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May 29, 2026

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किस्त अटक न जाए! घर बैठे ऐसे फटाफट पूरी करें PM-Kisan eKYC

PM Kisan eKYC: हिंदुस्तान प्रशासन की सबसे बड़ी किसान कल्याण योजनाओं में से एक, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) के तहत देश के करोड़ों किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT के माध्यम से) में ट्रांसफर होती है. योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रशासन ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (eKYC) करवाना अनिवार्य कर दिया है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपकी अगली किस्त अटक सकती है.  पीएम-किसान ई-केवाईसी क्या है और यह क्यों जरूरी है? पीएम-किसान ई-केवाईसी एक डिजिटल वेरिफिकेशन (सत्यापन) प्रक्रिया है जो आधार कार्ड के जरिए होती है.  इसका मुख्य उद्देश्य केवल असली और जरूरतमंद किसानों तक ही योजना का लाभ पहुंचाना है.  ई-केवाईसी करवाने से कई फायदे होते हैं: फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराने वालों की छंटनी होती है.  किस्त की रकम सीधे और बिना किसी देरी के सही खाते में पहुंचती है.  किसान के रिकॉर्ड का प्रशासनी डेटाबेस से सही मिलान हो जाता है.  ई-केवाईसी पूरी करने के 3 आसान तरीके कौन से हैं? किसान अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दिए गए तीन तरीकों में से किसी भी एक तरीके से ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं: 1. घर बैठे मोबाइल से (OTP आधारित) पीएम-किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाएं.  ‘Farmers Corner’ सेक्शन में eKYC के विकल्प पर क्लिक करें.  अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को भरकर सबमिट करें.  2. फेस ऑथेंटिकेशन से गूगल प्ले स्टोर से ‘PM-KISAN Mobile App’ और ‘Aadhaar Face RD App’ डाउनलोड करें. अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ऐप में लॉग इन करें. बेनेफिशियरी स्टेटस पेज पर जाएं. यदि ई-केवाईसी स्टेटस ‘No’ है, तो ई-केवाईसी पर क्लिक करें. अपना आधार नंबर डालें और कैमरे के सामने अपना चेहरा स्कैन करके सहमति दें. 3. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर यदि आपके आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या ओटीपी आने में समस्या हो रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र (SSK) जाएं. वहां संचालक बायोमेट्रिक के जरिए आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर देगा.  स्टेटस कैसे चेक करें कि ई-केवाईसी हुई या नहीं? अपनी ई-केवाईसी का स्टेटस चेक करने के लिए प्रक्रिया पूरी होने के 24 घंटे बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें: पीएम-किसान पोर्टल पर जाकर Beneficiary Status पर क्लिक करें.  अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और ‘Get Data’ पर क्लिक करें.  स्क्रीन पर आपके ई-केवाईसी की स्थिति (Yes या No) और पेमेंट की पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी.  जरूरी डॉक्युमेंट्स: ई-केवाईसी शुरू करने से पहले अपना वैध आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और पीएम-किसान रजिस्ट्रेशन नंबर अपने पास संभाल कर जरूर रखें.  ये भी पढ़ें: PM Kisan : किसानों के लिए बड़ी चेतावनी: 31 मई तक ‘फार्मर रजिस्ट्री’ नहीं कराई तो रुक जाएगी पीएम किसान सम्मान निधि; जानिए पूरी प्रक्रिया The post किस्त अटक न जाए! घर बैठे ऐसे फटाफट पूरी करें PM-Kisan eKYC appeared first on Naya Vichar.

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घर के बाहर यह नाम लिखना माना जाता है बेहद शुभ, खिंची चली आती है समृद्धि और बढ़ता है सौभाग्य

Auspicious House Names: हमारी संस्कृति में घर का नाम सिर्फ पहचान तक के लिए सीमित होकर नहीं रह जाता है, बल्कि अक्सर इसे पॉजिटिव एनर्जी, अच्छी किस्मत और समृद्धि से जोड़कर ज्यादा देखा जाता है. मान्यताओं के अनुसार अगर आपके घर का नाम शुभ अर्थ वाला हो, तो इस घर में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशियां, शांति और तरक्की हर कदम पर बनी रहती है. यह एक बड़ी वजह है कि लोग अपने घर के लिए नाम रखने से पहले इसके बारे में काफी ज्यादा सोच-विचार कर लेते हैं. अगर आप भी अपने घर के लिए एक बेहद ही लोकप्रिय और शुभ नाम की तलाश में हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की हो सकती है. आज हम आपको 5 ऐसे नामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें हमेशा से ही पॉजिटिव एनर्जी और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता रहा है. तो चलिए इन नामों और इनके अर्थों के बारे में विस्तार से जानते हैं. घर का नाम रखें शांति निवास आप अगर चाहें तो अपने घर का नाम शांति निवास रख सकते हैं. इस नाम का सिंपल सा अर्थ होता है शांति से भरा हुआ घर. इस नाम को बहुत ही ज्यादा सुकून देने वाले नाम के तौर पर भी जाना जाता है. मान्यताओं के अनुसार जब आप अपने घर का नाम शांति निवास रखते हैं, तो आपके घर का माहौल शांत रहने लगता है और साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े और बहस होने भी कम हो जाते हैं. इस घर में जो भी लोग रहते हैं वे मेंटली ज्यादा स्टेबल और रिलैक्स्ड फील करते हैं. यह छोटा सा नाम आपके घर में एक शांत और बैलेंस्ड माहौल बनाने का संकेत देता है. धन और सुख-समृद्धि के लिए लक्ष्मी निवास अगर आपको यह समझ में नहीं आ रहा है कि आपको अपने घर का नाम क्या रखना चाहिए, तो ऐसे में आपको अपने घर का नाम लक्ष्मी निवास रखना चाहिए. इस नाम का अर्थ होता है मां लक्ष्मी का घर. मां लक्ष्मी को हमेशा से ही पैसों और सुख-समृद्धि की देवी के रूप में देखा जाता रहा है. यह एक बड़ी वजह है कि इस नाम को बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार अगर आप अपने घर का नाम लक्ष्मी निवास रखते हैं, तो आपके घर में फिनांशियल कंडीशंस बेहतर होती हैं और साथ ही आपको कभी भी पैसों की कमी से गुजरना नहीं पड़ता है. इस नाम को समृद्धि, अच्छी किस्मत और जीवन में मिलने वाले अच्छे अवसरों का भी प्रतीक माना गया है. घर को खुशियों से भरने के लिए आनंद भवन आनंद भवन नाम का अर्थ होता है खुशियों और प्रसन्नताओं से भरा हुआ एक घर. अगर आपके घर पर रहने वाले सभी लोग एक पॉजिटिव थिंकिंग रखते हैं तो ऐसे में आपको अपने घर के लिए इस नाम को चुनना चाहिए. इस घर में रहने वाले लोग छोटी से छोटी बातों में खुशियां ढूंढ निकालते हैं और इसकी वजह से घर का माहौल हमेशा ही हल्का और खुशनुमा बना हुआ रहता है. यह छोटा सा नाम आपके मेंटल स्ट्रेस को कम करने में और परिवार के सदस्यों के बीच खुशियों को बढ़ाने का संकेत देता है. सुख और आराम का घर सुख सदन सुख सदन नाम का बहुत ही सिंपल अर्थ होता है सुख और आराम का घर. यह नाम एक इस तरह के घर की तरफ इशारा करता है जहां पर हमेशा शांति, अपनापन और आपसी अंडरस्टैंडिंग होती है. मान्यताओं के अनुसार जब आप इस नाम के घर में रहते हैं तो परिवार में सभी मेंबर्स के बीच रिश्ते मजबूत होने लग जाते हैं. इसके अलावा परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ रिश्तों को भी अच्छे से निभाते हैं. यह नाम आपके जीवन को आसान, बैलेंस्ड और खुशहाल बनाने की भावना को दर्शाता है. उन्नति और विकास के लिए समृद्धि धाम समृद्धि धाम नाम का अर्थ होता है उन्नति और विकास का स्थान. इस नाम को उन घरों के लिए काफी अच्छा माना जाता है है जहां रहने वाले लोग हमेशा ही आगे बढ़ने और सफल होने की इच्छा अपने अंदर रखते हैं. मान्यताओं के अनुसार जब आप अपने घर का नाम समृद्धि धाम रखते हैं तो आपको जीवन में नए मौके मिलने लगते हैं, आपकी तरक्की होती है और साथ ही जीवन में कई तरह के पॉजिटिव बदलाव भी होते हैं. यह नाम परिवार के सभी मेंबर्स को उनकी इच्छाओं को पूरी करने के लिए मोटिवेट करता है. ये भी पढ़ें: सूर्यास्त के बाद इन 5 कामों को करना माना जाता है अशुभ, नहीं सुधरे तो दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी The post घर के बाहर यह नाम लिखना माना जाता है बेहद शुभ, खिंची चली आती है समृद्धि और बढ़ता है सौभाग्य appeared first on Naya Vichar.

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Maatrubhumi: सुभाष घई ने सलमान खान की मातृभूमि का किया रिव्यू, बोले- मस्ट वॉच फिल्म

Maatrubhumi: सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ इन-दिनों ट्रेंड में है. मोस्ट अवेटेड मूवी की शूटिंग फिलहाल जारी है. इसी बीच दिग्गज फिल्म निर्माता सुभाष घई ने मुंबई में सलमान खान, कबीर खान, सूरज बड़जात्या, चित्रांगदा सिंह, सिद्धार्थ रॉय कपूर, रितेश देशमुख और डेविड धवन के साथ ‘मातृभूमि’ का रफ कट देखा और अपना रिव्यू शेयर किया. सुभाष घई ने सलमान खान की मातृभूमि का किया रिव्यू अपूर्वा लाखिया की ओर से निर्देशित ‘मातृभूमि’ का रफ कट देखने के बाद, सुभाष घई ने एक्स पर लिखा, “आज फूड स्क्वायर में अपने पसंदीदा निर्देशकों को एक साथ देखना बेहद खूबसूरत था. हमने अपूर्वा लखिया की ‘मातृभूमि’ का रफ कट देखा, जिसमें सलमान खान मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म हिंदुस्तान-चीन के सैनिकों की एक इमोशनल कहानी पर आधारित है, जिसमें उनका राष्ट्र और परिवार के प्रति प्रेम को दर्शाया गया है. यह फिल्म एक मस्ट वॉच है.” सलमान खान ने फिल्म की शूटिंग में आई चुनौतियों पर की थी बात इससे पहले, पीटीआई से बात करते हुए सलमान खान ने फिल्म की शूटिंग में आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया था. उन्होंने कहा, “बेशक, यह फिल्म हर साल, हर महीने, हर दिन और हर घंटे शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है. अब मुझे शूट के लिए ज्यादा समय देना पड़ता है. पहले मैं यह सब एक या दो हफ्ते में पूरा कर लेता था. अब ज्यादा टाइम लगता है. मैं दौड़ता हूं, एक्सरसाइज करता हूं, बॉक्सिंग मारता हूं. इस फिल्म में इन सब चीजों की जरूरत है.” मातृभूमि के बारे में सलमान खान ने जब फिल्म का फर्स्ट लुक शेयर किया था, तबसे फैंस मातृभूमि देखने के लिए सुपरएक्साइटेड थे. मेकर्स ने सोशल मीडिया पर ‘मैं हूं’ गाने का रीमेक वर्जन रिलीज किया. इस ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो में चित्रांगदा सिंह और सलमान खान काफी बेहतरीन लग रहे हैं. अपूर्वा लखिया की ओर से निर्देशित फिल्म में मुकेश ऋषि, अंकुर भाटिया, जैयन शॉ, अभिश्री सेन जैसे स्टार्स अहम भूमिकाओं में हैं. यह भी पढ़ें- शाहरुख खान से लेकर आलिया भट्ट तक, करण जौहर ने क्यों किया सबको अनफॉलो? खुद बताई वजह The post Maatrubhumi: सुभाष घई ने सलमान खान की मातृभूमि का किया रिव्यू, बोले- मस्ट वॉच फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, सरकार ने 77 स्टार्टअप्स को दिया बड़ा सपोर्ट, 26 को मिली पहली किस्त

Bihar News: (अनुराग प्रधान) बिहार में स्टार्टअप कल्चर को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है. राज्य प्रशासन की ‘स्टार्टअप बिहार’ पहल के तहत 77 स्टार्टअप्स को कुल 4.41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की अनुशंसा की गई है. इससे राज्य में नवाचार, रोजगार और उद्यमिता को नया बल मिलने की उम्मीद है. पटना में हुआ पिचिंग राउंड 20 से 25 मई के बीच विकास भवन, पटना में पर्सनल इंटरैक्शन मीटिंग यानी पिचिंग राउंड आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने आइडिया और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए. उद्योग विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद 77 स्टार्टअप्स को अलग-अलग वित्तीय सहायता योजनाओं के लिए चुना गया. 26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त की मंजूरी रिपोर्ट के मुताबिक 26 स्टार्टअप्स को पहली किस्त के रूप में चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की अनुशंसा की गई है. वहीं 46 स्टार्टअप्स को दूसरी किस्त के तहत छह-छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. चार स्टार्टअप्स को मिलेगा पोस्ट-सीड फंड राज्य प्रशासन ने चार स्टार्टअप्स को पोस्ट-सीड फंड सपोर्ट योजना के तहत चुना है. इन स्टार्टअप्स को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा एक स्टार्टअप को पेटेंट के लिए आईपीआर यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स प्रतिपूर्ति का लाभ देने की भी अनुशंसा की गई है. सिर्फ फंड नहीं, पूरा सपोर्ट सिस्टम स्टार्टअप बिहार के तहत उद्यमियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी जा रही है. प्रशासन की ओर से मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, आधारभूत सुविधाएं और इनोवेशन आधारित इकोसिस्टम का भी समर्थन दिया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है. बिहार बन रहा उभरता स्टार्टअप हब पिछले कुछ वर्षों में बिहार में स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ी है. निवेशकों की रुचि भी राज्य की ओर तेजी से बढ़ रही है. उद्योग विभाग का मानना है कि मजबूत नीतियों, संस्थागत सहयोग और युवाओं की भागीदारी की वजह से बिहार अब देश के उभरते स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. ‘बिहार है तैयार’ अभियान को मिल रही मजबूती राज्य प्रशासन ‘बिहार है तैयार’ अभियान के तहत उद्योग, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में बिहार स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा. Also Read: बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी पुलों पर नजर, इजराइल के विशेषज्ञों से हो रही बात, जानिए सम्राट प्रशासन का प्लान The post बिहार में युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, प्रशासन ने 77 स्टार्टअप्स को दिया बड़ा सपोर्ट, 26 को मिली पहली किस्त appeared first on Naya Vichar.

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आ गई Toyota की पहली इलेक्ट्रिक SUV, एक बार चार्ज करने पर चलेगी 543Km

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती डिमांड के बीच Toyota Kirloskar Motor ने भी अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक SUV Toyota Urban Cruiser Ebella लॉन्च कर दी है. दमदार डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स और लंबी ड्राइविंग रेंज के साथ आई यह नई EV सीधे मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट को टक्कर देने के लिए तैयार है. कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक SUV शानदार परफॉर्मेंस के साथ-साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन ऑफर करेगी. इस इलेक्ट्रिक SUV की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 23.60 लाख रुपये रखी गई है. दमदार डिजाइन और प्रीमियम लुक नई Toyota Urban Cruiser Ebella का डिजाइन काफी हद तक Maruti Suzuki e Vitara से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें Toyota की खास डिजाइन लैंग्वेज देखने को मिलती है. SUV के फ्रंट में नया और आकर्षक डिजाइन दिया गया है, जो कंपनी के ग्लोबल मॉडल्स जैसा फील देता है. इसमें मस्कुलर बोनट, शार्प कैरेक्टर लाइन्स और एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसे स्पोर्टी लुक देते हैं. SUV का व्हीलबेस 2700mm है, जबकि इसकी लंबाई 4,285mm, चौड़ाई करीब 1,800mm और ऊंचाई लगभग 1,640mm है. मिलेंगे कई शानदार कलर ऑप्शन कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक SUV को कई शानदार कलर्स में पेश किया है, जिनमें Cafe White, Bluish Black, Gaming Grey, Sportin Red और Enticing Silver शामिल हैं. इसके अलावा डुअल-टोन कलर ऑप्शन भी दिए गए हैं, जिनमें ब्लैक रूफ के साथ कई प्रीमियम शेड्स मिलते हैं. फीचर्स से भरपूर केबिन Toyota Urban Cruiser Ebella का इंटीरियर प्रीमियम फील देने के लिए ब्लैक और ब्राउन डुअल-टोन थीम में तैयार किया गया है. केबिन का लेआउट मॉडर्न और काफी क्लीन नजर आता है, जबकि डैशबोर्ड डिजाइन में e-Vitara की झलक देखने को मिलती है. फीचर्स की बात करें, तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जिंग, JBL साउंड सिस्टम, एम्बिएंट लाइटिंग, एयर प्यूरीफायर, क्लाइमेट कंट्रोल और डायल-टाइप गियर शिफ्ट नॉब जैसे कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. सेफ्टी में भी नहीं कोई कमी सुरक्षा के लिहाज से भी कंपनी ने इस SUV को काफी मजबूत बनाया है. इसमें 7 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा और Level 2 ADAS जैसे एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं. बैटरी और रेंज Toyota Urban Cruiser Ebella को दो बैटरी 49kWh और 61kWh ऑप्शन के साथ पेश किया गया है. बड़े 61kWh बैटरी पैक वाले वेरिएंट में 171.6hp की इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है, जो 189Nm टॉर्क जेनरेट करती है. वहीं 49kWh बैटरी वर्जन में 106hp की मोटर दी गई है. कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक SUV एक बार चार्ज करने पर 543 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है. इसमें 2WD और AWD दोनों ड्राइवट्रेन ऑप्शन मिलते हैं. साथ ही LFP बैटरी AC और DC दोनों तरह की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. यह भी पढ़ें: क्यों MG Majestor बन रही है Fortuner से बेहतर SUV? इन 5 पॉइंट्स में समझिए The post आ गई Toyota की पहली इलेक्ट्रिक SUV, एक बार चार्ज करने पर चलेगी 543Km appeared first on Naya Vichar.

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SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के लिए अच्छी समाचार आई है. शीर्ष न्यायालय ने पोक्सो (POCSO) एक्ट के एक मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को यह जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से दी गई थी. अग्रिम जमानत को रद्द करने की अपील खारिज जस्टिस एमएम सुंदरेश और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाई कोर्ट से मिले अग्रिम जमानत के फैसले को चुनौती दी गई थी. बेंच ने कहा कि माफ कीजिए, हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे. 25 मार्च को दी गई थी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 मार्च को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दी थी. कोर्ट ने प्रथम सूचनाकर्ता और दोनों आरोपियों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य को इस मामले में मीडिया के सामने कोई बयान देने से रोक दिया था. कोर्ट ने दोनों को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया था. यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है, जो पॉक्सो अदालत के निर्देश पर दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कई बटुकों (युवा शिष्यों) का यौन शोषण किया. ये भी पढ़ें : आरबीआइ का लाभांश एक राहत भर है The post SC ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दिए गए अग्रिम जमानत पर कहा-माफ कीजिए, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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दुमका में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर सियासत तेज

दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट  Dumka News: झारखंड के दुमका जिले के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन ने अस्पताल का नाम “गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल” किए जाने पर विरोध जताया है. चंपाई सोरेन ने इसे संताल हूल के इतिहास और आदिवासी वीरांगनाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है. चंपाई सोरेन ने बताया  चंपाई सोरेन ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने अस्पताल निर्माण करा रही लार्सन एंड टर्बो कंपनी के प्लानिंग मैनेजर और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल से भी बात की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नाम में सुधार नहीं किया गया, तो 30 जून को हूल दिवस के मौके पर संताल परगना के माझी हाड़ाम और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों का बड़ा जुटान यहीं होगा. अस्पताल के नाम में “मुर्मू” जोड़ने की उठी मांग  पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि अस्पताल के नाम में “मुर्मू” शब्द भी जोड़ा जाए, जिससे फूलो-झानो मुर्मू की ऐतिहासिक पहचान कायम रहे. साथ ही उन्होंने दिग्घी इलाके में प्रस्तावित बस टर्मिनल का नाम चांद-भैरव के नाम पर रखने की भी मांग उठाई. चंपाई सोरेन के इस बयान के बाद अब फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर नेतृत्वक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है.  यह भी पढ़ें: गिरिडीह के सरिता देवी को CM के निर्देश पर मिली मदद, प्रशासन उठाएगा बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा यह भी पढ़ें:धनबाद: सिनीडीह में मकानों में दरार पड़ने से दहशत, परिवारों ने खाली किया घर The post दुमका में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाम को लेकर सियासत तेज appeared first on Naya Vichar.

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फैसले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्ट्स को तीन महीने की सीमा तय

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाई कोर्ट्स को निर्देश दिया है कि फैसला सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर उसे सुनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसलों में देरी से लोगों को बड़ा नुकसान होता है. अदालत ने यह भी कहा कि जमानत मामलों में आदेश उसी दिन सुनाया जाए और अगर फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो अगले दिन तक अपलोड कर दिया जाए. कोर्ट ने निर्देश दिए कि जमानत या सजा निलंबन का आदेश तुरंत जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि आरोपी या कैदी को उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा अगले दिन रिहा किया जा सके. STORY | SC directs HCs to pronounce judgement within 3 months of reserving order Observing that delay causes irreparable loss to litigants, the Supreme Court on Friday directed high courts across the country to pronounce judgements within three months from the date of reserving… pic.twitter.com/F0Jwbcn1n5 — Press Trust of India (@PTI_News) May 29, 2026 हिंदुस्तान के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में जल्द फैसले करने की जरूरत होती है. पीठ ने कहा कि जमानत याचिकाओं पर आदेश उसी दिन सुनाया जाना चाहिए और यदि आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अगले दिन सुनाया और अपलोड किया जाना चाहिए. The post फैसले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई कोर्ट्स को तीन महीने की सीमा तय appeared first on Naya Vichar.

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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करना होता है शुभ?

Purnima 2026: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है, लेकिन जब यह पूर्णिमा ज्येष्ठ मास और वह भी अधिक मास में पड़े, तो इसका महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है. अधिक मास की पूर्णिमा को ‘पुरुषोत्तम पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के इस महासंयोग पर किन चीजों का दान करना सबसे शुभ माना गया है. ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान ज्येष्ठ महीने में भीषण गर्मी पड़ती है. ऐसे में प्यासे को पानी पिलाना बहुत पुण्यदायक माना जाता है. पूर्णिमा के दिन मिट्टी के घड़े में पानी भरकर दान करना या राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और कुंडली का चंद्र दोष शांत होता है. इस दिन अन्न दान करना बेहद शुभ माना गया है. हिंदू धर्म में अन्नदान को महादान कहा गया है. गरीबों और जरूरतमंदों को चावल, गेहूं, दाल समेत अन्य खाद्य सामग्री का दान करना चाहिए. कहते हैं कि इससे घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहता है. ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का दान करना भी बहुत उत्तम माना गया है. इस दिन धूप और गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ का पंखा या छाता दान करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं. चूंकि पूर्णिमा के दिन चंद्र देव अपनी पूर्ण कलाओं में होते हैं, इसलिए इस दिन दूध, दही, चावल, चीनी या चांदी का दान करने से मानसिक शांति मिलती है और आर्थिक तंगी दूर होती है. विवाहित स्त्रीओं को इस दिन सुहाग का सामान, जैसे चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी आदि का दान करना चाहिए. माना जाता है कि इससे सौभाग्य बढ़ता है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर क्या दान करना होता है शुभ? appeared first on Naya Vichar.

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AI से नौकरियां खत्म होने की बात से पीछे हटे Sam Altman, 2.5 लाख लोगों की नौकरी जाने के बाद बदला सुर

हिंदुस्तान में पिछले डेढ़ साल से एआई को लेकर सबसे बड़ा डर यही था कि यह इंसानों की नौकरियां खा जाएगा.ओपनएआई के सीईओ सैमऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के दारियोअमोदेई जैसे बड़े टेक लीडर्स लगातार चेतावनी दे रहे थे कि आने वाले समय में व्हाइट-कॉलर जॉब्स तेजी से खत्म होंगी. कंपनियों ने भी इन बयानों को गंभीरता से लिया और बड़े स्तर पर छंटनी शुरू हो गई. लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है. वही टेक दिग्गज, जो कभी एआई को नौकरी खत्म करने वाली मशीन बता रहे थे, अब कह रहे हैं कि इंसान और एआई साथ मिलकर काम करेंगे. यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में 2.5 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. एआई से जॉब खत्म होने की भविष्यवाणी अब बदल रही 2025 में सैमऑल्टमैन ने कई बार कहा था कि एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर जॉब्स सबसे पहले खत्म होंगी. इससे टेक इंडस्ट्री में डर का माहौल बन गया था. कंपनियों ने लागत कम करने और एआई पर ज्यादा फोकस करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटानी शुरू कर दी. लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया में हुए एक कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल्टमैन ने माना कि उनकी शुरुआती सोच पूरी तरह सही नहीं थी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि एआई अब तक बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनके मुताबिक इंसानी बातचीत, अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता अब भी बेहद जरूरी है. उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने इस मामले में स्थिति को गलत समझा था. कंपनियों ने एआई के भरोसे की बड़ी कीमत चुकाई एआई को लेकर किये गए बड़े-बड़े दावों का असर सीधे टेक इंडस्ट्री पर पड़ा. कई कंपनियों ने यह मान लिया कि एआई इंसानी कर्मचारियों की जगह ले सकता है. इसी सोच के चलते Meta, Amazon और Snap जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की.रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 के शुरुआती महीनों तक 1.15 लाख से ज्यादा टेक कर्मचारी नौकरी खो चुके हैं. कई कंपनियों ने अपनी छंटनी के पीछे एआई री-स्ट्रक्चरिंग को मुख्य वजह बताया. यही कारण है कि अब जब टेक लीडर्स अपने पुराने बयान बदल रहे हैं, तो लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस डर का फायदा किसे मिला. एआई इंसानों से सस्ता नहीं, कई मामलों में ज्यादा महंगा शुरुआत में यह माना जा रहा था कि एआई कंपनियों का खर्च कम करेगा. लेकिन अब कई रिपोर्ट्स बता रही हैं कि बड़े स्तर पर एआई सिस्टम चलाना बेहद महंगा साबित हो रहा है. हाई-कम्प्यूटिंग कॉस्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार ट्रेनिंग की जरूरत इसे आसान विकल्प नहीं बनने दे रही. एंथ्रोपिक के सीईओ दारियोअमोदेई भी अब अपने सुर बदलते नजर आ रहे हैं. पहले वह कहते थे कि आने वाले पांच साल में आधी एंट्री-लेवल नौकरियां खत्म हो सकती हैं. अब उनका कहना है कि इंसान अगर किसी काम का सिर्फ 5 प्रतिशत हिस्सा भी संभालता है, तो एआई बाकी 95 प्रतिशत को बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है. यानी फोकस अब रिप्लेसमेंट से ज्यादा कोलैबोरेशन पर है. सोशल मीडिया पर टेक दिग्गजों को घेरा जा रहा सैमऑल्टमैन के हालिया बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई. कई यूजर्स ने कहा कि पहले एआई को लेकर डर फैलाया गया और अब उसी बयान से पीछे हटने की कोशिश हो रही है.डेवलपर्स और टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई को लेकर लगातार बदलते बयान इंडस्ट्री और कर्मचारियों दोनों को भ्रमित कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि 2024 और 2025 में एआई को लेकर फैलाए गए डर ने कंपनियों को कर्मचारियों की कटौती के लिए प्रेरित किया. अब जब एआई उतना सस्ता और आसान विकल्प नहीं दिख रहा, तो कहानी बदली जा रही है. भविष्य में इंसान और एआई साथ काम करेंगे? फिलहाल इतना साफ है कि एआई पूरी तरह इंसानों की जगह लेने की स्थिति में नहीं पहुंचा है. कंपनियां अब ऐसे मॉडल पर काम कर रही हैं, जहां एआई कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाए, न कि उन्हें पूरी तरह हटाए. हालांकि नौकरी को लेकर असुरक्षा अभी भी बनी हुई है और आने वाले समय में एआई किस दिशा में जायेगा, यह पूरी तरह साफ नहीं है. लेकिन एक बात जरूर बदल गई है. अब टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा ज्यादा हो रही है कि एआई इंसानों को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि उनके काम करने का तरीका बदल देगा. यह भी पढ़ें: Google Search में AI से परेशान हुए लोग, अब DuckDuckGo बना नया सहारा The post AI से नौकरियां खत्म होने की बात से पीछे हटे Sam Altman, 2.5 लाख लोगों की नौकरी जाने के बाद बदला सुर appeared first on Naya Vichar.

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