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January 25, 2026

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Baby Names: बेटे या बेटी का नाम ढूंढ रहे हैं? यहां मिलेंगे लेटेस्ट और प्यारे नाम

Baby Names: शिशु का नाम रखना माता-पिता के लिए बहुत खास और यादगार पल होता है. नाम सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि शिशु की पूरी जिंदगी से जुड़ा होता है. इसलिए हर मां-बाप चाहते हैं कि नाम प्यारा हो, सुनने में अच्छा लगे और आज के समय के हिसाब से नया भी हो. लेकिन इतने सारे नामों में से सही नाम चुनना आसान नहीं होता. अगर आप भी अपने बेटे या बेटी के लिए एक सुंदर और लेटेस्ट नाम की तलाश में हैं, तो यहां दी गई नामों की लिस्ट आपकी यह परेशानी आसान कर देगी. बेटे के लिए लेटेस्ट और प्यारे नाम कौन से हैं? आरव (Aarav) – शांत और समझदार.वियान (Vian) – आगे बढ़ने वाला.अयान (Ayan) – भगवान का तोहफा.कियान (Kiaan) – राजा जैसा, सम्मान वाला.अद्विक (Advik) – अनोखा, सबसे अलग.रिहान (Rehaan) – दयालु और नरम दिल वाला.युग (Yug) – नया समय, नया दौर.दक्ष (Daksh) – होशियार और तेज.शिवांश (Shivansh) – भगवान शिव का अंश.समर (Samar) – मजबूत और साहसी. बेटी के लिए लेटेस्ट और प्यारे नाम कौन से हैं? सिया (Siya) – देवी सीता का नाम.आन्या (Anya) – दयालु और प्यारी.रिया (Riya) – खुश रहने वाली.मीरा (Meera) – कृष्ण भक्त, सच्चे प्रेम वाली.अन्वी (Anvi) – समझदार और आगे बढ़ने वाली.काव्या (Kavya) – कविता जैसी सोच वाली.निधि (Nidhi) – खजाना, अनमोल.ईशा (Isha) – देवी पार्वती का नाम.पायल (Payal) – मीठी आवाज का भाव.आर्या (Arya) – नेक और अच्छी आदतों वाली. ये भी पढ़ें: Unique Baby Boy Names: बेटे का नाम रखना है खास और यादगार? यहां देखें चुनिंदा यूनिक नामों की लिस्ट ये भी पढ़ें: Baby Boy Names: बेटे के नाम से बनेगी उसकी पहचान, यहां देखें चुनिंदा और प्यारे नाम ये भी पढ़ें: Baby Girl Names: बेटी के नाम में छुपी पहचान, यहां देखें खास और प्यारे नामों की लिस्ट Disclaimer:यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Baby Names: बेटे या बेटी का नाम ढूंढ रहे हैं? यहां मिलेंगे लेटेस्ट और प्यारे नाम appeared first on Naya Vichar.

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Industry In Bihar: बिहार में होंगी फैक्ट्रियां ही फैक्ट्रियां, 2 जिलों में बनेगा स्पेशल इकोनॉमी जोन, सम्राट चौधरी ने क्या बताया?

Industry In Bihar: ‘बिहार इंडस्ट्रियल हब बन रहा है. राज्य में देश के नामी-गिरामी उद्योगपति (Industrialist) इंवेस्ट कर रहे हैं. अब तक इंडस्ट्री लगाने के लिए 1285 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जा चुकी है.’ यह जानकारी बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी. राज्य के दो जिलों पश्चिम चंपारण के कुमार बाग और बक्सर के नवानगर में स्पेशल इकोनॉमी जोन बनाया जाएगा. इकोनॉमी जोन के लिए इतना होगा खर्च जानकारी के मुताबिक, इन 2 स्पेशल इकोनॉमी जोन में लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे. पश्चिम चंपारण में 125 और बक्सर में 125 एकड़ की जमीन में इकोनॉमी जोन डेवलप किया जाएगा. इससे लाखों लोगों को रोजगार मिल सकेगा. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिहार की इकोनॉमिक पहचान को बदलने की कोशिश की जा रही है, इसके लिए फैक्ट्रियां लगाई जा रही है. स्पेशल इकोनॉमी जोन के बनने से देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी उद्योगपति बिहार में फैक्ट्रियां लगाने के लिए आयेंगे. इन जिलों को भी होगा फायदा पश्चिम चंपारण और बक्सर में स्पेशल इकोनॉमी जोन बनाए जाने से आस-पास के जिलों को भी फायदा हो सकेगा. पश्चिम चंपारण के आस-पास के जिले जैसे कि गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर को फायदा मिल सकेगा. जबकि बक्सर के आस-पास के जिले जैसे कि रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद का भी विकास हो सकेगा. पश्चिम चंपारण के नेपाल से सटे होने की वजह से सामान आसानी ने एक्सपोर्ट किए जा सकेंगे. जबकि बक्सर के सामान आसानी से दूसरे राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली ले जा सकेंगे. सम्राट चौधरी ने क्या कहा? बिहार में इंडस्ट्रियों को लेकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए प्रशासन ने साल 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ लोगों को प्रशासनी नौकरी और रोजगार देने का टारगेट सेट किया है. 1990 से 2005 के दौर की चर्चा करते हुए कहा था कि उस समय बिहार में एक लाख लोगों को भी नौकरी नहीं मिल पाई थी, जबकि 2005 से 2025 के बीच 57 लाख से अधिक लोगों को प्रशासनी नौकरी और रोजगार दिया गया है. सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार इंडस्ट्रियल हब बन रहा है. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, आईटी हब और नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के कारण राज्य को समृद्धि की नयी राह मिली है. इससे मजदूरों को काम के लिए बिहार से बाहर जाने की मजबूरी समाप्त होगी. Also Read: पटना हॉस्टल कांड में बड़ा एक्शन, थाना प्रभारी और दारोगा सस्पेंड, लापरवाही का लगा आरोप The post Industry In Bihar: बिहार में होंगी फैक्ट्रियां ही फैक्ट्रियां, 2 जिलों में बनेगा स्पेशल इकोनॉमी जोन, सम्राट चौधरी ने क्या बताया? appeared first on Naya Vichar.

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घटते वोटरों की संख्या ने श्यामपुकुर सीट को बनाया खास, भाजपा का बढ़ता जनाधार तृणमूल MLA डॉ शशि पांजा के लिए टेंशन

मुख्य बातें भाजपा का लगातार बढ़ रहा जनाधार फॉरवर्ड ब्लॉक का रहा है दबदबा 2009 में पहली बार बढ़ा तृणमूल का जनाधार बढ़ने के बदले घटते रहे वोटर डॉ. शशि पांजा कहां से विधायक हैं डॉ. शशि पांजा किस विभाग की मंत्री हैं डॉ. शशि पांजा ने पहला चुनाव कब जीता डॉ. शशि पांजा का जन्म कहां हुआ था डॉ. शशि पांजा की शिक्षा कहां तक हुई है डॉ. शशि पांजा किस दल की नेता हैं डॉक्टर से नेता बनी शशि पांजा 2011 में बनी पहली बार विधायक डॉ. शशि पांजा के बारे में मुख्य विवरण Shyampukur Assembly: कोलकाता. श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र नॉर्थ कोलकाता के बीच का इलाका है, जो कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट के तहत एक जनरल कैटेगरी का असेंबली सीट है. वर्तमान में यह सीट तृणमृल कांग्रेस के कब्जे में हैं और डॉ. शशि पांजा यहां से विधायक हैं. डॉ शशि पांचा पश्चिम बंगाल प्रशासन में कैबिनेट मंत्री हैं. ममता बनर्जी ने उन्हें उद्योग, वाणिज्य, उद्यम, स्त्री एवं बाल विकास और सामाजिक कल्याण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंप रखी है. टीएमसी के प्रवक्ता के रूप में भाजपा के खिलाफ मुखर रहनेवाली डॉ शशि पांजा के लिए यह सीट बरकरार रखना बहुत आसान नहीं है. भाजपा का लगातार बढ़ रहा जनाधार श्यामपुकुर के वोटरों ने अब तक किसी पार्टी या नेता को बहुत तबज्जों नहीं दी है. इस सीट ने दो बार BJP को लोकसभा में मामूली बढ़त दिलाई है, जबकि लगातार तीन बार तृणमूल कांग्रेस को विधानसभा में जीत मिली है. लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन के हाशिए पर जाने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच बराबर का माना जा रहा है. 2026 के विधानसभा चुनाव में यह सीट जीतने की तृणमूल कांग्रेस और BJP दोनों को उम्मीद है. नतीजा तय करने में हर वोटर और हर वोट मायने रखेगा. फॉरवर्ड ब्लॉक का रहा है दबदबा 1951 में अपनी स्थापना के बाद से श्यामपुकुर में 17 चुनाव हुए हैं. इसमें 2004 का उपचुनाव भी शामिल है. इस सीट के शुरुआती दशकों में फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा. फॉरवर्ड ब्लॉक यहां से 10 बार जीत हासिल की. ​​कांग्रेस पार्टी ने चार बार जीत हासिल की. ​​1971 का चुनाव दो उम्मीदवारों की हिंसक मौतों के कारण रद्द कर दिया गया था. इसमें मौजूदा विधायक हेमंत कुमार बसु और विरोधी उम्मीदवार अजीत कुमार विश्वास शामिल थे. उस वर्ष कोई चुनाव नहीं हुआ, क्योंकि विधानसभा कुछ ही महीनों में भंग कर दी गई थी. 1972 में नए चुनाव हुए. 2004 का उपचुनाव फॉरवर्ड ब्लॉक के सुब्रत बोस के लोकसभा जीत के बाद इस्तीफे के बाद हुआ. 2009 में पहली बार बढ़ा तृणमूल का जनाधार श्यामपुकुर में तृणमूल कांग्रेस की बढ़त 2009 के लोकसभा चुनावों से शुरू हुई, जब उसने असेंबली एरिया में माकपा को 9,322 वोटों से पीछे कर दिया था. तृणमूल कांग्रेस ने 2011 से श्यामपुकुर पर अपना कब्जा स्थापित किया. राज्य प्रशासन में मौजूदा कैबिनेट मंत्री डॉ शशि पांजा ने लगातार तीन बार जीत हासिल की. 2011 में, उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक के जीवन प्रकाश साहा को 27,036 वोटों से हराया और 2016 में फॉरवर्ड ब्लॉक की ही पियाली पाल को 13,155 वोटों से हराया. 2021 में, पांजा ने भाजपा के संदीपन बिस्वास को 22,520 वोटों से हराकर अपनी तीसरी जीत हासिल की, जबकि फॉरवर्ड ब्लॉक 10.52 परसेंट के साथ तीसरे स्थान पर आ गया. इसकी तुलना में भाजपा को 32 परसेंट वोट मिले, जबकि तृणमूल को 54.18 परसेंट वोट मिले, जो 2011 में सिर्फ 3.66 परसेंट और 2016 में 15.73 परसेंट थे. नाम वोट डॉ. शशि पांजा 55,785 संदीपन विश्वास 33,265 विजेता पार्टी का वोट % 54.2 % जीत अंतर % 21.9 % स्रोत : चुनाव आयोग बढ़ने के बदले घटते रहे वोटर बंगाल में चल रहे SIR के कारण कई विधानसभा सीटों पर वोटरों की संख्या कम होने की बात कही जा रही है, लेकिन श्यामपुकुर चुनाव क्षेत्र की एक खास बात यह है कि इस सीट पर समय के साथ रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या में कमी आती रही है. ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों के उलट श्यामपुकुर में वोटरों की संख्या में काफी कमी आई है. 2011 में, यहां 185,859 रजिस्टर्ड वोटर थे. 2016 तक, यह संख्या घटकर 171,045 हो गई. 2019 में, यहां 171,986 वोटर थे. यह गिरावट जारी रही, 2021 में वोटरों की संख्या 1,76,557 हो गई और 2024 में थोड़ी बढ़कर 1,76,652 हो गई. 2011 और 2024 के बीच 9,207 वोटरों की यह गिरावट आम तौर पर गरीब लोगों के शहर के बाहरी इलाकों में जाने से जुड़ी है, क्योंकि उन्होंने अपने घर अमीर खरीदारों को बेच दिए, जिन्होंने श्यामपुकुर में नए अपार्टमेंट, बंगले और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाए. डॉ. शशि पांजा कहां से विधायक हैं श्यामपुकुर (उत्तर कोलकाता) डॉ. शशि पांजा किस विभाग की मंत्री हैं स्त्री एवं बाल विकास और सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री. अतिरिक्त प्रभार: उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री. डॉ. शशि पांजा ने पहला चुनाव कब जीता डॉ शशि पांजा ने 2011 में फॉरवर्ड ब्लॉक के जीवन प्रकाश साहा को 27,036 वोटों से हराया. डॉ. शशि पांजा का जन्म कहां हुआ था आंध्र प्रदेश के तेनाली में एक तेलुगु परिवार में डॉ. शशि पांजा की शिक्षा कहां तक हुई है डॉ शशि पांजा ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की. डॉ. शशि पांजा किस दल की नेता हैं अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) डॉक्टर से नेता बनी शशि पांजा आंध्र प्रदेश के तेनाली में एक तेलुगु परिवार में जन्म लेनेवाली डॉ शशि पांजा के पिता पिल्ललमरी टी कृष्णाय्या हिंदुस्तान मोटर्स में मुख्य औद्योगिक अभियंता थे और हिंदमोटर कस्बे में बस गए थे. डॉ शशि पांजा ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की. ​​उनका विवाह प्रख्यात नेतृत्वज्ञ अजीत कुमार पांजा के पुत्र प्रसून कुमार पांजा से हुआ. डॉ शशि पांजा 2010 में कोलकाता नगर निगम के पार्षद चुनी गयी और उन्हें शिक्षा प्रभारी महापौर परिषद सदस्य नियुक्त किया गया. 2011 में बनी पहली बार विधायक डॉ पांचा 2011 में श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र से पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा के लिए चुनी गईं. 2016 और 2021 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनी गईं. उन्हें दिसंबर 2013 में पश्चिम बंगाल के मंत्रिपरिषद

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Republic Day 2026 Wishes Hindi: गणतंत्र दिवस पर दोस्तों को भेजें ये 30 मैसेज, एकदम Best कलेक्शन

Republic Day 2026 Wishes Hindi: हमारे लिए 26 जनवरी का दिन बहुत खास है. इस दिन को लोकतंत्र, संविधान और जनशक्ति की ताकत का प्रतीक माना जाता है. यह दिन लोकतंत्र, संविधान और लोगों की ताकत का प्रतीक है. इसी दिन देश ने खुद को एक स्वतंत्र, समान और न्याय वाला गणराज्य घोषित किया था. 2026 में जब हम गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, तो ये मौका हमें सिर्फ अपने हक याद दिलाने का नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी है. 26 जनवरी तिरंगे को सलाम करने, संविधान बनाने वालों को सम्मान देने और हिंदुस्तान के बेहतर कल के लिए खुद से एक वादा करने का दिन है. आइए, इस मौके पर देखें ऐसे Wishes जो आप अपने दोस्तों को भेज सकते हैं. Republic Day 2026 Wishes Hindi: गणतंत्र दिवस 2026 के लिए बधाई संदेश गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! तिरंगे की शान हमेशा ऊंची रहे. 26 जनवरी की बधाई! चलिए मिलकर देश को और बेहतर बनाएं. Happy Republic Day! गर्व है कि हम इस महान देश का हिस्सा हैं. संविधान, लोकतंत्र और आज़ादी को सलाम! गणतंत्र दिवस मुबारक हो. तिरंगे को नमन, देश को सलाम. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं. 26 जनवरी – हक भी, जिम्मेदारी भी. सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई. जय हिंद! गणतंत्र दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं. आज का दिन देश के लिए कुछ करने का संकल्प लेने का है. Happy Republic Day! तिरंगे की छांव में जीना गर्व की बात है. गणतंत्र दिवस मुबारक. 26 जनवरी की शुभकामनाएं! हिंदुस्तान हमेशा आगे बढ़ता रहे. देशभक्ति दिल में हो, काम में दिखे – गणतंत्र दिवस की बधाई. संविधान ने हमें अधिकार दिए, अब देश को देना हमारी बारी है. Happy Republic Day! तिरंगा ऊंचा रहे, हिंदुस्तान मजबूत बने – शुभकामनाएं. गर्व है हिंदुस्तानीय होने पर. गणतंत्र दिवस की ढेर सारी बधाइयाँ. चलो आज देश के नाम एक अच्छा काम करें. Happy Republic Day! वंदे मातरम्. गणतंत्र दिवस 2026 मुबारक हो. 26 जनवरी सिर्फ तारीख नहीं, पहचान है. शुभकामनाएं. देश के लिए सोचो, देश के लिए जियो. Happy Republic Day! तिरंगे के रंगों में रंग जाए जिंदगी. गणतंत्र दिवस की बधाई. जय हिंदुस्तान, जय संविधान! शुभ गणतंत्र दिवस. देश है तो हम हैं – 26 जनवरी की शुभकामनाएं. आज का दिन हमें बेहतर नागरिक बनने की याद दिलाता है. Happy Republic Day! तिरंगा हमारे सम्मान का प्रतीक है. गणतंत्र दिवस मुबारक. हिंदुस्तान की एकता को सलाम. 26 जनवरी की बधाई. दिल में देश, जुबां पर हिंदुस्तान. शुभ गणतंत्र दिवस. आजादी, समानता, न्याय – यही गणतंत्र है. Happy Republic Day! देश के लिए कुछ अच्छा करने का दिन है आज. शुभकामनाएं. तिरंगे के साथ हर दिन गर्व से जियो. गणतंत्र दिवस मुबारक. हिंदुस्तान माता की जय. 26 जनवरी की हार्दिक बधाई. गणतंत्र दिवस 2026 की ढेर सारी शुभकामनाएं – देश हमेशा आगे बढ़े. यह भी पढ़ें- नेताजी की जयंती पर WhatsApp-Facebook के लिए 30 बेस्ट कोट्स The post Republic Day 2026 Wishes Hindi: गणतंत्र दिवस पर दोस्तों को भेजें ये 30 मैसेज, एकदम Best कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Patna Traffic: 26 जनवरी को गांधी मैदान जाने से पहले देख लें नया ट्रैफिक मैप, इन रास्तों पर लगा नो एंट्री का बोर्ड

Patna Traffic: पटना के गांधी मैदान में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का मुख्य राजकीय समारोह आयोजित होगा. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं. सुबह सात बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक किसी भी दिशा से गांधी मैदान की ओर सामान्य और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. सिर्फ एंबुलेंस, अग्निशमन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है. डाकबंगला चौराहा से जेपी गोलंबर तक का मार्ग केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथियों के काफिले के लिए आरक्षित रहेगा. गांधी मैदान की ओर जाने वाले रास्तों पर पूरी तरह ब्रेक 26 जनवरी को डाकबंगला चौराहा से गांधी मैदान यानी चिल्ड्रन पार्क तक सामान्य वाहनों का इंट्री पूरी तरह बंद रहेगा. न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड की ओर जाने पर भी रोक रहेगी. बुद्ध मार्ग में कोतवाली टी से पुलिस लाइन तक पूर्व दिशा में जाने वाले रास्ते बंद रहेंगे. जिला प्रशासन, पटना द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन के अवसर पर आमजन की सुविधा हेतु ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है। लोगों से अनुरोध है कि इसका अनुपालन करें। किसी भी प्रकार की सूचना 24*7 जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810/ 2219234) या डायल-112 पर दी जा सकती है।@NitishKumar… pic.twitter.com/txGO2S8kTo — District Administration Patna (@dm_patna) January 24, 2026 वाहन वोल्टास मोड़ से विद्यापति मार्ग होते हुए पुलिस लाइन तिराहा की ओर जा सकेंगे. छज्जूबाग में एसडीओ आवास से जेपी गोलंबर की ओर और बुद्ध मार्ग में छज्जूबाग मोड़ से एसडीओ आवास की ओर भी आना-जाना नहीं होगा. बस, ऑटो और ई-रिक्शा का बदला रूट इंजीनियरिंग कॉलेज से चलने वाली बसें गांधी चौराहा, मछुआटोली, दरियापुर तिराहा, नाला रोड और पीरमुहानी होते हुए पटना जंक्शन तक जाएंगी और इसी रास्ते से वापस लौटेंगी. पटना जंक्शन से चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा डाकबंगला, न्यू डाकबंगला रोड, भट्टाचार्य चौक होते हुए एग्जीबिशन रोड में बिग बाजार तक जाएंगे और फिर वहीं से वापस भट्टाचार्य मोड़, सीडीए बिल्डिंग और गोरियाटोली होते हुए जंक्शन लौटेंगे.पटना सिटी की ओर से आने वाले व्यावसायिक वाहन मुसल्लहपुर हाट और बारी पथ होते हुए खजांची रोड के दक्षिण हिस्से तक जाएंगे और वहीं से वापस लौटेंगे. जेपी गंगा पथ और फ्रेजर रोड पर सख्त नियंत्रण जेपी गंगा पथ पर आयुक्त कार्यालय के सामने से सिर्फ परमिट गाड़ियां ही एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट और गांधी मैदान की ओर जा सकेंगे. फ्रेजर रोड से आने वाले निजी वाहनों को डाकबंगला चौराहे पर ही मोड़ दिया जाएगा और उन्हें भट्टाचार्य चौक, पीरमुहानी और नाला रोड की ओर भेजा जाएगा. एग्जीबिशन रोड पर बिग बाजार के पास भी डायवर्जन रहेगा. pic.twitter.com/dHEROjaTdS — District Administration Patna (@dm_patna) January 24, 2026 मालवाहकों पर पूरी तरह रोक बेली रोड में डुमरा चौकी से भट्टाचार्य चौक तक सभी मालवाहक वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. मीठापुर गोलंबर से बुद्ध मार्ग की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे. आर ब्लॉक गोलंबर से आयकर गोलंबर की ओर जाना भी बंद रहेगा चिरैयाटांड़ दुर्गा मंदिर से गोरियाटोली की ओर प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा. गांधी मैदान में प्रवेश के गेट तय राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का प्रवेश गेट नंबर 1 से होगा. विशिष्ट अतिथि गेट नंबर 10 से प्रवेश करेंगे. स्त्रीओं के लिए गेट नंबर 12 और 13 तय किए गए हैं. छात्रों के लिए गेट नंबर 2, 3 और 4 रहेंगे. आम लोगों का प्रवेश गेट नंबर 6 और 7 से होगा, जबकि मीडिया के लिए गेट नंबर 9 निर्धारित किया गया है. सुबह 7 बजे से सुरक्षा जांच के बाद ही मैदान में प्रवेश मिलेगा. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गांधी मैदान और आसपास 136 मजिस्ट्रेट, 150 पुलिस अधिकारी और करीब 2000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. 18 वॉच टावर और 128 सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी. अस्थायी थाना और कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध सूचना पर जिला नियंत्रण कक्ष 0612-2219810, 0612-2219234 या डायल 112 पर संपर्क किया जा सकता है. Also Read: सेल्फी से बनेगा और एक्टिव होगा UAN, EPFO ने शुरू की फेस आइडी सुविधा The post Patna Traffic: 26 जनवरी को गांधी मैदान जाने से पहले देख लें नया ट्रैफिक मैप, इन रास्तों पर लगा नो एंट्री का बोर्ड appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, पढ़ें 26 जनवरी का वेदर रिपोर्ट

Jharkhand Weather Forecast, रांची : झारखंड के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी. वहीं, अगर हम 26 जनवरी यानी कि गणतंत्र दिवस के दिन मौसम की बात करें तो सुबह में कोहरा छाया रहेगा. लेकिन दिन चढ़ते ही आसामान साफ हो जाएगा. इस दौरान पूरे दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 26 जनवरी को उत्तर हिंदुस्तान में नया पश्चिमी विक्षोभ बनने की संभावना दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से उत्तर हिंदुस्तान में मौसम की स्थिति खराब हो गयी है. कई इलाकों में बारिश हो रही है. दो-तीन दिनों बाद झारखंड पर भी इसका असर पड़ सकता है. 26 जनवरी को उत्तर हिंदुस्तान में नया पश्चिमी विक्षोभ बनने की संभावना है, जिसके बाद झारखंड के मौसम में बदलाव संभव है. 29 और 30 जनवरी को कैसा रहेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार झारखंड में 29 और 30 जनवरी को सुबह कोहरा और दिन में आंशिक बादल छाये रहेंगे. शनिवार को रांची का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें पिछले 24 घंटे में 2.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. कांके का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री रहा. चाईबासा जिला सबसे गरम रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री दर्ज किया गया. Also Read: रांची में मोहन भागवात का बड़ा बयान, बोले- जनजातीय समुदाय और हिंदू अलग नहीं, आदिवासियों को दी ये सलाह प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर- अधिकतम- न्यूनतमरांची- 26.1 10 जमशेदपुर- 30 11.2मेदिनीनगर-29.4 8.7 बोकारो-28.1 9.1चाईबासा-31.8 10.2 खूंटी-27.2- 6.4लातेहार-22- 11.9 लोहरदगा-26.5 6.8हजारीबाग-26.2 7.7 देवघर-27 10.6पाकुड़-26.6 10.6 सरायकेला-30.7 9.7 Also Read: झारखंड का सारंडा जंगल बन रहा नक्सलियों की कब्रगाह, अब बचे सिर्फ 65 माओवादी The post झारखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, पढ़ें 26 जनवरी का वेदर रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Anupama Twist: चॉल वाले अनुपमा को जिंदा जलाने की करेंगे बात, रजनी के धोखे से टूट जाएगा पराग

Anupama: अनुपमा के लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु, राही के घर जाती है. मोटी बा उससे पूछती है कि क्या वह पराग का साथ देगी. राही कहती है कि उसकी मां पराग का साथ देगी क्योंकि ये मामला उनकी दो बेटियों से जुड़ा है. मीता कहती है कि अनु अपनी बेटियों को सड़क पर आने नहीं देगी. कोठारी परिवार अनु पर पराग का साथ देने के लिए दबाव बनाता है. हालांकि अनु कहती है वह रजनी के खिलाफ अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी. राही अपनी मां का फैसला सुनकर हैरान हो जाती है. वह कहती है कि अनु अपनी बेटियों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है. रजनी के साथ पार्टनरशिप तोड़ देगा पराग कोठारी हाउस में हर कोई अनुपमा के फैसले के खिलाफ हो जाता है. पराग आकर सबको बताता है कि ये प्रोजेक्ट वह रजनी के धोखे की वजह से छोड़ रहा है. मोटी बा उससे कहती है कि वह क्या समझ रहा है कि अगर उसने प्रोजेक्ट छोड़ दिया तो उनके परिवार का क्या होगा. वह अनु से कहती है कि अगर उसने पराग का साथ दिया तो वह परी को घर वापस ले आएगी. हालांकि अनु अपना फैसला बदलने से मना करती है. पराग कहता है कि वह नुकसान उठाने को तैयार है लेकिन रजनी के साथ पार्टनरशिप नहीं करेगा. मोटी बा अनु से कहती है कि वह एक बुरी मां है. अनु को जिंदा जलाने की बात कहेंगे चॉल वाले दूसरी तरफ चॉल के लोग अनुपमा के घर घुसते है और सारा सामान जला देते हैं. प्रीत, सरिता, परी और ईशानी उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह कुछ नहीं सुनते. चॉल के लोग अनु को जिंदा जलाने की बात कहते हैं. अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि बिल्डर चॉल वालों को चेतावनी देता है कि वे रजनी का ऑफर मान लें, वरना तीन दिन बाद चॉल गिरा दिया जाएगा. अब देखना होगा अनु कैसे रजनी का पर्दाफाश करती है. क्या चॉल टूट जाएगा या अनु चॉल को टूटने से बचा पाएगी. यह भी पढ़ें- Anupama: ‘अनुपमा’ की राही को मिला उसका असली प्रेम, जानें अद्रिजा रॉय किससे कर रही सगाई, शादी को लेकर सामने आया ये अपडेट The post Anupama Twist: चॉल वाले अनुपमा को जिंदा जलाने की करेंगे बात, रजनी के धोखे से टूट जाएगा पराग appeared first on Naya Vichar.

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15 मिनट में बात मानो या मौत चुनो… वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन मादुरो’ के लिए तख्तापलट वाली डील, प्रसिडेंट का ऑडियो लीक

Venezuela Delcy Rodriguez Leaked Audio: वेनेजुएला में 3 जनवरी की रात उस समय के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से ही ‘उठा’ लिया गया. अमेरिकी सैनिकों ने एक दुस्साहसिक कार्रवाई करते हुए मादुरो को रात 1.30 बजे उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार किया और सीधे अमेरिका की ब्रुकलिन जेल ले गए. यह कार्रवाई इतनी तेज हुई कि किसी को पता ही नहीं चला. अब इस मामले में और खुलासा हो रहा है. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का एक बयान सामने आया है, जिसमें वह कहती हैं कि जब पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा गया, तब अमेरिकी बलों ने उनके मंत्रिमंडल के लोगों को सिर्फ 15 मिनट का समय दिया था. जिसमें यह तय करना था कि वे अमेरिका की शर्तें मानेंगे या नहीं. अगर वह नहीं मानते तो जान से मारने की धमकी दी गई थी.  गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कथित तौर पर इसका एक लीक ऑडियो तेजी से फैल रहा है. इस ऑडियो में रोड्रिगेज दावा करती हैं कि जैसे ही मादुरो को हिरासत में लिया गया, उसी पल से दबाव और धमकियां शुरू हो गई थीं. उन्होंने कहा कि उनसे, गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो और अपने भाई जॉर्ज रोड्रिगेज से तुरंत जवाब मांगा गया था, वरना अंजाम बुरा होगा. वह यह भी कहती हैं कि अब तक उन पर दबाव और ‘ब्लैकमेल’ जारी है, इसलिए उन्हें सबके सामने सच रखना पड़ रहा है.  पूरा घटनाक्रम कैसे हुआ ऑडियो की बात को पॉइंट्स में पढ़ें यह बातें एक लीक ऑडियो कथित तौर पर अमेरिकी कार्रवाई के एक हफ्ते बाद हुई दो घंटे लंबी बैठक की रिकॉर्डिंग बताई जा रही है. यह ऑडियो स्थानीय पत्रकारिता समूह ‘ला होरा दे वेनेजुएला’ के हाथ लगा है. इसमें सुनाई दे रहा है कि मादुरो के हटने के बाद प्रशासन के बचे हुए लोग हालात संभालने और दोबारा नियंत्रण बनाने की कोशिश कर रहे थे.  रोड्रिगेज ऑडियो में यह भी कहती सुनाई देती हैं कि ऐसे हालात में सत्ता की जिम्मेदारी उठाना बेहद दर्दनाक था. साथ ही वह बताती हैं कि अमेरिकी बलों ने उनसे कहा था कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस जिंदा नहीं हैं, बल्कि मारे जा चुके हैं. इस पर उन्होंने जवाब दिया कि अगर ऐसा है तो वे और उनके साथी भी उसी अंजाम के लिए तैयार हैं. वह कहती हैं कि वह और काबेलो भी उसी अंजाम के लिए तैयार थे. उनकी आवाज में तनाव साफ महसूस होता है, जब वह कहती हैं कि ऐसे हालात में सत्ता की जिम्मेदारी संभालना बेहद दर्दनाक है. इसके बावजूद वह वहां मौजूद लोगों से धैर्य रखने, समझदारी से काम लेने और शांति बनाए रखने की अपील करती हैं. वह यह भी कहती हैं कि सबसे जरूरी चीज है एकजुट रहना. मीटिंग में उन्हें स्पीकरफोन पर लाने से पहले, उस समय के संचार मंत्री फ्रेडी नान्येज उनका बचाव करते सुने जा रहे हैं. वह लोगों से अपील करते हैं कि अफवाहों और बदनाम करने की कोशिशों पर ध्यान न दें. नान्येज के मुताबिक, रोड्रिगेज ही वह शख्स हैं जो मादुरो और उनकी पत्नी की वापसी सुनिश्चित कर सकती हैं और देश को दोबारा संभालने का रास्ता दिखा सकती हैं. रोड्रिगेज ने बैठक में कहा कि उन पर अब भी धमकियों और दबाव का दौर जारी है, इसलिए उन्हें बहुत सोच-समझकर आगे बढ़ना होगा. उन्होंने अपने सहयोगियों से धैर्य रखने और साफ लक्ष्य तय करने को कहा. उनके मुताबिक तीन बड़ी प्राथमिकताएं थीं. पहली देश में शांति बनाए रखना, दूसरी मादुरो को वापस लाना, और तीसरी नेतृत्वक सत्ता को अपने हाथ में बनाए रखना.  तख्तापलट कहीं साजिश तो नहीं! ऑडियो से यह भी साफ हो रहा है कि प्रशासन के अंदर बचे लोग इस बात से चिंतित थे कि कहीं उन्हें गद्दार न कहा जाने लगे. खासकर उन रिपोर्टों के बाद जिनमें दावा किया गया था कि रोड्रिगेज और उनके भाई पहले ही अमेरिका के साथ संपर्क में थे. हालांकि, यह ऑडियो उन समाचारों के तुरंत बाद ही सामने आया, जिनमें कहा गया था कि रोड्रिगेज ने सत्ता का नियंत्रण संभालने को लेकर अमेरिका के साथ चुपचाप संपर्क बनाए थे. रिपोर्टों के मुताबिक, वह नवंबर 2025 से अमेरिकी अधिकारियों से बात कर रही थीं और मादुरो के हटने की स्थिति में नेतृत्व संभालने के लिए तैयार थीं. ट्रंप और रोड्रिगेज के बीच समझौता मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कई इंटरनेशनल रिपोर्टों में दावा किया गया था कि नवंबर 2025 के आसपास अमेरिकी अधिकारियों और रोड्रिगेज के बीच गुप्त बातचीत शुरू हुई थी. उसी दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मादुरो से पद छोड़ने की मांग की थी. गार्जियन की रिपोर्ट में ही, सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि रोड्रिगेज ने संकेत दिया था कि मादुरो का जाना तय है और वह उसके बाद बनने वाली किसी भी व्यवस्था के साथ काम करने को तैयार हैं, ताकि देश में अराजकता न फैले. इस बात को भी गार्जियन की रिपोर्ट ने कंफर्म किया था. रोड्रिगेज के भागने की समाचार सामने आई थी जिस दिन मादुरो को पकड़े जाने की समाचार आई, उस दिन यह अफवाह भी उड़ी कि रोड्रिगेज मॉस्को भाग गई हैं. बाद की रिपोर्टों में कहा गया कि वह उस समय मार्गरीटा द्वीप पर थीं. 5 जनवरी को वह कराकास लौटीं और कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज ने भी सत्ता के इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई. इस दौरान मादुरो के बेटे मादुरो ग्वेरा भी मौजूद थे. कहा जा रहा है कि यह सब एक पहले से तय संक्रमण योजना का हिस्सा था, जिस पर महीनों से बातचीत चल रही थी. ट्रंप ने रोड्रिगेज की तारीफ भी की है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक तौर पर रोड्रिगेज की तारीफ की है और कहा है. उन्होंने कहा कि रोड्रिगेज ने उनकी मांगों के मुताबिक काम किया है. लेकिन रोड्रिगेज का कहना है कि उन्होंने जो भी कदम उठाए, वे लगातार मिल रही धमकियों और दबाव की वजह से उठाने पड़े. इससे पहले एक इंटरव्यू में ट्रंप ने इशारा किया था कि अगर रोड्रिगेज ‘सही काम’ नहीं करतीं, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है.  मादुरो की गिरफ्तारी और

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Whole Green Moong Tikki: सेहतमंद और टेस्टी खाने का करे दिल तो बनाएं हरे मूंग की टिक्की

Whole Green Moong Tikki: ठंडी शाम में गर्म चाय के साथ अगर कुछ सेहतमंद और टेस्टी स्नैक्स मिल जाए तो फिर बात ही क्या है. क्या आपने कभी साबुत हरी मूंग की टिक्की खाई है? अगर नहीं तो आज हम आपको साबुत हरी मूंग की कुरकुरी टिक्की बनाने की रेसिपी बताते हैं. यह टिक्की स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हल्की भीख में पेट भरने वाला भी होता है. इसे आप चाहें तो स्नैक्स के तौर पर या फिर ऐसे भी खा सकते हैं. इसे आप अपनी मनपसंद चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं. हरे मूंग की टिक्की बनाने की सामग्री 1 कप – हरी मूंग 1 – छोटा प्याज (बारीक कटा हुआ) 2 – हरी मिर्च (बारीक कटी) 1 छोटा चम्मच – अदरक (कद्दूकस किया हुआ) 1 छोटा चम्मच – (लहसुन) 1 छोटा चम्मच – जीरा पाउडर ½ छोटा चम्मच – हल्दी पाउडर ½ छोटा चम्मच – लाल मिर्च पाउडर नमक – स्वादानुसार तेल यह भी पढ़ें: Matar Muthia Recipe: शाम की चाय के लिए परफेक्ट है मटर मुठिया, शिशु भी करेंगे पसंद   हरे मूंग की टिक्की बनाने की विधि हरे मूंग की टिक्की बनाने के लिए मूंग को पहले अच्छे से धो लें और फिर 2-3 घंटे के लिए भिगो दें. अब इसका पानी निकालकर ब्लेंडर या फूड प्रोसेसर में डाल दें और दरदरा पीस लें. इसके बाद आप एक बड़े बर्तन में पिसी हुई मूंग को बारीक कटे प्याज, हरी मिर्च, कसा हुआ अदरक, जीरा पाउडर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिला लें. अब आप इस मिश्रण का एक छोटा हिस्सा लेकर उसकी गोल टिक्की बना लें और हल्के हाथों से दबाकर उसे थोड़ा चपटा कर लें. फिर एक नॉन-स्टिक पैन में मध्यम आंच पर तेल गर्म करके उसमें टिक्की को अच्छे से फ्राई कर लें. ध्यान रहे कि इन टिक्कियों को आप दोनों तरफ से करीब 3-4 मिनट तक भूरा और कुरकुरा होने तक पका लें. यह भी पढ़ें: Masala Vada Pav Recipe: हल्की भूख को शांत करने के लिए बेस्ट है मसाला वड़ा पाव, नोट करें सिंपल रेसिपी यह भी पढ़ें: Chilli Pakora Recipe: चाय की चुस्की के साथ चटपटा मिर्च पकौड़े की बात ही लाजवाब है. बस कुछ मिनटों में झटपट करें तैयार The post Whole Green Moong Tikki: सेहतमंद और टेस्टी खाने का करे दिल तो बनाएं हरे मूंग की टिक्की appeared first on Naya Vichar.

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चीन से डील पर ट्रंप की धमकी: कनाडा पर 100% टैक्स की चेतावनी, कार्नी बोले- अमेरिका से नहीं, अपनी ताकत से आगे बढ़ता है कनाडा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर कनाडा ने चीन के साथ ट्रेड डील को आगे बढ़ाया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी सामान पर 100 फीसदी टैरिफ (आयात शुल्क) लगा देगा. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी. उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका, कनाडा को चीन के लिए ड्रॉप ऑफ पोर्ट नहीं बनने देगा. ट्रंप का आरोप- चीन को अमेरिका का रास्ता देना चाहता है कनाडा ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि अगर मार्क कार्नी यह सोचते हैं कि कनाडा, चीन का ऐसा ठिकाना बनेगा जहां से सामान अमेरिका भेजा जाएगा, तो वह गलत हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगर कनाडा ने चीन के साथ समझौता किया, तो तुरंत सभी कनाडाई सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप का बयान- चीन कनाडा को निगल जाएगा ट्रंप ने अपने बयान में चीन को लेकर बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया. उनके अनुसार, चीन कनाडा को पूरी तरह खा जाएगा, उसके कारोबार, समाज और जीवनशैली तक को नुकसान पहुंचेगा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कनाडा अमेरिका पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा, ग्रीनलैंड के ऊपर ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम का विरोध कर रहा है, जबकि यह सिस्टम कनाडा की भी सुरक्षा करता. कनाडा-चीन की ‘लैंडमार्क डील’ क्या है? कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण शुरुआती ट्रेड समझौता हुआ है. कार्नी के अनुसार, इस समझौते का मकसद ट्रेड में आ रही रुकावटों को कम करना और टैक्स घटाना है. डील की अहम बातें इस समझौते के तहत चीन ने कनाडा के कैनोला प्रोडक्ट्स पर लगने वाला टैक्स कम करने पर सहमति दी है. पहले यह टैक्स 84% था मार्च 1 तक इसे घटाकर करीब 15% किया जाएगा इसके अलावा, चीन अब कनाडाई नागरिकों को वीजा-फ्री एंट्री देगा. चीन से EV आयात करेगा कनाडा डील के बदले कनाडा ने चीन से 49,000 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) आयात करने पर सहमति दी है. इन वाहनों पर 6.1% का कम टैक्स लगेगा, जो सामान्य दर से कम है. इससे साफ है कि कनाडा, चीन के साथ आर्थिक रिश्तों को फिर से मजबूत करना चाहता है. ये भी पढ़ें: पीस डील के लिए पहली बार एक साथ मिले US-रूस-यूक्रेन, अबूधाबी में क्या हुआ? 1 फरवरी को फिर मिलेंगे तीनों देशों Huawei विवाद से बिगड़े थे रिश्ते कनाडा और चीन के रिश्ते पहले काफी खराब हो चुके हैं. इसकी शुरुआत तब हुई थी, जब कनाडा ने Huawei के संस्थापक की बेटी को अमेरिका के कहने पर गिरफ्तार किया था. इसके जवाब में चीन ने दो कनाडाई नागरिकों को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया. इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर टैक्स लगा दिया. चीन का कहना है कि वह कनाडा के साथ रिश्तों को फिर से सही दिशा में लाना चाहता है. वहीं, प्रधानमंत्री कार्नी भी अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं. जब अमेरिका ने कनाडा के कई प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाए जब अमेरिका ने कनाडा के कई प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाए, तब ओटावा ने साफ संकेत दिया कि वह अब दूसरे देशों के साथ कारोबार बढ़ाएगा. चीन इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह विवाद पिछले हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) से और तेज हुआ. मार्क कार्नी ने वहां कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाला वैश्विक सिस्टम टूट रहा है. हालांकि उन्होंने ट्रंप का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे अमेरिका पर सीधा हमला माना गया. ट्रंप ने कार्नी को बोर्ड ऑफ पीस से बाहर किया  इसके जवाब में ट्रंप ने अगले दिन भाषण दिया और फिर एक कदम और आगे बढ़ते हुए कार्नी को अपने प्रस्तावित बोर्ड ऑफ पीस से बाहर कर दिया. यह बोर्ड पहले गाजा जैसे युद्ध क्षेत्रों के लिए सोचा गया था, लेकिन अब इसे संयुक्त राष्ट्र के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. कार्नी का जवाब- कनाडा अमेरिका से नहीं, कनाडाई होने से आगे बढ़ता है गुरुवार को देश को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका की वजह से नहीं जीता, बल्कि इसलिए आगे बढ़ा क्योंकि हम कनाडाई हैं. हालांकि उन्होंने अमेरिका के साथ साझेदारी को अब भी महत्वपूर्ण बताया. हम कनाडाई सामान खरीदेंगे, कनाडा में ही निर्माण करेंगे- प्रधानमंत्री कार्नी कार्नी ने कनाडाई लोगों से Buy Canadian (बाय कैनेडियन) यानी देश का सामान खरीदने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश की इकोनॉमी बाहर से खतरे में है, इसलिए अब वही किया जाएगा जो हमारे हाथ में है. प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि  हम दूसरे देशों को कंट्रोल नहीं कर सकते, लेकिन खुद को जरूर मजबूत बना सकते हैं. हम कनाडाई सामान खरीदेंगे, कनाडा में ही निर्माण करेंगे. ये भी पढ़ें: ट्रंप की ‘अर्माडा’ Vs चीन की टेक्नीक: ईरान ने तैयार किया प्लान; क्या ड्रैगन के दम पर अमेरिका को चुनौती देंगे खामेनेई? The post चीन से डील पर ट्रंप की धमकी: कनाडा पर 100% टैक्स की चेतावनी, कार्नी बोले- अमेरिका से नहीं, अपनी ताकत से आगे बढ़ता है कनाडा appeared first on Naya Vichar.

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