकल खराब होने के कारण छात्रों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. इस भीषण गर्मी में पठन-पाठन कर रहे बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. साथ ही मध्याह्न भोजन बनाने के लिए अन्यत्र से पानी लाना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि चापानल खराब हो जाने के कारण बच्चों को पानी के लिए काफी मशक्कत करना पड़ रहा है. कहा कि विद्यालय में छात्रों के लिए शौचालय व शिक्षक की कमी को दूर किया जाये. चपानल खराब हो जाने के कारण छात्र-छात्राओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों से खराब पड़े चापानल की मरम्मत व मूलभूत सुविधा दिये जाने की मांग की है. —————- स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का है घोर अभाव, छात्रों को हो रही परेशानी डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post विद्यालय का चापानल खराब, शिशु परेशान appeared first on Naya Vichar.

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Lead News : बाबा साहेब की बातों को मान लिया गया होता तो देश में नहीं होती घटनाएं

दुमका में भाजपा द्वारा आयोजित आंबेडकर सम्मान संगोष्ठी में बोले प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी संवाददाता, दुमकाभाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्रीधर दास की अध्यक्षता में शुक्रवार को श्रीरामपाड़ा स्थित केबी वाटिका परिसर में ””हिंदुस्तान रत्न डॉ भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी”” का आयोजन हुआ. इसमें मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब देश का विभाजन ही नहीं चाहते थे. बाद में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर धर्म के आधार पर देश का विभाजन हो रहा है, तो आबादी का भी इसी आधार पर ट्रांसफर हो जाना चाहिए. धर्म के आधार पर पाकिस्तान बन रहा है, तो मुस्लिम को वहां भेज देना चाहिए. बाबा साहेब आंबेडकर की बातों को अगर उस वक्त मान लिया गया होता तो आज देश में जो घटनाएं हो रही है. वह नहीं होती. कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते कहा नेहरू को आंबेडकर पसंद नहीं थे. कांग्रेस ने उनके साथ लगातार अन्याय किया, उन्हें चुनाव में हराने से लेकर संसद के सेंट्रल हॉल में उनकी तस्वीर न लगाने तक कांग्रेस की सोच में उनके लिए कोई सम्मान नहीं था. यह हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ही है, जिसने उन्हें सच्चे अर्थों में हिंदुस्तानरत्न दिया. संसद के सेंट्रल हॉल में उनकी तस्वीर लगवाकर उन्हें यथोचित सम्मान प्रदान किया. कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस-झामुमो-राजद के नेता दुष्प्रचार कर रही थे कि अगर एनडीए की प्रशासन आयी तो संविधान समाप्त कर देगी, आरक्षण समाप्त कर देगी जिसका दूर दूर तक वास्तविकता से कोई नाता नहीं था. पार्टी ने तय किया कि जनता को वास्तविकता जानना चाहिए कि किस प्रकार जिन्होंने 70 साल तक इस देश पर राज किया उनलोगों ने बाबा साहब के साथ कितना दुर्व्यवहार किया. किस प्रकार अपमानित किया किस प्रकार उपेक्षा की. मंत्री ने संविधान की शपथ लेकर शरीयत को सर्वोपरि बताया : बाबूलाल उन्होंने हेमंत प्रशासन के मंत्री हफीजुल हसन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि संताल परगना से आनेवाला एक मंत्री संविधान की शपथ लेकर शरीयत को सर्वोपरि बताता है. जब एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कहता है कि मुसलमान कब्र में नहीं है, सड़क पर आयेगा तो मार-काट होगी, तो यह बाबा साहब के संविधान का खुला अपमान है. मुर्शिदाबाद जैसे हालात पैदा करने का षड्यंत्र झामुमो और उसके नेता कर रहे हैं, जिसे भाजपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद ने कहा कि डॉ आंबेडकर का जीवन देश के लिए समर्पित था. कांग्रेस और झामुमो जैसी पार्टियों ने उन्हें केवल भाषणों में याद किया, जबकि भाजपा ने उनके विचारों को नीति और नीयत दोनों में आत्मसात किया है. पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि आंबेडकर जी चाहते थे कि हर बच्चा – चाहे वो किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय से हो, समान अवसर पाये, समान शिक्षा पाये. वहीं कांग्रेस- झामुमो जैसी पार्टियां बाबा साहब के नाम का उपयोग तो करती हैं, लेकिन उनके विचारों को जमीन पर लागू करने में पूरी तरह विफल रही हैं. जिला मीडिया सह प्रभारी नवल किस्कू ने बताया जिलाध्यक्ष गौरवकांत, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निवास मंडल, अमरेंद्र सिंह, सीताराम पाठक, अनुज आर्या, अमिता रक्षित, गौरीशंकर यादव, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद सिंह बिट्टू, मार्शल ऋषिराज टुडू, बबलू मंडल, विवेकानंद राय, जिला मंत्री सोनी हेंब्रम, कालेश्वर लायक, मृणाल मिश्रा, ओम केसरी, जीतलाल राय, दिनेश सिंह, दीप्तांशु कोचगवे, रूपेश मंडल, ममता साह, रघुनाथ रजक, दीपक बाउरी, पूनम देवी, उषा दास, माइनो मुर्मू, मणिलाल गृही, अजय सिंह, नकुल साह, राजू दर्बे, बिनोद यादव, अनूप कुमार, संतोष सोरेन, टिंकू गण, गायत्री जायसवाल, दिनेश राम, गौतम रजक आदि ने निर्दोष पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. मंच संचालन अमन राज ने किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Lead News : बाबा साहेब की बातों को मान लिया गया होता तो देश में नहीं होती घटनाएं appeared first on Naya Vichar.

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स्कॉर्पियो ने बाइक सवार में मारा धक्का

डोभी. गुरुवार की रात थाना क्षेत्र के महकमपुर गांव के समीप स्कॉर्पियो ने बाइक में धक्का मार दिया. इससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया. बाइक सवार की पहचान बाराचट्टी थाना क्षेत्र के चंदा निवासी संजीव कुमार के रूप में की गयी है. संजीव कुमार थाना क्षेत्र के सेवइचक गांव से शादी का वीडियो रिकॉर्डिंग करके अपने घर लौट रहे थे. इसी क्रम में स्कॉर्पियो असंतुलित होकर बाइक में धक्का मार दिया. उसके बाद स्कॉर्पियो खेत में जा घुसा. घायल बाइक सवार को प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post स्कॉर्पियो ने बाइक सवार में मारा धक्का appeared first on Naya Vichar.

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शैक्षणिक संस्थानों में यूपीआइ हुआ अनिवार्य, पांच लाख रुपये तक कर सकेंगे भुगतान

संवाददाता, पटना देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अब यूपीआइ (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है. यूजीसी ने राज्यों और विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर यह निर्देश जारी किया है. यूजीसी सचिव प्रो मनीष जोशी के अनुसार, यह कदम डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और छात्रों को अधिक पारदर्शी और सरल भुगतान विकल्प देने के उद्देश्य से उठाया गया है. यूपीआइ के माध्यम से छात्र अब पांच लाख रुपये तक का भुगतान कर सकेंगे. अब तक कई शैक्षणिक संस्थानों में यूपीआइ से भुगतान की सुविधा नहीं थी. इससे छात्रों को भुगतान में परेशानी होती थी, लेकिन अब शुल्क जमा करने से लेकर अन्य वित्तीय लेनदेन तक सब कुछ यूपीआइ के जरिये किया जा सकेगा. यूजीसी ने कहा है कि यह पहल हिंदुस्तान प्रशासन के डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगी और आर्थिक रूप से पारदर्शी व्यवस्था बनायेगी. इसके तहत छात्र ड्राफ्ट, चेक आदि की जगह सीधे अपने मोबाइल या अन्य डिजिटल साधनों से भुगतान कर सकेंगे. इस संबंध में विस्तृत जानकारी यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है. अभी छात्र डिमांड ड्राफ्ट, चेक, नेटबैकिंग के माध्यम से पेमेंट करते हैं, जिसमें देरी होती है. यूपीआइ की बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर, शैक्षणिक सेवाओं के लिए यूपीआइ लेनदेन की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये तक कर दी गयी है. अभी तक एक लाख रुपये तक सीमा निर्धारित थी. राज्य में शिक्षण संस्थानों ने अभी तक यूपीआइ को भुगतान विकल्प में शामिल नहीं किया था. लेकिन वर्ष 2025 से इसे अनिवार्य किया जा रहा है. यूजीसी ने सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को लिखे पत्र में कहा है कि अभिभावकों को भुगतान के लिए यूपीआइ का विकल्प देना जरूरी होगा. संस्थानों से अनुरोध किया गया है कि वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से लेनदेन के लिए यूपीआइ और यूपीआइ क्यूआर भुगतान सुविधाएं उपलब्ध करावानी होंगी. संस्थान किसी भी तकनीकी सहायता के लिए हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) को इमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शैक्षणिक संस्थानों में यूपीआइ हुआ अनिवार्य, पांच लाख रुपये तक कर सकेंगे भुगतान appeared first on Naya Vichar.

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Patna News : पटना हाइकोर्ट व सरकारी विभागों की फर्जी वेबसाइट बना कर कई लोगों से की थी पांच करोड़ की ठगी, दो गिरफ्तार

संवाददाता, पटना : पटना हाइकोर्ट और बिहार प्रशासन के विभागों की फर्जी वेबसाइट बना कर क्लर्क और चपरासी की नौकरी देने का झांसा देकर करीब पांच करोड़ की ठगी कर चुके दो बदमाशों को साइबर थाने की पुलिस ने बोरिंग रोड के गोरखनाथ कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार कर लिया. इनमें बेगूसराय के तेघड़ा का अविनाश कुमार और गर्दनीबाग का पवन शामिल हैं. अविनाश ने गोरखनाथ कॉम्प्लेक्स में ऑफिस बना रखा था. इसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और हाइकोर्ट का फर्जी आइकार्ड बरामद किया गया है. साथ ही पुलिस टीम ने हाइकोर्ट के डॉक्यूमेंट का डिजिटलाइजेशन करने का काम करने वाली कंपनी कार्यालय में भी छापेमारी की. लेकिन, जालसाज सतीश फरार हो गया. यह गिरोह उसी कंपनी के कार्यालय में लोगों को ट्रेनिंग भी दिलवाता था. कंपनी की योगदान पंजी पुलिस ने जब्त कर ली है. अविनाश एमसीए कर चुका है, जबकि पवन प्लस टू पास है. हालांकि, इस गिरोह में शामिल आठ अन्य बदमाश फिलहाल फरार हैं. नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला यह गिरोह करीब दो सालों से सक्रिय है. इन लोगों ने अब तक दर्जनों लोगों से करीब पांच करोड़ की ठगी की है. एक उम्मीदवार से यह गिरोह आठ से दस लाख रुपये की ठगी करता था. गिरफ्तार पवन को पुलिस की छापेमारी होने की भनक लग गयी थी, जिसके कारण वह नेपाल भाग गया था और पत्नी को लेने के लिए पटना आया था. इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया. इमेल आइडी से भेजते थे ज्वाइनिंग लेटर, वेबसाइट पर जारी करते थे रिजल्ट इस गिरोह ने पटना हाइकोर्ट और सचिवालय की फर्जी वेबसाइट बना ली थी और उस पर ही नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालने के साथ ही रिजल्ट भी जारी करता था. लोग उस वेबसाइट को सही मान कर फंस जाते थे. इसके बाद इमेल से उन्हें ज्वाइनिंग लेटर भी भेज दिया जाता था. साइबर थाने के प्रभारी व डीएसपी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में दो को गिरफ्तार कर लिया गया है. अन्य के नाम भी सामने आये हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. इस मामले में एक अधिवक्ता की भी संलिप्तता सामने आयी है. सत्यापन किया जा रहा है. फर्जी वेबसाइट को लेकर दर्ज करायी गयी थी प्राथमिकी पटना हाइकोर्ट की फर्जी वेबसाइट बनाने के को लेकर दो जनवरी, 2025 को रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार मलिक ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया था, जबकि प्रशासनी विभागों की फर्जी वेबसाइट बनाने के मामले में आइपीआरडी के आइटी मैनेजर जीतेंद्र कुणाल ने 20 मार्च को केस दर्ज कराया था. इसके बाद 18 अप्रैल को भोजपुर निवासी सोनू व पालीगंज के दीपक ने साइबर थाने में पटना हाइकोर्ट में नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगी करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. इन दोनों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि आठ-दस लोगों से इस गिरोह ने करीब 50 लाख की ठगी की है. बेंगलुरु में नौकरी करता था अविनाश, कोरोना के दौरान छूट गयी थी नौकरी अविनाश एमसीए करने के बाद बेंगलुरु में नौकरी करता था. लेकिन, कोरोना के दौरान उसकी नौकरी छूट गयी. इसके बाद उसने अपनी कंपनी बनायी और बोरिंग रोड के गोरखनाथ कॉम्प्लेक्स में ऑफिस खोल कर ठगी में शामिल हो गया. इसने हाइकोर्ट व प्रशासनी विभागों की फर्जी वेबसाइट बनायी और जालसाजी का स्पोर्ट्स स्पोर्ट्सने लगा. हाइकोर्ट की फर्जी वेबसाइट बनाने के मामले में पुलिस ने अप्रैल माह में ही सीवान के रामबाबू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. रामबाबू से मिली जानकारी और आइपी एड्रेस के माध्यम से अविनाश को साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : पटना हाइकोर्ट व प्रशासनी विभागों की फर्जी वेबसाइट बना कर कई लोगों से की थी पांच करोड़ की ठगी, दो गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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डायट ढोंगरा के प्रशिक्षु शिक्षकों ने निकाली स्कूल चलो जागरूकता रैली

घोसी. शुक्रवार की सुबह ढोंगरा गांव में अवस्थित डायट में प्रशिक्षण में आये सभी प्रशिक्षु शिक्षकों ने प्राचार्य डॉ मोईनुद्दीन खान, उप- प्राचार्य मुन्ना कुमार के निर्देशन में तथा व्याख्याता डॉ निर्मल कुमार की अध्यक्षता में स्कूल चलो जागरूकता रैली निकाली. यह रैली ढ़ोंगरा डायट से शुरू होकर पूरे ढोंगरा गांव में भ्रमण करते हुए वापस डायट पहुंचकर समाप्त हुई. शिक्षा के लिए एक मुहिम के रूप में इस जागरूकता रैली की समस्त रूपरेखा डॉ निर्मल कुमार ने स्वयं तैयार की. डॉ निर्मल कुमार की अध्यक्षता वाली इस रैली में डॉ प्रशांत भास्कर, डॉ राकेश कुमार, डॉ राजीव नयन एवं डॉ अमरनाथ कुमार ने जागरूकता रैली में बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया तथा रैली को सफल बनाने में पूरा सहयोग किया. शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के समूह का क्रमशः मिंटू कुमार एवं स्वीटी कुमारी प्रतिनिधित्व कर रहे थे. प्राचार्य, उप- प्राचार्य, सभी व्याख्याता एवं प्रशिक्षु- शिक्षकों सहित डायट के सभी कर्मियों ने घर- घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया कि वे अपने उन सभी बच्चों को जो स्कूल जाने की उम्र के हो चुके हैं, वैसे शिशु को विद्यालय अवश्य भेजें एवं जिन बच्चों का विद्यालय में नामांकन है किंतु वे विद्यालय नहीं जाते हैं, उनकी भी उपस्थित विद्यालय में शत- प्रतिशत सुनिश्चित करें. रैली में सभी प्रशिक्षु- शिक्षकों ने पूर्व से तैयार तख्तियां और पोस्टर प्रस्तुत किया. साथ ही उन्होंने सभी बच्चों के स्कूल जाने, शिक्षा के समान अधिकार और शिक्षा के महत्व पर एक से बढ़कर एक नारे भी लगाये. पोस्टर बैनर आदि तैयार करवाने में प्रियंका कुमारी ने मुख्य भूमिका निभायी. डायट प्रबंधन की तरफ से पांच प्रशिक्षु- शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया गया. बातचीत के क्रम में रैली की अध्यक्षता कर रहे कुमार ने नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए बताया कि राज्य भर के सभी प्रशिक्षण महाविद्यालयों में प्रशासनी विद्यालय के शिक्षकों का अनवरत प्रशिक्षण संचालित है जिसका मूल उद्देश्य है कि सभी शिक्षकों को शिक्षा के विभिन्न कौशलों में निपुण कर, नई शिक्षण पद्धति से अवगत कर तथा नवाचार से उन्हें अद्यतन कर इन सभी सीखे गये कौशलों को विद्यालय तक पहुंचाया जाये. अर्थात शिक्षक- प्रशिक्षण से मिली सीख का व्यापक अनुप्रयोग शिक्षकों को प्रशिक्षण के बाद अपने- अपने विद्यालयों में आवश्यक रूप से करना है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो कहीं न कहीं विद्यालय एक प्रयोगशाला के रूप में ऊभर कर हमारे सामने आते हैं. ऐसे में हम सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि जिस प्रक्रिया का अंतिम चरण या लक्ष्य विद्यालय और विद्यालय में पढ़ने वाले शिशु हैं, उनके लिए ठोस प्रयास किया जाये, किंतु अवलोकन से पता चलता है कि बहुत से शिशु जो विद्यालय जाने की उम्र के हो गये हैं, उनका विद्यालय में नामांकन ही नहीं है और यदि नामांकन है भी तो वे किन्हीं कारणों से विद्यालय नहीं आते हैं अथवा नहीं आ पाते हैं. इसी क्रम में हमारी तरफ से पहल करते हुए यह जागरूकता रैली निकाली गयी है कि हम घर- घर जाकर अभिभावकों को जागृत करें कि वे परिवार के प्रत्येक उस शिशु को जो विद्यालय जाने की उम्र का हो गया है, विद्यालय अवश्य भेजें. जिन बच्चों का नामांकन नहीं हुआ है, उनका नामांकन अनिवार्य रूप से नजदीकी विद्यालय में करा दें. उप- प्राचार्य मुन्ना कुमार ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा बालक एवं बालिका दोनों का समान अधिकार है तथा अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे सभी बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें, तभी हमारे मूल उद्देश्यों की प्रतिपूर्ति हो सकती है. सभी प्रखंड वासी डायट प्रशासन की इस पहल तथा निर्मल कुमार की अध्यक्षता वाली रैली के मूल उद्देश्यों की सराहना कर रहे हैं. इस अवसर पर उमाकांत, आनंद सागर तिवारी, रंगनाथ तिवारी, सत्यम, देवकांत, रोहित, इम्तियाज, नीरज, राजेश कुमार तथा नौलेश आदि उपस्थित रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post डायट ढोंगरा के प्रशिक्षु शिक्षकों ने निकाली स्कूल चलो जागरूकता रैली appeared first on Naya Vichar.

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जंक फूड से दूर रहें विद्यार्थी

प्रतिनिधि, खलारी. उर्सुलाइन कॉन्वेंट स्कूल में सीबीएसइ के जारी निर्देश के अनुसार पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतिम दिन कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. सर्वप्रथम कक्षा चार के विद्यार्थियों ने एक हास्य नाटक प्रस्तुत किया. जिसमें उन्होंने अपोषक खाद्य पदार्थ तथा तली-भुनी चीजें खाने से शरीर को क्या नुकसान होने और पारंपरिक व पौष्टिक भोजन खाने से होनेवाले लाभ संबंधी नाटक प्रस्तुत किया. नन्हें कलाकारों ने हास्य नाटक के सूत्रधार अनन्या सिंह, अम्बुज कर्मकार और मुकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रस्तुत किया. कक्षा सात व आठ के विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी. जिसका शीर्षक पोषण : स्वास्थ्य और स्वच्छता था. इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सेंट उर्सुला हाउस, द्वितीय स्थान पर फादर जॉन लैंबर्ट्स और तृतीय स्थान पर सेंट जेवियर हाउस रहे. क्विज प्रतियोगिता के संचालक शिक्षक शशि कुमार, अल्का राही, नॉरबर्ट टोप्पो, सुबी सिंह और करिश्मा उजाला लकड़ा थे. इस अवसर पर प्राचार्या डॉ सिस्टर निर्मला सैमुअल ने पोषण पखवाड़ा को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार प्रकट किया. साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने लंच बॉक्स में हमेशा पारंपरिक और पौष्टिक भोजन ही लायें. उन्होंने बच्चों को चाऊमीन, पास्ता, पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से भी बच्चों की टिफिन में पौष्टिक भोजन देने की अपील की. कार्यक्रम में सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी शामिल थे. 25 खलारी 06 : नाटक प्रस्तुत करते विद्यार्थी.B डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जंक फूड से दूर रहें विद्यार्थी appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता में एलटी वीजा पर रह रहे पाक नागरिकों पर खुफिया एजेंसियों की नजर

– शुरुआती जांच में खुलासा, अधिकतर गृहिणियां हैं, जो एलटी वीजा पर रह रहीं – इनकी गतिविधियां संदिग्ध मिली, तो परिवार के जरिये हो सकती है पूछताछ कोलकाता. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने कोलकाता में एलटी (लांग टर्म) वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है. इधर, विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सार्क वीजा या ””””एसवीइएस”””” वीजा पर हिंदुस्तान में रह रहे पाकिस्तानियों को 48 घंटे के भीतर हिंदुस्तान छोड़ने का आदेश दिया था. खुफिया सूत्रों के अनुसार, इसके बाद से महानगर में सार्क और एलटी वीजा पर रह रहे नागरिकों के बारे में खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कोलकाता में कोई पाकिस्तानी नागरिक इन वीजा की मदद से रह तो नहीं रहा. खुफिया सूत्रों ने बताया कि अबतक की जांच में पता चला कि कोलकाता में फिलहाल कुछ पाकिस्तानी नागरिक ””””दीर्घकालिक वीजा”””” या ””””एलटी वीजा”””” के साथ मौजूद हैं. इनमें से एक बड़ा हिस्सा गृहिणियां हैं. इनमें से कुछ पाकिस्तानी स्त्रीएं वर्षों से कोलकाता में रह रही हैं. क्या हैं नियम : नियमों के अनुसार, यदि इस देश का कोई निवासी किसी पाकिस्तानी से विवाह करता है, तो उसे पहले विचार-विमर्श के बाद पांच वर्ष के लिए ””””एलटी वीजा”””” दिया जाता है. उसके बाद एक या दो साल के लिए वीजा जारी किया जाता है. उस वीजा को फिर से नवीनीकृत करने की आवश्यकता होती है. खुफिया सूत्रों ने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद से उन पाकिस्तानी नागरिकों की गतिविधियों पर अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी गयी है. विशेष रूप से, वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि ये पाकिस्तानी नागरिक किसके संपर्क में रह रहे हैं. ज्यादातर एलटी वीजा पर रह रहीं इन गृहिणियों में कई पाकिस्तान के साथ निरंतर संपर्क बनाये रखती हैं. खुफिया विभाग ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या कोलकाता में कोई अन्य शख्स इन पाकिस्तानी गृहिणियों के माध्यम से अन्य पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में है या नहीं. यदि ऐसा है, तो यह केवल रिश्तेदारी के लिए है, या इसके पीछे कोई और मकसद है. पाकिस्तान में जिन लोगों के साथ वे निरंतर संपर्क में रहते हैं, उनकी पहचान भी खुफिया एजेंसियों की नजर में है. पता चला है कि पहलगाम की घटना के बाद से राज्य व केंद्रीय खुफिया एजेंसियां कोई ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहतीं, जिससे भविष्य में कोई गड़बड़ी हो. सूत्रों का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ, तो वे उक्त पाकिस्तानी गृहिणियों के परिवार से भी बात करेंगे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कोलकाता में एलटी वीजा पर रह रहे पाक नागरिकों पर खुफिया एजेंसियों की नजर appeared first on Naya Vichar.

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