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March 13, 2026

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55 लाख की जगह 76 लाख सिलेंडर हो रहे बुक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा घबराएं नहीं, सप्लाई जारी है

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच हिंदुस्तान में ऊर्जा संकट और गैस की किल्लत की समाचारों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और ‘पैनिक बाइंग’ (डर में आकर ज्यादा सामान खरीदना) के बीच केंद्र प्रशासन ने मोर्चा संभाला है. शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशवासियों को वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और शांति बनाए रखने की अपील की. अफवाहों से बचें, पैनिक बाइंग न करें प्रशासन ने साफ कहा है कि देश में गैस की उतनी कमी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है, बल्कि डर की वजह से बुकिंग अचानक बढ़ गई है. आम दिनों में हर दिन लगभग 50-55 लाख सिलेंडर बुक होते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 75-76 लाख तक पहुँच गया है. प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा न करें. कालाबाजारी और जमाखोरी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ गैस की किल्लत का फायदा उठाने वाले बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सभी राज्यों के साथ मीटिंग की है. जिला प्रशासन (DM और SP) को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें. उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध रूप से छिपाए गए सिलेंडर बरामद किए हैं. हापुड़ में तो एक डिस्ट्रीब्यूटर का गोदाम तक सील कर दिया गया है. मदद के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए प्रशासन ने सिस्टम को और मजबूत किया है. ऑयल कंपनियों के कॉल सेंटर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 400 कर दी गई है और टेलीफोन लाइनें भी 50 कर दी गई हैं. महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में विशेष कंट्रोल रूम खोले गए हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में अधिकारी रोज प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं ताकि जनता तक सही जानकारी पहुंचे. राज्यों में क्या है हाल ? प्रदेश: झांसी में सिलेंडरों से भरा एक चोरी हुआ ट्रक पुलिस ने बरामद कर लिया है. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. बिहार के दरभंगा जैसी जगहों से गैस के लिए लंबी कतारों की समाचारें आई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने वहां पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं ताकि वितरण सही से हो सके. Also Read: किसानों के लिए खुशसमाचारी! पीएम मोदी ने जारी की पीएम किसान की 22वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस The post 55 लाख की जगह 76 लाख सिलेंडर हो रहे बुक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा घबराएं नहीं, सप्लाई जारी है appeared first on Naya Vichar.

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आकांक्षा, शिखा अब प्रियंका, UPSC रिजल्ट में नाम का कंफ्यूजन क्यों?

UPSC CSE Result Name Confusion: इस बार यूपीएससी रिजल्ट जारी होने के बाद कई जगह एक ही नाम की वजह से लोगों ने जल्दीबाजी में अलग-अलग दावे कर दिए. यूपीएससी रिजल्ट (UPSC CSE Result) के ऑफिशियल PDF में कैंडिडेट्स के नाम के साथ रोल नंबर भी आता है. इसके बावजूद कैंडिडेट्स कैसे कंफ्यूज हो जा रहे हैं ये सोचने वाली बात है. आइए समझते हैं कि नाम को लेकर कंफ्यूजन कैसे हो जाता है. सोशल मीडिया ने बढ़ाया कंफ्यूजन आज के समय में रिजल्ट आते ही समाचारें और पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगती हैं. कई लोग बिना पूरी जानकारी जांचे ही किसी नाम को लेकर पोस्ट कर देते हैं. ऐसे में जब किसी टॉपर का नाम सामने आता है और उसी नाम के कई लोग अलग-अलग जगह रहते हैं, तो भ्रम बढ़ जाता है. लोग मान लेते हैं कि सफलता उसी व्यक्ति को मिली है जिसका नाम उनसे मिलता है. UPSC CSE Result में एक जैसा नाम होना हिंदुस्तान जैसे बड़े देश में लाखों लोगों के नाम एक जैसे होना आम बात है. UPSC CSE Result में भी यही स्थिति बनती है. रिजल्ट लिस्ट में उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर दोनों दिए जाते हैं. लेकिन कई बार लोग सिर्फ नाम देखकर ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं. ऐसा ही केस UPSC Rank 113 पर हुआ. Upsc air 113 लाने वाली शिखा (बाएं) और बुलंदशहर की शिखा (दाएं) UPSC रैंक 113 पर शिखा का नाम है. रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर शिखा सिंह जो बुलंदशहर की रहने वाली हैं उनका नाम काफी वायरल होने लगा. शिखा के पिता चपरासी हैं तो इमोशनल एंगल से लोगों ने खूब शेयर किया. बाद में शिखा सिंह ने देखा कि 113 रैंक पर जिस शिखा का नाम है उनका रोल नंबर अलग है. UPSC CSE 2025 Final Result Check Here अधूरी जानकारी के कारण UPSC CSE Result आते ही कई जगह जल्दी समाचार बनाने या पोस्ट करने की होड़ लग जाती है. कई बार पूरी जानकारी की पुष्टि किए बिना ही किसी नाम को टॉपर बता दिया जाता है. ऐसा ही मामला रैंक 79 पर हुआ. इस रैंक पर प्रियंका चौहान का नाम है. सोशल मीडिया पर यूपी के गाजीपुर की रहने वाली ड्राइवर की बेटी प्रियंका चौहान की फोटो वायरल होने लगीं. Upsc air 79 लाने वाली रियल प्रियंका चौधरी (बाएं) और गाजीपुर की प्रियंका चौधरी (दाएं) गाजीपुर की प्रियंका के पिता पेशे से ड्राइवर हैं ऐसे में उनकी स्टोरी को खूब वायरल किया गया. लेकिन कुछ समय के बाद ही क्लियर हो गया कि जिस प्रियंका चौहान की बात की जा रही है वो गाजीपुर की नहीं बल्कि बीकानेर की रहने वाली हैं. उनके पति मुकेश रेप्सवाल भी IAS हैं और हिमाचल प्रदेश के चंबा में पोस्टेड हैं. प्रियंका चौधरी की डिटेल्स प्रियंका चौधरी की पूरी डिटेल्स प्रियंका चौधरी का पूरा केस जानने के लिए यहां क्लिक करें मशहूर होने का लालच सोशल मीडिया के जमाने में कुछ कैंडिडेट्स ऐसे हैं जो जानबूझकर मशहूर होने के लिए अपनी फोटो वायरल कराते हैं. जैसा कि बिहार की आकांक्षा सिंह के बारे में देखा गया. बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा ने दावा किया कि UPSC CSE Result रैंक 301 पर उन्हीं का नाम है. जबकि, इस रैंक पर गाजीपुर की रहने वाली डॉ आकांक्षा सिंह का नाम था. सोशल मीडिया पर इस रैंक को लेकर काफी चर्चाएं हुईं. अंत में UPSC ने पोस्ट शेयर कर यह क्लियर किया कि गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका ही इस रैंक की असली हकदार हैं. UPSC ने नाम पता के साथ एक पोस्ट शेयर किया था. View this post on Instagram A post shared by Naya Vichar (@prabhat.khabar) बिहार का फर्जी IAS आकांक्षा सिंह के अलावा बिहार के ही एक शख्स का विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. इस शख्स का नाम रंजीत कुमार है. रंजीत ने दावा किया कि UPSC CSE Result में उन्हें रैंक 440 प्राप्त हुआ है. इसके बाद पूर्व विधायक और थाना प्रभारी ने उन्हें सम्मानित भी कर दिया. डॉक्यूमेंट्स चेक हुआ तो रंजीत की सच्चाई सामने आई. यह भी पढ़ें: मिठाई बांटी, फूल बरसे, IAS बनने की खुशी पल में गायब, UPSC लिस्ट में निकली दूसरी शिखा The post आकांक्षा, शिखा अब प्रियंका, UPSC रिजल्ट में नाम का कंफ्यूजन क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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किसानों के लिए खुशखबरी! पीएम मोदी ने जारी की पीएम किसान की 22वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

Pm Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि 13 मार्च 2026 कों गुवाहाटी से Pm Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) की 22वीं किस्त जारी की हैं. इस किस्त के तहत 9.32 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खातों में करीब ₹18,640 करोड़ सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों के खातों में भेजी गई है. पीएम किसान योजना के तहत केंद्र प्रशासन किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद देती है. यह रकम ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि किसान बीज, खाद और खेती से जुड़ी जरूरी चीजें खरीद सकें. LIVE | A significant step towards farmers’ prosperity! Hon’ble Prime Minister Narendra Modi releases the 22nd installment of PM-Kisan Samman Nidhi Yojana from Guwahati, Assam, providing direct financial support to farmers nationwide. Watch LIVEhttps://t.co/McOme5b86F#PMKisan pic.twitter.com/zG3qCy67yg — Doordarshan Kisan – दूरदर्शन किसान (@DDKisanChannel) March 13, 2026 क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना यह योजना साल 2019 में शुरू की गई थी ताकि छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद मिल सके. इस योजना के तहत किसानों को हर साल ₹6,000 की मदद दी जाती है. यह पैसा तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है. इस पैसे से किसान बीज, खाद और खेती से जुड़ी जरूरी चीजें खरीद सकते हैं, जिससे उन्हें साहूकारों से कर्ज लेने की जरूरत कम पड़े. किस्त (Installment) महीना और साल वितरित राशि (लगभग) लाभार्थी किसानों की संख्या 21वीं किस्त नवंबर 2025 ₹18,000 करोड़ 9 करोड़ + 20वीं किस्त अगस्त 2025 ₹20,500 करोड़ 9.7 करोड़ 19वीं किस्त फरवरी 2025 ₹22,000 करोड़ 9.8 करोड़ ऐसे चेक करें पैसे का स्टेटस सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं. वहां “Know Your Status” विकल्प पर क्लिक करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें. फिर मोबाइल पर आए OTP डालें. इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि पैसे आपके खाते में आए हैं या नहीं. समस्या होने पर क्या करें अगर किसी किसान को योजना का पैसा नहीं मिल रहा है या कोई दिक्कत आ रही है, तो वह टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-115-526 पर संपर्क कर सकता है. यहां से पूरी मदद मिल जाएगी. Also Read: दूध बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस, नहीं तो बंद करना होगा कारोबार पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है? यह केंद्र प्रशासन की योजना है जिसमें छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है. यह पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है. किसानों को पैसा कैसे मिलता है? प्रशासन यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजती है. साल में कितनी किस्त मिलती है? ₹6,000 की राशि तीन किस्तों में दी जाती है. हर किस्त ₹2,000 की होती है. इस योजना की शुरुआत कब हुई? यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी. पीएम किसान का स्टेटस कैसे चेक करें? 1.pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं2.“Know Your Status” पर क्लिक करें3.अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें4.OTP डालते ही आपका स्टेटस दिख जाएगा The post किसानों के लिए खुशसमाचारी! पीएम मोदी ने जारी की पीएम किसान की 22वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस appeared first on Naya Vichar.

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मिडिल ईस्ट जंग के बीच गरजे ट्रंप, कहा- आज होगा ईरान का हिसाब

Trump Warns Iran: ईरान का खाड़ी के अरब देशों पर हमला जारी है. शुक्रवार (13 मार्च) को ईरान ने सऊदी अरब, ओमान, बहरीन में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा- देखते रहिए, आज इन कुटिल लोगों का क्या हश्र होता है. ट्रंप ने कहा ईरान की नौसेना नष्ट हो चुकी है, वायुसेना तबाह हो गई है. उसकी मिसाइल, ड्रोन और अन्य सैन्य क्षमताएं खत्म कर दी गई हैं, जबकि उसके नेताओं का नामोनिशान मिटा दिया गया है. उन्होंने आगे कहा- हम ईरान के आतंकी शासन को सैन्य, आर्थिक और हर संभव तरीके से पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं. ट्रंप का तीखा बयान, ईरान को दी खुली चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- वे 47 सालों से दुनिया भर में निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे हैं, और अब मैं, अमेरिका का 47वां राष्ट्रपति होने के नाते, उन्हें मार रहा हूं. ऐसा करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है. अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान से एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने कहा था कि ईरानी खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने खाड़ी के अरब देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करें. खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिकी सुरक्षा की धारणा झूठ के सिवा कुछ नहीं है. खाड़ी इलाकों में जारी है ईरान का हमला खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हमले लगातार जारी हैं. ईरान प्रतिष्ठानों और अन्य अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है. सऊदी अरब ने शुक्रवार को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सुबह अलग-अलग समय पर भेजे गए करीब 50 ड्रोन मार गिराए. वहीं, ओमान न्यूज एजेंसी के मुताबिक ओमान के सोहार क्षेत्र के एक औद्योगिक इलाके में दो ड्रोन गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. बहरीन में हमले की चेतावनी देने वाले सायरन सुनाई दिए, जबकि दुबई के एक औद्योगिक क्षेत्र से काला धुआं उठता देखा गया. अधिकारियों के अनुसार, यह आग किसी मिसाइल या हमले को इंटरसेप्ट करने के बाद गिरे मलबे की वजह से लगी. इसके अलावा, दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर की एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा है. तेहरान के आसपास हवाई हमले तेज ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास शुक्रवार को तेज हवाई हमले किए गए. ये हमले ऐसे समय हुए, जब फलस्तीनियों के समर्थन में आयोजित होने वाले वार्षिक कुद्स दिवस कार्यक्रम के लिए रैलियां शुरू होने वाली थीं. इजराइल ने दावा किया है कि बीते 24 घंटे में 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया गया है. इन हमलों में मिसाइल लॉन्चर, हवाई रक्षा प्रणालियां और हथियार उत्पादन से जुड़े ठिकाने शामिल बताए गए हैं. जंग में बढ़ रहा मौत का आंकड़ा मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, देश में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, इजराइल ने अब तक 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. दूसरी ओर, अमेरिका के कम से कम सात सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं. (इनपुट भाषा) Also Read: इराक में क्रैश हुआ अमेरिकी सेना का विमान, 4 क्रू मेंबर्स की मौत The post मिडिल ईस्ट जंग के बीच गरजे ट्रंप, कहा- आज होगा ईरान का हिसाब appeared first on Naya Vichar.

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बिना पैसे खर्च किए घर को दें नया लुक, इन 3 पुरानी चीजों का ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल

Home Decor Hacks: हर कोई चाहता है कि उसका घर सुंदर और सबसे अलग दिखे, लेकिन अक्सर हमें लगता है कि घर को नया लुक देने के लिए बहुत सारे पैसों की जरूरत होगी. सच तो यह है कि सजावट महंगी चीजों से नहीं बल्कि आपकी समझ और क्रिएटिविटी से होती है. हमारे घर में ही ऐसी कई पुरानी चीजें मौजूद होती हैं जिन्हें हम बेकार समझकर कोने में डाल देते हैं, जबकि उन्हीं चीजों का सही इस्तेमाल आपके कमरों की रौनक बदल सकता है. अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन में अपने घर का मेकओवर करना चाहती हैं और वह भी बिना एक भी रुपया खर्च किए, तो यह आर्टिकल आपके काम का है. आज हम आपको बताएंगे 3 ऐसी पुरानी चीजों के बारे में जिन्हें आप बहुत ही आसान तरीके से दोबारा सजावट के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं. कांच की पुरानी बोतलें बनेंगी शानदार फूलदान अक्सर सॉस, जैम या कोल्ड ड्रिंक की कांच की बोतलें खाली होने के बाद हम फेंक देते हैं. इन बोतलों को फेंकने के बजाय इन्हें अच्छे से साफ कर लें. कांच की पुरानी बोतलें बनेंगी शानदार फूलदान, photo: ai कैसे सजाएं: इन पर आप ऊन लपेट सकती हैं या पुराने पेंट से छोटे-छोटे डिजाइन बना सकती हैं. अगर कुछ भी न हो, तो बस इनके गले पर एक सुंदर रिबन बांध दें. नया लुक: इनमें मनी प्लांट लगाकर आप खिड़की के पास या डाइनिंग टेबल पर रख सकती हैं. यह देखने में बहुत ही आधुनिक और सुंदर लगता है. पुरानी साड़ियों या दुपट्टों से बनाएं कुशन कवर पुरानी साड़ियों या दुपट्टों से बनाएं कुशन कवर, photo: ai अलमारी में ऐसी कई साड़ियां या दुपट्टे होते हैं जिन्हें अब आप नहीं पहनतीं. इनका कपड़ा अक्सर बहुत सुंदर और चमकदार होता है. कैसे सजाएं: आप पुरानी सिल्क की साड़ी या कढ़ाई वाले दुपट्टे को काटकर अपने कुशन के साइज का कवर बना सकती हैं. अगर आपको सिलाई नहीं आती, तो आप इसे बस कुशन के चारों ओर लपेटकर एक सुंदर गांठ भी बांध सकती हैं. नया लुक: सोफे पर रखे ये रंग-बिरंगे कुशन आपके पूरे लिविंग रूम को एक शाही और नया लुक देंगे. पुराने टीन के डिब्बे बनेंगे सुंदर पेन स्टैंड या गमले पुराने टीन के डिब्बे बनेंगे सुंदर पेन स्टैंड या गमले, photo: ai रसोई में इस्तेमाल होने वाले घी या बिस्कुट के टीन के डिब्बे खाली होने पर बहुत काम आ सकते हैं. कैसे सजाएं: इन डिब्बों के ऊपर पुराने रंगीन कागज चिपका दें या फिर जूट की रस्सी लपेट दें. आप चाहें तो बच्चों के पुराने वॉटर कलर का इस्तेमाल करके इन पर कुछ कलाकारी भी कर सकते हैं. नया लुक: इन डिब्बों का इस्तेमाल आप अपनी वर्किंग टेबल पर पेन और कैंची रखने के लिए कर सकती हैं, या फिर छोटे छोटे पौधे लगाने के लिए बालकनी में रख सकती हैं. The post बिना पैसे खर्च किए घर को दें नया लुक, इन 3 पुरानी चीजों का ऐसे करें दोबारा इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए 100 से अधिक जवान, बांका पुलिस लाइन में मचा हड़कंप

Bihar News: बिहार के बांका जिले में पुलिस लाइन के अंदर फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आई है. दोपहर का खाना खाने के बाद 100 से ज्यादा पुलिस जवान अचानक बीमार पड़ गए. सभी को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, जवानों को अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते बीमार होने वालों की संख्या बढ़ने लगी. स्थिति को गंभीर देखते हुए सभी जवानों को तुरंत अस्पताल ले जाने का फैसला लिया गया. 100 से ज्यादा जवान अस्पताल पहुंचे बीमार पड़े जवानों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया. जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक पुलिस जवान इस घटना से प्रभावित हुए हैं. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार सभी जवानों की जांच और इलाज में जुटी हुई है. फिलहाल कई जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है. डीएम और एसपी पहुंचे अस्पताल घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया. बांका के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा अस्पताल पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने बीमार जवानों से मुलाकात की और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों को पूरे मामले की जांच के निर्देश भी दिए गए. फ्राई राइस और चना खाने के बाद बिगड़ी हालत प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में जवानों ने दोपहर के भोजन में फ्राई राइस और चना का छोला खाया था. खाना खाने के कुछ समय बाद ही कई जवानों को परेशानी होने लगी. धीरे-धीरे कई अन्य जवान भी उल्टी और दस्त की शिकायत करने लगे. इसके बाद तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया गया. चना में जहरीले पदार्थ की आशंका जांच के दौरान आशंका जताई जा रही है कि चना में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट हो सकती है. कुछ लोगों का कहना है कि चना में सल्फास की टिकिया मिल जाने से फूड प्वाइजनिंग की घटना हो सकती है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच के लिए भोजन के सैंपल भी लिए गए हैं. जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भोजन में गड़बड़ी कैसे हुई. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असली कारण सामने आएगा. वहीं अस्पताल में सभी जवानों का इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं. Also Read: CM किसका होगा? बिहार के मंत्री ने कहा- फैसला बड़े स्तर पर होगा, निशांत पर क्या बोले? The post बिहार में फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए 100 से अधिक जवान, बांका पुलिस लाइन में मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 5वीं सीट के लिए फंसा पेंच, आखिरी 15 घंटे में खुलेगा राज, NDA विधायकों को वोटिंग से ठीक पहले मिलेगा टारगेट

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सत्ताधारी एनडीए अपने विधायकों के साथ पूरी रणनीति बनाकर आगे बढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि एनडीए अपने पत्ते अभी खोलना नहीं चाहता और मतदान से ठीक पहले ही विधायकों को बताया जाएगा कि किस उम्मीदवार को वोट देना है. सम्राट चौधरी के आवास पर भोज में क्या हुआ इसी सिलसिले में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए विधायकों की बैठक और रात्रि भोज रखा गया. इस बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा नहीं हुई. यहां विधायकों को सिर्फ मतदान की प्रक्रिया समझाई गई और सही तरीके से वोट कैसे करना है, इसकी ट्रेनिंग दी गई. यह जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने निभाई. वे मधुबनी जिले की झंझारपुर सीट से विधायक हैं. एनडीए के विधायक अगले दो दिनों में भी इसी तरह के कार्यक्रमों में शामिल होंगे. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा 14 मार्च को विधायकों के लिए डिनर का आयोजन कर रहे हैं, जबकि जदयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी 15 मार्च को बैठक और भोज की मेजबानी करेंगे. बताया जा रहा है कि इसी बैठक में मतदान से लगभग 15 घंटे पहले विधायकों को बताया जाएगा कि उन्हें किस उम्मीदवार को वोट देना है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें उम्मीदवार के बारे में जानिये इस चुनाव में एनडीए की ओर से जदयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएलएम के नेता उपेंद्र कुशवाहा, जदयू के रामनाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश राम उम्मीदवार हैं. एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे गठबंधन आसानी से 4 सीटें जीत सकता है. लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसे अभी भी कुछ और वोटों की जरूरत है. दूसरी तरफ विपक्ष की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. एनडीए पांचवीं सीट जीतने के लिए क्रॉस वोटिंग की संभावना भी तलाश रहा है. इसी वजह से भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है. नेतृत्वक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन दोनों पक्षों के लिए अहम हो सकता है. ऐसे में अब सबकी नजर 16 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी है. इसे भी पढ़ें: बिहार के इन जिलों में 50 kmph से चलेगी हवा, IMD ने सभी जिलों के लिए जारी किया येलो अलर्ट चुनाव आयोग पर आर-पार, अशोक चौधरी ने बताया SIR जरूरी, पप्पू यादव ने कहा दरबान The post बिहार में 5वीं सीट के लिए फंसा पेंच, आखिरी 15 घंटे में खुलेगा राज, NDA विधायकों को वोटिंग से ठीक पहले मिलेगा टारगेट appeared first on Naya Vichar.

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अस्पताल में अनुराग और पत्नी रितिका का इमोशनल पोस्ट, क्या है इनसाइड स्टोरी?

Anurag Dobhal: सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर किसी न किसी इन्फ्लुएंसर को लेकर चर्चा होती रहती है. लेकिन इन दिनों मोटो व्लॉगर अनुराग डोभाल एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं. हाल ही में उनके कथित सुसाइड अटेम्प्ट को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की बातें सामने आई हैं. ऑटोमोबाइल और लाइफस्टाइल कंटेंट के लिए मशहूर अनुराग की सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग है. इसी बीच उनकी पत्नी रितिका चौहान ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक ऐसा मैसेज लिखा, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी मामले का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनका पोस्ट काफी इमोशनल अंदाज में लिखा गया था. रितिका का इमोशनल मैसेज रितिका चौहान की इस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट रितिका ने अपने पोस्ट में कहा कि उनके लिए पैसा, शोहरत या जिंदगी की सुरक्षा जैसी चीजें ज्यादा मायने नहीं रखतीं. उनके मुताबिक ये सब सिर्फ मोह-माया है. उन्होंने लिखा कि उनके लिए सबसे अहम धर्म और कर्म है और वे जिंदगी की आखिरी सांस तक इसी रास्ते पर चलती रहेंगी, चाहे कोई इसे देखे या नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दुनिया से कोई जस्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है. उन्हें खुद पर, अपनी आत्मा और इस ब्रह्मांड पर भरोसा है. उनके अनुसार जिंदगी का असली मंत्र सिर्फ इतना है कि अच्छा कर्म करो. भाई के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद रितिका का यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब अनुराग को लेकर विवाद और ज्यादा बढ़ गया है. दरअसल अनुराग के भाई कलम डोभाल के कुछ दावों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. कलाम ने आरोप लगाया है कि अनुराग ने पहले रितिका के साथ गलत व्यवहार किया था. उसके साथ मारपीट की. पिता ने संपत्ति से किया बेदखल लोकल अखबार में छपी नोटिस की कटिंग अनुराग डोभाल के पिता ने पब्लिकली अपने बेटे अनुराग डोभाल और बहू रितिका चौहान डोभाल से रिश्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक अखबार की कटिंग तेजी से वायरल हो रही है. इस नोटिस में अनुराग के पिता की तरफ से ऐलान किया गया है कि अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान को उनकी सभी चल-अचल संपत्तियों से बेदखल किया जाता है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि भविष्य में अगर दोनों किसी तरह का कोई काम या लेन-देन करते हैं तो उसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे, परिवार की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं होगी. यह भी पढ़ें: अस्पताल में पड़े अनुराग डोभाल को लगा बड़ा झटका, पिता ने संपत्ति से किया बेदखल The post अस्पताल में अनुराग और पत्नी रितिका का इमोशनल पोस्ट, क्या है इनसाइड स्टोरी? appeared first on Naya Vichar.

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एमएस धोनी का आखिरी सीजन? इरफान पठान ने सीएसके पर की बड़ी भविष्यवाणी

Highlights धोनी की भूमिका और उनकी विदाई संजू सैमसन को मिलेगा अनुभव का लाभ प्रशांत वीर बनेंगे रवींद्र जडेजा का विकल्प युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का मौका Irfan Pathan on MS Dhoni Retirement: आईपीएल 2026 की शुरुआत होने वाली है. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) इस बार अपना छठा खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने दावा किया है कि 44 साल के एमएस धोनी का यह आखिरी आईपीएल सीजन हो सकता है. जियो हॉटस्टार पर बातचीत के दौरान पठान ने टीम के नए खिलाड़ियों और धोनी की भूमिका पर कई तथ्य सामने रखे हैं. धोनी की भूमिका और उनकी विदाई इरफान पठान का कहना है कि धोनी के बिना सीएसके टीम पूरी नहीं होती है. फैंस शायद इस सीजन में उन्हें आखिरी बार पीली जर्सी में स्पोर्ट्सते हुए देखेंगे. यह अभी साफ नहीं है कि धोनी कितने मैच स्पोर्ट्सेंगे, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम में उनका होना बहुत अहम है. धोनी ने अब तक आईपीएल के सभी 19 सीजन स्पोर्ट्से हैं. उनकी कप्तानी में टीम ने 5 खिताब जीते हैं. इस बार सीएसके मैनेजमेंट उन्हें एक और ट्रॉफी जिताकर शानदार विदाई देने की कोशिश करेगा. इस साल धोनी का मुख्य काम पूरी टीम को एक साथ जोड़कर रखना होगा. संजू सैमसन को मिलेगा अनुभव का लाभ इस सीजन से पहले संजू सैमसन ट्रेड के जरिए सीएसके टीम का हिस्सा बने हैं. पठान के मुताबिक सैमसन को इस बदलाव से सीधा फायदा पहुंचेगा. रुतुराज गायकवाड़ मौजूदा समय में सीएसके के कप्तान हैं. टीम मैनेजमेंट अभी से भविष्य के लिए दो या तीन खिलाड़ियों को लीडर के तौर पर तैयार कर रहा है. इस काम में एमएस धोनी का अनुभव सबसे ज्यादा काम आएगा. सैमसन भी इस लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा बनेंगे और अपने स्पोर्ट्स को और बेहतर कर पाएंगे. प्रशांत वीर बनेंगे रवींद्र जडेजा का विकल्प रवींद्र जडेजा को सीएसके ने राजस्थान रॉयल्स के साथ ट्रेड कर दिया है. जडेजा की जगह भरने के लिए इरफान पठान ने उत्तर प्रदेश के युवा खिलाड़ी प्रशांत वीर का नाम लिया है. पठान ने कहा कि जडेजा रातों रात स्टार नहीं बने थे. जब जडेजा राजस्थान में थे, तब शेन वॉर्न ने उन्हें आत्मविश्वास दिया था. फिर साल 2012 में सीएसके से जुड़ने के बाद जडेजा का स्पोर्ट्स और निखरा. प्रशांत वीर के साथ भी ऐसा ही हो सकता है. टीम उन्हें शुरुआत से ही मैच स्पोर्ट्सने का मौका दे सकती है. युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का मौका सीएसके फ्रेंचाइजी युवा खिलाड़ियों के लिए अपने तरीके बहुत सरल रखती है. टीम के पास एमएस धोनी और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग जैसे अनुभवी लोग हैं. ये लोग दबाव वाले माहौल को बहुत आसान बना देते हैं. इसका सीधा फायदा कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर जैसे नए खिलाड़ियों को मिलेगा. आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैदान के अंदर और बाहर का शांत माहौल इन युवाओं को अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करेगा. ये भी पढ़ें- युवराज और धोनी विवाद पर संदीप पाटिल ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है सच्चाई? शादी के बंधन में बंधेंगे कुलदीप यादव, देहरादून पहुंचे चहल और रिंकू साउथ अफ्रीका सबसे बेवकूफ टीम, टी20 वर्ल्ड कप के बाद माइकल वॉन का बड़ा दावा The post एमएस धोनी का आखिरी सीजन? इरफान पठान ने सीएसके पर की बड़ी भविष्यवाणी appeared first on Naya Vichar.

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अब पानी पीना भी हुआ महंगा, गर्मी से पहले आम आदमी को झटका

Iran Israel War Impact: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब आपकी प्यास पर भी पड़ने वाला है. कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों की वजह से अब बोतलबंद पानी यानी पैकेज्ड वाटर महंगा होने जा रहा है. 5 अरब डॉलर के इस हिंदुस्तानीय बाजार में गर्मियों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले कीमतों में उछाल की आहट सुनाई दे रही है. आइए समझते हैं कि कच्चे तेल का पानी की बोतल से क्या लेना-देना है और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा. तेल महंगा तो बोतल महंगी क्यों? शायद आप सोच रहे होंगे कि तेल के दाम बढ़ने से पानी क्यों महंगा हो रहा है? इसकी वजह है प्लास्टिक. पॉलिमर का स्पोर्ट्स: प्लास्टिक की बोतलें, ढक्कन (कैप) और उन पर लगने वाले लेबल ‘पॉलिमर’ से बनते हैं, जो कच्चे तेल से निकलता है. लागत में भारी बढ़ोतरी: बोतलों के कच्चे माल की कीमत 50% बढ़कर ₹170 प्रति किलो हो गई है. वहीं, जो ढक्कन (Cap) पहले सस्ता था, उसकी कीमत अब दोगुनी होकर 45 पैसे प्रति पीस पहुँच गई है. पैकेजिंग भी महंगी: गत्ते के बॉक्स, लेबल और यहाँ तक कि उन्हें चिपकाने वाली टेप के दाम भी बढ़ गए हैं. छोटे मैन्युफैक्चरर्स ने बढ़ाए दाम हिंदुस्तान में करीब 2,000 छोटे बोतलबंद पानी निर्माता हैं. लागत बढ़ने की वजह से इन्होंने डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए प्रति बोतल ₹1 (करीब 5%) की बढ़ोतरी कर दी है) . ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कीमतें 10% तक और बढ़ सकती हैं. बड़ी कंपनियों का क्या है हाल ? फिलहाल बिस्लेरी (Bisleri), किनले (Kinley) और एक्वाफिना (Aquafina) जैसे बड़े ब्रांड्स ने खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. ये कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठा रही हैं ताकि मार्केट में अपनी पकड़ बनी रहे. लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो ये बड़ी कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हो सकती हैं. प्रीमियम पानी भी हुआ महंगा सिर्फ साधारण पानी ही नहीं, बल्कि नेचुरल मिनरल वाटर (जैसे Aava) का बाजार भी प्रभावित हुआ है. प्रीमियम पानी बनाने वाली कंपनियों ने रिसेलर्स के लिए कीमतें 18% तक बढ़ा दी हैं. कंपनियों का कहना है कि वे 40-50% अतिरिक्त लागत खुद वहन कर रही हैं, लेकिन गर्मियों के पीक सीजन में इसे जारी रखना मुश्किल होगा. Also Read: सोना-चांदी की कीमतों में भारी सेंध, 10 ग्राम सोना ₹1.58 लाख और चांदी ₹2.60 लाख पर आई The post अब पानी पीना भी हुआ महंगा, गर्मी से पहले आम आदमी को झटका appeared first on Naya Vichar.

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