इस्लामाबाद पहुंची ईरानी टीम; कहा- अमेरिका से डायरेक्ट नहीं मिलेंगे, पाकिस्तान के जरिए रखेंगे अपनी शर्तें
Iran US Talks Pakistan Mediation: अराघची यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) आसिम मुनीर से मुलाकात करेंगे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की टीम के साथ चर्चा के बाद इस्लाबाद में शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। ईरान का स्टैंड: अमेरिका से डायरेक्ट नहीं मिलेंगे ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ उनकी कोई सीधी बैठक तय नहीं है. बकाई ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरानी टीम पाकिस्तान के साथ मिलकर ‘अमेरिकी थोपे गए युद्ध’ को खत्म करने और शांति के लिए काम कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी बात और चिंताएं सीधे वाशिंगटन को नहीं बताएगा, बल्कि इसके लिए पाकिस्तान के जरिए संदेश भेजे जाएंगे. We arrive in Islamabad, Pakistan, for an official visit. FM Araghchi will be meeting with Pakistani high-level officials in concert with their ongoing mediation & good offices for ending American imposed war of aggression and the restitution of peace in our region. No meeting… pic.twitter.com/1vP51xIoep — Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) April 24, 2026 डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान समझौते के लिए तैयार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा है कि ईरान अब उनकी मांगों को मानने के लिए एक खास ऑफर तैयार कर रहा है. ट्रंप ने साफ किया कि किसी भी डील के लिए ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से तेल के जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह फ्री करना होगा. ट्रंप ने कहा कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखेगी. उन्होंने संकेत दिए कि ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद भी चल रहे हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा पिछले आठ हफ्तों से चले आ रहे विवाद के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से होने वाला व्यापार लगभग ठप है. शिपिंग डेटा के अनुसार, जहां पहले हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, वहीं पिछले 24 घंटों में केवल 5 जहाज ही वहां से निकले हैं. ईरान ने अपने जहाजों को छोड़कर बाकी सभी का रास्ता रोक रखा है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान के साथ एक ‘सदाबहार’ समझौता चाहते हैं. वहीं, जर्मनी की कंपनी हैपग-लॉयड ने पुष्टि की है कि उनका एक जहाज वहां से गुजरा है. ये भी पढ़ें: NATO से बाहर होगा स्पेन? ईरान जंग में साथ न देने पर अमेरिका सख्त, ब्रिटेन को भी झटका मस्कट और मॉस्को की यात्रा ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद के बाद वह मस्कट और मॉस्को के दौरे पर भी जाएंगे. दूसरी तरफ, अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं. Embarking on timely tour of Islamabad, Muscat, and Moscow. Purpose of my visits is to closely coordinate with our partners on bilateral matters and consult on regional developments. Our neighbors are our priority. — Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 24, 2026 व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि इस पूरी बातचीत पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मार्को रूबियो और नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मिलकर वाशिंगटन से नजर रख रहे हैं. हालांकि ईरान ने अभी तक दूसरे दौर की बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों देशों की सक्रियता एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है. ये भी पढ़ें: इजरायल-ईरान में फिर छिड़ेगा युद्ध? रक्षा मंत्री बोले- अब बस अमेरिका की ‘हरी झंडी’ का इंतजार The post इस्लामाबाद पहुंची ईरानी टीम; कहा- अमेरिका से डायरेक्ट नहीं मिलेंगे, पाकिस्तान के जरिए रखेंगे अपनी शर्तें appeared first on Naya Vichar.

