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April 6, 2026

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SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

मुख्य बातें तीन हिस्सों में बांटा गया जांच का दायरा स्त्री बीएलओ के खिलाफ एफआईआर गिरफ्तारी की चेतावनी एफआईआर दर्ज होने का यह पहला मामला भाजपा समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज SIR in Bengal: कोलकाता. मालदा में एसआइआर प्रक्रिया के विरोध के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने और हिंसा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने जांच तेज कर दी है. एजेंसी ने 40 बीएलओ को तलब किया है, जिनमें से रविवार को 22 से पूछताछ की जा चुकी है. पूछताछ मालदा स्थित एनआइए के अस्थायी कार्यालय में की गयी. रविवार को एनआइए की टीम जांच के सिलसिले में एक बार फिर मोथाबाड़ी बीडीओ कार्यालय पहुंची. यहां घटना के दौरान न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक घेरकर रखे जाने के आरोप हैं. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की. तीन हिस्सों में बांटा गया जांच का दायरा सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार के बाद शनिवार को भी देर रात तक मोथाबाड़ी और कालियाचक इलाकों में जांच जारी रही. शनिवार को टीम इंग्लिशबाजार थाना क्षेत्र भी पहुंची, जहां सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गयी. जांच को तीन हिस्सों में बांटकर आगे बढ़ाया जा रहा है. एक टीम बीडीओ कार्यालय, दूसरी घटनास्थल और तीसरी थाने में जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि भीड़ कैसे इकट्ठा हुई, किसने नेतृत्व किया और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना कैसे हुई. इस मामले में मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया जा चुका है. एनआइए को आशंका है कि इसके पीछे संगठित साजिश हो सकती है. फिलहाल एजेंसी जल्द ही अपनी प्राथमिक रिपोर्ट अदालत में पेश करने की तैयारी में है. स्त्री बीएलओ के खिलाफ एफआईआर इस बीच, तृणमूल के नेतृत्व वाली बीएलओ अधिकार संरक्षण समिति की एक स्त्री सदस्य के खिलाफ सीईओ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. स्त्री बीएलओ तनुश्री मोदक भट्टाचार्य को नोटिस भेजा गया है. उन्हें नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा गया है. जानकारी के अनुसार, पुलिस ने चुनाव आयोग के आदेश पर यह एफआईआर दर्ज की है. गिरफ्तारी की चेतावनी स्त्री पुलिस अधिकारी को भेजे गए नोटिस में उन निर्देशों का उल्लेख है जिनका उसे पालन करना होगा. नोटिस में कहा गया है कि उसे जांच में पुलिस को हर संभव सहयोग देना होगा. उसे भविष्य में इस तरह की निंदनीय गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए. उसे घटना से संबंधित किसी भी सबूत को नष्ट नहीं करना चाहिए. उसे जांच के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. उसे जांच में बाधा नहीं डालनी चाहिए. पुलिस ने नोटिस में कहा है कि इन निर्देशों का पालन न करने पर गिरफ्तारी हो सकती है. एफआईआर दर्ज होने का यह पहला मामला संयोगवश, पिछले साल नवंबर की शुरुआत में बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद कुछ बीएलओ (BLO) मुखर हो गए. तृणमूल समर्थित बीएलओ अधिकार संरक्षण समिति ने बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार का आरोप लगाते हुए सीईओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यभार के कारण कई बीएलओ ने आत्महत्या कर ली है. सीईओ कार्यालय के सामने इकट्ठा होने के लिए किसी स्त्री बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का यह पहला मामला है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज इसी बीच, 24 फरवरी को, विधानसभा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के बाहर बीएलओ अधिकार संरक्षण समिति के धरने के दौरान, विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय गए. उन्हें नारे लगाते हुए देखा गया. इसके बाद, भाजपा समर्थक मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के बाहर जमा हो गए. मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के सामने अशांति फैल गई. इस घटना में तनुश्री मोदक भट्टाचार्य ने भाजपा समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. अब आयोग के आदेश पर पुलिस ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय के सामने जमा होने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. Also Read: SIR Tribunal से लोगों की बढ़ी उम्मीद, सीमावर्ती पंचायतों में तैयार हुआ ‘वार रूम’,कटे वोटरों के नाम जोड़ने की पहल The post SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब appeared first on Naya Vichar.

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ऑफिस में बैठे-बैठे बढ़ रहा है वजन? तुरंत अपनाएं ये 5 आसान काम

Office Fitness Tips: ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ने का बड़ा कारण बनती जा रही है. घंटों एक ही जगह बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे फैट जमा होने लगता है. इसके साथ ही अनहेल्दी स्नैक्स, कम पानी पीना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी वजन बढ़ाने में योगदान देती है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप इस समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं. सही आदतों और थोड़ी जागरूकता से ऑफिस में रहते हुए भी फिट और एक्टिव बना जा सकता है. 1. हर 30-40 मिनट में उठें और चलें ऑफिस में लगातार बैठने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है. इसलिए हर थोड़ी देर में 2-3 मिनट के लिए उठकर टहलें या स्ट्रेचिंग करें. ऐसा करने से आपके मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता है.  2. पानी ज्यादा पिएं दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और अनावश्यक भूख भी कम लगती है. पानी इतना ज्यादा पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कोई कमी न हो और बैठे- बैठे उबासी भी न हो.  3. हेल्दी स्नैक्स चुनें ऑफिस में बैठे- बैठे भूख लगती है, लेकिन ऐसे आपको चिप्स, बिस्किट की जगह फल, ड्राई फ्रूट्स या सलाद चुनना चाहिए. इससे कैलोरी कंट्रोल में रहती है. ऐसा करने से वजन भी नहीं बढ़ता है.  4. सीढ़ियों का इस्तेमाल करें अगर आपके ऑफिस में लिफ्ट है तो आप लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चढ़ना-उतरना एक बेहतरीन एक्सरसाइज है, जो वजन घटाने में मदद करता है. ऐसा करने से आपको ऑफिस में ताजगी महसूस होगी.  5. बैठने का सही तरीका अपनाएं जितना कोशिश हो कि ऑफिस में सीधा बैठें और पेट अंदर रखें. इससे न सिर्फ आपकी बॉडी पोस्टर सुधरती है बल्कि कैलोरी बर्न भी बेहतर होता है. यह भी पढ़ें: मां के लिए 7 अनोखा तोहफा जो उन्हें ऐहसास कराएगा, ” वह आपके लिए क्यों है सबसे खास यह भी पढ़ें: दफ्तर में चाहिए तरक्की तो अपनाएं 7 ये ट्रिक्स, बॉस आपकी तारीफ करते नहीं थकेंगे The post ऑफिस में बैठे-बैठे बढ़ रहा है वजन? तुरंत अपनाएं ये 5 आसान काम appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के भुरकुंडा में पुलिस- राहुल दुबे गैंग में मुठभेड़, गोली लगने के बाद सनी सिंह गिरफ्तार

भुरकुंडा से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले में भुरकुंडा सौंदा दो मोहानी के पास पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के रेलीगढ़ा निवासी सनी सिंह को पैर में गोली मारकर पकड़ा है. हालांकि, इस दौरान उसके अन्य साथी फरार होने में सफल रहे. ये घटना आज सुबह साढ़े पांच बजे की है.  एसआईटी टीम का गठन किया गया था  राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए छापामारी करने के लिए पुलिस ने एसआईटी टीम का गठन किया गया था. गठित टीम द्वारा लगातार क्षेत्र में छापेमारी की जा रही थी.  गुप्त सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस इसी क्रम मे गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य सनी सिंह भुरकुंडा क्षेत्र में है और अपने गिरोह के अपराधकार्मियों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है. सूचना के आधार पर एसआईटी टीम ने भुरकुंडा और पतरातू क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान शुरू किया. गठित टीम के द्वारा भुरकुंडा और पतरातू क्षेत्र में सघन छापेमारी किया जा रही थी. इसी क्रम मे सूचना मिली कि भुरकुंडा स्थित दुमहान मंदिर के पास एक व्यक्ति है और उसकी गतिविधि संदिग्ध है. इस सूचना पर भुरकुंडा क्षेत्र अंतर्गत दुमुहाना मंदिर के पास तलाशी और छापामारी किया गया.  पुलिस पर फायरिंग, बाल-बाल बचे थाना प्रभारी छापेमारी के क्रम मे अज्ञात अपराधकर्मी के द्वारा पुलिस कि गाड़ी देखते ही पुलिस पर फायरिंग करने लगा जिससे थाना प्रभारी पतरातू कि गाड़ी के शीशा और बंपर मे गोली लगी. थाना प्रभारी इस हमले में बाल-बाल बच गए.  जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ आरोपी जवाबी कार्रवाई मे फायरिंग करने वाले अपराधकर्मी के दाहिने पैर मे गोली लगी और वह जख्मी होकर गिर गया. नाम पता पूछने पर अपराधकर्मी के द्वारा अपना नाम सनी सिंह ग्राम रेलीगढ़ा बताया गया. घटनास्थल पर ही पट्टी कर जख्मी हालत मे तुरंत सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेजा गया. घटना स्थल पर सनी सिंह का 2 देसी पिस्तौल एक मोबाइल एक लेदर बैग गिरा पड़ा मिला है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश इसे भी पढ़ें: बदहाल जिंदगी जी रहे शहीद बख्तर साय के वंशज, गढ़पहाड़ को टूरिस्ट प्लेस विकसित करने की मांग The post झारखंड के भुरकुंडा में पुलिस- राहुल दुबे गैंग में मुठभेड़, गोली लगने के बाद सनी सिंह गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

INS Trikand in Tanzania: ईरान में पिछले 28 फरवरी से जंग चल रही है. इसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी जैसे हालात हैं. इसने पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट पैदा कर दिया है. हिंदुस्तान अपनी कूटनीति का उपयोग करते हुए किसी तरह अपने शिप को इस संकरे स्ट्रेट से निकाल पा रहा है. इसमें हिंदुस्तानीय नौसेना भी लगी हुई है. इसी बीच हिंदुस्तानीय नौसेना का एक जहाज अफ्रीका महाद्वीप के देश तंजानिया पहुंच गया है. इंडियन नेवी की एक अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद, दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी जारी तैनाती के तहत दार एस सलाम, तंजानिया पहुंचा.  इस यात्रा का उद्देश्य हिंदुस्तान और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाना है. इस पोर्ट कॉल के दौरान कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें पेशेवर बातचीत, तंजानिया नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास शामिल हैं, ताकि आपसी समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) और समुद्री सहयोग को बढ़ाया जा सके.  इसके अलावा, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मैत्रीपूर्ण स्पोर्ट्स मुकाबले और योग सत्र शामिल हैं. एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जो आपसी सद्भाव और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देगा. हिंदुस्तान से लाए गए महत्वपूर्ण सामग्री (क्रिटिकल स्टोर्स) भी इस यात्रा के दौरान सौंपे जाएंगे. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर सचिन कुलकर्णी तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स और तंजानिया प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. VIDEO | Dar-es-Salaam, Tanzania: INS Trikand, the frontline guided missile frigate of the Indian Navy, arrived at Dar-es-Salaam, Tanzania on April 3, 2026 during its ongoing operational deployment in the South-West Indian Ocean Region. The port call will further strengthen… pic.twitter.com/S2TQpyqp75 — Press Trust of India (@PTI_News) April 5, 2026 हिंदुस्तान और तंजानिया के बीच महत्वपूर्ण संबंध हिंदुस्तान और तंजानिया के बीच संबंध पारंपरिक रूप से मजबूत और मित्रतापूर्ण और बहुआयामी हैं. दोनों देशों के रिश्ते औपनिवेशिक दौर से पहले से मौजूद हैं. तंजानिया में रहने वाली हिंदुस्तानीय मूल की बड़ी आबादी इन संबंधों को और मजबूती देती है. आर्थिक दृष्टि से हिंदुस्तान, तंजानिया का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है. हिंदुस्तान, तंजानिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और प्रमुख निवेशक है. दोनों देश हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, रक्षा, व्यापार (2022-23 में 6.4 बिलियन डॉलर) और निवेश के मामलों में सहयोग करते हैं. साथ ही हिंदुस्तान ने तंजानिया में कई इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं में निवेश भी किया है. जहां हिंदुस्तान दवाइयां, पेट्रोलियम उत्पाद और मशीनरी निर्यात करता है, वहीं तंजानिया से सोना, खनिज और कृषि उत्पाद आयात करता है. इसके अलावा, हिंदुस्तान तंजानिया को लाइन ऑफ क्रेडिट और तकनीकी सहायता प्रदान करता है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आईटी क्षेत्र में सहयोग करता है. हिंदुस्तानीय स्कॉलरशिप के माध्यम से तंजानिया के छात्र हिंदुस्तान में शिक्षा प्राप्त करते हैं. लेकिन इस समय ईरान युद्ध की वजह से हिंदुस्तान की नैचुरल गैस की समस्या बढ़ी हुई है और तंजानिया इसमें हिंदुस्तान का सबसे बड़ा मददगार बन सकता है. तंजानिया दूर कर सकता है हिंदुस्तान की नैचुरल गैस की समस्या तंजानिया में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से हिंद महासागर के तटीय और ऑफशोर क्षेत्रों, जैसे सोंगो सोंगो और मनाजी बे में स्थित हैं. सबसे बड़े भंडार लिंडी और मटवारा के पास तट से दूर हैं, विशेषकर ब्लॉक 2, 1 और 4 में हैं. 2016 में, तंजानिया की रवु बेसिन में भी प्राकृतिक गैस का महत्वपूर्ण भंडार मिला था. इन गैस भंडारों का आकार 57.54 ट्ट्रिलियन्स क्यूबिक फीट में आंका गया है, जिससे तंजानिया पूर्वी अफ्रीका के प्रमुख गैस उत्पादक देशों में माना जाता है. यह गैस देश में बिजली उत्पादन, औद्योगिक विकास और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, साथ ही एलएनजी (LNG) परियोजनाओं के जरिए निर्यात की भी संभावनाएं बढ़ रही हैं. हालांकि, इन संसाधनों के पूर्ण उपयोग के लिए अभी बुनियादी ढांचे और निवेश की आवश्यकता बनी हुई है. ऐसे में हिंदुस्तान इस कमी को पूरा कर सकता है. अभी तक तंजानिया में बड़े पैमाने पर तेल भंडार की पुष्टि नहीं हुई है. कुछ जगहों पर एक्सप्लोरेशन की संभावनाएं जरूर हैं, लेकिन व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन नहीं के बराबर है. हालांकि, हिंदुस्तान जैसी ऊर्जा जरूरत वाले देश के लिए तंजानिया की गैस भविष्य में एक संभावित स्रोत बन सकती है. हिंदुस्तान 2018 से ही तंजानिया के साथ इस क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. पोर्ट कॉल संबंध मजबूत करने का एक तरीका इसलिए तंजानिया का यह पोर्ट कॉल हिंदुस्तान की ‘MAHASAGAR’ ( क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की दृष्टि के अनुरूप है. पिछले सप्ताह, आईएनएस त्रिकंद ने मापुटो, मोजाम्बिक में 29 मार्च को अपना पोर्ट कॉल समाप्त किया था. इस दौरान संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे समुद्री सहयोग और आपसी समन्वय मजबूत हुआ. इस यात्रा के दौरान हिंदुस्तान से भेजी गई HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री सौंपी गई. इसके अलावा, मोजाम्बिक नौसेना अस्पताल में एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया. प्रस्थान के समय, जहाज ने मोजाम्बिक नौसेना के कर्मियों के साथ संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) निगरानी और प्रशिक्षण गतिविधियां भी कीं, इसके बाद वह अपनी निर्धारित ऑपरेशनल तैनाती के लिए आगे बढ़ गया. यह पोर्ट कॉल हिंदुस्तान की रणनीतिक दृष्टि को दर्शाता है और हिंद महासागर में एक विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में हिंदुस्तानीय नौसेना की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है. ये भी पढ़ें:- ईरान में लापता F‑15 पायलट ने भेजा था 3 शब्दों का मैसेज, ट्रंप बोले- साजिश जैसी लगी, लेकिन फिर… ये भी पढ़ें:- ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी; कहा- ऐसी तीन और ‘जीत’ मिलीं, तो US पूरी तरह तबाह हो जाएगा पोर्ट कॉल क्या होता है? पोर्ट कॉल (Port Call) का मतलब होता है जब कोई नौसैनिक जहाज या वाणिज्यिक (मर्चेंट) जहाज किसी विदेशी या घरेलू बंदरगाह (Port) पर कुछ समय के लिए रुकता है. आसान भाषा में समझें तो जहाज का किसी पोर्ट पर आधिकारिक दौरा ही पोर्ट कॉल कहलाता है. पोर्ट कॉल क्यों किया जाता है? सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए (जैसे हिंदुस्तानीय नौसेना और दूसरे देशों की नौसेना के बीच) ईंधन, राशन और जरूरी

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चीते जैसी फुर्ती: रजत पाटीदार ने गोता लगाकर लपका प्रशांत वीर का कैच, वीडियो वायरल

Rajat Patidar Catch Video: चेन्नई की पारी का 16वां ओवर चल रहा था. अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अटैक पर थे. CSK की टीम काफी दबाव में थी, लेकिन क्रीज पर मौजूद प्रशांत वीर (43 रन) और जेमी ओवरटन (27 रन) तेजी से रन बटोरकर स्कोर को चुनौतीपूर्ण बनाने की कोशिश कर रहे थे. भुवनेश्वर कुमार ने चालाकी दिखाते हुए 131.1 किमी/घंटा की रफ्तार से एक शॉर्ट लेंथ गेंद फेंकी. प्रशांत वीर ने इस पर एक्स्ट्रा कवर की ओर एक जोरदार पंच लगाया. गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगकर हवा में काफी ऊंची उठ गई. पाटीदार की चीते जैसी फुर्ती प्रशांत वीर ने भुवी की गेंद पर जोरदार पंच तो मारा, लेकिन सीधे रजत पाटीदार के हाथों में चल गई. कवर क्षेत्र में तैनात रजत पाटीदार ने अपनी बाईं ओर एक लंबी छलांग लगाई. हवा में गोता लगाते हुए कठिन कैच को सुरक्षित तरीके से अपने हाथों में कैद कर लिया. नतीजा, अच्छी बल्लेबाजी कर रहे प्रशांत वीर को वापस पवेलियन लौटना पड़ा. View this post on Instagram A post shared by IPl King 👑 (@__ipl_2.02.6) प्रशांत वीर ने स्पोर्ट्सी 43 रनों की पारी चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से प्रशांत वीर ने 43 रनों की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 29 गेंदों का सामना किया, जिसमें 6 चौके और एक छक्का जमाया. भुवनेश्वर कुमार आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने भुवनेश्वर कुमार ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में 4 ओवर की गेंदबाजी में 41 रन देकर 3 विकेट चटकाए. इसके साथ ही आईपीएल में 200 विकेट पूरा करने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए. सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज युजवेंद्र चहल हैं. आईपीएल में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची युजवेंद्र चहल – 176 मैच – 224 विकेटभुवनेश्वर कुमार – 192 मैच – 202 विकेटसुनील नारायण – 191 मैच- 193 विकेटपीयूष चाहला – 192 मैच- 192 विकेटआर अश्विन – 221 मैच- 187 विकेट ये भी पढ़ें: IPL Points Table 2026: विराट कोहली की बेंगलुरु बनी नंबर 1, CSk की हालत सबसे खराब 6,2,4,6,6,6… टिम डेविड ने 19वें ओवर में मचाया गदर, ओवरटन की लगी क्लास The post चीते जैसी फुर्ती: रजत पाटीदार ने गोता लगाकर लपका प्रशांत वीर का कैच, वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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ईरान में लापता F‑15 पायलट ने भेजा था 3 शब्दों का मैसेज, ट्रंप बोले- साजिश जैसी लगी, लेकिन फिर…

Trump US F-15 Airman 3 Word Message: अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने लापता पायलट/एयरमैन/वेपन सिस्टम्स ऑफिसर को बचा लिया. शुक्रवार को एफ-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य लगभग लापता हुए थे. इस दौरान वे 7000 फीट ऊंचे पहाड़ की दरार में छिपे रहे. उनके पास सुरक्षा के लिए सिर्फ एक हैंडगन थी. 48 घंटे तक अमेरिका ने सर्च ऑपरेशन चलाकर रविवार को उन्हें सुरक्षित बचा लिया. एयरमैन के पास एक कम्युनिकेशन डिवाइस और ट्रैकिंग बीकन भी था. उन्होंने इसी के जरिए अपनी सर्च टीम से संपर्क साधा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सर्च ऑपरेशन को ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने बताया कि पायलट ने इस दौरान तीन शब्द बोले, जिससे एक बार को अमेरिका को शक भी हुआ, हालांकि, मिशन को आगे बढ़ाते हुए उस ‘सम्मानित कर्नल’ को बचा लिया गया.  विमान से इजेक्ट होते समय उस लापता एयरमैन ने रेडियो पर तीन शब्द बोले, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान खींचा.  ट्रंप ने एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि इजेक्ट होने के बाद उस क्रू सदस्य ने रेडियो पर एक अजीब संदेश भेजा, जिससे शक पैदा हुआ. उनके अनुसार, पायलट ने ‘पावर टू बी गॉड (Power to be God)’ कहा था. ट्रंप ने कहा कि यह वाक्य ‘कुछ ऐसा लगता है जो कोई मुस्लिम कह सकता है.’  धार्मिक प्रवृत्ति का है पायलट उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को शक हुआ कि एयरमैन को ईरान ने पकड़ लिया है और वे झूठे संकेत भेजकर जाल बिछा रहे हैं. हालांकि बाद में उस अधिकारी को जानने वाले लोगों ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, इसलिए उसका ऐसा कहना स्वाभाविक था. वहीं, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि असल में क्रू सदस्य के शब्द थे- ‘ईश्वर अच्छा है (God is good)’. रिपोर्ट में दो सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि एफ-15 के एयरमैन और वेपन सिस्टम्स ऑफिसर ने इजेक्शन के बाद अपने कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए ये शब्द साझा किए थे. ये भी पढ़ें:- ईरान बोला- हमारे दुश्मनों के लिए बंद है होर्मुज, ट्रंप की धमकी- रास्ता खोलो वरना झेलना होगा नर्क अमेरिका ने कैसै बचाया अपना पायलट? डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में उस अज्ञात एयरमैन को बहादुर योद्धा बताया. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी सेना में एक सम्मानित कर्नल हैं. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब ईरानी और अमेरिकी बल उसे खोजने की कोशिश कर रहे थे, वह पहाड़ की दरार में छिपा रहा, लगातार अपनी जगह बदलता रहा. एक समय पर वह 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी रिजलाइन तक चढ़ गया ताकि पीछा कर रही ताकतों से आगे रह सके. 24 घंटे से अधिक समय तक उसकी लोकेशन अमेरिका को भी पता नहीं चल सकी.  आखिरकार सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (CIA) ने उसकी लोकेशन का पता लगा लिया. एजेंसी ने विशेष क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए उसे ट्रैक किया, जैसे ही उसकी सटीक लोकेशन की पुष्टि हुई. इसके बाद CIA ने यह जानकारी व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सेना के साथ साझा की. रिपोर्ट में कहा गया है कि CIA ने एक भ्रामक सूचना अभियान चलाया, जिसमें ईरानियों को यह बताया गया कि अमेरिकी बल पहले ही उस अधिकारी का पता लगा चुके हैं और जमीनी स्तर पर उसे निकालने की कार्रवाई कर रहे हैं. इसके बाद शनिवार रात एक स्पेशल फोर्स टीम को उसके पास उतारा गया. इसमें रात भर लड़ाई चली और आखिरकार पायलट को बचा लिया गया. इस दौरान अमेरिका ने ईरान के खाली पड़ी एयरस्ट्रिप का भी उपयोग किया. मिशन के दौरान कोई सबूत न बचे इसके लिए अमेरिका ने कुछ हेलीकॉप्टर को खुद ही तबाह कर दिया. CIA के एक अधिकारी ने एक्सियोस से कहा कि उसे खोजना सुई को भूसे के ढेर में ढूंढने जैसा था, लेकिन हमने कर दिखाया.   ये भी पढ़ें:- नेपाल में ‘DJ’ बना होम मिनिस्टर: रैपर PM बालेन शाह की टीम में सुधन गुरुंग की एंट्री, अब संभालेंगे देश की कमान एयरमैन को बचाने में एक और हेलीकॉप्टर गिरा 3 अप्रैल को दो इंजन और दो सीटों वाला इंटरडिक्शन फाइटर जेट एफ-15ई स्ट्राइक ईगल दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर मार गिराया गया. विमान पर हमला होने के तुरंत बाद पायलट को बचा लिया गया, लेकिन वेपन सिस्टम्स ऑफिसर की तलाश पूरे दो दिन तक चली. बचाव अभियान के दौरान ईरान ने एक अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर पर भी हमला किया, जिससे उसमें सवार कुछ लोग घायल हो गए, लेकिन हेलीकॉप्टर सुरक्षित स्थान पर उतरने में सफल रहा. रेस्क्यू ऑपरेशन की घोषणा करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह बहादुर योद्धा दुश्मन के इलाके में, ईरान के खतरनाक पहाड़ों के बीच था और हमारे दुश्मन उसका शिकार कर रहे थे, जो हर घंटे उसके और करीब पहुंच रहे थे. ट्रंप ने बताया कि अधिकारी घायल हुआ है, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा. इस रेस्क्यू मिशन के दौरान टीम का कोई भी सदस्य न तो मारा गया और न ही घायल हुआ. ट्रंप ने कहा कि ऐसा मिशन सैन्य इतिहास में पहली बार हुआ, जब दुश्मन के गहरे इलाके में फंसे दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाया गया. The post ईरान में लापता F‑15 पायलट ने भेजा था 3 शब्दों का मैसेज, ट्रंप बोले- साजिश जैसी लगी, लेकिन फिर… appeared first on Naya Vichar.

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Atthe Mutton Recipe: घर पर बनाएं लाजवाब अट्ठे का मटन, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी 

Atthe Mutton Recipe: अट्ठे का मटन एक स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन है जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसमें नरम मटन को प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन और हरी मिर्च के मसालों के साथ पकाया जाता है. दही और गरम मसाले डालकर इसका स्वाद और भी बढ़ाया जाता है. यह व्यंजन रोटी, नान या चावल के साथ परोसा जाता है और खास अवसरों या साधारण दोपहर-रात के खाने के लिए उपयुक्त है. अट्ठे का मटन बच्चों और बड़ों सभी को पसंद आता है और पारंपरिक हिंदुस्तानीय खाने का स्वाद बढ़ाता है. अट्ठे का मटन बनाने का सामान  मटन (बोन्स के साथ या बिना बोन्स) – 500 ग्राम प्याज – 2 बडे़, बारीक कटा हुआ टमाटर – 2 मध्यम, प्यूरी या बारीक कटे अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच हरी मिर्च – 2, कटी हुई दही – ½ कप (अगर चाहिए तो) तेल या घी – 4 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर – ½ चम्मच लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच धनिया पाउडर – 1 चम्मच गरम मसाला – 1 चम्मच नमक – स्वाद अनुसार हरा धनिया – सजावट के लिए अट्ठे का मटन बनाने का आसान तरीका 1: मटन की तैयारी मटन को अच्छी तरह से धो लें. हल्दी और नमक लगाकर 15–20 मिनट मैरिनेट करें. 2: अट्ठे का पेस्ट तैयार करना 2 बड़े चम्मच मसालों को थोडा सा तेल में हल्का भून लें. इसे मटन के साथ मिलाकर मटन को पकाते समय गाढ़ा ग्रेवी बनेगी. 3: मटन भूनना कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. प्याज़ डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें. अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें. 1–2 मिनट भूनें. टमाटर डालकर मसाले को अच्छे से भूनें जब तक तेल ऊपर न आ जाए. 4: मसाले डालना हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालें और 1–2 मिनट भूनें. अब मटन डालें और 5–7 मिनट तक तेज आंच पर भूनें. 5: पानी डालकर पकाना मटन को ढकने के लिए पर्याप्त पानी डालें. ढककर मध्यम आंच पर 45–50 मिनट तक या मटन नरम होने तक पकाएं. अगर आप दही का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसे अब डालें और 10 मिनट और पकाएं. 6: गाढ़ा ग्रेवी बनाना भूना हुआ मसाला अब मटन में डालें और अच्छे से मिलाएं. 5–10 मिनट तक पकाएं ताकि ग्रेवी गाढ़ा हो जाए. 7: फिनिशिंग गरम मसाला डालें और हल्का सा मिक्स करें. हरा धनिया डालकर सजाएं. यह भी पढ़ें: घर पर बनाएं शिकंजी प्रीमिक्स, मिनटों में तैयार करें ठंडी ताजगी भरी ड्रिंक यह भी पढ़ें: रोजमर्रा के खाने को बनाएं खास, ट्राय करें टेस्टी लौकी का भरता The post Atthe Mutton Recipe: घर पर बनाएं लाजवाब अट्ठे का मटन, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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15 साल की उम्र में इंटरनेट पर वायरल हुई मॉर्फ्ड फोटो, जाह्नवी कपूर ने खोला दिल दहला देने वाला सच

Janhvi Kapoor: बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में अपने जीवन का एक ऐसा चौंकाने वाला अनुभव साझा किया, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा. जाह्नवी ने खुलासा किया कि 15 साल की उम्र में उन्हें अपनी खुद की अश्लील मॉर्फ्ड तस्वीरें इंटरनेट पर मिल गई थीं. यह घटना उनके लिए सिर्फ डरावनी नहीं बल्कि मानसिक रूप से हिला देने वाली थी. स्कूल के दिनों में हुआ था डिस्टर्बिंग अनुभव जाह्नवी कपूर ने बताया कि जब वह सिर्फ 15 साल की थीं और स्कूल में पढ़ती थीं, तब उन्होंने अपने कुछ मॉर्फ्ड फोटोज अश्लील वेबसाइट्स पर देखे थे. यह घटना उनके लिए बेहद डरावनी और मानसिक रूप से परेशान करने वाली थी. उस उम्र में इस तरह की चीजों का सामना करना उनके लिए आसान नहीं था. उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें समझ ही नहीं आया कि यह सब कैसे हुआ और इससे कैसे निपटा जाए. इस घटना ने उन्हें इंटरनेट पर मौजूद खतरों के प्रति सचेत कर दिया. AI तस्वीरों को लेकर आज भी परेशान हैं एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने यह भी बताया कि समय के साथ तकनीक भले ही बदल गई हो, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है. आज भी उनकी एआई (AI) से बनाई गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं. उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें ऐसी तस्वीरों में दिखाया जाता है, जिनमें उन्होंने कभी पोज नहीं दिया या वैसी ड्रेस पहनी ही नहीं. हैरानी की बात यह है कि कुछ तथाकथित न्यूज पेज भी इन फेक तस्वीरों को शेयर कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है. एक्ट्रेस ने साफ कहा कि इस तरह की चीजें उन्हें असहज और असुरक्षित महसूस कराती हैं. वर्कफ्रंट पर क्या है अपडेट काम की बात करें तो Janhvi Kapoor जल्द ही साउथ सुपरस्टार Ram Charan के साथ फिल्म ‘पेद्दी’ में नजर आएंगी. इसके अलावा वह पिछले साल ‘परम सुंदरी’ और ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ जैसी फिल्मों में भी दिखाई दी थीं. यह भी पढ़ें: लाइव शो में हुए हंगामे पर सुनंदा शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, फैन को लेकर कही ये बात The post 15 साल की उम्र में इंटरनेट पर वायरल हुई मॉर्फ्ड फोटो, जाह्नवी कपूर ने खोला दिल दहला देने वाला सच appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के होटलों में रोटी गायब, हॉस्टलों से अस्पतालों तक खाने का मेन्यू बदला

LPG Crisis: बिहार में इन दिनों एलपीजी के भारी संकट ने आम जनजीवन को पटरी से उतार दिया है. स्थिति यह है कि गैस का बैकलॉग 8 से 10 दिनों तक पहुंच गया है, जिससे रसोई से लेकर रेस्टोरेंट तक सब कुछ प्रभावित है. सबसे बुरा असर पटना के हॉस्टलों में देखने को मिल रहा है, जहां रोटियां बेलना अब लग्जरी जैसा हो गया है. हॉस्टलों और होटल-रेस्टोरेंट का मेन्यू बदला पटना के मगध स्त्री कॉलेज के हॉस्टलों में गैस संकट का सीधा असर दिख रहा है. जहां पहले रोज 3000 से ज्यादा रोटियां बनती थीं, अब यह संख्या घटकर आधी रह गई है. छात्राओं को अब रोटी की जगह चावल दिया जा रहा है, जबकि नाश्ते में पूरी-सब्जी और पराठे की जगह पोहा-उपमा ने ले ली है. समस्तीपुर और बेतिया में होटल-रेस्टोरेंट ने इडली, ढोकला और दहीबड़ा जैसे आइटम मेन्यू से हटा दिए हैं. मुजफ्फरपुर और मधुबनी में मेन्यू तो बना हुआ है, लेकिन कीमतें 10% तक बढ़ गई हैं. भागलपुर में स्थिति और गंभीर है, जहां 70% दुकानें कोयले पर चल रही हैं और रोस्टेड आइटम पूरी तरह गायब हो चुके हैं. अस्पतालों से लेकर स्ट्रीट वेंडर्स तक संकट का साया गैस की किल्लत का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है. पटना के प्रतिष्ठित आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल की कैंटीन से डोसा, चाट और छोला-भटूरा जैसे 16 पसंदीदा व्यंजन हटा दिए गए हैं. आलम यह है कि अस्पताल का बेस किचन अब लकड़ी, कोयले और इंडक्शन के भरोसे चल रहा है. मेडिकल छात्रों की थाली की कीमत भी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है. प्रदेश के अन्य शहरों जैसे समस्तीपुर और बेतिया में भी होटलों ने अपना मेन्यू आधा कर दिया है, जबकि भागलपुर की 70% दुकानें अब वापस कोयले के पुराने दौर में लौटने को मजबूर हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में करीब 50% पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों ने गैस की कमी और कोयले की बढ़ती कीमतों (300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी) के कारण अपनी दुकानें बंद कर दी हैं. ब्लैक मार्केटिंग का स्पोर्ट्स, पुलिस की बड़ी कार्रवाई श्रीकृष्णापुरी में पुलिस ने छापेमारी कर गैस की कालाबाजारी का खुलासा किया. एक दुकानदार को आठ घरेलू और एक कॉमर्शियल सिलेंडर के साथ गिरफ्तार किया गया. वह अवैध रिफिलिंग कर ऊंचे दामों पर गैस बेच रहा था. पटना के श्रीकृष्णपुरी इलाके में पुलिस ने एक शातिर दुकानदार को पकड़ा है जो घरेलू सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर रहा था. पुलिस ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया और छापेमारी में आठ घरेलू सिलेंडर बरामद किए. डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर 443 जगहों पर छापेमारी की गई है और अब तक 108 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं. उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि गैस बुकिंग के बाद ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) नहीं मिल रहा है, जिससे सिलेंडर घर पहुंचने में देरी हो रही है. Also Read: इस दिन हो सकती है नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग, कई बड़े एजेंडों पर लग सकती है मुहर The post बिहार के होटलों में रोटी गायब, हॉस्टलों से अस्पतालों तक खाने का मेन्यू बदला appeared first on Naya Vichar.

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एक दशक में 16 राज्यों में हुए चुनाव, चुनावी हिंसा में पश्चिम बंगाल नंबर-1

खास बातें बंगाल में डेढ़ दशक का ‘खूनी’ हिसाब पंचायत से विधानसभा चुनाव तक 1999 से 2016 तक हर साल औसतन 20 हत्याएं : NCRB West Bengal Election Violence Statistics: तुलनात्मक आंकड़े 2026 के रण में भी नहीं थम रही हिंसा SIR के मुद्दे से गरमायी नेतृत्व सभ्यता और लोकतंत्र पर खतरा! West Bengal Election Violence Statistics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शोर के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आयी है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. पिछले एक दशक (2016-2026) में देश के 16 राज्यों में चुनाव हुए हैं. इन चुनावों की तुलना में पश्चिम बंगाल चुनावी हिंसा के मामले में टॉप पर रहा है. बंगाल में चुनाव का मतलब सिर्फ ‘वोट’ नहीं, नेतृत्वक संघर्ष और खून-खराबा बन गया है. बंगाल में डेढ़ दशक का ‘खूनी’ हिसाब एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2010 से 2019 तक 161 नेतृत्वक हत्याएं हुईं. यह किसी भी राज्य से ज्यादा हैं. वर्ष 2010 और 2011 में सबसे ज्यादा 38-38 लोगों की मौत हुई. वर्ष 2012 में 22, वर्ष 2013 में 26 और वर्ष 2014 में 10 नेतृत्वक हत्याएं हुईं. वर्ष 2015 से 2017 तक हर साल सिर्फ 1-1 पॉलिटिकल मर्डर दर्ज हुए. इसके बाद वर्ष 2018 और 2019 में 12-12 मौतें हुईं. प्रमुख नेतृत्वक हिंसा की घटनाओं का विवरण आप यहां देख सकते हैं. 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर फायरिंग हुई और इसमें 13 लोगों की मौत हो गयी. उस समय ज्योति बसु के नेतत्व वाली वाम मोर्चा सत्ता में थी. 1979 में सुंदरबन के मारिचझापी द्वीप पर बसे हिंदू दलित बंगाली शरणार्थियों को वन भूमि (जंगल की जमीन) से बेदखल करने के लिए फायरिंग हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गयी. इसे राज्य प्रायोजित हिंसा करार दिया गया और कहा गया कि ऐसी घटनाएं बंगाल में आम हो गयीं हैं. रिपोर्ट्स बताते हैं कि वामफ्रंट की प्रशासन में वर्ष 2007-08 में सिंगूर और नंदीग्राम में करीब 50 लोगों की मौत हुई, जिसने बंगाल में सत्ता परिवर्तन कर दिया. 2011 में ममता बनर्जी की प्रशासन बनी और तृणमूल कांग्रेस ने नारा दिया- बदला नॉय बदल चाई यानी बदला नहीं बदलाव चाहिए. परिवर्तन चाहिए. इसके विपरीत बदले की नेतृत्व हुई और हिंसक घटनाओं में वाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं की मौतें हुईं. ‘वॉयलेंस इन बंगाल’ के लेखक तन्मय चटर्जी लिखते हैं कि नारा भले कुछ भी रहा हो, हिंसा का दौर नहीं थमा. वर्ष 2011 में सीपीएम और उसके सहयोगी दलों के करीब 50 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई. इनकी हत्या का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर लगा. वर्ष 2018 के पंचायत चुनावों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई. 34 प्रतिशत सीट पर टीएमसी उम्मीदवार के खिलाफ किसी को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया. इन सीटों पर टीएमसी के प्रत्याशी निर्विरोध जीत गये. 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर बंगाल में हिंसा के मामले सामने आये. हालांकि, इस दौरान कितनी मौतें हुईं, उसका स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. 2021 के बंगाल चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि टीएमसी वालों ने भाजपा के 130 कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया. अलजजीरा और रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि 2023 के पंचायत चुनावों में बंगाल में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए. 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में सीतलकुची के जोरपाटकी गांव में मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों को आत्म रक्षा के लिए फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें 4 युवाओं की मौत हो गयी. जवानों ने कहा कि बूथ लूटने की कोशिश हो रही थी. लोगों ने उन पर हमला कर दिया. अपनी जान बचाने के लिए उन्हें फायरिंग करनी पड़ी. मार्च 2025 में टीएमसी के समर्थकों ने कूचबिहार दक्षिण के भाजपा एमएलए निखिल रंजन दे पर हमला कर दया, जब वह दीनहाटा के कोर्ट परिसर से बाहर निकल रहे थे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पंचायत से विधानसभा चुनाव तक वर्ष 2018 के पंचायत चुनाव हों या वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव, बंगाल में हिंसा का एक ‘पैटर्न’ नजर आता है. 2021 के बंगाल चुनावों के बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) ने तो राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थी. इसे भी पढ़ें : बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा, बूथ पर कब्जा, तोड़फोड़, आगजनी, लाइव VIDEO यहां देखें 1999 से 2016 तक हर साल औसतन 20 हत्याएं : NCRB एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल में 1999 से 2016 के बीच औसतन हर साल 20 नेतृत्वक हत्याएं हुईं. हाल के वर्षों में तृणमूल कांग्रेस और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच टकराव के मामले बढ़े हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बंगाल में कम से कम 47 पॉलिटिकल मर्डर हुए. इसमें तृणमूल और भाजपा दोनों के कार्यकर्ता शामिल थे. हालांकि, 2021 के बंगाल चुनाव में 130 भाजपा कार्यकर्ताओं के मारे जाने का दावा अमित शाह और भाजपा के नेता करते रहे हैं. इस चुनाव में भाजपा के बड़े नेताओं पर हमले के भी मामले सामने आये. इसे भी पढ़ें : दक्षिण 24 परगना में TMC नेता की ‘स्टीमरोलर’ वाली धमकी, BJP बोली- डरा रही ममता की पार्टी West Bengal Election Violence Statistics: तुलनात्मक आंकड़े केरल, तमिलनाडु, असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हुए चुनावी हिंसा के आंकड़े भी बंगाल से कम हैं. बंगाल में प्रति चुनाव होने वाली हिंसक घटनाओं और मौतों की संख्या सबसे अधिक है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 से पहले नेतृत्वक हिंसा, कांग्रेस कार्यकर्ता और भाजपा प्रत्याशी पर हमला 2026 के रण में भी नहीं थम रही हिंसा वर्तमान विधानसभा चुनाव के दौरान भी हिंसा का साया बरकरार है. हाल ही में कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प इसका ताजा उदाहरण है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ SIR के मुद्दे से गरमायी नेतृत्व वोटर लिस्ट (SIR) में गड़बड़ी और ‘बाहरी’ वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने के आरोपों ने माहौल को और गरमा दिया है. मालदा के

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