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February 3, 2026

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आज 2 बजे आएगा बिहार का नया बजट, देखिये पिछले बजट का पूरा लेखा-जोखा

Bihar Budget 2026: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव बजट पेश करेंगे. इस बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. चुनाव से पहले कई बड़े वादे किये गए थे, उसमें से कितने वादों को लेकर एलान होता है, ये देखना अहम होगा. बिजेंद्र यादव 2 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे. इसमें रोजगार, स्वरोजगार, स्त्री सहायता और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष फोकस रह सकता है. सूत्रों के मुताबिक नीतीश प्रशासन बजट में स्त्रीओं को 2-2 लाख रुपए की सहायता, किसानों की आमदनी बढ़ाने और नौकरी-रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. इसके अलावा उद्योगों को बढ़ावा देने, सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की घोषनाओं पर विशेष फोकस रह सकता है. 2025-26 बजट का लेखा-जोखा बिहार प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ऐसा बजट पेश किया था, जिसमें विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई थी. बजट में कुल राजस्व व्यय 2.52 लाख करोड़ रुपये रखा गया था, जो पूरे बजट का करीब 79.52 प्रतिशत था. उस बजट में प्रशासन का फोकस रोजमर्रा की सेवाओं, बुनियादी सुविधाओं और आम लोगों से जुड़े क्षेत्रों पर है. बजट में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग को मिला. शिक्षा के लिए 60964 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इससे स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रवृत्ति और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की योजनाओं को मजबूती मिली. स्वास्थ्य विभाग के लिए 20000 करोड़ रुपये तय किए गए. इससे प्रशासनी अस्पतालों की स्थिति सुधारने, नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार और मुफ्त इलाज जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें विकास के काम पर रहा था फोकस सड़क और परिवहन के क्षेत्र में 17000 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कों की हालत सुधरी. गृह विभाग को 17831 करोड़ रुपये मिले, इससे पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े ढांचे को मजबूत किया गया. ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16043 करोड़ रुपये का बजट रखा गया. इससे गांवों में सड़क, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ. ऊर्जा विभाग को 13,484 करोड़ रुपये दिए गए. इससे बिजली आपूर्ति, नए पावर प्रोजेक्ट और गांव-शहरों में निर्बाध बिजली सुनिश्चित की गई. इसके अलावा समाज कल्याण विभाग (एससी-एसटी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग) के लिए 13000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया. इससे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला. इसे भी पढ़ें: वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन The post आज 2 बजे आएगा बिहार का नया बजट, देखिये पिछले बजट का पूरा लेखा-जोखा appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 : मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करनेवाला बजट है

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश किया. इसमें कोई संशय नहीं है कि वैश्विक मुश्किलों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ के कारण अनिश्चित वैश्विक बाजार एवं टैरिफ तथा बड़ी आर्थिक ताकतों द्वारा जरूरी मिनरल, सेमीकंडक्टर और कई दूसरी चीजों की सप्लाई सहित ग्लोबल वैल्यू चेन के हथियारीकरण की कोशिश तथा भुगतान प्रणाली के दुरुपयोग के बावजूद हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी वित्तीय स्थिति बन अच्छी स्थिति में है. हालांकि, रुपये का गिरता मूल्य, लगातार व्यापार और भुगतान घाटा तथा बढ़ते सार्वजनिक निवेश के साथ निजी निवेश बढ़ने की अनिश्चितता के कारण वित्त मंत्री के सामने बहुत सारी चिंताएं भी हैं. आर्थिक सर्वेक्षण ने वित्तीय स्थिति की सही तस्वीर पेश की, जिसमें चिंताओं को उठाया गया, विशेषकर रुपये की गिरती कीमत और एफडीआइ में लगातार आती कमी. सर्वेक्षण ने न केवल समाज के लिए, बल्कि युवाओं की डिजिटल लत से वित्तीय स्थिति को होने वाले खतरों और कई दूसरे मुद्दे भी उठाये. जाहिर है, बजट में उन सभी पर बात नहीं हो सकी, पर बजट में नीति की दिशा एकदम साफ है और नीति यह है कि हिंदुस्तान न केवल वैश्विक उथल-पुथल से स्वयं को बचाने की कोशिश करेगा, बल्कि वित्तीय स्थिति को आगे भी ले जायेगा. न सिर्फ वित्तीय स्थिति को मजबूत बनायेगा, बल्कि वैश्विक वित्तीय स्थिति में एक अहम खिलाड़ी भी बनेगा. बजट में सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने का प्रस्ताव है. लंबे समय से हिंदुस्तान सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मटीरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल और कैपिटल गुड्स की सप्लाई के लिए विदेशों, खासकर चीन पर निर्भर रहा है. इन सभी को बजट में जगह दी गयी है और इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए रणनीति भी बनायी गयी है. इससे न केवल चीन पर हमारी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, ग्लोबल वैल्यू चेन के हथियार बनने से भी वित्तीय स्थिति को बचाया जा सकेगा. ऐसा नहीं है कि हिंदुस्तान के पास रेयर अर्थ मटीरियल नहीं है, पर इस क्षेत्र में माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग में हम काफी पीछे हैं. ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने, माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में मदद दी गयी है. बजट में पेश की गयी कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बढ़ाने की योजना, हाइ वैल्यू टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड सीआइइ की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करेगी. कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की घोषणा के साथ कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 7,10,000 करोड़ का बजटीय आवंटन अहम कदम है. बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात भी बजट में है. बायो फार्मा, जिसमें बायो सिमिलर्स भी शामिल हैं, कई नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों के इलाज में क्रांति ला सकते हैं. टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक व्यापक प्लान, बजट में उठाया गया बड़ा कदम है. ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल से खादी और हैंडलूम को मजबूती मिलेगी. मध्यम, लघु एवं कुटीर उद्योगों को समर्थन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन महत्वपूर्ण कदम है. बजट में पूंजीगत निवेश को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, और प्रभावी पूंजीगत निवेश जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है, जो न सिर्फ अब तक का सबसे अधिक है, बल्कि यह राजकोषीय घाटे से भी ज्यादा है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. नये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 नये राष्ट्रीय जलमार्ग हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे सकते हैं. प्रस्तावों का एक और अहम हिस्सा विकसित हिंदुस्तान के लिए प्रोफेशनल्स का सृजन है. स्वास्थ्य क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 1,00,000 एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, 1.5 लाख केयर गिवर्स और 20,000 वेटरनरी प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया जायेगा. किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से बजट में मत्स्य क्षेत्र की वृद्धि के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, तटीय इलाकों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करना, फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के साथ स्टार्टअप्स और स्त्री समूहों को जोड़ना, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम लागू करना तथा लाइवस्टॉक फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन जैसे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र को समर्थन की बात भी महत्वपूर्ण है. तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के साथ उच्च मूल्य कृषि को बढ़ावा दिया जायेगा. पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और पाइन नट्स भी ग्रामीण आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. हम देखते हैं कि 7.4 प्रतिशत की विकास दर, दो प्रतिशत से कम महंगाई और लगातार घटता राजकोषीय घाटा संकेत देते हैं कि वित्तीय स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है. बजट में राजकोषीय घाटे को घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है. कुल मिलाकर, बजट मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार वृद्धि को प्रोत्साहित करता दिखाई देता है. साथ ही, यह गांवों और किसानों को सशक्त बनाते हुए महंगाई को नियंत्रित रखने का प्रयास करता है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post Budget 2026 : मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करनेवाला बजट है appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर

BPSC Calendar 2026: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से नया कैलेंडर ऑफिशियल वेबसाइट- bpsc.bihar.gov.in पर जारी किया गया है. इस कैलेंडर (BPSC Calendar 2026) में कई बड़ी परीक्षाओं की तारीख घोषित की गई है. इसमें BPSC 70वीं, 71वीं और 72वीं तीनों परीक्षाओं की तारीख दी गई है. कई भर्तियों के लिए पोस्ट की डिटेल्स नहीं बताई गई है. BPSC Calendar 2026 में बड़ी परीक्षा की डिटेल्स BPSC Integrated CCE 70th परीक्षा के तहत कुल 2035 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 और 4 जनवरी 2025 को हुई थी, जबकि मेंस परीक्षा 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई और फाइनल रिजल्ट अप्रैल या मई 2026 में आने की संभावना है. BPSC Integrated CCE 71st परीक्षा में कुल 1298 पद शामिल हैं, जिसकी प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 को होगी और मेंस परीक्षा अप्रैल 2026 में संभावित है, जबकि इंटरव्यू की तारीख अभी तय नहीं की गई है. वहीं, 33rd Judicial Services परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा 30 मई 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें कुल 173 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. BPSC Calendar 2026 यहां चेक करें BPSC (Bihar Public Service Commission) Exam Calendar #BPSC #BPSCExamCalendar #BPSCExam #ExamCalendar pic.twitter.com/Ml4FQrhjJy — Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) February 2, 2026 BPSC 72nd Exam: कब होगी 72वीं कंबाइंड परीक्षा? बीपीएससी की तरफ से जारी कैलेंडर के अनुसार, बिहार में 72वीं कंबाइंड प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई 2026 को होगा. हालांकि, इसके लिए नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख नहीं बताई गई है. साथ ही इसमें कितने पोस्ट होंगे इसकी भी कोई डिटेल्स नहीं है. BPSC TRE 4 पर सस्पेंस बिहार में शिक्षक भर्ती का इंतजार बेसब्री से हो रहा है. नए कैलेंडर में शिक्षक भर्ती सेशन 4 (BPSC TRE 4) को लेकर कोई डिटेल्स नहीं दी गई है. हालांकि, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर भर्ती परीक्षा की डिटेल्स दी गई है. साथ ही Simultala Residential School, Jamui में Secondary और Higher Secondary Teacher भर्ती के लिए मेंस परीक्षा 17 और 18 जून 2026 को हो सकती है. यह भी पढ़ें: बिहार पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई The post बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर appeared first on Naya Vichar.

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ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, इन लोगों के ठिकानों पर पहुंची टीम

ED Raid in Bengal : जांच एजेंसी ईडी ने पश्चिम बंगाल में कोयले के ‘अवैध’ खनन और परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन केस) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दुर्गापुर जिला के विभिन्न शहरों में ईडी की ओर से सर्च अभियान शुरू होने से खलबली मच गई. ईडी अधिकारियों की टीम सुबह दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप निवासी कारोबारी प्रबीर दत्ता, अंबुजा निवासी पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल, पाण्डेश्वर निवासी शेख मयजुल, कॉकसा के हसन शेख के अलावा कई इलाको में सर्च ऑपरेशन चला रही है. ख़बर लिखे जाने तक कई और इलाको में अभियान चलने की समाचार आई है. STORY | ED raids in West Bengal linked to coal mining, transportation case The Enforcement Directorate on Tuesday conducted searches at multiple locations in West Bengal as part of a money laundering investigation into a case of alleged illegal mining and transportation of coal,… pic.twitter.com/ZF8w8pfjWL — Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2026 सूत्रों की माने तो  ईडी अधिकारी संबंधित घर में घुसकर अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं. सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर के बाहर सेंट्रल फोर्स तैनात की गई है. The post ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, इन लोगों के ठिकानों पर पहुंची टीम appeared first on Naya Vichar.

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WhatsApp कॉल्स हुईं सुपर सेफ, घंटों बात करने पर भी नहीं लीक होगी लोकेशन, जानिए कैसे ऑन करें IP Protect

आज के डिजिटल दौर में प्राइवेसी सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है. कॉल करते वक्त भी हमारी लोकेशन और पर्सनल जानकारी सेफ रहे, यही सोचकर WhatsApp ने एक नया प्राइवेसी फीचर पेश किया है, जिसका नाम है IP Protect. यह फीचर WhatsApp कॉल्स को पहले से ज्यादा सेफ और सिक्योर बनाता है. आइए जानते हैं इस फीचर के बारे में और कैसे कर सकते हैं इसे एक्टिव. WhatsApp IP Protect फीचर क्या है? IP Protect एक नया प्राइवेसी फीचर है, जो WhatsApp कॉल के दौरान आपकी IP एड्रेस को सामने वाले यूजर से हाइड यानी छुपा देता है. जब यह फीचर ऑन होता है, तो कॉल सीधे दो डिवाइस के बीच न होकर WhatsApp के सर्वर के जरिए कनेक्ट होती है. IP Protect फीचर के फायदे इस फीचर को इस्तेमाल करने से यूजर्स को कई फायदे मिलते हैं. कॉल के दौरान आपकी IP एड्रेस हाइड रहती है. आपकी लोकेशन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाएगा. WhatsApp कॉल्स में एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर एड हो जाती है. WhatsApp IP Protect फीचर कैसे ऑन करें? अगर आप कॉलिंग के दौरान ज्यादा प्राइवेसी चाहते हैं, तो इस फीचर को आसानी से ऑन कर सकते हैं. अपने फोन में WhatsApp ऐप खोलें. ऊपर राइट साइड दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें. इसके बाद Settings पर जाएं. Privacy ऑप्शन पर क्लिक करें. नीचे स्क्रॉल करके Advanced सेक्शन में जाएं. Protect IP address in calls पर क्लिक कर ऑन कर दें. ध्यान देने वाली जरूरी बात जब यह फीचर ऑन होता है, तो आपकी कॉल WhatsApp सर्वर के जरिए जाती है. इसी वजह से कॉल क्वालिटी पर हल्का असर पड़ सकता है. हालांकि, यह असर बहुत मामूली होता है और आपकी प्राइवेसी ज्यादा सुरक्षित रहती है. यह भी पढ़ें: WhatsApp ग्रुप में नए मेंबर को जुड़ते ही दिखेगी पुरानी चैट, अब ‘क्या चल रहा था?’ पूछने की नहीं पड़ेगी जरूरत The post WhatsApp कॉल्स हुईं सुपर सेफ, घंटों बात करने पर भी नहीं लीक होगी लोकेशन, जानिए कैसे ऑन करें IP Protect appeared first on Naya Vichar.

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DDC 0001: ₹2 करोड़ से ज्यादा में बिका VIP कार नंबर, बना भारत का सबसे महंगा नंबर प्लेट

DDC 0001: हिंदुस्तान में लग्जरी स्टेटस सिंबल्स का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. इसका ताजा उदाहरण है DDC 0001 नंबर प्लेट, जिसे हाल ही में ₹2.08 करोड़ में नीलाम किया गया. यह अब तक का सबसे महंगा वाहन पंजीकरण नंबर बन गया है. गुन्टूर के कारोबारी ने लगाई रिकॉर्ड बोली इस प्लेट को आंध्र प्रदेश के गुन्टूर निवासी किरण कोलपाकुला ने खरीदा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा दिखाता है कि हाई-वैल्यू कलेक्टिबल्स की मांग अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों से भी बड़े खरीदार सामने आ रहे हैं. बिग बॉय टॉयज का नया ‘Auction House’ नीलामी का आयोजन Big Boy Toyz (BBT) Auction App पर हुआ. लग्जरी प्री-ओन्ड कारों के लिए मशहूर BBT ने हाल ही में अपना Auction House वर्टिकल लॉन्च किया है, जहां सेलिब्रिटी कारें, रेयर घड़ियां और VIP मोबाइल नंबर जैसी प्रीमियम चीजें नीलाम की जाती हैं. पारदर्शिता और भरोसे पर जोर BBT के संस्थापक जतिन आहूजा, जो इस प्लेट के मूल मालिक थे, ने कहा कि हाई-वैल्यू एसेट्स की नीलामी में पारदर्शिता और वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है. उनका मानना है कि देशभर के कलेक्टर्स अब भरोसेमंद डिजिटल प्लैटफॉर्म्स की तलाश में हैं. पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा इससे पहले HR 88 B 8888 नंबर प्लेट ₹1.17करोड़ में नीलाम हुई थी, लेकिन खरीदार ने भुगतान नहीं किया और बाद में यह सिर्फ ₹26.7 लाख में बिक पाई. ऐसे में DDC 0001 की बिक्री ने नया इतिहास रच दिया. अन्य हाई-प्रोफाइल आइटम्स भी लिस्टेड BBT Auction House पर इस समय कई चर्चित आइटम्स मौजूद हैं- शिल्पा शेट्टी की Mercedes-Maybach GLS 600 रोहित शेट्टी की Mercedes-Benz CLA 200d दिनेश कार्तिक की Range Rover Sport SVR साथ ही रेयर प्लेट्स, VIP मोबाइल नंबर और Rolex और Hublot जैसी लग्जरी घड़ियां भी शामिल हैं. डिजिटल नीलामी का नया दौर यह पूरी नीलामी ऑनलाइन हुई, जो दिखाती है कि अब लग्जरी एसेट्स की खरीद-फरोख्त तेजी से डिजिटल प्लैटफॉर्म्स की ओर बढ़ रही है. इससे भागीदारी आसान हो रही है और प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक पारदर्शी बन रही है. यह भी पढ़ें: HR 88B 8888: करोड़ों की VIP नंबर प्लेट फिर से नीलामी में, जानिए लेटेस्ट अपडेट The post DDC 0001: ₹2 करोड़ से ज्यादा में बिका VIP कार नंबर, बना हिंदुस्तान का सबसे महंगा नंबर प्लेट appeared first on Naya Vichar.

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निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना होगा

Budget 2026 : हिंदुस्तान की मौजूदा आर्थिक पृष्ठभूमि आश्वस्त करने वाली है. तिमाही वृद्धि दर प्रभावी है, मुद्रास्फीति कम है, कम एनपीए के साथ बैंक मजबूत मुनाफा दर्ज कर रहे हैं और वर्षों बाद कॉरपोरेट बैलेंस शीट स्वस्थ लग रही हैं. इसके बावजूद बजट को उत्सव से ज्यादा परीक्षा के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि इस कथित सुखद आर्थिकी की चमक सशर्त है. वृद्धि की गति बड़े पैमाने पर केंद्र प्रशासन के सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर जोर देने पर टिकी है. इसी तरह, कम मुद्रास्फीति को खाद्य कीमतों में गिरावट से सहारा मिला है, जो स्थायी नहीं है. बजट से पहले के संकेतक बताते हैं कि अप्रैल-दिसंबर के दौरान आठ प्रमुख उद्योगों का उत्पादन साल-दर-साल केवल 2.6 फीसदी बढ़ा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना रिकॉर्ड नौवां बजट ‘सतर्क व्यावहारिकता’ की थीम के साथ पेश किया- इसमें राजकोषीय संतुलन के पथ पर चलते हुए वित्तीय स्थिति को क्षमता निर्माण और वृद्धि-वर्धन की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है. पर पहले बजट के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है. कुल व्यय को 53.5 लाख करोड़ रुपये पर रखा गया है, जो संशोधित अनुमान से 7.7 फीसदी अधिक है, जबकि उधारी को छोड़ राजस्व 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 7.2 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है. राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 फीसदी होने का अनुमान है, जो 4.5 फीसदी से नीचे रहने के वादे के अनुरूप है. यह संयम विश्वसनीयता के लिए अहम है- खासकर ऐसे वैश्विक परिदृश्य में, जहां बाहरी वित्तपोषण स्थितियां अचानक सख्त हो सकती हैं. लेकिन वित्तपोषण का माहौल कैसा है? केंद्र प्रशासन की 17.2 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी और राज्यों की अतिरिक्त 12.6 लाख करोड़ रुपये की उधारी के बीच बाॅन्ड बाजार पर निर्गम का भारी दबाव है. आश्चर्य नहीं कि रिजर्व बैंक द्वारा पर्याप्त ढील दिये जाने के बावजूद दीर्घकालिक बाॅन्ड ब्याज सात फीसदी पर अटके हैं. यह निजी पूंजीगत निवेश के लिए प्रतिकूल है. राजस्व की सुस्ती भी चिंता का कारण है. केंद्र का सकल कर राजस्व अप्रैल-नवंबर में केवल 3.3 फीसदी बढ़ा, जो पूरे वर्ष के लिए आंके गये 10.8 फीसदी की वृद्धि से काफी कम है. यदि इस वर्ष नॉमिनल जीडीपी केवल आठ फीसदी रहती है या उपभोग कमजोर बना रहता है, तो उसी कैपेक्स में कटौती का दबाव बनेगा, जो वृद्धि को सहारा दे रहा है. प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में किया गया मामूली संशोधन डेरिवेटिव बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी को सीमित करने के लिए था. पर बाजारों में उथल-पुथल हुई, हालांकि उम्मीद है कि वे शीघ्र संभलेंगे. बजट में कैपेक्स पर जोर जारी है. ढांचागत क्षेत्र में पूंजीगत व्यय को नौ फीसदी बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रावधान है. जब तक यह निजी निवेश को बाहर नहीं करता, तब तक यह स्वीकार्य है. बजट वैश्विक सेवा क्षेत्र में 10 फीसदी हिस्सेदारी का बड़ा लक्ष्य निर्धारित करता है. हिंदुस्तान को बढ़ती हुई व्यापार योग्य सेवाओं में तुलनात्मक बढ़त प्राप्त है. ऐसे में, लक्ष्य प्राप्ति के लिए कौशल आधारित उत्पादकता में छलांग जरूरी होगी. बजट शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता तक की शृंखला पर जोर देता है और एक प्रस्तावित स्थायी समिति के माध्यम से इस पाइपलाइन को मजबूत करने का संकेत देता है. यह क्लस्टर आधारित औद्योगिक दृष्टिकोण की ओर भी इशारा करता है, जहां प्रशिक्षण संस्थानों को वस्त्र और चमड़ा जैसे क्षेत्रीय क्लस्टरों से जोड़ा जायेगा और 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित किया जायेगा. बजट में एमएसएमइ क्षेत्र पर फोकस स्वागतयोग्य है. भुगतान में देरी और कार्यशील पूंजी की कमी छोटे उद्यमों के लिए बाधक हैं. ऐसे में, टीआरइडीएस के जरिये बिल डिस्काउंटिंग को मजबूत करने जैसे कदम वैसे सुधार हैं, जो औपचारिकीकरण के साथ छोटे उद्यमों के बने रहने में मददगार होंगे. यदि कैपेक्स में वृद्धि केंद्र का दृश्यमान इंजन है, तो निजी निवेश अब भी गायब सिलेंडर बना हुआ है. और यहीं बजट एक सरल, पर प्रभावी सुधार से चूक गया. वह है, जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, जो खासकर पूंजीगत वस्तुओं की समस्या का हल है. मशीनरी, संयंत्र, उपकरण और निर्माण इनपुट पर मिलने वाले टैक्स क्रेडिट वर्षों तक फंसे रहते हैं, जिससे क्षमता विस्तार हतोत्साहित होता है. कंपनियों के पास ऐसे क्रेडिट्स (जमाओं) के ढेर लग जाते हैं, जिनका वे उपयोग नहीं कर पातीं. स्पष्ट समाधान यह है कि जीएसटी के तहत पूंजीगत वस्तुओं पर पूरा टैक्स क्रेडिट दिया जाये और उस हिस्से पर आयकर अवमूल्यन की अनुमति न हो. इस सुधार पर ध्यान नहीं गया, जबकि यह उच्च प्रभाव, कम नेतृत्वक लागत तथा पूंजीगत खर्च की लागत घटाने वाला सुधार साबित होता. बजट क्या और अधिक पुनर्वितरणकारी हो सकता था? वित्त मंत्री को एक असहज सच्चाई स्वीकार करनी होगी. वह यह है कि समग्र वृद्धि और आर्थिक स्थिरता, बढ़ती असमानता वस्तुत: संपत्ति के केंद्रीकरण और रोजगार सृजन में कमी के कारण आबादी के बड़े हिस्से के ठहरे हुए जीवन स्तर के साथ बनी रह सकती है. यह बजट भाषा के स्तर पर तो भारी है, जिसमें ‘क्षमता’ और ‘विकसित हिंदुस्तान’ जैसे शब्द हैं, पर मजदूरी वृद्धि और रोजगार की गुणवत्ता जैसे वितरण के मोर्चे पर हल्का है. रोजगार का विरोधाभास अब भी बना हुआ है- अनेक श्रमिक अब भी कृषि पर निर्भर हैं, जबकि उत्पादन में उनकी हिस्सेदारी कम है. यह एक संरचनात्मक असंतुलन है, जो स्थिर मजदूरी और कमजोर जन उपभोग से जुड़ा है. यदि इसका सीधे तौर पर मुकाबला नहीं किया गया, तो नेतृत्वक अर्थशास्त्र का जोखिम तय है. कुल बचत में घरेलू बचत की हिस्सेदारी अगर बमुश्किल 30 फीसदी है, तो इसका कारण यही है. जाहिर है, दीर्घकालिक घरेलू पूंजी को मजबूत करना जरूरी है. वित्त मंत्री ने कहा है कि एक उच्चस्तरीय समिति व्यापक वित्तीय क्षेत्र सुधारों पर विचार करेगी. कुल मिलाकर, यह एक समझदार बजट है, क्योंकि यह वित्तीय स्थिति की मजबूती के बावजूद उत्साह में बहने से इनकार करता है. यह राजकोषीय गणित में संयम बरतता है, कैपेक्स को जारी रखता है, और नीति को कौशल तथा सेवा-निर्यात प्रभुत्व की ओर मोड़ने का प्रयास करता है. लेकिन यदि हिंदुस्तान का विकास मॉडल राज्य प्रेरित से निजी निवेश-नेतृत्व वाला बनना है, तो देश को अनाकर्षक लेकिन ऐसे जरूरी सुधारों की जरूरत है, जो निवेश की रुकावटें दूर करें और भागीदारी

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पाकिस्तान पहुंचे World Bank प्रमुख Ajay Banga, रखते हैं ये बड़ी-बड़ी डिग्रियां 

Ajay Banga Success Story: अजय बंगा को साल 2023 में विश्व बैंक की कमान दी गई. World Bank के इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी हिंदुस्तानीय मूल के व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया. अजय बंगा अपनी पर्सनालिटी और पढ़ाई लिखाई को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. उन्होंने हिंदुस्तान की टॉप यूनिवर्सिटी और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की है. पिता इंडियन आर्मी में जनरल थे अजय बंगा मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. हालांकि उनकी पढ़ाई अलग-अलग राज्यों से हुई है. उनके पिता हर भजन सिंह बंगा इंडियन आर्मी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे. डीयू से ग्रेजुएशन, IIM से एमबीए अजय बंगा की स्कूली पढ़ाई जालंधर और शिमला से पूरी हुई है. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेन्स काॅलेज से ग्रेजुएशन किया. आर्मी परिवार में जन्म होने के कारण वे शुरुआत से ही फोकस और अनुशासित थे. पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने हिंदुस्तानीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) से एमबीए की डिग्री ली. अजय बंगा क्यों हैं चर्चा में? वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा 2 फरवरी 2026 से अपने चार दिवसीय पाकिस्तान दौरे पर हैं. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान इस समय अपनी वित्तीय स्थिति को स्थिर करने और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मदद चाहता है. ऐसे में अजय बंगा का ये पाकिस्तान दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह भी पढ़ें- सोशल मीडिया से बनाई दूरी, BTech के बाद UPSC में मारी बाजी, चाहत Rank 59 लाकर बनीं IAS The post पाकिस्तान पहुंचे World Bank प्रमुख Ajay Banga, रखते हैं ये बड़ी-बड़ी डिग्रियां  appeared first on Naya Vichar.

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Kanya Vivah Yojana: बेटियों की शादी में लाखों का दान, अभिनंदन ट्रस्ट ने उठाया बीड़ा

Kanya Vivah Yojana: झारखंड में बेटियों की शादी को लेकर अभिभावकों की आर्थिक चिंता को कम करने की दिशा में अभिनंदन ट्रस्ट ने एक अहम पहल की है. ट्रस्ट बेटियों की शादी में लाखों रुपये मूल्य का सामान फ्री में उपलब्ध करा रहा है. अभिनंदन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद कुमार ने कहा कि अब माता-पिता को बेटी के विवाह के लिए कर्ज लेने की मजबूरी नहीं रहेगी. रांची में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि झारखंड की प्रगति और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए रांची स्थित रोस्पा टावर कार्यालय में अभिनंदन ट्रस्ट द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि राज्य के अधिक से अधिक लोग ट्रस्ट की योजनाओं से जुड़ें और जरूरतमंद परिवारों तक इनका लाभ पहुंच सके. कन्या विवाह उपहार योजना पर विशेष जोर प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से कन्या विवाह उपहार योजना पर चर्चा की जा रही है. इस योजना के तहत नवविवाहित बेटियों को ट्रस्ट की ओर से विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है. डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि इस योजना से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है. 122 प्रकार की सामग्री निःशुल्क उपलब्ध ट्रस्ट की ओर से विवाह के लिए कुल 122 प्रकार की सामग्री निःशुल्क प्रदान की जाती है. इनमें गोदरेज, टीवी, बर्तन सहित अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं. खास बात यह है कि मोटरसाइकिल की कीमत में ही मोटरसाइकिल भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे नवदंपती को जीवन की शुरुआत में सहूलियत मिल सके. वर्षों से जारी सेवा कार्य डॉ. विवेकानंद कुमार ने बताया कि यह सेवा कार्य अभिनंदन ट्रस्ट द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है. ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सामग्री देना ही नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना भी है. यह सभी सामग्री दान स्वरूप प्रदान की जाती है. बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर उन्होंने यह भी कहा कि अभिनंदन ट्रस्ट से जुड़कर बेरोजगार युवा अच्छी आमदनी कर सकते हैं. ट्रस्ट के माध्यम से युवाओं को सामाजिक सेवा के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड में बढ़ी चुनावी सरगर्मी, रांची से रोशनी खलखो और धनबाद से भाजपा के मेयर प्रत्याशी कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर ट्रस्ट के स्टेट प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, भरत कुमार, कृष्णा वल्लभ और डॉ. एस.के. वर्मा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने ट्रस्ट की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया. इसे भी पढ़ें: Palamu News: पैसों के लालच में मां ने नाबालिग को बुजुर्ग से कराई शादी, पिता ने बचाई लाज The post Kanya Vivah Yojana: बेटियों की शादी में लाखों का दान, अभिनंदन ट्रस्ट ने उठाया बीड़ा appeared first on Naya Vichar.

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Video : एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी को पहनाई गई माला, भारत-यूएस ट्रेड डील से सांसद खुश

Video : मंगलवार को संसद परिसर में एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नवनिर्वाचित पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहे. बैठक का वीडियो सामने आया है. वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में सांसदों ने हिंदुस्तान-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया. पीएम को माला पहनाया गया. देखें वीडियो. #WATCH | Delhi | NDA MPs felicitate PM Modi for the India-US trade agreement, at NDA Parliamentary party meeting in Parliament premises pic.twitter.com/M5nMRwggtn — ANI (@ANI) February 3, 2026 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद कहा कि हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है. इसके तहत अमेरिका अब हिंदुस्तानीय उत्पादों पर जो 25% शुल्क लगाता था, उसे घटाकर 18% कर देगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे जानकर खुशी जताई और कहा कि यह ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए अच्छी समाचार है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके अच्छा लगा और इस शानदार फैसले के लिए हिंदुस्तान की 1.4 अरब जनता की ओर से उनका धन्यवाद करते हैं. यह कदम हिंदुस्तान- अमेरिका व्यापार को बढ़ावा देगा. यह भी पढ़ें : अमेरिकी टैरिफ 50% से घटकर 18%, मोदी-ट्रंप फोन कॉल के बाद डील फाइनल The post Video : एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी को पहनाई गई माला, हिंदुस्तान-यूएस ट्रेड डील से सांसद खुश appeared first on Naya Vichar.

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