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April 6, 2026

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असम में हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं, पीएम का कार्यक्रम बताकर टाला गया मामला

सुनील चौधरी की रिपोर्ट Assam Assembly Election: असम सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. उन्हें असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा में सभा करना था. पीएम के कार्यक्रम की वजह से उनके हैलीकॉप्टर को उड़ने की इजाजत नहीं दी गयी. इसके ठीक एक दिन पहले कल्पना सोरेन को तीन जगहों पर सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. असम में जब सभा करने नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन से ही जनता को संबोधित किया. सीएम ने सोशल मीडिया किया पोस्ट सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की फिर कोशिशें की गयी. कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया.क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे? असम में आदिवासी समाज को रोकने की कोशिश: हेमंत सोरेन सीएम ने कहा कि इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे?इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है. आगामी नौ अप्रैल के दिन मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे. विरोधियों को चुनाव प्रचार करने से रोकते हैं: हेमंत सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है.प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया. हमलोगों को जहां है वहीं पर रहने का आदेश दिया गया. पीएम अपने कुर्सी व नेतृत्वक ताकत के बदौलत चुनाव के अंतिम चरण में विरोधियों को प्रचार-प्रसार करने से इसी तरह रोकते हैं. ये लोग ऐन-केन प्रकारेण चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं. कभी वोट चोरी कर जीतते हैं. झामुमो पहली बार यहां चुनाव लड़ रहा है. जय हिंदुस्तान पार्टी के साथ हैं. लोकतंत्र की आड़ बंद किया जायेगा: सीएम क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जायेगा? और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर. हमारे पुरखों ने हमें झुकना नहीं, संघर्ष करना सिखाया है. हम लड़ते आए हैं और हर लड़ाई जीतकर ही आगे बढ़े हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा सीएम ने कहा कि असम का शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज अब जाग चुका है. चाय बागान में रहने वाले लोग भी अब आगे बढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा, अपने अधिकार लेकर ही रहेगा.इसलिए साथियों, हमें एकजुट होना है. हमारी एकजुटता ही विरोधियों के लिए सबसे बड़ा जवाब है, और यही एकजुटता पहले ही इनके डर का कारण बन चुकी है. 250 रुपये में जहर भी नहीं मिलता सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि चाय बगान को मजदूरों को एक दिन की मजदूरी 250 रुपये मिलती है. इतनी राशि में तो जहर भी नहीं मिलता.राज्य प्रशासन ने चाय बगान के मजदूरों को न जीने के लिए छोड़ा है और न ही मरने के लिए छोड़ा है. इसे भी पढ़ें: 40 साल बाद अपनों से मिले बिछड़े बुजुर्ग, आंखों में छलक पड़े खुशी के आंसू नौ अप्रैल को अत्याचार का बदला वोट से देगी जनता सीएम ने कहा कि याद रखिये, जितना हमें रोकोगे, हम उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे तीर-धनुष की ताकत सिर्फ प्रतीक नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान है.आगामी नौ अप्रैल को हमारा यह संघर्षी समाज अपने ऊपर वर्षों से हुए शोषण और अत्याचार का बदला वोट की ताकत के साथ लेकर रहेगा. इसे भी पढ़ें: पलामू इंस्पायर अवार्ड में झारखंड में लगातार छठी बार अव्वल, छात्रों ने रचा नया इतिहास The post असम में हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं, पीएम का कार्यक्रम बताकर टाला गया मामला appeared first on Naya Vichar.

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CSK का माहौल खराब? RCB से हार के बाद IPL से संन्यास लेने पर अश्विन का छलका दर्द

Highlights टीम के खराब माहौल ने किया बहुत परेशान संन्यास लेकर चेन्नई के बचाए 10 करोड़ रुपये बेंगलुरु से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का हाल नए खिलाड़ियों की वजह से हो रही है दिक्कत R Ashwin Statement on CSK: चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल 2026 (IPL 2026) में प्रदर्शन बहुत खराब रहा है. इस टीम ने अपने शुरुआती तीनों मैच हार लिए हैं. इस बीच हिंदुस्तान के पूर्व क्रिकेटर आर अश्विन ने अपनी पुरानी टीम को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है. अश्विन ने साफ किया है कि उनके संन्यास लेने के पीछे चेन्नई की टीम का खराब माहौल एक बहुत बड़ा कारण था. उनका कहना है कि अगर वो चेन्नई सुपर किंग्स में दिमागी परेशानी और दर्द भरे दौर से नहीं गुजरते, तो वो इंडियन प्रीमियर लीग में कुछ और समय तक स्पोर्ट्स सकते थे. आपको बता दें कि अश्विन ने साल 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था और इसके बाद पिछले साल उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास ले लिया था. टीम के खराब माहौल ने किया बहुत परेशान अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर फैंस के साथ बातचीत करते हुए खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका आखिरी सीजन काफी निराशा से भरा हुआ था. अश्विन के अंदर अभी क्रिकेट बाकी था. उन्हें खुद पर भरोसा था कि वो अभी और स्पोर्ट्स सकते हैं. लेकिन टीम के अंदर पैदा हुई भावनात्मक परेशानियों ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था. उनके पास इन सभी भारी चीजो को एक साथ झेलते हुए क्रिकेट स्पोर्ट्सने की ताकत नहीं बची थी. इसी बड़े कारण से उन्होंने क्रिकेट को पूरी तरह छोड़ने का फैसला किया. संन्यास लेकर चेन्नई के बचाए 10 करोड़ रुपये अपने संन्यास के इस बड़े फैसले पर अश्विन ने एक और खास खुलासा किया. उनका मानना था कि अगर वो टीम का हिस्सा बने रहते तो चेन्नई का मैनेजमेंट उन्हें लेकर उलझन में रहता. टीम को हर मैच से पहले यह तय करने में भारी परेशानी होती कि अश्विन को प्लेइंग इलेवन में रखा जाए या उन्हें टीम से बाहर किया जाए. अश्विन कभी नहीं चाहते थे कि मैनेजमेंट उनकी वजह से किसी भी दुविधा का सामना करे. अपने संन्यास से उन्होंने टीम की इस बड़ी परेशानी को आसानी से दूर कर दिया. इसके अलावा अश्विन का कहना है कि उनके इस फैसले से चेन्नई सुपर किंग्स को 10 करोड़ रुपये की बड़ी बचत भी हुई. बेंगलुरु से हार के बाद ड्रेसिंग रूम का हाल आईपीएल 2026 के इस सीजन में चेन्नई की लगातार हार पर भी अश्विन ने अपनी साफ राय दुनिया के सामने रखी. उन्होंने कहा कि इस समय चेन्नई की टीम का माहौल बहुत अधिक तनाव से भरा होगा. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मिली करारी हार ने टीम के सभी खिलाड़ियों को बहुत निराश किया होगा. बेंगलुरु और चेन्नई का क्रिकेट मैच आईपीएल के सबसे बड़े और लोकप्रिय मुकाबलों में गिना जाता है. ऐसे बड़े मैच में बुरी तरह से हारने का दर्द और वहां का माहौल शब्दों में बताना बहुत मुश्किल है. नए खिलाड़ियों की वजह से हो रही है दिक्कत चेन्नई की टीम की इस खराब शुरुआत का कारण अश्विन ने टीम की कई कमियों को बताया है. उनके अनुसार चेन्नई की टीम में अभी ऐसे कई युवा खिलाड़ी मौजूद हैं जिनके पास आईपीएल जैसे दबाव वाले टूर्नामेंट का ज्यादा अनुभव नहीं है. ऐसे नए और कम अनुभव वाले खिलाड़ियों से आप आते ही मैदान पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते हैं. अनुभव की इसी बड़ी कमी के कारण चेन्नई की टीम लगातार अपने मैच हार रही है और मुश्किल में फंस गई है. ये भी पढ़ें- संजू सैमसन या जसप्रीत बुमराह किसे मिलेगा इनाम? ICC अवार्ड के दोनों नॉमिनेट IPL 2026: KKR बनाम PBKS मैच पर संकट के बादल, बारिश से स्पोर्ट्स बिगड़ने की आशंका Video: RCB के इस खिलाड़ी ने मारा ऐसा छक्का की स्टेडियम के पार गई गेंद The post CSK का माहौल खराब? RCB से हार के बाद IPL से संन्यास लेने पर अश्विन का छलका दर्द appeared first on Naya Vichar.

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सीएम सरमा की पत्नी रिनिकी का गौरव गोगोई पर अटैक, कहा- पाकिस्तान से जुड़ा है आपकी पत्नी का बैंक कनेक्शन

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां ने विदेशी पासपोर्ट और संपत्ति रखने के कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है. रिनिकी ने विपक्ष के दावों को हास्यास्पद बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मैं आपका इंतजार खत्म करती हूं. इन हास्यास्पद सवालों के जवाब खुद ही देती हूं. उन्होंने आगे लिखा कि न तो मेरे, न मेरे बच्चों के, और न ही मेरे पति के दुबई या हिंदुस्तान के बाहर कहीं भी कोई कारोबारी हित या संपत्ति है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर तंज कसते हुए रिनिकी भुइयां ने लिखा कि क्या आप यह बता सकते हैं कि आपकी पत्नी का पाकिस्तान में कोई बैंक खाता है या कभी रहा है? और क्या आप उन डिटेल को सार्वजनिक करेंगे? यह जवाब उन्होंने गोगोई के एक्स पोस्ट को कोट करते हुए दिया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री सरमा पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि गोगोई की पत्नी के पाकिस्तान में कई बैंक खाते हैं. इनमें से कुछ अब भी एक्टिव हैं. हालांकि गोगोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे नेतृत्व बताया था. I’ll save you the suspense and answer these laughable questions myself, @GauravGogoiAsm. Here it is: Neither I, nor my children, nor my husband have any business interests or assets in Dubai or anywhere outside India. Now your turn. Can you disclose whether your wife has or has… https://t.co/1R364UxzOX — Riniki Bhuyan Sharma (@rinikibsharma) April 6, 2026 यह भी पढ़ें : असम CM से ज्यादा रईस हैं उनकी पत्नी: जानें हिमंता बिस्वा सरमा और रिनिकी भूयान की कुल संपत्ति गौरव गोगोई ने एक्स पर क्या लिखा? हिमंत बिस्वा सरमा को नीचे दिए गए सवालों का जवाब देना चाहिए क्या हिमंत सरमा की पत्नी के पास दुबई का गोल्डन वीजा है? क्या यह गोल्डन वीजा हिंदुस्तानीय पासपोर्ट पर लिया गया है? क्या हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार का कोई सदस्य दुबई में संपत्ति का मालिक है? क्या उनके परिवार का कोई सदस्य विदेश में कोई बिजनेस चलाता है? क्या हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने या अपने परिवार की विदेश में मौजूद संपत्ति और संपत्ति का विवरण चुनावी हलफनामे में दिया है? अगर उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उन्हें जांच का स्वागत करना चाहिए. The post सीएम सरमा की पत्नी रिनिकी का गौरव गोगोई पर अटैक, कहा- पाकिस्तान से जुड़ा है आपकी पत्नी का बैंक कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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40 साल बाद अपनों से मिले बिछड़े बुजुर्ग, आंखों में छलक पड़े खुशी के आंसू

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट Novamundi News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया. 40 साल पहले अपने परिवार से बिछड़े बुजुर्ग मदन साहू आखिरकार अपने परिजनों से मिल गए. यह मिलन इतना भावुक था कि परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए सुखद पल बनी, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का उदाहरण भी बन गई. नया विचार की रिपोर्ट से शुरू हुई खोज इस पूरे मामले की शुरुआत नोवामुंडी थाना क्षेत्र में प्रकाशित एक समाचार से हुई. समाचार सामने आने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) चाईबासा ने इस पर संज्ञान लिया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन और सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में पैरालीगल वालंटियर्स की टीम गठित की गई, जिसने बुजुर्ग की पहचान और उनके परिवार की तलाश का जिम्मा उठाया. कड़ी मेहनत के बाद मिला परिवार का सुराग पैरालीगल वालंटियर्स की टीम ने लगातार प्रयास और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से बुजुर्ग मदन साहू के परिजनों का पता लगाया. यह काम आसान नहीं था, क्योंकि चार दशक का लंबा समय बीत चुका था और संपर्क के सभी पुराने सूत्र टूट चुके थे. लेकिन टीम की लगन और समर्पण के चलते आखिरकार परिवार तक पहुंच संभव हो सकी. भावुक पल, जब आमने-सामने आए अपने जब मदन साहू अपने परिवार से मिले, तो वह पल बेहद भावुक था. उनके बेटे कुनू साहू ने कहा, “हमने कभी सोचा भी नहीं था कि 40 साल बाद अपने पिता को फिर से देख पाएंगे. डालसा की इस पहल ने हमारी जिंदगी में नई खुशी भर दी है.” परिवार के अन्य सदस्य भी इस मिलन से बेहद भावुक नजर आए और पूरे घर में खुशी का माहौल बन गया. कई संस्थाओं ने निभाई अहम भूमिका इस सफलता के पीछे कई संस्थाओं और लोगों का योगदान रहा. टाटा स्टील फाउंडेशन, नोवामुंडी पुलिस और अंचल कार्यालय ने इस मिशन में सक्रिय सहयोग दिया. इसके अलावा उमर सादिक, प्रमिला पात्रा, विनिता सांडिल, रेनु देवी, सोमा बोस, पूनम देवी, सूरज ठाकुर, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद जैसे कई लोगों ने इस कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. डालसा की पहल बनी मिसाल डालसा चाईबासा की यह पहल समाज के कमजोर और असहाय वर्गों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाती है. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो वर्षों पुरानी दूरी भी मिटाई जा सकती है. यह पहल न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण की भी मिसाल है. इसे भी पढ़ें: बेटी को विदा करने से पहले सड़क हादसे में मां की गयी जान समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश यह घटना समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है कि संवेदनशीलता, समन्वय और इच्छाशक्ति के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है. 40 साल का लंबा इंतजार खत्म होने के बाद जिस तरह एक परिवार फिर से एक हुआ, वह हर किसी के लिए उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बन गया है. यह भावुक मिलन लंबे समय तक लोगों के दिलों में यादगार बना रहेगा और समाज को मानवीय मूल्यों की अहमियत का एहसास कराता रहेगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयुसीमा को चुनौती, प्रशासन से जवाब तलब The post 40 साल बाद अपनों से मिले बिछड़े बुजुर्ग, आंखों में छलक पड़े खुशी के आंसू appeared first on Naya Vichar.

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SIR पर सुप्रीम कोर्ट में महासंग्राम, 60 लाख दावों पर जजों ने लिया फैसला, मालदा में घेराव के बीच 8 लाख केस सुलझे

SIR Bengal Supreme Court Hearing: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले ‘मतदाता सूची’ से नाम हटाये जाने के मामले की देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. निर्वाचन आयोग (ECI) ने कोर्ट को बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत हटाये गये मतदाताओं के 60 लाख दावों में से करीब 59 लाख का निपटारा सोमवार दोपहर तक ही कर दिया गया. मैराथन सुनवाई : जजों ने दिन-रात एक कर सुनाया फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की ओर से भेजे गये एक पत्र का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों (जजों) की कार्य की प्रगति की सराहना की. इसमें कहा गया है कि सोमवार दोपहर तक 59 लाख से अधिक दावों और आपत्तियों पर निर्णय लिया जा चुका था. देर रात तक सभी मामलों पर हो जायेगा फैसला चुनाव आयोग ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि शेष बचे सभी दावों पर आज यानी सोमवार देर रात तक ही अंतिम फैसला ले लिया जायेगा. सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि मालदा जिले में, जहां से पिछले दिनों जजों को बंधक बनाये जाने की समाचारें आयीं थीं, वहां भी न्यायिक अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग 8 लाख दावों का निपटारा कर दिया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता बनर्जी के वकील ने ट्रिब्यूनल पर उठाये सवाल सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में मतदाताओं के दावों के निपटारे की रफ्तार पर संतोष जताया, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने एक गंभीर मुद्दा उठा दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के लिए जो 19 विशेष न्यायाधिकरण (Tribunals) गठित किये गये थे, वे अभी तक सुचारु रूप से काम शुरू नहीं कर पाये हैं. इससे उन लोगों को परेशानी हो रही है, जो अपने नाम कटने को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं. इसे भी पढ़ें : वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो न हों परेशान, जानें आपके पास क्या हैं विकल्प? इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! SIR Bengal Supreme Court Hearing: क्या है पूरा विवाद? पश्चिम बंगाल में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच मतदाता सूची में ‘घुसपैठियों’ बनाम ‘वैध नागरिकों’ के नाम काटने के मुद्दे पर ठन गयी है. SIR प्रक्रिया के तहत लाखों नाम हटाये जाने के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे. अब सुप्रीम कोर्ट की इस सक्रियता के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि नामांकन की आखिरी तारीख से पहले मतदाता सूची का विवाद सुलझ जायेगा. इसे भी पढ़ें SIR पर ट्रिब्यूनल का पहला बड़ा आदेश : फरक्का के कांग्रेस प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में शामिल, आज करेंगे नामांकन SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बंगाल से ज्यादा नाम कटने वाले राज्यों में नहीं हुआ मुकदमा SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची जारी होने से पहले सुरक्षा कड़ी The post SIR पर सुप्रीम कोर्ट में महासंग्राम, 60 लाख दावों पर जजों ने लिया फैसला, मालदा में घेराव के बीच 8 लाख केस सुलझे appeared first on Naya Vichar.

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MBA छोड़ो, ये 3 फिल्में देखो! Ankur Warikoo ने दी करियर की अनोखी सलाह

Ankur Warikoo Success Mantra: फेमस बिजनसमैन और कॉन्टेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने तीन फिल्मों को जिक्र करते हुए कहा कि इन फिल्मों के आगे MBA के क्लासेज भी फेल हैं. उनका मानना है कि हर युवाओ को ये 3 फिल्म लाइफ में एक बार तो जरूर देखनी चाहिए. अंकित वारिकू ने फिल्म के जरिए दिया सक्सेस मंत्र एक पोस्ट में अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने कहा ये 3 फिल्में आपको वो सीखाएंगी जो कोई MBA क्लास भी नहीं सिखा पाएगा. उन्होंने कहा कि इन फिल्मों में मुझे अपने करियर के वे अनदेखे इमोशन बार-बार दिखते हैं, जिन्हें मैंने खुद भी कई बार महसूस किया है. View this post on Instagram A post shared by Ankur Warikoo (@ankurwarikoo) उन्होंने आगे कहा कि जब सब कुछ आपके खिलाफ जा रहा हो, तब भी आगे बढ़ते रहने का हौसला. जब हर कोई शॉर्टकट ले रहा हो, तब भी ईमानदारी से अपना रास्ता बनाना और जिंदगी के हर पहलू में बराबरी से योगदान देने की कोशिश करना. साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से पूछा कि वो इस लिस्ट में कौन-सी फिल्म जोड़ना चाहेंगे. The Pursuit of Happyness The Pursuit of Happyness, यह फिल्म सिखाती है कि लाइफ चाहे कितनी भी हार्ड हो जाए, अगर आप हार नहीं मानते तो गेम पलट सकता है. 2006 में आई इस फिल्म में Will Smith ने क्रिस गार्डनर का रोल निभाया है. क्रिस अपनी सारी सेविंग्स एक मशीन में लगा देते हैं, लेकिन हालात इतने खराब हो जाते हैं कि फैमिली टूट जाती है और वो अपने छोटे बेटे के साथ बेघर हो जाते हैं. कभी जेल, कभी स्टेशन के वॉशरूम में उनकी लाइफ पूरी स्ट्रगल में बीतती है. फिर भी वो बिना सैलरी वाली स्टॉकब्रोकर इंटर्नशिप करते हैं और आखिरकार अपनी मेहनत से जॉब हासिल कर लेते हैं. बाद में खुद की कंपनी भी खड़ी करते हैं. इस फिल्म से सीख मिलती है कि नो मैटर व्हाट, हार मत मानो. Rocket Singh: Salesman of the Year अंकुर वारिकू की लिस्ट में रणबीर कपूर की फिल्म Rocket Singh: Salesman of the Year भी शामिल है. इस फिल्म में रणबीर कपूर ने हरप्रीत सिंह बेदी का रोल किया है. इस फिल्म के मेन कैरेक्टर यानी हरप्रीत ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने दोस्तों के साथ खुद का काम शुरू किया, रॉकेट सेल्स कॉर्पोरेशन. वो कई बार फेल होते हैं लेकिन वैल्यू से समझौता नहीं करते हैं. इस फिल्म से युवाओं को सीख मिलती है कि ईमानदारी से भी गेम जीता जा सकता है. The Social Network ये फिल्म दिखाती है कि एक छोटा सा आइडिया कैसे बड़ा बिजनेस बन सकता है. इसमें Jesse Eisenberg ने मार्क जुकरबर्ग का रोल निभाया है. कहानी में दिखता है कि फेसबुक बनाने के दौरान कितनी चैलेंजे आती हैं, दोस्तों से टकराव, लीगल प्रॉब्लम्स, और पर्सनल लाइफ में भी असर. यह भी पढ़ें- 50 LPA की नौकरी छोड़ बनी Content Creator, सोशल मीडिया यूजर्स ने किया ट्रोल  The post MBA छोड़ो, ये 3 फिल्में देखो! Ankur Warikoo ने दी करियर की अनोखी सलाह appeared first on Naya Vichar.

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ईरान ने नकारा अमेरिका का 15-पॉइंट प्लान, लगाया यूरेनियम चोरी करने का गंभीर आरोप

Iran-US Tension: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को ईरान ने साफ कर दिया है कि उसने अमेरिका के प्रस्तावों पर अपना कूटनीतिक जवाब तैयार कर लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने अपनी ‘रेड लाइन्स’ और हितों के आधार पर अपनी मांगों की लिस्ट फाइनल कर ली है. बघाई के मुताबिक, ईरान अपनी शर्तों को सही समय आने पर सबके सामने रखेगा. यह बयान उन रिपोर्ट्स के बीच आया है जिनमें अमेरिका समर्थित ’15-पॉइंट प्लान’ की चर्चा है, जिसका मकसद मौजूदा तनाव को खत्म करना बताया जा रहा है. अजीब और तर्कहीन है अमेरिका का 15-पॉइंट प्लान इस्माइल बघाई ने अमेरिकी प्रस्ताव को बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी और तर्कहीन बताया है. उन्होंने संकेत दिया कि ईरान इस मौजूदा ढांचे को स्वीकार नहीं करेगा. बघाई ने उन बातों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि मध्यस्थों के साथ ईरान की बातचीत उसकी कमजोरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी बात को जल्दी और साफ तरीके से रखना सरेंडर या हार मानना नहीं होता. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने कूटनीति को अपने एजेंडे से हटा दिया है. इस्फहान ऑपरेशन को बताया ‘यूरेनियम चोरी’ का प्लान ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सैन्य कार्रवाई के बहाने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को निशाना बनाना चाहता है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस्फहान में हुआ पिछला ऑपरेशन असल में यूरेनियम चुराने की एक नाकाम कोशिश हो सकती है. ईरानी अधिकारियों ने इसे वाशिंगटन के लिए एक शर्मिंदगी भरा ‘डिजास्टर’ बताया. सेना का दावा है कि इस मिशन के दौरान अमेरिकी विमानों को भारी नुकसान हुआ और उन्हें दक्षिणी इस्फहान में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. सीजफायर के खिलाफ तेहरान का कड़ा रुख ईरान ने फिलहाल के लिए युद्ध रोकने (टेंपरेरी सीजफायर) के विचार को भी ठुकरा दिया है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि थोड़े समय के लिए सीजफायर का मतलब सिर्फ दोबारा हमले की तैयारी करना है. ईरान चाहता है कि दुश्मनी पूरी तरह खत्म हो और उसे इस बात की गारंटी मिले कि भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं होगा. तेहरान ने साफ कहा कि वह किसी भी ऐसे समझौते के पक्ष में नहीं है जो केवल कुछ वक्त के लिए शांति दे. ये भी पढ़ें: ईरान ने हिंदुस्तान को बताया बड़ा गेमचेंजर, कहा- वेस्ट एशिया में शांति के लिए नई दिल्ली का रोल सबसे असरदार अमेरिकी रेस्क्यू मिशन पर उठे सवाल ‘अशरक अल-औसत’ (Asharq Al-Awsat) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा दावा किया है. मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने अपने गिरे हुए एयरमैन को बचाने के लिए जो रिस्क भरा ऑपरेशन किया था, वह असल में देश से ‘संवर्धित यूरेनियम’ (Enriched Uranium) चुराने की एक साजिश हो सकती है. प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि जिस जगह अमेरिकी सैनिकों ने लैंड करने की कोशिश की, वह उस जगह से बहुत दूर थी जहां अमेरिकी पायलट के होने का दावा किया गया था. पायलट को कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में बताया गया था, जबकि लैंडिंग की कोशिश मध्य ईरान में हुई थी. ये भी पढ़ें:- ईरान में हिजाब के लिए लड़कियों का कत्ल, वहीं US में बिकनी में आजाद घूम रही सुलेमानी की परपोती, उठे सवाल The post ईरान ने नकारा अमेरिका का 15-पॉइंट प्लान, लगाया यूरेनियम चोरी करने का गंभीर आरोप appeared first on Naya Vichar.

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किचन में मौजूद ये 4 चीजें बना सकती हैं आपके बालों को खूबसूरत और मजबूत, खुद ट्राय करें और देखें फर्क

Natural Hair Care: आज के समय में बालों से जुड़ी समस्याएं होना एक आम बात बन गयी है. बालों का झड़ना, ड्राइनेस और डैंड्रफ की प्रॉब्लम से एक या दो लोग नहीं बल्कि एक बड़ी आबादी जूझ रही है. अक्सर इन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए हम महंगे प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी हमें कोई फायदा होता नहीं है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो आज की यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसी नेचुरल चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके किचन में ही मौजूद हैं और इनका इस्तेमाल बालों के लिए किसी वरदान से कम तो बिलकुल भी नहीं है. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से अपने बालों को आप सिर्फ मजबूत नहीं खूबसूरत और शाइनी भी बनाकर रख सकते हैं. बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए नारियल तेल नारियल तेल का इस्तेमाल बालों को देखभाल करने के लिए काफी पुराने समय से किया जाता रहा है. यह एक असरदार तरीका है क्योंकि इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स आपके बालों की जड़ों को गहराई से न्यूट्रिशन देने का काम करते हैं. अगर आप हफ्ते में सिर्फ दो से तीन बार अपने स्कैल्प की मसाज नारियल के तेल से करते हैं तो आपके बालों की जड़ों को मजबूती मिलती है और वे टूटते भी कम हैं. इसके अलावा नारियल का तेल आपके बालों को नैचुरली शाइनी भी बना देता है. यह भी पढ़ें: काफी कम लोग जानते हैं ये हेयर केयर सीक्रेट्स, हेल्दी और स्मूद बालों के लिए आप भी जरूर जानें ड्राई बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर दही दही का सेवन सिर्फ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता है. आप इसका इस्तेमाल अपने बालों पर भी एक नेचुरल कंडीशनर की तरह कर सकते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन और विटामिन्स आपके बालों को शाइनी बनाने के साथ ही सॉफ्ट भी बनाने में मदद करते हैं. इसका इस्तेमाल करना भी काफी आसान है. आपको दही को लेकर अपने बालों को अच्छी तरह लगा लेना है और करीबन 30 मिनट के लिए छोड़ देना है. जब बाल सूख जाए तो एक माइल्ड शैंपू की मदद से अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें. अगर आपके बाल ड्राई हैं तो यह एक जबरदस्त नुस्खा साबित हो सकता है. प्रोटीन का पावरहाउस है अंडा आपके बालों के लिए अंडा काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है और जब आप इसका इस्तेमाल करते हैं, तो आपके बालों की मिलती है. इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको एक अंडे को लेकर उसे अच्छी तरह से फेंट लेना है और फिर उसमें थोड़ा सा तेल मिलाकर अपने बालों में लगा लेना है. 30 मिनट बाद जब आप अपने बालों को धोएंगे तो आपके बाल पहले से भी ज्यादा हेल्दी और शाइनी दिखाई देने लगेंगे. झड़ते बालों का इलाज मेथी दाना अगर आपके बाल झड़ रहे हैं तो इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप मेथी के दानों का इस्तेमाल कर सकते हैं. रात को सोने से पहले आपको एक ग्लास पानी में मेथी के दानों को भिगोकर छोड़ देना है और अगली सुबह इन्हें पीसकर एक पेस्ट तैयार कर लेना है. इस पेस्ट को आपको अपने बालों को जड़ों में अच्छे से लगा लेना है और फिर आधे घंटे के लिए छोड़ देना है. जब आप इसका रेगुलर इस्तेमाल करना शुरू करते हैं तो आपके बाल सिर्फ स्ट्रॉन्ग नहीं बनते, आपको डैंड्रफ की प्रॉब्लम से छुटकारा भी मिलता है. यह भी पढ़ें: हर बार शैंपू के बाद और खराब हो रहे हैं बाल? ये 5 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार The post किचन में मौजूद ये 4 चीजें बना सकती हैं आपके बालों को खूबसूरत और मजबूत, खुद ट्राय करें और देखें फर्क appeared first on Naya Vichar.

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शोर-शराबे में भी WhatsApp कॉल्स होंगी क्लियर, आ रहा Noise Cancellation फीचर

WhatsApp जल्द ही आपके वॉइस और वीडियो कॉल्स को और भी क्लियर बनाने वाला है. दरअसल WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta के इस मैसेजिंग ऐप ने कुछ Android बीटा यूजर्स के लिए कॉल्स में बिल्ट-इन नॉइज कैंसलेशन (Noise Cancellation) टेस्ट करना शुरू कर दिया है. यानी अब आप शोर-शराबे वाले माहौल में भी आसानी से बात कर पाएंगे. आइए डिटेल में जानते हैं ये फीचर कैसे काम करता है और क्यों ये जरूरी है. WhatsApp में मिलेगा नॉइज कैंसलेशन फीचर WhatsApp जल्द ही अपनी ऐप में एक नया Noise Cancellation फीचर लेकर आ रहा है. इसका मतलब है कि अब आपकी वॉइस और वीडियो कॉल्स में आसपास का शोर चाहे ट्रैफिक हो, हवा का शोर हो या कोई और डिस्टर्बेंस सब फिल्टर हो जाएगा. इससे कॉल्स ज्यादा क्लियर और नैचरल लगेंगी बिना किसी एक्स्ट्रा सेटिंग या स्पेशल डिवाइस के. कैसे काम करेगा ये फीचर? WhatsApp का नॉइज कैंसलेशन फीचर फालतू की बैकग्राउंड आवाजों को पहचानकर उन्हें फिल्टर कर देता है, ताकि आपकी आवाज बिल्कुल साफ और क्रिस्प सुनाई दे. बता दें कि ये सब रियल टाइम में होता है. कुछ बीटा यूजर्स कॉलिंग मेनू में नया ऑप्शन देख सकते हैं, जिससे आप नॉइज रिडक्शन को मैनेज कर सकते हैं. आमतौर पर ये फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है. एक बात का आपको ध्यान रखना होगा. आपकी आवाज सामने वाले को जरूर क्लियर लगेगी, लेकिन अगर दूसरी तरफ वाला यूजर भी फीचर इस्तेमाल नहीं कर रहा, तो आपको खुद सुनाई जाने वाली आवाज उतनी साफ नहीं लगेगी. क्यों जरूरी है ये फीचर? WhatsApp का नया नॉइज कैंसलेशन फीचर उन लोगों के लिए काफी काम का है, जो अक्सर शोर-शराबे वाले जगहों से कॉल करते हैं. अब कॉल के दौरान बैकग्राउंड की गड़बड़ आवाज आपको परेशान नहीं करेगी. अगर कभी आपको लगे कि ये फीचर आपकी कॉल ऑडियो को बदल रहा है, तो आप इसे कभी भी आसानी से ऑफ कर सकते हैं. अभी यह फीचर सिर्फ कुछ एंड्रायड बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन जैसे ही WhatsApp नए फीचर्स धीरे-धीरे सभी तक पहुंचता है, आने वाले हफ्तों में और लोग इसका फायदा ले पाएंगे. यह भी पढ़ें: बिना DP वाले कॉन्टैक्ट भी दिखेंगे फोटो के साथ, व्हॉट्सऐप टेस्ट कर रहा नया फीचर The post शोर-शराबे में भी WhatsApp कॉल्स होंगी क्लियर, आ रहा Noise Cancellation फीचर appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा को चुनौती, सरकार से जवाब तलब

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट JPSC Age Limit: झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा 2026 की अधिकतम आयुसीमा को लेकर विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयोग के निर्णय को चुनौती दी है. मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है, जिससे अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद और चिंता दोनों बनी हुई है. अभ्यर्थियों ने उठाया आयुसीमा का मुद्दा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अधिकतम आयुसीमा की गणना 1 अगस्त 2017 के आधार पर होनी चाहिए. उनका तर्क है कि लंबे समय से परीक्षा नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थी आयुसीमा से बाहर हो गए हैं. वहीं, जेपीएससी ने आयुसीमा 1 अगस्त 2022 के आधार पर निर्धारित की है, जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है. हाईकोर्ट ने प्रशासन और आयोग से मांगा जवाब इस मामले की याचिका चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में दायर की गई थी, जिसे एकल पीठ में भेज दिया गया. एकल पीठ ने विस्तृत सुनवाई के बाद झारखंड प्रशासन और जेपीएससी को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है. अगली सुनवाई 21 अप्रैल को हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की है. इस दिन कोर्ट में दोनों पक्षों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. अभ्यर्थियों की नजर अब इस सुनवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है. 45 पदों पर निकली है भर्ती बताया जा रहा है कि जेपीएससी ने कुल 45 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन जारी किया है. ऐसे में आयुसीमा को लेकर चल रहा विवाद भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. यदि कोर्ट कोई निर्देश देता है, तो इससे परीक्षा के नियमों में बदलाव संभव है. इसे भी पढ़ें:झारखंड हाईकोर्ट में संवैधानिक पदों की नियुक्ति पर सुनवाई, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त का पद खाली अदालत में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा, जबकि झारखंड प्रशासन की ओर से अधिवक्ता राजीव रंजन ने दलीलें प्रस्तुत कीं. यह याचिका अमित कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई है. फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं. इसे भी पढ़ें: बर्न मरीजों के इलाज पर हाइकोर्ट सख्त, जिलों के अस्पतालों में यूनिट बनाने का आदेश The post झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा को चुनौती, प्रशासन से जवाब तलब appeared first on Naya Vichar.

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