Hot News

May 29, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ऋषभ पंत ने छोड़ी लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी, सीजन खत्म होने से पहले फ्रेंचाइजी ने किया ऐलान

Rishabh Pant: आईपीएल 2026 के खत्म होने से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने कप्तानी से हटने का फैसला किया है. जिसको तुरंत ही लखनऊ सुपर जायंट्स की फ्रेंचाइजी ने स्वीकार कर लिया है. 2025 सीजन से पहले ऋषभ पंत को लखनऊ ने कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी थी. महज दो सीजन में ही ऋषभ पंत ने खुद ही कप्तानी छोड़ दी. हाल में पंत को टेस्ट के उपकप्तानी से भी हटाया गया है. फ्रेंचाइजी ने किया ऋषभ पंत की कप्तानी छोड़ने का ऐलान ऋषभ पंत के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद LSG ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “ऋषभ ने इस अनुरोध के साथ फ्रेंचाइजी से संपर्क किया था और हमने सम्मानपूर्वक इसे स्वीकार कर लिया है. ऐसे फैसले लेना कभी भी आसान नहीं होता. हम उन सभी चीजों के लिए बेहद आभारी हैं जो ऋषभ बतौर कप्तान इस ड्रेसिंग रूम में लेकर आए.” Official announcement. pic.twitter.com/7WeOwpkDr6 — Lucknow Super Giants (@LucknowIPL) May 29, 2026 टीम के पुनर्निर्माण पर फोकस कप्तान के पद से पंत के हटने के बाद अब फ्रेंचाइजी का पूरा ध्यान टीम के भविष्य पर टिक गया है. बोर्ड ने अपने बयान में आगे कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान सामूहिक प्रयासों पर है, सर्वश्रेष्ठ मानकों तक पहुंचने के लिए टीम का नए सिरे से पुनर्निर्माण और पुनर्गठन करना.” 27 करोड़ में लखनऊ ने किया था शामिल 28 साल के ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2025 सीजन से पहले हुए मेगा ऑक्शन में 27 करोड़ रुपये में शामिल किया था. इसके साथ ही वो आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी भी बन गए. जिसके बाद पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली. दोनों ही सीजन में पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई. इस दौरान पंत का भी प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. 2025 में उन्होंने 13 पारियों में 269 और 2026 पारियों में 312 रन बनाए. यह भी पढ़ें: पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर का बड़ा दावा, इस रकम पर बिक सकते हैं वैभव सूर्यवंशी The post ऋषभ पंत ने छोड़ी लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी, सीजन खत्म होने से पहले फ्रेंचाइजी ने किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार 11वीं में एडमिशन के लिए 2nd मेरिट लिस्ट जारी, यहां करें चेक

Bihar 11th Admission 2026: बिहार में 11वीं में एडमिशन का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी समाचार सामने आई है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बीएसईबी ने इंटर एडमिशन 2026 के लिए दूसरी चयन सूची जारी कर दी है. जिन छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, वे अब ऑफिशियल वेबसाइट ofssbihar.net पर जाकर अपना चयन स्टेटस चेक कर सकते हैं. इस दूसरी मेरिट लिस्ट के जरिए राज्य के प्रशासनी और मान्यता प्राप्त प्लस टू स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा. जिन छात्रों का नाम सूची में आया है, उन्हें तय तारीख के अंदर अपने आवंटित स्कूल में एडमिशन लेना होगा. Bihar 11th Admission 2026: इस तारीख तक लेना होगा एडमिशन दूसरी चयन सूची में चुने गए छात्रों को 29 मई 2026 से 2 जून 2026 तक अपने आवंटित +2 स्कूल में नामांकन कराना होगा. अगर छात्र तय समय के अंदर एडमिशन नहीं लेते हैं, तो उनकी सीट रद्द हो सकती है. बोर्ड की तरफ से स्कूलों को भी निर्देश दिया गया है कि वे रोजाना एडमिशन अपडेट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें. इसकी आखिरी तारीख 3 जून 2026 तय की गई है. BSEB ने दी अपडेट विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/qGuylkjAOp#BSEB #BiharBoard #Bihar pic.twitter.com/srHofOaByz — Bihar School Examination Board (@officialbseb) May 29, 2026 ऐसे चेक करें दूसरी मेरिट लिस्ट सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ofssbihar.net पर जाएं. होमपेज पर Second Selection List 2026 लिंक पर क्लिक करें. अब अपना आवेदन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें. स्क्रीन पर आपका चयन स्टेटस खुल जाएगा. मेरिट लिस्ट डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें. हेल्पलाइन नंबर अगर छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी होती है, तो वे हेल्पलाइन नंबर 0612-2230009 या 0612-2230051 पर संपर्क कर सकते हैं. छात्र 29 मई 2026 से 2 जून 2026 तक OFSS पोर्टल पर जाकर अपने विकल्प अपडेट कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Google को पसंद आया बिहार का ये BTech कॉलेज, 19 स्टूडेंट्स को मिला प्री प्लेसमेंट ऑफर, देखें पूरी लिस्ट The post बिहार 11वीं में एडमिशन के लिए 2nd मेरिट लिस्ट जारी, यहां करें चेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

10 साल तक बदलने की जरूरत नहीं, ऐसी हैं ₹15 लाख से सस्ती ये 5 कारें

अगर आप नयी कार खरीदने के बाद उसे सिर्फ 3-4 साल नहीं बल्कि पूरे 10 साल तक इस्तेमाल करने का प्लान बना रहे हैं, तो केवल फीचर्स या लुक्स देखकर फैसला लेना समझदारी नहीं होगी. लंबे समय तक साथ निभाने वाली कार वही होती है, जिसकी इंजन टेक्नोलॉजी भरोसेमंद हो, सर्विस नेटवर्क मजबूत हो और मेंटेनेंस जेब पर भारी न पड़े. हिंदुस्तान में अब कई ऐसी एसयूवी और कारें मौजूद हैं, जो लंबे समय तक टिकाऊ साबित हो सकती हैं. खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर मॉडल्स 15 लाख रुपये के बजट के अंदर आते हैं और रोजमर्रा की ड्राइविंग से लेकर लॉन्ग टूर तक हर जरूरत पूरी करते हैं. Honda Elevate: सिंपल इंजन, लंबी उम्र का भरोसा अगर लंबे समय तक बिना ज्यादा टेंशन के कार चलानी है, तो Honda Elevate एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आती है. इसमें मिलने वाला 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड i-VTEC पेट्रोल इंजन पहले ही Honda City में अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुका है. यही वजह है कि यह एसयूवी उन लोगों को ज्यादा पसंद आ रही है जो कम मेंटेनेंस और स्मूद ड्राइविंग चाहते हैं. कार में 10.25 इंच टचस्क्रीन, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay जैसे फीचर्स मिलते हैं. हाई वेरिएंट्स में ADAS टेक्नोलॉजी भी दी गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें जरूरत से ज्यादा कॉम्प्लेक्स टेक्नोलॉजी नहीं है, जिससे लंबे समय तक परेशानी कम हो सकती है. Mahindra Thar: एडवेंचर पसंद लोगों के लिए दमदार ऑप्शन अगर आपकी जिंदगी में ट्रैवल और ऑफ-रोडिंग का बड़ा रोल है, तो Mahindra Thar लंबे समय के लिए बेहतरीन साथी साबित हो सकती है. इसका 2.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन काफी पावरफुल माना जाता है, जबकि डीजल इंजन भी मजबूत टॉर्क देता है. थार की सबसे बड़ी ताकत इसका रफ एंड टफ कैरेक्टर है. फोर-व्हील ड्राइव, हाई ग्राउंड क्लीयरेंस और लो-रेंज गियरबॉक्स इसे खराब रास्तों पर भी भरोसेमंद बनाते हैं. साथ ही इसमें टचस्क्रीन, क्रूज कंट्रोल और स्टीयरिंग कंट्रोल जैसे फीचर्स इसे डेली यूज के लिए भी आरामदायक बनाते हैं. Volkswagen Taigun: मजबूत बॉडी और शानदार ड्राइविंग Volkswagen Taigun उन लोगों के लिए शानदार ऑप्शन है जिन्हें ड्राइविंग का असली मजा चाहिए. इसकी 5-स्टार Global NCAP सेफ्टी रेटिंग इसे इस सेगमेंट की सबसे सुरक्षित एसयूवी में शामिल करती है. 1.0 लीटर TSI इंजन स्मूद परफॉर्मेंस देता है और हाईवे ड्राइविंग में काफी मजेदार महसूस होता है. जर्मन कारों की सबसे बड़ी खासियत उनकी मजबूत इंजीनियरिंग मानी जाती है. सही मेंटेनेंस मिलने पर Volkswagen की कारें कई साल तक शानदार हालत में चलती रहती हैं. डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वेंटिलेटेड सीट्स और बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम इसे मॉडर्न फील भी देते हैं. Kia Seltos: फीचर्स और भरोसे का कॉम्बिनेशन Kia Seltos पिछले कुछ सालों में हिंदुस्तान की सबसे लोकप्रिय एसयूवी में शामिल हो चुकी है. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका प्रीमियम केबिन और फीचर-लोडेड एक्सपीरियंस है. 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन लंबे समय के लिए भरोसेमंद माना जाता है और इसकी रिफाइनमेंट भी शानदार है. वेंटिलेटेड सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, 360 डिग्री कैमरा और ADAS जैसे फीचर्स इसे काफी प्रीमियम बनाते हैं. बाजार में इसकी अच्छी रीसेल वैल्यू भी देखने को मिलती है, जो लंबे समय की ओनरशिप में फायदा देती है. Maruti Suzuki Jimny: छोटी लेकिन बेहद टिकाऊ एसयूवी अगर आप ऐसी कार चाहते हैं जो सालों तक कम खर्च में साथ निभाए और एडवेंचर के लिए भी तैयार रहे, तो Maruti Suzuki Jimny शानदार चॉइस हो सकती है. इसका 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन सिंपल और भरोसेमंद माना जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी रिपेयर और सर्विसिंग का खर्च दूसरी ऑफ-रोड एसयूवी के मुकाबले काफी कम रहता है. लैडर-फ्रेम चेसिस और AllGrip Pro फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम इसे खराब रास्तों पर बेहद सक्षम बनाते हैं. दुनियाभर में Jimny की टिकाऊ इमेज पहले से ही काफी मजबूत रही है. 10 साल की ओनरशिप में क्या सबसे ज्यादा जरूरी? जब कार को लंबे समय तक रखने की बात आती है, तो केवल डिजाइन या फीचर्स नहीं बल्कि इंजन की विश्वसनीयता, सर्विस नेटवर्क और पार्ट्स की उपलब्धता ज्यादा मायने रखती है. यही वजह है कि Honda Elevate, Mahindra Thar, Volkswagen Taigun, Kia Seltos और Maruti Suzuki Jimny जैसी कारें लंबे समय की ओनरशिप के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं. यह भी पढ़ें: क्यों MG Majestor बन रही है Fortuner से बेहतर SUV? इन 5 पॉइंट्स में समझिए यह भी पढ़ें: Fortuner से Brezza तक, हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा रीसेल वैल्यू देने वाली 5 SUVs The post 10 साल तक बदलने की जरूरत नहीं, ऐसी हैं ₹15 लाख से सस्ती ये 5 कारें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

देश में शुद्ध FDI बढ़कर 7.7 अरब डॉलर पर पहुंचा, चालू खाता घाटे की भरपाई के लिए अब भी कम

RBI Annual Report : देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को लेकर एक बड़ी और मिली-जुली समाचार सामने आई है. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार (29 मई, 2026) को जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान हिंदुस्तान में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Net FDI) में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि, राहत की इस समाचार के साथ ही केंद्रीय बैंक ने सचेत किया है कि कुल पूंजी का यह प्रवाह देश के चालू खाता घाटे (CAD – Current Account Deficit) की पूरी तरह भरपाई करने के लिए नाकाफी (अपर्याप्त) रहा है, जिसके कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ा है. पिछले साल के मुकाबले भारी उछाल आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में विदेशी निवेश के मोर्चे पर महत्वपूर्ण सुधार हुआ है. शुद्ध एफडीआई (Net FDI): वित्त वर्ष 2025-26 में नेट एफडीआई प्रवाह 7.7 अरब डॉलर रहा. यह वित्त वर्ष 2024-25 के मात्र 1 अरब डॉलर के मुकाबले बहुत बड़ी छलांग है. (हालांकि, यह 2023-24 के 10.2 अरब डॉलर और 2022-23 के 28 अरब डॉलर से अभी भी कम है). सकल एफडीआई (Gross FDI): पिछले वित्त वर्ष में सकल विदेशी निवेश प्रवाह बढ़कर 94.5 अरब डॉलर हो गया, जो इससे पिछले साल 80.6 अरब डॉलर था. दुनिया में हिंदुस्तान का डंका: ‘एफडीआई मार्केट्स’ के आंकड़ों के मुताबिक, नई एफडीआई घोषणाओं (New FDI Announcements) के मामले में हिंदुस्तान दुनिया भर में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर रहा है, जो हिंदुस्तानीय बाजार पर वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दिखाता है. मुनाफा बाहर ले गए विदेशी निवेशक सकल एफडीआई में भारी बढ़ोतरी के बावजूद ‘नेट एफडीआई’ का आंकड़ा 7.7 अरब डॉलर पर सिमटने के पीछे दो मुख्य कारण रहे. मुनाफावसूली और निकासी: विदेशी निवेशकों द्वारा हिंदुस्तान से अपना मुनाफा देश से बाहर ले जाने और निवेश की गई राशि को निकालने (Outflow) की मात्रा बढ़कर 53.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई. हिंदुस्तानीय कंपनियों का विदेश में निवेश: इस दौरान हिंदुस्तानीय कंपनियों ने भी विदेशों में 33.3 अरब डॉलर का बड़ा निवेश किया. किन सेक्टर्स और देशों से आया सबसे ज्यादा पैसा? मुख्य बिंदु विवरण शीर्ष सेक्टर्स (Sectors) विदेशी निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा सेवा क्षेत्र (Service Sector) में आया, जिसके बाद विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) दूसरे स्थान पर रहा. प्रमुख देश (Countries) हिंदुस्तान में आने वाले कुल एफडीआई का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा सिंगापुर, अमेरिका, मॉरीशस, जापान, नीदरलैंड और यूएई (UAE) से आया. विदेशी मुद्रा भंडार और FPI पर पड़ा वैश्विक तनाव का असर आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में वैश्विक निवेश का माहौल काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसका सीधा असर देश के आर्थिक संतुलन पर दिखा. विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट: अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान शुद्ध पूंजी प्रवाह घटने और चालू खाता घाटे की भरपाई न हो पाने के कारण, भुगतान संतुलन (BoP) के आधार पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 30.8 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई. शेयर बाजार से भारी निकासी (FPI Outflow): विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का रुख पूरे साल बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा. पूरे वर्ष में विदेशी निवेशकों ने हिंदुस्तानीय बाजार से 16.5 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी (बिकवाली) की, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार) का था. मार्च 2026 में बड़ा झटका: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक शुरू हुए भू-नेतृत्वक संघर्ष के कारण अकेले मार्च 2026 के महीने में ही निवेशकों ने 13.1 अरब डॉलर बाजार से निकाल लिए. बॉन्ड मार्केट रहा सुरक्षित: इस अनिश्चितता के बीच अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले हिंदुस्तानीय डेट/बॉन्ड खंड (Bond Segment) में 2.1 अरब डॉलर का मामूली निवेश आया. Also Read : गिग वर्कर्स के लिए आ रही है सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स, 22 जून तक ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी  The post देश में शुद्ध FDI बढ़कर 7.7 अरब डॉलर पर पहुंचा, चालू खाता घाटे की भरपाई के लिए अब भी कम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पुणे में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या 12 हुई, एक गिरफ्तार

Pune liquor case : पुणे में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार पुणे और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के भीतर कई लोगों ने पेट में दर्द की शिकायत की, बाद में उनकी मौत हो गई. आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मेथनॉल मिली जहरीली शराब के पहलू से मामले की जांच शुरू कर दी है. देसी शराब की आपूर्ति करने वाला हिरासत में पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी इलाके और पुणे के हडपसर में बृहस्पतिवार को इन मौतों के संबंध में सूचनाएं मिलीं. आबकारी विभाग के अनुसार इन इलाकों में देसी शराब की आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है. उस व्यक्ति के खिलाफ दापोडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया कि मरने वालों को शराब के नशे की हिस्ट्री के साथ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनका पोस्टमॉर्टम हो गया है और बिसरा को फॉरेन्सिक लैब भेज दिया गया है. रात तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है. जांच के नतीजों के आधार पर, केस दर्ज कर लिया गया है. दोषियों को सख्त सजा मिलेगी. हमने पुणे शहर के इलाके में गैर-कानूनी शराब के खिलाफ 1000 रेड की हैं. हम अपनी तलाश और तेज कर रहे हैं. एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने दुकान में की तोड़फोड़ #WATCH | Pimpri Chinchwad, Maharashtra: Suspected illicit liquor kills several in Pune. Akhtar Shaikh, brother of Baba Shaikh, who died after consumption, says, “We thought that his constant drinking was causing him distress, so we took him to the hospital on the evening of May… pic.twitter.com/QjHr76fLmK — ANI (@ANI) May 29, 2026 जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित एनसीपी कार्यकर्ताओं ने उस दुकान में तोड़फोड़ की, जहां से गैर कानूनी शराब की बिक्री की जा रही थी. हडपसर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा इन लोगों ने पेट दर्द की शिकायत की थी. मौत की असली वजह का पता लगाया जा रहा है. राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानडे ने पीटीआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है. कानडे ने कहा हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जिसने फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह शराब की आपूर्ति की थी. उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है. शराब में कोई खतरनाक केमिकल मिक्स किया गया था बीजेपी के नेता शंकर जगताप ने कहा कि यह दुर्घटना बहुत भयानक है. हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. हमें पता चला है कि अबतक 10-12 लोगों की मौत हो चुकी है. इस शराब में कोई केमिकल मिलाया गया था, जो जानलेवा साबित हुआ. यह शराब उस इलाके में नहीं बनी थी, जहां इसका वितरण हुआ. अबतक इस मामले में छह लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है. ये भी पढ़ें : कर्नाटक सीएम का पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, शनिवार को विधायक दल की बैठक SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे The post पुणे में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या 12 हुई, एक गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्वालीफायर-2 में बारिश बनी विलेन, तो कौन खेलेगा IPL 2026 का फाइनल? जानिए पूरा नियम

GT vs RR: आईपीएल 2026 का दूसरा क्वालीफायर मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला 29 मई शुक्रवार को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी. लेकिन, अगर दूसरे क्वालीफायर में बारिश होती है और मैच संभव नहीं हो पाता है, तो इसका फायदा किसे मिलेगा. क्वालीफायर-2 में नहीं रखा गया रिजर्व-डे आईपीएल 2026 में होने वाले दूसरे क्वालीफायर के लिए रिजर्व-डे नहीं रखा गया है. अगर शुक्रवार को बारिश की वजह से मुकाबला नहीं होता है, तो नियमों के अनुसार विजेता की घोषणा कर दी जाएगी. ऐसी स्थिति में गुजरात टाइटंस की टीम फाइनल में पहुंच जाएगी. ग्रुप स्टेज में दूसरे पायदान पर थी गुजरात की टीम आईपीएल में नियमों के मुताबिक, अगर दूसरा क्वालीफायर मैच बारिश के करण रद्द होता है तो अंक तालिका में बेहतर पोजीशन पर रहने वाली टीम आगे बढ़ जाएगी. गुजरात की टीम ग्रुप स्टेड खत्म होने के बाद अंक तालिका में दूसरे स्थान पर थी. वहीं राजस्थान रॉयल्स ने ग्रुप स्टेज में चौथे स्थान पर रहते हुए प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया था. बारिश के कारण राजस्थान को होगा नुकसान मैच में अगर बारिश होती है, तो राजस्थान की टीम भारी नुकसान हो सकता है. ऐसे में राजस्थान की टीम बिना स्पोर्ट्से ही बाहर हो जाएगी. हालांकि, एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह से साफ रहने की उम्मीद है. मैच के दौरान बारिश नहीं होगी. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. एलिमिनेटर में राजस्थान ने हैदराबाद को हराया राजस्थान रॉयल्स ने एलिमिनेटर मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से हराया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 243 रन लगाए थे. राजस्थान की तरफ से वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रनों की आतिशी पारी स्पोर्ट्सी थी, जबकि ध्रुव जुरेल ने 21 गेंदों में 50 रन बनाए थे. हालांकि, 244 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की पूरी टीम 196 रन बनाकर सिमट गई थी. क्वालीफायर-1 में गुजरात को मिली करारी शिकस्त वहीं, गुजरात टाइटंस को पहले क्वालीफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 92 रनों की बड़ी हार झेलनी पड़ी थी. आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट गंवाकर 254 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जीटी की पूरी टीम 162 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी. यह भी पढ़ें: आज गुजरात से भिड़ेगा राजस्थान, बारिश बिगाड़ सकती है स्पोर्ट्स The post क्वालीफायर-2 में बारिश बनी विलेन, तो कौन स्पोर्ट्सेगा IPL 2026 का फाइनल? जानिए पूरा नियम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI रिमांड पर गिरिबाला और समर्थ सिंह, 2 जून तक एजेंसी करेगी पूछताछ

Twisha Sharma Death Case: भोपाल जिला कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और आरोपी समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. विशेष न्यायाधीश शोभना भालवे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दोनों आरोपियों से आगे पूछताछ के लिए हिरासत में रखने की अनुमति दी है. सीबीआई अब अपनी चल रही जांच के तहत गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से विस्तार से पूछताछ करेगी. शुक्रवार को एजेंसी ने अदालत से ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी थी, साथ ही समर्थ सिंह की रिमांड अवधि बढ़ाने का भी अनुरोध किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. गिरिबाला सिंह करे वकील ने नहीं जताई आपत्ति गिरिबाला सिंह की पांच दिनों की रिमांड पर उनके वकील ने अदालत में कहा कि उन्हें सीबीआई की रिमांड मांग पर कोई आपत्ति नहीं है. इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 2 जून तक सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इससे पहले गुरुवार (28 मई) को सीबीआई ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था. यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद हुई. हाई कोर्ट ने भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की ओर से 15 मई को दी गई राहत को खारिज कर दिया था. दिसंबर 2025 में हुई थी ट्विशा शर्मा की शादी उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी. 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनके पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. हिंदुस्तानीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज इस मामले में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. गिरिबाला सिंह पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज हत्या, धारा 85 के तहत स्त्री के साथ क्रूरता और धारा 3(5) के तहत समान उद्देश्य से किए गए सामूहिक अपराध के आरोप लगाए गए हैं. उन पर दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. Also Read: SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे The post ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI रिमांड पर गिरिबाला और समर्थ सिंह, 2 जून तक एजेंसी करेगी पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NEET UG पेपर लीक मामले में सरकार का पक्ष, पीएम मोदी खुद करेंगे निगरानी

Supreme Court on NEET UG 2026: नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद दर्दनाक स्थिति पैदा करता है. अदालत ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं और अगर परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठ जाए, तो यह युवाओं का भरोसा तोड़ने जैसा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि युवाओं को निराश नहीं किया जाना चाहिए और पूरे मामले में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है. प्रधानमंत्री खुद देख रहे हैं मामला सुनवाई के दौरान केंद्र प्रशासन की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रशासन छात्रों की चिंताओं को लेकर बेहद गंभीर है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी तरह की कमी न रह जाए. STORY | NEET paper leak: SC stresses accountability; govt says PM personally supervising situation The Supreme Court on Friday stressed accountability for the lapses in the NEET paper leak issue and said it was “actually very traumatic” not only for the students but for their… pic.twitter.com/8Uf0t1rGdg — Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026 एग्जाम फीस नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने एग्जाम फीस वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एजेंसी के अनुसार अब तक करीब 13 लाख उम्मीदवार अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर चुके हैं. एनटीए ने छात्रों को राहत देते हुए बैंक डिटेल अपडेट करने की आखिरी तारीख 22 जून 2026 तक बढ़ा दी है. जो छात्र अभी तक अपनी जानकारी नहीं दे पाए हैं, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. एजेंसी ने साफ कहा है कि एक बार बैंक खाता विवरण जमा करने के बाद उसमें बदलाव का मौका नहीं मिलेगा. 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा नीट यूजी 2026 परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया. अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. जिन छात्रों ने पहले फीस जमा की थी, उन्हें पूरा पैसा वापस किया जाएगा. यह भी पढ़ें: कम फीस, तगड़ा प्लेसमेंट और NIT का टैग, BTech के लिए बेस्ट है बिहार का ये कॉलेज The post NEET UG पेपर लीक मामले में प्रशासन का पक्ष, पीएम मोदी खुद करेंगे निगरानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई, जानिए NTA ने क्या कहा

Supreme Court NEET UG 2026: नीट यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. कोर्ट में NTA ने अपनी बात रखी. NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद एजेंसी ने परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर बदलाव और सुधार किए हैं. ये बदलाव स्ट्रक्चर और सेफ्टी को लेकर किए गए हैं. NTA ने कोर्ट में बताया अपना प्लान NTA ने अपने हलफनामे में कहा कि 17 अप्रैल 2026 को हुई High-Powered Steering Committee (HPSC) की बैठक में NEET-UG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई थी. समिति ने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद सेफ्टी और सुरक्षा के लिए प्लानिंग की है. National Testing Agency (NTA) has informed the Supreme Court that it has undertaken wide-ranging structural and security reforms following the NEET-UG 2026 paper leak controversy and the subsequent cancellation of the examination. The matter pertains to pleas filed by the… pic.twitter.com/4cYLZMZXut — ANI (@ANI) May 29, 2026 इनमें परीक्षा केंद्रों पर CCTV की अनिवार्य जांच, कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखना, मॉक ड्रिल आयोजित करना, मौसम से जुड़ी आपात योजना तैयार करना, पावर बैकअप सिस्टम की जांच, मेडिकल इमरजेंसी सुविधाएं और परीक्षा से पहले केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण शामिल था. CBT मोड में परीक्षा कराए जाने के संकेत मिले NTA ने ये भी सुझाव दिया कि परीक्षा के बाद CCTV फुटेज के जरिए फोरेंसिक विश्लेषण किया जाए. वहीं आगे आने वाले समय में NEET परीक्षा CBT मोड या पेन-पेपर मोड में कराई जानी चाहिए, इस पर भी विचार किया जा रहा है. एजेंसी ने यह भी कहा कि HLCE की कई सिफारिशों को लागू किया जा चुका है और कुछ लागू कराने के अंतिम फेज में है. NTA के पुनर्गठन के तहत 16 नए वरिष्ठ पद बनाए गए हैं, जिनमें Director और Joint Director स्तर के पद शामिल हैं. इसके अलावा दो Joint Secretary स्तर के अधिकारियों को Additional Director General नियुक्त किया गया है, जो तकनीकी संचालन और परीक्षा सुरक्षा की निगरानी करेंगे. मार्च 2026 में एक Secretary स्तर के अधिकारी को NTA का Director General भी नियुक्त किया गया. KVS और IGNOU के एक्सपर्ट से ली जाएगी मदद NTA ने बताया कि परीक्षा प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए IITs, UGC, CBSE, KVS और IGNOU जैसे संस्थानों के एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है. परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन के लिए देशभर में State-Level Coordination Committees (SLCCs) और District-Level Coordination Committees (DLCCs) का गठन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने की थी NTA पर टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह दुखद है कि NTA अब तक पिछले मामलों से कोई सबक नहीं सीख पाया है. कोर्ट ने केंद्र प्रशासन और NTA से जवाब भी मांगा है. 21 जून को होगी नीट यूजी री-एग्जाम NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी. वहीं अब री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. वहीं अब नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. स्टूडेंट्स की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है. समाचार अपडेट हो रही है… यह भी पढ़ें- OSM विवाद के बीच आज से री-इवैल्यूएशन शुरू, CBSE के 4 लाख छात्रों ने मांगी 11 लाख कॉपियां The post नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई, जानिए NTA ने क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कर्नाटक सीएम का पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, शनिवार को विधायक दल की बैठक

Siddaramaiah : कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया शुक्रवार को कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचे और वहां राहुल गांधी से मुलाकात की. यह मुलाकात बहुत खास रही, क्योंकि दोनों ने एक दूसरे को बहुत ही गर्मजोशी से गले लगाया और प्रदेश की नेतृत्व पर चर्चा की. सिद्धारमैया का इस्तीफा प्रदेश के राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है. डीके शिवकुमार बनेंगे मुख्यमंत्री कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई. सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर पद से इस्तीफा दिया है. ऐसी संभावना है कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे. राहुल गांधी और सिद्धारमैया की मुलाकात के दौरान कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे. इस मौके पर इन नेताओं ने कई गंभीर मुद्दों पर बातचीत की, जिनमें वर्तमान कैबिनेट में बदल ाव, राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की. Shri @siddaramaiah meets LoP Shri @RahulGandhi today. 📍 New Delhi pic.twitter.com/Mn9UDC9lBG — Congress (@INCIndia) May 29, 2026 सतीश जारकीहोली बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री रह चुके सतीश जारकीहोली के बारे में यह कहा जा रहा है कि वे कर्नाटक के नये मंत्रिमंडल में चार उपमुख्यमंत्रियों में से एक हो सकते हैं. एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली के कार्यालय के बाहर लगे नेमप्लेट को कागज से ढंक दिए जाने और उनकी आधिकारिक गाड़ी पर कर्नाटक प्रशासन का कोई चिन्ह नहीं मिलने के बाद नेतृत्वक अटकलें तेज हो गईं. चर्चा यह भी है कि उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.बेलगावी में जारकीहोली के समर्थकों ने वरिष्ठ नेता को महत्वपूर्ण पद मिलने की कामना करते हुए विशेष प्रार्थनाएं कीं. शनिवार को होगी विधायक दल की बैठक कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बीच नये नेता का चयन करने के लिए कर्नाटक विधायक दल की बैठक शनिवार शाम 4 बजे से होगी. इस संबंध में विधायक दल के सचिव अल्लामप्रभु ने एक पत्र जारी किया है. यह बैठक विधान सभा के तीसरे फ्लोर पर होगी. बैठक की अध्यक्षता सिद्धारमैया करेंगे. सिद्धारमैया ने बृहस्पतिवार को दिया इस्तीफा सिद्धारमैया ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और इस मौके पर उन्होंने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस भी किया. सिद्धारमैया ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में कांग्रेस की लीडरशिप और जनता को धन्यवाद दिया. सिद्धारमैया ने कहा कि मैं एक राजनेता हूं और यह मानता हूं हमारा संविधान ही हमारा धर्म है. उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि मैं कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर इस्तीफा दे रहा हूं. मुझे उम्मीद है कि गवर्नर इसे स्वीकार कर लेंगे. इस मौके उन्होंने जनता को भगवान बताया और सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे के प्रति आभार प्रकट किया. सिद्धारमैया का इस्तीफा उनके आवास पर हुई एक हाई लेबल मीटिंग के बाद हुआ. इस मीटिंग में डीके शिवकुमार उनके प्रति सम्मान जताते हुए दिखे थे. ये भी पढ़ें : SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई, जानिए NTA ने क्या कहा The post कर्नाटक सीएम का पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, शनिवार को विधायक दल की बैठक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top