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October 10, 2025

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Kantara Chapter 1 Box Office Records: कांतारा चैप्टर 1 ने मचाया कोहराम, 500 करोड़ क्लब में एंट्री की तैयारी, फिर भी कुली- छावा और इस फिल्म से पीछे

Kantara Chapter 1 Box Office Records: ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा चैप्टर 1 ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त दहाड़ लगाई. फिल्म की कमाई रुकने का नाम नहीं ले रही. कन्नड़ पीरियड एक्शन महाकाव्य की तारीफ दर्शकों के साथ-साथ सेलेब्स भी कर रहे हैं. मूवी में ऋषभ के अलावा रुक्मिणी वसंत, गुलशन देवैया और जयराम ने लीड रोल निभाया हैं. फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई कांतारा का प्रीक्वल है. फिल्म का जादू दुनियाभर में भी चल रहा है. फिल्म ने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए है, लेकिन फिर भी ये इस साल की 3 ब्लॉकबस्टर मूवी के रिकॉर्ड तोड़ने से पीछे रह गई. कांतारा ने देश-दुनियाभर में कितनी कमाई कर ली? कांतारा चैप्टर 1 को मेकर्स ने सिनेमाघरों में पांच भाषाओं कन्नड़, तेलुगु, हिंदी, तमिल और मलयालम में रिलीज किया. सबसे ज्यादा कलेक्शन कन्नड़ वर्जन कर रही है और उसके बाद हिंदी वर्जन कमाई कर रही है. Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, मूवी ने हिंदुस्तान में सभी भाषाओं में अभी तक 334.94 करोड़ रुपये का बिजनेस किया. इसके अलावा दुनियाभर में इसने 446 करोड़ रुपये बटोर लिए. जिस तेजी से ये बॉक्स ऑफिस पर आगे बढ़ रही है, ये जल्द ही 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. इन 3 फिल्मों का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई कांतारा चैप्टर 1 बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करने वाली कांतारा चैप्टर 1 ने कई रिकॉर्ड्स को अपने नाम कर लिया. हालांकि इस साल रिलीज हुई अहान पांडे-अनीत पांडे की फिल्म सैयारा, विक्की कौशल- रश्मिका मंदाना की छावा, रजनीकांत, नागार्जुन और श्रुति हासन की कुली का वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड अभी तक नहीं तोड़ा है. सैयारा ने वर्ल्डवाइड 570.3 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, छावा ने 807.91 करोड़ और कुली ने 518 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यह भी पढ़ें- Kantara Chapter 1: राम गोपाल वर्मा की तारीफ पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं एक बच्चा हूं फिल्म इंडस्ट्री में The post Kantara Chapter 1 Box Office Records: कांतारा चैप्टर 1 ने मचाया कोहराम, 500 करोड़ क्लब में एंट्री की तैयारी, फिर भी कुली- छावा और इस फिल्म से पीछे appeared first on Naya Vichar.

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Women World Cup 2025: साउथ अफ्रीका से हार के बाद प्वाइंट्स टेबल में भारत की कुछ ऐसी हालत

Women World Cup 2025: आईसीसी स्त्री वनडे वर्ल्ड कप 2025 में टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका (IND W vs SA W) के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा. केपटाउन में स्पोर्ट्से गए इस मैच में हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन बनाए, लेकिन अफ्रीकी टीम ने शानदार वापसी करते हुए 48.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. इस हार के बावजूद हिंदुस्तान की टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि साउथ अफ्रीका ने जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. (Table Updated After Ind W vs SA W Match). टीम इंडिया खराब बल्लेबाजी हिंदुस्तानीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 23 रन की पारी स्पोर्ट्सी, जबकि प्रतीका रावल 37 रन बनाकर आउट हुईं. इस मुकाबले में भी हिंदुस्तानीय टीम के मध्यक्रम में जेमिमा रॉड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कुछ खास नहीं किया. जेमिमा बिना खाता खोले तो हरमन 9 रन पर आउट होकर पवेलियन लौट गई. विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष की 94 रन की पारी की बदौलत टीम का स्कोर 250 के पार पहुंच पाया. स्नेहा राणा ने 33 रन की तेज पारी स्पोर्ट्सी, जिसके बाद पूरी टीम 49.5 ओवर में 251 रन पर सिमट गई. साउथ अफ्रीका की ओर से क्लो ट्रेयोन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट निकाले, जबकि डि क्लर्क और म्लाबा ने 2-2 विकेट निकाले. खराब शुरुआत के बाद जबरदस्त वापसी लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. हिंदुस्तानीय गेंदबाज क्रांति गौड़ और स्नेहा राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 142 के स्कोर तक छह विकेट गिरा दिए. इस समय मैच पूरी तरह हिंदुस्तान की पकड़ में दिख रहा था. लेकिन इसके बाद नादिन डी क्लर्क और क्लोए ट्रेयोन ने 7वें विकेट के लिए 69 रनों की बेहद अहम साझेदारी कर टीम को संकट से उबारा. डी क्लर्क ने 84 रन बनाए, जबकि ट्रेयोन ने 49 रन की ताबड़तोड़ पारी स्पोर्ट्सी. दोनों के बीच हुई यह साझेदारी साउथ अफ्रीका की जीत की दिला दी. प्वाइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव इस जीत के साथ साउथ अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की और चार अंकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई. उनका नेट रनरेट -0.888 है. वहीं हिंदुस्तानीय टीम को मिली इस हार से उसके चार अंक ही रह गए, लेकिन बेहतर नेट रनरेट (0.953) के कारण वह तीसरे स्थान पर बनी हुई है. ऑस्ट्रेलियाई टीम 5 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है, जबकि इंग्लैंड की टीम 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है. बांग्लादेश की टीम दो अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है, जबकि श्रीलंका छठे स्थान पर है. न्यूजीलैंड और पाकिस्तान की टीमें अभी तक खाता नहीं खोल सकी हैं और सातवें और आठवें स्थान पर हैं. हिंदुस्तान की अगली चुनौती  टीम इंडिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार तरीके से की थी और लगातार दो मुकाबले जीते थे, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस हार से उनके आत्मविश्वास को झटका जरूर लगा है. टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता मिडिल ऑर्डर की अस्थिरता और डेथ ओवरों में गेंदबाजों की लय को बनाए रखना होगा. हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया को अब अपनी कमजोरियों से सीख लेकर अगले मैचों में मजबूत वापसी करनी होगी. ये भी पढ़ें- Watch: धोनी का क्रिकेट में नया अंदाज, जींस टी-शर्ट पहनकर स्पोर्ट्सने उतरे मैदान पर, फैंस नजारा देखकर हैरान Women World Cup 2025: हिंदुस्तान के विजयी रथ पर लगा ब्रेक, साउथ अफ्रीका ने तीन विकेट से दी मात, ऋचा की पारी गई बेकार The post Women World Cup 2025: साउथ अफ्रीका से हार के बाद प्वाइंट्स टेबल में हिंदुस्तान की कुछ ऐसी हालत appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election News: बाहुबली नेता अशोक महतो को नहीं मिली राबड़ी आवास में एंट्री, तेजस्वी के गार्ड ने दरवाजे से लौटाया

Bihar Election News: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर नेतृत्वक दलों के बीच गहमागहमी तेज हो गई है. महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज है. इसी कड़ी में गुरुवार की रात को आरजेडी के बाहुबली नेता अशोक महतो राबड़ी आवास पहुंचे. तेजस्वी यादव से मुलाकात करने अशोक महतो पहुंचे थे. लेकिन, अशोक महतो को घर में एंट्री नहीं मिली. क्यों अशोक महतो गये थे तेजस्वी से मिलने? दरअसल, अशोक महतो काफी देर तक राबड़ी आवास पर खड़े रहे. लेकिन उन्हें तेजस्वी के गार्ड ने रोके रखा. आखिरकार अशोक महतो की मुलाकात नहीं हो पाई और गार्ड ने दरवाजे से ही उन्हें वापस भेज दिया. जानकारी के मुताबिक, बाहुबली नेता अशोक महतो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं और वे टिकट के सिलसिले में ही तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे थे. लोकसभा चुनाव में अशोक महतो की पत्नी ने लड़ा था चुनाव मालूम हो लोकसभा चुनाव 2024 में अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी ने चुनाव लड़ा था. बिहार की मुंगेर लोकसभा सीट से उन्हें आरजेडी का उम्मीदवार बनाया गया था. इतना ही नहीं, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद ही अनीत देवी को मुंगेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिये सिंबल दिया था. लेकिन, गुरुवार की रात राबड़ी आवास से अशोक महतो को टिकट तो दूर की बात, बिना मुलाकात किये ही लौटना पड़ गया. खरमास में बाहुबली नेता ने रचाई थी शादी याद दिला दें, साल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अशोक महतो ने दिल्ली के आरके पुरम की रहने वाली अनीता देवी से शादी रचाई थी. उन्होंने खरमास में ही अपने से कई साल छोटी अनीता देवी से ब्याह कर लिया था. जिसके बाद वे सीधा आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से मुलाकात करने और आशीर्वाद लेने पहुंच गये थे. अनीता देवी को मुंगेर लोकसभा सीट के लिये टिकट दिया गया था. लेकिन वे चुनाव हार गईं थी. Also Read: Bihar Chunav: कौन हैं प्रीति किन्नर जिस पर पीके ने जताया भरोसा, इस सीट से बनाया उम्मीदवार, NDA-RJD को देंगी कड़ी टक्कर The post Bihar Election News: बाहुबली नेता अशोक महतो को नहीं मिली राबड़ी आवास में एंट्री, तेजस्वी के गार्ड ने दरवाजे से लौटाया appeared first on Naya Vichar.

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Karwa Chauth Special Recipe: करवा चौथ डिनर में वाइफ के लिए प्लान करें कुछ खास, अपने हाथों से तैयार करें काली दाल की रेसिपी

Karwa Chauth Special Recipe: शादीशुदा स्त्रीओं के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत ही स्पेशल होता है. हर साल इस खास दिन पर स्त्रीएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम में चांद देखने के बाद व्रत को खोलती हैं. इस मौके पर डिनर में कुछ खास चीजों को बनाया जाता है. आप इस खास मौके पर काली दाल की रेसिपी को बनाकर अपनी वाइफ को सरप्राइज दे सकते हैं. इसे आप आसानी से बना सकते हैं और डिनर के टाइम पर वाइफ के साथ इस डिश को एन्जॉय कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.  काली दाल बनाने के लिए सामग्री  साबुत उड़द दाल- 1 कप पानी हल्दी पाउडर- आधा छोटा चम्मच तेज पत्ता- एक  बड़ी इलायची- 1  दालचीनी- 1 छोटा टुकड़ा चना दाल- आधा कप नमक- स्वादानुसार घी- 2 बड़े चम्मच जीरा- 1 चम्मच हींग- एक चौथाई छोटा चम्मच लहसुन- कटा हुआ एक बड़ा चम्मच अदरक- 1चम्मच कद्दूकस किया हुआ हरी मिर्च- 2 लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच गरम मसाला- आधा चम्मच हरा धनिया- बारीक कटा हुआ यह भी पढ़ें- Karwa Chauth Special Kesar Pulao: करवा चौथ के खास मौके पर बनाएं स्वाद और खुशबू से भरपूर केसर पुलाव काली दाल बनाने की विधि  काली दाल की रेसिपी के लिए आप सबसे पहले आप दाल को धो लें और कुकर में 3-4 कप पानी डालकर कम आंच पर 4-5 सीटी आने तक उबालें. दाल को चेक कर लें अगर ये नहीं पका है तो थोड़ी देर और पका लें. अब एक कड़ाही में घी को गरम करें. इसमें आप जीरा, तेज पत्ता, बड़ी इलायची, दालचीनी और हींग डालें. जब जीरा चटकने लगे तब आप बारीक कटा लहसुन और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें और हल्का सा फ्राई कर लें. इसमें अब आप बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च को डालकर पकाएं. अब आप इसमें टमाटर को डाल दें. इसमें अब आप लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला को भी मिला दें. अब आप उबली हुई दाल को उबाल लें इसे आप धीमी आंच पर 5 मिनट तक के लिए पका लें. अगर आप इसे ज्यादा गाढ़ा करना चाहते हैं तो ज्यादा देर तक पकाएं. इसके ऊपर से आप धनिया पत्ती को डालें और घी डालकर सर्व करें.  दाल से आप और क्या बना सकते हैं? आप दाल से दाल तड़का, दाल फ्राई या सिंपल दाल को बना सकते हैं.  अमृतसरी दाल को कौन सी चीजों के साथ सर्व करें? अमृतसरी दाल को आप चावल, नान या रोटी के साथ सर्व कर सकते हैं. दाल को क्रीमी कैसे बनाएं? आप दाल को क्रीमी बनाने के लिए इसे ज्यादा देर तक के लिए पकाएं. इसके ऊपर आप घी या क्रीम को डाल दें.  यह भी पढ़ें- Karwa Chauth Dinner Ideas: करवा चौथ को बनाएं यादगार, डिनर में ट्राई करें ये स्पेशल रेसिपी आइडियाज यह भी पढ़ें- Karwa Chauth Special Sweets Dish Ideas: करवा चौथ की शाम को बनाएं और भी खास, ट्राई करें ये स्पेशल स्वीट्स डिश आइडियाज  The post Karwa Chauth Special Recipe: करवा चौथ डिनर में वाइफ के लिए प्लान करें कुछ खास, अपने हाथों से तैयार करें काली दाल की रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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APJ Abdul Kalam: भारत रत्न कलाम…अखबार बेचने से राष्ट्रपति भवन तक, ‘सपना देखना’ सिखाती हैं ‘मिसाइलमैन’ की ये 5 बातें

APJ Abdul Kalam Biography: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम हिंदुस्तान के सबसे प्रिय वैज्ञानिकों और असाधारण नेताओं में से एक थे. अपनी सादगी और दूरदर्शी विचारों के कारण वह छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय रहे. उनका जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी है जो सिखाती है कि चाहे कितनी भी कठिनाइयां हों…हार नहीं माननी चाहिए. अखबार बेचने से लेकर हिंदुस्तान को मिसाइल और अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने तक, उनके योगदान ने दुनिया भर में अपनी अमिट छाप छोड़ी. वह 2002 से 2007 तक देश के 11वें राष्ट्रपति भी रहे और उन्हें जनता का राष्ट्रपति कहा गया. 15 अक्टूबर को उनकी जयंती (APJ Abdul Kalam Birth Anniversary in Hindi) है तो इससे पहले उनके बारे में जानना बहुत जरूरी है. आइए यहां ‘मिसाइलमैन’ डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम की प्रेरणादायक जीवनी को विस्तार से समझते हैं. APJ Abdul Kalam: यहां से शुरुआत और फिर MIT तक डॉ कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण मुस्लिम परिवार में हुआ था. आर्थिक तंगी के बावजूद, उन्होंने पढ़ाई में कभी हार नहीं मानी. अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज से भौतिकी और फिर मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. अखबार बेचने वाले एक शिशु का देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचना, उनका पूरा जीवन प्रेरणा का स्रोत है. APJ Abdul Kalam: करियर की शुरुआत डॉ कलाम ने अपने वैज्ञानिक करियर की शुरुआत रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में की. 1969 में, वह हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े और हिंदुस्तान के पहले उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-III के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बने. उनके नेतृत्व में, हिंदुस्तान ने 1980 में ‘रोहिणी’ नाम के उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया. APJ Abdul Kalam in Hindi: अग्नि और पृथ्वी का योगदान 1980 के दशक में, डॉ. कलाम ने ‘एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP)’ की शुरुआत की, जिसके तहत स्वदेशी ‘अग्नि’ और ‘पृथ्वी’ जैसी मिसाइलें विकसित की गईं. उनके इस अभूतपूर्व योगदान के कारण ही उन्हें “मिसाइलमैन ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है. उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने हिंदुस्तान को एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया. Apj abdul kalam biography: फाइल फोटो (pc- social media) 2020 में बने राष्ट्रपति (APJ Abdul Kalam Biography in Hindi) साल 2002 में डॉ कलाम हिंदुस्तान के 11वें राष्ट्रपति बने. उनका पूरा कार्यकाल युवाओं के लिए समर्पित रहा. राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी, उन्होंने शिक्षण और लेखन कार्य जारी रखा. उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें, जैसे ‘विंग्स ऑफ फायर’ (Wings of Fire) और ‘इंडिया 2020’ (India 2020), आज भी करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देती हैं. सम्मान और उपलब्धियां (APJ Abdul Kalam Biography in Hindi) देश के इस महान सपूत का निधन 27 जुलाई 2015 को IIM शिलॉन्ग में छात्रों को संबोधित करते समय हुआ. उनके राष्ट्र निर्माण के लिए दिए गए असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण (1981), पद्म विभूषण (1990), और हिंदुस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘हिंदुस्तान रत्न’ (1997) से सम्मानित किया गया था. इसे भी पढ़ें- APJ Abdul Kalam Biography in Hindi: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी- अखबार बेचने से लेकर ‘मिसाइलमैन’ तक का सफर Apj abdul kalam biography: फाइल फोटो (pc- social media) डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म कहां और कब हुआ था? डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम के धनुषकोडी गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम जैनुल्लाब्दीन और माता का नाम असीम्मा था. डॉ कलाम को ‘मिसाइलमैन ऑफ इंडिया’ क्यों कहा जाता है? डॉ कलाम को ‘मिसाइलमैन ऑफ इंडिया’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) की अगुवाई की और ‘अग्नि’ और ‘पृथ्वी’ जैसी स्वदेशी मिसाइलों के विकास में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे हिंदुस्तान रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बन सका. डॉ कलाम हिंदुस्तान के कौन से राष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल क्या था? डॉ कलाम हिंदुस्तान के 11वें राष्ट्रपति थे. उनका कार्यकाल 2002 से 2007 तक था, और उन्हें “जनता का राष्ट्रपति” के रूप में भी जाना जाता है. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की प्रसिद्ध आत्मकथा कौन सी है? डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की सबसे प्रसिद्ध आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ (Wings of Fire) है, जिसे उन्होंने अरुण तिवारी के साथ मिलकर लिखा था. The post APJ Abdul Kalam: हिंदुस्तान रत्न कलाम…अखबार बेचने से राष्ट्रपति भवन तक, ‘सपना देखना’ सिखाती हैं ‘मिसाइलमैन’ की ये 5 बातें appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025 : जदयू को तगड़ा झटका, संतोष कुशवाहा थामेंगे लालटेन, अजय कुशवाहा भी राजद के होंगे

Bihar Election 2025 : पटना. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जदयू को तगड़ा झटका लगा है. जदयू के दो कद्दावर नेताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है. कुशवाहा जाति से आनेवाले दोनों नेताओं के राजद में जाने की संभावना है. पूर्णिया के पूर्व सांसद और नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जानेवाले संतोष कुशवाहा ने जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. संतोष कुशवाहा आज अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ राजद की ज्वाइंन करेंगे. जदयू के एक अन्य नेता अजय कुशवाहा ने भी पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है. दोनों नेताओं को तेजस्वी यादव खुद पार्टी की सदस्यता दिला सकते हैं. पूर्णिया इलाके में है संतोष का बड़ा जनाधार संतोष कुशवाहा पूर्वी बिहार की नेतृत्व में एक बड़ा नाम हैं. पिछले कुछ दिनों से वे पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे. उन्हें संगठन में दरकिनार किया जा रहा था. ऐसे में उन्होंने जदयू से नाता तोड़ने का मन बना लिया. पूर्णिया और उसके आसपास के इलाकों में संतोष कुशवाहा का जनाधार मजबूत है. पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में उनकी पकड़ मजबूत रही है. चुनाव से ठीक पहले उनके पार्टी छोड़ने से जदयू को चुनावी समीकरणों में नुकसान हो सकता है. संतोष कुशवाहा को अपने पाले में लाकर तेजस्वी यादव अब इस इलाके में और मजबूत होंगे. हालांकि इस इलाके में महागठबंधन पहले से ही अपनी स्थिति मजबूत कर रखी है. 11 माह पहले थामा था जदयू का दामन जदयू नेता अजय कुशवाहा ने भी पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया है. अजय कुशवाहा पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में थे. 11 माह पहले ही अजय कुशवाहा जदयू का दामन थामे थे. जदयू के महासचिव अशोक चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्ता दिलायी थी. उस वक्त से कहा जा रहा था कि पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव में उतार सकती है, लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने जदयू की प्राथमिक सदस्ता से इस्तीफा दे दिया है. अजय कुशवाहा के राजद में जाने की बात कही जा रही है. एक साथ दो कुशवाहा समाज के नेता का पार्टी से इस्तीफा जदयू और नीतीश कुमार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. जदयू छोड़ रहे पिछड़ी जाति के नेता जदयू में नेताओं का पलायन सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. पार्टी के कई दिग्गज नेता नीतीश कुमार का साथ छोड़ चुके हैं. पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने हाल ही में पार्टी से इस्तीफा दिया है. जदयू छोड़कर वो राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गये. उन्होंने जदयू पर हमला करते हुए कहा,” जदयू अब अतिपिछड़ों की पार्टी नहीं रह गई है. JDU में अब अतिपिछड़े समाज के लोगों का कोई सम्मान नहीं बचा है. JDU में अतिपिछड़ों की अनदेखी हो रही है.” Also Read: Bihar News: बिहार चुनाव में सितारों की जमघट, पवन सिंह, मैथिली ठाकुर खुद तो खेसारी अपनी पत्नी को उतारेंगे मैदान में The post Bihar Election 2025 : जदयू को तगड़ा झटका, संतोष कुशवाहा थामेंगे लालटेन, अजय कुशवाहा भी राजद के होंगे appeared first on Naya Vichar.

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World Mental Health Day 2025: तनाव, चिंता या डिप्रेशन से हैं परेशान? वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर एक्सपर्ट से जानिए राहत के आसान उपाय

World Mental Health Day 2025: हर व्यक्ति के लिए जितना उसका शारीरिक स्वास्थ्य जरूरी है. उतना ही उसके लिए मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी होता है. कई बार कुछ चीजों को नजर अंदाज करने के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में हमें बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है अपने आस-पास के लोगों में की कहीं कोई इस चीज से जूझ तो नहीं रहा है. जब लोग मानसिक तनाव से गुजरते हैं तो उन्हें खुद में कई तरह कि चीजों में बदलाव देखने को मिलता है. हर साल 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट डॉ राधा कुमारी से जानते हैं कि वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर क्या कुछ किया जाता है, कैसे लोग अपने आस-पास में लोगों कि मदद कर सकते हैं. वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे कब और क्यों मनाया जाता है? डॉ. राधा कुमारी के अनुसार, हर साल 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक बीमारियों से जुड़ी झिझक को खत्म करना है. मानसिक स्वास्थ्य को इतना जरूरी क्यों माना जाता है? डॉ. कुमारी बताती हैं कि जैसे शरीर को स्वस्थ रहना ज़रूरी है, वैसे ही मन का स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है. अगर व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो वह सही निर्णय नहीं ले पाता, तनाव में रहता है और जीवन में संतुलन खो देता है. मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने मुख्य कारण क्या होते हैं? डॉ राधा बताती हैं कि रिसर्च के अनुसार:लगातार तनाव या चिंतानींद की कमीकाम का अधिक दबावरिश्तों में तनावसोशल मीडिया पर नकारात्मकताआत्म-देखभाल (self-care) की कमी मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए क्या किया जा सकता है? डॉ. राधा कुमारी के अनुसार, कुछ आसान उपाय अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाया जा सकता है:रोज़ 30 मिनट तक मेडिटेशन या योग करें.परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करें.हर दिन खुद के लिए “मी टाइम” निकालें.समय पर नींद लें और पौष्टिक भोजन करें.सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करें.ज़रूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक या काउंसलर से मदद लें. क्या मानसिक बीमारियों का जड़ से इलाज संभव है? हां, बिल्कुल, डॉ. कुमारी कहती हैं कि मानसिक बीमारियां भी शारीरिक बीमारियों की तरह पूरी तरह ठीक हो सकती हैं, अगर समय पर पहचानकर इलाज कराया जाए. दवाओं, थेरेपी और सकारात्मक माहौल से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है. 2025 में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे का थीम क्या है? 2025 का थीम है : “Mental Health is a Universal Human Right” यानी मानसिक स्वास्थ्य हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है. यह भी पढ़ें: Mental Health: 5 साइंटिफिक तरीके बदल देंगे आपकी जिंदगी, स्ट्रेस-फ्री लाइफ जीने के लिए जरूर अपनाएं ये ट्रिक्स यह भी पढ़ें: Ways To Reduce Stress: दिनभर की थकान और टेंशन से हैं परेशान? तो अपने जीवन में शामिल करें ये खास आदतें और पाएं छुटकारा The post World Mental Health Day 2025: तनाव, चिंता या डिप्रेशन से हैं परेशान? वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर एक्सपर्ट से जानिए राहत के आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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Anupama: समर की आत्मा को चिल्ला-चिल्ला कर बुलाएगी अनु, गांव की लड़कियों को मार कर दफना देता है प्रकाश, ये शख्स सारे राज खोलेगा

Anupama: सीरियल अनुपमा में दिखाया जाएगा कि प्रीत, अनुपमा से कहती है कि गिरिजा खिड़की से झांक रही थी. अनु को लगता है कि प्रीत मजाक कर रही है. हालांकि प्रीत के बार-बार कहने पर अनु बाहर देखने जाती है. उसे देखकर गिरिजा भागने लगती है. अनु उसे दौड़कर पकड़ती है. गिरिजा, अनु को चेतावनी देती है कि प्रकाश उन्हें मार कर दफना दे, इससे पहले वह गांव छोड़कर चली जाए. गिरिजा उसे बताती है कि प्रकाश खतरनाक आदमी है. तभी वहां पर देविका आती है. सोनू राठौड़ जेल से है बाहर अनुपमा, देविका बताती है कि सोनू राठौड़ जेल से रिहा हो गया है क्योंकि उसके पिता ने पुलिस को रिश्वत दी थी. अनु ये सुनकर समर की आत्मा को बुलाती है. दूसरी तरफ प्रेम बहुत सारी मिठाइयां बनाता है और अंश इसके लिए उसकी तारीफ करता है. प्रेम कहता है कि ये त्योहारों का मौसम है. तोशू, प्रेम की कुकिंग स्किल्स की तारीफ करता है. वह कहता है कि उसके बिना तो वह लोग भूखे मर जाते. अंश उसकी बातों से सहमत होता है. प्रकाश का काला चेहरा आया सामने सरिता, अनुपमा को गांव के मामलों में दखलअंदाजी नहीं करने के लिए कहती है. वह गिरिजा को प्रकाश को बदनाम करने का आरोप लगाती है. गिरिता, अनु से कहती है कि प्रकाश घटिया आदमी है और वह बेसहारा लड़कियों का फायदा उठाती है. अनु ये सुनकर हैरान हो जाती है. गिरिजा बताती है कि प्रकाश और उसके आदमी गांव की स्त्रीओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं. सरिता, गिरिजा पर आरोप लगाती है कि वह झूठ बोल रही है और प्रकाश को बदनाम कर रही है. लीला, गिरिजा से पूछती है कि वह पुलिस स्टेशन क्यों नहीं गई. गिरिजा कहती है कि पुलिस वाले प्रकाश के साथ मिले हुए है. गिरिजा को अनु अपने साथ रख लेती है. वह सरिता से कहती है कि गिरिजा के बारे में वह किसी से बात ना करें. यह भी पढ़ें- Anupama: समर की आत्मा के बाद इस पुराने किरदार की होगी फिर से वापसी? प्रार्थना के शिशु में दिखेगा आर्यन का अक्स, इस शख्स को होगा अहसास The post Anupama: समर की आत्मा को चिल्ला-चिल्ला कर बुलाएगी अनु, गांव की लड़कियों को मार कर दफना देता है प्रकाश, ये शख्स सारे राज खोलेगा appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Elections 2025: बिहार चुनाव में 90 हजार बूथों पर आंगनबाड़ी सेविकाएं करेंगी घूंघटवाली और बुर्केवाली महिला वोटरों की पहचान

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सुरक्षा और मतदान व्यवस्था राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक दर्जन से अधिक बटालियन तैनात की गई हैं. गृह मंत्रालय ने राज्य में कुल 214 बटालियन भेजने की मंजूरी दी है, जिसमें लगभग 1.8 लाख जवान चुनाव सुरक्षा में सक्रिय रहेंगे. इसके अलावा, चुनाव आयोग ने 38 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. स्त्री वोटरों की पहचान, चुनौती और समाधान ग्रामीण इलाकों में स्त्री वोटरों की पहचान करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है. कई स्त्रीएं घूंघट या पर्दा में मतदान करने आती हैं. इस बार इस समस्या का समाधान आंगनबाड़ी सेविकाओं को बूथों पर तैनात करके किया जाएगा. 90 हजार बूथों पर सेविकाएं सुनिश्चित करेंगी कि पर्दा और घूंघट में आए स्त्री वोटरों की सही पहचान हो. इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय की स्त्रीएं शामिल हैं. सेविकाओं को जिला स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण में उन्हें बताया गया कि स्त्री वोटरों से कैसे संपर्क करना है, किन पहचान पत्रों का मिलान करना है और व्यवहार ऐसा रखना है कि किसी को असुविधा न हो. यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि स्त्री वोटरों को अपने मतदान के अधिकार में किसी प्रकार की बाधा न आए. चुनाव में अक्सर घूंघटवाली और पर्दानशीं स्त्रीएं वोट करने पहुंचती हैं, जिससे पहचान में मुश्किलें पैदा होती हैं. कई बार इस वजह से विवाद भी उत्पन्न हो जाते हैं. इस बार आंगनबाड़ी सेविकाओं की तैनाती से यह चुनौती काफी हद तक कम हो जाएगी. सेविकाओं को उनके कार्य क्षेत्र के पास ही बूथों पर तैनात किया जाएगा ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा न हो और स्त्री वोटरों की पहचान सुचारु रूप से हो सके. बिहार से शुरू हुई मांग यह मांग मामला तब सुर्खियों में आया जब बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने चुनाव आयोग से यह मांग की कि बुर्का पहनकर वोट डालने वाली स्त्रीओं की पहचान उनके वोटर कार्ड (EPIC) से की जाए. जायसवाल ने इसे लोकतंत्र की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि फर्जी वोटिंग लोकतंत्र और कानून दोनों के खिलाफ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट डालना हर नागरिक का मूल अधिकार है, लेकिन अगर कोई फर्जी पहचान बनाकर मतदान करता है, तो यह प्रक्रिया के खिलाफ है. उनका कहना था कि सही पहचान सुनिश्चित करने से चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी रहेंगे. इस प्रस्ताव का राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने विरोध किया. आरजेडी का कहना था कि यह मामला धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ है और इससे स्त्रीओं को असुविधा हो सकती है. चुनाव आयोग का संतुलित रुख मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संतुलित रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि “हर काम की एक प्रक्रिया होती है. बुर्का पहनने वाली स्त्रीओं की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हर बूथ पर मौजूद रहेंगी. अगर जरूरत पड़ी, तो पहचान की जांच की जाएगी.” आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है. इसका उद्देश्य केवल सभी मतदाताओं की समान जांच सुनिश्चित करना और फर्जी मतदान को रोकना है. किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, लेकिन पहचान छुपाने या फर्जी मतदान करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. Also Read: Bihar Elections 2025: आज से 18 जिलों की 121 सीटों पर नामांकन शुरू, 17 अक्टूबर तक दाखिल होंगे पर्चे The post Bihar Elections 2025: बिहार चुनाव में 90 हजार बूथों पर आंगनबाड़ी सेविकाएं करेंगी घूंघटवाली और बुर्केवाली स्त्री वोटरों की पहचान appeared first on Naya Vichar.

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Happy Karwa Chauth 2025 Wishes Live: चांद के दीदार और प्यार भरे संदेश के साथ भेजें करवा चौथ पर अपनों को ढेरों सारी शुभकामनाएं

Happy Karwa Chauth 2025 Wishes Live: आज 10 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. करवा चौथ हिंदू धर्म का एक पवित्र त्योहार है, जो प्यार, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. इस दिन स्त्रीएं पूरे दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करती हैं. ये पर्व पति-पत्नी के रिश्तों में स्नेह और अपनापन बढ़ाने का अवसर देता है. स्त्रीएं इस दिन सजती है, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और इस दिन को खास बनाने के लिए विशेष तैयारियां भी करती हैं. ऐसे में इस करवा चौथ, आप अपने प्रियजन के साथ मिलकर प्यार और खुशियों का जश्न मनाइए और यहां से भेजें सुंदर शुभकामनाओं का संदेश.  Karwa Chauth Wishes 2025सौभाग्य और प्रेम का ये पर्व आपके… Karwa Chauth Wishes 2025सौभाग्य और प्रेम का ये पर्व आपके जीवन में लाए खुशियों की बहार.करवा चौथ की शुभकामनाएं! Published on: 2025-10-10T10:14:05+05:30 Karwa Chauth Wishes Messages: तेरी याद में चांद का दीदार… Karwa Chauth Wishes Messages: तेरी याद में चांद का दीदार करना है, तेरे बिना अधूरी सारी मेरी खुशियां है, करवा चौथ की ढेर सारी शुभकामनाएं, मेरे पिया. Published on: 2025-10-10T10:04:39+05:30 Happy Karwa Chauth 2025: Happy Karwa Chauth 2025: Published on: 2025-10-10T09:59:25+05:30 Happy Karwa Chauth 2025: चांद की चांदनी जैसी तुम्हारी मुस्कान… Happy Karwa Chauth 2025: चांद की चांदनी जैसी तुम्हारी मुस्कान हमेशा मेरी जिंदगी में चमकती रहे. हैप्पी करवा चौथ, मेरे प्यारे पति. Published on: 2025-10-10T09:44:17+05:30 Happy Karwa Chauth: चांद की रोशनी की तरह आपके जीवन… Happy Karwa Chauth: चांद की रोशनी की तरह आपके जीवन में हमेशा खुशियों का उजाला बना रहे. हैप्पी करवा चौथ 2025. Published on: 2025-10-10T09:40:59+05:30 Happy Karwa Chauth 2025: आपका प्यार हमेशा यूं ही चमकता… Happy Karwa Chauth 2025: आपका प्यार हमेशा यूं ही चमकता रहे और जीवन खुशियों से भरा रहे, करवा चौथ की ढेर सारी शुभकामनाएं. Published on: 2025-10-10T09:38:35+05:30 The post Happy Karwa Chauth 2025 Wishes Live: चांद के दीदार और प्यार भरे संदेश के साथ भेजें करवा चौथ पर अपनों को ढेरों सारी शुभकामनाएं appeared first on Naya Vichar.

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